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  • शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    मुंबई के दहिसर पूर्व स्थित शुक्ला कंपाउंड में 400 परिवारों का भविष्य अधर में लटका है। विकासक द्वारा 1962 से पहले के दस्तावेज़ मांगने पर दिंडोशी के MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस नियम में बदलाव की मांग की है। मामला अब शीतकालीन अधिवेशन में उठेगा।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: दहिसर पूर्व के रावलपाड़ा स्थित शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले करीब 400 परिवारों का भविष्य संकट में पड़ गया है, क्योंकि प्रोजेक्ट डेवलपर ने इन सभी परिवारों से घर पुनर्विकास पात्रता के लिए 1962 से पहले के दस्तावेज़ देने की शर्त रखी है।

    इन दस्तावेज़ों को उपलब्ध न करा पाने के कारण सैकड़ों परिवार बेघर होने की चिंता में हैं। अब यह मामला राजनीतिक रूप से बड़ा रूप ले चुका है।

    🏘 45 साल से रहने वाले परिवारों पर बेघर होने का खतरा

    शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले अधिकतर परिवार पिछले चार से पांच दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं। कई परिवार छोटे उद्योग और मजदूरी कर अपनी रोज़ी-रोटी चलाते हैं।

    इन निवासियों का कहना है कि उन्होंने बिजली बिल, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पानी के बिल सहित कई सरकारी दस्तावेज़ जमा किए हैं, लेकिन डेवलपर केवल 1962 के पहले की ओनरशिप प्रूफ स्वीकार कर रहा है — जो लगभग असंभव है।

    🏗 डेवलपर पर स्वार्थी प्रोजेक्ट प्लानिंग का आरोप

    मौजूदा ज़मीन का असली मालिक गोविंद पाटिल ने यह प्लॉट साल 1920 में इकबाल मिर्ची से जुड़े नामों और शेलाजी इंफ्रास्ट्रक्चर के अशोक जैन को बेचा था।

    अब विकासक अशोक जैन इस जमीन पर हाई-राइज़ हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    रहवासियों का आरोप है कि—

    “डेवलपर खुद का फायदा ज्यादा देख रहा है और पुराना डेट ऑफ लाइन दिखाकर लोगों को बाहर करने की कोशिश कर रहा है।”

    🧾 MLA सुनील प्रभु पैरवी में, मुख्यमंत्री को पत्र

    दिंडोशी विधानसभा के शिवसेना नेता एवं MLA सुनील प्रभु ने इस मामले में दखल देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।

    प्रभु ने पत्र में लिखा कि—

    “मुंबई और महाराष्ट्र में किसी भी हाउसिंग स्कीम में पात्रता के लिए अधिकतर जगह 2012 से पहले का डॉक्यूमेंट पर्याप्त माना जाता है। ऐसे में शुक्ला कंपाउंड में 1962 की शर्त अन्यायपूर्ण है और इसे बदला जाना चाहिए।”

    उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वे इस मुद्दे को आगामी नागपुर में होने वाले शीतकालीन विधान सभा अधिवेशन में ‘ध्यान आकर्षण’ के रूप में उठाएँगे।

    🔍 इस बदलाव से अन्य प्रोजेक्ट भी होंगे प्रभावित

    यदि सरकार दस्तावेज़ की पात्रता 1962 से बदलकर 2012 या वर्तमान नियम के अनुसार करती है, तो उसका सीधा लाभ—

    ✔ मुंबई
    ✔ ठाणे
    ✔ पालघर
    ✔ नवी मुंबई

    में हो रहे हज़ारों पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स को मिल सकता है।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्नउत्तर
    क्या नियम अभी बदले गए हैं?नहीं, नियम बदलने की मांग की गई है और मामला विधानसभा में उठेगा।
    क्या सभी रहवासियों को घर मिलेगा?फिलहाल स्थिति अनिश्चित है। नियम बदलने पर ही रास्ता स्पष्ट होगा।
    क्या यह मामला कानूनी रूप से कोर्ट में जा सकता है?हाँ, यदि समाधान न मिला तो रहवासी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
  • मुंबई के कॉलेज में बुर्का बैन पर हंगामा

    मुंबई के कॉलेज में बुर्का बैन पर हंगामा

    गोरगांव के विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में कक्षा के अंदर बुर्का पहनने पर पाबंदी लगाने के फैसले के बाद छात्रों ने कड़ा विरोध जताया। AIMIM की मदद के बाद मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा।

    मुंबई: गोरगांव स्थित विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में कक्षाओं के अंदर बुर्का पहनने पर नया नियम लागू होने के बाद विवाद बढ़ गया है। पहले जहां इस कॉलेज में बुर्का पहनकर कक्षाओं में प्रवेश की अनुमति थी, वहीं अब अचानक इस ड्रेस कोड में बदलाव किया गया है। इस निर्णय के खिलाफ कई छात्राओं ने आपत्ति जताई है और विरोध के लिए आवाज भी उठाई है।

    🔹 विरोध क्यों शुरू हुआ?

    कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार अब छात्राएं क्लास रुम के अंदर बुर्का नहीं पहन सकेंगी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक पहचान को दर्शाने वाली पोशाक कॉलेज के माहौल और ड्रेस कोड के खिलाफ है। हालांकि, हिजाब और सिर पर दुपट्टा पहनने की अनुमति अब भी जारी है।

    कुछ छात्राओं ने बताया कि उन्हें कॉलेज आने पर पहले बुर्का उतारना पड़ता है और क्लास खत्म होने के बाद फिर से पहनना पड़ता है। इससे वे खुद को असहज और असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

    🔹 वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ा

    स्थानीय न्यूज़ पोर्टल द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ देखा जा सकता है। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई देती है।

    कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    🔹 मामला अब पुलिस स्टेशन पहुंचा

    1 दिसंबर को AIMIM की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक:

    “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।”

    इस मामले पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    🔹 सिर्फ जूनियर कॉलेज सेक्शन को नियम लागू

    ध्यान देने योग्य बात यह है कि बुर्का बैन का यह नियम सिर्फ जूनियर कॉलेज पर लागू किया गया है, जबकि सीनियर कॉलेज की छात्राओं पर इसका कोई असर नहीं होगा।
    इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं।

    🔍 इस फैसले पर सामाजिक बहस

    मुंबई में सामान्य तौर पर कॉलेज ड्रेस कोड जींस, शॉर्ट्स या ट्रेंडी फैंशन तक सीमित होते हैं, लेकिन धार्मिक पहचान पर प्रतिबंध का यह मामला अब ड्रेस कोड बनाम धार्मिक स्वतंत्रता की बड़ी बहस में बदल चुका है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    1️⃣ क्या कॉलेज में पूरी तरह बुर्का पहनना बंद है?
    नहीं, कॉलेज कैंपस में आने पर बुर्का पहनने पर प्रतिबंध नहीं है। पाबंदी सिर्फ कक्षाओं के अंदर है।

    2️⃣ हिजाब पहनने की अनुमति है?
    हाँ, कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिजाब और साधारण हेडस्कार्फ की अनुमति दी जाएगी।

    3️⃣ क्या मामला कानूनी स्तर पर गया है?
    फिलहाल मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा है, पर कोई कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं हुई है।

    4️⃣ क्या नियम पूरे कॉलेज में लागू है?
    नहीं, अभी नियम सिर्फ जूनियर कॉलेज पर लागू किया गया है।

  • नकली RTO ऐप के नाम पर 65 वर्षीय मालाड निवासी से ₹7.6 लाख की ठगी

    नकली RTO ऐप के नाम पर 65 वर्षीय मालाड निवासी से ₹7.6 लाख की ठगी

    मुंबई के मालाड में 65 वर्षीय रिटायर्ड व्यक्ति को फर्जी RTO चालान ऐप के जरिए निशाना बनाया गया। ऐप डाउनलोड करवाकर स्कैमर ने मोबाइल फोन का कंट्रोल हासिल किया और खाते से ₹7.60 लाख उड़ा लिए। केस साइबर क्राइम और IT एक्ट के तहत दर्ज।

    मुंबई: मालाड इलाके में एक 65 वर्षीय रिटायर्ड नागरिक कमलेश चौक्षी को ऑनलाइन चालान और RTO वेरिफिकेशन के नाम पर साइबर ठगों ने बड़ा झांसा दिया। फेक ऐप इंस्टॉल करवाकर स्कैमर्स ने पीड़ित के मोबाइल की पूरी एक्सेस ले ली और बैंक अकाउंट से धीरे-धीरे ₹7.6 लाख उड़ा लिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    🔍 घटना कैसे हुई — पूरी कहानी

    ➡ फर्जी ऐप डाउनलोड करवाकर जाल बिछाया

    सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित ने हाल ही में सेकेंड-हैंड कार खरीदी थी।
    कार बेचने वाले व्यक्ति ने उनसे कहा कि RTO का ₹2,000 चालान बाकी है, जिसे उन्हें मोबाइल ऐप के जरिए भरना होगा।

    कमलेश ने बताए अनुसार ऐप डाउनलोड किया और ₹2,000 जमा कर दिए।

    🟢 अगले ही दिन — पूरा पैसा वापस आ गया, ताकि पीड़ित का भरोसा जीत सकें।
    पुलिस का मानना है कि यह साइबर ठगों की सोची-समझी तकनीक थी।

    ➡ मोबाइल कंट्रोल में लेने के बाद फ्रॉड शुरू

    26 नवंबर को पीड़ित के फोन पर अचानक HDFC बैंक की लगातार तीन ट्रांजेक्शन अलर्ट आए:

    लेनदेन प्रकारराशि
    NEFT ट्रांसफर₹4.90 लाख
    मोबाइल बैंकिंग₹1 लाख
    मोबाइल बैंकिंग₹1.70 लाख

    पीड़ित ने जब अलर्ट देखा, तब तक उनका मोबाइल स्क्रीन अनजाने में खुद चल रहा था — यानी हैकर फोन रिमोट कंट्रोल से ऑपरेट कर रहा था।

    ➡ परिवार ने उठाया कदम, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी

    पीड़ित ने तत्काल अपने बेटे को सूचना दी।
    बेटा दौड़कर बैंक पहुंचा और अकाउंट को फ्रीज कराया — लेकिन तब तक पूरी रकम खाते से निकल चुकी थी।

    👮‍♂️ पुलिस कार्रवाई

    मालाड पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। FIR में धोखाधड़ी की धारा और IT एक्ट शामिल किए गए हैं।

    जांच में पाया गया कि ‘RTO Challan Payment’ नाम का ऐप फेक था, और इसी के जरिए फोन हैक किया गया।

    🧠 साइबर विशेषज्ञों की सलाह

    ✔ RTO, बैंक या सरकारी ऐप हमेशा सरकारी वेबसाइट और Play Store Verified Source से डाउनलोड करें।
    ✔ किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका डोमेन जांचें।
    ✔ फोन स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।


    🔎 FAQ — आम सवाल और जवाब

    1️⃣ सवाल: क्या यह ऐप असली RTO से जुड़ा था?
    👉 नहीं, पुलिस जांच में यह नकली और फ्रॉड एप्लिकेशन पाया गया।

    2️⃣ सवाल: क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 साइबर पुलिस पैसे ट्रेस कर रही है, पर वापसी की गारंटी नहीं होती — लेकिन तुरंत रिपोर्ट से संभावना बढ़ जाती है।

    3️⃣ सवाल: ऐसे मामले की शिकायत कहाँ करें?
    👉 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

  • मलाड वेस्ट में इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़, सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने पर आरोपी गिरफ्तार

    मलाड वेस्ट में इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़, सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने पर आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के मलाड वेस्ट में रात के समय टहल रही 20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़। पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच जारी।

    मुंबई: देर रात टहल रही मलाड वेस्ट की एक 20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। घटना 26 नवंबर की रात करीब 9:45 बजे हुई, जब एक युवक ने उसके साथ बदसलूकी की और मौके से फरार हो गया। पीड़िता को पुलिस कंट्रोल रूम से तत्काल मदद नहीं मिल पाई, जिसके बाद उसने इंस्टाग्राम पर पूरी घटना पोस्ट की। पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    घटना कैसे हुई?

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता फोन पर बात करते हुए एस.वी. रोड पर रैडिसन होटल ब्रिज के पास टहल रही थी। तभी अचानक पीछे से एक युवक आया, उसे पकड़कर छेड़छाड़ की और सड़क पार कर भाग गया। पीड़िता ने मदद के लिए चीखा, लेकिन कोई भी राहगीर उसकी सहायता के लिए आगे नहीं आया।

    पुलिस हेल्पलाइन नंबर क्यों नहीं लगे?

    पीड़िता ने घटना के तुरंत बाद 100 और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल किया, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हो पाया। परेशान होकर उसने अपनी मां को फोन किया, जो मौके पर पहुंचीं और उसे घर ले गईं।

    अगले दिन पीड़िता ने पूरी घटना इंस्टाग्राम पर विस्तृत रूप से बताया और Mumbai Police और बाकी काफी सारे लोगों को टैग किया।

    सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई

    जैसे ही पोस्ट वायरल हुई, मुंबई पुलिस हरकत में आ गई। यह मामला गोरगांव पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने के कारण वहां FIR दर्ज की गई। जांच ACP प्रकाश बागल और DCP संदीप यादव की देखरेख में शुरू हुई। जिसमें मालाड़, गोरेगांव और बांगूरनगर पुलिस की तीन टीम तैयार की गई जिसका नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सूर्यकांत खरात को सौंपा गया।

    • तीन पुलिस टीम बनाई गईं
    • होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए
    • तकनीकी जांच के जरिए पहचान हुई

    हालांकि घटना स्थल के पास सीसीटीवी नहीं था, मगर होटल रैडिसन की फुटेज ने जांच में अहम भूमिका निभाई।

    आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

    पुलिस ने 24 वर्षीय आरोपी कुलदीप कन्नौजिया को गिरफ्तार किया है। वह उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का रहने वाला है और मलाड–गोरगांव के बीच उधोग नगर में स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करता था।

    पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।

    पीड़िता की पोस्ट ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    पीड़िता ने अपनी पोस्ट में लिखा:

    “मुंबई को सुरक्षित शहर कहा जाता है, लेकिन सड़क के बीच एक आदमी ने ये हरकत की और कोई भी मदद के लिए नहीं आया। हेल्पलाइन नंबर भी काम नहीं कर रहे थे।”

    इस बयान ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।


    FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    घटना कब हुई?26 नवंबर की रात करीब 9:45 बजे।
    पीड़िता कौन है?20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर, नाम गोपनीय रखा गया है।
    आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?हाँ, पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।
    पुलिस ऐक्शन कब हुआ?सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के तुरंत बाद।
    क्या हेल्पलाइन नंबर काम नहीं कर रहे थे?पीड़िता के अनुसार, उस समय कॉल कनेक्ट नहीं हुआ।
  • BMC: कांदिवली-बोरीवली में 4-5 दिसंबर को 18 घंटे पानी बंद

    BMC: कांदिवली-बोरीवली में 4-5 दिसंबर को 18 घंटे पानी बंद

    मुंबई के कांदिवली और बोरिवली में BMC ने 4-5 दिसंबर को 18 घंटे पानी कटौती की घोषणा की है। रखरखाव और पाइपलाइन कनेक्शन के चलते कई इलाकों में सप्लाई बंद रहेगी। नागरिकों को पानी स्टोर करने की सलाह।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने घोषणा की है कि 4 दिसंबर की रात से 5 दिसंबर तक लगभग 18 घंटे के लिए पानी सप्लाई बंद रहेगी। ये पानी कटौती कांदिवली और बोरिवली के कई इलाकों में लागू होगी। यह कदम पानी की सप्लाई सिस्टम को सुधारने और नई 900 mm पाइपलाइन जोड़ने के लिए लिया जा रहा है।

    🏛️ BMC का बड़ा ऐलान – 18 घंटे पानी नहीं मिलेगा

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मुंबई के नॉर्थ ज़ोन के बड़े हिस्से को प्रभावित करने वाली पानी कटौती का ऐलान किया है। यह पानी बंदी 4 दिसंबर की रात 10 बजे से लेकर 5 दिसंबर की दोपहर 4 बजे तक रहेगी।

    यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि दो 900 mm डायमीटर की एक्वाडक्ट पाइपलाइनों को आपस में जोड़कर पानी सप्लाई सिस्टम को और बेहतर किया जा सके। इस कनेक्शन के बाद पानी का प्रवाह ज्यादा सुचारू और प्रेशर बेहतर होने की उम्मीद है।

    📍 किन इलाकों पर असर पड़ेगा?

    नागरिकों की सुविधा के लिए प्रभावित इलाके की लिस्ट इस प्रकार है —

    ✔ कांदिवली वेस्ट
    ✔ बोरीवली वेस्ट
    ✔ चीकूवाड़ी
    ✔ जानूपाड़ा
    ✔ गोराई
    ✔ एस्सेलवर्ल्ड के आसपास के इलाके
    ✔ गोराई बीच और आसपास की सोसायटी
    ✔ शांतीनगर ज़ोन
    ✔ रावलपाडा क्षेत्र
    ✔ लिंक रोड के आसपास की सोसायटियां

    (कुछ और सोसायटी और सेक्टरों की लिस्ट BMC जल्द जारी करेगी।)

    🛠 पानी क्यों बंद किया जा रहा है?

    BMC ने बताया कि मौजूदा पाइपलाइन सिस्टम कई साल पुराना हो चुका है। इसलिए इसे मॉडर्नाइज करने और पानी सप्लाई को भविष्य के हिसाब से मजबूत करने के लिए यह काम किया जा रहा है।

    ये काम होने के बाद:

    💧 पानी का प्रेशर सुधरेगा
    💧 सप्लाई में बार-बार फॉल्ट नहीं आएगा
    💧 पानी की वितरण क्षमता और बढ़ेगी

    📦 BMC की सलाह नागरिकों के लिए

    👉 पानी कटौती से पहले पर्याप्त पानी स्टोर कर लें।
    👉 पानी का उपयोग जरूरत के हिसाब से करें।
    👉 सोसायटी मैनेजमेंट को स्टोरेज टैंक्स चेक करने की सलाह।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: पानी कब बंद रहेगा?
    👉 4 दिसंबर रात 10 बजे से 5 दिसंबर दोपहर 4 बजे तक।

    Q2: कौनसे इलाके प्रभावित होंगे?
    👉 कांदिवली, बोरिवली, गोराई, चीकूवाड़ी और आसपास के क्षेत्र।

    Q3: यह काम क्यों हो रहा है?
    👉 दो नई 900 mm पाइपलाइन जोड़ने और सप्लाई सिस्टम सुधारने के लिए।

    Q4: क्या कटौती बढ़ सकती है?
    👉 अभी ऐसा ऐलान नहीं है, पर काम में देरी होने पर BMC अपडेट देगी।

    Q5: क्या टैंकर उपलब्ध होंगे?
    👉 जरूरी संस्थानों को टैंकर मिल सकते हैं, पर घरेलू उपयोग के लिए व्यवस्था खुद करनी होगी।

  • मुंबई में मतदाता सूची अपडेट, BMC ने नागरिकों से की सहयोग करने कि अपील

    मुंबई में मतदाता सूची अपडेट, BMC ने नागरिकों से की सहयोग करने कि अपील

    मुंबई महानगरपालिका ने 2025 चुनावों से पहले डुप्लीकेट वोटर लिस्ट की जांच शुरू की है। बीएलओ और चुनाव अधिकारी घर-घर जाकर नामों की पुष्टि करेंगे। BMC ने नागरिकों और सोसायटियों से सहयोग करने की अपील की है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने 2025 नगर निगम चुनावों से पहले वोटर लिस्ट में मौजूद डुप्लीकेट यानी दो बार दर्ज नामों की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए चुनाव अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी ले रहे हैं। कई सोसायटियों में अधिकारियों को एंट्री नहीं मिल रही है, जिसके बाद BMC ने आधिकारिक अपील जारी कर नागरिकों से सहयोग करने की विनती की है।

    🏛️ मुंबई में मतदाता सूची की जांच शुरू

    मुंबई में आने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025 को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रभागवार प्रारुप मतदाता सूची में मौजूद दोहराए गए नामों की पुष्टि की जा रही है।

    मतदाता सूची में जिनके नाम दो बार आए हैं, उनके नाम के आगे “**” का निशान लगाया गया है। अब इन डुप्लीकेट रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए अधिकारी हर घर पहुंचकर वेरीफिकेशन कर रहे हैं।

    🏠 घर-घर जाकर जांच करेंगे अधिकारी

    बीएलओ (Booth Level Officers) और चुनाव विभाग के अन्य अधिकारी नागरिकों से संपर्क कर रहे हैं। अधिकारी मतदाताओं से:

    ✔ नाम
    ✔ पता
    ✔ फोटो
    ✔ जेंडर

    जैसी डिटेल्स की पुष्टि कर रहे हैं।

    अगर दोनों रिकॉर्ड एक ही व्यक्ति के निकले, तो अधिकारी उनसे लिखित फॉर्म पर यह पूछेंगे कि वे किस मतदान केंद्र पर वोट देना चाहते हैं।

    🏢 सोसायटी और नागरिकों से सहयोग की मांग

    BMC ने बताया है कि कई जगहों पर:

    ❌ अधिकारियों को गेट पर रोका जा रहा है
    ❌ अनुमति नहीं मिल रही
    ❌ जवाब नहीं दिया जा रहा है

    जिसकी वजह से पूरी प्रक्रिया धीमी पड़ रही है।

    अब BMC ने आधिकारिक रूप से अपील की है कि:

    👉 “चुनाव अधिकारी जब घर या सोसायटी में आएं, तो उनकी मदद करें।”

    जल्द ही BMC सोसायटी के चेयरमैन और सचिवों को इस बारे में पत्र भी भेजेगी।

    ✍️ इस प्रक्रिया का उद्देश्य

    📍 एक ही व्यक्ति का नाम एक बार ही वोटर लिस्ट में रहे
    📍 चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बने
    📍 फर्जी और डुप्लीकेट वोटिंग रोकी जाए


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: यह जांच क्यों की जा रही है?
    👉 ताकि वोटर लिस्ट में मौजूद डुप्लीकेट नाम हटाए जा सकें और सही मतदाता सूची बने।

    Q2: अधिकारी क्यों घर-घर आ रहे हैं?
    👉 ताकि संबंधित मतदाताओं से पहचान और सही मतदान केंद्र की पुष्टि हो सके।

    Q3: क्या मुझे कोई डॉक्यूमेंट देना होगा?
    👉 हां, पहचान और पते की पुष्टि के लिए मतदाता पहचान पत्र या कोई वैध ID मांग सकते हैं।

    Q4: क्या यह जरूरी है कि मैं सहयोग करूं?
    👉 हां, यह चुनाव कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

    Q5: अगर अधिकारी सोसायटी में एंट्री न ले पाए तो?
    👉 सोसायटी सचिव और चेयरमैन को BMC की तरफ से नोटिस भेजा जाएगा।

  • 3 दिसंबर को मुंबई में पानी की कटौती

    3 दिसंबर को मुंबई में पानी की कटौती

    मुंबई के 14 वार्डों में 3 दिसंबर को 24 घंटे तक पानी बंद रहेगा। BMC ने लोगों को पहले से पानी स्टोर करने की सलाह दी है। यह कटौती तानसा पाइपलाइन रिप्लेसमेंट के चलते की जा रही है।

    मुंबई: 3 दिसंबर को बड़ी पानी कटौती होने वाली है। 14 वार्डों में रहने वाले लोगों को अगले 24 घंटों तक पानी की सप्लाई नहीं मिलेगी और कई जगहों पर लगभग 15% पानी दबाव में कमी रहेगी। यह कटौती तानसा की 2,750 mm पानी की पाइपलाइन रिप्लेस करने के कारण की जा रही है। BMC ने निवासियों से पानी स्टोर करने और समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है।

    🚧 पानी कटौती क्यों हो रही है?

    BMC ने बताया कि शहर की सबसे बड़ी भांडुप वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को पानी सप्लाई करने वाली Tansa Pipeline (2750 mm) काफी पुरानी हो चुकी है और सुरक्षा के लिहाज़ से उसे बदला जाना ज़रूरी है।

    पाइपलाइन बदलने के दौरान पानी की सप्लाई रोकनी पड़ेगी।

    📍 किन वार्डों में पानी बंद रहेगा?

    नीचे बताए गए 14 वार्डों में 24 घंटे पानी बंद रहेगा और कुछ इलाकों में 15% कम दबाव में पानी मिलेगा:

    वार्डइलाके
    A वार्डकोलाबा, चर्चगेट, फोर्ट, नेवी नगर
    C वार्डमरीन लाइन्स, चिरा बाजार, ठाकुरद्वार, भुलेश्वर
    D वार्डग्रांट रोड, बालकेश्वर, मलाबार हिल, ताड़देव, हाजी अली
    G Southवर्ली, प्रभादेवी
    G Northदादर पश्चिम, माहिम, धारावी
    H Eastबांद्रा ईस्ट, खार ईस्ट, सांताक्रूज़ ईस्ट
    H Westबांद्रा वेस्ट, खार वेस्ट, सांताक्रूज़ वेस्ट
    K Westअंधेरी वेस्ट, जोगेश्वरी वेस्ट, विले पार्ले वेस्ट
    P Southगोरेगांव
    P Northमालाड, मनोरी, माढ़
    R Southकांदिवली, चारकोप
    R Centralबोरिवली
    L वार्डकुर्ला, साकी नाका, चांदिवली, असल्फा
    S वार्डभांडुप, पवई, कांजूरमार्ग, विक्रोली

    💧 क्या सलाह दी गई है?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने लोगों को सलाह दी है कि:

    • पहले से पर्याप्त पानी स्टोर कर लें
    • पानी का अनावश्यक इस्तेमाल न करें
    • गैरज़रूरी घरेलू काम (जैसे गाड़ी धोना, कपड़े मशीन में वाश, टैंक सफाई) टाल दें

    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नजवाब
    पानी कब बंद रहेगा?3 दिसंबर को 24 घंटे तक सप्लाई बंद रहेगी।
    कितने वार्ड प्रभावित होंगे?कुल 14 वार्ड प्रभावित होंगे।
    पानी क्यों बंद किया जा रहा है?Tansa पानी की पाइपलाइन बदलने के काम के लिए।
    क्या पानी का प्रेसर कम रहेगा?हां, कुछ जगहों पर 15% कम दबाव में पानी मिलेगा।
  • बोरीवली में 2,000 दुकानें बंद, बैरिकेडिंग पर बड़ा विरोध

    बोरीवली में 2,000 दुकानें बंद, बैरिकेडिंग पर बड़ा विरोध

    मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्टेशन के बाहर पैदल मार्ग पर लगाए गए बैरिकेड्स के खिलाफ 2,000 दुकानों ने तीन घंटे का शटर डाउन प्रोटेस्ट किया। व्यापारी कहते हैं कि कारोबार ठप हो रहा है, जबकि ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि भीड़ 60-70% कम हुई है।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम स्टेशन के बाहर लगाए गए नए बैरिकेड्स को लेकर माहौल गर्म हो गया है। करीब 2,000 दुकानों ने बुधवार सुबह तीन घंटे तक शटर डाउन रखकर बीएमसी और ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ विरोध जताया।
    व्यापारियों का आरोप है कि 12 पैदल क्रॉसिंग बंद होने से ग्राहकों तक पहुंच बेहद मुश्किल हो गई है, जबकि पुलिस और बीएमसी का कहना है कि इस फैसले से सड़क पर 60–70% ट्रैफिक कम हुआ है और पब्लिक को सिर्फ कुछ समय एडजस्ट करना होगा।

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    🔹 बैरिकेड्स क्यों लगाए गए?

    पिछले कुछ महीनों से बोरीवली स्टेशन के आसपास ट्रैफिक जाम की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं।
    ट्रैफिक पुलिस और बीएमसी ने:

    • जाम्बली गली से लेकर चंदावरकर रोड तक 12 पैदल क्रॉसिंग बंद की
    • स्टेशन के सामने रेलिंग लगाई
    • कई जगह पुलिसकर्मी तैनात किए

    DCP संदीप जाधव के मुताबिक:

    “लोगों को बदलाव की आदत होने में दो-तीन महीने लगेंगे, लेकिन ट्रैफिक में अब 60–70% सुधार हुआ है।”

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    🔹 दुकानदार क्यों नाराज़ हैं?

    इंद्रप्रस्थ और ठक्कर शॉपिंग सेंटर के व्यापारियों का कहना है कि स्टेशन से प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 की एंट्री इन्हीं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से होती है।

    अब ग्राहकों को:

    • 300 मीटर दूर यू-टर्न लेना पड़ता है
    • पार्किंग ढूंढने में ज्यादा समय लग रहा है
    • सीनियर सिटिज़न और महिलाएं परेशान हैं

    Borivali Businessmen Association (BBA) के चेयरमैन ललित जैन ने कहा:

    “40 साल में पहली बार हमें दुकानें बंद करनी पड़ीं। बैरिकेड्स हटने चाहिए, वरना कारोबार डूब जाएगा।”

    🔹 दुकानदारों की मांग

    मांगस्थिति
    सभी क्रॉसिंग फिर से खुलें⛔ प्रशासन ने मना किया
    क्रॉसिंग कम से कम 2 फीट चौड़ी होविचाराधीन
    LT रोड- SV रोड पर दो-तरफा ट्रैफिकनिर्णय बाकी
    अवैध ठेलों पर कार्रवाईजारी
    स्टेशन परिसर हॉकर्स-फ्री ज़ोनआंशिक रूप से लागू
    ऑटो रिक्षा लाइन में अनुशासनपुलिस तैनाती जारी

    🔹 स्थानीय लोगों की राय

    📍 राय इस मामले में दो हिस्सों में बंटी हुई है।

    🚦 ट्रैफिक कम होने से खुश लोग

    • कहते हैं पहले 15–20 मिनट जाम में फंसते थे, अब 5 मिनट में रास्ता साफ।

    🚶‍♂️ पैदल यात्रियों और ग्राहकों की दिक्कत

    • कहते हैं स्टेशन जाना मुश्किल हो गया है, शॉपिंग सेंटर में एंट्री भूल जाएं।

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. दुकानदारों ने दुकानें क्यों बंद कीं?

    क्योंकि स्टेशन के बाहर पैदल क्रॉसिंग बंद होने से ग्राहक उनकी दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।


    Q2. क्या बैरिकेड्स हटाए जाएंगे?

    फिलहाल पुलिस ने साफ किया है कि बैरिकेड्स नहीं हटेंगे, क्योंकि ट्रैफिक में सुधार दिख रहा है।


    Q3. क्या आगे बातचीत होगी?

    व्यापारी संगठन प्रशासन से फिर बैठक की मांग कर रहे हैं।


    Q4. क्या ट्रैफिक सच में कम हुआ?

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार ट्रैफिक 60–70% तक कम हुआ है, लेकिन इसका नुकसान दुकानों को हो रहा है।

  • भायखला चिड़ियाघर में ‘शक्ति’ बाघ की मौत, निमोनिया बना वजह

    भायखला चिड़ियाघर में ‘शक्ति’ बाघ की मौत, निमोनिया बना वजह

    मुंबई के भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले चिड़ियाघर में ‘शक्ति’ नाम के रॉयल बंगाल टाइगर की मौत हो गई। चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि मौत का कारण निमोनिया से हुई सांस की तकलीफ थी, हड्डी फंसने की खबर गलत है।

    मुंबई: भायखला स्थित वीरमाता जिजाबाई भोसले बोटेनिकल गार्डन एंड ज़ू में रहने वाले ‘शक्ति’ नाम के रॉयल बंगाल टाइगर की 17 नवंबर 2025 को मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा था कि बाघ (टाइगर) की मौत गले में हड्डी फंसने से हुई, लेकिन चिड़ियाघर प्रशासन ने इस खबर को पूरी तरह गलत बताया है।

    अधिकारियों के मुताबिक, शक्ति की मौत निमोनिया की वजह से हुई सांस की समस्या (Respiratory Failure) के कारण हुई।

    🔹 ‘शक्ति’ की आखिरी स्थिति: डॉक्टर्स ने क्या बताया?

    प्रशासन ने बताया कि:

    • 15 नवंबर को शक्ति ने खाना नहीं खाया था।
    • उसके बाद उसे डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया।
    • 16 नवंबर को उसने थोड़ी मात्रा में चिकन और पानी लिया, लेकिन इसके तुरंत बाद उसे उलटी जैसा एहसास (Retching) हुआ।
    • 17 नवंबर को हेल्थ चेकअप के दौरान उसे अचानक दौरे (Convulsions) पड़े और दोपहर 12:15 बजे उसकी मौत हो गई।

    ज़ू अधिकारियों का कहना है कि शक्ति पहले पूरी तरह स्वस्थ था और उसे पहले कभी कोई बड़ा हेल्थ इश्यू नहीं था।

    🔹 पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या मिला?

    मुंबई वेटरिनरी कॉलेज की टीम ने उसी दिन पोस्टमॉर्टम किया। शुरुआती रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि शक्ति की मौत:

    👉 Payogranulomatous Pneumonia Resulting in Respiratory Failure
    (यानी गंभीर निमोनिया जिसके कारण सांस की नली बंद हो गई)

    पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट अभी बाकी है।

    🔹 अब चिड़ियाघर में कितने बाघ बचे?

    शक्ति और करिश्मा (मादा बाघ) की जोड़ी फरवरी 2020 में संभाजीनगर ज़ू से मुंबई लाई गई थी।

    शक्ति की मौत के बाद अब चिड़ियाघर में दो बाघ प्रदर्शन के लिए उपलब्ध हैं:

    🐅 जय (3 साल)
    🐅 करिश्मा (11.5 साल)

    🔹 गलत खबरों पर ज़ू प्रशासन का बयान

    कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि शक्ति की मौत गले में हड्डी फंसने से हुई, लेकिन विभाग ने इसे पूरी तरह गलत बताया और कहा:

    “बिना जानकारी लिए गलत खबर पब्लिश की गई।”


    ❓ FAQ सेक्शन:

    Q1. क्या शक्ति की मौत हड्डी फंसने के कारण हुई थी?

    नहीं। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसी खबरें गलत हैं। मौत न्यूमोनिया की वजह से हुई।


    Q2. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया है?

    पहली रिपोर्ट में बताया गया है कि शक्ति की मौत Respiratory Failure due to Pneumonia से हुई।


    Q3. क्या अभी भी चिड़ियाघर में वाघ हैं?

    हाँ, अभी दो वाघ — जय और करिश्मा — प्रदर्शनी के लिए मौजूद हैं।


    Q4. क्या मामले की रिपोर्ट किसी बड़े प्राधिकरण को भेजी गई?

    हाँ, रिपोर्ट Central Zoo Authority और Maharashtra Zoo Authority को भेज दी गई है।

  • मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए जिलानुसार संसदीय जांच समिति गठित की है, जो उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और पैनल तैयार करने का काम करेगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी ने संसदीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति का उद्देश्य सभी जिलों में संभावित उम्मीदवारों के आवेदन की पड़ताल करना, उनका मार्गदर्शन करना और अंतिम पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजना है। यह समिति मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश से गठित की गई है। जानकारी कांग्रेस प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस ने दी।

    समिति का मुख्य कार्य

    नई गठित समिति जिलानुसार बैठकों के माध्यम से निम्न कार्य करेगी—

    • उम्मीदवारों के आवेदन की विस्तृत छानबीन
    • जिला अध्यक्षों व जात वैधता समितियों के साथ समन्वय
    • योग्य उम्मीदवारों की सूची और पैनल तैयार करना
    • आवेदन भरने में उम्मीदवारों को मार्गदर्शन
    • उम्मीदवारों की मुलाकात कर अंतिम पैनल वरिष्ठ नेतृत्व को सौंपना

    जिलावार प्रभारी और सहप्रभारी शामिल

    मुंबई कांग्रेस ने विभिन्न जिलों के अनुसार प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त किए हैं। सूची इस प्रकार है—

    दक्षिण मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक ज्योति गायकवाड़
    • सहप्रभारी: मोहसिन हैदर, आसिफ जकेरिया

    दक्षिण मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: सचिन सावंत
    • सहप्रभारी: सुरेशचंद्र राजहंस, डॉ. किशोर सिंह

    उत्तर मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: MLA अस्लम शेख
    • सहप्रभारी: विरेंद्र चौधरी, डॉ. अंजता यादव

    ईशान्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: डॉ. अर्जित सिंह मनहास
    • सहप्रभारी: धनंजय तिवारी, एड. राजेश टेके

    उत्तर पश्चिम मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक अमीन पटेल
    • सहप्रभारी: हाजी बब्बू खान, विष्णु सरोदे

    उत्तर मुंबई जिला

    • प्रभारी: मधु चव्हाण
    • सहप्रभारी: अर्शद आज़मी, क्लाइव डॉयस

    BMC चुनाव के संदर्भ में इसका महत्व

    BMC चुनाव में टिकट चयन हमेशा से कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण मुद्दा रहा है। इस बार पार्टी संगठन उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी उद्देश्य से संसदीय जांच समिति गठित की गई है, ताकि सभी जिलों में योग्य, मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रतिनिधित्व मिले।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. संसदीय पडताळणी समिति क्यों बनाई गई है?

    उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और अंतिम पैनल तैयार करने के लिए यह समिति गठित की गई है।

    2. समिति में कौन-कौन शामिल हैं?

    मुंबई के विभिन्न जिलों के प्रभारी और सहप्रभारी इसमें शामिल हैं, जैसे MLA अस्लम शेख, अमीन पटेल, ज्योति गायकवाड़ सहित कई वरिष्ठ नेता।

    3. यह समिति क्या काम करेगी?

    उम्मीदवारों के आवेदन की जांच, उनकी मुलाखत, पैनल तैयार करना और वरिष्ठ नेतृत्व को अनुशंसा भेजना।

    4. समिति का गठन किसने किया?

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश पर समिति बनाई गई है।

    5. क्या यह समिति उम्मीदवारों को आवेदन भरने में मदद करेगी?

    हाँ, जिल्हा समिति के साथ मिलकर यह समिति उम्मीदवारों को पूरा मार्गदर्शन देगी।