Category: Mumbai News

  • अमित शाह की शव यात्रा में हजारों की तादाद में भीम सेना

    अमित शाह की शव यात्रा में हजारों की तादाद में भीम सेना

    मुंबई के कांदीवली पूर्व भीम सैनिकों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के विरोध में आक्रोश मोर्चा निकाला। मौके पर हजारों की तादाद में भीम सैनिकों ने अमित शाह की शव यात्रा निकाल कर निषेध व्यक्त किया। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – लोकसभा अधिवेशन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाहा ने भारतरत्न डाॅं.बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ बेबुनियाद बयानबाजी की जिसको लेकर मंगलवार को कांदिवली में हजारों की संख्या में भीम सैनिक सड़क पर उतर आए। इस समय अंबेडकरवादियों ने अमित शाह की अस्थियां कंधे पर लेकर विरोध जताया। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

    अंबेडकरवादी जन आंदोलन

    Kandivali Thousands of Bhim Sena in Amit Shah's funeral procession
    आंदोलन की तस्वीर

    अंबेडकरवादी जन आंदोलन की ओर से कांदिवली पूर्वी दामुंगर के नालंदा बुद्ध विहार से समतानगर पुलिस स्टेशन तक जन आक्रोश मार्च निकाला गया। मौके पर मार्च में शामिल भीम सैनिक कह रहे थे, इस अमित शाह का क्या करें, सिर नीचे, पैर ऊपर, इतने लोग क्यों, अमित शाह की लाश, धिक्कार है, धिक्कार है अमित शाह जैसे नारे लगाते हुए पूरे मोर्चे को उग्र कर दिया। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

    इसेभी पढ़े- मुंबई में गुरुद्वारा विध्वंस पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान मनपा अधिकारियों को नोटिस जारी

    बड़ी संख्या में अनुयायी

    Mumbai Thousands of Bhim Sena in Amit Shah's funeral procession

    इस अवसर पर दामुंगर, भीमनगर, लक्ष्मीनगर, लाहुगढ़, गौतमनगर, क्रांतिनगर, हनुमान नगर और कांदिवली के अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा, युवतियां और महिला अंबेडकरी अनुयायी मोर्चे में शामिल हुए। उपस्थित प्रदर्शनकारियों ने समतानगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को अपना विरोध बयान दिया और मांग की कि अमित शाह को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ दिए गए बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

  • ईशा अंबानी रंग बदलने वाली लग्जरी कार के साथ नजर आई, कीमत और खासियत देख रह जाएंगे दंग

    ईशा अंबानी रंग बदलने वाली लग्जरी कार के साथ नजर आई, कीमत और खासियत देख रह जाएंगे दंग

    मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी हाल ही में लग्जरी एसयूवी बेंटले बेंटायगा के साथ मुंबई की सड़कों पर नजर आईं। इस एसयूवी की सबसे खास बात यह है कि यह सनलाइट में अपना रंग बदलती है। इस लग्जरी एसयूवी की कीमत करोड़ों रुपये है। Isha Ambani seen with color changing Bentley Bentayga luxury car, price and features

    विशेष संवाददाता
    मुंबई
    – एशिया के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की फैमिली के लोग अक्सर मुंबई की सड़कों पर अपनी लग्जरी कारों के काफिले में दिखते हैं, लेकिन बीते दिनों अंबानी फैमिली की लाडली ईशा अंबानी एक बेहद स्पेशल कार में नजर आईं। ईशा अंबानी रणबीर कपूर के घर के बाहर लग्जरी एसयूवी बेंटले बेंटायगा में दिखी। उनके साथ मर्सिडीज जी-वैगन समेत कई और कारों में उनके सिक्यॉरिटी गार्ड्स भी थे। इस एसयूवी की खास बात यह है कि यह अपना रंग बदलती रहती है। Isha Ambani seen with color changing Bentley Bentayga luxury car, price and features

    अनोखी कलर चेंजिंग कार

    ईशा अंबानी की बेंटले बेंटायगा का रंग रोशनी के हिसाब से बदलता रहता है। दरअसल, यह लग्जरी एसयूवी मूल रूप से सफेद है, लेकिन इस पर एक खास रैप लगा है, जिससे यह छाया में काली या गहरे भूरे रंग की और धूप में नीले, हरे और बैंगनी रंग की दिखाई देती है। ईशा अंबानी के पास एक रोल्स-रॉयस कलिनन (Rolls Royce Cullinan) भी है, जिसका रंग भी बदलता है। Isha Ambani seen with color changing Bentley Bentayga luxury car, price and features

    इस कार की कीमत क्या है?

    ईशा अंबानी की यह बेंटले बेंटायगा V8 मॉडल है। इसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये है। इस कार पर एक विशेष प्रकार का इंद्रधनुषी रैप लगाया गया है। यह रैप प्रकाश के परावर्तन के कारण रंग बदलता हुआ दिखता है। हर एंगल से कार का रंग अलग दिखाई देता है। यह रैप एक तरह की पतली फिल्म होती है जिसे कार पर चिपकाया जाता है। यह फिल्म पारदर्शी होती है और इसमें कई रंगों के कण होते हैं। लाइट जब इस फिल्म पर पड़ती है, तो यह कण अलग-अलग रंगों को परावर्तित करते हैं। इससे कार का रंग बदलता हुआ दिखाई देता है। इस तकनीक को कलर शिफ्टिंग रैप (color shifting wrap) भी कहा जाता है। Isha Ambani seen with color changing Bentley Bentayga luxury car, price and features

    कार रैप का बना ट्रेंड

    आपको बता दें कि अंबानी फैमिली की लग्जरी कारों के कलेक्शन में कई ऐसी कारे हैं, जिन्हें खास कलर में रैप किया गया है और इनपर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। ईशा अंबानी का कार कलेक्शन काफी शानदार है। उनके पास कई लग्जरी कारें हैं, जिनमें से कई कस्टमाइज्ड हैं। इन सबके बीच बता दें कि भारत में कार रैप करवाने का ट्रेंड धीरे-धीरे काफी पॉपुलर हो रहा है। हालांकि, यह काफी महंगा है। लेकिन अपनी कार को यूनीक लुक देने वाले पैसे खर्चने से परहेज नहीं करते हैं। Isha Ambani seen with color changing Bentley Bentayga luxury car, price and features

  • Former Haryana CM Om Prakash Chautala passes away

    Former Haryana CM Om Prakash Chautala passes away

    Om Prakash Chautala, the former Chief Minister of Haryana and leader of the INLD, has passed away. He served as a Member of the Legislative Assembly seven times and held the position of Chief Minister on five occasions.

    News Desk
    Hariyana
    – Om Prakash Chautala, the former chief minister of Haryana and leader of the Indian National Lok Dal (INLD), died on Friday afternoon at his home in Gurugram. He was 89 years old.

    Chautala served as the chief minister of Haryana for an unprecedented five terms and was the son of former deputy prime minister Devi Lal. Family representatives announced that Chautala’s cremation will take place at Teja Khera in Sirsa district on Saturday afternoon, with his body available for public viewing from 8 am to 2 pm for those wishing to pay their respects.

    Chautala is survived by his two sons, Ajay Singh Chautala and Abhay Singh Chautala, along with three daughters.

    Abhay previously served as the Leader of the Opposition in the Haryana Assembly. His son, Arjun Chautala, is presently a legislator representing the Rania constituency in Haryana. Dushyant Chautala, the son of Ajay Chautala, held the position of Deputy Chief Minister of Haryana under the BJP-JJP alliance government led by Manohar Lal Khattar.

    Rakesh Sihag, spokesperson for the INLD, informed a news reporter that the former chief minister was in good health earlier in the day. However, he tragically suffered a cardiac arrest, experiencing hiccups just before his passing, Sihag noted.

    Chautala was found guilty in a corruption case linked to recruitment in 2013 and received a 10-year prison sentence. His elder son, Ajay Chautala, was one of 55 individuals convicted in the same case.

    This ruling significantly impacted his political career, preventing him from running in elections following the verdict. Chautala was released from Tihar jail in July 2021.

    Since his release, he has dedicated himself to establishing a third political front in the country after severing his connections with the National Democratic Alliance. In pursuit of this goal, he engaged with key political figures, including Bihar Chief Minister Nitish Kumar, former Prime Minister HD Deve Gowda, and former Uttar Pradesh Chief Minister Mulayam Singh Yadav in 2021. During a rally organized by Chautala in Fatehabad in September 2022, notable attendees included Nitish Kumar, NCP leader Sharad Pawar, Akali Dal’s Sukhbir Singh Badal, RJD leader and then Bihar Deputy Chief Minister Tejaswi Yadav, CPM General Secretary Sitaram Yechury, and Shiv Sena MP Arvind Sawant.

  • मुंबई में गुरुद्वारा विध्वंस पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान मनपा अधिकारियों को नोटिस जारी

    मुंबई में गुरुद्वारा विध्वंस पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान मनपा अधिकारियों को नोटिस जारी

    मुंबई के गुरूद्वारा विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किया। बताया कोर्ट के आदेशों का हुआ है उलंघन.. (Supreme Court takes cognizance of demolition of Gurudwara in Mumbai, notice issued to Municipal Corporation officials)

    विशेष संवाददाता
    मुंबई
    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक गुरुद्वारे के गिराए जाने के मामले में बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की याचिका पर नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति बीआर गवई और केवी विश्वनाथन की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया और संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस भेजा। याचिकाकर्ता प्रवीण जीवन वालोदरा का प्रतिनिधित्व एड्वोकेट सौम्या प्रियदर्शिनी ने कर रहे हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि बीएमसी के अधिकारियों ने संपत्तियों को गिराने पर रोक लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। (Supreme Court takes cognizance of demolition of Gurudwara in Mumbai, notice issued to Municipal Corporation officials)

    कोर्ट के अंतरिम आदेशों का पूर्ण उल्लंघन

    याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है, कि बीएमसी के अधिकारियों ने उनके आश्रय के अधिकार का उल्लंघन किया है, जो भारत के संविधान द्वारा सुरक्षित है। याचिकाकर्ता के अनुसार, यह तोड़क कार्यवाही 15 अक्टूबर 2024 को हुआ, जो 17 सितंबर 2024 और 1 अक्टूबर 2024 के अंतरिम आदेशों का उल्लंघन है, जिसमें शीर्ष न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा था कि बिना अनुमति के किसी भी स्थान पर स्ट्रक्चर पर तोड़क कार्यवाही को नहीं किया जा सकता। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि अवमाननाकर्ताओं ने न्यायालय की अनुमति के बिना संरचना को ध्वस्त कर दिया, और यह दावा किया गया है कि यह संरचना सार्वजनिक सड़क पर स्थित थी। जबकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा याचिकाकर्ता को प्रदान किए गए किसी भी आंतरिक पत्राचार या याचिकाकर्ता के पास उपलब्ध अभिलेखों में ऐसा कुछ भी दर्ज नहीं किया गया है। (Supreme Court takes cognizance of demolition of Gurudwara in Mumbai, notice issued to Municipal Corporation officials)

    याचिका में खास क्या रहा ?

    याचिकाकर्ता ने बताया कि वे गुरुद्वारे का संचालन कर रहे थे और अपने परिवार के साथ वर्षों से उस संरचना के कमरे में शांति से निवास कर रहे थे, जैसा कि उनके पूर्वजों ने 1955 के आस-पास किया था, जो दस्तावेजों से स्पष्ट है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि उन्होंने और उनके पूर्वजों ने उस भूमि और संरचना से संबंधित संपत्ति कर का भुगतान किया है। (Supreme Court takes cognizance of demolition of Gurudwara in Mumbai, notice issued to Municipal Corporation officials)

  • Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    महाराष्ट्र में रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कैबिनेट का पहला विस्तार हो गया है। महायुति गठबंधन के कुल 39 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इसके बाद से गठबंधन के विधायको द्वारा नाराजगी व्यक्त की जा रही है। ऐसे में सरकार की मुश्किलें बढ सकती है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र के नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से कुछ विधायकों के नाराज होने की खबर आई है। इसके बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि शपथ लेने वाले कुछ मंत्रियों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। वहीं, शेष कार्यकाल के लिए अन्य को मौका दिया जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन सरकार के 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का रविवार को नागपुर में पहला विस्तार हो गया है। इसमें 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, इसके बाद अब मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 42 हो गई है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    किसके खाते में कितने मंत्री पद मिले ?

    मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी को 19, एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को 11 जबकि अजित पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 9 मंत्री पद मिले हैं। मंत्रिमंडल से बाहर रखे गए प्रमुख नेताओं में एनसीपी के छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल और बीजेपी के सुधीर मुनगंटीवार शामिल हैं। 33 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई, जबकि 6 ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    अजित पवार ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 सदस्य हो सकते हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ घंटे पहले नागपुर में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया इसमें उन्होंने कहा, ”हम ढाई साल के लिए दूसरों को भी मौका देंगे।” पवार ने कहा कि हर कोई मंत्री बनना चाहता है और वह इसका हकदार भी है, लेकिन मंत्री पद सीमित हैं। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कुछ विधायक हुए नाराज

    महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कुछ विधायक महायुति गठबंधन के निर्णय पर नाराज हैं। कारण उन्हें मंत्री पद के लिए चुना नही गया। महायुति गठबंधन मंत्रिमंडल विस्तार में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) मंत्री पद हासिल नहीं कर सकी। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी को कम से कम एक मंत्रालय आवंटित करने का वादा किया गया था। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    कुछ कहा नही जा सकता

    महाराष्ट्र में चुनाव के परिणाम आने के 13 दिन बाद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। उनके साथ ही एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। इसमें देरी का कारण अभी तक साफ नही हो पाया है। शपथग्रहण समारोह से पहले भी एकनाथ शिंदे को लेकर असमंजस बनी हुई थी। वहीं अब राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विधायकों की नारजगी कहीं महायुति गठबंधन मे फूट का कारण न बन जाए ऐसा राजनैतिक गलियारों में कानाफूसी हो रही है। फिलहाल अजित पवार की ढ़ाई सालों वाली सलाह काम बना सकती है। लेकिन समय का पलड़ा किस और घूमेगा कहा नही जा सकता। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

  • Mumbai BMC: मुंबईकरो पर एक और कचरा टैक्स लगाने की तैयारी

    Mumbai BMC: मुंबईकरो पर एक और कचरा टैक्स लगाने की तैयारी

    मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर होने के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में नवी मुंबई जैसे पास के दूसरे शहरों से पीछे रह रहा है। हर बार मनपा के सफाई का अस्तर गिरता जा रहा है। इसके बावजूद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुंबईकरो पर एक और अतिरिक्त कचरा टैक्स का बोझ डालने की तैयारी कर रही है। वहीं भाजपा मुंबईकरों पर नया टैक्स लगाने का विरोध कर रही है। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    इस्माईल शेख
    मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (Mumbai BMC)  द्वारा मुंबईकरों पर कचरा शुल्क के रूप में न्यूनतम 100 रूपए से लेकर 1 हजार रुपये तक का टैक्स वसूलने का निणर्य लिया है। मनपा लोगों से घरो के क्षेत्रफल के अनुसार कचरा टैक्स (Garbage tax) लेने के निणर्य पर विचार कर रही है। मनपा के इस निणर्य पर भाजपा की ओर से मनपा नेता (BMC Leader) रहे विनोद मिश्रा विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कि “मनपा लोगो को अच्छी तरह से साफ़ सफाई की सुविधा नहीं दे पा रही है। हर बार मनपा का सफाई का अस्तर गिरता जा रहा है। मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर होने के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में नवी मुंबई जैसे पास के दूसरे शहरों से पीछे रह रहा है।” इसी कड़ी में मनपा के निर्णय को लेकर शिवसेना नेता और पूर्व स्थाई समिति अध्यक्ष ने भी नाराजगी जताई है। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    क्या है मामला?

    मिल रही जानकारी के मुताबिक, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कचरे का निपटारा करने में बढ़ते खर्च और मुंबई के लोगों को साफ़ सफाई की अच्छी सुविधा देने के नाम पर मुंबई के लोगो पर अतिरिक्त कचरा टैक्स लगाने का निणर्य लिया है। मनपा के इस निणर्य का भाजपा के नेताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि मुंबईकरो पर एक नया टैक्स लगाने का निणर्य कम से कम इस समय नही लिया जाना चाहिए। जबकि इस समय मनपा में निर्वाचित प्रतिनिधि है ही नही। शहर में चुनाव होने अभी बाकी है और चुनावी नतीजों के बाद ही मनपा प्रतिनिधि का चयन किया जाना है। जनप्रतिनिधि को सुनने के बाद ही मनपा को फैसला करना चाहिए। नही तो ये मुंबईकरो के खिलाफ होगा। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    क्यों हो रहा है मनपा का विरोध?

    विनोद मिश्रा ने कहा, मनपा में आने वाले नए अधिकारी नया नया प्रयोग करते है। अधिकारी मनपा को अपनी पाठशाला बना लेते है। मुबंई का सफाई का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। मनपा सिर्फ ठेकेदारों में बंध कर रह गई है। उन्होंने कचरा टैक्स लगाए जाने का विरोध करते हुए मनपा को कचरा विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार को दूर कर अपना पैसा बचाने पर जोर देना को कहा है। उन्होंने कहा, मुबंई की जनता पर टैक्स का नया बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। मनपा के पूर्व विरोधी नेता रहे भाजपा मुंबई उपाध्यक्ष रविराजा ने मनपा द्वारा कचरे पर टैक्स लगाए जाने के समय को लेकर विरोध जताया है। रविराजा ने कहा कि मनपा में कोई चुनी हुई सरकार नहीं है ऐसे में इस तरह का निणर्य लेना उचित नहीं होगा। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

  • Maharashtra: मुंबई समेत ठाणे और भिवंडी में 15% पानी की कटौती

    Maharashtra: मुंबई समेत ठाणे और भिवंडी में 15% पानी की कटौती

    महाराष्ट्र के पीसे पंपिंग स्टेशन में ट्रांसफार्मर उड़ने की वजह से 6 मोटर पंप बंद हो गए हैं। जिसकी युद्ध स्तर पर रिपेयरिंग का काम चल रहा है। 15 दिसंबर तक कार्य पूरा होने की संभावना है। तबतक मुंबई सहित ठाणे और भिवंडी इलाके में 15% पानी की कटौती रहेगी। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    इस्माईल शेख
    महाराष्ट्र-
    पीसे बिजली सबस्टेशन के मुख्य ट्रांसफार्मर क्रमांक 1 बी फेज का करंट ट्रांसफार्मर शुक्रवार आधी रात के करीब अचानक खराब हो गया। इसके कारण पीसे पंपिंग स्टेशन में चल रहे कुल 20 पंपों में से 6 पंप बंद हो गए हैं। छह पंपों का मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इसकी जानकारी के मुताबिक, मरम्मत का काम 14 और 15 दिसंबर को जारी रहेगा। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    मुंबई सहित ठाणे और भिवंडी में पानी की कटौती

    पंपिंग स्टेशन के मरम्मत कार्य के कारण मुंबई शहर, उपनगरों, ठाणे और भिवंडी में पानी की आपूर्ति 15 प्रतिशत कम रहने वाली है। मुंबई महानगरपालिका के पीसे बिजली सबस्टेशन के मुख्य ट्रांसफार्मर क्रमांक 1 का बी फेज करंट ट्रांसफार्मर शुक्रवार 13 दिसंबर को रात करीब 1 बजे अचानक खराब हो गया। पीसे पंपिंग स्टेशन में कुल 20 पंपिंग मोटर पंप लगे हैं। इनमें से छह पंपिंग पंप काम नहीं कर रहे हैं। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    खबर मिलते ही महानगरपालिका ने बंद पड़े छह पंपिंग पंपों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। पंपों की मरम्मत का काम 14 और 15 दिसंबर को भी जारी रहेगा। इसके चलते 14 और 15 दिसंबर को मुंबई शहर और उपनगरों में 15 प्रतिशत पानी की कटौती की गई है। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    BMC का पानी सप्लाई

    मुंबई महानगरपालिका ठाणे और भिवंडी के कुछ इलाकों में भी पीसे डैम से पानी की आपूर्ति करती है। छह पंपिंग पंप बंद होने के कारण मुंबई सहित ठाणे और भिवंडी में भी पानी की आपूर्ति में 15 प्रतिशत कटौती की गई है, ऐसी जानकारी महानगरपालिका के अधिकारियों ने दी। एहतियात के तौर पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासन ने नागरिकों से 14 और 15 दिसंबर के दौरान पानी का कम और सावधानी से उपयोग करने की अपील की है। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    कहां-कहां होगी पानी की कटौती?

    मरम्मत कार्य के कारण मुंबई महानगरपालिका 14 दिसंबर से 15 दिसंबर तक ठाणे महानगरपालिका को होने वाली जलापूर्ति में 15 प्रतिशत की कटौती करेगी। इसके कारण ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र के नौपाड़ा, पचपाखड़ी, बी-केबिन, महागिरी, कोपरी, आनंदनगर, गांधीनगर, हजूरी, किसाननगर, लुइसवाड़ी, अंबिका नगर इलाकों में रविवार 15 दिसंबर तक जलापूर्ति कम रहेगी। एहतियात के तौर पर महानगरपालिका प्रशासन ने लोगों से इस दौरान सहयोग करने और पानी का संयम से उपयोग करने की अपील की है। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

  • Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    आधुनिक तकनीक BMC प्रशासन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। डिजिटल इंडिया के मद्देनजर बीएमसी ऑनलाइन शिकायतों पर निपटारे का दावा तो करती है। लेकिन सिर्फ 60 प्रतिशत निवारण में भी सिर्फ कागजाती कार्यवाही देखी जा रही है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    डिजिटल इंडिया के साथ बढ़ती हुई तकनीक, आम लोगों को सार्वजनिक शिकायतों के लिए भी ऑनलाइन पद्धति प्रभावित कर रही है। नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुंबई में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों को व्हाट्सएप चैटबॉट, एमसीजीएम वेबसाइट, मायबीएमसी मोबाइल ऐप और 1916 हेल्पलाइन जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म प्रदान किए हैं। हालाँकि बीएमसी के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना काफी आसान है, लेकिन शिकायत का संतोषजनक समाधान बीएमसी प्रशासन के लिए काफी कठिन है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    साल 2024 में मिली शिकायतें..

    इस साल 2024 में 1 जनवरी से 11 दिसंबर के बीच, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को 53,454 ऑनलाइन शिकायतें मिलीं, जिनमें से केवल 60% का निवारण हुआ। हालाँकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ज़्यादातर शिकायतें सिर्फ़ कागज़ों पर ही बंद कर दी जाती हैं, जबकि व्यक्तिगत रूप से समस्या ज्यौं की त्यों रह जाती है, कोई दीर्घकालिक समाधान नहीं होता है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    Bmc आईटी विभाग क्या कहता है?

    बीएमसी के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 53,454 ऑनलाइन शिकायतों में से सबसे अधिक 40,288 शिकायतें एमसीजीएम पोर्टल (MCGM) के माध्यम से प्राप्त हुई हैं, इसके बाद 5,727 माईबीएमसी (Mybmc) मोबाइल ऐप, 2,736 ‘व्हाट्सएप चैटबॉट’ और 4,703 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (कचरा) और स्टॉर्म वाटर ड्रेन (नाला, बाढ़) विभागों के हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    शिकायत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म दिन-प्रतिदिन अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। नागरिक व्यक्तिगत रूप से मनपा वार्ड कार्यालयों में जाने के बजाय किसी भी स्थान से शिकायत करने के लिए मोबाइल का उपयोग करना पसंद करते हैं। मिलेनियल्स और जेन जेड व्हाट्सएप चैटबॉट और माईबीएमसी ऐप जैसे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग ज्यादातर करते हुए देखे जा रहे हैं, जबकि वृद्ध 1916 हेल्पलाइन और एमसीजीएम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करना पसंद करते हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

  • महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाराष्ट्र विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने शपथग्रहण किया, जिसके दौरान शिंदे ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि क्या ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई– महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद प्रकाश में आये नतीजों ने महाविकास अघाडी गठबंधन में हलचल मचा दिया है। इसको लेकर गठबंधन के नेताओं ने ईवीएम मशीन में भाजपा द्वारा हेरफेरी किये जाने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि इसी मुद्दे को लेकर कल शनिवार विधानसभा सत्र के पहले दिन एमवीए विधायकों ने शपथ लेने से इनकार कर दिया।लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों द्वारा शपथग्रहण के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसा। कहा, कि “क्या आज ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है?” उन्होंने यह भी कहा, कि “जब विपक्ष को जीत मिलती है, तब ईवीएम सही होती है। जब हार गये, तो दोष दिया जा रहे है। क्या? वायनाड से प्रियंका गांधी को जीत मिली और झारखंड में इंडिया गठबंधन जीता तब ईवीएम सही था।” (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    जीत गए तो ईवीएम अच्छी होती है..

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “हमारी महायुति को सिर्फ 17 सीटें मिली थीं तब ईवीएम खराब नहीं था।” वही विपक्ष को एकनाथ शिंदे ने सवाल करते हुए पूछा, “हमारी हार पर क्या उस वक्त हमने ईवीएम को दोष दिया था?” वहीं सलाह देते हुए उन्होंने कहा, कि “विपक्ष को महाराष्ट्र की जनता का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। महायुति सरकार ने 2.5 साल में बहुत काम किया है। बहुत सारी योजनाएं लागू की है। जिसका नतीजा हमारी जीत के रूप में सामने आया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    झारखंड और केरल में कैसे जीत गए?

    देश में बाकी चुनावी नतीजों पर प्रकाश डालते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, कि “हाल ही में झारखंड में और केरल के वायनाड में चुनाव हुए। जहां भी इनकी जीत हुई हैं, ईवीएम अच्छी होती है। तो फिर महाराष्ट्र के नतीजों पर इन्हें आपत्ति क्यों है?” उन्होंने लोकसभा चुनावी नतीजों पर कहा, कि “महायुति गठबंधन को 43.55 प्रतिशत वोट मिले और महाविकास अघाड़ी गठबंधन को 43.71 प्रतिशत वोट मिले। बस कुछ अंकों का अंतर रहा, लेकिन हमें 17 सीट और उन्हें 31 सीटें मिलीं। तब उन्होंने ईवीएम घोटाले का मुद्दा नहीं उठाया?” बता दें कि कल शनिवार को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान काफी हंगामा रहा, महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने ईवीएम घोटाले का हवाला देते हुए शपथग्रहण करने से इनकार कर दिया, लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

  • क्या मुंबई भी उद्धव के हाथ से निकल जाएगी? जानिए कब होंगा BMC चुनाव

    क्या मुंबई भी उद्धव के हाथ से निकल जाएगी? जानिए कब होंगा BMC चुनाव

    Mumbai BMC Election: महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी की करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के गठबंधन में दरारें देखने को मिल रही है। वहीं शिवसेना उद्वव गुट की ओर से मनपा चुनाव अकेले लड़ने के संकेत दिए जा रहे हैं। शिवसेना में गुटबाजी और चुनावी परिणाम के बाद सवाल खड़ा हो रहा है क्या उद्धव ठाकरे बीएमसी पर अपनी पकड़ बचा पाएंगे? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों ने यहां की राजनीति में खलबली मचा दी है। एक तरफ बीजेपी महाराष्ट्र की एक बड़ी पार्टी के तौर पर उभर कर सामने आई है, तो वहीं महाविकास आघाड़ी की करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के गठबंधन में दरारें दिखने लगी हैं। उद्वव ठाकरे के करीबी मिलिंद नार्वेकर ने संकेत दिए हैं कि पार्टी मुंबई के लोकल चुनावों में अकेले लड़ सकती है। राज्य में महायुति की प्रचंड जीत के बाद सवाल खड़ा हो रहा है क्या उद्धव ठाकरे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर अपनी पकड़ बचा पाएंगे? जबकि शिवसेना के बागी नेताओं ने शिंदे गुट के साथ मिलकर हद से ज्यादा मतदाताओं को अपनी ओर कर लिया है। इसी के साथ जाने मुंबई BMC इलेक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    ईवीएम मशीन में धांधलेबाजी

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी के अगुवाई वाले महायुति गठबंधन की भारी जीत ने महाविकास अघाडी गठबंधन को हाशिए पर धकेल दिया है। विधानसभा में कांग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट, एनसीपी शरद पवार गुट, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी एवं अन्य छोटे दलों के महाविकास अघाडी गठबंधन की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसे विपक्ष नेता पद के लिए स्पीकर से गुहार लगानी पड़ेगी। वहीं चुनाव प्रक्रिया पर सवाल करते हुए, राज्य में महाविकास अघाडी गठबंधन के विजयी विधायकों ने अभी तक शपथग्रहण नहीं किया है। ईवीएम मशीन में धांधलेबाजी के आरोप लगा रहे हैं। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार है लेकिन इस बीच अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों की चर्चा भी शुरू हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों में चर्चा है कि बीजेपी जल्द से जल्द बीएमसी चुनाव करवा सकती है। राज्य में महानगर पालिकाओं, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव लगभग 3 सालों से रुके हुए हैं। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    2022 में होना था BMC चुनाव

    मुंबई में बृहन्मुंबई नगर पालिका चुनाव (Bmc Election) साल 2022 से टल रहे है। 2017 में मुंबई महानगर पालिका और ठाणे नगरपालिका में शिवसेना का ही दबदबा देखने को मिला था। ठाणे की 131 सीटों में 67 पर शिवसेना को जीत मिली थी, हालांकि अब परिस्थितियां बदल गई हैं। शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मुंबई में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 10 विधायकों को जीत मिली है तो वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के 6 विधायकों को जीत मिली है। ठाणे में शिवसेना यूबीटी का सूपड़ा साफ हो गया है। ऐसे में चर्चा शुरू हो गई कि क्या उद्धव ठाकरे बीएमसी में अपनी पार्टी की सत्ता बचा पाएंगे? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    उद्धव के सामने बड़ी चुनौती

    2017 के मनपा चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को कुल 84 सीटों पर जीत मिली थी। 227 सदस्यों वाले मनपा सदन में बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को 31 और एनसीपी को 9 सीटों पर जीत मिली थी। मनसे और सपा को क्रमश: 7 और छह सीटें मिली थी। उद्धव ठाकरे के 84 नगर सेवकों में 60 के करीब उनका साथ छोड़ चुके हैं। इनमें ज्यादातर शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में चले गए हैं। विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त के बाद शिवसेना यूबीटी अकेले लड़ने की आवाज उठा रही है। अब देखना है कि उद्धव ठाकरे क्या निर्णय लेते हैं। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) देश की सबसे अमीर महानगरपालिका है। बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 119 सदस्यों का है। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    कब हो सकते हैं बीएमसी चुनाव?

    लंबे समय से बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों के रुके होने पर एक स्वयंसेवी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। शनिवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हर राज्य में चुनाव में देरी की वजहें और स्थितियां अलग-अलग हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई ठोस कारण नहीं मिलता है, तो चुनाव कराने का आदेश दिया जा सकता है। ऐसे में बीएमसी चुनाव फरवरी में होने की संभावना बढ़ गई है। 64 हजार करोड़ के सालाना बजट वाली बीएमसी को अभी जनता के चुनींदा नेताओं के बजाय मनपा के अधिकारी चला रहे हैं। 2017 में बीजेपी ने मनपा चुनाव अपने दम पर अलग से लड़ा था। इससे पहले 2012 के चुनावों में शिवसेना को 75 सीटें मिली थीं। बीजेपी 31 सीटों में सिमट कर रह गई थी। कांग्रेस को 52 और एनसीपी को 13 सीटें मिली थी। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 28 और एआईएमआईएम ने 2 सीटें पर जीत हासिल की थी। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)