Category: Local News

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  • 3 दिसंबर को मुंबई में पानी की कटौती

    3 दिसंबर को मुंबई में पानी की कटौती

    मुंबई के 14 वार्डों में 3 दिसंबर को 24 घंटे तक पानी बंद रहेगा। BMC ने लोगों को पहले से पानी स्टोर करने की सलाह दी है। यह कटौती तानसा पाइपलाइन रिप्लेसमेंट के चलते की जा रही है।

    मुंबई: 3 दिसंबर को बड़ी पानी कटौती होने वाली है। 14 वार्डों में रहने वाले लोगों को अगले 24 घंटों तक पानी की सप्लाई नहीं मिलेगी और कई जगहों पर लगभग 15% पानी दबाव में कमी रहेगी। यह कटौती तानसा की 2,750 mm पानी की पाइपलाइन रिप्लेस करने के कारण की जा रही है। BMC ने निवासियों से पानी स्टोर करने और समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है।

    🚧 पानी कटौती क्यों हो रही है?

    BMC ने बताया कि शहर की सबसे बड़ी भांडुप वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को पानी सप्लाई करने वाली Tansa Pipeline (2750 mm) काफी पुरानी हो चुकी है और सुरक्षा के लिहाज़ से उसे बदला जाना ज़रूरी है।

    पाइपलाइन बदलने के दौरान पानी की सप्लाई रोकनी पड़ेगी।

    📍 किन वार्डों में पानी बंद रहेगा?

    नीचे बताए गए 14 वार्डों में 24 घंटे पानी बंद रहेगा और कुछ इलाकों में 15% कम दबाव में पानी मिलेगा:

    वार्डइलाके
    A वार्डकोलाबा, चर्चगेट, फोर्ट, नेवी नगर
    C वार्डमरीन लाइन्स, चिरा बाजार, ठाकुरद्वार, भुलेश्वर
    D वार्डग्रांट रोड, बालकेश्वर, मलाबार हिल, ताड़देव, हाजी अली
    G Southवर्ली, प्रभादेवी
    G Northदादर पश्चिम, माहिम, धारावी
    H Eastबांद्रा ईस्ट, खार ईस्ट, सांताक्रूज़ ईस्ट
    H Westबांद्रा वेस्ट, खार वेस्ट, सांताक्रूज़ वेस्ट
    K Westअंधेरी वेस्ट, जोगेश्वरी वेस्ट, विले पार्ले वेस्ट
    P Southगोरेगांव
    P Northमालाड, मनोरी, माढ़
    R Southकांदिवली, चारकोप
    R Centralबोरिवली
    L वार्डकुर्ला, साकी नाका, चांदिवली, असल्फा
    S वार्डभांडुप, पवई, कांजूरमार्ग, विक्रोली

    💧 क्या सलाह दी गई है?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने लोगों को सलाह दी है कि:

    • पहले से पर्याप्त पानी स्टोर कर लें
    • पानी का अनावश्यक इस्तेमाल न करें
    • गैरज़रूरी घरेलू काम (जैसे गाड़ी धोना, कपड़े मशीन में वाश, टैंक सफाई) टाल दें

    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नजवाब
    पानी कब बंद रहेगा?3 दिसंबर को 24 घंटे तक सप्लाई बंद रहेगी।
    कितने वार्ड प्रभावित होंगे?कुल 14 वार्ड प्रभावित होंगे।
    पानी क्यों बंद किया जा रहा है?Tansa पानी की पाइपलाइन बदलने के काम के लिए।
    क्या पानी का प्रेसर कम रहेगा?हां, कुछ जगहों पर 15% कम दबाव में पानी मिलेगा।
  • मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल बहाली शुरू, MSSC गार्ड्स की विदाई

    मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल बहाली शुरू, MSSC गार्ड्स की विदाई

    मुंबई पुलिस में नए कॉन्स्टेबलों की तैनाती शुरू होने के बाद दो साल से तैनात MSSC के 3,000 गार्ड्स को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। MSSC को 2023 में पुलिस बल की कमी के चलते शामिल किया गया था।

    मुंबई: नए कॉन्स्टेबलों की नियुक्ति मुंबई पुलिस में शुरू होते ही राज्य गृह विभाग ने महाराष्ट्र स्टेट सिक्योरिटी कॉरपोरेशन (MSSC) के 3,000 गार्ड्स को चरणबद्ध तरीके से वापस बुलाने का निर्णय लिया है। जुलाई 2023 में मुंबई पुलिस में 7,000 से ज्यादा कॉन्स्टेबलों की कमी को पूरा करने के लिए MSSC गार्ड्स को अस्थायी रूप से तैनात किया गया था। अब ट्रेनिंग पूरी कर चुके नए पुलिस जवान ड्यूटी पर पहुंच रहे हैं, जिसके बाद MSSC की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।

    🔹 2023 में 7,000 से अधिक कॉन्स्टेबलों के पद खाली थे

    कोविड-19 महामारी और बजट संकट के कारण 2019 के बाद से कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही थी। ऐसे में 2023 तक मुंबई पुलिस में 7,076 पद खाली हो गए थे, जो कुल स्वीकृत पदों का लगभग 10% था। सुरक्षा और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए MSSC के 3,000 गार्ड्स को अस्थायी आधार पर शामिल किया गया

    🔹 नए कॉन्स्टेबल फोर्स में शामिल होना शुरू — MSSC को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा

    पहला बैच 700 कॉन्स्टेबलों का हाल ही में ड्यूटी पर शामिल किया जा चुका है।
    अगले तीन बैच हर छह महीने में शामिल होंगे।
    इसी अनुरूप MSSC गार्ड्स को भी चरणबद्ध तरीके से वापस भेजा जाएगा।

    🔹 MSSC नियमित सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित, लेकिन सड़कों पर भी तैनाती हुई

    MSSC गार्ड्स मूल रूप से सरकारी कार्यालयों, मेट्रो लाइनों जैसी संरक्षित इमारतों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित होते हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें शहर में ट्रैफिक नियंत्रण, चौक और संवेदनशील क्षेत्रों में भी तैनात किया गया था।

    🔹 “आउटसोर्सिंग पुलिस” विवाद भी हुआ था

    MSSC गार्ड्स की नियुक्ति पर विपक्ष ने सरकार पर
    पुलिस सेवाओं को आउटसोर्स करने” का आरोप लगाया था,
    जिससे यह मामला राजनीतिक बहस में भी बदल गया था।

    🔹 आर्थिक प्रस्ताव, अंतिम मंज़ूरी अभी बाकी

    गृह विभाग ने वित्त विभाग की उप-समिति को प्रस्ताव भेजा है —

    • 700 MSSC गार्ड्स की सेवा तुरंत समाप्त
    • बाकी 2,300 गार्ड्स को 11 महीने का विस्तार देने का प्रस्ताव

    अंतिम निर्णय गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति लेगी।


    FAQs

    प्रश्नउत्तर
    MSSC गार्ड्स कब से तैनात थे?जुलाई 2023 से, पुलिस बल की कमी पूरी करने के लिए।
    क्या सभी MSSC गार्ड्स को तुरंत हटाया जाएगा?नहीं, बैच-वाइज हटाया जाएगा, जैसे-जैसे नए कॉन्स्टेबल ज्वाइन करेंगे।
    कितने नए कॉन्स्टेबल शामिल हो रहे हैं?पहला बैच 700 शामिल हो चुका है, और कुछ महीनों में तीन बैच और आएंगे।
    MSSC गार्ड्स को वापस क्यों भेजा जा रहा है?क्योंकि अब कॉन्स्टेबल भर्ती पूरी होकर जवान ड्यूटी में आ रहे हैं।
  • मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालाड–मालवनी के सार्वजनिक मैदान पर बनाए जा रहे अवैध टर्फ पर प्रशासन ने तत्काल रोक लगा दी है। यह फैसला स्थानीय नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद आया।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित में बस डेपो के पास, म्हाडा के सार्वजनिक खेल मैदान पर बन रहे अनधिकृत टर्फ को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। लगातार विरोध, शिकायतों और प्रशासनिक स्तर पर किए गए दबाव के बाद टर्फ निर्माण के कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। नागरिकों ने घोषणा की है कि मैदान पूरी तरह बच्चों, खिलाड़ियों और जनता के लिए खुला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    🔹 प्रदर्शन के बाद रोक — आंदोलन बना निर्णायक

    मालाड–मालवनी के खुले सार्वजनिक मैदान पर कुछ लोगों द्वारा चुपचाप टर्फ निर्माण शुरू किया गया था, जिसकी जानकारी मिलते ही नागरिकों ने विरोध दर्ज कराया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, म्हाडा, बीएमसी और सभी संबंधित विभागों को लिखित शिकायत देना शुरू किया और नियमित फ़ॉलोअप लिया।
    इसी फ़ॉलोअप के बाद सरकार ने विवादित टर्फ निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया।

    🔹 धमकियों के बावजूद संघर्ष जारी रखा

    सामाजिक कार्यकर्ताओं को आंदोलन रोकने के लिए कथित तौर पर झूठे फौजदारी मामलों में फंसाने की धमकियाँ भी दी गईं, लेकिन आंदोलनकारियों ने पीछे हटने से इंकार कर दिया। उनके साहस और नेतृत्व से स्थानीय युवाओं का मनोबल बढ़ा और आंदोलन व्यापक हो गया।

    🔹 राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन

    आंदोलन की ताकत लोगों के एकजुट होने से और बढ़ी।
    मुख्य रूप से— सामाजिक कार्यकर्ताओं ने म्हाडा कार्यालय और पुलिस स्टेशन में जाकर मजबूती से आपत्ति दर्ज की। संगठनों और नागरिकों के दबाव के बाद प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा।

    🔹 म्हाडा का सख्त संदेश — ‘एक ईंट भी रखी तो कार्रवाई’

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में मैदान पर एक ईंट भी रखी गई तो एमआरटीपी कानून लागू करके तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
    लेकिन इसी बीच नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि—
    📌 मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए वापस खुलने तक संघर्ष जारी रहेगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: मालवनी में टर्फ किस वजह से विवाद में था?
    टर्फ सार्वजनिक खेल मैदान पर बिना अनुमति और बिना नोटिस के बनाया जा रहा था, इसलिए स्थानीय लोगों ने उसे अवैध बताया।

    Q2: टर्फ निर्माण पर रोक क्यों लगाई गई?
    नागरिकों व सामाजिक संगठनों के विरोध, शिकायतों और आंदोलन के बाद प्रशासन ने कार्य रोकने का आदेश दिया।

    Q3: क्या यह मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है?
    प्रशासन ने रोक तो लगाई है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए खुलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    Q4: टर्फ शुरू करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी?
    प्रशासन के अनुसार, यदि अब मैदान पर कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ तो एमआरटीपी कानून के तहत तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

  • अंधेरी MIDC में केमिकल लीकेज से युवक की मौत, दो ICU में भर्ती

    अंधेरी MIDC में केमिकल लीकेज से युवक की मौत, दो ICU में भर्ती

    मुंबई के अंधेरी MIDC के भंगारवाड़ी इलाके में केमिकल लीकेज हादसे में 21 साल के अहमद हुसैन की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल होकर ICU में भर्ती हैं। सोडियम सल्फाइड के अधिक मिश्रण से जहरीली गैस बनने के बाद दम घुटने से हादसा हुआ। MFB और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और NDRF अलर्ट पर है।

    मुंबई: अंधेरी (पूर्व) के MIDC क्षेत्र के भंगारवाड़ी में शनिवार दोपहर केमिकल लीकेज की घटना में 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पानी में सोडियम सल्फाइड की अधिक मात्रा मिलाने से जहरीले धुएं बने, जिनके संपर्क में आने से तीनों बेहोश हो गए। घायल दोनों को हॉली स्पिरिट अस्पताल में ICU में भर्ती किया गया है। दमकल विभाग और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं, जबकि NDRF को अलर्ट पर रखा गया है।

    A-young-man-died-due-to-chemical-leakage-in-Andheri-MIDC-two-admitted-in-ICU-1

    🔹 हादसा कैसे हुआ — रसायन के गलत मिश्रण से निकले जहरीले धुएं

    पुलिस के अनुसार घटना 22 नवंबर को लगभग 2:30 बजे हुई।
    अंधेरी पूर्व, MIDC सुभाष नगर के भंगारवाडी में नेन्सी मदरसा के सामने अहमद सईदा हुसैन अपने घर में पुराने सामान की सफाई के लिए सोडियम सल्फाइड को पानी में मिलाकर सॉल्यूशन तैयार कर रहा था।
    लेकिन रसायन की मात्रा अत्यधिक होने से जहरीले धुएं (फ्यूम्स) निकलने लगे, जिससे अहमद बेहोश होकर गिर गया।

    उसको बचाने के लिए दो अन्य लोग अंदर गए —
    ▪️ सबा सईदा हुसैन (17)
    ▪️ नौशाद अंसारी (28)
    दोनों भी धुएं की चपेट में आकर बेहोश हो गए।

    🔹 पीड़ितों की स्थिति — एक की मौत, दो ICU में

    हॉली स्पिरिट अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार:
    ☑ अहमद सईदा हुसैन (21) — अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित
    ☑ सबा सईदा हुसैन (17) — ICU में भर्ती, हालत गंभीर लेकिन स्थिर
    ☑ नौशाद अंसारी (28) — ICU में भर्ती, हालत गंभीर लेकिन खतरे से बाहर

    🔹 रेस्क्यू और जांच — MFB सक्रिय, NDRF अलर्ट पर

    घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) मौके पर पहुंची।
    ✔ सर्च ऑपरेशन किया गया
    ✔ प्रभावित इलाके को सील किया गया
    ✔ रासायनिक गैस के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया

    भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF को भी अलर्ट पर रखा गया है।

    🔹 पुलिस क्या कह रही है?

    MIDC पुलिस ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि:
    🔸 यह कोई साजिश या उद्योगिक लीकेज नहीं था
    🔸 घरेलू स्तर पर रसायन मिलाने के दौरान गलती से गैस बनी
    🔸 मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की जा रही है


    FAQ — अंधेरी MIDC केमिकल हादसे पर

    प्रश्नउत्तर
    हादसा कहाँ हुआ?अंधेरी (पूर्व) के MIDC भांगरवाड़ी इलाके में।
    केमिकल कौन सा इस्तेमाल किया गया था?सोडियम सल्फाइड।
    कितने लोग प्रभावित हुए?तीन — एक की मौत, दो ICU में।
    मौत का कारण क्या था?धुएं के कारण दम घुटने से।
    क्या यह फ़ैक्ट्री लीकेज था?नहीं, घर में रसायन मिलाने के दौरान घटना हुई।
    क्या NDRF तैनात हुई?NDRF को अलर्ट पर रखा गया है।
  • शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    मालाड पूर्व — शिवधाम संकुल में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीर्वेज लाइन और भटकते कुत्तों जैसी नागरिक समस्याओं को लेकर MLA सुनील प्रभु ने स्थल निरीक्षण किया। मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए नगरपालिका अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: मालाड (पूर्व) के प्रभाग क्रमांक 44 स्थित शिवधाम संकुल में नागरिकों की बढ़ती समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक सुनील प्रभु ने मंगलवार दोपहर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मलनिस्सारण लाइन, सड़कों के कंक्रीटीकरण, स्ट्रीट लाइट, भटकते कुत्तों और फायर ब्रिगेड के पीछे बने कबूतरखाने सहित कई मुद्दों पर नागरिकों से चर्चा की और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।

    🔹 सड़क और सीवरेज की खराब स्थिति पर MLA का फोकस

    निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि शिवधाम संकुल के कई अंदरूनी रास्ते टूटे हुए हैं और बरसात के बाद से स्थिति और बिगड़ गई है।
    सीवरेज लाइन की सफाई और मरम्मत पर भी नागरिकों ने शिकायत की।

    👉 इस पर MLA सुनील प्रभु ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि

    • सड़क का कंक्रीटीकरण जल्द पूरा करें
    • सीवरेज लाइन की तुरंत सफाई और मरम्मत शुरू करें
    MLA-Sunil-Prabhu-gave-instructions-to-visit-Shivdham-Complex-to-address-civic-issues-1

    🔹 स्ट्रीट लाइट बंद — दो बड़े हॉलोजन लगाने का आदेश

    स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में अंधेरा और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं।
    जब तक सड़क का काम पूरा नहीं होता तब तक MLA ने निर्देश दिया कि
    ✔ दो बड़े हॉलोजन लाइट तुरंत लगाई जाएं।

    🔹 बैरिकेड्स हटाने के निर्देश — नागरिकों को आराम

    ओबेरॉय मॉल के सामने लगे बैरिकेड्स के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही थी।
    नागरिकों ने यह मुद्दा उठाया तो MLA ने संबंधित अधिकारियों को आज के आज बैरिकेड्स हटाने का आदेश दिया।

    🔹 म्हाडा पार्क की बदहाल स्थिति पर चर्चा

    संकुल में म्हाडा के अंतर्गत बने उद्यान की देखभाल न होने पर नागरिकों ने नाराज़गी जताई।
    सुनील प्रभु ने आश्वासन दिया कि
    👉 म्हाडा प्रशासन से बात कर उद्यान का नवीनीकरण जल्द करवाया जाएगा।

    🔹 निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे

    इस निरीक्षण के दौरान शिवसेना के कई स्थानीय पदाधिकारी और संकुल की विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधि मौजूद थे —
    शाखा प्रमुख सुभाष धनुका, उपशाखाप्रमुख शैलेश जाधव, अशोक दैने, युवासेना उपशाखाधिकारी आर्यन जाधव, मंगेश चव्हाण, शिवधाम सेवा मंडल के अध्यक्ष रविंद बोभाटे, सचिव जितेंद्र पराडकर ऐसे ही विभिन्न गृहनिर्माण सोसायटी के पदाधिकारी संतोष नाझरे, रामचंद्र म्हापणकर, अरुण वाघ, कुंदन गोस्वामी, सुरेश गोसवी, अनंत ठाकरे, सुनील मोरे, प्रथमेश वेंगुर्लेकर समेत बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल थे।


    FAQ — शिवधाम संकुल नागरिक समस्या दौरे पर

    प्रश्नउत्तर
    दौरा किसने किया?स्थानीय MLA सुनील प्रभु ने।
    मुख्य समस्याएं क्या थीं?टूटी सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन, भटके कुत्ते, बैरिकेड्स और पार्क की स्थिति।
    क्या अधिकारियों को निर्देश दिए गए?हां, तुरंत मरम्मत और कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।
    बैरिकेड हटाने की मांग पर क्या आदेश दिया गया?आज ही हटाने और नागरिकों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश।
    म्हाडा पार्क को लेकर क्या निर्णय लिया गया?नवीनीकरण के लिए म्हाडा के साथ फॉलो-अप करने का आश्वासन।
  • मालाड वेस्ट में हिट एंड रन में बाइक सवार की मौत

    मालाड वेस्ट में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार नारायण सिंह को टक्कर मारकर फरार हो गया। घायल को अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज से पहले ही उनकी मौत हो गई।

    मुंबई: मालाड वेस्ट में बुधवार सुबह एक हिट-एंड-रन हादसे में बाइक सवार की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक ने न्यू लिंक रोड पर टक्कर मारी और घबराकर चालक मौके से भाग निकला। पुलिस के अनुसार मृतक 32 वर्षीय नारायण सिंह मलवनी में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे और अंधेरी ईस्ट में बिल्डिंग वॉटर सप्लाई का काम करते थे। हादसे के बाद बांगुर नगर पुलिस ने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    हादसा कैसे हुआ — पुलिस की प्रारंभिक जानकारी

    19 नवंबर की सुबह नारायण सिंह अपनी मोटरसाइकिल से न्यू लिंक रोड से अंधेरी की ओर जा रहे थे।
    टॉयोटा सिग्नल के पास अचानक तेज रफ्तार ट्रक उनकी बाइक से टकरा गई।
    टक्कर इतनी जोरदार थी कि सिंह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
    हादसे के बाद ट्रक चालक रुकने के बजाय मौके से फरार हो गया।

    हादसे के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जान नही बच सकी

    तुरंत सूचना मिलने पर पुलिस ने उन्हें तुरंत ट्रॉमा केयर अस्पताल पहुंचाया और घर पर खबर दी।
    पत्नी दक्षा सिंह तुरंत अस्पताल पहुंचीं, लेकिन डॉक्टरों ने सुबह करीब 10:30 बजे नारायण सिंह को मृत घोषित कर दिया।
    परिवार अब सदमे में है — वह दो छोटे बच्चों और पत्नी का सहारा थे।

    केस दर्ज, आरोपी ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी

    बांगुर नगर पुलिस ने

    • लापरवाही से वाहन चलाने
    • मौत का कारण बनने
    • और मदद किए बिना फरार होने
      के आरोपों में मामला दर्ज किया है।
      पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और ट्रक की पहचान के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

    ❓ FAQ — पूछे जाने वाले सामान्य सवाल

    सवालजवाब
    हादसा किस दिन हुआ?19 नवंबर, बुधवार की सुबह।
    हादसा कहाँ हुआ?मालाड वेस्ट, न्यू लिंक रोड, टॉयोटा सिग्नल के पास।
    मृतक कौन थे?नारायण सिंह, जो मलवनी में परिवार के साथ रहते थे।
    दुर्घटना कैसे हुई?तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मारी और ड्राइवर फरार हो गया।
    केस किस थाने में दर्ज है?बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में।
    क्या आरोपी ड्राइवर गिरफ्तार हुआ?पुलिस फुटेज के आधार पर उसकी तलाश कर रही है।
  • BMC में अनुसूचित जाति आयोग की समीक्षा बैठक संपन्न

    BMC में अनुसूचित जाति आयोग की समीक्षा बैठक संपन्न

    बीएमसी मुख्यालय में महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग की अहम बैठक हुई। योजनाओं, निधि उपयोग, रिक्त पदों की भरती और सफाई कर्मी आवास पर चर्चा हुई।

    मुंबई: महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक आज बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय में आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष आनंदराव अडसूळ ने इस बैठक की अध्यक्षता की। इसमें बीएमसी द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर तबकों पर किए गए खर्च, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए मिलने वाले फंड का उपयोग, और अनुकंपा आधारित प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अडसूळ ने प्रशासन को निर्देश दिए कि बीएमसी में अनुसूचित जाति वर्ग के रिक्त पद जल्द भरे जाएं और पदोन्नति से जुड़े मामलों का निपटारा बिना देर किए किया जाए।

    🔍 बैठक में किन मुद्दों की समीक्षा हुई? — मुख्य बिंदु

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    1️⃣ बीएमसी के योजनागत खर्च और अनुसूचित जाति फंड का आढावा

    बैठक में सबसे पहले उस फंड का विस्तृत विवरण रखा गया जो अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों के लिए योजनाओं, कल्याण कार्यक्रमों और सामाजिक सहायता के तहत बीएमसी को प्राप्त होता है।
    अडसूळ ने कहा कि—

    • फंड का उपयोग समयबद्ध तरीके से हो,
    • योजनाएँ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचे,
    • और रिपोर्टिंग पारदर्शी रहे।

    2️⃣ लाड पागे समिति और अनुकंपा नियुक्तियों पर चर्चा

    लाड पागे समिति से संबंधित प्रकरणों, लंबित प्रस्तावों और अनुकंपा पर नियुक्ति मामलों पर भी विस्तृत जानकारी आयोग के सामने प्रस्तुत की गई।
    आयोग ने प्रशासन से कहा कि ऐसी फाइलें लंबित न रहें और निर्धारित समय में निर्णय दिए जाएँ।

    3️⃣ रिक्त पदों की भरती और पदोन्नति—तुरंत कार्रवाई के निर्देश

    अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के रिक्त पद लंबे समय से खाली हैं।
    अध्यक्ष अडसूळ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—

    • भर्ती प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जाए
    • और जिन कर्मचारियों की पदोन्नति अटकी हुई है, उनके मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए।

    4️⃣ सफाई कर्मचारियों के आवास और कल्याण योजनाएँ

    बैठक में बीएमसी द्वारा सफाई कर्मचारियों के लिए चल रही आश्रय (हाउसिंग) योजनाओं की समीक्षा भी की गई।
    आयोग को बताया गया कि—

    • सफाई कर्मचारियों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य चल रहा है।
    • कई परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिया गया है और आगे की प्रक्रिया भी तेज़ है।

    5️⃣ दलित बस्तियों में बीएमसी की सेवाओं की जानकारी प्रस्तुत

    बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि दलित वस्तियों में—

    • स्वास्थ्य सुविधा
    • सफाई व्यवस्था
    • पानी
    • सड़कें
    • और आवश्यक नागरिक सुविधाएँ
      नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
      आयोग ने सुझाव दिया कि इन सेवाओं की गुणवत्ता और भी बेहतर की जाए।

    👥 बैठक में उपस्थित अधिकारी

    बैठक में निम्न अधिकारी उपस्थित रहे:

    • सदस्य सचिव — गोरक्ष लोखंडे
    • उपायुक्त (सामान्य प्रशासन) — किशोर गांधी
    • उपायुक्त (विशेष अभियांत्रिकी) — यतीन दळवी
    • उपायुक्त (घनकचरा व्यवस्थापन) — किरण दिघावकर
    • संचालक (अभियांत्रिकी सेवा व प्रकल्प) — पुरुषोत्तम माळवदे
      साथ ही विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी भी मौजूद थे।

    FAQ — सवाल और जवाब

    1. यह बैठक किस उद्देश्य से आयोजित की गई थी?

    बीएमसी द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों पर किए गए खर्च, योजनाओं की प्रगति, रिक्त पदों और आवास योजनाओं की समीक्षा के लिए।

    2. बैठक में मुख्य निर्देश क्या दिए गए?

    रिक्त पदों की भर्ती तेज़ करने, पदोन्नति के मामलों को तत्काल निपटाने और योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए।

    3. क्या सफाई कर्मचारियों की आवास योजना पर भी चर्चा हुई?

    हाँ, बीएमसी ने बताया कि स्थायी घर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रगति हो रही है।

    4. क्या आयोग ने दलित बस्तियों की स्थिति पर भी चर्चा की?

    बीएमसी ने दलित बस्तियों में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं की जानकारी दी और आयोग ने इनके सुधार के सुझाव दिए।

    5. बैठक में कौन-कौन अधिकारी मौजूद थे?

    महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें किशोर गांधी, यतीन दळवी, किरण दिघावकर आदि शामिल रहे।

  • मालाड पूर्व के विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़, जल्द खुलेगा नागरिकों के लिए

    मालाड पूर्व के विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़, जल्द खुलेगा नागरिकों के लिए

    मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स में स्थित विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़ी से पूरा हो रहा है। विधायक सुनील प्रभू ने निरीक्षण कर जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया।

    मुंबई: मालाड पूर्व में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय सालसकर उद्यान अब नई चमक के साथ तैयार हो रहा है। स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चल रही मांग और विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद उद्यान का नवीनीकरण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बुधवार को विधायक प्रभू ने मौके पर जाकर काम की प्रगति का निरीक्षण किया और भरोसा दिलाया कि यह उद्यान जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

    उद्यान की स्थिति और नवीनीकरण का सारांश

    मालाड पूर्व के वॉर्ड 36 में स्थित यह उद्यान कई सालों से जर्जर अवस्था में था। न मॉर्निंग वॉक के लिए पर्याप्त जगह, न बच्चों के खेलने की कोई सुविधा—स्थानीय लोग लगातार परेशान थे। विधायक सुनील प्रभू ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से बजट मंजूरी के लिए लगातार फॉलो-अप किया और अब 6,500 वर्गमीटर के इस उद्यान को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

    🏞️ उद्यान में क्या-क्या बदलेगा? — नवीनीकरण की प्रमुख बातें

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    1️⃣ 6500 वर्ग मीटर में आधुनिक सुविधाओं की नई लिस्ट

    विजय सालसकर उद्यान को पूरी तरह से रीडिज़ाइन किया जा रहा है, जिसमें नागरिकों की हर उम्र को ध्यान में रखा गया है।

    ✔ लिटिल किड्स प्ले ज़ोन

    • बच्चों के लिए सुरक्षित रॉक क्लाइम्बिंग गेम
    • नई प्ले-स्ट्रक्चर और ओपन एरिया

    ✔ फिटनेस कॉर्नर

    • आधुनिक व्यायाम उपकरण
    • ओपन जिम जैसा अनुभव देने वाली मशीनें

    ✔ वॉकिंग ट्रैक

    • मॉर्निंग वॉकर्स के लिए मजबूत और चौड़ा वॉकवे
    • एंटी-स्किड सरफेस

    ✔ सीनियर सिटिजन कॉर्नर

    • आरामदायक आसन व्यवस्था
    • शांत बैठने और मिलने-जुलने की जगह

    ✔ व्यूइंग गैलरी

    • कॉलोनी को देखते हुए डिजाइन की गई गैलरी
    • परिवारों और बच्चों के लिए आकर्षण

    ✔ हरियाली और साफ-सुथरापन

    • पूरे उद्यान में नई प्राकृतिक घास
    • उद्यान की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग्स और रंगरंगोटी

    🧑‍⚖️ निरीक्षण के दौरान कौन-कौन मौजूद रहा?

    निरीक्षण दौरे में विधायक एवं विभाग प्रमुख सुनील प्रभू के साथ कई पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें शामिल हैं:

    • शिवसेना महिला विधानसभा संघटक रीनाताई सुर्वे
    • वॉर्ड 36 के पूर्व नगरसेवक सुनील गुजर
    • रुचिता आरोसकर
    • कृष्णा सुर्वे
    • अशोक राणे
    • अल्पेश चव्हाण
    • बाळा शिरोडकर
    • वामन तिरोडकर
    • सुरेश करपे
    • सुशांत पांचाळ
    • सुशांत पारकर
    • अतुल पाखरे
      …और अन्य शिवसेना पदाधिकारी व कार्यकर्ता।

    विधायक ने अधिकारियों अमोल हितापे और ज्योती तुडस के साथ उद्यान का पूरा निरीक्षण किया और आवश्यक सुझाव भी दिए।


    FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. विजय सालसकर उद्यान कब तक खुलेगा?

    निरीक्षण के दौरान विधायक सुनील प्रभू ने बताया कि नवीनीकरण लगभग पूरा है और उद्यान जल्द ही नागरिकों के लिए खुल जाएगा।

    2. उद्यान में कौन-कौन सी नई सुविधाएँ मिलेंगी?

    यहाँ बच्चों के लिए रॉक क्लाइम्बिंग, वॉकिंग ट्रैक, एक्सरसाइज उपकरण, सीनियर सिटिजन बैठने की जगह, व्यूइंग गैलरी और नई हरियाली जोड़ी जा रही है।

    3. उद्यान कितनी बड़ी जगह में फैला है?

    पूरा उद्यान करीब 6,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है।

    4. यह उद्यान किस इलाके में स्थित है?

    यह मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स, वॉर्ड 36 में स्थित है।

  • एनयूएचएम कर्मचारियों को सीधे BMC में शामिल करने की मांग तेज

    एनयूएचएम कर्मचारियों को सीधे BMC में शामिल करने की मांग तेज

    मुंबई में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान (NUHM) के 1200 कर्मचारियों ने बीएमसी में सीधी नियुक्ति की मांग उठाई। ठेकेदार पर वेतन, सुविधाओं और भत्तों में लापरवाही के आरोप।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधीन राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान (NUHM) में 2016 से काम कर रहे करीब 1200 कर्मचारियों ने ठेकेदार डी.एस. इंटरप्रायज़ेस को हटाकर उन्हें सीधे बीएमसी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में शामिल करने की मांग की है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें न वेतनवृद्धि, न पीएफ, न मेडिकल सुविधा और न ही कोरोना काल में मिला भत्ता नही दिया गया है।

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    🔹 क्या है पूरा मामला?

    महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे राज्य में एनयूएचएम चलाया जाता है। मुंबई में यह सभी कर्मचारी बीएमसी के अधीन स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात हैं।

    लेकिन दूसरी महानगरपालिकाओं की तरह सीधे नियुक्ति करने की बजाय बीएमसी ने डी.एस. इंटरप्रायज़ेस नामक ठेकेदार को जिम्मेदारी दी, जिसने निविदा के अनुसार कर्मचारी रखे।

    कर्मचारियों का कहना है कि—

    • 2016 से लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान
    • कोरोना महामारी में राउंड द क्लॉक काम
    • कम वेतन में मुंबई जैसे महंगे शहर में गुज़ारा बेहद मुश्किल
    • ठेकेदार की ओर से किसी भी प्रकार की सहयोग सुविधा नहीं
    • मासिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और चिकित्सा खर्च पूरा करना कठिन

    🔹 सुविधाओं को लेकर गंभीर आरोप

    कर्मचारियों ने बताया कि डी.एस. इंटरप्रायज़ेस ने श्रम कानून और कॉन्ट्रैक्ट शर्तों का पालन नहीं किया।

    कर्मचारियों को नहीं मिल रही ये सुविधाएँ—

    • वेतनवृद्धि
    • प्रसूति अवकाश
    • पीएफ (Provident Fund)
    • स्वास्थ्य बीमा योजना
    • कोरोना भत्ता (विशेषकर डेटा ऑपरेटरों के लिए)

    कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना के दौरान कई साथी बीमार हुए, फिर भी प्रशासन और ठेकेदार की ओर से न कोई आर्थिक सहायता और न ही विशेष सुविधा दी गई।

    🔹 ‘मुंबई में इतने कम वेतन में जीना मुश्किल’

    कर्मचारियों का कहना है कि मुंबई जैसे महंगे शहर में इतनी कम तनख्वाह पर परिवार चलाना लगभग नामुमकिन हो रहा है। हर महीने—

    • घर किराया
    • बच्चों की फीस
    • मेडिकल खर्च
    • रोजमर्रा का खर्च

    इन सबके बीच गुज़ारा मुश्किल होता जा रहा है।

    🔹 यूनियन की मांग— बीएमसी में सीधी नियुक्ति

    म्युनिसिपल कर्मचारी कामगार सेना द्वारा उठाई गई मुख्य मांग—

    ठेकेदार हटाकर 1200 कर्मचारियों को बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में सीधे शामिल किया जाए।

    यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों ने हमेशा ईमानदारी से काम किया है, इसलिए उन्हें स्थाई या कम से कम सीधे नगरपालिका ढांचे में शामिल किया जाना चाहिए।


    ❓ FAQ SECTION

    Q1. एनयूएचएम कर्मचारी बीएमसी से क्या मांग कर रहे हैं?

    वे चाहते हैं कि ठेकेदार को हटाकर उन्हें सीधे बीएमसी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में शामिल किया जाए।

    Q2. कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें क्या हैं?

    पीएफ, मेडिकल सुविधा, वेतनवृद्धि, प्रसूति अवकाश और कोरोना भत्ता जैसी मूलभूत सुविधाएँ न मिलना।

    Q3. कितने कर्मचारी इस अभियान के तहत काम करते हैं?

    करीब 1200 कर्मचारी 2016 से लगातार सेवा दे रहे हैं।

    Q4. कोरोना काल में उन्हें क्या दिक्कतें आईं?

    उन्होंने बिना रुके काम किया लेकिन कोरोना भत्ता नहीं मिला, और बीमारी के समय सहायता भी नहीं मिली।

  • विक्रोली पार्कसाइट में बीएमसी ने तीन खतरनाक इमारतें खाली कराईं

    विक्रोली पार्कसाइट में बीएमसी ने तीन खतरनाक इमारतें खाली कराईं

    बीएमसी ने विक्रोली पार्कसाइट के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में तीन अतिधोकादायक इमारतें खाली कराईं। कुल 28 इमारतों के पुनर्निर्माण का काम शुरू।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMc) ने विक्रोली पार्कसाइट क्षेत्र में चल रहे 28 इमारतों के बड़े पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत मंगलवार (18 नवंबर 2025) तीन अतिधोकादायक (C-1 श्रेणी) इमारतों को खाली करा दिया। यह पहली बार है जब बीएमसी खुद पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य संभाल रही है। पहले चरण में 9 इमारतों को खाली किया जाना था, जिनमें से 5 पहले ही खाली हो चुकी थीं।

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    🔹 प्रोजेक्ट का आकार: 28 इमारतें, दो चरणों में काम

    विक्रोली पार्कसाइट इलाके में सभी 28 इमारतें C-1 श्रेणी में आती हैं, जिन्हें नही रहने लायक खतरनाक घोषित किया गया है।

    • कुल प्रभावित इमारतें: 28
    • पहले चरण की इमारतें: 9
    • पहले से खाली की गईं: 5
    • मंगलवार खाली हुईं: 3
    • शेष के लिए कार्रवाई जल्द

    बीएमसी अधिकारी ने बताया कि खाली कराई गई इमारतों का निष्कासन (Demolition) जल्द शुरू किया जाएगा।

    🔹 बीएमसी अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई

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    कार्रवाई बीएमसी आयुक्त तथा प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर की गई।
    पूरी प्रक्रिया की निगरानी में शामिल अधिकारी:

    • अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर): डॉ. अमित सैनी
    • उपायुक्त (परिमंडल-6): संतोषकुमार धोंडे
    • सहायक आयुक्त (एन-वार्ड): डॉ. गजानन बेल्लाळे

    बीएमसी टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर को सुरक्षित तरीके से खाली कराया।

    🔹 67 परिवारों को मिला तात्कालिक आश्रय

    खाली कराई गई तीन इमारतों में कुल 67 भाड़ोत्री रह रहे थे।

    इन्हें भांडुप स्थित ओबेरॉय रियल्टी के PAP क्वार्टर्स में अस्थायी रूप से पुनर्वसित किया गया है।
    बीएमसी का कहना है कि किसी भी भाड़ोत्री को बेघर नहीं छोड़ा जाएगा।

    🔹 पुराने 280 sq ft के बदले मिलेगा 405 sq ft का नया घर

    पुनर्विकास पूरा होने पर भाड़ोत्रीओं को—

    पुराने 280 वर्ग फुट की जगह
    405 वर्ग फुट का नया घर

    विक्रोली पार्कसाइट में ही मालकी हक के साथ दिया जाएगा।

    यह बीएमसी के सबसे बड़े स्वनिर्मित पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स में शामिल है।

    🔹 नए एस-3 विंग में 13 मंज़िलों तक निर्माण पूरा

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    पहले चरण में प्रस्तावित S-3 बिल्डिंग के:

    • कुल मंज़िलें: 23
    • पूरा हुआ निर्माण: 13 मंज़िलें

    बीएमसी का दावा है कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में आगे बढ़ रहा है।


    ❓ FAQ SECTION

    Q1. विक्रोली पार्कसाइट में कितनी इमारतों का पुनर्विकास हो रहा है?

    बीएमसी कुल 28 इमारतों का पुनर्विकास कर रही है।

    Q2. मंगलवार को कितनी इमारतें खाली कराई गईं?

    मंगलवार को तीन अतिधोकादायक (C-1) इमारतों को खाली कराया गया।

    Q3. भाड़ोत्रीओं को अस्थायी घर कहाँ दिया गया है?

    उन्हें भांडुप के ओबेरॉय रियल्टी में पीएपी क्वार्टर्स में ठहराया गया है।

    Q4. पुनर्विकास के बाद उन्हें कितना बड़ा फ्लैट मिलेगा?

    पहले के 280 sq ft के बदले 405 sq ft का फ्लैट मिलेगा।

    Q5. निर्माण कार्य कितनी प्रगति पर है?

    S-3 इमारत में 23 में से 13 मंज़िलें बन चुकी हैं।