Category: Punjab

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  • Mumbai: अंधेरी से बांद्रा तक का किराया 90 हजार रुपये, ऑटोरिक्शा चालक ने ठग लिया

    Mumbai: अंधेरी से बांद्रा तक का किराया 90 हजार रुपये, ऑटोरिक्शा चालक ने ठग लिया

    बांद्रा पश्चिम के रहने वाले 30 वर्षीय हरियाणवी को एक ऑटोरिक्शा ड्राईवर ने अंधेरी से बांद्रा तक के सफर के बदले 90 हजार 518 रुपये का चुना लगा दिया। इसके पहले पीड़ित से ऑटो ड्राईवर की बहस भी हुई। Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    मुंबई: बांद्रा पुलिस ने एक 30 वर्षीय व्यक्ति की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है, जिसके साथ 10 अप्रैल को अंधेरी से बांद्रा तक सफर के लिए ऑटोरिक्शा चालक ने 90, 518 रुपए ठग लिए। गलती ये हुई कि वह अपना चश्मा एक रेस्टोरेंट में भूल गया था, इसलिए फरियादी ने पैसा ट्रान्सफर करने के लिए अपना मोबाइल फोन ऑटो चालक को दे दिया। बांद्रा पश्चिम का रहने वाला हरियाणवी जब अंधेरी से बांद्रा पहुंचा तो ऑटो चालक के हिसाब से पैसा लेने से इनकार करते हुए जबरन 1500 रुपए मांगे। शिकायतकर्ता ने पहले तो बहस किया, लेकिन बाद में झगड़े से बचने के लिए आखिरकार वह पैसे देने के लिए तैयार हो गया। Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    मोबाइल फोन और पासवर्ड दे दिया

    फरियाद को आंखों का प्रोब्लम है जिसके कारण उसने अपना मोबाइल फोन ऑटो चालक को दे दिया, ताकि वह गूगल पे के जरिए पेमेंट कर सके और पैसा ट्रान्सफर करने के लिए पासवर्ड भी दिया। बांद्रा पुलिस के अनुसार, ऑटो चालक ने स्थिति का फायदा उठाते हुए धोखे से मोहम्मद फुरकान शेख नामक व्यक्ति के खाते में 90 हजार 518 रुपए ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद शेख ने पैसे तीन या चार बैंक खातों में ट्रांसफर किया और बाद में निकाल भी लिया। पुलिस को संदेह है कि मोहम्मद फुरकान शेख ही ऑटोरिक्शा चालक रहा होगा जिसके खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    रातभर चली पार्टी

    बांद्रा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रात करीब 12.30 बजे फरियादी अपने दोस्तों के साथ अंधेरी के एक रेस्टोरेंट में गया था। सुबह करीब 5.45 बजे उसने घर लौटने के लिए रेस्टोरेंट के बाहर से ऑटोरिक्शा लिया। अधिकारी ने कहा, “सफर के दौरान ऑटो चालक ने लंबा रास्ता लिया, जिसकी वजह से दोनों में बहस हुई। जब वो दोनों बांद्रा पहुंचे, तो ऑटो चालक ने मीटर से चार्ज करने के बदले 1500 रुपये मांगे। शिकायतकर्ता ने पहले 500 रुपये देने का फैसला किया, लेकिन चालक 1500 रुपये से कम लेनो को तैयार नही था लगातार बहस करने लगा।” Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    नींद खुली तब पता चला

    अधिकारी ने कहा, “मामले को खत्म करने के लिए शिकायतकर्ता ने बड़ी रकम देने के लिए सहमत हो गया और अपना फोन चालक को दे दिया, जिसने बाद में ट्रांजेक्शन किया और मोबाइल फोन वापस कर दिया। इसके बाद वह घर जाकर सो गया। सुबह करीब 11 बजे जब वह उठा, तो उसने अपना फोन चेक किया, तो पता चला कि ऑटो चालक ने 90 हजार 518 रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं।” Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    बैंक में क्या हुआ?

    शिकायतकर्ता ने तुरंत अपने बैंक को सूचित किया और शिकायत दर्ज कराई। लेकिन बैंक ने जवाब दिया कि पैसे कई खातों में ट्रांसफर किए गए हैं और निकाल लिए गए हैं। घटना के बाद, हरियाणा निवासी काम के लिए चंडीगढ़ चला गया। गुरुवार, 22 मई को मुंबई लौटने पर, उसने बांद्रा पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज कराई। Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    पुलिस ने क्या कहा?

    एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमने पुष्टि की है कि शिकायतकर्ता के खाते से शेख को पैसे ट्रांसफर किए गए थे, जिन्होंने इसे कई खातों में ट्रांसफर कर दिया। हम विवरण प्राप्त करने के लिए बैंक के साथ काम कर रहे हैं और ऑटोरिक्शा का पता लगा रहे हैं। सड़कों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। हम आरोपी तक पहुंचने के लिए साइबर टीम की मदद भी ले रहे हैं।” इस मामले के जांच अधिकारी बांद्रा पुलिस स्टेशन के पुलिस सब इंस्पेक्टर कपिल शिरसाट ने कहा, कि “हमने संदिग्ध ऑटो चालक मोहम्मद फुरकान शेख के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है। हम बहुत जल्द कार्रवाई करेंगे।” Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

  • India-Pakistan: भारत पर पाकिस्तानी हमला, पुंछ-राजौरी में 10 हजार लोगों को हटाया गया, जानें कैसे हैं यहां के हालात?

    India-Pakistan: भारत पर पाकिस्तानी हमला, पुंछ-राजौरी में 10 हजार लोगों को हटाया गया, जानें कैसे हैं यहां के हालात?

    Jammu Kashmir News: भारत की तरफ से आतंकी ठिकानों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में तबाह किए जाने के बाद पाकिस्तान एलओसी पर लगातार फायरिंग कर रहा है। गुरुद्वारे पर हमले के बाद पुंछ और राजौरी से 10 हजार लोगों को हटाकर सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। बुधवार की रात को पाकिस्तान ने काफी फायरिंग की थी।

    श्रीनगर: पहलगाम हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान बौखला गया है। बौखलाहट में पाकिस्तान भारतीय सीमा एलओसी पर लगातार गोलीबारी कर रहा है। पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में 13 मौतें और 33 से ज्यादा घायल हो गए हैं। अस्पताल भी निशाने पर, कभी भी शेलिंग का खतरा। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार 14-16 मौतें, सही आंकड़ों का इंतजार..

    पाकिस्तान का भारत पर हमला

    पाकिस्तानी हमलों के चलते जम्मू-कश्मीर में सीमा से लगे जिलों को अलर्ट पर कर दिया गया है। पुंछ और राजौरी से 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। भारत पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद नौ मई को प्रस्तावित हज की फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है। नौ मई को दो फ्लाइट हज के लिए जानी थी। आखिरी फ्लाइट 4 मई को गई थी। पाकिस्तान ने एक कायराना हरकत में कल यानी बुधवार की रात को पुंछ में गुरुद्वारे को निशाना बनाया। इसमें सिख समुदाय के 4 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा पाकिस्तान ने 15 भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला किया।

    पहलगाम हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन

    पाकिस्तानी हमले नाकाम

    पाकिस्तान से तनाव के बीच सरहदी राज्य पंजाब, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान हाई अलर्ट पर हैं। पंजाब के गुरुदासपुर, राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर में रोजाना रात 9 बजे सुबह 5 बजे तक ब्लैकआउट रहेगा। पाकिस्तान ने भारत के 15 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की थी। भारत ने रूस से मिले S400 डिफेंस सिस्टम के जरिए इस हमले को नाकाम कर दिया।

    Indian map

    पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम तबाह

    जवाबी कार्रवाई में भारत ने गुरुवार सुबह पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया। इसके लिए इजराइल से मिले हार्पी ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

    पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलें नाकाम

    रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार दोपहर 2.30 बजे बताया कि पाकिस्तान ने उत्तर और पश्चिम भारत के शहरों को भी निशाना बनाया। इस दौरान अवंतिपोरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नाल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज में ड्रोन्स और मिसाइलें दागी गई थीं। इन्हें भी नाकाम कर दिया गया।

    LOC के पास गोलीबारी

    इस बीच, पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LOC) पर फायरिंग कर रहा है। इसमें जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टर में मोर्टार और गोलीबारी की जा रही है।

    सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए गए लोग

    जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को पाकिस्तान की तरफ से की जा रही गोलाबारी को देखते हुए सभी सीमावर्ती जिलों के डीसी से बात करके ग्राउंड रिपोर्ट की जानकारी ली। जम्मू कश्मीर बीजेपी के नेता रविंदर रैना ने कहा कहा, कि प्रभावितों की मदद के लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम कर रहे हैं।

    “मराठी में बोलो तो ही पैसे देंगे”, मुंबई में ग्राहक ने पिज्जा डिलीवरी बॉय से किया भाषा को लेकर विवाद: देखें VIDEO

    जम्मू कश्मीर के मंत्री सतीश शर्मा ने बताया कि 10 हजार लोगों को पुंछ और राजौरी जिलों से सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। पाकिस्तान की गोलाबारी के बीच जम्मू में प्रभावित लोगों की मदद के लिए मस्जिद और मदरसों को खोल दिया गया है, ताकि वे वहां रह सकें। पाकिस्तान की तरफ से सीमापार सीजफायर तोड़ते हुए गोलीबारी करने पर सेना मुंह तोड़ जवाब दे रही है। भारत पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद लद्दाख में भी यूएवी और ड्रोन पर पाबंदी लगा दी गई है।

    खून देने के लिए आगे आ रहे लोग

    सीमा पर पाकिस्तान की फायरिंग के बीच कश्मीर के लोग यहां गजब का हौसला दिखा रहे हैं तो वहीं अस्पतालों में घायलों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर लोग अस्पतालों में खून देने के लिए पहुंच रहे हैं ताकि घायलों की खून की कमी से मौत न हो जाए। बारमुला में एक ब्लड डोनेशन कैंप में भी भीड़ देखी गई। पुंछ में पाकिस्तान की फायरिंग से 13 लोगों की मौत हुई है। बारमुला में वूमेन कॉलेज को अस्थायी तौर पर रिलीफ कैंप बना दिया गया है। यहां पर उरी के लोगों को रखा गया है। इनमें कुछ घायल भी हैं।

    Mumbai: महिला पुलिस कांस्टेबल से छेड़छाड़ में नाबालिग गिरफ्तार

    सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद जम्मू JKSET और LASET की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। यह परीक्षा 11 मई को होनी थी। तो वहीं दूसरी तरफ कश्मीर में तमाम शैक्षणिक संस्थानों को 10 मई तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। कई यूनिवर्सिटी ने अपनी परीक्षाए रद्द कर दी। ये परीक्षाएं 13 मई से शुरू होनी थीं।

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था।

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं?

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था।

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था।

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं।

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था।

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था।

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा।

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए।

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी।

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

  • डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    Mumbai Crime Branch : ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य के युवाओं को टार्गेट किया गया था। भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये तक लेते और फर्जी वीज़ा और डंकी रूट का इस्तेमाल करते ..

    Mumbai Crime Branch : अमेरिका जाने का सपना दिखाकर मोटी रकम लेकर डंकी रूट से भेजे गए करीबन 80 भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच। इस बात की जानकारी लीगल चैनल के माध्यम से मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसी और फिर उनके माध्यम से अमेरिकन अथॉरिटी से सांझा करेगी। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी वीज़ा के जरिए भारतीय युवाओं को अमेरिका भेजने के लिए डंकी रूट का इस्तेमाल किया जाता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच ने करवाई करते हुए अबतक 8 दलालों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने 3 साल में करीबन 80 युवाओं को कनाडा, तुर्की, पोलैंड और UAE में फर्जी वीजा का इस्तेमाल कर भेजा। सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने उन देशों से (कनाडा, तुर्की, पोलैंड, UAE) भारतीय युवाओं को डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा है।

    वीज़ा नही मिल पाने का कारण क्या है?

    क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि ये युवा ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य से हैं। आरोपियों ने भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये लिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कई ऐसे लोग होते हैं, जिन पर कोई न कोई केस या लीगल मामला होता है, जिसकी वजह से उन्हें वीजा नही मिलता। जांच में पता चला कि कनाडा भेजने के लिए ये एजेंट 50 लाख के करीब लेते थे। कनाडा का फर्जी वीजा बनाकर देते थे। इनका काम सिर्फ इतना होता था कि उन्हें एयरपोर्ट पर उतार दे। उसके बाद उन भारतीयों के साथ क्या होगा उससे कोई लेना देना नही। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कनाडा से अमेरिका डंकी रूट का इस्तेमाल

    इसके बाद एक बार युवा कनाडा पहुंच गया तो फिर वहां से आगे उसे डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा जाता है और कनाडा से अमेरिका डंकी रूट से जाने के लिए करीब 12 से 13 दिन लगते हैं। तुर्की भेजने के लिए एजेंट करीब 35 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका उसे डंकी रूट से भेजा जाता है, जिसमें लगभग 10 दिनों तक का समय लगता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    UAE के लिये 25 लाख

    पोलैंड भेजने के लिए दलाल करीबन 40 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका डंकी रूट से जाने में 20 से 25 दिनों का समय लगता है। वहीं UAE के वीज़ा के लिये एजेंट 25 लाख रुपये तक लेते हैं। वहां से भारतीयों को अमेरिका भेजने के लिए यूरोप और फिर मैक्सिको के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 80 भारतीयों में से 70 से 75 सीधे कनाडा भेजे गए हैं। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कौन है मुख्य आरोपी?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस केस का मुख्य आरोपी अजित पूरी और दूसरा आरोपी रोशन दुधवनकर है। इसमें रोशन के खिलाफ इसी तरह की मानव तस्करी करने के 12 मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच इस मामले में अब BNS की धारा 111 (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) भी जोड़ने वाली है ताकि आरोपियों के खिलाफ केस और भी मजबूत बनाया जा सके।

    अबतक 344 भारतीय हुए वापस

    पिछले महीने भारत के लिए निर्वासन उड़ानें शुरू हुईं, जिसमें 104 अवैध अप्रवासियों का पहला जत्था, 5 फरवरी को अमेरिकी सैन्य विमान से अमृतसर में उतरा। 15 फरवरी की रात को उतरी दूसरी उड़ान में 116 अवैध अप्रवासी थे, और 16 फरवरी को उतरी तीसरी उड़ान में 112 लोग थे। 12 निर्वासितों का अंतिम जत्था 23 फरवरी को पनामा से आने वाली एक वाणिज्यिक तुर्की एयरलाइंस की उड़ान से पहुंचा। यह उड़ान दिल्ली में उतरी थी। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

  • Mumbai : हथियार सप्लाई करने वाला आतंकी सदस्य गिरफ्तार

    Mumbai : हथियार सप्लाई करने वाला आतंकी सदस्य गिरफ्तार

    एनआईए ने आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का कथित सदस्य जतिंदर सिंह उर्फ ​​ज्योति को गिरफ्तार किया है। आतंकियों हथियार सप्लाई करने वाला जतिंदर खालिस्तानी आतंकी समूह का प्रमुख सदस्य है। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)

    विशेष संवाददाता
    मुंबई
    – राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को मुंबई के ट्रांबे इलाके से जतिंदर सिंह उर्फ ​​ज्योति को गिरफ्तारी किया है। एनआईए ने इसी के साथ पंजाब आतंकी साजिश के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सिंह प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का कथित सदस्य है और लखबीर सिंह उर्फ ​​लांडा और गैंगस्टर बचितर सिंह उर्फ ​​पवित्र बटाला के नेतृत्व वाले खालिस्तानी आतंकी समूह का प्रमुख सदस्य है। सिंह कई सालों से मध्य प्रदेश में हथियार खरीदकर पंजाब के लांडा और बटाला के गुर्गों को सप्लाई कर रहा था। जब उसे लगा कि एनआईए उसके पीछे पड़ी है, तो वह मध्य प्रदेश के अपने ठिकाने से भाग गया और पांच महीने तक मुंबई में छुपकर रह रहा था। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)

    कैसे हुई गिरफ्तारी?

    एनआईए ने सिंह को इस सूचना पर गिरफ्तार किया कि वह मुंबई के पूर्वी उपनगर ट्रॉम्बे में है, जहां वह जेसीबी क्रेन ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहा है। एनआईए के एक अधिकारी के अनुसार, मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर जिले का रहने वाला सिंह जुलाई 2024 में मध्य प्रदेश के हथियार सप्लायर बलजीत सिंह उर्फ ​​राणा भाई की गिरफ्तारी के बाद से फरार हो गया था। एनआईए अधिकारियों ने बताया कि उसे व्यापक तकनीकी और जमीनी प्रयास के बाद पकड़ा गया है। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)

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    हथियार तस्करी का आरोप ..

    सिंह पहले मध्य प्रदेश के इंदौर में रहता था। वहां भी, उसका छुपने का जरिया जेसीबी क्रेन ऑपरेटर की नौकरी थी, जबकि उसने बलजीत सिंह से हथियार खरीदे थे, जिसके खिलाफ हाल ही में ऐसे ही एक मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। एनआईए अधिकारी ने बताया कि सिंह ने एमपी से दस पिस्तौलें लाकर पंजाब के लांडा और बटाला के गुर्गों को दी थीं। उसने पंजाब में और भी हथियार तस्करी करने की योजना बनाई थी, लेकिन एनआईए द्वारा कई महीने पहले तलाशी अभियान शुरू करने के बाद उसकी योजना विफल हो गई। एनआईए के अनुसार, सिंह की गिरफ्तारी हथियारों, गोला-बारूद, विस्फोटकों आदि की तस्करी और भारती की धरती पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने को विफल करके आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ को खत्म करने के प्रयास में एक बड़ी उपलब्धि है। (Mumbai Terrorist member supplying weapons arrested)

  • NEET PG Result 2024 Live Updates: NBEMS to report scorecards soon; This is the way to check at natboard.edu.in

    NEET PG Result 2024 Live Updates: NBEMS to report scorecards soon; This is the way to check at natboard.edu.in

    NEET PG Result Date and Time How to Really look at Neet PG Result Direct Connection at natboard-edu.in: A legitimacy rundown will likewise be delivered for half of all India standard seats, it will be arranged in view of the imprints got by the competitor.

    NEET PG Result 2024 Live Updates: Consideration competitors! The outcomes for NEET PG 2024 tests are supposed to be pronounced by the Public Leading body of Assessments in Clinical Sciences (NBEMS) at any point in the near future. It is guessed that the outcomes will be out before the current week’s over. Be that as it may, there is no affirmation on the date and time yet. When the outcomes are out, up-and-comers can really take a look at their scores at true sites – natboard.edu.in and nbe.edu.in. The cut-off marks for NEET PG 2024 will be delivered alongside the outcomes. Up-and-comers who will score the base most reduced cut-off just will be announced as effectively qualified.

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  • आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    • मोदी कराएंगे अपनी मर्जी का चुनाव।
    • मोदी के सामने आरएसएस हुआ बौना।
    • चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?

    आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस,
    आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)

  • Election Card में फोटो कैसे चेंज करे ?

    Election Card में फोटो कैसे चेंज करे ?

    इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।

    डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network)
    एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।

    Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें

    संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।

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    Voter ID Card में नाम बदलना

    Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-

    Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें।
    Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें।
    Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें

    • आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
    • अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
    • अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
    • अपना आवासीय पता लिखें।

    Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें।
    Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
    Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।

    एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।

    Voter ID Card में पता बदलना..

    क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-

    Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें।
    Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें।
    Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें।
    Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें।
    Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।

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    Election card,
    वोटर आईडी अपडेट पर प्रतिकारात्मक तस्वीर

    Voter ID Card में जन्म तारीख बदलना..

    यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।

    Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें।
    Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:

    • एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
    • उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
    • अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।

    Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।

    इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं।
    इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।

    Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?

    इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं।
    आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।

    • NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
    • राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
    • आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A

    अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।

    आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?

    एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।

    मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?

    एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।

    Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें।
    Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।

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    आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
    आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं
    पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।

    आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।

    इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।

  • कांग्रेस की छत्रछाया में विपक्षियों को आना ही होगा।

    कांग्रेस की छत्रछाया में विपक्षियों को आना ही होगा।

    कांग्रेस की छ

    • आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है।
    • देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    प्रायः हर प्रदेश में चंद क्षत्रप अवश्य हैं। जैसे यूपी में सपा, महाराष्ट्र में शिवसेना और राकांपा लेकिन टूट से परेशान विहार में नीतीश और लालू फेमिली, बंगाल में ममता दीदी, इसी तरह साउथ में डी एम के. और कुछ छुटपुट क्षेत्रों में दूसरे क्षत्रप। किसी में इतनी शक्ति नहीं कि अकेले बीजेपी और मोदी का मुकाबला कर सके। दूसरी ओर जहां आप पार्टी ने दिल्ली और पंजाब फतह किया। लेकिन दूसरे प्रांतों में अप्रभावी रही, जबकि कांग्रेस ने पहले बीजेपी की दौलत शोहरत के सम्मुख सीमा तने गर्व से खड़ी रही। कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश के बाद कर्नाटक में भी जीत हासिल कर सरकार बना ली। यहां समझने की जरूरत है कि देशभर के आदिवासी और दलित जनता कांग्रेस के साथ होती दिखाई दे रही है।

    लोकसभा चुनाव पूर्व तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में होने वाली विधानसभाओं में अपना परचम लहराएगी कांग्रेस। महाराष्ट्र में भले जयचंदों की कमी नहीं है। अपने अपने बासों की पीठ में छुरा भोंककर सत्तासुख ले रहे यह सुख अस्थाई है। आगामी चुनाव और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राकांपा और शिवसेना मिलकर कब्जा कर लेंगे। हरियाणा में भी कांग्रेस की जीत बड़ी होगी। कुल मिलाकर आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है। यूपी में भी कांग्रेस आश्चर्य में डाल सकती है। जो बीजेपी और मोदी के सपनों पर तुषारापार करने के लिए काफी है।

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    आदिवासी, दलित,
    कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर

    उत्तम बात यह हुई कि पटना में सभी विरोधी दलों को लगा कि राहुल गांधी ही मोदी के सर्वोत्तम विकल्प होंगे। गुजरात में राहुल को न्याय मिल नहीं सकता इस बात को बहुत पहले रेखांकित किया जा चुका है। मान लें सुप्रीमकोर्ट में भी लोकसभा चुनाव पूर्व न्याय नहीं मिला और राहुल जेल चले गए तो विपक्षी दलों को एकमत होकर प्रियंका गांधी अथवा कांग्रेस अध्यक्ष को विकल्प के रूप में सोचना होगा।

    देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।

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    चूंकि मापन्ना मल्लिकार्जुन खड़गे आदिवासी समुदाय के हैं। इसलिए देश भर के आदिवासियों और दलित उनके नाम पर एकजुट हो सकते हैं। सिर्फ उनके नाम की औपचारिक घोषणा करने की जरूरत होगी। चुनाव प्रचार में सिर्फ उनका नाम दलित आदिवासी समुदाय से जोड़ने की जरूरत होगी। यदि ऐसा हुआ और क्षत्रप मिलकर ईमानदारी से एक के सामने एक प्रत्याशी खड़ा करने की नीति का पालन करते हैं। तो आराम से विपक्षी दलों का गठबंधन 400 + सीटें जीतकर केंद्र में मोदी और बीजेपी को हटा कर नया इतिहास लिखेंगे। अभी तक दलित आदिवासी कभी भी देश का प्रधान मंत्री नहीं बना। खड़गे के रूप में आदिवासियों दलितों को अपना पीएम मिलने का स्वप्न साकार हो जाएगा।

  • एक दो नहीं दस राज्यों में CBI की एंट्री पर बैन

    एक दो नहीं दस राज्यों में CBI की एंट्री पर बैन

    • CBI की एंट्री पर बैन मैं तमिलनाडू भी हुआ शामिल।
    • 2024 के चुनाव में सेंट्रल जांच एजेंसियों पर रोक का होगा कितना असर?

    नितिन तोरस्कर ( मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    विपक्ष शासित राज्यों में सीबीआई-ईडी जैसी सेंट्रल जांच एजेंसियों की एंट्री और एक्शन पर सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र सरकार के इशारे पर सीबीआई और ईडी विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। विपक्ष शासित 10 राज्य ऐसे हैं, जहां सीबीआई बिना राज्य सरकार के परमिशन के कोई जांच या धर-पकड़ नहीं कर सकती। ताजा मामला तमिलनाडु का है। एमके स्टालिन सरकार के गृह मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर कहा है, कि किसी भी तरह की जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों को राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी।

    तमिलनाडु सरकार का यह फैसला तब आया है, जब ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद एक्साइज मिनिस्टर बालाजी सेंदिल को गिरफ्तार कर लिया। तमिलनाडु सरकार ने यह आदेश दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैबलिशमेंट एक्ट 1946 के प्रावधानों के अनुरूप जारी किया है। बिहार में लालू यादव के परिवार के लोग भी यही आरोप लगाते हैं, कि केंद्रीय जांच एजेंसियों (CBI) का इस्तेमाल केंद्र सरकार अपने मतलब के लिए करती है। इसे एकतरफा कार्रवाई या बदले के भावना बताया जाता रहा है। चुनाव के संदर्भ में यह दलील दी जाती है, कि सिर्फ विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच हो रही है। क्या इसका चनावों पर असर पड़ेगा, यह देखना बाकी है।

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    सेंट्रल एजेंसियों (CBI) पर है बैन वाले राज्य ..

    भारत के कुल 10 राज्यों में सेंट्रल एजेंसियों (CBI) पर बैन लगा दिया गया है। पश्चिम बंगाल, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, केरल, मिजोरम, मेघालय और राजस्थान के बाद अब तमिलनाडु भी केंद्रीय जांच एजेंसियों पर बैन लगाने वाले राज्यों में शुमार हैं। इन राज्यों में सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां किसी भी शिकायत पर बिना राज्य सरकार की सहमति के कोई कार्रवाई नहीं कर सकतीं। हां, इसमें एक छूट जरूर शामिल है। अगर जांच किसी न्यायालयी आदेश या राज्य सरकार की संस्तुति पर हो रही हो, तो इस पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। हकीकत यह है कि जब भी किसी मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जांच की जरूरत महसूस होती है तो लोग हाईकोर्ट की शरण में जाते हैं। कोर्ट अगर इजाजत देता है तो जांच होती है।

    CBI,
    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फाइल तस्वीर

    बंगाल और झारखंड में बैन का कोई असर नहीं।

    बैन के बावजूद सेंट्रल एजेंसियां कुछ राज्यों में आराम से अपने काम को कर रही है। पड़ोस की बात करें तो बंगाल और झारखंड में भी केंद्रीय एजेंसियों (CBI) की जांच पर रोक है। बंगाल में शिक्षक नियुक्ति घोटाला की जांच सीबीआई और ईडी दोनों कर रहे हैं। यह जांच भी राज्य सरकार की मर्जी के खिलाफ है। लेकिन बाध्यता यह है कि इसकी जांच का आदेश कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया है। जांच का परिणाम यह है कि सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के कई नेताओं-कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है तो कुछ अन्य की गिरफ्तारियां कभी भी हो सकती हैं। यहां राज्य सरकार की बंदिश का कोई रोड़ा सेंट्रल एजेंसियों की जांच या गिरफ्तारी में अटक नहीं रहा है।

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    सेंट्रल एजेंसियों के खिलाफ 14 दल..

    सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) के एक्शन से नाराज 14 राजनीतिक दलों के नेतों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसमें बिहार से आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव, झारखंड से सीएम हेमंत सोरेन और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया कि सेंट्रल एजेंसियों की जांच नहीं रोकी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट जाने वालों में अधिकतर वैसे दल शामिल थे, जिसके नेता या कार्यकर्ता बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ अदालतों ने सेंट्रल एजेंसियों से जांच की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट से निराश होकर ये नेता जांच से बचने की नयी तरकीब तलाश रहे हैं।

    एजेंसियों की जांच का, चुनाव पर असर…

    केंद्रीय जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उन्हें जांच के लिए कोर्ट या राज्य सरकारों ने ही कहा है। आम आदमी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जांच के लपेटे में उनके पसंदीदा नेता रहे हैं या विरोधी। सामान्य भाव यही है कि चोर या भ्रष्टाचारी पकड़ा जाना चाहिए। लालू यादव के परिवार की बात करें तो उनके मामले में भी स्वजातीय को छोड़ कर किसी को इसकी परवाह नहीं है कि जांच एजेंसियां उनके परिवार के खिलाफ जांच कर रही हैं।

    हां, थोड़ा-बहुत संदेह तब तक बरकरार रहता है, जब तक दोष न सिद्ध हो जाए। सुखद पहलू यह है कि ईडी ने जितने मामलों की अब तक जांच की है, उनमें अधिकतर के खिलाफ दोष सिद्ध हुए हैं और सजा भी हुई हैं। सामाजिक न्याय के मसीहा, समाज के वंचित लोगों को स्वर्ग नहीं, स्वर देने का दावा करने वाले लालू प्रसाद के बारे में भी जब चारा घोटाले में सीबीआई जांच शुरू हुई थी तो यही कहा जाता था कि उन्हें फंसाया गया है। दोष सिद्ध होने और सजा के बाद सबकी बोलती बंद हो गई थी।