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Mumbai Indians IPL 2026 full schedule: MI के सभी मैच, dates, timings और venues की पूरी लिस्ट। Hardik Pandya की कप्तानी में MI का पूरा fixture देखें।
मुंबई: Mumbai Indians (MI) ने IPL 2026 के लिए अपनी पूरी तैयारी कर ली है। 5 बार की चैंपियन टीम इस बार Hardik Pandya की कप्तानी में मैदान में उतरेगी और इतिहास रचने की कोशिश करेगी।
🏆 MI का IPL इतिहास और पिछला सीजन
मुंबई इंडियंस IPL की सबसे सफल टीमों में से एक है, जिसने 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में खिताब जीता है। पिछले सीजन में टीम प्लेऑफ तक पहुंची थी, लेकिन Shreyas Iyer की शानदार पारी ने उन्हें बाहर कर दिया।
🗓️ MI IPL 2026 Full Match Schedule (Dates, Time, Venue)
March 29 MI vs Kolkata Knight Riders – Mumbai – 7:30 PM
April 4 Delhi Capitals vs MI – Delhi – 3:30 PM
April 7 Rajasthan Royals vs MI – Guwahati – 7:30 PM
April 12 MI vs Royal Challengers Bengaluru – Mumbai – 7:30 PM
April 16 MI vs Punjab Kings – Mumbai – 7:30 PM
April 20 Gujarat Titans vs MI – Ahmedabad – 7:30 PM
April 23 MI vs Chennai Super Kings – Mumbai – 7:30 PM
April 29 MI vs Sunrisers Hyderabad – Mumbai – 7:30 PM
May 2 CSK vs MI – Chennai – 7:30 PM
May 4 MI vs Lucknow Super Giants – Mumbai – 7:30 PM
India में petrol diesel shortage की अफवाहों पर IOC, BPCL और HPCL का बड़ा बयान। Fuel supply पूरी तरह stable, panic buying से बचने की अपील। जानिए latest fuel price और पूरा अपडेट।
नई दिल्ली: भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर चल रही अफवाहों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ा बयान जारी किया है। Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने साफ कहा है कि देश में fuel shortage जैसी कोई स्थिति नहीं है।
कंपनियों ने अफवाहों को बताया गलत
IOC ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें “भ्रामक” हैं और इससे लोगों में बेवजह चिंता पैदा हो रही है। BPCL ने इन रिपोर्ट्स को “completely unfounded” बताया और कहा कि भारत के पास petrol, diesel, crude oil और ATF का पर्याप्त स्टॉक है। HPCL ने भी कहा कि petrol, diesel और LPG की सप्लाई पूरी तरह stable है।
West Asia तनाव के बीच भी सप्लाई मजबूत
यह बयान ऐसे समय आया है जब West Asia में युद्ध चौथे हफ्ते में है और Strait of Hormuz से गुजरने वाले oil tankers की आवाजाही सीमित हो गई है। इसके बावजूद भारत में fuel supply पर कोई असर नहीं पड़ा है।
Panic Buying से बचने की अपील
तेल कंपनियों ने लोगों से खास अपील की है कि वे panic buying न करें। कंपनियों के मुताबिक, ऐसी अफवाहें सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं और अनावश्यक दबाव बना सकती हैं।
Fuel Prices में नहीं हुआ बड़ा बदलाव
26 मार्च के हिसाब से:
दिल्ली: Petrol ₹94.77 / Diesel ₹87.67
मुंबई: Petrol ₹103.50 / Diesel ₹90.03
Regular petrol और diesel की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
हालांकि, पिछले हफ्ते premium petrol की कीमत करीब ₹2 प्रति लीटर और industrial diesel की कीमत ₹22 प्रति लीटर बढ़ाई गई थी।
Premium Fuel का असर बहुत कम
कंपनियों के अनुसार premium petrol का इस्तेमाल कुल उपभोक्ताओं के 5% से भी कम लोग करते हैं, इसलिए इसका आम जनता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।
भारत 40 से ज्यादा देशों से crude oil खरीदता है, जिसमें Russia और Iran जैसे देश भी शामिल हैं। इसी diversified sourcing की वजह से supply stable बनी हुई है और कीमतों को नियंत्रित रखा जा सका है।
मुंबई में लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने चार लंबी दूरी की ट्रेनों का टर्मिनल CSMT से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) शिफ्ट करने की मंजूरी दी है।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में सबसे व्यस्त कुर्ला–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) रेल कॉरिडोर की भीड़ कम करने की दिशा में रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। चार लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का टर्मिनल अब लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) किया जाएगा। इस बदलाव से लोकल ट्रेनों के लिए अतिरिक्त ट्रेन पाथ उपलब्ध होंगे और खासतौर पर पीक आवर्स में लोकल सेवाओं की समयपालन क्षमता बेहतर होने की उम्मीद है।
किन ट्रेनों का टर्मिनल बदला जाएगा
रेलवे बोर्ड ने जिन चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी दी है, उनमें शामिल हैं:
22629 दादर–तिरुनेलवेली एक्सप्रेस
16331 CSMT–तिरुवनंतपुरम (TVC) एक्सप्रेस
16351 CSMT–नागरकोइल (ईस्ट) एक्सप्रेस
16339 CSMT–नागरकोइल (वेस्ट) एक्सप्रेस
इन ट्रेनों के CSMT तक आने-जाने से कुर्ला–CSMT सेक्शन पर दबाव बढ़ता था।
क्यों जरूरी था यह फैसला
रेलवे अधिकारियों के अनुसार कुर्ला–CSMT रूट मुंबई रेल नेटवर्क का सबसे ज्यादा सैचुरेटेड सेक्शन है। इसी रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनें और लगातार चलने वाली लोकल ट्रेनें एक ही सीमित लाइन क्षमता साझा करती हैं। जब कोई मेल या एक्सप्रेस ट्रेन देरी से आती है, तो उसका सीधा असर लोकल ट्रेनों पर पड़ता है। कई बार लोकल को रोकना या धीमा करना पड़ता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।
लोकल ट्रेनों को क्या होगा फायदा
चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने से CSMT की ओर जाने वाली मेल-एक्सप्रेस मूवमेंट कम होगी। इससे:
लोकल ट्रेनों के लिए स्थिर और नियमित टाइम स्लॉट मिलेंगे
पीक आवर्स में ट्रेन रेगुलेशन कम करना पड़ेगा
देरी का “रिपल इफेक्ट” घटेगा
लोकल सेवाओं की पंक्चुअलिटी सुधरेगी
रेलवे का मानना है कि इससे बिना बड़े निर्माण कार्य के ही लोकल सिस्टम को राहत मिल सकेगी।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक मुंबई डिवीजन में लंबे समय से यह अध्ययन चल रहा था कि लंबी दूरी की ट्रेनों का बेहतर बंटवारा कैसे किया जाए। CSMT पर ज्यादा दबाव होने के कारण कुछ ट्रेनों को LTT जैसे बड़े टर्मिनल पर शिफ्ट कर ऑपरेशनल बैलेंस बनाया जा रहा है। इससे दोनों टर्मिनलों की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता का सही इस्तेमाल हो सकेगा।
कब से लागू होगा बदलाव
फिलहाल रेलवे ने केवल सैद्धांतिक मंजूरी दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेबलिंग, क्रू लिंक, प्लेटफॉर्म आवंटन और यात्रियों की सूचना व्यवस्था जैसे ऑपरेशनल इंतजाम पूरे होने के बाद ही इसकी तारीख घोषित की जाएगी। यात्रियों को समय रहते संशोधित शेड्यूल और प्लेटफॉर्म की जानकारी दी जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. कितनी ट्रेनों को LTT शिफ्ट किया जा रहा है? 👉 कुल 4 लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी मिली है।
Q2. क्या इससे लोकल यात्रियों को फायदा होगा? 👉 हां, कुर्ला–CSMT रूट पर भीड़ कम होने से लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर होगी।
Q3. बदलाव कब से लागू होगा? 👉 अभी तारीख घोषित नहीं हुई है, ऑपरेशनल तैयारी के बाद रेलवे इसकी घोषणा करेगा।
शिवसेना नेता संजय राउत को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया; कुर्ला में ऑटो स्पेयर हब में भीषण आग; तमिलनाडु ने Coldrif कंपनी की लाइसेंस रद्द की; बिकानेर, गुड़गाँव, कोयंबटूर, प्रयागराज, कानपुर और दिल्ली से ताज़ा अपडेट्स — पढ़िए शहरवार पूरा हाल।
संजय राउत अस्पताल में भर्ती
शिवसेना नेता संजय राउत को आज मुंबई के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। वे पिछले हफ़्ते एंजियोग्राफी करवा चुके थे और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) यात्रा के दौरान असहज महसूस करने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तनाव और रूटीन मॉनिटरिंग की बात कही है; उनकी हालत फिलहाल निगरानी में बताई जा रही है।
मुंबई — कुर्ला वेस्ट में ऑटो स्पेयर पार्ट्स हब में बड़ी आग
कुर्ला आगजनी की तस्वीर
कुर्ला (वेस्ट) के कपाडिया नगर के पास सुबह-सुबह ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकानों और गोदामों में आग लगी। आग करीब 3,000 वर्ग फुट तक फैली और 15–20 दुकानें/यूनिट प्रभावित हुईं; दमकल ने काफी प्रयास कर आग पर काबू पाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक आसपास के कुछ रिहायशी ब्लॉक्स में लोगों को सुरक्षित निकाला भी गया।
तमिलनाडु — Coldrif कफ सिरप निर्माता कंपनी की लाइसेंस रद्द, फैक्टरी बंद
तमिलनाडु सरकार ने Coldrif (Sresan Pharmaceuticals) के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और कंपनी को बंद करने का आदेश दिया है। यह कदम तब आया जब Coldrif से जुड़े मामलों की जांच और सुरक्षा चिंताओं के बाद प्रशासन ने कड़ाई दिखाई। मामलों की जांच और कानूनन कार्रवाई जारी है।
राजस्थान (बिकानेर) — कार-ट्रक टक्कर, आग लगने से 2 की मौत
राजस्थान सड़क हादसे की तस्वीर
बिकानेर के रायसर के पास भारत-माला रोड पर एक कार और ट्रक की टक्कर के बाद कार में आग लग गई। घटना में दो लोगों की मौत हुई; मौके पर बचाव व जांच जारी है। स्थानीय पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है।
गुड़गाँव (गुरुग्राम) — निर्माण साइट पर लोहे की छड़ों के नीचे दबकर 21 वर्षीय मजदूर की मौत
गुडगाँव हादसे की तस्वीर
DLF-3 के पास Ambience Mall के नज़दीक एक निर्माण साइट पर ट्रेलर के टकराने से लोहे की छड़ें गिर गईं और एक 21 साल के मजदूर की मौत हो गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
कोयम्बटूर/वल्पाराई — जंगली हाथी का हमला, दादी और नन्ही बच्ची की दर्दनाक मौत
कोयंबटूर
वल्पाराई (कोयम्बटूर) के पास एक जंगली हाथी ने मजदूर क्वार्टर में घुसकर हमला किया — इसमें दादी और 2 साल 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन स्थिति नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं; कुमकी हाथियों को तैनात करने जैसी कार्रवाई शुरू की जा रही है।
प्रयागराज (प्रयागराज) — दारियाबाद इलाके के गोदाम में आग
प्रयागराज आगजनी की तस्वीर
प्रयागराज के दारियाबाद इलाके में एक गोदाम में आग लगी; दमकल मौके पर रवाना हुई और आग बुझाने का कार्य जारी है। अभी सूचना के मुताबिक बचाव कार्य जारी है और कोई बड़ी हानी की पुष्टि होना बाकी है।
कानपुर — कपड़े के गोदाम में आग का ताज़ा दृश्य
कानपुर आगजनी की तस्वीर
कानपुर में भी एक कपड़ा गोदाम में आग लगने की खबर है — स्थानीय दमकल टीम आगजनी पर काबू पा रही है और जांच जारी है। सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं, प्रशासनized कार्रवाई में जुटा है।
हैदराबाद — बारिश अलर्ट और सुरक्षित ड्राइविंग के निर्देश
हैदराबाद व आसपास के ज़िलों के लिए IMD ने बारिश/थंडरस्टॉर्म अलर्ट जारी किया है; यात्रियों को धीमी गति से चलने, हेडलाइट ऑन रखने और अचानक ब्रेकिंग से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने आवश्यक सतर्कता के निर्देश जारी किए हैं।
दिल्ली — AQI बढ़ा, सर्दी ने पकड़ा रुख — स्वास्थ्य सावधानियाँ जरूरी
दिल्ली की तस्वीर
दिल्ली में सर्दी के शुरुआती असर के साथ वायु गुणवत्ता ‘Moderate’ श्रेणी में बनी हुई है; शाम तक AQI ~160–185 के बीच रिपोर्ट हुईं। नागरिकों को मास्क/बच्चों-बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
संक्षेप — क्या देखें और किससे सावधान रहें
अगर आप अस्पताल या राजनैतिक कार्यक्रम से जुड़े हैं — संजय राउत के स्वास्थ्य अपडेट के लिए आधिकारिक बयान और फोर्टिस की प्रेस नोट देखें।
बारिश वाले इलाकों में सड़क सुरक्षा अपनाएँ: धीमी ड्राइव, हेडलाइट, दूरी बनाये रखें।
जहरीले या संदिग्ध दवाओं/कफ़ सिरप के मामलों पर ध्यान दें — संबंधित कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Quick, clear answers)
Q1: संजय राउत की हालत अभी कैसी है? A: अस्पताल रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें मॉनिटर किया जा रहा है और हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है; आगे की मेडिकल रिपोर्ट फोर्टिस या उनके ऑफिस द्वारा जारी की जाएगी।
Q2: कुर्ला आग में कितने दुकान/यूनिट प्रभावित हुए? A: शुरुआती रिपोर्ट्स में लगभग 15–20 यूनिट/दुकानों के प्रभावित होने और करीब 3,000 वर्ग फुट तक आग फैलने की बात सामने आई है। दमकल ने घटना पर काबू पाया।
Q3: Coldrif के मामले में क्या कार्रवाई हुई? A: तमिलनाडु सरकार ने Coldrif निर्माता Sresan Pharmaceuticals की मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द कर कंपनी को बंद करने का आदेश दिया है; मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
Q4: गुड़गाँव और बिकानेर हादसों में क्या कारण बताये जा रहे हैं? A: शुरुआती रिपोर्ट्स दुर्घटनात्मक कारणों को दर्शाती हैं — गुड़गाँव में ट्रेलर-टकराव से लोहे की छड़ें गिरने से मजदूर दबा; बिकानेर में कार-ट्रक टक्कर के बाद आग लगी। दोनों जगह जांच जारी है।
Q5: दर्शकों के लिए क्या सावधानी? A: आग या सड़क हादसे वाले इलाकों से दूरी रखें, मौसम अलर्ट पर अमल करें (हैदराबाद), और संवेदनशील लोगों (बच्चे/बुजुर्ग) के लिए AQI/हवा की रिपोर्ट देखें।
कैनरा बैंक ने 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका है ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड और बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का। आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।
डिजिटल डेस्क मुंबई: अगर आप हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। Canara Bank ने पूरे भारत में 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। यह मौका सिर्फ एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक सुनहरा गेटवे है बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत का।
प्रोफाइल 100% पूरी करें और एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
कैनरा बैंक की वेबसाइट पर जाएं – [canarabank.com → Careers → Recruitment]
“Engagement of Graduate Apprentices 2025” लिंक पर क्लिक करें।
“New Registration” पर जाकर बेसिक जानकारी भरें।
आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
₹500 फीस ऑनलाइन पे करें (General/OBC/EWS के लिए)।
फाइनल सबमिट कर आवेदन प्रिंट निकाल लें।
आवेदन शुल्क (Application Fees)
कैटेगरी
फीस
SC/ST/PwBD
NIL
General/OBC/EWS
₹500/-
FAQ
1- कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं? आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।
2- इस भर्ती के लिए परीक्षा होगी या नहीं? नहीं, चयन मेरिट (12वीं/डिप्लोमा मार्क्स) के आधार पर होगा।
3- क्या अप्रेंटिस को परमानेंट नौकरी मिलेगी? यह एक साल का अप्रेंटिस प्रोग्राम है, लेकिन प्रदर्शन अच्छा होने पर भविष्य में स्थायी अवसरों की संभावना बढ़ सकती है।
4- स्टाइपेंड कितना मिलेगा? कुल ₹15,000 प्रति माह — जिसमें ₹10,500 बैंक और ₹4,500 सरकार की तरफ से मिलेगा।
5- कौन आवेदन नहीं कर सकता? जिनके पास पहले से एक साल से ज़्यादा का जॉब अनुभव है या जिन्होंने पहले अप्रेंटिसशिप की है, वे आवेदन नहीं कर सकते।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने पाइपलाइन डिविजन अपरेंटिस भर्ती 2025 के लिए 537 पदों पर नोटिफिकेशन निकाला है। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख अब 28 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। जानें पूरी डिटेल्स – योग्यता, आयु सीमा, स्टाइपेंड और अप्लाई करने का तरीका।
डिजिटल डेस्क मुंबई: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), जो देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी और फॉर्च्यून 500 लिस्टेड PSU है, ने पाइपलाइन डिविजन में अपरेंटिस भर्ती 2025 निकाली है। इस भर्ती में कुल 537 पद हैं, जो अलग-अलग राज्यों में भरे जाएंगे।
पहले आवेदन की लास्ट डेट 21 सितंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दिया गया है।
कितने पद, कहां-कहां?
IOCL की इस भर्ती में पूरे देश में अलग-अलग राज्यों के लिए वैकेंसी निकली है। सबसे ज़्यादा पद गुजरात (84) और पश्चिम बंगाल (64) में हैं। कुछ प्रमुख राज्यों की वैकेंसी इस तरह है:
पश्चिम बंगाल – 64
राजस्थान – 53
उत्तर प्रदेश – 53
ओडिशा – 51
तमिलनाडु – 39
बिहार – 38
महाराष्ट्र – 15
दिल्ली – 14
कुल मिलाकर – 537 पद
कौन कर सकता है अप्लाई? (Eligibility)
इस भर्ती के लिए अलग-अलग ट्रेड और पोस्ट के हिसाब से योग्यता तय है।
Technician Apprentice (Mechanical/Electrical/Instrumentation) → 3 साल का डिप्लोमा
Trade Apprentice (HR/Accountant) → किसी भी विषय में ग्रेजुएशन / कॉमर्स ग्रेजुएशन
Data Entry Operator (DEO) → न्यूनतम 12वीं पास
Domestic DEO (Skill Certificate Holder) → 12वीं + स्किल सर्टिफिकेट
जनरल/OBC/EWS उम्मीदवारों को कम से कम 50% मार्क्स, और SC/ST/PwBD को 45% मार्क्स चाहिए।
SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और PwBD को 10 साल तक की छूट मिलेगी।
स्टाइपेंड (Salary/Stipend)
सभी चयनित कैंडिडेट्स को Apprentices Act, 1961 के अनुसार मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। हालांकि यह पक्की नौकरी नहीं है, लेकिन ट्रेनिंग IOCL जैसी बड़ी कंपनी में होगी, जो करियर के लिए बहुत फायदेमंद है।
सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)
इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।
सिर्फ अकादमिक मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर लिस्ट बनेगी।
टाई होने पर उम्र (बड़ा उम्मीदवार) और फिर 10वीं के नंबर देखे जाएंगे।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस ज़रूरी होगी।
कैसे करें अप्लाई? (How to Apply)
सबसे पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (डिप्लोमा/ग्रेजुएट या DEO के हिसाब से)।
फिर IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें।
आवेदन की प्रक्रिया दो स्टेप्स में होगी –
Part-I: बेसिक डिटेल्स भरें और रजिस्ट्रेशन नंबर लें।
Part-II: फोटो, सिग्नेचर, एजुकेशन डिटेल्स और NATS/NAPS नंबर अपलोड करें।
फाइनल सबमिशन के बाद प्रिंटआउट ज़रूर लें।
कोई आवेदन शुल्क (Application Fee) नहीं है।
ज़रूरी डेट्स (Important Dates)
ऑनलाइन आवेदन शुरू – 29 अगस्त 2025
आवेदन की आखिरी तारीख (Extended) – 28 सितंबर 2025
कट-ऑफ डेट (Eligibility Check) – 31 अगस्त 2025
FAQ
Q1: IOCL Apprentice Recruitment 2025 में कितने पद हैं? Ans: कुल 537 पद हैं।
Q2: आवेदन की आखिरी तारीख क्या है? Ans: अब बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दी गई है।
Q3: IOCL Apprentice में सलेक्शन कैसे होगा? Ans: सलेक्शन सिर्फ मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर होगा, कोई परीक्षा या इंटरव्यू नहीं है।
Q4: योग्यता क्या चाहिए? Ans: डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या 12वीं पास (पोस्ट के हिसाब से)।
Q5: क्या आवेदन शुल्क है? Ans: नहीं, सभी कैंडिडेट्स के लिए आवेदन फ्री है।
तमिलनाडु में मालगाड़ी पटरी से उतरी, 18 बोगियां जलकर हुए खाक। तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन का इलाका खाली करवाया गया। सेवाएं हुई ठप्प।
नेशनल डेस्क तमिलनाडु: तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन के पास मनाली से जोलारपेट होते हुए कर्नाटक जा रही एक डीजल मालगाड़ी पटरी से उतर गई है। इसके बाद उसमें आग लग गई। शुरुआत में पांच बोगियों में आग लगी। बाद में कुल 18 बोगियां आग की चपेट में आ गईं। घटना रविवार सुबह 5.30 बजे की है। मालगाड़ी में 52 बोगियां थीं। जिला कलेक्टर एम प्रताप ने बताया कि 40 बोगियों को जलती हुई ट्रेन से अलग कर लिया गया है। वहीं, रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों को निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। फायर ब्रिगेड की कई टीमें बुलाई गईं है। Train accident in Tamil Nadu, diesel tanker catches fire near Tiruvallur, services suspended
पुलिस की जांच
मिली जानकारी के मुताबिक 10 गाड़ियों की मदद से आग पर लगभग काबू पा लिया गया है। इधर, रेलवे और पुलिस घटना वाली जगह से 100 मीटर दूर पटरी पर मिली दरार की भी जांच कर रहे हैं। रेलवे ने एक बयान में बताया कि मालगाड़ी के तीसरे डिब्बे में आग लगने की खबर मिलते ही, लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए। तिरुवल्लूर के स्टेशन मास्टर ने ओवरहेड (OHE) बिजली आपूर्ति बंद कर दी।
ट्रेनें हुई रद्द
हालांकि, जब तक ट्रेन रोकी गई, आग 19वें डिब्बे तक फैल गई थी। इस हादसे के कारण चेन्नई को बैंगलोर, केरल और रेणुगुंटा/तिरुपति से जोड़ने वाले चेन्नई अरकोणम सेक्शन में रेल परिचालन स्थगित करना पड़ा। चेन्नई सेंट्रल से शुरू होने वाली या वहां तक जाने वाली 12 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, और कई अन्य ट्रेनों का या तो रूट बदल दिया गया या उन्हें बीच में ही रोक दिया गया है। ट्रेन हादसे के कारण डॉ. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल स्टेशन से रवाना होने वाली ट्रेनों सहित कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं या प्रभावित हुईं।
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।
Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था।
रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं?
वक्फ कानून अधिनियम 40
वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था।
इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था।
यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं।
सरकारी हस्तक्षेप नहीं
सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था।
इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था।
सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा
वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा।
इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए।
केंद्र सरकार का तर्क
केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी।
वक्फ कानून मे संशोधन का असर
विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है।
मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
धोखे से शादी
सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
सांप्रदायिक सोच
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
पक्षपात का आरोप
मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतर जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बना दी है। महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन
मुंबई: महाराष्ट्र में लव-जिहाद के खिलाफ कानून लागू करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए डीजीपी संजय वर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है। इसमें महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक विभाग, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। बता दें कि तमिलनाडु में इस कानून को लागू करने के बाद रद्द कर दिया गया था। हालांकि देश के 9 राज्यों जैसे, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में लव-जिहाद के खिलाफ कानून मौजूद हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
कमेटी जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के मामले में शिकायतों को कैसे निपटाया जाए, इस पर सुझाव देगी। इसके अलावा यह दूसरे राज्यों में लागू कानूनों की स्टडी करेगी और इस आधार पर कानूनी सलाह देगी। पैनल में महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा को अध्यक्ष के रुप में चुना गया है। इसके साथ ही महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायता और गृह जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी NCP शरद पवार की लीडर सुप्रिया सुले ने कहा- शादी या प्रेम निजी इच्छा है। मैं सरकार से निवेदन करती हूं कि यह असल मुद्दों पर ध्यान दें। मोदी जी अभी अमेरिका से वापस लौटे हैं। अमेरिका ने हम पर नए टैरिफ लगा दिए हैं, जिसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ेगा। ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
एक लाख से अधिक शिकायतें मिलीं
अक्टूबर, 2024 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था- एक दशक पहले हम सोचते थे कि लव जिहाद की बात इक्का-दुक्का घटना है, लेकिन एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें हिंदू महिलाओं को दूसरे धर्मों के पुरुषों के साथ भागकर शादी करने का झांसा दिया गया। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे और महाराष्ट्र के विभिन्न हिंदू संगठनों ने भी राज्य में ‘लव जिहाद’ कानून लागू करने की मांग की है। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा।
हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है।
उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
यूपी सरकार ने लव जिहाद विरोधी कानून पारित किया सरकार इस बिल को पहली बार 2021 में लेकर आई थी। अब इसमें संशोधन किया गया है। पहले अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था। कानून लागू होने से लेकर अप्रैल, 2023 तक 427 केस दर्ज हुए थे। इनमें से 65 नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। सबसे ज्यादा केस बरेली में दर्ज हुए थे। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
राजस्थान में भी 16 साल बाद लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के विरोधी बिल पेश किया गया था। राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेद विधेयक कानून को इसी साल तक लागू किया जाएगा। इस बिल के जरिए राज्य सरकार की एक धर्म से दूसरे धर्म में जबरन परिवर्तन करवाने वालों पर लगाम लगाएगी। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)