महाराष्ट्र के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी।
मूसलाधार बरसात में हादसे की संभावना।
सभी स्कूल और कॉलेज बंद।
सुरेंद्र राजभर मुंबई– मौसम विभाग के अनुसार 26 जुलाई 8 बजे से लेकर 27 जुलाई दोपहर तक मुंबई में मूसलाधार बरसात की संभावना जताई जाती है। अधिक वर्षा से मुंबई के निचले इलाकों में पानी जमा होकर मुंबईकरों के लिए मुसीबत बन जाता है। मुंबई में आज भारी बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रख मनपा प्रशासन के मुखिया इकबाल सिंह चहल ने आज बृहन्मुंबई महानगर पालिका और मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूलों और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के साथ ही सभी कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा जारी कर दी है। साथ ही सभी मुंबईवासियों से सतर्क रहने की अपील भी की है।
मूसलाधार बरसात..
बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकले प्रशासन के माध्यम से समयानुसार दिए गए निर्देशों का पालन करने का मुंबईकरों से अनुरोध भी किया है। साथ ही मुंबई से सटे मीरा-भयंदर और पालघर जिले की भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। यहां पर भी सरकारी एवं निजी स्कूल, कॉलेजों को बंद करा दिया गया है। इस समय राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने मुंबई समेत महाराष्ट्र के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। (मूसलाधार बरसात)
Indian fasttrack newsमुंबई शहर में मूसलाधार बरसात की तस्वीर
महाराष्ट्र के 4 जिलों में जारी अलर्ट..
भारी बारिश के पिछले और वर्तमान के अनुमान को देखते हुए आज मुंबई, ठाणे, रत्नागिरी और चंद्रपुर के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। जर्जर इमारतों के वर्षा समय में गिरने का खतरा भी होता है। मुंबईकरों से अपिल है, कि घबराएं नहीं। आपातकालीन परिस्थितियों में हेल्प लाइन नंबर 1916 पर सहायता के लिए संपर्क करें। इसको लेकर समूचे मुंबई में एलर्ट जारी कर दिया गया है। (मूसलाधार बरसात)
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प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट में, कहा गया है, कि जरूरत नहीं हो तो घर से बाहर न निकलें। जर्जर इमारत के पास पथक की तैनाती की गई है। मनपा आयुक्त ने ऐसी सूचना जारी कर दी है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए समस्त मनपा कर्मी पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की सुरक्षा बल अलर्ट मोड़ पर रहेगी। वहीं लोगों से सतर्क रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है। दोपहर बाद ताजा मिल रही जानकारी के मुताबिक, बोरीवली पूर्व स्टेशन रोड पर पानी भर गया है और दहिसर पूर्व एस वी रोड से शिवाजी रोड पर घुटनों तक पानी भर गया है। कभी भी पानी दुकान के अंदर घुस सकता है। यहां आने जाने वाले वाहनों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। (मूसलाधार बरसात)
मेल-एक्सप्रेस गाड़ियों के अलावा मुंबई की लोकल ट्रेनों में भी हिजड़ों का आतंक देखा जाने लगा है। बांद्रा जीआरपी में मामला हुआ दर्ज। Mumbai Local Train
वी बी माणिक मुंबई– पश्चिम और मध्य रेलवे के लोकल गाड़ियों में हिजड़ों का आतंक काफी बढ़ गया है। आज यानी 26 जुलाई, पश्चिम रेल के माटुंगा से लोकल ट्रेन में एक लड़की यात्रा कर रही थी। तभी एक कौशल्या नामक हिजड़े (किन्नर) द्वारा उस लड़की के साथ दुर्व्यवहार किया गया। जिस पर सांताक्रूज रेलवे स्टेशन पर उस लड़की द्वारा बांद्रा जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई गई। (Mumbai Local Train)
बांद्रा जीआरपी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 509 के तहत गुनाह दर्ज कर आरोपी हिजड़े को जमानत पर छोड़ दिया है। क्योंकि जिस धारा में सात साल से कम सजा का प्रावधान है उसमें आरोपी को गिरफ्तार नही किया जाता। जब चार्जसीट दायर होगा तब कोर्ट सजा का निर्णय लेगा। (Mumbai Local Train)
बांद्रा जीआरपी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कुंभार से फोन पर बात करने पर उन्होंने बताया, कि इस एरिया में हिजड़ो पर काफी कार्रवाई की गई है। फिर भी चोरी छिपे ये चले आते है। दूसरी ओर आरपीएफ निरीक्षक मीणा ने जानकारी देते हुए कहा, कि अधिक से अधिक केस हिजड़ो पर किया जा रहा है। पर ये कोर्ट से छूटने पर वापस चोरी छिपे गाड़ियों में भीख मांगने और बदतमीजी के साथ वसूली करने के लिए आ जाते है। पर सबसे बड़ी बात ये है कि आरपीएफ के पास सुरक्षा बलों की काफी कमी है। (Mumbai Local Train)
अब मुद्दा ये है, कि ये हिजडो को महिलाओं के डब्बे में यात्रा करने की अनुमति देता कौन है? अधिकांश हिजड़ो के पास यात्रा करने का टिकट नही होता। मेल एक्सप्रेस गाड़ियों में भी ये हिजड़े यात्रियों से जबरी पैसों की वसूली करते है। मध्यरेल के एलटीटी थाना कल्याण में भी हिजड़ो का काफी आतंक है। ये कब बंद होगा? चेकिंग स्टाफ इन पर कार्रवाई करने से क्यो कतराता है? (Mumbai Local Train)
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शिकायत होने पर आरपीएफ और जीआरपी, चेकिंग स्टाफ दो चार हिजड़ो पर कार्रवाई कर अपना कालर टाइट कर लेते है। अब यात्रियों की सुरक्षा की जबाबदारी कौन लेगा? ये सबसे बड़ा प्रश्न है। क्या इस विषय पर डीआरएम और अन्य अधिकारी संज्ञान लेंगे, या ऐसे ही चलता रहेगा? (Mumbai Local Train)
भ्रटाचार की नींव पर हो रहा है पांच मंजिला इमारतों का अवैध निर्माण।
बिना नक्शा पास कराए मनपा नियमों को ताक पर रख बनाई जा रही पांच मंजिला इमारतें।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- यूं तो सम्पूर्ण बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) भ्रष्टाचार के मामले में स्पर्धा करती रहती है। हर वार्ड के जिम्मेदार डी ओ, वार्ड ऑफिसर, अभियंताओं में भ्रष्टाचार की कमाई वाला माल बनाने की मानों होड़ सी लगी दिखती है। यदि अवैध बांधकाम कराने, उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को कोई पुरस्कार देने की योजना बनाई जाए तो पी/नॉर्थ, वार्ड टॉप पर होगा। अधिकारियों की बात करें तो पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु ही बाजी मारकर टॉप पुरस्कार प्राप्त करने में सफल होंगे। (मलाड BMC का भ्रष्टाचार)
पांच मंजिला भ्रष्टाचार…
बताया जा रहा है, कि पी/नॉर्थ वार्ड के चीकू वाड़ी, रोड नंबर -१, मालवणी चर्च, बस स्टॉप नियर एनथोनी स्कूल, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम) में ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के आर सी सी (RCC) का अवैध बांधकाम कराने और संरक्षण देने का कार्य डीओ राजन प्रभु द्वारा किया गया है। जबकी उक्त पांच मंजिला इमारत के निर्माण कार्य को गैरकानूनी तरीके से कराया जा रहा है। आरोपित डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल करने के साथ ही भ्रष्टाचार को खूब बढ़ावा मिल रहा है।
Indian fasttrack newsचीकू वाड़ी,रोड नंबर-१,, मालवणी चर्च,बस स्टॉप नियर एंथोनी स्कूल,मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम), स्थित ग्राउंड+४(पांच मंजिला)इमारत के आरसीसी का अवैध निर्माण की तस्वीर
मलाड BMC का भ्रष्टाचार…
इसी तर्ज पर दुर्गा निवास, बाजार गली, भंडारवाड़ा रोड़, बस स्टॉप, मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम) में खाली भूखंड (open plot) पर ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के ४० रूम का गैरकानूनी निर्माण कार्य बिना नक्शा पास कराए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के नियमों को ताक पर रख कर उक्त दोनो पांच मंजिला इमारतों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है और संरक्षण दिया जा रहा है और लाखों की काली कमाई की जा रही है। जिस पर तोड़क कार्रवाई नहीं करना क्या मतलब है? क्या बिना लेन-देन किए ऐसा संभव है?
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आला अधिकारियों का दुधारू गाय…
झोपड़ी रिपेयर करते समय नोटिस पर नोटिस देने वाले अधिकारी जब गैरकानूनी निर्माण नहीं तोड़े तो! क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है? लगता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी कोमा में हैं। जो भ्रष्ट अधिकारियों के भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। चर्चा है आम, कि इन अवैध निर्माणों में डीओ राजन प्रभु का पैसा लगा है। जो काली कमाई खपाने का उत्तम माध्यम है। सूत्र बताते हैं, कि इसके पीछे की मुख्य वजह भ्रष्ट डीओ राजन प्रभु को आला अधिकारियों का दुधारू गाय होना मान रहे हैं।
अधिकारियों व स्थानीय नेताओं में क्षेत्रवाद का महारोग है संक्रमित।
लेबर हीरा परमार के माध्यम से फेरीवालों से जबरन की जा रही है वसूली।
सरकार को रुचि नहीं है, फेरीवाला कानून को मंजूरी देने में।
वसूली बंद होने से काली कमाई के खत्म होने का सता रहा है डर।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार है देश में कहीं बसने, व्यापार करने, संपत्ति बनाने, बोलने, लिखने का। लेकिन क्षुद्र नेता इसमें राजनीति और पक्षपात कर मौलिक अधिकारों का क्षेत्रीय आधार पर अन्याय कर इसका हनन करते हैं। सरकारें दौलत कमाने के लिए उन्हें हटाने या भगाने का षडयंत्र रचती हैं। इसमें राजनीतिक दलों का स्वार्थ, पूर्ण रवैया अन्याय और लूट को बढ़ावा देता है। (फेरीवाला कानून ..)
केंद्र सरकार ने रोजगार मुहैया कराने के लिए देश भर में फेरीवालों को लाइसेंस देने का बिल पास किया। सुप्रीमकोर्ट ने भी आदेश दिया है, लेकिन महाराष्ट्र खासकर मुंबई में फेरीवालों से अवैध रूप से वसूली करने के लिए फेरीवालों को नियमित नहीं किया जा रहा। बता दें, कि ऐसा जनता के सेवकों को फेरीवाला संगठन में शामिल नहीं किए जाने पर किया जा रहा है। सबसे बड़ा तोड़ा महाराष्ट्र की आघाड़ी सरकार है। याद हो कि लगभग तीन लाख फेरी वालों ने रजिस्ट्रेशन कराया था ।केंद्र सरकार ने 2014 में कानून बनाया मनपा ने 2018 में राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया था। तब से दो दो सरकारें आईं लेकिन वसूली से आमदनी करने के लिए किसी भी सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।
Indian fasttrack newsप्रतिकारातमक फ़ाईल तस्वीर Indian fasttrack
फेरीवाला कानून ..
सरकार फेरीवाला कानून को लेकर अभी तक फैसला नहीं कर पा रही है। जिससे फेरीवालों को बिना लाइसेंस के ही अपना व्यवसाय करना पड़ रहा है। इसी की आड़ में आर/दक्षिण, अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग की तरफ से फेरीवालों से अवैध वसूली की जा रही है। जिससे फेरीवाले त्रस्त हो रहे हैं। भला सोने के अंडे देने वाली मुर्गियां कोई आजाद करना क्यों चाहेगा। फेरीवालों से अवैध तरीके से मनपा कर्मी, ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय नेता 400 से 500 करोड़ रुपए वसूलते हैं।
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मौलिक अधिकार की सुरक्षा..
कांदिवली के आर/दक्षिण वार्ड में कुछ ज्यादा ही वसूली का रिकार्ड बनाया जा रहा है। आर/दक्षिण वार्ड की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे और सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर के आदेश पर अतिक्रमण/निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक सैफुद्दीन सैयद शेख अपने लेबर हीरा परमार के साथ कुछ ज्यादा ही वसूली करते हैं। नहीं देने वालों के सामान गाड़ी में भरवा लेते हैं। फेरीवाले अवैध वसूली से त्रस्त हैं। डबल इंजन की सरकार को जानना होगा कि केंद्र में भी बीजेपी सरकार है तो शीघ्र ही मनपा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और रिमाइंडर का ध्यान रख तुरंत आदेश दे, ताकि फेरी वालों से अवैध वसूली नहीं हो और मौलिक अधिकार की सुरक्षा के साथ न्याय हो।
क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है? ऐसा पूछा जा रहा है। मुंबई के अबोजवाड़ी झोपड़ा धारकों पर भरी बरसात में प्रशासन का कहर टूट पड़ा है। लगभग 250 झोपड़ाधारक हुए बेघर।
इस्माईल शेख मुंबई- मलाड पश्चिम मालवणी अंबोजवाड़ी का इलाका झोपड़पट्टी के लिए हमेशा से ही जाना जाता रहा है। यहां सरकार ने कुछ लोगों को शिफ्टिंग दिया हुआ है। तो वहीं कुछ भू माफियाओं ने जगह कब्जा कर वहां झोपड़े बनाकर लोगों को बेच दिए। अब उन झोपड़ों को प्रशासन खाली करने के लिए जद्दोजहद कर रही है। लेकिन भरी बरसात में लोगों को बेघर कर देना प्रशासन के लिए मुसीबत साबित हो गया है।
लोगों ने पूछा तो कहा गया, कि “कार्रवाई का हमें आदेश मिला है।” जब देश का कानून भी इसकी इजाजत नहीं देता, तो इन्हें आदेश किसने दिया। कानून के खिलाफ जाकर लोगों का घर तोड़ना यहां पर क्रूरता दिखाई पड़ रही है। फिलहाल यह जांच का विषय बना हुआ है। प्रशासन द्वारा कलेक्टर की जगह बता कर लगभग 250 घर तोड़ दिए हैं।
Indian fasttrack newsबेघर होने के बाद झोपड़ा धारक की तस्वीर
आपको जानकारी देते हुए बता की महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर इस तरह की तोड़क कार्यवाही पर अंकुश लगाने के लिए अध्यादेश जारी किया हुआ है, कि बरसाती मौसम में किसी को बेघर न किया जाय और हाईकोर्ट का भी ऐसे मामलों पर कानूनी प्रक्रिया को कुछ समय तक के लिए रोक देने को कहा गया है जबकि बरसाती मौसम में किसी को बेघर करना अन्याय पूर्वक कृत्य माना गया है।
तो क्या मालवणी अंभुजवाडी के झोपड़े को तोड़ने वाले कर्मचारी एवं अधिकारी क्या देश के कानून से बढ़कर हैं और कौन है जो इन्हें ऐसे आदेश जारी कर दिया है। जो गरीबों का घर तोड़ने के लिए इन सरकारी कर्मचारियों को मजबूर किया गया हो। फिलहाल इन सारे मुद्दों को स्थानीय विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री असलम शेख ने लोकसभा के मानसून सत्र में महाराष्ट्र सरकार के समक्ष सवाल उठाया है।
क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?
कांग्रेसी विधायक असलम शेख द्वारा पूछे गए सवालों को सुनने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच किए जाने का आश्वासन दिया है। जांच तो चलता ही रहेगा मगर जिन लोगों का आशियाना भरी बरसात में तोड़ दिया गया उन मजबूर बेसहारा लोगों का क्या? जो आज भी अपने टूटे-फूटे सामानों को इकट्ठा कर वहीं बरसात में भीगते हुए दिन गुजारने के लिए मजबूर हैं। इनके घर तो तोड़ दिए गये। अब इनके स्वास्थ्य का क्या ? जो परिवार और बच्चों के साथ बरसात में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। क्या गरीब सिर्फ लोगों के अत्याचार सहने के लिए पैदा हुए है? ऐसा पूछा जा रहा है। क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।
Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।
Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-
Step 1:एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें। Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें। Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें
आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
अपना आवासीय पता लिखें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें। Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।
एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।
Voter ID Card में पता बदलना..
क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-
Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें। Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें। Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें। Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें। Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।
यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।
Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें। Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:
एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।
Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।
इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं। इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।
Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?
इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।
NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A
अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।
आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?
एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।
मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?
एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें। Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।
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आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।
इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
देश में महिला की सुरक्षा को लेकर लगातार लोगों में खौफ का माहौल बढ़ता जा रहा है। इस पर केंद्र सरकार को अंकुश लगाने की जरूरत है। India
वी बी माणिक मुंबई- आजकल अधिकांश राज्यो में महिलाओं लडकियो पर बलात्कार दुराचार की घटनाओं में दिन पर दिन बाढ़ सी आ गयी है। जिस पर राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे है। राजस्थान, छतीसगढ़ मणिपुर, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यो में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। (India)
मणिपुर की घटना.. India
राज्य सरकारें क्या कर रही है? महिलाओं को बलात्कार कर उनको जिंदा जला दिया जा रहा है। देश में इतना बड़ा पाप हो रहा। लेकिन इस पर राजनीतिक दलों के लोग अपनी रोटिया सेक रहे है। पिछले 80 दिनों से मणिपुर जल रहा है। मणिपुर के मुख्यमंन्त्री कान में तेल डालकर कुम्भकर्ण की नींद सो रहा है। उनको पता ही नही चल रहा है कि राज्य में क्या हो रहा है। ये बड़े शर्म का विषय है।
Indian fasttrack newsमहिला सुरक्षा पर प्रतिकारात्मक तस्वीर
राजस्थान की घटना..
दूसरी ओर राजस्थान में रात में जिंदा एक 6 महीने की बच्ची को जला दिया गया। जिस पर मुख्यमंन्त्री गहलोत ने एक शब्द नही बोला। अब अपराधी ही नेता बने है। इस पर चुनाव आगोग को कड़ा नियम लागू करना चाहिए कि जिस नेता पर एक भी छोटा केस हो तो उसको चुनाव लड़ने का अधिकार समाप्त कर देना चाहिए। लोक सभा और कुछ राज्यो के विधानसभा चुनाव करीब है। क्या अपराध की घटनाओं को बढ़ाकर चुनाव का पूर्वाभ्यास किया जा रहा है? India
अब निर्दोष नागरिकों, महिलाओ की हत्या, बलात्कार, लूट, चोरी, डकैती, राहजनी और अन्य घटनाओ की बाढ़ लाकर नेता अपनी ताकत बता रहे है। प्रधानमंत्री को आज वीडियो दिखाई पड़ा अभी तक मणिपुर की घटना की जानकारी नही थी। ये कबतक चलेगा पुलिस कब सुधरेगी नेताओ की चमचागिरी पुलिस कब बन्द करेगी। आजकल महाराष्ट्र में पुलिस की हफ्ता उगाही जोरो पर चल रही है। क्योंकि इनके आका सत्ता में और विपक्ष में बैठे है। इन पुलिस वालों का कोई कुछ नही कर सकता। India
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अब तो पुलिस स्टेशनों में महिलाओं की शिकायत तक नही ली जाती है। ये छोड़िये आम नागरिकों की शिकायत नही ली जाती है। पुलिस की मानसिकता दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। केवल अपने आकाओं के आगे पीछे मंडराते रहते है। अगर पुलिस के विरुद्ध किसी ने खबर लगा दिया। तो पुलिस हनुमान जी बनकर पत्रकार के पीछे लग जाती है। ये अपने देश का दुर्भाग्य है। दिल्ली में जब निर्भया कांड हुआ था। तो महिलाओ के लिए लोकसभा में कई कानून का इम्पलीमेंट (IMPLEMENT) किया गया था। पर उसपर आजतक अमल नही किया गया। कब होगी बहन बेटियों माताओ की सुरक्षा ये जबाब जनता पूछ रही है। India
Mumbai सहाय्यक आयुक्त की सीनियरिटी के आधार पर ही उपायुक्त बनाया जाता है।
अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में सहाय्यक आयुक्त के अभी भी छः पद रिक्त।
कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा नुकसान।
सहाय्यक आयुक्तों के गलत चयन से मुंबईकरों की मुसीबतें बढ़ने लगी है।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहाय्यक आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में घोर लापरवाही ही नहीं नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। नियमावली के अनुसार सहाय्यक आयुक्त के खाली पदों पर नियुक्ति 50% लोकसेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों का होता है। शेष 50% विभागीय सिनियारिटी से परीक्षा ली जाती है। प्रशिक्षण के लिए दूसरे पदों पर रखा जाता है। जिन्हें बाद में मनपा में सहाय्यक आयुक्त नियुक्त कर दिया जाता है। Mumbai BMC News
बता दें कि मनपा में सहाय्यक आयुक्त के 33 पद में 17 पद रिक्त थे जिनमें विभाग द्वारा 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का प्रभार दे दिया गया है। जो विभागीय कोटे से बहुत अधिक है। उनकी परीक्षा और ट्रेनिंग हुई अथवा नहीं कहा नहीं जा सकता। लेकिन इन 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से जहां कार्यपद्धति से निर्णय लेने में अपरिपक्वता होगी। वहीं आयोग द्वारा चयनित किंतु बाद में नियुक्त सहाय्यक आयुक्त जूनियर हो जाएंगे क्योंकि सहाय्यक आयुक्त की सिनियारीटी के आधार पर ही उसे उपायुक्त बनाया जाता है। Mumbai BMC News
कार्यकारी अभियंताओं को नियम विरुद्ध 11 सहाय्यक आयुक्त पदों का प्रभार दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में अभी भी 6 पद सहाय्यक आयुक्त के खाली हैं। जिससे दोनो विभाग अपंग बना हुआ है। Mumbai BMC News
आयोग द्वारा चयन किए गए कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का सीधे प्रभार दिए गए लोगों के कार्य और जिम्मेदारी में बहुत फर्क होता है। जो उनकी कार्यपद्धति से साफ साफ दिखने लगा है। क्योंकि यह तो कुछ वैसा ही हुआ है जैसे किसी कंपाउंडर को डॉक्टर का प्रभार दे दिया जाए और रोगियों की चिकित्सा करने पर हालात क्या होंगे? कुछ ऐसा ही मामला कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा है। इससे नुकसान और परेशानियां मुंबईकरों की बढ़ने लगी है। क्या ये प्रभार अभी नहीं देकर आयोग से ग्यारह चयनित लोगों को सहाय्यक आयुक्त नियुक्त किए जाने के बाद ही कार्यकारी अभियंताओं को नियुक्त किया जाए। Mumbai
पुराने महानिदेशक ने आरपीएफ निरीक्षकों का काफी समय बर्बाद कर दिया और दूसरी तरफ अब नए महानिदेशक के तौर पर मनोज यादव को नियुक्त कर दिया गया है। फिलहाल RPF निरीक्षको में आंतरिक भारी रोष व्याप्त है।
वी बी माणिक मुंबई- रेल सुरक्षा बल (RPF) के नए महानिदेशक के पद पर मनोज कुमार यादव की नियुक्ति कर दी गयी है। भारत सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। ये आदेश 18 जुलाई 23 को जारी किया गया है। अब देखना होगा कि यादव टीएमएम पर क्या निर्णय लेते है। इसके पहले डीजी संजय चंदर पद भार संभाल रहे थे।
RPF निरीक्षको में आंतरिक भारी रोष..
दूसरी ओर सूत्रों से मिली खबर के अनुसार मध्य और पश्चिम रेलवे के आईजी ने एक पत्र जारी किया है। कि मंडल में नियुक्त सभी निरीक्षक दो पोस्ट का नाम भेजे जिनको मंडल के बाहर नही भेजा जाएगा। इससे निरीक्षको में आंतरिक भारी रोष व्याप्त है। जो कोई भी निरीक्षक अपनी जुबान खोल नही सकता। डीजी संजय चंदर एक शगूफा छोड़ दिया है जो किसी भी आईजी को इसकी जानकारी नही।
पिछले फरवरी से टीएमएम (TMM) की तैयारी कर रहे थे, जो आज तक नही कर पाए है। ये कौन सा रिकार्ड इकट्ठा कर रहे है और कौन सी ईमानदारी का फार्मूला तैयार बना रहे है ये किसी के समझ मे नही आ रहा है। RPF निरीक्षक ट्रांसफर का बड़ी बेचैनी से प्रतीक्षा कर रहे है। इनके बच्चों का भविष्य भी खराब कर रहे है। पर अधिकारियों को इसकी तनिक भी चिंता नही है। अब देखना होगा कि मनोज यादव क्या गुल खिलाएंगे कौन सा नया फार्मूला लेकर आते है। RPF निरीक्षको का ट्रांसफर रोकते है या टीएमएम को जारी रखते है।
RPF में भय का माहौल है। कितने निरीक्षक तो अपना बोरिया बिस्तरा बाँधकर तैयार बैठे है। समझ मे नही आ रहा है, कि आरपीएफ का भविष्य कितना उज्जवल है?
वी बी माणिक मुंबई- भारतीय रेल का नया इतिहास खड़ा करने के चक्कर मे रेल सुरक्षा बल (RPF) के महानिदेशक (Director General) संजय चंदर ने एक नए फार्मूले का इजाफा किया है। जिसका नाम है ट्रांसफर मोडिफिकेशन मॉडल (टी एम एम ) इसका मतलब अभी तक किसी को समझ मे नही आया है। अभी तक कोई आईजी भी समझ नही पाए है। इस वर्ष मार्च 2023 में होने वाले निरीक्षको, उप निरीक्षको और अन्य आरपीएफ के जवानों का ट्रांसफर नही हो पाया है।
सभी रेलवे जोन में इस पर ज़ोरों शोरों से काम चल रहा है। फिर भी पूरा नही हो रहा है अधिकांश बुद्धिमान अधिकारी रात दिन मिलकर काम कर रहे है। लेकिन ट्रांसफर की लिस्ट अभी तक तैयार नही हुई है। जिनका ट्रांसफर का समय हो गया है। ऐसे सारे निरीक्षक और उनके सहकर्मी बड़ी बेचैनी से अपने आईजी ऑफिस की तरफ निगाहे लगाए बैठे है। फिर भी कोई समाचार नही मिल रहा है इन कर्मचारियों के बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
आपको बता दें कि ट्रांसफर होने के बाद कर्मचारी एवं अधिकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अपने तबादले के साथ-साथ बच्चों का उनकी स्कूलों में एडमिशन कराना है। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गयी है। नही तो ये निरीक्षक अपने परिवार को छोड़कर पोस्टिंग की जगह पर ड्यूटी करने के लिए भाग्य हो सकते हैं। अधिकारी एवं कर्मचारियों की समस्या से डीजी को कोई फर्क नही पड़ता।
मार्च से जुलाई महीना समाप्त होने के करीब है। इसके साथ ही 31 जुलाई को डीजी संजय चंदर का रिटायरमेंट है। इनको क्या फर्क पड़ने वाला है। कोई भी निरीक्षक विरोध करने की ताकत नही रखता। अगर किसी ने मुँह खोला तो सीधे निरीक्षक का ट्रांसफर जंगल मे कर दिया जायेगा। सीधे उसको चार्जशीट पकड़ा दिया जायेगा। इस समय आरपीएफ में भय का माहौल है। कितने निरीक्षक तो अपना बोरिया बिस्तरा बाँधकर तैयार बैठे है। समझ मे नही आ रहा है, कि आरपीएफ का भविष्य कितना उज्जवल है।