मुंबई मनपा चुनाव से पहले जारी मतदाता सूची में बड़ा बदलाव, शहर में कुल 12.67% की बढ़ोतरी जबकि मालाड-मालवनी और कुर्ला में रिकॉर्ड 50% वोटर्स बढ़े।
मुंबई: शहर में होने वाले आगामी बीएमसी चुनाव से पहले जारी हुई मतदाता सूची के आंकड़ों ने शहर की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। पूरे शहर में वोटरों की कुल संख्या में 12.67% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, लेकिन यह बढ़ोतरी हर जगह समान नहीं है। सबसे बड़ा उछाल मालाड-मालवनी और कुर्ला जैसे इलाकों में देखा गया है, जहां मतदाता संख्या में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी सामने आई है।
इसके उलट दक्षिण मुंबई के कई पारंपरिक और पुराने वार्डों में वोटरों की संख्या घट गई है, जो यह संकेत देता है कि मुंबई का राजनीतिक माइंडमैप बदल रहा है और इस बार का चुनाव परंपरागत मुकाबले से कहीं ज्यादा जटिल और वोट बैंक आधारित होने वाला है।
🔹 दक्षिण मुंबई में खाली होते वार्ड
BMC चुनावों के लिए जारी प्रारूप मतदाता सूची में एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि दक्षिण मुंबई के कई वार्ड अब खाली होते नज़र आ रहे हैं।
सबसे ज्यादा कमी सी-वार्ड (कालबादेवी, भुवलेश्वर, चीरा बाजार) में हुई है।
जिन इलाकों में पहले भारी मतदान और पॉलिटिकल एक्टिविटी होती थी, वहां अब लोग या तो पुनर्विकास के चलते शहर से बाहर शिफ्ट हो गए हैं या फ्लैट्स अभी भी कब्जे के इंतज़ार में हैं।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पुराने बिल्डिंग पुनर्विकास, जर्जर इमारतें गिरना, और रेंटल कॉमर्शियलाइजेशन की वजह से बड़े स्तर पर जनसंख्या शिफ्ट हुई है।
🔹 11 लाख डुप्लीकेट वोटर हटाए गए
मतदाता सूची में बड़े बदलाव की एक और बड़ी वजह है—मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान।
बीएमसी प्रशासन और निर्वाचन विभाग ने मिलकर लगभग 11 लाख डुप्लीकेट नामों को सूची से हटाया है।
➡ इससे कुछ वार्डों में आंकड़े अचानक कम हो गए।
➡ वहीं नए मतदाता पंजीकरण और माइग्रेशन की वजह से उपनगरों में भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई।
🔹 सबसे तेज़ वृद्धि वाले इलाके: मालाड-मालवणी और कुर्ला
आंकड़ों के मुताबिक:
| वार्ड | इलाका | वृद्धि प्रतिशत |
|---|---|---|
| 48 | मालाड–मालवणी | 50%+ |
| 33 | कुर्ला | 50%+ |
| 163 | मालाड क्षेत्र | 50%+ |
| 157 | पी-नॉर्थ | 50%+ |
इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कामगार वर्ग, अल्पसंख्यक आबादी और किरायेदारी आधारित रहने वालों की संख्या अधिक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़ोतरी चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है।
🔹 आने वाले चुनाव में असर साफ दिखेगा
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह चुनाव:
- पारंपरिक हार-जीत वाला मुकाबला नहीं रहेगा
- वोटबैंक आधारित रणनीति हावी होगी
- मुंबई का राजनीतिक पावर सेंटर दक्षिण से उपनगरों की ओर शिफ्ट होगा
प्रारूप सूची पर अभी दावे–आपत्तियां ली जाएंगी और फिर अंतिम सूची जारी होगी।
❓ FAQs
👉 Q1: मुंबई में कुल वोटर कितने बढ़े हैं?
मुंबई में 2017 के मुकाबले 12.67% वोटर बढ़े हैं।
👉 Q2: सबसे ज्यादा वृद्धि कहां दर्ज हुई है?
मालाड-मालवनी और कुर्ला इलाकों में 50% तक की वृद्धि।
👉 Q3: क्या वोटरों की संख्या घटी भी है?
हाँ। दक्षिण मुंबई के कई वार्डों में मतदाता संख्या घटी है।
👉 Q4: वोटर हटाए क्यों गए?
लगभग 11 लाख डुप्लीकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।














