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  • Starlink मुंबई में सैटेलाइट इंटरनेट का ट्रायल करने जा रहा है — भारत में लॉन्च की तैयारी शुरू!

    Starlink मुंबई में सैटेलाइट इंटरनेट का ट्रायल करने जा रहा है — भारत में लॉन्च की तैयारी शुरू!

    एलन मस्क की कंपनी Starlink मुंबई में 30-31 अक्टूबर को सैटेलाइट ब्रॉडबैंड का डेमो रन करेगी। यह ट्रायल भारत में सर्विस शुरू करने से पहले की अहम प्रक्रिया है, जिससे सरकार की तकनीकी और सुरक्षा मंज़ूरी हासिल की जा सके।

    मुंबई: एलन मस्क की कंपनी Starlink अब भारत में अपनी एंट्री की पूरी तैयारी में है। कंपनी इस महीने के अंत में यानी 30 और 31 अक्टूबर को मुंबई में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड का डेमो रन करने जा रही है।

    यह डेमो सिर्फ एक टेक शो नहीं बल्कि भारत में Starlink की कमर्शियल सर्विस लॉन्च करने से पहले का बड़ा टेस्ट है। इस ट्रायल के ज़रिए कंपनी यह साबित करेगी कि उसका नेटवर्क भारत की सुरक्षा और तकनीकी मानकों (compliance standards) पर खरा उतरता है या नहीं।

    सरकारी एजेंसियों की मौजूदगी में होगा ट्रायल

    सूत्रों के मुताबिक, यह ट्रायल मुंबई में एक गुप्त स्थान पर किया जाएगा, जहां सरकारी और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
    Starlink को फिलहाल प्रोविजनल स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट (अस्थायी फ्रीक्वेंसी अनुमति) दी गई है, उसी पर यह डेमो रन किया जाएगा।

    यह ट्रायल Starlink के लिए बेहद ज़रूरी है क्योंकि इसी के आधार पर सरकार यह तय करेगी कि कंपनी को भारत में कमर्शियल ऑपरेशन की मंज़ूरी दी जाए या नहीं।

    भारत के सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेक्टर में बड़ा कदम

    Starlink का यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते ब्रॉडबैंड मार्केट में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
    देश के ग्रामीण इलाकों में जहां अब तक तेज़ इंटरनेट की पहुंच मुश्किल है, वहां Starlink का सैटेलाइट नेटवर्क बड़ी भूमिका निभा सकता है।

    कंपनी का लक्ष्य है कि वह ऐसे रिमोट एरियाज़ में भी हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाए जहाँ मोबाइल टावर या फाइबर नेटवर्क मौजूद नहीं हैं।

    Elon Musk की नजर भारत पर — ग्लोबल एक्सपैंशन का अगला पड़ाव

    SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink, दुनिया के कई देशों में पहले से सक्रिय है।
    अब एलन मस्क (Elon Musk) की नज़र भारत जैसे बड़े और डिजिटल रूप से तेजी से बढ़ते देश पर है।

    कंपनी भारत में निवेश बढ़ाने, लोकल पार्टनरशिप करने और हजारों नौकरियाँ पैदा करने की योजना बना रही है।
    अगर मुंबई का यह ट्रायल सफल होता है, तो Starlink जल्द ही देशभर में अपनी सर्विस लॉन्च करने का ऐलान कर सकती है।

    भारत में Starlink की एंट्री को लेकर क्या अड़चनें हैं?

    हालांकि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर नियम काफ़ी सख्त हैं।
    Starlink को अभी भी Department of Telecommunications (DoT) और Ministry of Home Affairs (MHA) से क्लियरेंस की जरूरत है।

    पहले भी 2021 में कंपनी ने बिना लाइसेंस प्री-बुकिंग शुरू कर दी थी, जिसके बाद सरकार ने उन्हें रोक दिया था।
    इस बार कंपनी पूरी प्रक्रिया कानूनी और नियामक मंज़ूरी के साथ पूरी कर रही है।

    टेक्निकल और सिक्योरिटी चेक पर फोकस

    ट्रायल के दौरान यह जांची जाएगी कि Starlink का डेटा ट्रांसमिशन सिस्टम सुरक्षित है या नहीं।
    सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि भारत का डेटा देश के भीतर ही प्रोसेस हो और किसी बाहरी सर्वर पर न जाए।

    इसके अलावा, स्पीड, नेटवर्क स्थिरता, और इंटरफेरेंस (signal disturbance) जैसी चीज़ों की भी जांच की जाएगी।

    Starlink क्यों है खास?

    Starlink, SpaceX का एक प्रोजेक्ट है जो Low Earth Orbit (LEO) सैटेलाइट्स के ज़रिए इंटरनेट प्रदान करता है।
    पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क के मुकाबले इसका कवरेज बहुत ज़्यादा है और यह उन जगहों पर भी नेटवर्क देता है जहाँ फाइबर केबल पहुंचना मुश्किल है।

    फिलहाल Starlink की सर्विस 70 से ज़्यादा देशों में चल रही है, और भारत इसकी अगली बड़ी मंज़िल हो सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Starlink का मुंबई डेमो कब और कहाँ होगा?
    ➡️ 30 और 31 अक्टूबर को मुंबई में, सुरक्षा कारणों से लोकेशन सार्वजनिक नहीं की गई है।

    Q2. यह ट्रायल क्यों ज़रूरी है?
    ➡️ यह ट्रायल भारत में सुरक्षा और तकनीकी मानकों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है, ताकि कंपनी को लाइसेंस मिल सके।

    Q3. Starlink भारत में कब लॉन्च होगी?
    ➡️ अगर डेमो सफल रहा तो कंपनी अगले साल के शुरुआती महीनों में भारत में सर्विस शुरू कर सकती है।

    Q4. Starlink से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
    ➡️ ग्रामीण इलाकों और दूरदराज़ क्षेत्रों में भी तेज़, स्थिर और सस्ती इंटरनेट सुविधा मिलेगी।

    Q5. क्या पहले भी Starlink ने भारत में ट्रायल किया है?
    ➡️ नहीं, यह कंपनी का पहला आधिकारिक ट्रायल है जो सरकारी मंजूरी के साथ हो रहा है।

  • बाइक सवारों के लिए राहत! अब बिना हेलमेट चालान में बड़ा बदलाव

    बाइक सवारों के लिए राहत! अब बिना हेलमेट चालान में बड़ा बदलाव

    बिना हेलमेट बाइक चलाने पर अब चालान की प्रक्रिया बदली जाएगी। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने ई-चालान सिस्टम शुरू किया है, जो AI कैमरों से चालान जनरेट करेगा। जानिए नया नियम क्या कहता है और किन शहरों में लागू हुआ है।

    नई दिल्ली: भारत में बाइक और स्कूटर चलाने वालों के लिए बड़ी खबर आई है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने बिना हेलमेट चालान से जुड़े नियमों में बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। अब से चालान सीधे मौके पर नहीं, बल्कि ई-चालान सिस्टम के जरिए काटा जाएगा।

    इस बदलाव का मकसद ट्रैफिक सिस्टम को ज़्यादा पारदर्शी, स्मार्ट और रिश्वत-मुक्त बनाना है। हालांकि हेलमेट पहनना अब भी अनिवार्य रहेगा।

    ⚙️ नया नियम क्या कहता है?

    अब ट्रैफिक पुलिस मैन्युअल रूप से चालान काटने की बजाय AI-सक्षम कैमरा सिस्टम पर निर्भर होगी। अगर किसी सड़क या चौराहे पर CCTV या ट्रैफिक कैमरा लगा है और किसी बाइक सवार ने बिना हेलमेट वाहन चलाया, तो सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर चालान अपने आप जनरेट कर देगा

    ➡️ यानी कि अगर कैमरा कवरेज है, तो चालान ऑटोमेटिक होगा।
    ➡️ अगर कैमरा नहीं है, तो ट्रैफिक पुलिस मौके पर चालान काट सकती है।

    🪖 हेलमेट की अनिवार्यता अब भी बरकरार

    नए नियम का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि बिना हेलमेट चलाना अब छूट गया है।
    मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के तहत, बाइक चालक और पीछे बैठने वाला दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। अगर आप बिना हेलमेट पकड़े गए, तो चालान तो कटेगा ही — बस तरीका अब डिजिटल होगा।

    🎥 अब चालान तय करेंगे AI कैमरे

    देशभर के कई शहरों में हाईटेक AI ट्रैफिक कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे न सिर्फ बिना हेलमेट बल्कि सीट बेल्ट, रेड लाइट जंप, मोबाइल यूज़ जैसे उल्लंघनों को भी पहचान सकते हैं।

    इन कैमरों से

    • वाहन की नंबर प्लेट स्कैन होती है
    • सिस्टम डेटा को ट्रैफिक सर्वर भेजता है
    • और ई-चालान सीधे वाहन मालिक के नाम जारी होता है

    इससे भ्रष्टाचार, झगड़े और गलत चालान की संभावना खत्म हो जाती है।

    🏙️ किन राज्यों में लागू हुआ नया ई-चालान सिस्टम?

    फिलहाल यह सिस्टम देश के कई बड़े शहरों में शुरू किया जा चुका है—
    📍 दिल्ली
    📍 लखनऊ
    📍 भोपाल
    📍 पुणे
    📍 जयपुर
    📍 अहमदाबाद

    अब धीरे-धीरे इसे छोटे शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर भी लागू किया जा रहा है।

    ⚠️ सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर

    सरकार का लक्ष्य सिर्फ चालान बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।
    सड़क हादसों में सबसे ज़्यादा मौतें बिना हेलमेट के होती हैं।
    AI आधारित सिस्टम से अब यह पता लगाना आसान होगा कि किसने नियम तोड़े, और यह सब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के होगा।


    ❓FAQs

    Q1. क्या अब बिना हेलमेट चलाने पर चालान नहीं कटेगा?
    चालान अभी भी कटेगा, लेकिन अब यह ऑटोमेटिक ई-चालान सिस्टम से कैमरा मॉनिटरिंग के जरिए होगा।

    Q2. क्या हेलमेट पहनना अब वैकल्पिक हो गया है?
    नहीं, हेलमेट अब भी जरूरी है। बिना हेलमेट बाइक चलाना अभी भी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन है।

    Q3. किन शहरों में यह नया सिस्टम लागू हुआ है?
    दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, पुणे, जयपुर और अहमदाबाद में यह सिस्टम सक्रिय है।

    Q4. क्या पुलिस अब चालान नहीं काटेगी?
    जहां कैमरा कवरेज नहीं है, वहां पुलिस मैन्युअल रूप से चालान काट सकती है।

    Q5. क्या इससे गलत चालान की संभावना कम होगी?
    हां, क्योंकि यह सिस्टम AI आधारित है और मानवीय त्रुटियों या पक्षपात की गुंजाइश नहीं रहती।

  • राज्य सरकार का बड़ा फैसला: मुंबई के नागरिक अब किसी भी स्टाम्प ऑफिस में करा सकेंगे दस्तावेज़ों की एंट्री

    राज्य सरकार का बड़ा फैसला: मुंबई के नागरिक अब किसी भी स्टाम्प ऑफिस में करा सकेंगे दस्तावेज़ों की एंट्री

    “मुंबई के नागरिक अब किसी भी स्टाम्प ऑफिस में दस्तावेज़ पंजीकरण करा सकते हैं — पहले की क्षेत्रीय बाधा हटी, अब शहर-उपनगर के छह स्टाम्प कार्यालय उपलब्ध।”

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उसके उपनगरों के नागरिकों को एक बड़ी राहत मिली है — महाराष्ट्र राजस्व विभाग ने घोषणा की है कि अब दस्तावेज़ों (जैसे संपत्ति अनुबंध, पट्टा समझौते, वसीयत व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज़) की न्यायाधिकरण / पंजीकरण प्रक्रिया किसी भी स्टाम्प कार्यालय में कराई जा सकती है। पहले जहाँ पंजीकरण केवल उस इलाके के स्टाम्प ऑफिस में करना ज़रूरी था, अब वह बाधा पूरी तरह हटाई गई है।

    🏢 कौन-से स्टाम्प कार्यालय हैं चुनने योग्य?

    नए नियम के तहत निम्नलिखित छह स्टाम्प कार्यालयों में आप दस्तावेज़ दर्ज करा सकते हैं —

    • बोरीवली (Borivali)
    • कुर्ला (Kurla)
    • अंधेरी (Andheri)
    • मुंबई सिटी (Mumbai City)
    • पुराने कस्टम हाउस के पास मुख्य स्टाम्प कार्यालय (Stamp District Collector, Enforcement 1 & 2)

    इन सभी कार्यालयों में अब क्षेत्रीय जमीनी सीमाएँ नहीं मानी जाएँगी और स्वरूप देखते हुए पंजीकरण किया जाएगा।

    🔄 पुराने नियम vs नया नियम

    पुराने नियम की स्थिति

    पहले, यदि आपका निवास या व्यापार किसी विशिष्ट क्षेत्र में हो, तो दस्तावेज़ आपको उसी क्षेत्र के स्टाम्प कार्यालय में ही दर्ज कराना पड़ता था। इससे समय, मशक्कत और आवागमन जैसी चुनौतियाँ आम थीं।

    नए नियम की लाभ

    • दस्तावेज़ पंजीकरण के लिए अब आपको क्षेत्रीय दायरे की चिंता नहीं होगी
    • अधिक लचीलापन: आप अपने लिए सुविधाजनक कार्यालय चुन सकते हैं
    • सरकारी प्रक्रिया सरल और नागरिक अनुकूल बनी

    ℹ️ सामान्य प्रश्न (FAQ)

    प्रश्न 1: क्या यह नियम केवल मुंबई शहर के लिए है?
    हाँ, यह घोषणा विशेष रूप से मुंबई और उसके उपनगरों (मीडिया लेखों में “Mumbai city and its suburbs”) के लिए है।

    प्रश्न 2: क्या दस्तावेज़ की प्रकारों पर कोई प्रतिबंध है?
    नया नियम संपत्ति अनुबंध, पट्टा (lease) समझौते, वसीयत, उत्तराधिकार (inheritance) और संबंधित दस्तावेज़ों को शामिल करता है।

    प्रश्न 3: क्या शुल्क या प्रक्रिया में कोई बदलाव होगा?
    विज्ञप्ति में शुल्क या प्रक्रिया संबंधी बदलाव का जिक्र नहीं है — मुख्य परिवर्तन क्षेत्रीय प्रतिबंधों का अंत है।

    प्रश्न 4: कब से लागू होगा नया नियम?
    शील बयां तारीख 14 अक्टूबर 2025 को यह जानकारी घोषित की गई है। संभव है कि तुरंत या शीघ्र ही लागू किया जाए।

  • Mumbai Metro 3 Ticket Booking: अब नेटवर्क के झंझट के बिना चलेगी मेट्रो — MetroConnect3, Mumbai One और WhatsApp से टिकट खरीदना हुआ आसान

    Mumbai Metro 3 Ticket Booking: अब नेटवर्क के झंझट के बिना चलेगी मेट्रो — MetroConnect3, Mumbai One और WhatsApp से टिकट खरीदना हुआ आसान

    मुंबई मेट्रो-3 (Aarey से Cuffe Parade) के पूरी तरह शुरू होने के बाद अब टिकट बुकिंग आसान हो गई है। MetroConnect3, Mumbai One App और WhatsApp टिकटिंग से यात्रियों को अंडरग्राउंड नेटवर्क की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की पहली पूरी तरह अंडरग्राउंड मेट्रो लाइनमेट्रो-3 (Aqua Line), अब Aarey से Cuffe Parade तक चालू हो चुकी है।
    10.99 किलोमीटर के फेज़-2B के शुरू होने के साथ, यह 33.5 किलोमीटर लंबा नेटवर्क अब पूरी तरह ऑपरेशनल है।
    8 अक्टूबर को इसका औपचारिक उद्घाटन हुआ और 13 अक्टूबर से इसे पहली बार सोमवार के “कम्यूटर टेस्ट” से गुजरना है।

    इस दौरान यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि अब नेटवर्क कवरेज की समस्या से निपटने के लिए तीन आसान टिकटिंग विकल्प तैयार हैं — Mumbai One App, MetroConnect3 App और WhatsApp टिकटिंग।

    📱 1. Mumbai One App — सब कुछ एक ही ऐप में

    यह ऐप न सिर्फ मुंबई मेट्रो-3, बल्कि मेट्रो लाइन 1, 2A, 7, मोनोरेल, नवी मुंबई मेट्रो, और BMC, TMC, KDMC जैसी नगर परिवहन सेवाओं से भी जुड़ा हुआ है।
    इससे अब एक ही प्लेटफॉर्म से पूरे मुंबई महानगरीय क्षेत्र के लिए टिकट मिलना संभव है।

    स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस:
    1️⃣ मोबाइल में “Mumbai One” ऐप डाउनलोड करें।
    2️⃣ मोबाइल नंबर और ईमेल से लॉगिन करें।
    3️⃣ सोर्स और डेस्टिनेशन स्टेशन चुनें।
    4️⃣ पेमेंट करें — UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से।
    5️⃣ सफल भुगतान के बाद QR कोड टिकट मिल जाएगा।
    6️⃣ मेट्रो गेट पर स्कैन करें और एंट्री पाएं।

    👉 लाभ: ऐप के जरिए लाइन 1 से 3 तक इंटर-कनेक्टिविटी की सुविधा आगे जोड़ी जाएगी, जिससे सफर और आसान होगा।

    🌐 2. MetroConnect3 App — Wi-Fi से रहेगा नेटवर्क ऑन!

    मेट्रो-3 की सबसे बड़ी चुनौती है अंडरग्राउंड नेटवर्क लॉस, लेकिन अब इसका हल है MetroConnect3 App।
    इस ऐप के जरिए यात्रियों को फ्री पब्लिक वाई-फाई कनेक्शन मिलेगा।

    ऐसे करें इस्तेमाल:
    1️⃣ स्टेशन पर पहुंचने से पहले MetroConnect3 ऐप लॉगिन करें।
    2️⃣ Wi-Fi सेटिंग्स में जाकर “MetroConnect3” नेटवर्क से कनेक्ट हों।
    3️⃣ ऐप में प्रोफाइल पर जाएं → “Connect to Wi-Fi” ऑप्शन चुनें।
    4️⃣ अब आपको फुल इंटरनेट एक्सेस मिलेगा — WhatsApp कॉल, चैट, Wi-Fi कॉलिंग सबकुछ चालू रहेगा।

    👉 खास बात: यह सुविधा सिर्फ मेट्रो-3 लाइन पर उपलब्ध है और पूरी तरह फ्री है।

    💬 3. WhatsApp टिकटिंग — सबसे आसान और फास्ट तरीका

    Mumbai-Metro-3-Ticket-Booking

    अगर आप ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहते, तो WhatsApp पर टिकट खरीदना भी मुमकिन है।

    कैसे करें:
    1️⃣ नंबर +91 98730 16836 सेव करें।
    2️⃣ “Hi” लिखकर भेजें।
    3️⃣ WhatsApp चैट में टिकट बुकिंग लिंक मिलेगा।
    4️⃣ QR टिकट तुरंत मिल जाएगा, जिसे गेट पर स्कैन करना होगा।

    👉 यह तरीका उन यात्रियों के लिए उपयोगी है जो जल्दी में हों या जिनके पास ऐप इंस्टॉल न हो।

    💸 मेट्रो-3 किराया (Ticket Fares)

    रूटकिराया सीमा
    Aarey – BKC₹10 – ₹50
    Aarey – Worli / Acharya Atre₹60 तक
    Aarey – Cuffe Parade (Colaba)₹70

    🚉 मेट्रो-3 के स्टेशन (Total 27 Stations)

    Cuffe Parade, Vidhan Bhavan, Churchgate, Hutatma Chowk, CSMT, Kalbadevi, Girgaon, Grant Road, Mumbai Central, Mahalaxmi, Science Museum (Worli), Worli, Siddhivinayak, Dadar, Shitaladevi Temple, Dharavi, BKC, Vidyanagari, Santacruz, CSIA Domestic (T1), CSIA International (T2), Marol Naka, MIDC, SEEPZ, Marol, Aarey Colony, Aarey Depot (JVLR Terminus)।

    🕐 ट्रैवल टाइम और प्रमुख कनेक्शन

    • Aarey से Cuffe Parade: 60 मिनट
    • BKC से Worli: 13–15 मिनट
    • Andheri से Cuffe Parade: 45–50 मिनट
    • CSIA T2 से BKC: 10–12 मिनट

    यह मेट्रो लाइन अब एयरपोर्ट, बीकेसी, सीप्ज़ और कोलाबा जैसे बिज़नेस हब्स को सीधे जोड़ती है।


    🤔 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: मेट्रो-3 के टिकट कहां से खरीद सकते हैं?
    A: Mumbai One App, MetroConnect3 App और WhatsApp टिकटिंग से।

    Q2: क्या अंडरग्राउंड में नेटवर्क काम करेगा?
    A: हां, MetroConnect3 Wi-Fi से नेटवर्क फुल रहेगा।

    Q3: WhatsApp टिकटिंग सुरक्षित है क्या?
    A: बिल्कुल, यह MMRC द्वारा प्रमाणित सुविधा है।

    Q4: इंटर-मेट्रो कनेक्शन कब तक मिलेगा?
    A: MMRC के अनुसार अगले चरण में इंटर-कनेक्टिविटी जोड़ने पर काम चल रहा है।

  • साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    भारत सरकार का सीईआरटी-इन नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करने की सलाह दे रहा है। जानें कैसे बचे मालवेयर और बॉटनेट से। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    आज के डिजिटल दौर में हर कोई इंटरनेट और स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हैकर्स अक्सर बॉटनेट (Botnet) और मालवेयर (Malware) के जरिए लोगों के मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिवाइस पर हमला करते हैं। ऐसे हमलों से न केवल आपकी पर्सनल जानकारी चोरी हो सकती है, बल्कि बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी जानकारियां भी खतरे में पड़ जाती हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करने वाली सीईआरटी-इन (CERT-In) यानी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने आम जनता के लिए खास पहल की है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    सीईआरटी-इन का “फ्री बॉट रिमूवल टूल”

    सीईआरटी-इन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.csk.gov.in से “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करें। यह टूल खास तौर पर ऐसे सॉफ़्टवेयर और प्रोग्राम को पहचानता है जो आपके डिवाइस को संक्रमित कर सकते हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इस टूल की मदद से –

    • आपके कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद हानिकारक बॉटनेट को हटाया जा सकता है।
    • डिवाइस की सिक्योरिटी को मजबूत बनाया जा सकता है।
    • ऑनलाइन लेन-देन और पर्सनल डाटा को चोरी होने से बचाया जा सकता है।

    बॉटनेट और मालवेयर क्या हैं?

    बॉटनेट ऐसे संक्रमित डिवाइसों का नेटवर्क होता है जिसे साइबर अपराधी कंट्रोल करते हैं। एक बार डिवाइस संक्रमित हो जाए, तो उसे रिमोटली इस्तेमाल कर स्पैम ईमेल भेजने, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने या बड़े स्तर पर साइबर अटैक करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
    मालवेयर यानी हानिकारक सॉफ़्टवेयर आपके डिवाइस में घुसकर आपकी जानकारी चुरा सकता है या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    कैसे बचें साइबर हमलों से?

    सीईआरटी-इन और दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को कुछ आसान साइबर सुरक्षा टिप्स भी दिए हैं:

    1. फ्री बॉट रिमूवल टूल ज़रूर डाउनलोड करें।
    2. अपने मोबाइल और कंप्यूटर में हमेशा एंटीवायरस अपडेट रखें।
    3. अनजान लिंक या संदिग्ध ईमेल पर क्लिक करने से बचें।
    4. डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग ऐप्स में हमेशा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
    5. समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें और स्ट्रॉन्ग पासवर्ड रखें।

    क्यों है जरूरी यह टूल?

    मुंबई जैसे बड़े शहरों में रोज़ हजारों लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं। साइबर फ्रॉड के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में कई मामलों में देखा गया कि लोगों के डिवाइस पर मालवेयर अटैक हुआ और उनकी बैंक अकाउंट डिटेल्स चोरी हो गईं। ऐसे में यह टूल हर नागरिक के लिए बेहद जरूरी है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    नतीजा

    भारत सरकार की यह पहल आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि हर कोई इस फ्री बॉट रिमूवल टूल को डाउनलोड कर लेता है और बुनियादी सावधानियां बरतता है, तो न केवल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रहेगा बल्कि देश की साइबर सुरक्षा भी मजबूत होगी। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

  • मुंबई की स्टार्टअप कंपनी में अनोखी नौकरी – ‘Doom-Scroller’

    मुंबई की स्टार्टअप कंपनी में अनोखी नौकरी – ‘Doom-Scroller’

    Monk Entertainment के CEO विराज शेट ने अनोखी नौकरी निकाली है। कंपनी को चाहिए Doom-Scoller, जो दिनभर सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स और क्रिएटर कल्चर पर नजर रखे। जानें क्या है योग्यता और सैलरी। Mumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    क्या आपने कभी सोचा है कि सोशल मीडिया पर घंटों तक इंस्टाग्राम और रील्स स्क्रॉल करना भी नौकरी बन सकता है? जी हां, मुंबई की मशहूर क्रिएटर मैनेजमेंट कंपनी Monk Entertainment (Monk-E) के को-फाउंडर और CEO विराज शेट ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर बताया कि कंपनी को चाहिए फुल-टाइम Doom-ScrollerMumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    कौन है Doom-Scroller?

    ‘Doom-Scroller’ दरअसल वह होता है जो लगातार घंटों तक सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स, वायरल कंटेंट और क्रिएटर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट्स पर नजर रखता है।
    Monk-E ने इस जॉब के लिए साफ शर्त रखी है कि उम्मीदवार को कम से कम 6 घंटे रोज़ Instagram पर स्क्रॉलिंग करनी होगी। Mumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    नौकरी के लिए योग्यता और स्किल्स

    कंपनी ने इस रोल के लिए कुछ जरूरी स्किल्स भी बताए हैं –

    • हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में फ्लुएंसी होना जरूरी।
    • सोशल मीडिया का डीप नॉलेज और क्रिएटर कल्चर के प्रति जुनून।
    • Reddit के InstaCelebsGossip जैसे ऑनलाइन कम्युनिटी में रुचि।
    • ह्यूमर और पर्सनैलिटी के साथ मेल भेजने की क्षमता (सीधा कॉपी-पेस्ट नहीं, खुद की क्रिएटिविटी दिखानी होगी)।

    विराज शेट ने अपने पोस्ट में लिखा –
    “Hiring Doom-Scollers at Monk-E. Write to careers@monk-e.in with ‘doomscroller’ as the title. Please show some personality/humour in the email body. Do not use ChatGPT for it.”

    सैलरी और जॉब लोकेशन

    यह नौकरी मुंबई में फुल-टाइम होगी और कंपनी ने इसे प्रतिस्पर्धी सैलरी पैकेज के साथ ऑफर किया है। हालांकि, कितनी सैलरी मिलेगी यह अभी तक डिस्क्लोज़ नहीं किया गया है।

    सोशल मीडिया पर यूजर्स की मजेदार प्रतिक्रिया

    इस पोस्ट ने इंटरनेट पर धूम मचा दी। कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा –

    • “अब मम्मी को बोलूंगा कि मेरा Doom-Scrolling टाइम बर्बादी नहीं बल्कि नौकरी है।”
    • “19 घंटे स्क्रॉल करता हूं, क्या मैं ओवरक्वालिफाइड हूं?”
    • “बुरा एडिक्शन नहीं, अब ये पैसों वाली स्किल है।”

    कई यूजर्स ने इसे मजाक समझा, जबकि बहुतों ने सच में “I am interested” लिखकर कॉमेंट कर दिया।

  • मुंबई में अब WhatsApp के जरिए होगा ट्रेन की बुकिंग

    मुंबई में अब WhatsApp के जरिए होगा ट्रेन की बुकिंग

    ट्रेन में टिकट के लिए अब आपको लाईन में खड़े रहने की जरुरत नही होगी। अब आप अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp एप्लीकेशन के भीतर ही एक क्लिक से ट्रेन की टिकट बुकिंग कर सकेंगे। रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली में सुधार लाने के प्रयास कर रहा है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    अब आम लोगों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड नई टिकट बुकिंग प्रणाली लाने की तैयारी कर रहा है। मेट्रो में ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को मिल रहे लोकप्रियता को देखते हुए रेल प्रशासन ने फैसला किया है। इसके लिए निविदाएं मांगी गई है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    रेलवे ने क्या कहा?

    रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली की सुविधा में सुधार लाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है और व्हाट्सएप जैसे चैट-आधारित ऐप के माध्यम से टिकट प्रणाली शुरू करने की संभावना तलाश रहा है। हाल ही में, इस मामले में रुचि रखने वाले संगठनों के साथ एक बैठक हुई। अधिकारियों ने बताया कि सभी विवरण तय होने के बाद निविदा प्रक्रिया का मूल्यांकन किया जाएगा। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    डिजिटल इंडिया की पहल

    डिजिटल इंडिया पहल के तहत, भारतीय रेलवे डिजिटल माध्यमों से टिकट प्रणाली में बदलाव लाने पर ज़ोर दे रहा है। इसके परिणामस्वरूप, यात्रियों को कैशलेस तेज़ टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। देखा गया कि डिजिटल की ओर बदलाव होता जा रहा है। वर्तमान में, 25 प्रतिशत यात्री डिजिटल माध्यमों से टिकट बुक कर रहे हैं, और इसे अपनाने की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    WhatsApp का इस्तेमाल

    मौजूदा डिजिटल टिकटिंग सिस्टम के अलावा, रेलवे टिकट बुकिंग की सुविधा बढ़ाने के लिए चैट-आधारित टिकटिंग समाधान पर भी काम कर रहा है। मेट्रो में टिकट बुकिंग के लिए यात्री WhatsApp का इस्तेमाल ज़्यादा पसंद करते हैं। टिकट खिड़की पर क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक चैट इंटरफ़ेस दिखाई देता है। “हाय” मैसेज भेजने पर आपको टिकट बुकिंग के विकल्प दिखाई देंगे और फिर भुगतान करके डिजिटल टिकट प्राप्त किए जा सकेंगे। 67 प्रतिशत मेट्रो किराया इसी तरह बुक किया जा रहा है।

    क्या हैं मुश्किलें?

    रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक कहा गया, कि व्हाट्सएप टिकटिंग सिस्टम के निर्माण के दौरान कई कारकों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यूटीएस के माध्यम से क्यूआर-आधारित टिकटिंग प्रणाली के वर्तमान दुरुपयोग को देखते हुए, इसी तरह की कमज़ोरियों से बचने के लिए नई प्रणाली विकसित करते समय सावधानी बरतनी होगी। हमारा लक्ष्य एक ऐसी प्रणाली बनाना है जो यात्रियों के लिए आसान हो। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

  • Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने दाह संस्कार और कब्रिस्तान में दफनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। Mumbai BMC: Now crematorium and burial ground will be booked online

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नागरिक सेवाओं में आधुनिकीकरण करते हुए, लोगों के शोकाकुल माहौल के दौरान होने वाली दिक्कतों और तनाव को कम करने के लिए एक ठोस कदम बढ़ा दिया है। इसके लिए बीएमसी ने एक नया ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, श्मशान प्रबंधन प्रणाली, लॉन्च कर दिया है। इस ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए अब नागरिक दाह संस्कार या दफ़नाने के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। शनिवार, 19 जुलाई से इसे आम नागरिकों के लिए लाइव कर दिया गया है। इसे बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट के ‘अप्लाई’ सेक्शन में जाकर इस्तेमाल किया जाएगा।

    कैसे होगी ऑनलाइन बुकिंग ?

    नागरिक बुकिंग के लिए (https://portal.mcgm.gov.in) पोर्टल पर जा सकते हैं। बीएमसी ने निवासियों से, विशेष रूप से आपात स्थिति में, इस नई प्रणाली का उपयोग करने का आग्रह किया है ताकि देरी से बचा जा सके और नगरपालिका के श्मशान घाट और कब्रिस्तानों में सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बीएमसी के एक उच्च अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि श्मशान प्रबंधन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य परिवारों के लिए भावनात्मक रूप से कठिन समय के दौरान भ्रम, प्रतीक्षा समय और गलत संचार को कम करना है। जनता और श्मशान कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता और समन्वय स्थापित करके, बीएमसी शहर में अंतिम संस्कार सेवाओं की समग्र दक्षता में सुधार की उम्मीद करती है। Mumbai BMC: Now crematorium and burial ground will be booked online

  • Mumbai: अब गड्ढों की शिकायत नए एप्लीकेशन से करें, जाने पूरा प्रोसेस ..

    Mumbai: अब गड्ढों की शिकायत नए एप्लीकेशन से करें, जाने पूरा प्रोसेस ..

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुंबई शहर में गड्ढों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘पोथोल क्विकफिक्स’ नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है।

    मुंबई: शहर की सड़कों पर गड्ढों की शिकायतों और उनके त्वरित समाधान को कारगर बनाने के प्रयास में, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक और मोबाइल एप्लिकेशन, पोथोल क्विकफिक्स के नाम से लॉन्च किया है। यह एप्लिकेशन जून के पहले सप्ताह में लॉन्च किया गया था और अब यह मुंबई के सभी नागरिकों के लिए प्ले स्टोर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। आप इसे यहां से एक क्लिक कर Download भी कर सकते हैं। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    कारगर बनाने के प्रयास

    बीएमसी आम तौर पर सोशल मीडिया और स्थानीय वार्ड कार्यालय के नियंत्रण कक्षों के माध्यम से नागरिकों द्वारा दर्ज की गई गड्ढों की शिकायतों की निगरानी और निपटारा करता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों की शिकायतों पर निपटारे को कारगर बनाने के प्रयास में लगातार नए डिजिटल पोर्टल या मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करता आ रहा हैं।

    इसके पहले भी कई एप्लिकेशन किए लॉन्च

    2019 में, बीएमसी ने ‘माई बीएमसी पोथोल फिक्सिट’ नामक एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया, जिसका उपयोग बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन द्वारा 2024 के मानसून सीजन के दौरान गड्ढों के बारे में शिकायत दर्ज करने में सक्षम बनाने के लिए भी किया गया था। 2014 में सड़कों की निगरानी के लिए ‘एमसीजीएम 24X7’ मोबाइल एप्लिकेशन शुरू की गई थी और 2011 में गड्ढों की शिकायतों पर नागरिकों से जुड़ने के लिए ‘वॉयस ऑफ सिटिजन’ डिजिटल पोर्टल शुरू किया था। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    फीडबैक पर बनी योजना

    मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी जानकारी देते हुए बताया, कि “पुराने मोबाइल एप्लिकेशन या डिजिटल पोर्टल कुछ समय बाद उतने कारगर साबित नही होते हैं, क्यों कि त्वरित रिस्पांस के लिए वर्तमान मुद्दों को ध्यान में रखकर एप्लिकेशन या पोर्टल का निर्माण किया जाता है। इसलिए उन्हें संबंधित मानसून के दौरान इस्तेमाल करने के बाद हटा दिया जाता है। हमने नागरिकों से उपयोगकर्ता के अनुकूल सुविधाओं के बारे में लगातार ऑनलाइन फीडबैक भी लिया गया है और इन्हें योजनाओं में शामिल किया गया है।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    एप्लिकेशन की खासियत

    अधिकारी ने कहा, कि “पोथोल क्विकफिक्स एप्लिकेशन पर शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को केवल तीन से चार क्लिक की आवश्यकता होगी। पहले के एप्लिकेशन में, नागरिकों को अपनी शिकायतों के साथ अपलोड की गई तस्वीरों के लिए स्थान जोड़ना पड़ता था। इसके विपरीत, इस मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से, फोटो स्वचालित रूप से अक्षांश और देशांतर के साथ जियो-टैग हो जाएंगे, जिसमें ऐप में लॉग इन करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का स्थान भी शामिल होगा।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    कैसे होगी शिकायतों पर निगरानी?

    शिकायतों को प्रत्येक चुनावी वार्ड में नियुक्त 227 माध्यमिक इंजीनियरों द्वारा ट्रैक किया जाएगा और चौबीसों घंटे उन पर नज़र रखी जाएगी। ऐप शिकायतों को बंद करने के लिए पूर्व निर्धारित समयसीमा के साथ खुले कार्यों का वर्कफ़्लो भी प्रदान करता है। नागरिक अपनी शिकायतों की स्थिति को ‘खुला’, ‘प्रगति में’ या ‘समाधान’ के रूप में ट्रैक कर सकेंगे। एक अन्य अधिकारी ने कहा, कि “कोई शिकायतकर्ता अगर जमीनी स्तर पर समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो इस एप्लीकेशन में  24 घंटे के भीतर शिकायत को फिर से खोल सकते हैं।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    पहले लॉन्च किए गए मोबाइल एप्लिकेशन

    • 2019 में माई बीएमसी पोथोल फिक्सिट
    • 2014 में एमसीजीएम 24X7
    • 2011 में नागरिकों की आवाज़
  • 1 जनवरी से नही चलेगा WhatsApp, Facebook और Instagram, देखें लिस्ट

    1 जनवरी से नही चलेगा WhatsApp, Facebook और Instagram, देखें लिस्ट

    1 जनवरी के बाद से Meta सिस्टम में सिक्यूरिटी फ्यूचर में सुरक्षा को लेकर 20 से भी ज्यादा Android स्मार्टफोन में WhatsApp, Facebook और Instagram की सुविधा बंद होने वाला है। कौनसे मोबाइल फोन पर इसका असर देखा जाएगा? इसपर हम आज चर्चा करने जा रहे हैं। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    टेक्नोलॉजी न्यूज़ डेस्क
    1 जनवरी 2025
    से कुछ एन्ड्रोएड स्मार्ट्फ़ोन्स में Meta सिस्टम काम करना बंद हो जाएगा। अब आप अपने पूराने Android Smartphones से न तो WhatsApp मैसेज भेज पाएंगे और न ही वाट्सऐप मैसेज रिसीव कर पाएंगे। कंपनी ने इन स्मार्टफोन के लिए सपोर्ट बंद करने का फैसला किया है। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    WhatsApp के पूरी दुनिया में 295 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं। Meta का इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म दुनिया में सबसे ज्यादा यूज किया जाता है। कंपनी इसके लिए लगातार नए फीचर्स और सिक्योरिटी अपडेट्स जारी करती रही है। जल्द ही, वाट्सऐप कई पुराने स्मार्टफोन में काम नहीं करेगी। अगर, आप भी इन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अपने फोन को अपग्रेड करने की जरूरत है। Meta का यह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म 31 दिसंबर 2024 के बाद से करीब 20 से ज्यादा स्मार्टफोन में काम नहीं करेगा। आइए, जानते हैं इन स्मार्टफोन के बारे में… (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    1 जनवरी मैसेज होगा बंद

    1 जनवरी से यूजर्स इन स्मार्टफोन में न तो वाट्सऐप के जरिए मैसेज भेज सकेंगे और न हीं रिसीव कर पाएंगे। वाट्सऐप ज्यादातर पुराने Android स्मार्टफोन में काम नहीं करेगा। ये स्मार्टफोन आज से 10 साल पहले लॉन्च हुए थे। वाट्सऐप ने 2013 में लॉन्च हुए Android Kitkat और उसके पहले के एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम (Android Operating System) के लिए अपना सपोर्ट बंद करने का फैसला किया है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन में 31 दिसंबर तक ही वाट्सऐप काम करेगा। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

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    Facebook और Instagram पर भी होगा असर

    वाट्सऐप के अलावा Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे कि Facebook और Instagram भी इन स्मार्टफोन में काम करना बंद कर देगा। मेटा ने यह फैसला डिवाइस की सिक्योरिटी को लेकर किया है। नई टेक्नोलॉजी आने के बाद पुरानी टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने की जरूरत होती है। पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम में जरूरी सिक्योरिटी कैपेबिलिटीज नहीं रहती है, जिसकी वजह से उन्हें हैक करना आसान हो जाता है। ऐसे में यूजर्स को नए स्मार्टफोन में अपग्रेड करने की जरूरत होगी। हालांकि, Android KitKat पर काम करने वाले स्मार्टफोन की संख्यां बेहद कम है। ऐसे में इसका असर ज्यादातर वाट्सऐप यूजर्स पर नहीं पड़ेगा। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    कौनसे स्मार्ट फोन में सपोर्ट नहीं करेंगे ?

    Meta सिस्टम अप्ग्रेडेशन के कारण कुछ पूराने मोडल के स्मार्ट फोन पर जो सुविधा बंद होने वाली है। उनकी लिस्ट नीचे दी जा रही है। (WhatsApp, Facebook and Instagram will not work from January 1, see list)

    • Samsung: Galaxy S3, Galaxy Note 2, Galaxy Ace 3, Galaxy S4 Mini
    • Motorola: Moto G (1st Gen), Razr HD, Moto E 2014
    • HTC: One X, One X+, Desire 500, Desire 601
    • LG: Optimus G, Nexus 4, G2 Mini, L90
    • Sony: Xperia Z, Xperia SP, Xperia T, Xperia V