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मराठा आरक्षण आंदोलन में मनोज जारंगे पाटिल को विधायकों और सांसदों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। मुंबई की ओर रैली से सरकार पर दबाव बढ़ा।
महाराष्ट्र: मराठा आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे मनोज जारंगे पाटिल का आंदोलन अब और तेज़ हो गया है। “चलो मुंबई” के नारे के बाद पूरे महाराष्ट्र में मराठा समाज बड़ी संख्या में उनके साथ खड़ा हो रहा है। खास बात यह है कि पहले चुप रहने वाले विधायक और सांसद अब समर्थन जताने के लिए आगे आने लगे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
जारंगे की यह स्पष्ट चेतावनी कि “जो विधायक और सांसद मराठा समाज के साथ नहीं होंगे, उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी”, नेताओं पर दबाव डालने लगी है। नतीजा यह हुआ कि अब विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि खुले तौर पर जारंगे के आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
बीड जिले से बढ़ा समर्थन
बीड के विधायक संदीप क्षीरसागर ने अंतरवली सराटी जाकर मनोज जारंगे से मुलाकात की और आंदोलन का समर्थन किया। इतना ही नहीं, वे मराठा युवकों के साथ रैली में भी शामिल हुए। बीड से ही सांसद बजरंग सोनवणे और माजलगांव के विधायक प्रकाश सोलंके ने भी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
धाराशिव के विधायक कैलास पाटिल ने फेसबुक पोस्ट कर जारंगे के आंदोलन को जॉइन करने की अपील की है। ओमराजे निंबालकर ने भी सरकार से अपील की है कि मराठा समाज की मांगों को तुरंत सुलझाया जाए। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
राज्य के अन्य हिस्सों में भी नेताओं की ओर से समर्थन मिलने लगा है। एनसीपी (शरद पवार गुट), एनसीपी (अजित पवार गुट), शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और कांग्रेस—all पार्टियों ने आंदोलन को समर्थन दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने भी मराठा समाज की मांगों को जायज़ बताते हुए आंदोलन के पक्ष में आवाज़ उठाई। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
गाँवों से उमड़ा जनसैलाब
सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, सामाजिक स्तर पर भी आंदोलन को भारी समर्थन मिल रहा है। महाराष्ट्र के अलग-अलग ज़िलों से मराठा समाज के लोग ट्रैक्टर, बस और गाड़ियों में भरकर मुंबई की ओर रवाना हो गए हैं। कई गांवों के युवा अपने गाँव के बैनर और झंडे लेकर जारंगे की रैली में शामिल हो रहे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
सरकार पर बढ़ता दबाव
जारंगे के आंदोलन को मिल रहा राजनीतिक और सामाजिक समर्थन सरकार के लिए चुनौती बन गया है। नेताओं का झुकाव और जनता का बढ़ता दबाव यह साफ दिखा रहा है कि अगर सरकार ने जल्द ही ठोस समाधान नहीं निकाला, तो मुंबई में बड़ा जनसैलाब खड़ा हो सकता है। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
यह स्पष्ट नहीं है कि घटना कब घटी, लेकिन 26 अगस्त 2025 को वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर यूज़र Treeni द्वारा साझा किया गया था। हालांकि Indian Fasttrack News ने भी स्पष्ट किया कि वह इस वीडियो की प्रामाणिकता की गारंटी नहीं देता।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेशोत्सव को देखते हुए मनोज जरांगे को बिना अनुमति प्रदर्शन से रोका। अब सिर्फ तय जगह पर ही हो सकेगा आंदोलन।
मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। अदालत ने साफ कहा कि अब जरांगे बिना परमिशन के मुंबई में आंदोलन या प्रदर्शन नहीं कर सकते। कोर्ट ने ये आदेश इसलिए दिया क्योंकि गणेशोत्सव के दौरान पुलिस पहले से ही शहर की सुरक्षा और भीड़ कंट्रोल में व्यस्त रहेगी।
हाईकोर्ट की बेंच ने ये भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सबका हक है, लेकिन ये सिर्फ निर्धारित जगहों पर और सरकार की इजाजत लेकर ही किया जा सकता है। जरांगे और उनके समर्थकों को सरकार चाहे तो नवी मुंबई के खारघर में वैकल्पिक जगह भी दे सकती है, ताकि मुंबई की लाइफ और ट्रैफिक पर असर न पड़े।
जरांगे ने हाल ही में सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि अगर मराठा समाज को OBC कोटे में 10% आरक्षण नहीं मिला, तो वह 29 अगस्त से मुंबई में अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। इसी को लेकर अदालत में एमी फाउंडेशन ने जनहित याचिका दायर की थी।
राज्य सरकार ने भी कोर्ट में कहा कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन का विरोध नहीं करते, लेकिन गणेशोत्सव जैसे बड़े त्योहार में भीड़ और ट्रैफिक की वजह से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसी कारण कोर्ट ने परमिशन की शर्त रखी।
अब अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी और जरांगे को इस मामले में जवाब दाखिल करना होगा।
महेंद्र मुंगेकर का कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। वे लंबे समय से वर्षा गायकवाड़ के बेहद करीबी और संगठनात्मक फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेता रहे हैं।
मुंबई कांग्रेस की राजनीति में उनका नाम बड़े चेहरे के रूप में लिया जाता था। स्थानीय स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत रही है और वे पार्टी की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहे हैं।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मुंगेकर के जाने से पार्टी न केवल संगठनात्मक रूप से कमजोर होगी बल्कि आगामी बीएमसी चुनावों में भी इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
🔹 शिवसेना (शिंदे गुट) की चुनावी रणनीति को मिला बल
एकनाथ शिंदे की शिवसेना फिलहाल मुंबई में अपनी पकड़ और मजबूत करने के मूड में है। बीएमसी चुनाव 2025 को लेकर पार्टी लगातार नए-नए नेताओं और कार्यकर्ताओं को जोड़ रही है।
1. कांग्रेस की कमजोरी: मुंगेकर के कांग्रेस छोड़ने से यह संदेश गया है कि पार्टी अपने ही बड़े नेताओं को संभाल नहीं पा रही है।
2. शिंदे गुट का आत्मविश्वास: बीएमसी चुनाव से पहले लगातार नेताओं का पार्टी में आना यह दर्शाता है कि शिंदे गुट खुद को आक्रामक मोड में लेकर चल रहा है।
3. गठबंधन की राजनीति: बीजेपी-शिंदे गुट की जोड़ी बनाम कांग्रेस-उद्धव ठाकरे गुट की लड़ाई और ज्यादा दिलचस्प होती जा रही है।
🔹 आगे की राह
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में और भी कांग्रेस नेता शिंदे गुट या बीजेपी का रुख कर सकते हैं। बीएमसी चुनाव में अब मुकाबला सीधा और कड़ा होने की संभावना है।
मुंबई की राजनीति में यह साफ हो गया है कि सत्ता पक्ष (शिंदे-बीजेपी गठबंधन) कोई भी मौका गंवाना नहीं चाहता और विपक्ष की कमजोरी का भरपूर फायदा उठा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के कुर्ला इलाके की जमीन पर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि स्लम रीडेवलपमेंट में जमीन मालिक का पहला अधिकार है। कोर्ट ने 2018 के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और महाराष्ट्र सरकार का भूमि अधिग्रहण रद्द कर दिया।
डिजिटल डेस्क मुंबई:सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के कुर्ला इलाके में स्लम रीडेवलपमेंट से जुड़ा अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में जमीन मालिक का पहला अधिकार होता है, न कि सिर्फ झोपड़पट्टीवासियों या स्लम अथॉरिटी (SRA) का। 22 अगस्त को दिए गए इस फैसले में कोर्ट ने 2018 में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस निर्णय को बरकरार रखा, जिसमें महाराष्ट्र सरकार के अधिग्रहण आदेश को रद्द किया गया था। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice
पृष्ठभूमि – 1979 से शुरू हुआ विवाद
विवादित जमीन पर साल 1979 में झोपड़पट्टीवासियों ने कब्जा कर लिया था। इसके बाद लगभग 3,045 वर्ग मीटर जमीन को स्लम एरिया घोषित किया गया। समय के साथ बस्ती बढ़ती गई और 2002 में वहां के निवासियों ने तराबाई नगर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी (Tarabai Society) का गठन किया। 2006 से 2008 के बीच सोसाइटी ने बार-बार स्लम सर्वे और अधिग्रहण की मांग की। अंततः 2011 में पूरी जमीन को SRA एरिया घोषित कर दिया गया। Mumbai slum redevelopment: Supreme Court upholds land owner’s rights, quashes government acquisition notice
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमीन मालिक को महाराष्ट्र स्लम एरिया (इम्प्रूवमेंट, क्लियरेंस और रीडेवलपमेंट) एक्ट, 1971 के तहत अधिकार तो हैं ही, लेकिन उससे भी बढ़कर संवैधानिक और संपत्ति से जुड़े मौलिक अधिकार हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन के सिंह की बेंच ने कहा – “Ordinarily, a landowner is entitled to all the incidental benefits derived from the ownership of such immovable property. Ownership rights are also constitutionally protected and can only be interfered with as a result of the operation of law.”
“Unholy Nexus” की चेतावनी
कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर SRA और प्राइवेट डेवलपर्स को मनमानी छूट मिल गई तो यह “Unholy Nexus” (गठजोड़) को जन्म देगा, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान स्लमवासियों को होगा। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि –
जमीन मालिक को पहले मौका देना जरूरी है।
अगर जमीन मालिक रीडेवलपमेंट का प्रस्ताव समय पर नहीं लाता, तो स्लमवासी डेवलपर के साथ खुद प्रस्ताव ला सकते हैं।
बिना जमीन मालिक को सूचना दिए उसे अधिग्रहण का जिम्मेदार ठहराना अनुचित है।
2016 में महाराष्ट्र सरकार ने जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से गलत थी। कोर्ट ने दो टूक कहा कि – “सिर्फ एरिया को SR एरिया घोषित करने से यह नहीं माना जा सकता कि मालिक को स्वचालित रूप से रीडेवलपमेंट स्कीम लाना ही होगा।”
मराठा आरक्षण के लिए मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई कूच का ऐलान किया है। 27 अगस्त से जालना से यात्रा शुरू होगी और 29 अगस्त से मुंबई के आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण आंदोलन होगा। जानिए पूरी खबर।
डिजिटल डेस्क मुंबई: महाराष्ट्र में एक बार फिर से मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। मराठा समाज के प्रमुख कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने साफ कर दिया है कि अब आरक्षण की लड़ाई सीधी मुंबई की सड़कों पर लड़ी जाएगी। उन्होंने रविवार 24 अगस्त को मराठा समाज से अपील करते हुए कहा कि 27 अगस्त को ‘चलो मुंबई’ मार्च में शामिल हों और 29 अगस्त से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29
यह योजना फिलहाल पांचवीं से आठवीं तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कई गांवों में साइकिलें बच्चियों को दी गईं। नियम यह है कि आठवीं तक पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्राओं को साइकिल वापस ‘साइकिल बैंक’ में जमा करनी होगी, ताकि वही साइकिल दूसरी ज़रूरतमंद बच्ची को मिल सके। इस तरह एक साइकिल से कई छात्राओं को फायदा मिलेगा। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad
उद्देश्य क्या है?
ग्रामीण छात्राओं को अक्सर स्कूल जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। कई बार पैदल दूरी ज्यादा होने की वजह से लड़कियां स्कूल छोड़ भी देती हैं। इस समस्या को हल करने और नियमित हाज़िरी बढ़ाने के मकसद से जिला परिषद ने यह पहल शुरू की है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने बताया – “इस उपक्रम से ग्रामीण भाग की लड़कियों की शिक्षा को नई गती मिलेगी और उनकी मुश्किलें कम होंगी।” Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad
अब तक पुणे जिले के अलग-अलग तालुकों से 1,430 साइकिलें जमा हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा साइकिलें शिरूर (331) और खेड (250) से आई हैं। इसके अलावा मुळशी (125), जुन्नर (112), मावळ (112), बारामती (110), पुरंदर (108), इंदापूर (101), आंबेगाव (60), दौंड (51), हवेली (30), भोर (15) और राजगड/वेल्हे (25) तालुकों से भी योगदान मिला है। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad
खास बातें
यह योजना इसी शैक्षणिक वर्ष से शुरू हुई है।
जिले में पांचवीं से आठवीं तक करीब 32 से 35 हजार छात्राएं हैं।
साइकिलें ज्यादातर CSR फंड से खरीदी जाएंगी, जरूरत पड़ने पर जिला निधि से भी खरीदी होगी।
इन साइकिलों का लाभ सिर्फ जरूरतमंद और ग़रीब परिवार की बच्चियों को मिलेगा।
“केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025 को मंजूरी दी। जानिए उद्योग, खिलाड़ियों और निवेश पर असर।”
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (RMG) को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दे दी। इस बिल का मक़सद असली पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स को प्रभावी तरीके से रोकना है। इसका सीधा असर ड्रीम11 जैसे फ़ैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप और पोकरबाज़ी जैसे कार्ड गेम प्लेटफ़ॉर्म्स पर पड़ेगा। अगर यह बिल संसद में पास हो गया तो भारत का अरबों डॉलर का यह उद्योग बड़ी मुश्किल में फँस सकता है।
उद्योग की चुप्पी और पुराने विवाद
फिलहाल RMG कंपनियों और उनके संगठन ने इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने साफ कहा है कि वे संसद में बिल पेश होने के बाद ही आधिकारिक बयान देंगे। पहले भी इन कंपनियों ने सरकार के टैक्स और रेगुलेशन से जुड़े फैसलों का विरोध किया था। जीएसटी बढ़ने पर भी इन फर्मों ने कई मंचों पर अपना विरोध दर्ज कराया था।
अदालतों में कानूनी लड़ाई
कई राज्यों में जब सरकारों ने इन गेमिंग ऐप्स पर रोक लगाई, तब कंपनियों ने अदालत का रुख किया और उन्हें राहत भी मिली। अदालतों ने साफ कहा कि “कौशल के खेल” और “भाग्य के खेल” में फर्क है। केवल किस्मत पर आधारित खेल को ही जुआ माना जाएगा। इसी तर्क के दम पर कंपनियाँ अब तक अपना बिज़नेस चला रही थीं।
इस बार हालात अलग हैं। ऑनलाइन गेमिंग अब सीधे आईटी मंत्रालय के तहत आ चुका है और वही प्रतिबंध लागू करेगा। पहले सरकार ने 2023 में IT नियमों के तहत इन कंपनियों के लिए स्व-नियमन (Self Regulation) का ढांचा बनाने की कोशिश की थी। लेकिन किसी भी स्व-नियामक निकाय को मंज़ूरी नहीं दी गई क्योंकि सवाल उठा कि ये निकाय कंपनियों से स्वतंत्र कैसे रहेंगे।
ई-स्पोर्ट्स को राहत
बिल में ई-स्पोर्ट्स को छूट दी गई है। यानी वीडियो गेम टूर्नामेंट और ई-स्पोर्ट्स इवेंट में एंट्री फ़ीस ली जा सकेगी, बशर्ते उसमें असली पैसों वाले गेम शामिल न हों। इसका सीधा फायदा ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ियों और आयोजकों को मिलेगा।
बड़ा नीति बदलाव
सरकार का कहना है कि यह बिल एक बड़ा नीति परिवर्तन है। अब तक कंपनियाँ “कौशल बनाम भाग्य” की दलील देकर अपने गेम को वैध ठहराती रही हैं। मगर इस बिल के आने के बाद उनके बिज़नेस मॉडल पर ही सवाल खड़े हो जाएंगे।
संभावित असर
अगर यह बिल कानून बन गया तो लाखों यूज़र्स जो फैंटेसी स्पोर्ट्स या कार्ड गेम्स खेलते हैं, उनके पास सीमित विकल्प बचेंगे। विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा भी हिल सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे ई-स्पोर्ट्स और मनोरंजन आधारित गेम्स को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन रियल मनी गेमिंग सेक्टर में रोज़गार और निवेश पर बड़ा नकारात्मक असर पड़ेगा।
मुंबई – 19 अगस्त 2025 को हुई तेज़ बरसात ने कांदिवली इलाके के कई घरों में पानी भर दिया। नालों के आसपास रहने वाले ग़रीब परिवारों की रसोई ठप हो गई, खाने–पीने की भारी दिक्कत खड़ी हो गई। ऐसे मुश्किल वक्त में साईंराम सेवा संस्था लोगों के लिए राहत लेकर पहुँची।
संस्था के कार्यकर्ताओं ने प्रभावित मोहल्लों में जाकर गरमागरम चाय, नाश्ता और वडापाव बाँटे। बरसात से भीगे और भूखे–प्यासे लोगों के चेहरे पर उस वक्त राहत की मुस्कान आ गई।
सेवा का असली रूप
संस्था के अध्यक्ष राजेश किसन मंजाळ ने साफ कहा कि, “हम सेवा करते समय किसी भी गरीब का फोटो नहीं खींचते। यह मदद उनका सम्मान बनाए रखने के लिए है, दिखावा करने के लिए नहीं।”
साथ देने वाले कार्यकर्ता
इस नेक काम में संस्था के अध्यक्ष राजेश किसन मंजाळ के साथ नरेंद्र जयवंत काळे, सुधीर खंडू कराळे और अन्य कार्यकर्ता भी दिनभर जुटे रहे।
साईंराम सेवा संस्था ने सभी नागरिकों से अपील की है कि जो लोग ग़रीब और ज़रूरतमंदों की मदद करना चाहते हैं, वे संस्था से सीधे जुड़ सकते हैं। इसमें संपर्क क्रमांक: 7039816812 दिया गया है। “मुसीबत के समय हाथ बढ़ाना ही सबसे बड़ी इंसानियत है।”
रविवार रात से ही मुंबई में लगातार बारिश हो रही है। सोमवार सुबह से बारिश और भी तेज हो गई है। जिसकी वजह से मंगलवार को मुंबई के कई इलाकों में पानी भर गया। मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्से इस वक्त भारी बारिश के कहर से जूझ रहे हैं। पिछले कई दिनों से मुंबईकरों का बारिश से बुरा हाल है। शनिवार से ही लगातार तेज बारिश जारी है। सोमवार सुबह से बारिश और भी तेज हो गई है। इस वजह से मुंबई के कई इलाकों में पानी भर गया है। मुंबई और आसपास के इलाकों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया हुआ है और प्रशासन ने सोमवार से ही स्कूल कॉलेज बंद कर दिया है। Mumbai Rain Update: Roads are in bad condition due to floods, Mumbai local trains are also stalled
राज्य में 7 लोगों की मौत
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को बताया कि राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश की वजह से सात लोगों की मौत हो गई है। वहीं नांदेड़ जिले में 200 से अधिक ग्रामीण फंस गए, जिसकी वजह से बचाव और राहत कार्यों के लिए सेना को तैनात किया गया है। कोंकण में कुछ नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है और जलगांव में भारी नुकसान हुआ है। बारिश को लेकर लाइव अपडेट आप यहां देख सकते हैं। Mumbai Rain Update: Roads are in bad condition due to floods, Mumbai local trains are also stalled
MUMBAI RAIN LIVE UPDATES…
वसई विरार महानगरपालिका मुख्यालय परिसर हुआ जलमग्न नालासोपारा और वसई रोड स्टेशन के बीच भारी बारिश और जलभराव के कारण, कई ट्रेनें प्रभावित हो गई है। पश्चिम रेलवे ने दी जानकारी
नवी मुंबई सब-वे बंद, 4 से 5 फीट तक पानी जमा
ठाणे-बेलापुर राजमार्ग पर महापे सर्कल स्थित सब-वे में पानी जमा होने के कारण बंद
4 से 5 फीट तक पानी जमा हो गया
सब-वे बंद होने के कारण यातायात प्रभावित
ठाणे से बेलापुर जाने वाली सड़क पर ट्रैफिक जाम
अंधेरी सब-वे से पानी निकल गया बारिश को लेकर मौसम विभाग की जानकारी दक्षिणी आंतरिक ओडिशा पर अवदाब के प्रभाव के कारण, उत्तरी कोंकण (मुंबई सहित), दक्षिणी गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में 19 और 20, सौराष्ट्र और कच्छ में 19-21 के दौरान और विदर्भ और उत्तरी तेलंगाना में 19 अगस्त को अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है।
22 से और बढ़ेगा बारिश का प्रभाव प्रायद्वीपीय और आसपास के मध्य भारत में अगले 2-3 दिनों के दौरान मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम और आसपास के पूर्वी भारत में 22 अगस्त से वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि की संभावना है।
300 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश मुंबई में भारी बारिश से भी ज्यादा बारिश हुई है। यहां कुछ इलाकों में 300 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश हुई है। यह रिकॉर्ड बारिश बताया जा रहा है। इसके चलते मुंबई के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया है। हालांकि कुछ जगहों पर से पानी निकल गया और यातायात शुरू हो गई है। मुंबई की जीवन रेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन भी धीमी गति से चल रही है। अब जब पानी कम हो रहा है, तो लोकल ट्रेन यातायात बहाल कर दिया जाएगा। इसकी सूचना पश्चिम रेलवे ने जारी की है।
मुंबई – घाटकोपर अंधेरी लिंक रोड पर भारी जलभराव सड़कें तालाब बनीं, बड़ी संख्या में गाड़ियां पानी में डूबी हुईं दिखीं।
वसई पूर्व के सरजा मोरी में बाढ़ के पानी में 5 लोग फंसे, 497 निकाले गए वसई पूर्व के सरजा मोरी में बाढ़ के पानी में 5 लोग फंस गए। उनको बचाने का प्रयास जारी है। अब तक 497 लोगों को दमकल कर्मियों ने सुरक्षित निकाल लिया है। ये सभी लोग लगभग छाती तक गहरे पानी में फंसे हुए थे। रस्सियों की मदद से लोगों को बाहर निकालने का काम जारी है।
मुंबई के भांडुप में गिरा पेड़, 10-12 रिक्शे दबे सुबह से हो रही बारिश की वजह से भांडुप लेख रोड इलाके में एक पेड़ गिर गया, दस-बारह रिक्शे उसके नीचे दब गए। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
कल्याण के थानकर पाड़ा इलाके में बारिश से ढही दीवार मुंबई के कल्याण के थानकर पाड़ा इलाके में लगातार हो रही बारिश की वजह से एक घर की दीवार ढह गई। कल्याण डोंबिवली नगर निगम के सहायक आयुक्त धनंजय थोरात ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, “यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।”
मीठी नदी का जलस्तर बढ़ा, 350 लोग सुरक्षित जगहों पर भेजे गए बृहन्मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में जारी भारी बारिश की वजह से मीठी नदी का जलस्तर 3.9 मीटर तक बढ़ गया है। इसे देखते हुए, एहतियाती उपाय के तौर पर, क्रांति नगर, कुर्ला के निचले इलाकों से लगभग 350 नागरिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के मगनदास माथुरम बीएमसी स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया है, जो एक अस्थायी आश्रय स्थल है। BMC ने नागरिकों के लिए यहां भोजन की भी व्यवस्था की है।
मुंबई में बारिश से हाहाकार, पानी में डूब गई कार मुंबई का बारिश से कितना बुरा हाल है, इस बात का अंदाजा तस्वीरों और वीडियो से आसानी से लगाया जा सकता है। सड़कों पर कमर तक पानी भरा हुआ है। मुंबई के एक इलाके में सड़क पर इतना पानी भर गया कि कार इसमें लगभग डूब गई।
मुंबई में पिछले 24 घंटों में कहां कितनी बारिश मुंबई में 18 अगस्त को सुबह 8 बजे से 19 अगस्त को सुबह 8 बजे तक कहां हुई कितनी बारिश
पश्चिमी उपनगर:
चिंचोली अग्निशमन केंद्र – 361 मिमी.
कांदिवली अग्निशमन केंद्र – 337 मिमी.
डिंडोशी कॉलोनी नगर निगम स्कूल – 305 मिमी.
मगथाने बस डिपो – 304 मिमी.
वर्सोवा पंपिंग स्टेशन – 240 मिमी.
मुंबई सिटी:
एसडब्ल्यूडी वर्कशॉप, दादर – 300 मिमी..
बी. नाडकर्णी नगर निगम स्कूल, वडाला – 282 मिमी.
फोर्सबेरी रोड जलाशय, एफ/दक्षिण वार्ड – 265 मिमी
प्रतीक्षा नगर नगर निगम स्कूल, सायन – 252 मिमी.
सावित्रीबाई फुले नगर निगम स्कूल, वर्ली – 250 मिमी.
पूर्वी उपनगर:
चेंबूर अग्निशमन केंद्र – 297 मिमी.
भवन प्रस्ताव कार्यालय, विक्रोली – 293 मिमी.
पासपोली नगर निगम स्कूल, पवई – 290 मिमी.
वीणा नगर निगम स्कूल – 288 मिमी.
टैगोर नगर निगम स्कूल – 287 मिमी.
गढ़चिरौली में भारी बारिश से नाले में बहा 19 साल का लड़का महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में भी बारिश से हाल बहुत बुरा है। भामरागढ़ तालुका में बाढ़ में 19 साल का युवक बह गया। उसकी तलाशी अभियान जारी है। पिछले दो दिनों से मौसम विभाग ने गढ़चिरौली जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है। इसका असर दक्षिण गढ़चिरौली क्षेत्र में देखा जा रहा है। कल हुई बारिश के कारण पर्लकोटा नदी पर बने पुल से पानी बह रहा है, इसलिए भामरागढ़ से अलापल्ली मार्ग कल रात से यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। Mumbai Rain Update: Roads are in bad condition due to floods, Mumbai local trains are also stalled
ठाणे में भारी भीड़, रेलवे ट्रैक पर से ट्रेन पकड़ने की कोशिश मुंबई और इसके आसपास हो रही भारी बारिश की वजह से ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जिसकी वजह से ठाणे रेलवे ट्रैक पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मध्य रेलवे यातायात बाधित होने की वजह से लोग ठाणे में रेलवे ट्रैक पर उतर आए। कई यात्री भारी बारिश में अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक से ही ट्रेन पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। Mumbai Rain Update: Roads are in bad condition due to floods, Mumbai local trains are also stalled