महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के मलाड पश्चिम में मार्वे बीच पर एक हादसा हो गया। बीच पर नहाने गए पांच लड़के समुद्र के पानी में डूब गए। इनमें से दो को बचा लिया गया है।
इस्माईल शेख मुंबई- महाराष्ट्र की राजधानी एवं मायानगरी मुंबई के मलाड पश्चिम में मार्वे बीच पर एक हादसा की खबर सामने आ रही है। समुद्र बीच पर नहाने गए पांच लड़के तट से लगभग आधा किलो मीटर की दूरी पर पानी में डूब गए। पांचों लड़कों की उम्र 12 से 16 बताई जा रही है। इनमें से दो लड़कों को लोगों ने सुरक्षा रक्षक आने से पहले ही बचा लिया। इनका नाम 16 वर्षीय जीतेन्द्र हरिजन और 13 साल का अंकुश भरत शिवारे बताया जा रहा है।
मार्वे बीच पर तलाशी और अभियान जारी है
जानकारी के मुताबिक उनके साथ नहाने गए तीन लड़के अभी भी लापता हैं। तटवर्ती सुरक्षा रक्षक, एफआरटी एफ/एम, एफआरटी नाव, लाइफ जैकेट आदि का उपयोग कर तलाशी और बचाव अभियान जारी है। लापता बच्चों के नाम 12 वर्षीय शुभम राजकुमार जयसवाल, 13 वर्षीयसनिखिल साजिद कायमकुर और 12 साल का अजय जीतेंद्र हरिजन बताया गया है।
Indian fasttrack newsमलाड के मार्वे बीच पर प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान की तस्वीर
रविवार को लहरों में बह गया था एक कपल
आपको बता दें कि इससे पहले, बीते रविवार को ऐसे ही बांद्रा बैंडस्टैंड में समुद्र किनारे चट्टान पर बैठकर फोटो क्लिक करवा रहा एक दंपति (कपल) लहरों में बह गया था। हादसे में 32 वर्षीय पत्नी की मौत हो गई। मृतक का नाम ज्योति बताया जा रहा है, जबकि 35 वर्षीय पति मुकेश सुरक्षित है। महिला को पानी में बहता देख बच्चे मम्मी-मम्मी चिल्लाने लगे, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। बताया जाता है कि यह दंपति पिकनिक मनाने के लिए यहां आया हुआ था।
आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है।
देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- प्रायः हर प्रदेश में चंद क्षत्रप अवश्य हैं।जैसे यूपी में सपा, महाराष्ट्र में शिवसेना और राकांपा लेकिन टूट से परेशान विहार में नीतीश और लालू फेमिली, बंगाल में ममता दीदी, इसी तरह साउथ में डी एम के. और कुछ छुटपुट क्षेत्रों में दूसरे क्षत्रप। किसी में इतनी शक्ति नहीं कि अकेले बीजेपी और मोदी का मुकाबला कर सके। दूसरी ओर जहां आप पार्टी ने दिल्ली और पंजाब फतह किया। लेकिन दूसरे प्रांतों में अप्रभावी रही, जबकि कांग्रेस ने पहले बीजेपी की दौलत शोहरत के सम्मुख सीमा तने गर्व से खड़ी रही। कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश के बाद कर्नाटक में भी जीत हासिल कर सरकार बना ली। यहां समझने की जरूरत है कि देशभर के आदिवासी और दलित जनता कांग्रेस के साथ होती दिखाई दे रही है।
लोकसभा चुनाव पूर्व तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में होने वाली विधानसभाओं में अपना परचम लहराएगी कांग्रेस। महाराष्ट्र में भले जयचंदों की कमी नहीं है। अपने अपने बासों की पीठ में छुरा भोंककर सत्तासुख ले रहे यह सुख अस्थाई है। आगामी चुनाव और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राकांपा और शिवसेना मिलकर कब्जा कर लेंगे। हरियाणा में भी कांग्रेस की जीत बड़ी होगी। कुल मिलाकर आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है। यूपी में भी कांग्रेस आश्चर्य में डाल सकती है। जो बीजेपी और मोदी के सपनों पर तुषारापार करने के लिए काफी है।
Indian fasttrack newsकांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर
उत्तम बात यह हुई कि पटना में सभी विरोधी दलों को लगा कि राहुल गांधी ही मोदी के सर्वोत्तम विकल्प होंगे। गुजरात में राहुल को न्याय मिल नहीं सकता इस बात को बहुत पहले रेखांकित किया जा चुका है। मान लें सुप्रीमकोर्ट में भी लोकसभा चुनाव पूर्व न्याय नहीं मिला और राहुल जेल चले गए तो विपक्षी दलों को एकमत होकर प्रियंका गांधी अथवा कांग्रेस अध्यक्ष को विकल्प के रूप में सोचना होगा।
देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।
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चूंकि मापन्ना मल्लिकार्जुन खड़गे आदिवासी समुदाय के हैं। इसलिए देश भर के आदिवासियों और दलित उनके नाम पर एकजुट हो सकते हैं। सिर्फ उनके नाम की औपचारिक घोषणा करने की जरूरत होगी। चुनाव प्रचार में सिर्फ उनका नाम दलित आदिवासी समुदाय से जोड़ने की जरूरत होगी। यदि ऐसा हुआ और क्षत्रप मिलकर ईमानदारी से एक के सामने एक प्रत्याशी खड़ा करने की नीति का पालन करते हैं। तो आराम से विपक्षी दलों का गठबंधन 400 + सीटें जीतकर केंद्र में मोदी और बीजेपी को हटा कर नया इतिहास लिखेंगे। अभी तक दलित आदिवासी कभी भी देश का प्रधान मंत्री नहीं बना। खड़गे के रूप में आदिवासियों दलितों को अपना पीएम मिलने का स्वप्न साकार हो जाएगा।
डिजिटल डेस्क (Indian fasttrack News Network) उडुपी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार ने मिडिल क्लॉस को कई टैक्स बेनिफिट प्रदान किए हैं। इसके तहत हर साल 7.27 लाख रुपये तक की आमदनी वालों को किसी प्रकार का टैक्स नहीं देना होगा। उन्होंने कहा, सरकार ने समाज के किसी भी वर्ग को नहीं छोड़ा है। कुछ लोगों ने इस पर संदेह किया, जब साल 2023-24 के केंद्रीय बजट में 7 लाख रुपये तक की आमदनी के लिए आयकर छूट प्रदान करने का फैसला किया गया था।
7 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई का क्या होगा?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां जानकारी देते हुए बताया, कि “लोगों को संदेह इस बात को लेकर था कि 7 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई का क्या होगा? इसके बाद हम एक टीम के रूप में बैठे और डिटेल में गए। हमने यह पता लगाया कि आप प्रत्येक अतिरिक्त 1 रुपये के लिए किस स्तर पर टैक्स का भुगतान करते हैं। उदाहरण के लिए 7.27 लाख रुपये के लिए, अब आप किसी प्रकार का टैक्स नहीं देते। केवल 27 हजार रुपये पर ही ब्रेक ईवन आता है। इसके बाद आप टैक्स देना शुरू करते हैं।”
Indian fasttrack newsभारतीय अर्थव्यवस्था पर फाइल तस्वीर
50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन।
निर्मला सीतारमण ने कहा, “अब आपके पास 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी है। न्यू टैक्स रिजीम के तहत यह शिकायत थी कि कोई स्टैंडर्ड डिडक्शन नहीं है। यह इस बार दिया गया है।” उन्होंने कहा, कि “हम भुगतान में सरलता लाए हैं।” सरकार की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, कि “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का कुल बजट 2013-14 के 3,185 करोड़ रुपये की तुलना में 2023-24 के लिए बढ़कर 22,138 करोड़ रुपये हो गया है।
मोदी सरकार का बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी।
उन्होंने कहा नौ साल के दौरान बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी हुई है। यह एमएसएमई (MSME) सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सार्वजनिक खरीद नीति योजना के तहत, 158 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा की गई कुल खरीद का 33 प्रतिशत एमएसएमई (MSME) से किया गया है। उन्होंने कहा, कि यह अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है।
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दुनियाभर में हुई भारत की तारीफ..
उन्होंने कहा, “हमने टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म (Trade Receivables Discounting System) लॉन्च किया। ताकि एमएसएमई (MSME) और अन्य निगमों को अपने खरीदार द्वारा भुगतान न करने के कारण लिक्विडिटी की कमी का सामना न करना पड़े।” सीतारमण ने कहा, कि “ओएनडीसी (ONDC) ने एमएसएमई (MSME) कारोबार को बड़े संभावित ग्राहक आधार तक पहुंचने में सक्षम बनाया है।” साथ ही उन्होंने कहा, कि “दुनिया इस बात की तारीफ करती है, कि भारत ने बिजनेस सेक्टर के लिए अच्छा काम किया है।”
उन्होंने यह भी बताया, कि “व्यापार करना भारत में पहले से आसान हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा, कि “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2014 में 142 से बढ़कर 2019 में 63 हो गई है। हमने 1,500 से ज्यादा पुराने कानूनों और करीब 39 हजार अनुपालनों को निरस्त करके जरूरी अनुपालन बोझ को कम किया है।” उन्होंने कहा, कंपनी अधिनियम को अपराधमुक्त कर दिया गया है।
एनसीपी के नेता छगन भुजबल को फिर से मिला राशन विभाग।
अजित पवार की इंट्री, बदल गई मंत्रियों की तस्वीर।
वापस हुई विभागीय आवंटन की घोषणा।
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई– मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल में मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव करते हुए नवनियुक्त मंत्रियों के विभागों के लिए आवंटन की घोषणा कर दी है। इसमें फिर एक बार एनसीपी के नेता छगन भुजबल को राज्य का राशन विभाग दिया गया है। राज्यपाल रमेश बैस की मंजूरी के बाद इन विभागों के आवंटन की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास सामान्य प्रशासन, शहरी विकास, सूचना और प्रौद्योगिकी, सूचना और जनसंपर्क, परिवहन, सामाजिक न्याय, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन, खनन और कोई अन्य आवंटित जो पोर्टफोलियो मे नहीं है। वह सारे विभाग मुख्यमंत्री के पास सुरक्षित है।
उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस गृह, कानून और न्याय, जल संसाधन और लाभकारी क्षेत्र विकास, ऊर्जा, शाही शिष्टाचार विभाग संभालेंगे।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार वित्त और योजना विभाग संभालेंगे।
Indian fasttrack newsउप मुख्यमंत्री अजित पवार और एनसीपी नेता छगन भुजबल की फाइल तस्वीर
छगन भुजबल को फिर से मिला राशन विभाग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद देकर राज्य की अर्थव्यवस्था सौंपी गई है, तो वही छगन भुजबल जो महा विकास आघाडी की सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग संभाल रहे थे उन्हें एक बार फिर उसी विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया है।माना जाता है कि अजीत पवार राज्य की अर्थव्यवस्था संभालने के लिए उत्तम है। तो वहीं छगन भुजबल खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग के लिए राज्य में अच्छे नेता साबित हुए हैं। इसी को लेकर शिंदे सरकार भी उन्हें नए राज्य मंत्रिमंडल में वापस से जगह दे दी है।
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अन्य 26 मंत्रियों के विभाग इस प्रकार हैं :-
छगन भुजबल – खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग। दिलीपराव दत्तात्रेय वलसे-पाटिल – सहकार राधाकृष्ण विखे-पाटिल – राजस्व, पशुपालन और डेयरी विकास विभाग। सुधीर सच्चिदानंद मुनगंटीवार – वानिकी, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और मत्स्य पालन विभाग। हसन मियांलाल मुश्रीफ – चिकित्सा शिक्षा और विशेष सहायता विभाग। चंद्रकांतदा बच्चू पाटिल – उच्च और तकनीकी शिक्षा, कपड़ा उद्योग और संसदीय मामले विभाग। विजयकुमार कृष्णराव गावित– आदिवासी विकास विभाग। गिरीश दत्तात्रेय महाजन– ग्राम विकास एवं पंचायत राज, पर्यटन विभाग। गुलाबराव पाटिल– जल आपूर्ति एवं स्वच्छता दादाजी दगड़ू भुसे– सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम) विभाग। संजय दुलीचंद राठौड़– मृदा एवं जल संरक्षण विभाग। धनंजय पंडितराव मुंडे – कृषि विभाग। सुरेशभाऊ दगड़ू खाड़े– कामगार विभाग। संदीपन आसाराम भुमरे– रोजगार गारंटी योजना एवं बागवान (फलोत्पादन) विभाग। उदय रवीन्द्र सामंत– उद्योग विभाग। प्रो. तानाजी जयवंत सावंत– लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग। रवीन्द्र दत्तात्रेय चव्हाण – सार्वजनिक कार्य विभाग (सार्वजनिक उपक्रमों को छोड़कर)। अब्दुल सत्तार– अल्पसंख्यक विकास एवं औकाफ, पणन विभाग। दीपक वसंतराव केसरकर– स्कूल शिक्षा और मराठी भाषा विभाग। धर्मराव बाबा भगवंतराव अत्राम – खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग। अतुल मोरेश्वर सावे– आवास, अन्य पिछड़ा एवं बहुजन कल्याण विभाग। शंभुराज शिवाजीराव देसाई– राज्य उत्पाद शुल्क विभाग। श्रीमती अदिति सुनील तटकरे – महिला एवं बाल विकास विभाग। संजय बाबूराव बनसोडे – खेल और युवा कल्याण, बंदरगाह विभाग। मंगलप्रभात लोढ़ा– कौशल्य विकास, उद्योजकता व नाविन्यता विभाग। अनिल पाटिल – राहत और पुनर्वास, आपदा प्रबंधन विभाग।
उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेता रत्नाकर शिंदे के खिलाफ महाराष्ट्र की पुलिस ने आरोप दर्ज कर जिस्म के कारोबार से 44 लड़कियों को किया रिहा। इसमें 4 मिली नाबालिग .. उद्धव ठाकरे ने किया सस्पेंड..
इस्माईल शेख मुंबई- महाराष्ट्र के बीड जिले में एक जिस्मफरोशी का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस के छापेमारी के द्वारा घटना स्थल पर जिस्म के इस कारोबार से 44 लड़कियां बरामद हुई। जिन लोगों को शिवसेना नेता द्वारा वेश्यावृत्ति के कारोबार में धकेल दिया गया था। जिनमें 4 नाबालिग लड़कियां शामिल बताई जा रही है। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे का करीबी नेता इसमें मुख्य आरोपी है। यह वेश्यावृति का धंधा एक सांस्कृतिक कला केंद्र के नाम पर चलाया जा रहा था।
कला केंद्र के अंदर जब पुलिस पहुंची तो यहां पर शराब और शबाब का घिनौना खेल जारी था। सेक्स के लिए अड्डे में अलग से छोटे-छोटे कमरे बने हुए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर एक महिला मैनेजर और रत्नाकर का खासम खास एक पुरुष को गिरफ्तार कर लिया है। जो रत्नाकर के इशारे पर जिस्मफरोशी का कारोबार चलाया करता था। वहीं आरोपी शिवसेना का नेता और परवाना धारक महिला फरार बताई जा रहा है।
Indian fasttrack newsशिवसेना नेता रत्नाकर शिंदे की फाइल तस्वीर
ज़िस्म का कारोबार और शिवसेना का नेता!
शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता रत्नाकर शिंदे के द्वारा चलाए जा रहे महालक्ष्मी कला केंद्र में यह जिस्म के कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है। बताया जाता है, कि बीड जिले के केज इलाके में महालक्ष्मी कला केंद्र है जहां सांस्कृतिक नृत्य के कार्यक्रम होते है, लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है। जिले के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस नंद कुमार ठाकुर को सूचना मिली थी कि कला केंद्र की आड़ में अवैध रूप से वेश्यावृति का काला कारोबार चलाया जा रहा है।
रातभर चलता था शराब और शबाब का घिनौना खेल
इस केस की जिम्मेदारी सहायक पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत को दी गई थी। पंकज कुमावत ने लोकल पुलिस के बजाय एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग स्क्वाड की स्पेशल टीम तैयार की और अचानक से कलाकेंद्र पर धावा बोल दिया। पुलिस के मुताबिक यहां बियरबार बनाया गया था। जहां शराब परोसी जा रही थी। पुलिस की छापेमारी के दौरान 44 लड़कियां इस बार में मिली जो सेक्स वर्कर की तरह काम करने पर मजबूर थीं। सभी को यहां देशभर के अलग-अलग शहरों से लाकर जमा किया गया था।
छापामारी के दौरान पुलिस ने देखा की डांस फ्लोर के पास ही कई छोटे-छोटे कमरे बने हुए थे। जब उन्हें खोला गया तो अंदर नाबालिग लड़कियां भी थीं। पुलिस ने तलाशी शुरू की तो अंदर कॉन्डम, शराब, अन्य नशीले पदार्थ मिले। जो ग्राहकों और इन लड़कियों को दिए जाते थे। लड़कियों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ रेप, पोक्सो और अन्य अलग-अलग मामलों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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यह कला केंद्र रत्नाकर शिंदे एक अन्य महिला के साथ मिलकर चला रहा था। महिला के नाम पर ही लायसेंस है। परवाना धारक महिला के साथ मिलकर रत्नाकर शेट्टी जिस्मफरोशी के इस कारोबार को अंजाम दे रहा था। लेकिन रेड होते ही मुख्य आरोपी रत्नाकर और उसकी महिला साथ फरार हो गए। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। पुलिस ने एक महिला जो कलाकेंद्र की मैनेजर है उसे और एक अन्य पुरूष जो रत्नाकर के दिशा निर्देश पर सेक्स रेकैट चलाने के जुर्म में गिरफ्तार किया है। खबर का पता चलते ही शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे ने रत्नाकर को पार्टी और पद से बर्खास्त कर दिया है।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अब तक 11 CBSE स्कूल शुरू किए हैं।
दो चेंबूर और एक कांदिवली।
2021 में 10 और स्थानों पर सीबीएसई स्कूल शुरू किया था।
वी बी माणिक मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अब तक 11 CBSE स्कूल शुरू किए हैं और इन स्कूलों में गरीब परिवारों के छात्रों को पढ़ने का मौका दिया जा रहा है। बीएमसी ने इस शैक्षणिक वर्ष से मुंबई में तीन और सीबीएसई स्कूल शुरू कर दिया हैं। इनमें से दो चेंबूर और एक कांदिवली में शुरू किया है। इसके साथ ही चेंबूर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) सीबीएसई बोर्ड (CBSE Bord) स्कूलों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। (Mumbai BMC started three new CBSE schools)
छात्रो का मिल रहा है अच्छा प्रतिसाद
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने 2020 में जोगेश्वरी पूर्व के पूनम नगर स्थित मुंबई पब्लिक स्कूल में पहला सीबीएसई स्कूल शुरू किया था। इस स्कूल से मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए मनपा ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आगामी शैक्षणिक वर्ष से मुंबई में अन्य स्थानों पर भी सीबीएसई स्कूल शुरू करने का फैसला किया था। मनपा ने 2021 में 10 और स्थानों पर सीबीएसई स्कूल शुरू किया था। इसके अलावा आईसीएसई, आईबी और कैम्ब्रिज आईजीसीएसई बोर्ड का एक-एक स्कूल भी शुरू किया है। इन स्कूलों की बढ़ती प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए, पिछले साल बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने सीबीएसई स्कूलों में छोटा शिशु और किंडरगार्टन कक्षाओं के प्रत्येक बैच को बढ़ा दिया था। कुल 960 सीटें बढ़ा दी गईं। लेकिन फिर भी सीबीएसई स्कूलों की मांग बढ़ रही है और शिक्षा विभाग मुंबई में और अधिक सीबीएसई स्कूल शुरू करने की कोशिश कर रहा है।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका के स्कूलों में केंद्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड स्कूल खुलने के बाद से छात्रों का सरकारी स्कूलों के तरफ काफी बढ़ गया है। सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चे इन स्कूलों में नहीं जा सकते क्योंकि वे अन्य बोर्ड के निजी (Private) स्कूलों का खर्च वहन नहीं कर सकते। इसलिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सीबीएसई,(CBSE) आईसीएसई (ICSE) और इंटरनेशनल बोर्ड (International Bord) के स्कूलों को काफी अच्छा प्रतिसाद (Response) मिल रहा है। ऑनलाइन (Online) आवेदन करने के बाद एडमिशन के लिए लॉटरी निकाली जाती है। इसलिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का शिक्षा विभाग इन स्कूलों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इसी के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका प्रत्येक प्रशासनिक प्रभाग (ward) में कम से कम एक सीबीएसई स्कूल शुरू करने का प्रयास कर रहा है। हालाँकि, इस शैक्षणिक वर्ष में तीन नए स्कूल शुरू हो चुका हैं। ऐसे में बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सीबीएसई स्कूलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
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नया सीबीएसई स्कूल का पता..
1) मुंबई पब्लिक स्कूल, आनिक विलेज, जीजामाता नगर, चेंबूर पश्चिम 2) मुंबई पब्लिक स्कूल, एम. जी क्रॉस रोड, साईनगर, कांदिवली पश्चिम 3) मुंबई पब्लिक स्कूल, आशीष लेक, वडवली, आरसीएफ, चेंबूर
मुंबई में किन जगहो पर है CBSE स्कूल..
भवानी शंकर रोड म्युनिसिपल स्कूल, केन नगर म्युनिसिपल स्कूल, प्रतीक्षा नगर म्युनिसिपल स्कूल, दिंडोशी म्युनिसिपल स्कूल, जनकल्याण म्युनिसिपल स्कूल (मलाड), तुंगा विलेज स्कूल (कुर्ला), राजावाड़ी म्युनिसिपल स्कूल (विद्याविहार), अजीज बाग म्युनिसिपल स्कूल (चेंबूर), हरियाली विलेज म्यूनिसिपल स्कूल स्कूल (विक्रोली पूर्व), मीठानगर स्कूल (मुलुंड पूर्व)।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल के कार्यालय के माध्यम से वर्ष, 2019 और 2021 के मध्य मुंबई को और अधिक खूबसूरत बनाने के नाम पर अनेकों सड़कें कंक्रीट की बनवाई हैं। जो बेहद खराब गुणवत्ता वाली हैं, जिनके विरुद्ध अनेकानेक शिकायतें भेजी गईं लिखित रूप से लेकिन उन पर कान नहीं दिया गया। तो कानूनी कार्रवाई तो बड़ी दूर की बात है। जिससे जान पड़ता है बहुत बड़ा भ्रष्टाचार कर करोड़ों रुपए जेब में भरे गए हैं। जो मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा है।
शिकायतों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का जवाब नहीं देना और कोई कार्रवाई नहीं करना प्रमाण है, कि खुलकर भ्रष्टाचार किया गया है। महानगर की ये प्रमुख सड़कें हैं, जिसे मेसर्स भव्य एंटरप्राइजेज, मेसर्स प्रगति एंटरप्राइजेज, मेसर्स एम बी ब्रॉडर्स, मेसर्स एम ई इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, मेसर्स कमला, मेसर्स आर जे शाह, मेसर्स कोणार्क कंपनी, मेसर्स मुकेश, मेसर्स ए पी आई सिविल कॉन, मेसर्स मनसा कंस्ट्रक्शन, मेसर्स बिकोन, मेसर्स एच बी, मेसर्स आर के मदानी को ठेका दिया गया हैं। जिनके माध्यम से पी एन वॉर्ड, पी साउथ, के वेस्ट, के ईस्ट, एच ईस्ट, एच वेस्ट, आर नॉर्थ, आर सेंट्रल, आर साउथ इन सभी वार्डों में बनवाई गई तमाम सड़कों में खराब गुणवत्ता के मैटिरियल्स लगाए गए, जो उच्च गुणवत्ता के नहीं हैं।
क्या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?
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मुंबईकरों के साथ यह बहुत बड़ा छल किया गया है। जिनमे अधिकांश सड़कें मात्र दो महीने में ही टूट फूट गई। सोचिए कंक्रीट की सड़कें दो महीने भी सही सलामत नहीं रह पाएं तो इसे क्या भ्रष्टाचार का खेल नहीं कहा जाएगा? इस संबंध में तात्कालीन मनपा (BMC) आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यालय में अनेकों लिखित शिकायतें दी हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ये तमाम सड़कें उन्हीं ठेकेदारों द्वारा पुनः निर्माण उच्च क्वालिटी का कराया जाना ही मुंबईकरों के साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आशा की जा सकती है, कि वे न्यायोचित जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करेंगे? या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?
महाराष्ट्र दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणुस का स्वाभिमान जागा।
बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मोदी के पैरों के नीचे से जमीन खिसक चुकी है। बौखलाहट साफ दिख रही है। लेकिन उनकी हर चाल उन्हीं पर भारी पड़ेगी। महाराष्ट्र में पहले शिंदे एंड कंपनी के भ्रष्टाचार की जांच में जेल जाना था मगर शिंदे दंडवत मुद्रा में आ गए। मुख्यमंत्री बन गए। फिर बारी आई अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल और छगनभूजबल जैसे भ्रष्टाचारियों की। इसके साथ ही महाराष्ट्र में गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो चुकी है।
भोपाल में दो दिन पहले कहा था, सारे भ्रष्टाचारी जेल जाएंगे। राकांपा ने किया है सत्तर हजार करोड़ के घोटाले का खेल। बस अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से गद्दारी कर मोदी का चरण रज ले बैठे और उपमुख्यमंत्री बन गए। अन्य भ्रष्ट मंत्री पद की शपथ ले लिए। बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं। क्योंकि मोदी खुद बिना रीढ़ के हो चुके हैं। जिनमें स्वाभिमान शेष है, झुकना नहीं चाहेंगे वे ही जेल जाएंगे।
Indian fasttrack newsमहाराष्ट्र वोटिंग की फाइल तस्वीर
गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग..
लेकिन देश में दूसरे नंबर के सांसद देने वाले महाराष्ट्र के नागरिकों का मराठी माणूस जाग चुका है। मराठी बनाम गुजराती का भाव बढ़ रहा है। तत्कालीन रूप से भले ही मोदी की कूटनीति जीत रही हो, लेकिन जब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे तो मोदी के सिपहसालार जो सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री बन चुके हैं उन्हें और उनके भ्रष्ट गद्दार साथियों को मराठी माणूस उनकी जमानत जब्त कराकर शिक्षा देंगे।
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इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में छः से ज्यादा सीटें बीजेपी को मिलने वाली नहीं है और न हीं महाराष्ट्र में कभी बीजेपी की सरकार ही बनने देंगे मराठी माणूस। गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो गई है। जिस तरह एक मई को महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणूस का स्वाभिमान जागा था। वैसे ही आज भी जाग चुका है और एक बार फिर गुजरात की हार सुनिश्चित है।
मुंबई के वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस थाने में भारतीय रेलवे का 5 करोड़ रुपये का इंजन गायब होने को लेकर मामला दर्ज किया गया है।
इस्माईल शेख मुंबई- रेलवे का 5 करोड़ रुपए का इंजन गायब हो गया है। इसको लेकर रेलवे के एक ठेकेदार ने उप-ठेकेदार के खिलाफ वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। रेलवे ने जेबी ग्रेन डीलर्स एसोसिएशन को 27 अप्रैल को एक ठेका (contract) दिया था। करार के तहत ठेकेदार को एक रेल इंजन मुंबई से कालका और वहां से वापस मुंबई लाना था। लेकिन ‘जेबी ग्रेन’ ने रेलवे को बिना बताए ‘राधा रोडवेज’ (उप-ठेकेदार) को 4 लाख 25 रुपए का ठेका दे दिया।
5 करोड़ का रेलवे इंजन
राधा रोडवेज ने 27 अप्रैल को परेल वर्कशॉप से रेलवे इंजन लोड किया और कालका में डिलीवरी की। रेलवे के मुताबिक इंजन थोड़ा डैमेज था। दो मई को ‘राधा रोडवेज’ ने मुंबई लाने के लिए कालका से एक पुराना इंजन लोड किया। लेकिन यह इंजन अब तक मुंबई नहीं पहुंचा है। पुलिस को दिए जानकारी और प्राथमिकी में ‘जेबी ग्रेन’ ने दावा किया, कि उसने ‘राधा रोडवेज’ को 29 अप्रैल से 17 मई के बीच 4 लाख रुपए का भुगतान कर दिया है। बाकी 25 हजार रुपए का भुगतान इंजन पहुंचने के बाद करना था।
Indian fasttrack newsमुंबई का वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस थाने की फाइल तस्वीर
‘राधा रोडवेज’ का कहना है, कि उन्हें भुगतान विलंब से मिला और अभी 60 हजार रुपए बाकी हैं। जब तक भुगतान नहीं मिलेगा, तब तक ‘राधा रोडवेज’ इंजन की डिलीवरी नहीं कर पाएगा। अब मामला पुलिस स्टेशन पहुंच गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वडाला ट्रक टर्मिनल थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर आरगडे ने बताया, कि “दोनों के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद है। रेलवे इंजन जल्द मुंबई पहुंच जाएगा, जो रास्ते में है।” 5 करोड़ का रेलवे इंजन बताया जा रहा है।
मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवराज मानसपुरे ने बताया, कि “रेलवे ने ‘जेबी ग्रेन’ को ठेका दिया था। हमारा जो नया इंजन परेल वर्कशॉप से कालका पंहुचा, वह थोड़ा डैमेज पाया गया। इसलिए हमने ठेकेदार को जुर्माना भरने के लिए कहा है।” उन्होंने आगे कहा, कि “कालका से निकला इंजन अभी तक परेल वर्कशॉप नहीं पंहुचा है।”
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वसूली के पैसे से अपना गुजर बसर कर रहे हैं।
वी बी माणिक (मनपा मुख्यालय प्रतिनिधि) मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सी वार्ड के कार्यकारी अभियंता और परिरक्षण विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कनिष्ठ अभियंता, दुय्यम अभियंता और सहायक अभियंता का खर्च पगार पर नही चलता केवल अवैध निर्माण के ठेकेदारों से वसूली कर अपना खर्च चला रहे है।
BMC के अधिकारियों और कर्मचारियों की वसूली..
बड़े ही शर्म की बात है, कि करीब पाँच वर्ष पूर्व श्री मुंबादेवी मंदिर के आसपास तीन बार बम धमाके हो चुके है। जिसमें वहाँ के सैकड़ो निर्दोष नागरिक मारे गए है। फिर भी मनपा कर्मी सुधरने को तैयार नही है। यहां मुंबादेवी कमाउंड में अवैध निर्माण की भरमार है। कितनी बार वहाँ के दुकानदारों ने इस अवैध निर्माण करने वालो के बारे में शिकायत किया। फिर भी आजतक कोई कार्रवाई नही हुई। जिससे मंदिर में आने जाने वाले दर्शनार्थियों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है।
मनपा के परिरक्षण विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर और जेई दोनों की लूट पाट की घटना बंद नही हो रही है। यहां सी वार्ड के वार्ड ऑफिसर (प्रभाग अधिकारी) नए नियुक्त किये गए है। इन मनपाकर्मीयो के विरुद्ध कार्रवाई कब होगी? कब अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे? कब इन भ्र्ष्टाचारियो से मुक्ति मिलेगी? या ऐसे ही अवैध निर्माण कार्य चलता रहेगा?
सी वार्ड काफी संवेदनसील होता जा रहा है। क्योंकि 1993 में सीरियल बम धमाका। इसके बाद मंदिर के पास ‘ताँबा काँटा’ में बम धमाका। इसके बाद ‘खाऊ गल्ली’ में धमाका हुआ। इन धमाकों में सैकड़ो निर्दोष नागरिको ने अपने प्राणों की आहुति दिया। ये कब तक चलता रहेगा अवैध निर्माण कार्य? बॉम्बे उच्चन्यायल ने भी अवैध निर्माण पर मनपा आयुक्त को कड़ी फटकार लगाई है। आदेश भी जारी किया है, फिर भी मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने आजतक कोई दिशा निर्देश जारी नही किया।
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मनपा उपायुक्त संगीता हंसनाले..
मनपा उपायुक्त परिमंडल 1 की कुर्सी पर विराजमान श्रीमती संगीता हसनाले भी कोई कार्रवाई नही कर रही है। जो पहले सी वार्ड में तीन वर्ध तक वार्ड ऑफिसर रही है। इन्होंने काफी अवैध निर्माणों को प्रोत्साहन दिया है। हसनाले के विरुद्ध तत्कालीन उपायुक्त वसंत प्रभु ने इन्क्वारी बैठाया था। जो अब ठंडे बस्ते में चला गया है। अब आपको बता दें, कि इस अवैध निर्माण पर कब कार्रवाई होगी ये माँ मुंबादेवी ही जान सकती है।