Category: नई मुंबई

  • Baba Siddiqui: मर्डर केस में 5 आरोपी और गिरफ्तार

    Baba Siddiqui: मर्डर केस में 5 आरोपी और गिरफ्तार

    Baba Siddiqui Murder case: बाबा सिद्दीकी मर्डर के सिलसिले में जांच कर रही मुंबई पुलिस को आज शुक्रवार एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने पनवेल में छापेमारी करते हुए 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कहते हैं कि गिरफ्तार आरोपियों का बिश्नोई गैंग से था संपर्क.. (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    NCP के नेता बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में मुंबई पुलिस लगातार जांच कर गिरफ्तारी कर रही है। पुलिस ने आज इस मामले में छापेमारी करते हुए 5 और लोगों को गिरफ्तार किए है। इसके साथ ही सिद्दीकी हत्याकांड में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर अब 9 हो गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस मर्डर केस में सभी के संपर्कों को खंगाला कर जांच की जा रही है। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    मुखबिर की सूचना पर हुई छापेमारी

    मुंबई पुलिस ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर आज शुक्रवार को रायगढ़ जिले के पनवेल इलाके में छापेमारी की गई। इस ऑपरेशन में मुंबई क्राइम ब्रांच के साथ पनवेल और कर्जत यूनिटों ने भाग लिया। जिन 5 आरोपियों को दबोचा गया है, उनके नाम 32 वर्षीय नितिन गौतम सप्रे डोंबिवली का रहने वाला, 44 वर्षीय संभाजी किशन पारबी अंबरनाथ का रहने वाला, 43 वर्षीय राम फूलचंद कन्नौजिया पनवेल का रहने वाला, 37 वर्षीय प्रदीप तोंबर अंबरनाथ का रहने वाला और 33 वर्षीय चेतन दिलीप पारधी अंबरनाथ का रहने वाला बताया जा रहा है। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    हथियार पहुंचाने का आरोप

    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नितिन और राम कनौजिया बाबा सिद्दीकी ह्त्या कांड के गिरफ्तार सभी आरोपियों के मुखिया थे। इसी ग्रुप ने गोली चलाने वाले आरोपियों को हथियार पहुंचाए थे। पुलिस की तरफ से ऐसा बताया गया है कि ये दोनों, शूटर धर्मराज कश्यप और शिवकुमार के साथ भी टच में थे। कर्जत में आरोपियों के साथ 2 महीने तक रहे भी थे। इन्होंने आरोपियों को पैसे और लोकल मदद दिलवाने में मदद कराई थी। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

    संपर्क और अपराध का खुलासा

    सूत्रों का कहना है कि पकड़े गए पांचों आरोपी जीशान अख्तर और शुभम लोनकर के टच में भी थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी नितिन के खिलाफ इस केस के अलावा और भी 3 अपराधिक मामले दर्ज है। इसके खिलाफ मर्डर, हाफ मर्डर, और आर्म्स एक्ट शामिल हैं। वहीं राम कुमार पर भी कुछ आरोप दर्ज हैं। इन लोगों ने सितंबर के आसपास आरोपियों को हथियार सप्लाई किए थे। जिसके बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेन शूटर्स ने कई दिन की रेकी करने के बाद हत्याकांड को अंजाम दे दिया। (Baba Siddiqui Murder Case Update)

  • ड्रग्स तस्करी के प्रयास में कांस्टेबल को पकड़ा

    ड्रग्स तस्करी के प्रयास में कांस्टेबल को पकड़ा

    तलोजा जेल के एक पुलिस कांस्टेबल को चरस, एमडी (मेफेड्रोन) और गांजा सहित ड्रग्स की तस्करी करने के प्रयास में पकड़ा है। आरोपी पुलिस कांस्टेबल टिफिन बॉक्स में ड्रग्स छिपाकर जेल के भीतर ले जाने की कोशिश कर रहा था। (New Mumbai Taloja jail staff catch constable trying to smuggle drugs)

    न्यूज़ डेस्क
    नवी मुंबई-
    तलोजा जेल के कर्मचारियों ने जेल से जुड़े एक कांस्टेबल को टिफिन बॉक्स में ड्रग्स छिपाकर जेल के भीतर चरस, एमडी (मेफेड्रोन) और गांजा सहित ड्रग्स की तस्करी करने के प्रयास में पकड़ा है। आरोपी कांस्टेबल की पहचान 38 वर्षीय अनिल आसाराम जाधव के रूप में हुई है। जिसे जेल से जुड़े एक अन्य कांस्टेबल जयवंत लहू जाधव ने सुरक्षा जांच के दौरान पकड़ा है। जाधव के टिफिन बॉक्स से करीब 10.08 लाख रुपये की ड्रग्स बरामद हुई है। आरोपी पुलिस कांस्टेबल को हिरासत में लेने के बाद उसे खारघर पुलिस को सौंप कर कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। (New Mumbai Taloja jail staff catch constable trying to smuggle drugs)

    जानकारी के मुताबिक, बुधवार को 12 पुलिस कर्मियों ने शाम 5:30 बजे तलोजा जेल में नाइट ड्यूटी के लिए रिपोर्ट किया। नियमों के अनुसार, ड्यूटी पर मौजूद सभी पुलिस अधिकारियों की जेल के पहचान परेड रूम में जांच की जा रही थी। पुलिस कांस्टेबल जयवंत जाधव वरिष्ठ अधिकारियों के सामने सभी अधिकारियों का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उन्होंने अनिल जाधव द्वारा लाए गए खाने के बैग की जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान, अनिल जाधव ने बैग को छिपाने का प्रयास किया, जिससे जयवंत जाधव को संदेह हुआ। पूरे बैग की गहन तलाशी लेने पर, उन्हें पता चला कि अनिल जाधव ने भोजन कंटेनर के नीचे एक प्लास्टिक बैग में ड्रग्स छिपाए थे। इसके बाद, जेल अधिकारियों ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया और उसके द्वारा लाई गई ड्रग्स को जब्त कर लिया। (New Mumbai Taloja jail staff catch constable trying to smuggle drugs)

    कैदियों के बीच ड्रग्स

    जेल प्रशासन ने खारघर पुलिस को घटना के बारे में सूचित किया, शहर की पुलिस तलोजा जेल पहुँची और उसे गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने 8.68 लाख रुपये कीमत की 123.87 ग्राम चरस, 1 लाख रुपये कीमत की 2.29 ग्राम मेफेड्रोन (MD) और 40,000 रुपये कीमत की 40.57 ग्राम गांजा, साथ ही गांजा पीने के लिए पाँच रोलिंग पेपर (रिज़ला) जब्त किया है। शुरूआती जांच में पुलिस को संदेह है कि उसने कुछ कैदियों के बीच वितरित करने के लिए ड्रग्स लेकर आया था।(New Mumbai Taloja jail staff catch constable trying to smuggle drugs)

    पुलिस ने क्या कहा?

    खारघर पुलिस थाने की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक वैशाली गलांडे ने कहा, कि ‘हमने उसे गिरफ्तार कर लिया है और वह पुलिस हिरासत में है। हम उससे आगे की पूछताछ कर रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि उसने ड्रग्स किससे प्राप्त किया और किन लोगों को वितरित करने वाला था।’ पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के साथ और कितने लोग इस गोरखधंधे में शामिल है और किन कैदियों से इसके संबंध है। (New Mumbai Taloja jail staff catch constable trying to smuggle drugs)

  • सुसाइड पॉइंट बना मुंबई का ‘अटल सेतु’, बिजनेसमैन ने समंदर में लगाई छलांग

    सुसाइड पॉइंट बना मुंबई का ‘अटल सेतु’, बिजनेसमैन ने समंदर में लगाई छलांग

    सीसीटीवी में‌ ब्रिज पर एक कार खड़ी देखी गई, जिसके बाद बचाव दल को सूचित किया गया। नियंत्रण कक्ष के कर्मचारी उस स्थान पर पहुंचे, जहां से बिजनेसमैन ने समुद्र में छलांग लगाया था। तलाश अभियान के बाद उन्हें ढूंढ लिया गया है। (Mumbai’s ‘Atal Setu’ became suicide point, businessman jumped into the sea)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई –
    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर और नवी मुंबई को जोड़ने वाले ‘अटल सेतु’ से कूदकर 52 वर्षीय कारोबारी ने आत्महत्या कर ली है। घटना बुधवार की है। इसके पहले पिछले तीन दिनों में ‘अटल सेतु’ पर आत्महत्या की यह दूसरी घटना है। सोमवार को एक बैंककर्मी ने भी ‘अटल सेतु’ से समुद्र में कूदकर अपनी जान दे दी थी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘बुधवार की सुबह अटल सेतु ब्रिज से कूदकर कारोबारी फिलिप शाह ने अपनी जान दे दी। मध्य मुंबई के माटुंगा निवासी फिलीप शाह अपनी सेडान कार से ‘अटल सेतु’ पहुंचे और एक स्थान पर कार को खड़ी कर समुद्र में छलांग लगा दी।’ (Mumbai’s ‘Atal Setu’ became suicide point, businessman jumped into the sea)

    CCTV में दिखी कार ..

    पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा, कि ‘पुल के सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष के कर्मचारियों ने वहां एक कार खड़ी देखी, जिसके बाद बचाव दल को सूचित किया गया। नियंत्रण कक्ष के कर्मचारी उस स्थान पर पहुंचे, जहां से शाह समुद्र में छलांग लगाई थी। तलाश अभियान के बाद उन्हें ढूंढ निकाला गया।’ पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भर्ती से पहले ही डाक्टरो‌ं ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उसके आधार कार्ड से की गई, जो कार में मिला। पुलिस ने बताया कि शाह पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे। नवी मुंबई के न्हावा शेवा थाने में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। (Mumbai’s ‘Atal Setu’ became suicide point, businessman jumped into the sea)

    पिछले तीन दिनों में आत्महत्या की दूसरी घटना

    बुधवार की इस घटना से दो दिन पहले ही सुशांत चक्रवर्ती नाम के व्यक्ति ने ऑफिस के वर्क लोड के चलते सुसाइड किया था। सोमवार की सुबह लगभग 9:57 पर सुशांत ने अपनी कार को ब्रिज के किनारे पार्क किया। इसके बाद वह अटल सेतु से कूद गया। ऐसा बताया जा रहा है कि मृतक पब्लिक सेक्टर बैंक में काम करता था। मृतक की उम्र लगभग 40 साल के आसपास थी। (Mumbai’s ‘Atal Setu’ became suicide point, businessman jumped into the sea)

    अटल सेतु का सुसाइड पॉइंट के तौर पर इस्तेमाल

    इसी साल जनवरी में हुआ था उद्घाटन। बता दें कि ‘अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु’ को मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक (MTHL) के नाम से भी जाना जाता है। यह पुल दक्षिण मुंबई को नवी मुंबई के सैटेलाइट शहर से जोड़ता है, जिसका उद्घाटन इस साल जनवरी में हुआ था। छह लेन वाला यह पुल 21.8 किलोमीटर लंबा है और इसे देश का सबसे लंबा समुद्री पुल कहा जाता है। पूल के उद्घाटन के बाद से लोगों इसे सुसाइड पॉइंट के तौर पर इस्तेमाल करने लगे हैं यहां सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता किए जाने की जरूरत है। (Mumbai’s ‘Atal Setu’ became suicide point, businessman jumped into the sea)

  • ‘मैं भी किसान का बेटा हूं, पता है कैसा महसूस होता है’, मराठा आरक्षण का वादा पूरा करने के बाद बोले CM शिंदे

    ‘मैं भी किसान का बेटा हूं, पता है कैसा महसूस होता है’, मराठा आरक्षण का वादा पूरा करने के बाद बोले CM शिंदे

    Maharashtra: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को मराठा आरक्षण पर मनोज जारांगे पाटिल की मांगें स्वीकार करने के बाद नवी मुंबई में उनसे मुलाकात की।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – शनिवार को जारांगे पाटिल ने अपना विरोध प्रदर्शन बंद कर दिया। क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण के संबंध में एक अध्यादेश के साथ उनकी मांगों को मान लिया है।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जूस पिला कर जारांगे पाटिल का उपवास तुड़वाया और कहा, “मैं एक किसान का बेटा हूं और मुझे पता है कि कैसा महसूस होता है, मैंने मराठों को आरक्षण देने का वादा किया था और मैंने अपना वादा पूरा किया है, यह एक ऐतिहासिक क्षण है। हम वोट के लिए कभी कोई फैसला नहीं करते, हम जनहित के पक्ष में फैसले करते हैं। आज आप सभी की जीत का दिन है, हमने सभी मांगें मान ली हैं।”

    कैसे हुई प्रदर्शन की समाप्ति ?

    जारांगे पाटिल ने पहले शनिवार सुबह तक मराठा आरक्षण पर मांगें पूरी नहीं होने पर मुंबई की ओर मार्च करने की धमकी दी थी, अब उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन रोक दिया। फिलहाल मनोज जारांगे हजारों समर्थकों के साथ नवी मुंबई में डेरा डाले हुए है। मुख्यमंत्री शिंदे ने जारांगे की मांगों पर चर्चा करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद, कार्यकर्ता द्वारा उठाई गई चिंताओं को संबोधित करते हुए एक मसौदा अध्यादेश के साथ शुक्रवार देर रात एक प्रतिनिधिमंडल भेजा।

    मराठा आरक्षण,

    ख़बर से संबंधित इसे भी पढ़:- Maratha Reservation : महाराष्ट्र में फिर गर्म हो रहा मराठा आरक्षण का मुद्दा, Manoj Jarange

    प्रतिनिधिमंडल में सामाजिक न्याय विभाग के सचिव सुमंत भांगे, औरंगाबाद संभागीय आयुक्त मधुकर अरंगल, मुख्यमंत्री के निजी सचिव अमोल शिंदे और अन्य शामिल थे। सरकार के जवाब पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए जारांगे पाटिल ने कहा, ”मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अच्छा काम किया है। हमारा विरोध अब खत्म हो गया है। हमारा अनुरोध स्वीकार कर लिया गया है।”

    मराठा आरक्षण में क्या थी मांगे?

    मराठा समुदाय, ओबीसी श्रेणी के तहत शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहा है, समुदाय के नेताओं और राज्य सरकार के बीच चर्चा का केंद्र बिंदु रहा है। शुक्रवार को नवी मुंबई के वाशी में नए सिरे से भूख हड़ताल शुरू करने वाले पाटिल ने विशिष्ट मांगों को रेखांकित किया था, जिसमें सभी मराठों के लिए कुनबी प्रमाण पत्र, किंडरगार्टन से स्नातकोत्तर स्तर तक मुफ्त शिक्षा और सरकारी नौकरी की भर्तियों में मराठों के लिए सीटों का आरक्षण शामिल था।

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  • फ्लैट की बुकिंग लेने के बाद बिल्डर ग्राहक को धोखा नहीं दे सकता- क्या है प्रावधान …

    फ्लैट की बुकिंग लेने के बाद बिल्डर ग्राहक को धोखा नहीं दे सकता- क्या है प्रावधान …

    मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा धोखाधड़ी के मामले में बिल्डर के परिसरों में तलाशी अभियान शुरू …

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – 25 जनवरी, मुंबई पुलिस का आर्थिक अपराध विभाग (EOW) शहर के बिल्डर ललित टेकचंदानी के विभिन्न परिसरों की तलाशी अभियान शुरू कर दिया है जिन पर यहां धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है।
    एक अधिकारी ने बताया कि टेकचंदानी के आवास के साथ-साथ उनके दफ्तर और शहर में दो अन्य परिसरों पर तलाशी जारी है।
    मुंबई पुलिस ने पिछले सप्ताह टेकचंदानी और उनकी पत्नी तथा “सुप्रीम कंस्ट्रक्शन्स” कंपनी के निदेशकों और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ चेंबूर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की थी।

    ग्राहक के साथ बिल्डर ने आनाकानी की तो हो सकती है जेल

    आए दिन शहर में ऐसे मामले, सामने आते रहते हैं, कि फलाना बिल्डर प्रोजेक्ट रोक कर फरार हो गया। उस बिल्डिंग प्रोजेक्ट मे मकान, दुकान खरीदने वालों का पैसा डूब गया। शहर में कई ऐसे बिल्डिंग प्रोजेक्ट किसी कारणों से लटके पड़े हैं। जिसमें पैसा लगाने वाले निवेशक बरबाद हो गए। ऐसे में उन ग्राहकों को पता ही नहीं होता, कि “कहां जाए और किस शिकायत करें?” चेंबूर पुलिस थाने के इस ताजा मामले में मुंबई पुलिस ने लोगों को राहत देने का कार्य किया है।

    बिल्डर के खिलाफ चेंबूर पुलिस थाने के दर्ज मामले में शिकायतकर्ता ने कहा, कि उन्होंने नवी मुंबई के तलोजा में टेकचंदानी की निर्माण परियोजना में 36 लाख रुपये का निवेश किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी ने उन्हें आश्वासन दिया था, कि परियोजना 2017 तक पूरा हो जाएगा। लेकिन 2016 में निर्माण कार्य अचानक रुक गया। शिकायत में दावा किया गया है, कि सैकड़ों लोगों ने टेकचंदानी की परियोजना में फ्लैट खरीदने के लिए निवेश किया था। लेकिन ना तो ग्राहकों को फ्लैट दिया गया और ना ही उनके पैसा वापस किया लौटाय गया।

     बिल्डर,

    इसे भी पढ़े:- मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोवंडी आधार कार्ड सेंटर सहित दो जगहों पर छापामारी कर सरकारी दस्तावेज बनाए जाने का खुलासा किया।

    पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर टेकचंदानी और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 और अन्य प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। अधिकारी ने बताया, “प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस की ईओडब्ल्यू विभाग द्वारा टेकचंदानी और अन्य के खिलाफ मामले में जांच कर रहा है।”

    आपको और अधिक जानकारी देते हुए बता दे, कि ऐसे ही एक और मामले में टेकचंदानी और अन्य लोगों के खिलाफ पिछले सप्ताह नवी मुंबई के तलोजा थाने में एक और प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें की गई शिकायत के अनुसार आरोपी ने नवी मुंबई के खारघर में अपनी कंपनी की आवासीय परियोजना में 160 घर खरीदारों को 44 करोड़ रुपये का चूना लगाया है।

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  • ATM से कैश चोरी करने वाले गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार

    ATM से कैश चोरी करने वाले गैंग के 6 सदस्य गिरफ्तार

    ATM मशीन से छेड़छाड़ कर कैश चोरी करने वाले गैंग के 6 सदस्यों को मालाड़ (पूर्व) की कुरार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिसमें 3 ऑटोरिक्शा चालक भी शामिल है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कुरार पुलिस ने मलाड (पूर्व) में एक एटीएम कियोस्क में कैश डिस्पेंसर से छेड़छाड़ के बाद पैसे चुराने के आरोप में तीन ऑटोरिक्शा चालकों सहित एक गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया।

    ATM मशीन से छेड़छाड़

    पुलिस ने कहा कि ये गैंग एटीएम से मुद्रा नोटों के वितरण को अस्थायी रूप से अवरुद्ध करने के लिए गोंद का उपयोग करते थे। जो ग्राहक नकदी निकालने में विफल रहता था, वह यह मानकर कियोस्क से चला जाता था कि कोई तकनीकी समस्या है, उसके बाद वे पैसे निकाल कर गैंग के सदस्य अपनी जेबों में डाल लेते थे।

    इसे भी पढ़े – Mumbai: कीमती जमीन के लिए BMC अधिकारियों ने किया अपराध.

    ATM,

    गिरफ्तार किए गए लोगों में नवी मुंबई के रहने वाले 29 वर्षीय आदित्य भारतीय, 22 वर्षीय सूरज तिवारी, 24 वर्षीय संदीप यादव, 36 वर्षीय अशोक यादव, 31 वर्षीय राकेश यादव और रवि यादव शामिल हैं। गुरुवार को एक निजी बैंक के एटीएम तक जाने के लिए जिस ऑटोरिक्शा का इस्तेमाल किया गया था, उसकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद उन्हें पकड़ा गया। मामला 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया गया जब मलाड निवासी एक व्यक्ति जो पैसे निकालने के लिए कियोस्क पर गया था, उसने पाया कि मशीन के साथ छेड़छाड़ की गई है।

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  • बाजारों में बिक रहा है जानलेवा बनावटी राई तेल और सींग तेल (मीठा तेल)

    बाजारों में बिक रहा है जानलेवा बनावटी राई तेल और सींग तेल (मीठा तेल)

    • क्राइम ब्रांच यूनिट 1 की टीम ने ‘ गौतम एग्रो इण्डिया ‘ कंपनी में बनावटी तेल बनाते रंगेहाथ पकड़ा।
    • केशव राई तेल- गुजरात सींग तेल- सौराष्ट्र सींग तेल और सोना सींग तेल।
    • कॉसमॉस नामक केमिकल मिलाकर खाने का तेल तैयार किया जाता है।

    वी.बी.माणिक
    मुंबई-
    महानगर में कुछ ऐसे लघु उद्योग हैं जो लोगों के स्वास्थ्य की परवाह किए बिना अपने लाभ के लिए नकली सरसों और सींग का तेल बनाते हैं। उसको बनाने के लिए वह केमिकल का सहारा लेते हैं। उन्हें इस बात की चिंता नहीं कि देश के नागरिक उनका उपयोग करके कई शारीरिक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं किंतु उन्हें तो अधिक से अधिक पैसा कमा कर अपनी तिजोरी भरनी होती है ऐसे ही एक कारखाने को नवी मुंबई की क्राइम ब्रांच यूनिट नंबर-1 ने खुलासा किया है।

    अपने मुखबिरों से सूचना पाकर क्राइम ब्रांच की यूनिट -1 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक आबासाहेब पाटिल की टीम ने उस कंपनी में छापा मार कर, उस कंपनी में सरसों और सींग का तेल बनाते रंगे हाथ पकड़ा तो काम करने वाले लोगों ने बताया कि यह लघु उद्योग ‘गौतम एग्रो इंडिया’ के नाम से चलाया जाता है तथा इसका मालिक विशाल सेठ है। पुलिस के पूछने पर कामगारों ने बताया कि टैंकरों से ‘सुपर पाम’ नाम का तेल आता है जिसे वह 10 से 20 टन क्षमता वाली 8 से 10 टंकियों में रखते हैं।

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    केमिकल,
    पुलिस की रेड की तस्वीर

    केमिकल से तैयार किया जाता है खाने का तेल

    इन्हीं टंकियों में सींग तेल के लिए एक सुपर केमिकल नामक थिनर मिलाया जाता है ताकि तेल गाढ़ा न हो। उसके बाद 4 से 5 टन सींग तेल बनाने के लिए डेढ़ से दो किलोग्राम कॉसमॉस नामक केमिकल का उपयोग किया जाता है। फिर उसे टंकी में ही अच्छी तरह मिला देते हैं और तेल को दूसरी यूनिट में भेज कर उसकी पैकिंग कर दी जाती है। सींग तेल के ब्राडों में उन्होंने बताया कि गुजरात सींग तेल, सौराष्ट्र सींग तेल और सोना सींग तेल कहा जाता है।

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    पुलिस ने बताया है कि इसी तरह उसी सुपर पाम तेल में एक केमिकल मिलाया जाता है, जिसके एक बाॅटल मिलाने पर ही, लगभग चार से पांच टन राई का तेल तैयार हो जाता है। फिर इसे ‘केशव राई तेल’ के ब्रांड वाली पैकिंग में पैक किया जाता है। क्राइम ब्रांच ने उक्त कारखाने को सील कर दिया है और तेल बनाने में उपयोग किये जाने वाले केमिकल्स एवं सुपर पाम ऑयल का सैम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोग शाला में भेज दिया है। मामला दर्ज कर पुलिस उस कंपनी की गहन जांच करने में जुट गई है।

  • अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    • महाराष्ट्र सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महासमुद्र जैसी है मुंबई की महानगर पालिका ! यहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जो पकड़ा गया चोर, नही कार्यवाही हुई तो वह ईमानदार। यही सिलसिला दशकों से चल रहा है। सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जा कर मकान और इमारतें बनवाने, मनपा अधिकारियों द्वारा संरक्षण देकर धन कमाने का काम अवैध गति से चलता रहता है।

    एक ऐसे ही भ्रष्टाचार के प्रमाणित होने के मामले में बम्बई हाईकोर्ट (Bombay High court) ने सोमवार को अवैध निर्माणों को लेकर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय से अवैध निर्माण हो रहे हैं, लेकिन अब इस रवैये को बदलने का वक्त आ गया है, कि इस तरह के ढांचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, कि ‘क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का कोई समाधान है?’ हाईकोर्ट ने कहा, “अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा।”

    अवैध निर्माणों पर Bombay HC ने लिया संज्ञान..

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति कमल खाटा की खंड पीठ ने कहा, कि एक अदालत के रूप में वह अब यह संदेश देना चाहती है, कि इस तरह के अवैध निर्माण नहीं होने दिये जाएंगे। पीठ ने पिछले महीने नवीं मुंबई में चार मंजिला एक अनधिकृत आवासीय इमारत के मुद्दे का स्वत: संज्ञान लिया था। इमारत के 29 फ्लैट में से 23 में लोग रह रहे हैं। पांच में ताला लगा हुआ है जबकि एक खाली है।

    Bombay,
    Bombay high court के भीतर की तस्वीर

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    बम्बई उच्च न्यायालय ने चिंता जताते हुए कहा, कि 23 फ्लैटों को लेने वाले लोगों को यह कहते हुए इसे खरीदने के लिए मनाया गया कि कुछ नहीं होगा। हाईकोर्ट ने कहा, अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा। पीठ ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा, कि स्थिति की गंभीरता इतनी है कि इमारत में बिजली और पानी का कनेक्शन अवैध रूप से लिया गया है।

    मा.न्यायालय ने कहा बिना देर किए कार्रवाई होनी चाहिए। न्यायपीठ ने कहा, कि कई बार लोग दीवानी अदालतों का रुख करते हैं और नगर निकाय अधिकारियों की प्रस्तावित कठोर कार्रवाई के खिलाफ स्थगन आदेश जारी करने का अनुरोध करते हैं। न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, इसे रोके जाने की जरूरत है। हमारा मानना है, कि हमें बगैर कोई देर किये कार्रवाई करनी होगी। “मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि हमारी जानकारी रहने पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।” ऐसी चीजें अधिकतर निचली अदालतों के चलते होती हैं। धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो जाती हैं।

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    न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, हमें खुद से कुछ कड़े सवाल करने होंगे। इस नवी मुंबई की इमारत के मामले में नियमों का घोर उल्लंघन हुआ है।हाईकोर्ट ने कहा कि वह महाराष्ट्र सरकार से यह जवाब चाहता है, कि क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का उसके पास किसी तरह का समाधान है अदालत ने कहा, ‘हम उस स्थिति पर विचार नहीं कर सकते, जहां सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो गई है।’

    पीठ ने अदालत के अधिकारी को जमीन और चार मंजिला इमारत का कब्जा लेने का निर्देश दिया तथा बिल्डर और इमारत के 23 फ्लैट में रह रहे लोगों को नोटिस जारी करने का आदेश किया है। पीठ ने नवीं मुंबई स्थित इमारत के मामले की सुनवाई की अगली तारीख 4 अक्टूबर मुकर्रर की है।