नशे में धुत पैसेंजर ड्राइवर से भिड़ गया। जिसके चलते उसने कई लोगों की जान जोखिम में डाल दी। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)
इस्माईल शेख मुंबई– BEST (बेस्ट) बस हादसे में कुल 9 लोगों के घायल होने की खबर है। रविवार 1 सितंबर की शाम मुंबई के लालबाग इलाके से गुजर रही एक पब्लिक ट्रांसपोर्ट बस में सवार यात्री नशे की हालात में ड्राइवर से झगड़ने लगा। ये यात्री नशे में इतना धुत था कि लड़ाई के दौरान उसने बस की स्टीयरिंग को पकड़ लिया, जिसके बाद बस का बैलेंस बिगड़ गया और उसकी चपेट में मोटरसाइकिल और कार के साथ कुछ पैदल यात्री भी आ गए। घटना में 9 लोग घायल हुए है। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)
पुलिस ने क्या कहा?
खबर के मुताबिक कालाचौकी पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि घटना के वक्त बस रूट 66 से होते हुए मुंबई के सायन में रानी लक्ष्मीबाई चौक की ओर जा रही थी। ये बस बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) की एक इलेक्ट्रिक बस थी। शार्ट में कहे तो ‘BSET’ की. BEST, मुंबई की नगर पालिका (BMC) का ही एक भाग है जो शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए सिटी बसें चलाता है। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)
क्या है मामला?
रविवार शाम इसी बस में एक यात्री बस ड्राइवर से किसी बात को लेकर बहस करने लगा। यात्री नशे में धुत था। आनन-फानन में उसने बस के स्टीयरिंग को पकड़ लिया। इससे ड्राइवर का बस से नियंत्रण छूट गया। जिसकी वजह से बस से 2 मोटरसाइकिल और एक कार की टक्कर हो गई। इसके अलावा बस की टक्कर से कुछे पैदल भी घायल हो गए। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)
3 गंभीर रूप से घायल ..
घटना में कुल 9 लोग घायल हुए जिसमें से 3 की हालत गंभीर है। पुलिस ने बताया, कि सभी घायलों को अलग अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुंबई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच की जा रही है। इसके अलावा कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र में एक और बस की घटना सामने आई थी। खबर के मुताबिक बीते 16 जुलाई के दिन मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे में एक बस और ट्रैक्टर की टक्कर हुई, जिसमें 5 तीर्थ यात्रियो ने अपनी जान गंवाई थी। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)
इस्माईल शेख मुंबई– राज्य मे लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सभी राजनैतिक दलों ने अपने अपने स्तर पर एक समीकरण तैयार कर विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारी करना शुरू कर दी है। पिछली बार चुनाव की तैयारी में कम समय मिलने से हुए नुकसान को देखते हुए, इस बार सभी दल जल्द ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार Bjp 100 सीटों से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, तो वहीं महाविकास अघाडी में शिवसेना ठाकरे गुट मुंबई की 36 सीटों में से 22 सीटों पर दावा किया है।
आगामी विधानसभा चुनाव में मुंबई की 36 सीटों में से 22 सीटों पर शिवसेना ठाकरे समूह ने दावा किया है। एनसीपी शरद पवार गुट को मुंबई में ज्यादा सीटों की उम्मीद नहीं है। उन्होंने मुंबई में पांच से छह सीटों पर जोर दिया है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर मुंबई में महाविकास अघाड़ी की कई बार बैठक हो चुकी है। इसमें आगामी विधानसभा के लिए सीटों के आवंटन की रणनीति पर चर्चा की गई। मुंबई की विवादित सीटों का फैसला दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुलझाने वाले हैं।
महाविकास अघाड़ी के घटक दलों में से मुंबई में शिवसेना ठाकरे गुट के बाद कांग्रेस सबसे मजबूत माना जा रहा है। कांग्रेस और ठाकरे समूह ने एक साथ कुछ निर्वाचन क्षेत्रों पर दावा किया है। राज्य में कांग्रेस नेता इस बात पर सहमत हैं कि विधानसभा चुनाव में विवादित सीटों पर वरिष्ठ नेता निर्णय लेंगे तो यह स्वीकार्य होगा। एनसीपी पवार गुट मुंबई की घाटकोपर ईस्ट, कुर्ला, वर्सोवा, जोगेश्वरी, दहिसर, अणुशक्ति नगर, मालबार हिल कुल सात सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है। हालांकि, शरद पवार गुट को पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ेगा। एक जानकारी के मुताबिक इस बार सीटों का आवंटन जल्दी किया जाने वाला है, ताकि उम्मीदवारों को प्रचार के लिए उचित समय मिल सके।
स्वराज्य और प्रहार पार्टी का गठबंधन
महाराष्ट्र में महा-विकास अघाडी और एनडीए समीकरण को खराब करने के लिए संभाजी राजे और बच्चू कडू साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। महाराष्ट्र में इस वक्त महाविकास अघाड़ी (MVA) और महायुति (NDA) गठबंधन आमने-सामने है। एमवीए में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT), शरद पवार की एनसीपी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एकसाथ है। वहीं महायुति में अजित पवार की एनसीपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा (Bjp) शामिल है। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले एक और गठबंधन बनने जा रहा है। इसके लिए स्वराज्य पार्टी प्रमुख छत्रपति संभाजी राजे और प्रहार पार्टी प्रमुख विधायक बच्चू कडू और विभिन्न दलों के प्रमुख पदाधिकारी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में नए गठबंधन के गठन को लेकर बैठक कर रहे हैं। बच्चू कडू पहले महायुति के साथ थे लेकिन लोकसभा चुनाव में अमरावती सीट पर हुए मन-मुटाव के बाद पीछे हो गए। स्वराज्य पार्टी के संभाजी राजे मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर किसी गठबंधन में नहीं गए। Swarajya Party and Prahar Party Alliance
Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे भाजपा के लिए संतोष जनक नहीं रहे। पार्टी को महाराष्ट्र में महज 9 सीटें मिलीं। हार से आहत होकर, अपने अनुमान से कम मिली सीटों को देखते हुए भाजपा ने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी उम्मीदें कम कर दिया हैं और राज्य में 100 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। 288 विधानसभा क्षेत्र वाले महाराष्ट्र में पार्टी के पास वर्तमान में 106 विधानसभा सीटें हैं और उसे अपने सहयोगियों शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की मदद से आधे का आंकड़ा पार करने और 145 तक पहुंचने की उम्मीद है। पिछले हफ्ते कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महायुति के सत्ता में लौटने के बारे में कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए लेकिन इसे बरकरार रखने के लिए हमें 100 सीटें सुनिश्चित करनी होंगी। अगर हम 100 का आंकड़ा पार कर गए तो Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा।”
400 पार का नारा हुआ बेअसर
महाराष्ट्र के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का ‘400 पार’ का नारा बेअसर रहा है। जबकि राज्य में Bjp को 48 लोकसभा सीटों में से 45 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद थी लेकिन इसका उलटा असर हुआ। Bjp के एक पदाधिकारी ने कहा, “उच्च-स्तरीय अभियानों और अनुमानों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय हमने राज्य भर में व्यक्ति-से-व्यक्ति संपर्क के आजमाए हुए फॉर्मूले की ओर रुख किया है। हमने महसूस किया कि लोकसभा में विफलता ज़मीनी स्तर पर लोगों के साथ अलगाव के कारण हुआ था।”
विधानसभा चुनाव में किसे मिली कौनसी सीट ?
पिछले कुछ दिनों में महाविकास आघाडी के तीनों दल मुंबई की सीटों के बंटवारे पर कई बार चर्चा कर चुके हैं। हालांकि पहली बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई सहमति नहीं बनी थी, लेकिन बाद में 16 सीटों पर सहमति बन गई। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, कि जिन सीटों पर जिन दलों का कब्जा है, ज्यादातर सीटें मूल पार्टी को मिले, इसको लेकर बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सहमति जताई है। इसके अनुसार मालाड, मुंबा देवी, धारावी, बांद्रा पूर्व और चांदिवली की सीटें कांग्रेस को मिल सकती हैं। हालांकि चांदिवली की सीट से शिवसेना (अविभाजित) ने चुनाव जीता था लेकिन उद्धव गुट यह सीट कांग्रेस को छोड़ने को तैयार है। जबकि दिंडोशी, वर्ली, जोगेश्वरी पूर्व, मागाठाणे, शिवडी, माहिम, भांडुप पश्चिम और अँधेरी पूर्व की सीटें शिवसेना (उद्धव) के खाते में जा सकती है। शरद गुट ने अणुशक्तिनगर की सीट दावा ठोका है। जबकि मानखुर्द शिवाजीनगर की सीट समाजवादी पार्टी को छोड़ी जाएगी। शिवसेना (उद्धव) सांसद एवं प्रवक्ता संजय राऊत कई बार कह चुके हैं कि मुंबई शिवसेना का गढ़ रहा है। इसलिए वह ज्यादा से ज्यादा सीटों पर मुंबई में चुनाव लड़ेंगे। हालांकि अभी भी एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर तीनों दलों में टकराव देखने को मिल रहा है।
महायुति में सीटों को लेकर टकराव ..
महायुति में भी मुंबई की सीटों को लेकर घमासान मचा हुआ है। महायुति के तीनों दलों के प्रमुख नेता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार कई बार सीट बंटवारे को लेकर चर्चा कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बन सकी है। राकांपा (अजित) के एक नेता ने कहा कि हमने भाजपा से मुंबई में 7 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की है। शुरुआती चर्चा में जिन 7 सीटों पर अजित गुट ने दावा किया है, इसमें अणुशक्तिनगर और बांद्रा पूर्व की सीट शामिल है। अणुशक्तिनगर से नवाब मलिक मौजूदा विधायक हैं, जबकि बांद्रा पूर्व से कांग्रेस के जीशान सिद्दीकी हैं, जिनका आगामी विधानसभा चुनाव अजित पवार की पार्टी से लड़ना तय माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने अजित गुट का मुंबई में कम जनाधार होने के चलते उन्हें सिर्फ दो सीट का ऑफर दिया है। जबकि भाजपा मुंबई में 26 से 28 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News
वी बी माणिक मुंबई- महानगर पालिका का जनसंपर्क विभाग पूरी तरह भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गया है। जनसंपर्क अधिकारी अब बिना टेंडर के अखबारों को विज्ञापन भी जारी नही कर रहे है। कुछ अखबार वाले दैनिक अखबार के नाम पर मनपा से विज्ञापन ले रहे है जिनका अखबार डेली आता ही नहीं है और तो और अखबार मुंबई में नही महराष्ट्र के बाहर छपता है। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)
यही नहीं मंत्रालय के कुछ अधिकारी भी इस धोखाधड़ी में शामिल है। जो डीजीपीआर में अपात्र अखबारों को लिस्टेड कर रहे है। क्या राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस पर ध्यान देते है? इसमें केंद्र सरकार के लोग भी शामिल है। सबसे बड़ी बात ये है कि ऐसे फर्जी अखबार मालिकों पर कार्रवाई क्यों नही की जाती है? मनपा का जनसंपर्क अधिकारी ऐसे भ्रष्ट कार्यो में पूरी तरह लिप्त है। लेकिन ईमानदारी के साथ केवल लूट और अवैध लेनदेन करने में व्यस्त रहता है। वही मनपा मुख्यालय स्थित पत्रकार रूम में अवैध तरीके से रात 11 बजे तक कुछ कथित पत्रकार अपना अड्डा बनाकर बैठते है। जिस पर जनसंपर्क अधिकारी का पूरा आशीर्वाद है। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)
मनपा मुख्यालय शाम 6 बजे बंद हो जाता है। पर कथित पत्रकार रात के 11 बजे तक यहां बैठकर क्या करते हैं? कौन सी खबर का आधी रात में विशलेषण किया जाता है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं। ये तो पत्रकार और जनसंपर्क अधिकारी ही बता सकते है। जिम्मेदार जनसंपर्क अधिकारी दोपहर को आते है और शाम को 7 बजे के आसपास चले जाते है। ऐसे अवैध कार्यो पर मनपा आयुक्त लगाम लगाएंगे या इनको लूट पाट करने का आशीर्वाद देंगे। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)
अंधेरी ईस्ट के चार मंजिला अवैध इमारत को संरक्षण देने की मंदार तारी ने मांगी दो करोड़ की रिश्वत। 75 लाख की पहली किश्त लेते उसके दो निजी सहायक गिरफ्तार..
सुरेंद्र राजभर मुम्बई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के शीर्ष अधिकारी भले ही दावा करते फिरें, कि मनपा में हर कार्य न्याय संगत व विधि विधान से होता है। किंतु समय-समय पर अधिकारियों, कर्मचारियों का भ्रष्टाचार उजागर हो ही जाता है। जब कि वे रिश्वत लेते हुए पकड़े जाते हैं। तभी यह पता चल जाता है, कि आरोपी अधिकारी के द्वारा ली जाने वाली रिश्वत के पैसों में कितने शीर्ष अधिकारियों का कितना हिस्सा होता है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
ऐसी ही एक घटना अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड में कार्यरत कार्यकारी अभियंता (D.O) मंदार अशोक तारी द्वारा एक अवैध निर्माण कर्ता से 2 करोड़ रुपयों की रिश्वत की पहली किश्त-75 लाख रुपये लेते हुए पकड़े जाने के उपरांत उजागर हुई है। जिसे कि भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
क्या है मामला?
प्राप्त सुचनाओं के अनुसार जे. बी. नगर अंधेरी ईस्ट में शहीद भगत सिंह कॉलोनी अंतर्गत प्लॉट नं.191, 192 के भूखंड पर एक चार मंजिला इमारत है। जिसकी दो मंजिले अवैध रूप से निर्मित की गई है। उसी अवैध दो मंजिलों को बचाने के लिए उक्त कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी (DO) मंदार अशोक तारी ने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बताया जाता है, कि मंदार तारी की जब से डी.ओ. के पद पर नियुक्ति हुई है, तभी से अंधेरी व विलेपार्ले के क्षेत्रों में अंधाधुंध अवैध निर्माण किये जा रहे हैं। जिन्हे कि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी का संरक्षण प्राप्त है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
2 करोड़ रुपये की रिश्वत ..
किंतु उक्त जे.बी. नगर की इमारत की दो अवैध मंजिलों को संरक्षण देने के लिए नियुक्त डी.ओ. मंदार तारी का 2 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग करना अवैध निर्माणकर्ता को रास नहीं आया और उसने 31 जुलाई 2024 को इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कर दी। मामले की गंभीरतानुसार ए.सी.बी. ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए, 6 अगस्त 2024, को मंदार तारी के दो निजी वसूली कर्ताओं मोहम्मद यासीन शहा और ड्राईवर प्रतिक पिसे को दो करोड़ की तय रिश्वत की रकम की पहली किश्त 75 लाख रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
दो की गिरफ्तारी ..
गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उक्त रकम वे अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड मे इमारत व कारखाना विभाग के कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी मंदार अशोक तारी के लिए उनके ही दिशा निर्देश पर रिश्वत के पैसे ली है। ए.सी.बी. के अधिकारी उक्त दोनों से सख्ती से पूछताछ कर रहे हैं। जबकि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी फरार बताया जाता है। ए.सी.बी. अधिकारी मंदार तारी के अन्य ठिकानों पर छापे मारी कर रहे हैं। जहां, उन्हें जांच के दौरान उसकी अवैध संम्पतियाँ (चल/अचल) मिली है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी ..
जानकारों का कहना है कि उसी के/पूर्व, वार्ड से लगभग दो साल पहले भी कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार को ए.सी.बी. ने 50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जबकि सतीश पोवार की गिरफ्तारी से कार्यकारी अभियंता मंदार तारी को सबक लेना चाहिए था। उक्त कारवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप दीवान व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेंद्र सांगले के मार्ग दर्शन में पुलिस निरीक्षिका सुप्रिया नाटे, अपराध अन्वेषण अधिकारी गणेश पिंगुवाले ने उक्त दोनों अधिकारियों ने अपने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
पूर्व कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार की तरह ही ए.सी.बी. ने छापामारी की कारवाई कर कार्यकारी अभियंता मंदार तारी की करोड़ों की चल-अचल संम्पति बरामद की है। मनपा प्रशासन कब अपने अधिकारियों पर ध्यान देगा? या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को ही संपूर्ण मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर मुसल्लत कर देना चाहिए। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
९०℅ जल भंडारण के साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने पेश किया जाहिरनामा।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मुंबईकरों को पानी की आपूर्ति करने वाली छोटी झील विहार, तुलसी के साथ साथ बांधों (झील) मोडक सागर, मध्य वैतरना, अपर वैतरना, भातसा और तानसा से प्रतिदिन ३ हजार ९५० मीलियन लिटर पानी की आपूर्ति की जाती है।
पानी की कटौती से मिली राहत ..
मुंबईकरों को साल भर की पानी की आपूर्ति के लिए सभी सात झीलों में १४ लाख ४७ हजार ३६३ मीलियन लीटर पानी की जरूरत होती है। हालांकि जैसे ही बरसात ने अपने शुरुआती दिनों में इन सभी सात झीलों से मुंह मोड़ लिया, वहीं ५ जून से मुंबई में ५ ℅ पानी की कटौती की गयी। हालांकि जुलाई महीने के पहले सप्ताह से सात झीलों का जल स्तर लगातार बढ़ता गया।
जबकि भातसा और तानसा नामक सात झीलों से प्रतिदिन ३ हजार, ९५० मीलियन लिटर पानी की आपूर्ति की जाती है। मुंबईकरों को प्रति वर्ष पीने के पानी की जरूरत के हिसाब से सभी सात झीलों में १४ लाख, ४७ हजार, ३६३ मीलियन लिटर पानी की जरूरत है। हालांकि इन दिनों झीलों में जल भंडारण ६६.७७℅ होने के कारण २९ जुलाई से ५℅ पानी की कटौती रद्द कर दी गयी है।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका का जाहिरनामा
आप को जानकर खुशी होगी, कि पिछले कुछ दिनों से झीलों के जल ग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण जलाशयों का जल स्तर काफी तेजी से बढ़ गया है। इस बीच मुंबईकरों को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में ९०℅ जल भंडारण (१२ लाख, ८९ हजार, ६१५ मीलियन लीटर, जल भंडारण) इकठ्ठा दूर हो चुकी है। इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक विज्ञप्ति निकालकर इसका जाहिरनामा पेश किया है।
उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे के आदेश की उड़ रही धज्जियां।
डी. ओ. अभय जगताप की रिश्वतखोरी
के चलते पोइसर के अवैध निर्माण बरकरार।
अभियंता प्रमोद ब्रम्हानकर ने वार्ड क्रमांक:२३, के अवैध निर्माणों को बचाने का लिया ठेका।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- महानगर पालिका आर/ दक्षिण विभाग के कार्यक्षेत्र कांदिवली (पूर्व) वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल के बगल में आपो. मस्जिद स्थित ठेकेदार प्रदीप चौधरी द्वारा भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी क्रमानुसार वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल क्रॉस रोड, इंद्रा चौक, अपोजिट सत्तार चाल स्थित अवैध निर्माणकर्ता शुक्ला द्वारा भूतल संरचना (दो व्यापारिक दुकानों) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी तर्ज पर ठेकेदार शंकर झा द्वारा वार्ड क्रमांक:२३, रामधनी राजभर, चाल नं.२, पोइसर, गांवदेवी रोड स्थित भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।
मनपा कानून क्या कहता है?
उक्त अनधिकृत निर्माण कार्यो पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम, १८८८ की धारा ३५१(१A) के मुताबिक नोटिस देने का प्रावधान है, लेकिन डी. ओ. अभय जगताप ने नोटिस न देकर परिमंडल- ७, की उपायुक्त, डॉ. भाग्यश्री कापसे और वार्ड ऑफिसर ललित तलेकर के नाम पर उक्त अवैध निर्माणकर्ता व ठेकेदारों से लाखों रुपयों की वसूली करके उक्त तीनों अनधिकृत निर्माण कार्यों को अभी तक बरकरार रखा है।
कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारी
वर्तमान सहाय्यक आयुक्त (प्रभारी) ने उक्त अवैध निर्माणों को लेकर कार्यवाही का आदेश सहाय्यक अभियंता (प्रभारी) प्रमोद ब्रह्मणकर को दिया है। अब ऐसे में कार्यवाही करने की बजाय सहाय्यक अभियंता ने उक्त अवैध निर्माणों को बचाने का ठेका ले लिया है। अवैध निर्माणों को जिस तरह डी.ओ. अभय जगताप और प्रमोद ब्रम्हानकर जैसे अभियंता खुले आम संरक्षण दे रहे है, तो क्या इनके ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए? भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अवैध निर्माण का दंश झेल रहे लोगों का सवाल खड़ा हो रहा है।
सहायक आयुक्त की क्या है जिम्मेदारी?
हालांकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी की छवि को धूमिल होने से बचाने की जिम्मेदारी इस समय के सहाय्यक आयुक्त की होती है। यह जिम्मेदारी निभाने में ये कितने सफल होते हैं, यह उक्त अवैध निर्माणों पर की जाने वाली कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। मनपा आर/ दक्षिण के इस इमारत बांधकाम विभाग का आलम यह है कि यहाँ गरीब कोई भी व्यक्ति या कोई विधवा महिला अपने मकान की रिपेरिंग भी करता या करती है, तो उस पर मनपा का हथौड़ा अगले ही दिन चल जाता है। जबकि बड़े ठेकेदारों के वहाँ मनपाकर्मी जी हुजूरी करते नजर आते हैं। कार्यवाही के नाम पर नोटिस तो निकाल दी जाती है, पर कार्यवाही नहीं होती है। मनपा कर्मियों का यह दोगला पन मनपा की इज़्ज़त तार तार कर रहा है। पर इन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इनकी जेबे गर्म होने से मतलब है।
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की शुरुआत भारत सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री योजना की तर्ज पर महाराष्ट्र राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी ने अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 05 फरवरी 2024 की केबिनेट बैठक में घोषणा की थी | इस लेख में आप इस मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते है | कृपया लेख को पूर्ण पढ़े
आप को बता दे की मुख्यमंत्री वयोश्री योजना का लाभ महाराष्ट्र राज्य के 65 साल से अधिक आयु के नागरिको को दिया जाएगा | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य अपने राज्य के वृद्ध नागरिकों को अपनी जरूरत के हिसाब से काम आने वाले उपकरण खरीदने के लिए 3000 रूपये की आर्थिक सहायता राशी प्रदान करेगी | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में लाभार्थियों का अनुपात 70 प्रतिशत पुरुष तथा 30 प्रतिशत महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना क्या है महाराष्ट्र राज्य अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3000 रूपये की आर्थिक सहायता राशी देगी बी, इस योजना में ऐसे वृद्ध नागरिकों का चयन किया जाएगा जिनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है तथा उनकों अधिक आयु के कारन अपने दैनिक कार्य करने के लिए किसी सहायक उपकरण जैसे – श्रवण यंत्र,फोल्डिंग वॉकर,लंबर बेल्ट,सर्वाइकल कॉलर,चश्मा ,ट्राइपॉड ,स्टिक व्हीलचेयर,कमोड चेयर ,नि-ब्रेस आदि की आवश्कोयकता होती है तो उन्हें खरीदनें के लिए आर्थिक सहायता के रूप में 3000 रूपये की राशी दी जाएगी |
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra पात्रता
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक राज्य स्तरीय योजना है , इस योजना में पात्रता के नियम भी महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा ही सुनिश्चित किये गए है जिनका विस्तार से विवरण निचे लिखा है |
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के मूल निवासी ही होंगे | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के वरिष्ठ नागरिक महिला तथा पुरुष दोनों होंगे | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की आयु 31 दिसंबर 2023 के हिसाब से 65 वर्ष या फिर उससे अधिक होनी चाहिए |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की परिवार की वार्षिक आय ₹200000 से अधिक नहीं होनी चाहिए | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक यदि मानसिक या शारीरिक रूप से पीड़ित या विकलांग हो तो ऐसे आवेदक को प्रथमिकता दी जाएगी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक के पास स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है |
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra दस्तावेज
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक महाराष्ट्र राज्य सरकार के नियमनुसार कुछ जरुरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी ,जिसका विस्तार से विवरण निम्नलिखित है |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक का आधार कार्ड |
आवेदक का पहचान पत्र |
मूल निवास प्रमाण पत्र |
जाती प्रमण पत्र |
आवेदक का आय प्रमाण पत्र |
आवेदक के मोबाइल नंबर |
आवेदक के पासपोर्ट आकार फोटोग्राफ |
बैंक खाता पास बुक इतियादी |
Mukhya mantri Vayoshri Yojana 2024 Hamipatra Form PDF Download
महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की अधिकारिक वेबसाइट जारी करने के बाद आप निचे दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करके आप इस योजना के हमीपत्र फॉर्म पीडीऍफ़ Hamipatra Form PDF को डाउनलोड कर सकते है।
सबसे पहले मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज में दिए गए Hamipatra Form PDF के लिंक पर क्लिक करें। अब आपके सामने इस योजना का हमीपत्र फॉर्म पीडीऍफ़ प्रारूप में खुलेगा। आप यहाँ Download पर क्लिक करके मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना हमीपत्र फॉर्म PDF डाउनलोड कर सकते है। इसके अलावा आप Print पर क्लिक करके सीधे मुख्यमंत्री वयोश्री योजना हमीपत्र फॉर्म का प्रिंट निकाल सकते है।
Mukhya mantri Vayoshri Yojana 2024 Registration
सबसे पहले उम्मीदवार को मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
उसके बाद उम्मीदवार को वेबसाइट के होम पेज पर पंजीकरण/Registration के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद उम्मीदवार को Online Registration Form में मांगे गए डाक्यूमेंट्स को अपडेट करना होगा।
इसके बाद उम्मीदवार को आवेदन फॉर्म की जाँच करके Submit करना होगा।
इसके बाद उम्मीदवार को एप्लीकेशन नंबर मिलेगा, आपको स्क्रीन शॉट ले लेना है।
इस प्रकार से सभी उम्मीदवार मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लिए Online Registration कर सकते है।
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Online Form PDF Download
महाराष्ट्र राज्य सरकार के द्वारा वृद्ध नागरिकों के लिए चलाई गयी मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के Online Form PDF को डाउनलोड करने की इच्छुक उम्मीदवार निचे लिखे दिशा निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़े।
सबसे पहले मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज में दिए गए “आवेदन पत्र” Online Form PDF के लिंक पर क्लिक करें। अब आपके सामने मुख्यमंत्री वयोश्री योजना (Online Form PDF)फॉर्म पीडीएफ प्रारूप में खुलेगा। आप यहां डाउनलोड पर क्लिक करके मुख्यमंत्री Mazi Ladki Bahin Yojana Online Form PDF डाउनलोड कर सकते हैं। इस तरह से आप Mukhyamantri Vayoshri Yojana Online Form PDF/ फॉर्म पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।
Mukhya mantri Vayoshri Yojana Online Application 2024 Official Website Link
महाराष्ट्र राज्य सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अधिकारिक पोर्टल की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अधिकारिक पोर्टल के शुरू हो जाने के बाद आप निचे लिखे दिशा निर्देशों को पढ़ कर अपना आवेदन इस योजना के लिए कर सकते हो। सभी योग्य उम्मीदवार निचे लिखे दिशा निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़े।
सबसे पहले उम्मीदवार को मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
उसके बाद उम्मीदवार को वेबसाइट के होम पेज पर Online Apply के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
होम पेज पर चयनित आवेदकों की सूची/Selected Applicants List 2024 के लिंक का चयन करें।
लिंक पर क्लिक करते ही आवेदकों की सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।
यदि आप इस योजना के लिए चयनित होते हैं तो आपका नाम सूची में दिखाई देगा।
आपके पास सूची को अपने सिस्टम या मोबाइल पर डाउनलोड करने का विकल्प भी है।
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन कैसे करे
आप को बता दे की महाराष्ट्र राज्य सरकार ने अभी तक मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने के लिए कोई पोर्टल या अधिकारिक वेबसाइट को आरम्भ नही किया है | महाराष्ट्र राज्य सरकार की अधिकारीक अधिसुचना के अनुसार जल्द ही मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन की प्रकिर्या को आगे बढ़ाया जा सकता है तब तक आप इंतजार कर सकते है
जैसे ही महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन पत्र के समन्धित कोई नयी अधिसुचन जारी की जाती है तो आप हमरी वेबसाइट पर जानकारी के रूप में नया लेख मिल सकता है |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लाभ तथा विशेषताए
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के कारण महाराष्ट्र के लगभग 15 लाख वृद्ध नागरिकों को योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलने वाला है |
यह आर्थिक लाभ ₹3000 का होगा जो पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा देय होगा |
₹3000 की राशि वाले अतिथि के बैंक में सीधे बेनिटिट पोस्टर (डीबीटी) के माध्यम से जमा की जाएगी |
सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना पोर्टल विकसित किया गया है ताकि किसान अपने घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकें | f
महाराष्ट्र राज्य सरकार ने इस योजना का सफल संचालन करने के लिए 480 करोड़ रुपए जारी किए हैं |
राष्ट्रीय वयोश्री योजना (मुख्यमंत्री वयोश्री योजना) राज्य के सभी वयोश्री योजना शुरू की जाएगी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लाभ तथा विशेषताए क्या है ?
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के कारण महाराष्ट्र के लगभग 15 लाख वृद्ध नागरिकों को योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलने वाला है |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना कब शुरू हुई ?
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की शुरुआत भारत सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री योजना की तर्ज पर महाराष्ट्र राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी ने अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 05 फरवरी 2024 की केबिनेट बैठक में घोषणा की थी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना पात्र कोन है ?
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के मूल निवासी ही होंगे |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के वरिष्ठ नागरिक महिला तथा पुरुष दोनों होंगे |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की आयु 31 दिसंबर 2023 के हिसाब से 65 वर्ष या फिर उससे अधिक होनी चाहिए |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की परिवार की वार्षिक आय ₹200000 से अधिक नहीं होनी चाहिए |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक यदि मानसिक या शारीरिक रूप से पीड़ित या विकलांग हो तो ऐसे आवेदक को प्रथमिकता दी जाएगी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक के पास स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है |
सुरेंद्र राजभर/ मंसूर शेख मुंबई- ए.डी.आर. की रिपोर्ट पढ़ने पर सिंगापुर के प्रधानमंत्री का संसद में दिया गया भाषण अक्षरशः सत्य प्रमाणित होता है। उन्होंने कहा था, नेहरू के देश में संसद अपराधियों का गढ़ बन गया है। कैसी राजनीति बना दी गई है भारत की जिसमें अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के होते चले आ रहे हैं। देश का दुर्भाग्य ही है यह। कौन कहेगा भारत राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर जैन और सिख गुरुओं का है? कौन कहेगा संतों, ऋषियों, महर्षियों, ज्ञानियों, विज्ञानियों का देश है यह भारत? स्वार्थलिप सत्तासुख भोग करने, देश को लूटने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल अपराधियों को टिकट देंगे। कौन कह सकता है यह वही देश है जहां वेद, शास्त्र, उपनिषद, पुराण लिखे गए? कौन कहेगा कि दुनिया को अशिक्षा के अंधकार से निकालने के लिए ज्ञान विज्ञान का परिचय देने वाला देश है भारत? कौन कहेगा कि यही वह पवित्र भारत की भूमि है जहां गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन का व्यामोह दूर कर कर्तव्य पथ पर लाने के लिए ज्ञान दिया था? कौन कहेगा कि आज का भारत ही सीता, सावित्री, अनुसूया, गार्गी जैसी सती नारियों का देश है? कौन कहेगा आजादी के लिए आंदोलन करने वाले सत्य, अहिंसा के पुजारी गांधी जैसे महात्मा का यह देश है? कौन कहेगा यह अमर क्रांतिकारियों सुभाषचंद्र बोस, शहीदे आजम भगत सिंह, लाहिरी, चंद्रशेखर आजाद, रोशन सिंह, असफाक उलाह खान और सरहदी गांधी का यह देश है? कौन कहेगा रामायण के अमर गायक महर्षि बाल्मीकि, रामचरित मानस के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास, रघुवंशम महाकाव्य के महाकवि कालीदास, मीरा, सुर जायसी, कबीर, रहीम, संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम की धरती है यह? कौन कहेगा आजादी की मशाल जलाने वाले, अंग्रेज की छाती में बंदूक की गोलियां उतारने वाले मंगल पांडेय का भारत है यह? कौन कहेगा गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर और वंदे मातरम के गायक बंकिम चंद्र की तपोभूमि है भारत?
शर्म आती है आधुनिक राजनीति में…!
आधुनिक राजनीति में अपराधियों के राजनीतीकरण करने पर शर्म आती है। उन्हें माननीय बनाने पर, कोफ्त होती है देश की नासमझ जनता की सोच पर जो सच्चे और झूठे, साधु और शैतान, सज्जन और दुर्जन में अंतर न कर पाने की मूढ़ स्थिति पर। कौन कहता है भारत का लोकतंत्र परिपक्व हो चुका है? देश की जनता जागरूक हो चुकी है? वह अपना हित अहित सोच ही नहीं सकती!
गलती जनता की है जो मुट्ठीभर अन्न और चंद सिक्कों के बदले अपना अमूल्य वोट बेच देती है…! अनपढ़ जनता भेड़ की तरह झुंड, विवेकहीन होती है। तभी अपात्र नेता चुनती और भोगती है। दरअसल पार्टियों में इतना अधिक सत्तामोह है कि कोई भी दागी प्रत्याशी को खड़ा करने में परहेज नहीं करता। ऐसे में जनता का दायित्व है दलबदलु अपराधी और धनवान लोगों को वोट ही न दें।
पहले फेज का चुनाव 19 अप्रैल को है जिसमें 19 राज्यों के 102 सीटों पर चुनाव होंगे। ए डी आर की रिपोर्ट के अनुसार कुल 102 सीटों के लिए 1618 उम्मीदवार खड़े हैं। जिनमें 16% यानी 252 प्रत्याशियों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। जिसमें हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे संगीन मामले हैं। 19 ऐसे हैं जिन पर हत्या की कोशिश। 15 पर महिलाओं के साथ रेप और 35 पर भड़काऊ भाषण देकर देश में दंगे फैलाने की कोशिश के मामले दर्ज हैं। अपराधी मानसिकता के लोगों को टिकट देने में कोई भी दल पीछे नहीं है। क्योंकि उनकी जीत 200% पक्की मानी जाती है। जिनमे ए आई डी एम के ने 36% , बी एस पी ने 13% , आर एल डी ने 100% , टी एम सी ने 40% , कांग्रेस ने 34% , डी एम के ने 59% , एस पी ने 43% , बी जे पी ने 36% अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को टिकट दिए हैं। ऐसे कुल केवल एक फेज में 1625 लोग हैं जिनमें 28% धनवान भी शामिल हैं। 10% लोगों पर गंभीर अपराध, और 42 सीटें तो ऐसी हैं जहां तीन और इससे अधिक दागी उम्मीदवार खड़े हैं। 7 हत्या के मामले 19 हत्या की कोशिश और 15 तो ऐसे हैं जिन्हें कोर्ट दोषी करार दे चुका है।
याद हो कि सुप्रीमकोर्ट ने दागी या आपराधिक मामलों में लिप्त उम्मीदवार बनाए जाने पर रोक लगाने के लिए संसद से कानून बनाने को कहा था, लेकिन सत्ता लोलूप दलों ने कानून नहीं बनाया। जनता को सोचना और निर्णय करना होगा कि पहले फेज में जब इतने अपराधी उम्मीदवार खड़े हैं तो शेष छः में कितने होंगे और अगर ये चुनकर सांसद के तौर पर संसद में पहुंचे तो कैसा और किसके भले का कानून बनाएंगे? याद रहे कि अपराधी और धनवान जनता की समस्याओं पर सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें डर लगता रहेगा कि सवाल पूछा तो एन आई ए, आई टी, सी बी आई और ई डी जैसी सरकारी एजेंसियां उनके पीछे लगा दी जाएगी। जिससे उनकी काली कमाई का कच्चा चिट्ठा खुल जायेगा और वे संसद की जगह जेल में होंगे।
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कैसे करें जनता अपने सांसद का चयन ?
इन्हीं अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के माननीय बनने से ही उनसे संबंधित गुर्गों सहित लाखों केस कोर्ट में पेंडिंग पड़े रहते हैं। जिसमें दोष न्यायालयों का दिया जाता है। कारण चुनाव जीत कर वह जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला माननीय सांसद बन चुका होगा। आप लोगों से हम कहना चाहते हैं, कि “हे जनता जनार्दन अपना और अपने देश का भविष्य तुम्हें अपने एक वोट से लिखना है। ऐसे दागी और धनवान लोग ही नहीं दलबदलुओं की जमानत जब्त कराकर उन्हें उनकी सही जगह जेल में भेजें। इसी में जनता और राष्ट्र का भला होगा।”
सक्षम अधिकारियों की संरक्षण में अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपये कमाने का सिलसिला जारी
जो पकड़ा जाए भ्रस्ट, जो मैनेज कर ले
वह ईमानदार
भूमाफिया, मनपा गठबंधन की एक मिसाल…. मनपा का सी, वार्ड…!
क़ाली कमाई का रैकेट चला रहे दुय्याम अभियंता सूरज पवार और कनिष्ठ अभियंता मंगेश कांबली रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार
8 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में भ्रस्टाचार निरोधक ब्यूरो ने किया गिरफ्तार
डी एम सी (DMC) डॉ. संगीता हसनाले के निर्देशन में दिया जा रहा था भ्रष्टाचार को अंजाम..!
सुरेंद्र राजभर मुंबई- वैसे तो पूरे देश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। जिसके पास जितना बड़ा अधिकार वह उतना ही बड़ा भ्रष्टाचारी होता है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। यहां की मनपा के वार्डों में अवैध निर्माण कार्य कराने और करोड़ों रुपए कमाई करने में होड़ लगी है। जो पकड़ा जाए वह भ्रष्ट, जो मैनेज कर ले वह ईमानदार होने का तमगा हासिल कर लेता है। अखबारों में वार्ड के सक्षम अधिकारियों के संरक्षण में अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपए कमाने का सिलसिला जारी है। नित्य ही ऐसे समाचार छपते रहते हैं अखबारों में, किंतु बड़े अधिकारी उस पर कानूनी कार्रवाई करने से चुप्पी साध लेते हैं। (Mumbai BMC Corruption News)
भूमाफिया मनपा गठबंधन की एक मिसाल आज सी वार्ड की पेश है। सी वार्ड में दुय्यम अभियंता सूरज पवार और कनिष्ठ अभियंता मंगेश कांबली बहुत समय से काली कमाई का रैकेट चला रहे थे। दुर्भाग्यवश उन्हें 8 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह कुल रिश्वत 20 लाख की पहली किस्त बताई जाती है। पकड़े न जाते तो पूरी किश्त वसूल लेते। सी वार्ड में अवैध निर्माण कराने, संरक्षण देने के बदले कैश लेते भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
बताया जाता है, कि इस लेन देन में वसूली की भूमिका निभाने वाला निलेश होदर है जो ठेकेदार मनपा अधिकारियों के बीच की वसूली की कड़ी बना है। सी वार्ड में पकड़े गए रिश्वतखोर। लेकिन उसी की बगल में बी वार्ड कुख्यात है भ्रष्टाचार के लिए। जहां दुय्यम अभियंता विशाल सखारकर और कनिष्ठ अभियंता युगंधर मराठे की जोड़ी है जो अवैध निर्माण काम के बदले करोड़ों की रिश्वत लेती है। क्या इनका भी हश्र सी वार्ड के भ्रष्टाचारियों जैसा होगा? इनके द्वारा कराए गए गैरकानूनी बंधकाम 350/354 नरसीनाथ स्ट्रीट 113/113A, आई एम एम रोड 148/150, नागदेवी स्ट्रीट 199, ए बी स्ट्रीट 154, नारायण धुरू स्ट्रीट 51, गार्नेट हाइट 175/177 और इसाजी स्ट्रीट जैसे अनेक स्थानों पर अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपए कथित तौर पर घूस लेने की चर्चा है।
मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।
बताते चलें, कि ये अधिकारी बिना डी एम सी जोन 1 के डॉक्टर संगीता हसनाले की सहमति के अवैध निर्माण नहीं करा सकते। बी और सी के अधिकारी इन्हीं के निर्देशन और संरक्षण में भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं, ऐसा बताया जाता है। सूत्रों का कहना है, कि इन सभी भ्रष्ट अधिकारियों को डी एम सी जोन 1 का खुला आशीर्वाद मिला हुआ है। क्या सक्षम उच्च अधिकारी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के हवाले करेंगे?
गोरेगांव पूर्व इलाके में लाखों रूपये की रिश्वत लेकर मनपा पी/दक्षिण विभाग के अधिकारी अवैध निर्माण करा रहे हैं। देखें पहले और अब की तस्वीर ..
मन्सूर शेख मुंबई- गोरेगांव मनपा पी/ दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव की देखरेख में गोरेगांव मुलुंड लिंक रोड़, सहारा होटल के पास, वार्ड क्रमांक 51, गोरेगांव (पूर्व) स्थित लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट का अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसकी लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध निर्माण को नज़रंदाज़ करना मनपा अधिकारियों के भ्रष्टाचार को यहां खुले में उजागर कर रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)
लाखों रूपये की रिश्वत ..
बता दें कि “मोबील वन कार केयर शोप” का मालिक लगभग 2 हजार स्क्वायर फीट में अपने कमर्शियल गाले को मनपा की अनुमति लिए बिना और नाही किसी जानकार इंजीनियर की देखरेख में, खुद ही कडीया, बेगारी लगाकर एक महले का अवैध निर्माण कर रहा है। यहां घटिया बिल्डिंग मटेरियल की जानकारी मनपा अधिकारियों को दी जा रही है। लेकिन मनपा अधिकारियों द्वारा नज़रंदाज़ किए जाने से शिकायतकर्ताओं द्वारा रिश्वत खोरी का गुमान लगाया जा रहा है। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)
आप को जानकारी देते हुए बता दें, कि ऐसे अवैध निर्माणों पर मनपा नियमानुसार स्टॉप वर्क नोटिस जारी कर 24 घंटो के भीतर तोड़क कार्यवाही की जानी चाहिए और तोड़क कार्यवाही में सरकारी यंत्रणा को आए खर्च के पैसे अवैध निर्माणकर्ता से वसूले जाने चाहिए। लेकिन मनपा पी/दक्षिण विभाग के सहायक आयुक्त संजय जाधव, इमारत बांध काम विभाग के सहायक अभियंता अमोल बोंमने और एरिया मुकादम जय रिश्वत के लाखों रूपये लेकर शांत बैठ गए हैं। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)
अवैध निर्माण की तस्वीर
क्या है कानून?
सरकारी फरमान के मुताबिक, किसी भी क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर कार्यवाही नही करने की स्थिति में वार्ड के सहायक आयुक्त को दोषी ठहराया जाने और दंडित किये जाने का प्रावधान है। तब पर भी सहायक आयुक्त संजय जाधव द्वारा द्वारा शिकायतों पर ध्यान नही देना उनके भ्रष्ट होने का सबूत पेश करती है। यह भी बता दें कि इन अवैध निर्माणों के चलते हमेशा से ही मुंबईकर हादसे का शिकार होते रहते हैं। जिसपर कार्यवाही करना इन मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है। इस कार्य के एवज़ मे जनता के पैसों से इनको पगार दिया जाता है। लेकिन भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी इमानदारी की पगार के साथ रिश्वतखोरी भी करना चाहते हैं। ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी को तुरंत पद से निलंबित कर दिया जाना चाहिए। (Mumbai Goregaon BMC Corruption News)