Category: Local News

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  • मढ सीआरज़ेड घोटाला – 24 हजार फाइलें गायब, भ्रष्टाचार की परतें उजागर

    मढ सीआरज़ेड घोटाला – 24 हजार फाइलें गायब, भ्रष्टाचार की परतें उजागर

    मालाड मढ सीआरज़ेड घोटाले की पूरी जांच रिपोर्ट – कैसे 24 हजार फाइलें गायब हुईं, SIT जांच पर उठे सवाल, और हाईकोर्ट ने अधिकारियों पर क्यों जताई नाराज़गी। जानिए घोटाले की पूरी टाइमलाइन और भ्रष्टाचार का खेल।

    मुंबई: मालाड (Malad) के मढ (Madh) इलाके में समुद्र किनारे बने बंगले और अवैध बांधकाम (Illegal Constructions in CRZ Area) लंबे समय से विवादों में रहे हैं।

    • 2010–2015: कई बिल्डरों और दलालों ने CRZ (Coastal Regulation Zone) नियमों को तोड़कर बंगले और होटल बनाए।
    • 2016–2019: RTI कार्यकर्ताओं ने शिकायतें करना शुरू किया। पहली बार सामने आया कि महापालिका (BMC) और सरकारी अधिकारियों ने बनावट नक्शे (Fake Maps) पास किए।
    • 2019: RTI में खुलासा हुआ कि इन बांधकामों को वैध दिखाने के लिए बनावट प्रमाणपत्र दिए गए।

    🔹 SIT जांच और बनावट नक्शों का खुलासा

    हाईकोर्ट के आदेश पर एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई।

    • SIT ने पाया कि दलाल और कुछ अधिकारी मिलकर पैसों के बदले बनावट नक्शे पास कर रहे थे।
    • अप्रैल 2025 में पुलिस ने एक गवाह का बयान दर्ज किया, जिसने माना कि उसने अधिकारियों और दलालों को नक्शा पास कराने के लिए रिश्वत दी।
    • इस गवाह ने कैसे, कब और किसे पैसे दिए, इसके सबूत भी पेश किए।

    🔹 24 हजार फाइलें कैसे गायब हुईं?

    RTI एक्टिविस्ट वैभव ठाकुर ने हाल ही में जानकारी मांगी तो बड़ा खुलासा हुआ –
    👉 जिलाधिकारी कार्यालय से 24 हजार से ज्यादा कागजात गायब हो चुके हैं।
    ये वही कागज थे जिनमें अवैध बांधकामों से जुड़े नक्शे, अनुमति और प्रमाणपत्र दर्ज थे।

    याचिकाकर्ता का आरोप है कि –

    • कुछ अधिकारियों को बचाने के लिए फाइलें गायब की गईं।
    • SIT की जांच में भी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, सिर्फ दलालों पर दबाव बनाया गया।

    🔹 हाईकोर्ट की कड़ी फटकार

    शुक्रवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा –

    • इतनी बड़ी संख्या में फाइलें गायब कैसे हो गईं?
    • “अगर एक हफ्ते में फाइलें नहीं मिलतीं तो अलग से FIR दर्ज करें।”
    • कोर्ट ने पूछा – “दलालों पर कार्रवाई हुई, तो अधिकारियों पर क्यों नहीं?

    साथ ही कोर्ट ने कहा कि हर बार याचिकाकर्ताओं को ही कोर्ट का दरवाज़ा क्यों खटखटाना पड़ता है, यह जिम्मेदारी सरकार और अधिकारियों की भी है।

    🔹 70 बांधकाम तोड़े गए, लेकिन…

    BMC ने कोर्ट को बताया कि अब तक 70 अवैध बांधकाम तोड़े जा चुके हैं।
    लेकिन याचिकाकर्ताओं का दावा है कि –

    • कई बड़े निर्माण अब भी खड़े हैं।
    • छोटे-मोटे बांधकाम गिराकर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है।

    🔹 राजनीति और प्रशासन की मिलीभगत?

    इस पूरे मामले में राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप भी लगे हैं।

    • दलालों के ज़रिए नेताओं तक पैसा पहुँचने की बात कही जा रही है।
    • SIT जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या बड़े नामों को बचाने के लिए जांच को कमजोर किया गया।

    📌 घोटाले की टाइमलाइन (संक्षेप में)

    • 2010–2015: मढ इलाके में अवैध बांधकाम शुरू।
    • 2016–2019: RTI में खुलासे – नकली प्रमाणपत्र और नक्शे।
    • 2019: हाईकोर्ट में याचिका दाखिल।
    • 2020–2023: SIT जांच शुरू, लेकिन धीमी प्रगति।
    • अप्रैल 2025: गवाह ने दलालों और अधिकारियों पर रिश्वतखोरी का खुलासा किया।
    • सितंबर 2025: RTI में पता चला कि 24 हजार फाइलें गायब।
    • सितंबर 2025: हाईकोर्ट ने ज़िलाधिकारी कार्यालय को फटकार लगाई।

    ❓FAQ सेक्शन

    Q1. मढ सीआरज़ेड घोटाले में कितनी फाइलें गायब हुई हैं?
    लगभग 24 हजार कागज़ात, जो अवैध बांधकामों से जुड़े थे।

    Q2. SIT जांच पर सवाल क्यों उठे?
    क्योंकि SIT ने सिर्फ दलालों पर कार्रवाई की, अधिकारियों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

    Q3. हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
    एक हफ्ते में फाइलें ढूंढो, वरना अलग FIR दर्ज करो।

    Q4. कितने अवैध बांधकाम अब तक तोड़े गए हैं?
    BMC का दावा है कि 70 बांधकाम गिराए जा चुके हैं।

  • मुंबई में जल्द आएगी पॉड टैक्सी: ट्रैफिक कम करेगी और देगी लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, CM फडणवीस का बड़ा ऐलान

    मुंबई में जल्द आएगी पॉड टैक्सी: ट्रैफिक कम करेगी और देगी लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, CM फडणवीस का बड़ा ऐलान

    मुंबई में ट्रैफिक कम करने और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई है। CM देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि कुरला से बांद्रा-BKC तक ये सेवा शुरू होगी। जानें कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट और क्या होंगे फायदे।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में जल्द ही लोगों को पॉड टैक्सी (Pod Taxi) की सुविधा मिलने वाली है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समीक्षा बैठक में कहा कि यह सेवा शहर में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी देने और बढ़ते ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी।

    कुर्ला और बांद्रा रेलवे स्टेशन से लेकर BKC (बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स) तक ये पॉड टैक्सी नेटवर्क बनाया जाएगा।

    Pod-taxis-will-soon-arrive-in-Mumbai-CM-Fadnavis-makes-a-major-announcement-to-reduce-traffic-and-provide-connectivity
    समीक्षा बैठक की तस्वीर

    🚆 प्रोजेक्ट की अहम बातें

    • कुल लागत: ₹1,016.34 करोड़
    • लोकेशन: कुर्ला – बांद्रा – BKC
    • समयसीमा: 3 से 4 साल में पूरा होने की उम्मीद
    • उद्देश्य: ट्रैफिक कम करना और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी देना

    🏙️ क्यों जरूरी है पॉड टैक्सी?

    CM फडणवीस ने कहा कि आने वाले समय में बुलेट ट्रेन स्टेशन और नया बॉम्बे हाई कोर्ट बनने से इस इलाके में ट्रैफिक काफी बढ़ जाएगा। मौजूदा ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर बोझ बढ़ने से लोगों को परेशानी होगी।

    ऐसे में पॉड टैक्सी एक तेज, आरामदायक और पर्यावरण-फ्रेंडली विकल्प बनेगी।

    🚖 पॉड टैक्सी क्या है?

    • पॉड टैक्सी Personal Rapid Transit (PRT) सिस्टम का हिस्सा है।
    • ये छोटी-छोटी ड्राइवरलेस इलेक्ट्रिक गाड़ियां होती हैं।
    • ऊँचे ट्रैक (Elevated Track) पर चलती हैं।
    • हर पॉड में सीमित लोग बैठ सकते हैं, जिससे सफर तेज और सुविधाजनक होता है।

    🛣️ कुर्ला पुलिस क्वार्टर्स का होगा रिलोकेशन

    इस प्रोजेक्ट के लिए कुर्ला पुलिस क्वार्टर्स को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा ताकि वहां की जमीन का इस्तेमाल पॉड टैक्सी नेटवर्क के लिए हो सके।

    💳 सभी ट्रांसपोर्ट के लिए सिंगल कार्ड सिस्टम

    मुंबई में एक यूनिफाइड कार्ड सिस्टम लाने की तैयारी भी चल रही है। इस कार्ड से लोकल ट्रेन, मेट्रो, बस और आने वाली पॉड टैक्सी – सबका किराया चुकाया जा सकेगा।

    🌉 स्टेशन और BKC को मिलेगा बेहतर कनेक्शन

    • कुर्ला और बांद्रा स्टेशन एरिया को पॉड टैक्सी से जोड़ने की तैयारी।
    • BKC के बड़े ऑफिस बिल्डिंग्स को भी इस सेवा से डायरेक्ट कनेक्ट किया जाएगा।
    • मौजूदा स्काईवॉक का भी स्मार्ट इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।

    📊 बैठक में कौन-कौन थे मौजूद?

    यह हाई-लेवल मीटिंग सह्याद्री गेस्ट हाउस, मलबार हिल पर हुई।
    शामिल अधिकारी:

    • मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती
    • MMRDA चीफ संजय मुखर्जी
    • ट्रांसपोर्ट, अर्बन डेवलपमेंट और होम डिपार्टमेंट के सीनियर IAS अफसर

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    👉 3 से 4 साल में इसके पूरा होने की उम्मीद है।

    Q2. पॉड टैक्सी किन जगहों को जोड़ेगी?
    👉 कुरला, बांद्रा और बांद्रा-कुरला कॉम्प्लेक्स (BKC)।

    Q3. पॉड टैक्सी का खर्च कितना है?
    👉 प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹1,016.34 करोड़ है।

    Q4. इसमें सफर कैसे होगा?
    👉 पॉड टैक्सी ड्राइवरलेस, इलेक्ट्रिक व्हीकल होगी जो ऊँचे ट्रैक पर चलेगी।

    Q5. क्या एक ही कार्ड से सफर करना संभव होगा?
    👉 हां, मुंबई में सभी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के लिए एक यूनिफाइड कार्ड सिस्टम लाया जाएगा।

  • Mumbai News: सलमान खान लद्दाख शूटिंग के दौरान घायल, ‘बैटल ऑफ गलवान’ के अगले शेड्यूल से पहले लौटे मुंबई

    Mumbai News: सलमान खान लद्दाख शूटिंग के दौरान घायल, ‘बैटल ऑफ गलवान’ के अगले शेड्यूल से पहले लौटे मुंबई

    सलमान खान अपनी अपकमिंग फिल्म Battle of Galwan की शूटिंग लद्दाख में कर रहे थे, जहां ठंड और ऑक्सीजन की कमी के बीच उन्हें हल्की चोट लग गई। अब वह मुंबई लौट आए हैं और आराम करने के बाद फिल्म के अगले शेड्यूल में हिस्सा लेंगे।

    मुंबई: बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान इन दिनों अपनी बहुचर्चित फिल्म बैटल ऑफ गलवान की शूटिंग कर रहे हैं। यह फिल्म 2020 के भारत-चीन गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है और इसका निर्देशन अपूर्व लखिया कर रहे हैं।

    फिल्म का पहला शेड्यूल लद्दाख की बर्फीली वादियों में रखा गया था, जहां मौसम बेहद सख्त और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियां थीं।

    एक्शन सीन के दौरान लगी चोट

    शूटिंग के दौरान सलमान खान को हल्की चोट आई। हालांकि, उन्होंने शूटिंग बीच में छोड़ी नहीं और पूरा शेड्यूल पूरा किया। एक टीम मेंबर ने बताया – “सलमान भाई ने हर सीन पूरे जोश और समर्पण के साथ किया। मौसम कितना भी खराब रहा हो, उन्होंने कभी बहाना नहीं बनाया।”

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    45 दिन का शेड्यूल, सलमान रहे 15 दिन मौजूद

    इस लद्दाख शेड्यूल को 45 दिनों तक चलाया गया। इसमें सलमान लगभग 15 दिन सेट पर मौजूद रहे। उन्होंने ज़्यादातर एक्शन सीन खुद किए, जिससे बाकी टीम भी मोटिवेट हुई।

    मुंबई लौटे सलमान, अगला शेड्यूल जल्द

    अब सलमान खान मुंबई लौट आए हैं और यहां थोड़ी देर आराम करेंगे। अगले हफ्ते से फिल्म का दूसरा शेड्यूल शुरू होगा, जिसमें मुख्य रूप से इमोशनल और ड्रामेटिक सीन शूट किए जाएंगे।

    फिल्म का मोशन पोस्टर पहले ही रिलीज़ हो चुका है, जिसमें सलमान खान का खून से सना चेहरा और तेज़ नज़रें काफी चर्चा में हैं। हालांकि, फिल्म की रिलीज़ डेट अब तक अनाउंस नहीं की गई है।

    बिग बॉस 19 और फिल्मों में बैलेंस

    फिल्मों के साथ-साथ सलमान खान टीवी शो बिग बॉस 19 भी होस्ट कर रहे हैं। लद्दाख शेड्यूल के दौरान उन्होंने कुछ एपिसोड मिस किए, लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी वह फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स में अच्छा बैलेंस बना रहे हैं।

    फैंस की उम्मीदें

    सलमान खान के डेडिकेशन और प्रोफेशनलिज्म को देखते हुए कहा जा रहा है कि बैटल ऑफ गलवान उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण फिल्मों में से एक साबित हो सकती है। फैंस बेसब्री से इसके अगले शेड्यूल और रिलीज़ डेट का इंतजार कर रहे हैं।

    ❓ FAQ Section

    Q1. सलमान खान को चोट कैसे लगी?
    👉 लद्दाख में बैटल ऑफ गलवान की शूटिंग के दौरान एक्शन सीन करते वक्त उन्हें हल्की चोट लगी।

    Q2. क्या शूटिंग रोकी गई थी?
    👉 नहीं, सलमान खान ने चोट लगने के बाद भी पूरा शेड्यूल पूरा किया।

    Q3. अगला शेड्यूल कब होगा?
    👉 फिल्म का दूसरा शेड्यूल मुंबई में अगले हफ्ते शुरू होगा।

    Q4. फिल्म का निर्देशन कौन कर रहा है?
    👉 बैटल ऑफ गलवान का निर्देशन अपूर्व लखिया कर रहे हैं।

    Q5. फिल्म की रिलीज़ डेट क्या है?
    👉 अभी तक फिल्म की रिलीज़ डेट आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है।

  • Mumbai News: गोवंडी में दुर्गा मां की मूर्ति ले जा रहे भक्तों पर तलवार-डंडों से हमला, 6 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai News: गोवंडी में दुर्गा मां की मूर्ति ले जा रहे भक्तों पर तलवार-डंडों से हमला, 6 आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के गोवंडी इलाके में दुर्गा मां की मूर्ति ले जा रहे भक्तों पर कुछ उपद्रवियों ने तलवार, रॉड और डंडों से हमला कर दिया। मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने FIR दर्ज कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया और इलाके में भारी पुलिसबल तैनात कर दिया है।

    मुंबई: नवरात्रि के मौके पर जहां पूरे शहर में माता दुर्गा की जयकार गूंज रही है, वहीं गोवंडी इलाके से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अन्नाभाऊ साठे नगर एकता चॉल में रविवार देर रात माता दुर्गा की मूर्ति ले जा रहे भक्तों पर कुछ लोगों ने तलवार, रॉड और डंडों से हमला कर दिया।

    भक्तों को पीटा, मूर्ति खंडित

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, भक्त जयकारा लगाते हुए मूर्ति ले जा रहे थे। तभी कुछ उपद्रवियों ने पहले उन्हें गाना बजाने से रोका, फिर जयकारा लगाने से मना किया। जब भक्तों ने “जय माता दी” के नारे लगाए, तो आरोपियों ने अचानक हमला बोल दिया। इस दौरान मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया और कई लोग घायल हो गए।

    पुलिस की फौरन कार्रवाई

    घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाल लिया। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए FIR दर्ज की और 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इलाके में अतिरिक्त पुलिसबल तैनात कर दिया गया है ताकि हालात काबू में रहें।

    श्रद्धालुओं की आपबीती

    एक भक्त ने बताया, “हम शांतिपूर्वक मूर्ति ले जा रहे थे। हमने बस जयकारा लगाया था, लेकिन अचानक वो लोग तलवार-डंडे लेकर आ गए और हमें पीटना शुरू कर दिया।”
    इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव फैल गया, लेकिन पुलिस का कहना है कि अब स्थिति नियंत्रण में है।

    पुलिस का बयान

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, “दोनों समुदायों के बीच झड़प हुई थी। देवी की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।”

    ❓ FAQ Section

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 घटना मुंबई के गोवंडी इलाके के अन्नाभाऊ साठे नगर एकता चॉल में हुई।

    Q2. भक्तों पर क्यों हमला किया गया?
    👉 श्रद्धालुओं का कहना है कि जब उन्होंने “जय माता दी” का जयकारा लगाया तो उपद्रवियों ने तलवार, रॉड और डंडों से हमला कर दिया।

    Q3. मूर्ति को क्या नुकसान हुआ?
    👉 हां, मूर्ति को खंडित कर दिया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    👉 पुलिस ने FIR दर्ज कर 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और इलाके में भारी पुलिसबल तैनात किया गया है।

    Q5. क्या स्थिति अब नियंत्रण में है?
    👉 हां, पुलिस के मुताबिक इलाके में फिलहाल शांति है और हालात पूरी तरह काबू में हैं।

  • Lodha ने मुंबई-Palava में 24 एकड़ जमीन STT Global Data Centres को बेची ₹500 करोड़ में

    Lodha ने मुंबई-Palava में 24 एकड़ जमीन STT Global Data Centres को बेची ₹500 करोड़ में

    Lodha Developers ने Palava (मुंबई क्षेत्र) में 24.34 एकड़ जमीन STT GDC को लगभग ₹499-500 करोड़ में बेची है। ये सौदा Lodha-Maharashtra सरकार के ₹30,000 करोड़ के डेटा सेंटर पार्क योजना से जुड़ा है जिससे 6,000 नौकरियाँ और 2 GW प्लानिंग की जा रही है।

    मुंबई: नवी मुंबई के Palava क्षेत्र में Lodha Developers ने Singapore-based ST Telemedia Global Data Centres (STT GDC) को लगभग ₹500 करोड़ में करीब 24.34 एकड़ भूमि बेच दी है। इस जमीन की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

    जमीन का ब्योरा

    • कुल भूमि: 24.34 एकड़
    • Lodha Developers ने बेची: 1.74 एकड़
    • उसकी सहायक कंपनी Palava Induslogic 4 Pvt Ltd ने बेची: 22.60 एकड़
    • मूल्यांकन राशि: लगभग ₹499-500 करोड़

    बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ी पहल

    • इस सौदे से Lodha की महाराष्ट्र सरकार के साथ हुई MoU (मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग) की योजना को बल मिलेगा, जिसमें Palava में एक ग्रीन इंटीग्रेटेड डेटा सेंटर पार्क बनाया जाना है।
    • योजना के अनुसार परियोजना में निवेश होगा ₹30,000 करोड़ का, इससे अनुमानित रूप से 6,000 डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियाँ सृजित होंगी।
    • पार्क का क्षेत्रफल होगा 370 एकड़, और इसकी क्षमता होगी लगभग 2 गीगावाट बिजली की।

    Lodha की रणनीति और महत्व

    • Lodha Developers ने Palava में बड़े पैमाने पर ज़मीन बँकी (land bank) बनाई हुई है, जिसे अब वो आवासीय, वाणिज्यिक, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए उपयोग कर रही है।
    • इस तरह की पहल भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और डेटा स्टोरेज / क्लाउड कम्प्यूटिंग / AI आदि क्षेत्रों की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने में सहायक होगी।

    यह सौदा न सिर्फ Lodha के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि महाराष्ट्र और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए भी एक संकेत है कि कैसे निजी और सरकारी साझेदारी से बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण संभव हो रहा है। यह निवेश न सिर्फ आर्थिक विकास बढ़ाएगा बल्कि पर्यावरण-अनुकूल (ग्रीन) उपायों के सहारे टिकाऊ मॉडल की नींव भी रखेगा।

    FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    इस सौदे में कितने एकड़ जमीन बेचे गए?कुल 24.34 एकड़ जमीन बेची गई है — जिसमें से Lodha ने 1.74 एकड़ और उसकी सहायक कंपनी ने 22.60 एकड़।
    मूल्य कितना था इस ज़मीन का?लगभग ₹499-500 करोड़
    इस सौदे का उद्देश्य क्या है?यह सौदा Palava में एक ‘ग्रीन इंटीग्रेटेड डेटा सेंटर पार्क’ के हिस्से के रूप में है, जो महाराष्ट्र सरकार और Lodha द्वारा नियोजित है।
    इस डेटा सेंटर पार्क में कुल निवेश कितना होगा?लगभग ₹30,000 करोड़ निवेश की योजना है।
    कुल कितनी नौकरियों की उम्मीद है?लगभग 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियाँ इससे बनेंगी।
    डेटा सेंटर पार्क की प्लान की गई बिजली क्षमता क्या है?लगभग 2 गीगावाट क्षमता की योजना है।
    यह प्रोजेक्ट कहाँ स्थित है?Palava, मुंबई के पास, महाराष्ट्र में।
  • मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई के खिलाफ मंत्रालय में चर्चा और ज्ञापन, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

    मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई के खिलाफ मंत्रालय में चर्चा और ज्ञापन, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

    मुंबई सहित महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में फेरीवालों पर हो रही पुलिस कार्रवाई और भारी जुर्माने के खिलाफ सामाजिक संगठनों ने मंत्रालय में अधिकारियों से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने इस मुद्दे को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठाने का भरोसा दिलाया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में फुटपाथ पर रोज़ी-रोटी कमाने वाले फेरीवालों पर बार-बार की जा रही कार्रवाई को लेकर सामाजिक संगठनों ने आवाज़ बुलंद की है। फेरीवालों का कहना है कि मुंबई पुलिस अधिनियम की धाराओं का दुरुपयोग कर उनसे हजारों रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है। इसी मुद्दे पर 18 सितंबर 2025 को मंत्रालय में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से मुलाकात की और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

    🚶‍♂️ फेरीवालों का संघर्ष और परेशानी

    मुंबई महानगर और उपनगरों में हज़ारों लोग फेरी लगाकर अपना पेट पालते हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा रोज़ाना किए जाने वाले छापों और कार्रवाई के कारण इनकी ज़िंदगी मुश्किल हो गई है।

    • एक ही फेरीवाले पर ₹1200 तक का जुर्माना लगाया जाता है।
    • कई बार दिन में दो-दो बार भी जुर्माना वसूला जाता है।
    • कई पुलिस कर्मियों पर धारा 102, 115 और 117 का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं।

    🏢 मंत्रालय में हुआ प्रतिनिधिमंडल

    इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने के लिए महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन, लाल बावटा जनरल वर्कर्स यूनियन, महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय मजदूर संघ, शहीद भगत सिंह हॉकर्स यूनियन मुंबई, महाराष्ट्र एकता हॉकर्स यूनियन सहित कई संगठन एक साथ आए।
    बैठक में उपस्थित रहे प्रमुख लोग:

    • कर्नल प्रकाश रेड्डी
    • श्री मिलिंद ताम्बड़े
    • कर्नल सुरेश सावंत
    • शांताराम जाधव
    • कर्नल अखिलेश गौड़

    इन सभी ने मिलकर फेरीवालों पर हो रहे अन्याय की विस्तृत जानकारी दी और अधिकारियों को ठोस सबूत भी दिखाए।

    📑 ज्ञापन की मुख्य बातें

    संगठनों ने मंत्रालयीन अधिकारियों को जो ज्ञापन सौंपा, उसमें मुख्य रूप से यह मुद्दे उठाए गए:

    1. पुलिस द्वारा धारा 102, 115 और 117 का दुरुपयोग।
    2. अनुचित और भारी जुर्माना, जिससे फेरीवालों की रोज़ी-रोटी पर असर।
    3. पुलिसकर्मियों द्वारा एक ही दिन में बार-बार जुर्माना लगाने की घटनाएँ।
    4. गरीब और मेहनतकश तबके पर आर्थिक बोझ।
    5. स्थायी समाधान की ज़रूरत ताकि फेरीवाले सम्मान के साथ जीवन जी सकें।

    ⚖️ अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    मंत्रालय के उप सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शिष्टमंडल की बातों को गंभीरता से सुना।

    • उन्होंने आश्वासन दिया कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में रखा जाएगा।
    • अधिकारियों ने माना कि जुर्माना लगाने की प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियाँ हो सकती हैं।
    • आगे की कार्रवाई के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया है।

    🗣️ संगठनों की मांग

    संगठनों ने साफ कहा कि:

    • फेरीवालों को रोज़ परेशान करने का सिलसिला बंद होना चाहिए।
    • मुंबई पुलिस अधिनियम में बदलाव कर फेरीवालों के लिए अलग गाइडलाइन बने।
    • पुलिस और स्थानीय निकायों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर निगरानी समिति बने।
    memorandum-in-the-ministry-against-action-against-hawkers-in-Mumbai

    📊 फेरीवालों की संख्या और अहमियत

    • सिर्फ मुंबई में अनुमानित 2.5 से 3 लाख फेरीवाले रोज़ाना काम करते हैं।
    • ये छोटे कारोबार शहर की अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं।
    • आम जनता को सस्ता सामान और रोज़मर्रा की ज़रूरतें उपलब्ध कराते हैं।

    फेरीवालों का कहना है कि अगर उनकी सुरक्षा और कामकाज सुनिश्चित हो तो वे भी टैक्स और रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार हैं।

    🛑 लगातार कार्रवाई का असर

    • फेरीवालों के परिवारों पर आर्थिक संकट।
    • बच्चों की पढ़ाई पर असर।
    • छोटे-छोटे कर्ज़ चुकाना मुश्किल।
    • रोज़ कमाने-खाने वालों की रोज़ी-रोटी खतरे में।

    🚨 नतीजा और आगे की राह

    यह मुलाकात फेरीवालों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है।
    अगर विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा होती है और ठोस कदम उठाए जाते हैं तो हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।

    ❓ FAQ – मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई और मंत्रालय को सौंपा गया ज्ञापन

    Q1. फेरीवालों पर बार-बार कार्रवाई क्यों की जा रही है?
    👉 स्थानीय निकाय और पुलिस प्रशासन मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा 102, 115 और 117 का हवाला देकर कार्रवाई करते हैं। इन धाराओं के तहत फुटपाथ अतिक्रमण और असुविधा को रोकने के लिए प्रावधान है, लेकिन सामाजिक संगठनों का आरोप है कि इन धाराओं का दुरुपयोग हो रहा है।

    Q2. एक फेरीवाले पर कितना जुर्माना लगाया जाता है?
    👉 फेरीवालों पर नियमित रूप से ₹1200 तक का जुर्माना लगाया जाता है। कुछ मामलों में तो एक ही दिन में दो-दो बार चालान काटा जाता है।

    Q3. इस मुद्दे पर मंत्रालय में किन-किन संगठनों ने ज्ञापन सौंपा?
    👉 महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन, लाल बावटा जनरल वर्कर्स यूनियन, महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय मजदूर संघ, शहीद भगत सिंह हॉकर्स यूनियन मुंबई, महाराष्ट्र एकता हॉकर्स यूनियन समेत कई संगठन शामिल रहे।

    Q4. सरकार की ओर से क्या आश्वासन मिला है?
    👉 मंत्रालयीन अधिकारियों और उप सचिव ने कहा है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाएगा और विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में इसे उठाने का प्रयास किया जाएगा।

    Q5. फेरीवालों की मुख्य मांगें क्या हैं?
    👉

    • अनुचित और बार-बार किए जा रहे जुर्माने को रोका जाए।
    • मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा 102, 115 और 117 के दुरुपयोग पर रोक लगे।
    • स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत फेरीवालों को कानूनी सुरक्षा मिले।
    • नगर पालिका और पुलिस की ओर से पारदर्शी और न्यायपूर्ण व्यवस्था बनाई जाए।
  • कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    मुंबई कांदिवली (पूर्व) ठाकुर विलेज इलाके में अवैध फेरीवालों और ऑटो रिक्शा स्टैंड के कारण ट्रैफिक जाम और गंदगी से लोग परेशान। डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा, नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जैसे महानगर में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। लेकिन यहां की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है सड़क पर कब्जा जमाए हुए अवैध फेरीवाले और ट्रैफिक जाम। कांदिवली (पूर्व) का ठाकुर विलेज और समता नगर इलाका भी इन समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है।

    यहां अप्पर आयुक्त कार्यालय से लेकर ठाकुर कॉलेज के सामने तक की सड़क पर पचासों फेरीवाले रोजाना अवैध दुकानें लगाते हैं। सड़कें पूरी तरह कब्जाई जाती हैं, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर परेशान हैं।

    गंदगी और बीमारी का खतरा

    फेरीवालों के कारण इलाके में गंदगी इतनी बढ़ गई है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
    लोगों का कहना है कि सड़क किनारे सब्ज़ियां, फल और खाने-पीने का सामान गंदगी के बीच बेचा जाता है। इससे न सिर्फ संक्रमण फैलने का खतरा है बल्कि बच्चों और बुज़ुर्गों की सेहत भी दांव पर लग रही है।

    एक स्थानीय निवासी ने बताया:
    “हर तरफ कचरा और बदबू फैली रहती है। बारिश में तो हालत और खराब हो जाती है। चारों तरफ पानी भरने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो इलाके में डेंगू और मलेरिया के केस तेजी से बढ़ेंगे।”

    ऑटो रिक्शा स्टैंड से यातायात ठप

    फेरीवालों के साथ-साथ यहां ऑटो रिक्शा वालों ने भी अपने-अपने अनधिकृत स्टैंड बना लिए हैं।

    • सड़क के दोनों ओर ऑटो खड़े रहते हैं।
    • इससे यातायात बाधित होता है और कभी-कभी तो रास्ता पूरी तरह जाम हो जाता है।
    • लोगों को ऑफिस, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में दिक्कत आती है।

    एक कॉलेज स्टूडेंट ने शिकायत करते हुए कहा:
    “सुबह-शाम ट्रैफिक इतना बढ़ जाता है कि कॉलेज पहुंचने में आधा घंटा ज्यादा लग जाता है। पुलिस और बीएमसी को रोजाना यह जाम दिखता है, लेकिन फिर भी कोई कदम नहीं उठाया जाता।”

    Kandivali-East-residents-are-worried-about-illegal-hawkers-when-will-action-be-taken-bmc-news

    शिकायतें हुईं लेकिन कार्रवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं।

    • सहायक आयुक्त, आर/दक्षिण वार्ड
    • डीएमसी संजय कुर्हाडे
    • सहायक आयुक्त मनीष सालवे

    को लिखित में शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    लोगों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ शिकायतें सुनते हैं, लेकिन कार्रवाई करने में बिल्कुल भी रुचि नहीं दिखाते।

    नागरिकों का आक्रोश – जिम्मेदार कौन?

    इलाके के लोगों का कहना है कि

    • जब तक अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या बनी रहेगी।
    • बीएमसी और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी है कि वे मिलकर इलाके को फेरीवालों और जाम से मुक्त कराएं।
    • लेकिन अधिकारियों का रवैया देखकर लगता है कि उन्हें जनता की परेशानी से कोई मतलब नहीं है।

    एक बुज़ुर्ग महिला ने कहा:
    “हमारे घर के सामने रोजाना फेरीवाले दुकान लगाते हैं। गली में चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं। आखिर हमें ही क्यों भुगतना पड़ रहा है?”

    खतरनाक हालात – कभी भी हो सकता है हादसा

    स्थानीय लोग डर के साए में जी रहे हैं।

    • जाम की वजह से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ियां भी फंस जाती हैं।
    • कहीं भी अनचाही दुर्घटना हो सकती है।
    • भीड़ और अव्यवस्था से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है।

    वरिष्ठ निरीक्षक की जिम्मेदारी

    अब लोगों की नज़रें अतिक्रमण एवं निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक नंदकुमार आवारे पर टिकी हैं।
    लोग उम्मीद कर रहे हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे और इलाके को अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों से मुक्त कराएंगे।

    मुंबई के अन्य इलाकों की कहानी भी ऐसी ही

    गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ कांदिवली ही नहीं, बल्कि मुंबई के कई हिस्सों – दहिसर, बोरीवली, मलाड और अंधेरी – में भी यही समस्या देखी जाती है।
    जहां-जहां लोकल ट्रेन स्टेशन और कॉलेज हैं, वहां अवैध फेरीवालों का कब्जा आम बात है।

    इससे साफ है कि यह समस्या सिर्फ एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे मुंबई शहर की है।

    लोगों की मांग – कड़ी कार्रवाई हो

    स्थानीय नागरिकों की मांग है कि:

    1. अवैध फेरीवालों के खिलाफ तुरंत निर्मूलन अभियान चलाया जाए।
    2. ऑटो रिक्शा वालों को सिर्फ निर्धारित स्टैंड पर खड़ा करने का आदेश दिया जाए।
    3. गंदगी साफ करने के लिए बीएमसी की सफाई टीम को रोजाना तैनात किया जाए।
    4. इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि दोबारा अवैध कब्जा न हो।

    कांदिवली (पूर्व) का यह मुद्दा आज की मुंबई की असलियत बयान करता है।

    • अवैध फेरीवाले और ऑटो वाले
    • प्रशासन की लापरवाही
    • और आम जनता की परेशानी

    यह सिर्फ एक लोकल समस्या नहीं है, बल्कि एक ऐसा सवाल है जो हर मुंबईकर के दिल में है – “जनता की शिकायतें कब सुनी जाएंगी और कार्रवाई आखिर कब होगी?”

  • मुंबई में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

    मुंबई में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

    पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत की। जानिए कैसे यह योजना महिलाओं को सेहतमंद और परिवारों को सशक्त बनाएगी।

    मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के खास मौके पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर ईस्ट स्थित रावलपाड़ा पॉलिक्लिनिक में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुंबई में महिला स्वास्थ्य और पोषण पर जोर देते हुए एक नई दिशा में कदम बढ़ाया गया।

    🎯 मुख्य उद्देश्य: महिला स्वास्थ्य और परिवार का सशक्तिकरण

    इस अभियान का मुख्य फोकस महिलाओं की सेहत सुधारने और परिवार को मजबूत बनाने पर है। इस मौके पर पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्यप्रदेश के धार जिले से इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्घाटन किया और महिलाओं से अपील की कि वो स्वास्थ्य जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

    🏥 मुंबई में खास आयोजन और सेवाएं

    इस खास अवसर पर मुंबई में बीजेपी विधायक मनीषा चौधरी, बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी, और कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।

    👉 मेडिकल कैंप और पोषण किट वितरण:

    • गर्भवती महिलाओं को लगभग 20 किलो की पोषण किट दी गई।
    • खास ध्यान कुपोषित गर्भवती महिलाओं पर दिया गया।
    • स्लम इलाकों में निःशुल्क मेडिकल कैंप्स लगाए गए।

    👉 सैनिटरी पैड वितरण:

    • मनपा स्कूलों की छात्राओं को सैनिटरी पैड दिए गए।
    • यह योजना पूरे मुंबई नगर निगम स्कूलों में चलाई जा रही है।

    🗣️ क्या बोले पीयूष गोयल?

    प्रधानमंत्री जी ने पिछले 50 सालों से देश की सेवा की है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य मिले। इस अवसर पर पूरे उत्तर मुंबई में 100 से ज्यादा सेवा कार्य चल रहे हैं – सफाई, हेल्थ कैंप्स, शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम और बहुत कुछ।

    उन्होंने यह भी बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में ‘स्टैंडर्ड क्लब’ शुरू किया जा रहा है जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलेगी।

    🗣️ विधायक मनीषा चौधरी का बयान:

    यह सिर्फ हेल्थ कैंप नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जो महिलाएं गर्भावस्था में कुपोषित हैं, उन्हें विशेष पोषण किट दी जा रही है।

  • Mumbai Monorail बंद होगी 20 सितंबर से: बड़े अपग्रेड्स और नए ट्रेन रेक्स के लिए MMRDA का ऐलान

    Mumbai Monorail बंद होगी 20 सितंबर से: बड़े अपग्रेड्स और नए ट्रेन रेक्स के लिए MMRDA का ऐलान

    मुंबई मोनोरेल 20 सितंबर 2025 से अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी। MMRDA ने बताया कि CBTC सिग्नलिंग सिस्टम, नए ट्रेन रेक्स और फ्लेट ओवरहॉल के लिए यह कदम जरूरी है। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

    मुंबई: माया नगरी मुंबई के शहर वासियों के लिए बड़ी खबर है। मुंबई मोनोरेल 20 सितंबर 2025 से पूरी तरह बंद रहेगी।
    मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने बताया कि यह बंदी इसलिए जरूरी है ताकि नए ट्रेन रेक्स, एडवांस्ड CBTC सिग्नलिंग और फ्लेट रिफर्बिशमेंट का काम बिना रुकावट पूरा किया जा सके।

    ❓ क्यों बंद की जा रही है मोनोरेल?

    • यह बंदी पूरा 19.74 किमी रूट (चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक) पर लागू होगी।
    • अभी तक अपग्रेड और टेस्टिंग का काम सिर्फ रात में 3.5 घंटे की विंडो में हो रहा था, लेकिन यह टाइम बहुत कम है।
    • अब लगातार 24×7 अपग्रेड वर्क चलेगा ताकि सिस्टम जल्दी से चालू हो सके।

    🔧 कौन-कौन से अपग्रेड होंगे?

    1. नए ट्रेन रेक्स (Rolling Stock)
    • कुल 10 नए ट्रेन रेक्स Make in India प्रोजेक्ट के तहत लाए जा रहे हैं।
    • 8 रेक्स मुंबई पहुँच चुके हैं, 9वां टेस्टिंग में है और 10वां असेंबली में है।
    1. एडवांस्ड CBTC सिग्नलिंग सिस्टम
    • यह पहली बार मुंबई मोनोरेल में लगेगा।
    • सिस्टम हैदराबाद में डिवेलप हुआ है और इसका वर्किंग टेस्ट लगभग पूरा है।
    1. फ्लेट रिफर्बिशमेंट और स्टाफ ट्रेनिंग
    • पुराने रेक्स की पूरी मरम्मत और अपग्रेड होगी।
    • ट्रेनिंग सेफ्टी और ऑपरेशन के हिसाब से होगी ताकि आने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट्स में भी फायदा मिले।

    ⚠️ सेफ्टी को लेकर चिंता

    पिछले कुछ महीनों में मोनोरेल में कई तकनीकी खराबियां और हादसे हुए।

    • हाल ही में 17 पैसेंजर बीच ट्रैक पर फंसे थे।
    • 19 अगस्त को बारिश की वजह से दो बड़ी खराबियों में 780 से ज्यादा पैसेंजर घंटों तक फंसे रहे
    • इन्हीं घटनाओं के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।

    📋 जांच कमेटी और सरकार का संदेश

    • MMRDA ने इन फेल्योर की जांच के लिए स्पेशल कमेटी बनाई है।
    • डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा:
      “मुंबईकरों के साथ सहयोग से मोनोरेल को और मजबूत और सुरक्षित बनाया जाएगा।”

    🚉 मुंबई मोनोरेल: इंडिया की पहली और अकेली मोनोरेल

    • 2014 में पहली लाइन शुरू हुई थी (8.26 किमी)।
    • 2019 में रूट बढ़ाकर 19.74 किमी किया गया।
    • अभी सिर्फ 5 एक्टिव रेक्स चल रहे हैं, इसलिए नए रेक्स की बेहद जरूरत है।

    📌 यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

    • आखिरी दिन सर्विस: 19 सितंबर 2025
    • पूरी बंदी: 20 सितंबर 2025 से
    • रूट बंद: चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक (दोनों तरफ)
    • कारण: नए रेक्स, CBTC सिग्नलिंग, फ्लेट ओवरहॉल
  • Aksa Beach to be demolished: एनजीटी ने 2 महीने में तोड़ने का आदेश दिया

    Aksa Beach to be demolished: एनजीटी ने 2 महीने में तोड़ने का आदेश दिया

    मलाड वेस्ट के Aksa Beach पर महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) द्वारा बनाया गया 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड एनजीटी ने अवैध ठहराया। CRZ नियमों के उल्लंघन पर इसे 2 महीने में गिराने का आदेश। जानिए पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: मलाड वेस्ट में मशहूर Aksa Beach पर महाराष्ट्र सागरी मंडल (MMB) ने 2023 में करीब ₹11.83 करोड़ खर्च करके 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड और 4 मीटर चौड़ा रास्ता बना दिया था। लेकिन अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इसे पूरी तरह अवैध मानते हुए 2 महीने के अंदर तोड़ने का आदेश दे दिया है।

    📜 कैसे हुआ विवाद?

    • 2017 में MMB ने बीच पर सीफ्रंट डेवलपमेंट का प्रस्ताव रखा।
    • लेकिन Maharashtra Coastal Zone Management Authority (MCZMA) ने यह कहते हुए रिजेक्ट कर दिया कि यह एरिया Coastal Regulation Zone (CRZ) में आता है।
    • 2019 में MCZMA ने केवल एंटी-इरोशन बंड (Anti-Erosion Bund) बनाने की अनुमति दी, पर शर्त रखी कि बीच पर कॉन्क्रीट या पक्का स्ट्रक्चर नहीं बनेगा।
    • इसके बावजूद 2023 में UCR वॉल और कॉबल स्टोन पाथवे बना दिया गया।

    ⚠️ क्यों पड़ा मुद्दा गम्भीर?

    • यह प्रोमेनेड इंटर-टाइडल ज़ोन (High Tide और Low Tide के बीच का इलाका) में बना है, जो इकोलॉजिकल एरिया माना जाता है।
    • एक्टिविस्ट बांदा कुमार और ज़ोरु बाथेना ने NGT में शिकायत करते हुए कहा कि:
    • प्रोमेनेड बीच को सेडिमेंटेशन से रोक देगा
    • बीच का नैचुरल सैंड डिपॉज़िशन बंद हो जाएगा।
    • लगातार बीच इरोशन (कटाव) बढ़ेगा।
    • सबूत यह भी है कि पिछले साल और इस साल प्रोमेनेड का बड़ा हिस्सा ज्वार से टूटकर बह गया

    ⚖️ NGT का फैसला

    NGT ने माना कि MMB का इरादा लैंड को बाढ़ और कटाव से बचाने का था, लेकिन इसके लिए जो काम हुआ वह CRZ नियमों का सीधा उल्लंघन है।
    इसलिए, 2 महीने के भीतर प्रोमेनेड तोड़ने का आदेश दिया गया है।