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  • कांदिवली शताब्दी अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन लैब टेक्नीशियन, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

    कांदिवली शताब्दी अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन लैब टेक्नीशियन, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

    कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में पांच लैब टेक्नीशियन बिना महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन के काम करते पाए गए. शिकायत के बाद MPC ने कार्रवाई के निर्देश दिए. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल (शताब्दी अस्पताल) में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अस्पताल में कम से कम पांच लैब टेक्नीशियन ऐसे पाए गए हैं, जो महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल (MPC) में रजिस्टर्ड नहीं हैं, इसके बावजूद वे इमरजेंसी लैब में भी सेवाएं दे रहे थे. एक शिकायत के बाद MPC ने संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है.

    कैसे सामने आया पूरा मामला?

    यह मामला तब उजागर हुआ जब स्वास्थ्य कार्यकर्ता और अधिवक्ता तुषार भोसले ने “आपले सरकार” पोर्टल के जरिए महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि शताब्दी अस्पताल में बिना वैध रजिस्ट्रेशन वाले लैब टेक्नीशियन मरीजों के सैंपल, जांच और इमरजेंसी मामलों को संभाल रहे हैं, जो कानून और मरीजों की सुरक्षा—दोनों के खिलाफ है.

    शिकायत मिलने के बाद MPC ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

    MPC के निर्देश के बाद अस्पताल का आदेश

    पैरामेडिकल काउंसिल के निर्देश के बाद शताब्दी अस्पताल प्रशासन ने एक आंतरिक आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि सभी लैब टेक्नीशियन के लिए MPC रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा.

    हालांकि, इस आदेश का विरोध अस्पताल के कुछ स्थायी और वरिष्ठ कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है, जो वर्षों से सेवा में हैं लेकिन जरूरी योग्यता और मान्यता प्राप्त डिग्री के अभाव में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे.

    अस्पताल प्रशासन की दुविधा

    अस्पताल प्रशासन इस समय असमंजस में है. एक ओर कानून का पालन करना जरूरी है, तो दूसरी ओर लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों का भविष्य भी सवालों में है.

    इस मुद्दे पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में कुल 18 लैब टेक्नीशियन कार्यरत हैं, जिनमें कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ भी शामिल है. इनमें से पांच टेक्नीशियन फिलहाल महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड नहीं हैं.

    पांच टेक्नीशियन ने किया आवेदन, फिर भी अड़चन

    डॉ. अजय गुप्ता के अनुसार,

    • सभी पांच टेक्नीशियन ने MPC रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर दिया है
    • प्रत्येक ने ₹2,000 की निर्धारित फीस जमा की है
    • आवेदन की रसीद भी उन्हें मिल चुकी है

    लेकिन समस्या यह है कि इनमें से कुछ के पास BSc माइक्रोबायोलॉजी की डिग्री है या वे ऐसे संस्थानों से पासआउट हैं, जो MPC की मान्यता सूची में शामिल नहीं हैं. इसी वजह से उनके रजिस्ट्रेशन पर अंतिम फैसला अटका हुआ है.

    DMLT अनिवार्य, कानून साफ

    स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मुताबिक,
    ब्लड बैंक टेक्नीशियन और लैब टेक्नीशियन के लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त DMLT (डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी) अनिवार्य है.

    अतीत में कई भर्तियां इन नियमों को दरकिनार कर की गईं, जिसका खामियाजा अब कर्मचारियों और अस्पताल—दोनों को भुगतना पड़ रहा है.

    कानूनी चेतावनी: अपराध है बिना रजिस्ट्रेशन काम करना

    इस मामले पर शिकायतकर्ता अधिवक्ता तुषार भोसले ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा:

    “कानून के मुताबिक लैब टेक्नीशियन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, भले ही इसके लिए उन्हें अब DMLT करना पड़े. बिना रजिस्ट्रेशन प्रैक्टिस करना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है. महाराष्ट्र स्टेट पैरामेडिकल एक्ट पूरे राज्य में लागू है, जिसमें BMC भी शामिल है. इस पर कोई भ्रम नहीं है.”

    उन्होंने बताया कि MPC ने इस बाबत BMC आयुक्त को भी अनिवार्य रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और CMS ने भी समर्थन में सर्कुलर जारी किया है.

    मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

    बिना रजिस्टर्ड टेक्नीशियन द्वारा इमरजेंसी लैब सेवाएं संभालना सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ माना जा रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में जरा-सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है.


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शताब्दी अस्पताल में कितने लैब टेक्नीशियन बिना रजिस्ट्रेशन के पाए गए?
    👉 कुल पांच लैब टेक्नीशियन MPC में रजिस्टर्ड नहीं थे.

    Q2. क्या वे इमरजेंसी सेवाओं में काम कर रहे थे?
    👉 हां, आरोप है कि वे इमरजेंसी लैब में भी कार्यरत थे.

    Q3. लैब टेक्नीशियन के लिए कौन-सी योग्यता जरूरी है?
    👉 सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त DMLT अनिवार्य है.

    Q4. क्या बिना रजिस्ट्रेशन काम करना अपराध है?
    👉 हां, यह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है.

    Q5. अस्पताल प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
    👉 MPC के निर्देश पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है और सभी पांच टेक्नीशियन ने आवेदन किया है.

  • BMC ने साफ किया: मुंबई की किसी भी स्कूल का निजीकरण नहीं हुआ

    BMC ने साफ किया: मुंबई की किसी भी स्कूल का निजीकरण नहीं हुआ

    BMC ने स्पष्ट किया है कि मुंबई में मराठी या किसी भी माध्यम की महानगरपालिका स्कूलों का निजीकरण नहीं किया गया है। छात्रों की संख्या और शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई योजनाएं जारी हैं।

    मुंबई: मराठी माध्यम की स्कूलों को लेकर चल रही चर्चाओं और आशंकाओं पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। महानगरपालिका प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी माध्यम की स्कूलों का निजीकरण नहीं किया गया है। उल्टे, BMC छात्रों की संख्या बढ़ाने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे—इस उद्देश्य से लगातार योजनाएं और उपक्रम चला रही है।

    🏫 मराठी स्कूलों को लेकर BMC का स्पष्ट रुख

    BMC प्रशासन का कहना है कि:

    • मुंबई की मराठी माध्यम की स्कूलों के मुद्दे पर वह पूरी तरह संवेदनशील है
    • मराठी के साथ-साथ अन्य माध्यमों की स्कूलों को भी मजबूत किया जा रहा है
    • छात्रों की घटती संख्या को रोकने और बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं

    📈 छात्र संख्या बढ़ाने के लिए लगातार पहल

    महानगरपालिका का साफ लक्ष्य है कि:

    • एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे
    • इसके लिए पालकों की काउंसलिंग की जाती है
    • स्कूलों में एडमिशन के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं

    पिछले 10–15 वर्षों से BMC इस दिशा में निरंतर काम कर रही है।

    🏆 शानदार रिजल्ट: मराठी स्कूलों का 95% पास प्रतिशत

    शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों का नतीजा भी सामने आया है:

    • मार्च 2025 की 10वीं परीक्षा
    • BMC मराठी स्कूलों का 95% रिजल्ट
    • कई छात्रों ने 97% तक अंक हासिल किए

    इसके लिए:

    • नियमित सराव परीक्षाएं
    • गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम
    • शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण
      जैसे कदम उठाए गए।

    🎒 बिना फीस, 27 तरह की मुफ्त शैक्षणिक सामग्री

    BMC स्कूलों की बड़ी खासियत:

    • किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाती
    • छात्रों को 27 प्रकार की शैक्षणिक सामग्री मुफ्त
    • किताबें, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी जैसी सुविधाएं

    साथ ही:

    • उपलब्ध जगहों में खेल प्रशिक्षण
    • खेलों में प्रावीण्य हासिल करने के अवसर

    📚 Khan Academy और डिजिटल लर्निंग का सहारा

    छात्रों को और मजबूत बनाने के लिए:

    • Khan Academy के जरिए गणित और विज्ञान का मुफ्त अभ्यास
    • डिजिटल कंटेंट से पढ़ाई आसान
    • छात्रों की प्रगति में बेहतर परिणाम सामने आए

    BMC का उद्देश्य है कि:

    “महानगरपालिका का छात्र निजी स्कूल से भी ज्यादा सक्षम बने।”

    🧠 FLN निपुण भारत से मजबूत बुनियाद

    Foundational Literacy & Numeracy (FLN) – निपुण भारत अभियान के तहत:

    • तीसरी कक्षा तक हर माध्यम का छात्र
    • सही से पढ़ने में सक्षम
    • गणित की बुनियादी समझ में निपुण

    इसके लिए विशेष शैक्षणिक रणनीतियां अपनाई गईं, जिनके अच्छे नतीजे अब दिख रहे हैं।

    निजीकरण का दावा पूरी तरह गलत

    BMC ने स्पष्ट किया है कि:

    • मराठी या किसी भी माध्यम की स्कूलों का
      निजीकरण नहीं किया गया
    • सोशल मीडिया या कुछ हलकों में जो
      “गलत तस्वीर” पेश की जा रही है
      वह पूरी तरह भ्रामक है

    🤝 मराठी अभ्यास केंद्र के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा

    हाल ही में:

    • मराठी अभ्यास केंद्र के शिष्टमंडल के साथ
    • BMC प्रशासन की विस्तृत बैठक हुई
    • हर मुद्दे पर बिंदुवार चर्चा की गई

    बैठक के बाद:

    • समिति के सदस्यों ने
      👉 संतोष व्यक्त किया

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. क्या BMC ने मराठी स्कूलों का निजीकरण किया है?
    ➡️ नहीं, BMC ने साफ किया है कि किसी भी माध्यम की स्कूलों का निजीकरण नहीं हुआ है।

    Q2. BMC स्कूलों में फीस लगती है क्या?
    ➡️ नहीं, छात्रों से किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाती।

    Q3. छात्रों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
    ➡️ 27 प्रकार की मुफ्त शैक्षणिक सामग्री, खेल प्रशिक्षण और डिजिटल लर्निंग।

    Q4. 10वीं का रिजल्ट कैसा रहा?
    ➡️ मार्च 2025 में मराठी स्कूलों का 95% रिजल्ट रहा।

    Q5. FLN निपुण भारत का क्या फायदा हुआ?
    ➡️ तीसरी कक्षा तक के छात्र पढ़ने और गणित में ज्यादा सक्षम बने हैं।

  • कांदिवली में मुंबई का सबसे बड़ा क्लस्टर रिडेवलपमेंट, 53 सोसाइटी होंगी शामिल

    कांदिवली में मुंबई का सबसे बड़ा क्लस्टर रिडेवलपमेंट, 53 सोसाइटी होंगी शामिल

    कांदिवली पश्चिम के एकतानगर में 12 एकड़ में फैले छत्रपती शिवाजी राजे संकुल का समूह पुनर्विकास प्रस्तावित है। 53 हाउसिंग सोसाइटी, 3,488 परिवारों को नए घर और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में शहर का अब तक का सबसे बड़ा क्लस्टर रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट आकार ले रहा है। एकतानगर के छत्रपती शिवाजी राजे संकुल में मौजूद 53 गृहनिर्माण संस्थाओं का एक साथ पुनर्विकास प्रस्तावित है। करीब 12 एकड़ में फैले इस संकुल में 3,488 परिवार रहते हैं, जिन्हें इस परियोजना के जरिए बड़े, सुरक्षित और आधुनिक घर मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

    🏙️ क्या है कांदिवली का यह मेगा क्लस्टर रिडेवलपमेंट?

    क्लस्टर रिडेवलपमेंट यानी कई हाउसिंग सोसाइटी एक साथ मिलकर पुनर्विकास करना। इससे:

    • बेहतर प्लानिंग
    • ज्यादा खुली जगह
    • चौड़ी सड़कें
    • आधुनिक सुविधाएं
    • और मजबूत इमारतें

    उपलब्ध कराई जा सकती हैं। कांदिवली में प्रस्तावित यह प्रोजेक्ट इसी मॉडल पर आधारित है।

    📍 छत्रपती शिवाजी राजे संकुल: 12 एकड़ में बसा बड़ा आवासीय परिसर

    यह संकुल साल 2000 में MHADA के भूखंड पर बसाया गया था। इसमें:

    • कुल 53 हाउसिंग सोसाइटी
    • लगभग 3,488 छोटे फ्लैट (करीब 220 स्क्वायर फीट)
    • करीब 26 साल पुरानी इमारतें

    मौजूद हैं, जो अब काफी हद तक जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं।

    🚧 जर्जर इमारतें और संकरी सड़कें बनीं बड़ी समस्या

    स्थानीय निवासियों के मुताबिक:

    • इमारतों की उम्र 25 साल से ज्यादा हो चुकी है
    • कई जगह सीपेज और स्ट्रक्चरल दिक्कतें हैं
    • आंतरिक सड़कें बेहद संकरी हैं
    • पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है

    इन्हीं कारणों से लंबे समय से पुनर्विकास की मांग की जा रही थी।

    🤝 53 में से 34 सोसाइटी ने दी सहमति

    अब तक:

    • 34 गृहनिर्माण संस्थाओं ने पुनर्विकास को मंजूरी दे दी है
    • 19 सोसाइटी अभी विचार-विमर्श की स्थिति में हैं

    जैसे-जैसे सहमति का आंकड़ा बढ़ेगा, प्रोजेक्ट को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

    🏠 हर परिवार को मिलेगा 610 स्क्वायर फीट का नया घर

    प्रस्तावित योजना के मुताबिक:

    • हर सदस्य को 610 स्क्वायर फीट का फ्लैट
    • आधुनिक लेआउट और सुविधाएं
    • लिफ्ट, पार्किंग, गार्डन और कॉमन एरिया

    उपलब्ध होंगे, जो मौजूदा घरों से लगभग तीन गुना बड़े होंगे।

    💰 भाड़ा और कॉर्पस फंड का पूरा गणित

    पुनर्विकास की अवधि में:

    • पहले साल: ₹25,000 प्रति माह भाड़ा
    • दूसरे साल: ₹27,000 प्रति माह
    • तीसरे साल: ₹30,000 प्रति माह

    इसके अलावा:

    • ₹2.25 लाख कॉर्पस फंड
    • हर एक फ्लैट मालिक को दिया जाएगा

    🏗️ डेवलपर को भी मिलेगा बिक्री का अधिकार

    इस प्रोजेक्ट में:

    • जितनी सदनिका निवासियों को मिलेंगी
    • उतनी ही यानी 3,488 फ्लैट्स
    • डेवलपर को ओपन मार्केट में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी

    जिससे प्रोजेक्ट की आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित होगी।

    🏢 मुंबई में क्लस्टर रिडेवलपमेंट का बढ़ता चलन

    MHADA और निजी डेवलपर्स द्वारा:

    • मोतीलाल नगर
    • अभ्युदयनगर
    • आदर्शनगर
    • बांद्रा रिक्लेमेशन
    • GTB नगर
    • कामाठीपुरा

    जैसे इलाकों में भी क्लस्टर रिडेवलपमेंट पर काम चल रहा है।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह क्लस्टर रिडेवलपमेंट कहां हो रहा है?
    ➡️ कांदिवली स्थित छत्रपती शिवाजी राजे संकुल में।

    Q2. कुल कितनी सोसाइटी शामिल हैं?
    ➡️ 53 गृहनिर्माण संस्थाएं।

    Q3. हर परिवार को कितना बड़ा फ्लैट मिलेगा?
    ➡️ 610 स्क्वायर फीट का नया फ्लैट।

    Q4. पुनर्विकास के दौरान रहने का क्या इंतजाम होगा?
    ➡️ डेवलपर द्वारा मासिक भाड़ा दिया जाएगा।

    Q5. कॉर्पस फंड कितना मिलेगा?
    ➡️ ₹2.25 लाख प्रति सदनिका।

  • कांदिवली में अवैध ऑटो पार्किंग बनी खतरा, फायर ब्रिगेड 15 मिनट तक फंसी

    कांदिवली में अवैध ऑटो पार्किंग बनी खतरा, फायर ब्रिगेड 15 मिनट तक फंसी

    कांदिवली ईस्ट के लोकखंडवाला टाउनशिप में अवैध ऑटो रिक्शा पार्किंग के कारण फायर ब्रिगेड को एंट्री में 15 मिनट की देरी हुई। समय पर आग बुझाने में बड़ी मुश्किल, रहवासियों ने खुद संभाला मोर्चा।

    मुंबई: कांदिवली ईस्ट स्थित लोकखंडवाला टाउनशिप में बुधवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हाईलैंड सोसाइटी की एक इमारत में रसोई से आग लगने की सूचना मिलने के सिर्फ 7 मिनट में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन अवैध रूप से खड़े सैकड़ों ऑटो रिक्शाओं की वजह से दमकल गाड़ियों को सोसाइटी में घुसने में करीब 15 मिनट लग गए। इस देरी के दौरान रहवासियों ने खुद ही आग पर काबू पाया। रहवासियों का कहना है कि अगर आग फैल जाती, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे।

    🔥 कांदिवली में कहां और कैसे लगी आग?

    बुधवार रात करीब 11 बजे, हाईलैंड बिल्डिंग नंबर 5 की पहली मंज़िल पर स्थित एक फ्लैट की किचन में आग लग गई। आग मामूली थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो वह पास के फ्लैट्स और इलेक्ट्रिक वायरिंग तक फैल सकती थी।

    🚒 फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन रास्ता बंद

    दमकल विभाग की गाड़ियां 7 मिनट में इलाके तक पहुंच गईं, लेकिन

    • सोसाइटी के बाहर
    • अप्रोच रोड के दोनों तरफ
    • सैकड़ों ऑटो रिक्शा अवैध रूप से खड़े थे

    जिसके कारण फायर टेंडर करीब 15 मिनट तक एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाए

    “वो 15 मिनट बहुत डरावने थे। फायर ब्रिगेड सामने थी, लेकिन बेबस,”
    — प्रत्यक्षदर्शी रहवासी

    🏘️ 20,000 फ्लैट्स, एक ही समस्या

    लोकखंडवाला टाउनशिप में लगभग 20 हजार फ्लैट्स हैं। यह इलाका वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से एक 1.5 किमी लंबी और कागज़ों में 90 फीट चौड़ी सड़क से जुड़ा है, लेकिन हकीकत में:

    • सड़क किनारे दुकानें
    • भारी पैदल भीड़
    • दोनों तरफ अवैध ऑटो पार्किंग
    • और एक बड़ा कचरा डंप

    सड़क को इतना संकरा बना देते हैं कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तक फंस जाती हैं।

    ⚠️ रहवासियों का आरोप – 10 साल से शिकायत, कोई स्थायी हल नहीं

    रहवासियों का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से BMC और ट्रैफिक पुलिस को लगातार शिकायत कर रहे हैं।

    “हर बार हादसे के बाद थोड़ी कार्रवाई होती है, फिर सब पहले जैसा,”
    — संतोष शेट्टी, रहवासी

    उनका आरोप है कि:

    • ज़्यादातर ऑटो चालक धानुकरवाड़ी जैसे बाहरी इलाकों से आते हैं
    • रात में सड़क को फ्री पार्किंग ज़ोन बना देते हैं

    👮 पुलिस और प्रशासन का क्या कहना है?

    समता नगर ट्रैफिक डिवीजन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जगदीश भोपाली ने माना कि:

    • रोज़ करीब 150 ऑटो चालकों पर कार्रवाई होती है
    • लेकिन सिर्फ चालान से समस्या हल नहीं हो रही

    वायरल वीडियो के बाद अब विभाग ने मामले पर गंभीरता से ध्यान देने का भरोसा दिया है।

    🏛️ नवनिर्वाचित नगरसेविका का आश्वासन

    नगरसेविका नीलम गुरव ने खुद मौके का निरीक्षण किया और माना कि:

    • शाम 6 बजे एक लेन में पार्किंग होती है
    • आधी रात तक तीन लेन पूरी तरह जाम हो जाती हैं

    उन्होंने कहा:

    “यह गंभीर सुरक्षा मुद्दा है। आज से ही कार्रवाई शुरू होगी और मैं खुद औचक निरीक्षण करूंगी।”

    🔥 फायर ब्रिगेड की चेतावनी

    दहिसर फायर ब्रिगेड के मुख्य अग्निशमन अधिकारी रवींद्र अंबुलगेकर ने कहा:

    “हैपहेज़र्ड पार्किंग से फायर ऑपरेशन में बड़ी दिक्कत आती है। छोटी आग भी बड़ी त्रासदी बन सकती है।”

    📌 रहवासियों की प्रमुख मांगें

    • ऑटो पार्किंग को सिर्फ एक लेन तक सीमित किया जाए
    • केवल लोकल रहवासियों के ऑटो को अनुमति
    • बाहरी इलाकों के ऑटो पर रात में प्रतिबंध
    • सड़क से कचरा डंप हटाया जाए

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आग कहां लगी थी?
    ➡️ कांदिवली ईस्ट के लोकखंडवाला टाउनशिप में हाईलैंड बिल्डिंग नंबर 5 की पहली मंज़िल पर।

    Q2. फायर ब्रिगेड को देरी क्यों हुई?
    ➡️ अप्रोच रोड पर दोनों तरफ अवैध रूप से खड़े ऑटो रिक्शाओं की वजह से।

    Q3. कितनी देर की देरी हुई?
    ➡️ लगभग 15 मिनट।

    Q4. क्या कोई हताहत हुआ?
    ➡️ नहीं, आग मामूली थी और रहवासियों ने खुद बुझा ली।

    Q5. प्रशासन ने क्या कदम उठाने का आश्वासन दिया है?
    ➡️ रोज़ाना सख्त कार्रवाई और नियमित निरीक्षण।

  • अंधेरी इर्ला रोड पर BMC की सख्त कार्रवाई, 200 अवैध फेरीवाले हटाए

    अंधेरी इर्ला रोड पर BMC की सख्त कार्रवाई, 200 अवैध फेरीवाले हटाए

    मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित राम गणेश गडकरी मार्ग पर BMC ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 अवैध फेरीवालों और फुटपाथों पर बने अनधिकृत निर्माण हटाए। कूपर अस्पताल जाने वाले रास्ते को किया गया साफ।

    मुंबई: फुटपाथ, अतिक्रमण और अवैध फेरीवालों के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने सख्त रुख अपनाया है। अंधेरी (पश्चिम) के राम गणेश गडकरी मार्ग (इर्ला रोड) इलाके में बीएमसी के के पश्चिम वार्ड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 200 अवैध फेरीवालों और फुटपाथों पर बने अनधिकृत निर्माणों को हटाया है। यह कार्रवाई 29 जनवरी 2026 को की गई।

    कूपर अस्पताल जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण बना था मुसीबत

    राम गणेश गडकरी मार्ग, जो स्वामी विवेकानंद रोड और गुलमोहर रोड को जोड़ता है, साथ ही डॉ. आर. एन. कूपर अस्पताल के प्रवेश मार्ग से जुड़ा हुआ है।
    इस सड़क और फुटपाथों पर लंबे समय से अवैध फेरीवालों और बढ़े हुए निर्माणों के कारण:

    • एम्बुलेंस की आवाजाही में दिक्कत
    • मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी
    • पैदल चलने वालों को भारी परेशानी

    जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही थीं।

    आयुक्त के निर्देश पर हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर की गई।
    उप आयुक्त (परिमंडल-4) भाग्यश्री कापसे के मार्गदर्शन में और
    सहायक आयुक्त (के पश्चिम) चक्रपाणी अल्ले के नेतृत्व में निष्कासन अभियान चलाया गया।

    200 से ज्यादा अवैध फेरीवाले हटाए गए

    अभियान के दौरान:

    • करीब 200 अनधिकृत फेरीवालों को हटाया गया
    • फुटपाथों पर बने अवैध बढ़ी हुई दुकानों और ढांचों को तोड़ा गया
    • सड़क और फुटपाथों को पैदल चलने लायक बनाया गया

    इससे पूरे इलाके में यातायात और पैदल आवाजाही काफी हद तक सुचारु हो गई है।

    BMC-takes-strict-action-on-Andheri-Irla-Road-removes-200-illegal-hawkers-news

    भारी मशीनरी और पुलिस बंदोबस्त तैनात

    कार्रवाई को सफल बनाने के लिए बीएमसी ने:

    • 4 अतिक्रमण हटाने वाले वाहन
    • 3 जेसीबी मशीनें
    • अन्य आवश्यक उपकरण

    तैनात किए थे।
    इसके अलावा करीब 100 बीएमसी अधिकारी-कर्मचारी और पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद था, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

    स्थानीय नागरिकों ने जताया संतोष

    इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस इलाके में अव्यवस्था थी, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही थी।

    बीएमसी प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कार्रवाई कहां हुई?
    अंधेरी पश्चिम के राम गणेश गडकरी मार्ग (इर्ला रोड) पर।

    Q2. कितने फेरीवाले हटाए गए?
    करीब 200 अवैध फेरीवाले।

    Q3. कार्रवाई क्यों की गई?
    एम्बुलेंस और पैदल यात्रियों को हो रही परेशानी के कारण।

    Q4. कौन सा विभाग शामिल था?
    बीएमसी का के पश्चिम वार्ड।

    Q5. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    हां, बीएमसी ने नियमित कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

  • Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    Mumbai के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले आर्थर रोड जेल में एक कैदी ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

    मुंबई: आर्थर रोड कारागृह, जिसे देश की सबसे सुरक्षित जेलों में गिना जाता है, वहां से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जेल के अंदर ही एक कैदी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे जेल परिसर में हड़कंप मच गया है और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    कैदी ने दी गालियां, रोकने पर किया हमला

    जानकारी के मुताबिक, लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी इस वक्त आर्थर रोड जेल में सजा काट रहा है। जेल के मुख्य गेट के पास खुली जगह में कुछ पुलिसकर्मी तैनात थे। इसी दौरान रावत वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को गालियां देने लगा

    स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस सिपाही वाघ ने उसे समझाने और रोकने की कोशिश की, लेकिन बात उलटी पड़ गई। रावत ने अचानक वाघ पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह पीट दिया।

    बीच-बचाव करने आए पुलिसकर्मियों पर भी हमला

    जब पुलिस सिपाही वाघ के साथ मारपीट हो रही थी, तब अन्य पुलिसकर्मी बीच-बचाव के लिए दौड़े। लेकिन रावत इतना आक्रामक हो चुका था कि उसने अन्य पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार उसे काबू में किया गया।

    इस अचानक हुई घटना से पूरे आर्थर रोड जेल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती

    हमले में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिस सिपाही वाघ को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें कई जगह चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    कैदी के खिलाफ नया मामला दर्ज

    इस मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर लोकेंद्र रावत के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि

    • कैदी इतना आक्रामक क्यों हुआ
    • जेल के भीतर सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई
    • क्या पहले से किसी तरह की शिकायत या चेतावनी मौजूद थी

    Mumbai के सबसे सुरक्षित जेल में सुरक्षा पर सवाल

    आर्थर रोड जेल को हाई-सिक्योरिटी जेल माना जाता है। 26/11 हमले का आतंकी अजमल कसाब भी इसी जेल में बंद था। ऐसे में इस तरह की घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इससे पहले भी जेल के अंदर कैदियों के बीच झगड़े हो चुके हैं, लेकिन सीधे पुलिसकर्मी पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है।

    अनुशासन और सख्ती की जरूरत

    पूर्व अधिकारियों का मानना है कि जेल के अंदर अनुशासन और सख्ती बेहद जरूरी है। अगर कैदी खुलेआम पुलिस पर हमला करने लगें, तो यह न सिर्फ जेल स्टाफ बल्कि पूरे सिस्टम की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है।

    अब देखना होगा कि इस घटना के बाद

    • जेल प्रशासन क्या कदम उठाता है
    • सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं
    • दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई है?
    मुंबई की आर्थर रोड कारागृह में।

    Q2. हमलावर कौन है?
    लोकेंद्र उदयसिंह रावत नाम का कैदी।

    Q3. घायल पुलिसकर्मी की हालत कैसी है?
    उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, हालत स्थिर है।

    Q4. क्या कैदी के खिलाफ नया केस दर्ज हुआ है?
    हां, सरकारी काम में बाधा और पुलिस पर हमले का मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या जेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं?
    हां, इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

  • Vidyavihar Flyover Update: 25 जून 2026 तक पूरा होगा विद्याविहार उड्डाणपुल

    Vidyavihar Flyover Update: 25 जून 2026 तक पूरा होगा विद्याविहार उड्डाणपुल

    BMC ने विद्याविहार फ्लाईओवर का काम 25 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने मौके पर निरीक्षण कर मानसून से पहले सभी जरूरी काम पूरे करने के निर्देश दिए।

    मुंबई: विद्याविहार में पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित विद्याविहार रेलवे स्टेशन फ्लाईओवर अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस परियोजना को 25 जून 2026 तक पूरा कर ट्रैफिक के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया है। इस संबंध में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर ने गुरुवार को स्थल निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों को साफ निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी जरूरी काम पूरे किए जाएं।

    Vidyavihar Flyover क्यों है इतना अहम?

    विद्याविहार और घाटकोपर इलाके में रहने वाले लोगों के लिए यह फ्लाईओवर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
    यह उड्डाणपुल—

    • पूर्व में रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग
    • पश्चिम में लालबहादुर शास्त्री मार्ग (LBS रोड)

    को सीधे जोड़ता है।
    अभी रेलवे फाटक और वैकल्पिक रास्तों के कारण लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद पूर्व-पश्चिम यात्रा आसान और तेज हो जाएगी।

    कब तक पूरा होगा काम? BMC का स्पष्ट टाइमलाइन

    BMC की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार—

    • पूर्वी हिस्से का सारा काम: 28 फरवरी 2026 तक
    • मानसून से पहले जरूरी काम: 31 मई 2026 तक
    • पूरे फ्लाईओवर का उद्घाटन: 25 जून 2026 तक

    अभिजीत बांगर ने कहा कि मानसून को देखते हुए स्ट्रक्चरल और जरूरी काम पहले पूरे किए जाएं और बाद में फिनिशिंग की जाए।

    फ्लाईओवर की पूरी डिटेल: लंबाई से लेकर लेन तक

    यह फ्लाईओवर कुल 650 मीटर लंबा है और इसमें—

    • रेलवे लाइनों पर बना 100 मीटर का मुख्य पुल
    • पूर्व दिशा में 220 मीटर का अप्रोच रोड
    • पश्चिम दिशा में 330 मीटर का अप्रोच रोड

    शामिल है।
    यह दो लेन का फ्लाईओवर होगा, जिससे ट्रैफिक स्मूद तरीके से चल सकेगा।

    रेलवे स्टेशन से सीधा कनेक्शन भी मिलेगा

    इस परियोजना की एक खास बात यह है कि—

    • फ्लाईओवर से विद्याविहार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक पैदल पहुंच
    • दोनों ओर नए टिकट काउंटर,
    • स्टेशन मास्टर ऑफिस
    • और नई सीढ़ियों (सीढ़ी मार्ग) का निर्माण

    भी किया गया है। इससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी।

    पश्चिमी हिस्से में काम बना चुनौती

    BMC अधिकारियों के मुताबिक, फ्लाईओवर के पश्चिमी हिस्से में—

    • अब तक 6 पिलर तैयार हो चुके हैं
    • अभी 4 पिलर, स्पैन और अप्रोच रोड का काम बाकी है

    यहां सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक डाइवर्जन और
    प्रभावित रिहायशी व व्यावसायिक निर्माणों को हटाना है।

    अभिजीत बांगर ने निर्देश दिए कि पहले सड़क चौड़ीकरण और रियलाइन्मेंट पूरा किया जाए, ताकि काम में तेजी लाई जा सके।

    मानसून से पहले क्यों है इतनी जल्दी?

    मुंबई में बारिश के दौरान—

    • कंस्ट्रक्शन स्लो हो जाता है
    • सेफ्टी रिस्क बढ़ जाता है
    • ट्रैफिक और ज्यादा बिगड़ता है

    इसी वजह से BMC चाहती है कि 31 मई 2026 तक सभी प्रमुख काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि मानसून में परेशानी न हो।

    अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

    निरीक्षण के दौरान अभिजीत बांगर ने साफ कहा—

    “किसी भी हालत में 25 जून 2026 तक फ्लाईओवर पूरा कर ट्रैफिक के लिए खोला जाए।”

    इस मौके पर मुख्य अभियंता (पुल) उत्तम श्रोते सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    विद्याविहार फ्लाईओवर मुंबई के पूर्व-पश्चिम ट्रैफिक के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अगर तय समयसीमा में काम पूरा होता है, तो घाटकोपर-विद्याविहार इलाके में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।


    FAQ – Vidyavihar Flyover

    Q1. विद्याविहार फ्लाईओवर कब तक पूरा होगा?
    ➡️ BMC के अनुसार 25 जून 2026 तक।

    Q2. फ्लाईओवर की कुल लंबाई कितनी है?
    ➡️ लगभग 650 मीटर।

    Q3. यह फ्लाईओवर किन सड़कों को जोड़ता है?
    ➡️ रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग और LBS रोड।

    Q4. मानसून से पहले क्या काम पूरे होंगे?
    ➡️ सभी जरूरी स्ट्रक्चरल काम 31 मई 2026 तक।

  • मालवनी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, 7 घायल—आधार और केयर अस्पताल में भर्ती

    मालवनी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट, 7 घायल—आधार और केयर अस्पताल में भर्ती

    मालाड (पश्चिम) के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित चॉल में गैस लीकेज से सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। हादसे में 7 लोग घायल हुए, जिन्हें आधार और केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। दमकल ने 17 मिनट में आग बुझाई।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) इलाके के मालवनी में मंगलवार सुबह गैस लीकेज के चलते सिलेंडर ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया। इस हादसे में कुल 7 लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए आधार अस्पताल और केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही बीएमसी की फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और महज 17 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया।

    कब और कहां हुआ हादसा?

    यह हादसा 27 जनवरी 2026 को सुबह 9:25 बजे के आसपास हुआ।
    घटना स्थल है—

    • मालवनी गेट नंबर 8
    • ए.सी. मस्जिद के पास
    • भारत माता स्कूल के बगल में
    • मालाड (पश्चिम), मुंबई

    इलाका घनी आबादी वाला होने के कारण आग लगते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    गैस लीकेज से हुआ सिलेंडर ब्लास्ट

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार, चॉल में स्थित ग्राउंड प्लस दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर एक कमरे में गैस लीकेज हुआ।
    लीकेज के कारण एलपीजी सिलेंडर के मेन वाल्व में आग लग गई, जिससे ब्लास्ट हो गया और कमरे में आग फैल गई।

    किन-किन चीज़ों को हुआ नुकसान?

    दमकल विभाग के मुताबिक, आग सीमित दायरे में ही रही, लेकिन कमरे में मौजूद कई घरेलू सामान जलकर खाक हो गए—

    • एलपीजी सिलेंडर और गैस स्टोव
    • सिलेंडर का मेन वाल्व
    • एसी शीट्स
    • घरेलू उपयोग का सामान
    • खाने-पीने की वस्तुएं
    • गद्दे और अन्य सामान

    समय पर आग बुझने से बड़ा हादसा टल गया।

    17 मिनट में आग पर पाया गया काबू

    बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने तेजी से कार्रवाई करते हुए
    सुबह 9:42 बजे आग को पूरी तरह बुझा दिया।

    दमकल कर्मियों की तत्परता से आग आसपास के अन्य कमरों और झोपड़ियों तक नहीं फैल पाई।

    7 घायल, इन अस्पतालों में कराया गया भर्ती

    इस हादसे में कुल 7 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

    • 4 घायलों को आधार अस्पताल भेजा गया
    • 3 घायलों को केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया

    शुरुआत में 6 घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया था, बाद में एक और घायल की जानकारी सामने आई।
    सभी घायलों का इलाज जारी है, उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

    मौके पर पहुंची एजेंसियां

    घटना की सूचना मिलते ही कई विभागों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य संभाला—

    • बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB)
    • स्थानीय पुलिस
    • बिजली वितरण कंपनी का स्टाफ
    • 108 एंबुलेंस सेवा
    • बीएमसी का वार्ड स्टाफ

    प्रशासन की नागरिकों से अपील

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—

    • गैस सिलेंडर और पाइप की नियमित जांच करें
    • गैस की गंध आने पर तुरंत मेन वाल्व बंद करें
    • माचिस, लाइटर या बिजली के स्विच का इस्तेमाल न करें
    • तुरंत दमकल और गैस एजेंसी को सूचना दें

    थोड़ी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. गैस सिलेंडर ब्लास्ट कहां हुआ?
    👉 मालवनी गेट नंबर 8, मालाड (पश्चिम) में।

    Q2. हादसे में कितने लोग घायल हुए?
    👉 कुल 7 लोग घायल हुए हैं।

    Q3. घायल लोगों को कहां भर्ती कराया गया है?
    👉 4 को आधार अस्पताल और 3 को केयर अस्पताल में।

    Q4. आग कितनी देर में बुझाई गई?
    👉 लगभग 17 मिनट में।

    Q5. हादसे की वजह क्या थी?
    👉 गैस लीकेज के कारण सिलेंडर के मेन वाल्व में आग लगना।

  • कांदीवली के वडार पाड़ा में भव्य आरोग्य शिविर, सैकड़ों लोगों को मिली मुफ्त स्वास्थ्य जांच

    कांदीवली के वडार पाड़ा में भव्य आरोग्य शिविर, सैकड़ों लोगों को मिली मुफ्त स्वास्थ्य जांच

    कांदिवली (पूर्व) के वडार पाड़ा में 26 जनवरी को सागर सेवा फाउंडेशन की ओर से भव्य आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया, जहां रक्तदान, आंखों की जांच, डायबिटीज, ईसीजी सहित कई मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं।

    मुंबई: कांदिवली (पूर्व) स्थित वडार पाड़ा में 26 जनवरी, स्थापना दिवस और गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर एक भव्य आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जय बजरंगबली गोविंदा पथक (रजि.) सागर सेवा फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों मरीजों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। शिविर का आयोजन गणेश कृपा को.ऑप.हौ.सो. लि., हनुमान नगर, वडार पाड़ा रोड नंबर-2 के परिसर में किया गया।

    स्थापना दिवस पर समाजसेवा की मिसाल

    26 जनवरी को सागर सेवा फाउंडेशन के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस आरोग्य शिविर का मुख्य उद्देश्य कांदिवली (पूर्व) और आसपास के इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों तक जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग शिविर स्थल पर पहुंचे और मुफ्त जांच एवं इलाज का लाभ लिया।

    इन स्वास्थ्य सुविधाओं का मिला मुफ्त लाभ

    इस भव्य आरोग्य शिविर में मरीजों को कई तरह की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिनमें प्रमुख रूप से:

    • रक्तदान शिविर
    • आंखों की मुफ्त जांच
    • जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मा वितरण
    • सीवीसी खून की जांच (सफेद और लाल रक्त कणिकाएं)
    • डायबिटीज जांच
    • ब्लड प्रेशर (BP) चेकअप
    • ईसीजी टेस्ट
    • फ्री जनरल हेल्थ चेकअप

    एक ही जगह पर इतनी सारी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से स्थानीय नागरिकों में काफी उत्साह देखा गया।

    आयोजन में आयोजक और डॉक्टर्स की अहम भूमिका

    इस शिविर का सफल आयोजन श्री समीर शंकर उत्तेकर के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम को जीवन ज्योति होम हेल्थ केयर सर्विसेस एंड डायग्नोस्टिक तथा डॉ. राहुल एस. विश्वकर्मा के सौजन्य से सफल बनाया गया। मेडिकल टीम ने पूरे दिन मरीजों की जांच कर उन्हें जरूरी सलाह और मार्गदर्शन दिया।

    कांदीवली के स्थानीय नागरिकों की जबरदस्त भागीदारी

    आरोग्य शिविर में वडार पाड़ा, हनुमान नगर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई लोगों ने कहा कि इस तरह के शिविर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, क्योंकि निजी अस्पतालों में जांच कराना हर किसी के बस की बात नहीं होती।

    आगे भी ऐसे आयोजनों की उम्मीद

    सागर सेवा फाउंडेशन और जय बजरंगबली गोविंदा पथक द्वारा किए गए इस आयोजन की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में भी इसी तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कांदिवली और अन्य इलाकों में किया जाएगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोग्य शिविर कहां आयोजित किया गया था?
    👉 गणेश कृपा को.ऑप.हौ.सो. लि., हनुमान नगर, वडार पाड़ा रोड नंबर-2, कांदिवली (पूर्व)।

    Q2. शिविर का आयोजन किस संस्था ने किया?
    👉 जय बजरंगबली गोविंदा पथक (रजि.) सागर सेवा फाउंडेशन।

    Q3. कौन-कौन सी जांच मुफ्त की गई?
    👉 आंखों की जांच, खून की जांच, डायबिटीज, बीपी, ईसीजी और जनरल हेल्थ चेकअप।

    Q4. शिविर कब आयोजित हुआ?
    👉 26 जनवरी, स्थापना दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर।

    Q5. क्या भविष्य में ऐसे शिविर फिर लगेंगे?
    👉 आयोजकों के अनुसार आगे भी समाजहित में ऐसे कार्यक्रम किए जाएंगे।

  • मुंबई की शान लौटी: 1937 की ऐतिहासिक फायर ब्रिगेड ‘टर्न टेबल शिडी’ को नई ज़िंदगी

    मुंबई की शान लौटी: 1937 की ऐतिहासिक फायर ब्रिगेड ‘टर्न टेबल शिडी’ को नई ज़िंदगी

    मुंबई फायर ब्रिगेड की 1937 में बनी ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल शिडी’ वाहन का पुनर्जतन पूरा। गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे अनावरण, BMC और उद्योग जगत की अनूठी पहल।

    मुंबई के इतिहास की एक गौरवशाली धरोहर एक बार फिर जीवंत हो उठी है। 1937 में इंग्लैंड में निर्मित और 1944 के मुंबई डॉक अग्निकांड में अहम भूमिका निभाने वाली ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल शिडी’ फायर ब्रिगेड गाड़ी का बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई अग्निशमन दल ने सफलतापूर्वक पुनर्जतन किया है। इस ऐतिहासिक वाहन का गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों BMC मुख्यालय में भव्य अनावरण किया जाएगा।

    1937 में बनी, 1944 में इतिहास रचने वाली गाड़ी

    यह ऐतिहासिक अग्निशमन वाहन 1937 में इंग्लैंड की लेलैंड (Leyland) कंपनी द्वारा तैयार किया गया था और 24 सितंबर 1941 को मुंबई फायर ब्रिगेड के बेड़े में शामिल हुआ। उस दौर में ऊंची इमारतों, गोदामों और बंदरगाह क्षेत्र तक पहुंचने के लिए यह ‘टर्न टेबल शिडी’ तकनीक बेहद आधुनिक मानी जाती थी।
    पूरी तरह लोहे से बनी यह शिडी हाथ से चलने वाली यांत्रिक प्रणाली पर आधारित थी।

    1944 का मुंबई डॉक अग्निकांड और वीरता की मिसाल

    14 अप्रैल 1944 को मुंबई डॉक में खड़े एस.एस. फोर्ट स्टिकिन जहाज में भीषण आग लगी थी। जहाज में विस्फोटक, गोला-बारूद और ईंधन भरा होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था।
    इसी दौरान इस ‘टर्न टेबल शिडी’ वाहन की मदद से फायर ब्रिगेड के जवानों ने ऊंचे गोदामों तक पहुंचकर आग बुझाई, फंसे लोगों को बचाया और घायलों को सुरक्षित नीचे उतारा।
    हालांकि इस हादसे में कई लोगों की जान गई, लेकिन मुंबई फायर ब्रिगेड की तत्परता से सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकीं।

    स्मृति से सड़क तक: पुनर्जतन की कहानी

    समय के साथ यह ऐतिहासिक वाहन खराब हो गया और इसे भायखला फायर ब्रिगेड मुख्यालय में स्मृति स्वरूप सुरक्षित रखा गया था।
    इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने इसे दोबारा सड़क पर उतारने की संकल्पना पेश की।
    इस मिशन में प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम सिंघानिया ने सहयोग किया और जे.के. इन्वेस्टर्स बॉम्बे लिमिटेड के माध्यम से सुपर कार क्लब गैरेज में इसका पुनर्जतन कार्य शुरू हुआ।

    दशकों पुरानी मशीन, आधुनिक तकनीक से नई जान

    इस वाहन का पुनर्जतन आसान नहीं था।

    • दशकों से बंद इंजन
    • घिस चुकी यांत्रिक प्रणाली
    • ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स का पूरी तरह अनुपलब्ध होना

    इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुराने तकनीकी दस्तावेज, नक्शे और रिकॉर्ड खोजे गए। फिर आधुनिक तकनीक की मदद से मूल डिजाइन के अनुसार नए पार्ट्स तैयार किए गए
    आज यह वाहन फिर से पूरी तरह चालू हालत में है और सड़कों पर शान से दौड़ने को तैयार है।

    गणतंत्र दिवस पर भव्य अनावरण

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि का अनावरण 26 जनवरी 2026, सुबह 10:30 बजे, BMC मुख्यालय में किया जाएगा।
    इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ

    • BMC आयुक्त भूषण गगराणी
    • अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी
    • मुंबई फायर ब्रिगेड प्रमुख रविंद्र आंबुलगेकर
    • उद्योगपति गौतम सिंघानिया
      सहित कई गणमान्य मौजूद रहेंगे।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ‘टर्न टेबल शिडी’ क्या है?
    ➡️ यह एक विशेष प्रकार की फायर ब्रिगेड सीढ़ी है, जिससे ऊंची इमारतों तक पहुंच बनाई जाती है।

    Q2. यह गाड़ी कब बनाई गई थी?
    ➡️ वर्ष 1937 में इंग्लैंड में।

    Q3. इसका पुनर्जतन किसने कराया?
    ➡️ BMC आयुक्त भूषण गगराणी की संकल्पना और गौतम सिंघानिया के सहयोग से।

    Q4. अनावरण कब और कहां होगा?
    ➡️ 26 जनवरी 2026 को BMC मुख्यालय, मुंबई में।