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  • BMC चुनाव से पहले वोटरों में बंपर बढ़ोतरी, मालाड–कुर्ला में वोट बैंक 50% बढ़ा

    BMC चुनाव से पहले वोटरों में बंपर बढ़ोतरी, मालाड–कुर्ला में वोट बैंक 50% बढ़ा

    मुंबई मनपा चुनाव से पहले जारी मतदाता सूची में बड़ा बदलाव, शहर में कुल 12.67% की बढ़ोतरी जबकि मालाड-मालवनी और कुर्ला में रिकॉर्ड 50% वोटर्स बढ़े।

    मुंबई: शहर में होने वाले आगामी बीएमसी चुनाव से पहले जारी हुई मतदाता सूची के आंकड़ों ने शहर की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। पूरे शहर में वोटरों की कुल संख्या में 12.67% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, लेकिन यह बढ़ोतरी हर जगह समान नहीं है। सबसे बड़ा उछाल मालाड-मालवनी और कुर्ला जैसे इलाकों में देखा गया है, जहां मतदाता संख्या में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी सामने आई है।

    इसके उलट दक्षिण मुंबई के कई पारंपरिक और पुराने वार्डों में वोटरों की संख्या घट गई है, जो यह संकेत देता है कि मुंबई का राजनीतिक माइंडमैप बदल रहा है और इस बार का चुनाव परंपरागत मुकाबले से कहीं ज्यादा जटिल और वोट बैंक आधारित होने वाला है।

    🔹 दक्षिण मुंबई में खाली होते वार्ड

    BMC चुनावों के लिए जारी प्रारूप मतदाता सूची में एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि दक्षिण मुंबई के कई वार्ड अब खाली होते नज़र आ रहे हैं।

    सबसे ज्यादा कमी सी-वार्ड (कालबादेवी, भुवलेश्वर, चीरा बाजार) में हुई है।

    जिन इलाकों में पहले भारी मतदान और पॉलिटिकल एक्टिविटी होती थी, वहां अब लोग या तो पुनर्विकास के चलते शहर से बाहर शिफ्ट हो गए हैं या फ्लैट्स अभी भी कब्जे के इंतज़ार में हैं।

    प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पुराने बिल्डिंग पुनर्विकास, जर्जर इमारतें गिरना, और रेंटल कॉमर्शियलाइजेशन की वजह से बड़े स्तर पर जनसंख्या शिफ्ट हुई है।

    🔹 11 लाख डुप्लीकेट वोटर हटाए गए

    मतदाता सूची में बड़े बदलाव की एक और बड़ी वजह है—मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान।
    बीएमसी प्रशासन और निर्वाचन विभाग ने मिलकर लगभग 11 लाख डुप्लीकेट नामों को सूची से हटाया है।

    ➡ इससे कुछ वार्डों में आंकड़े अचानक कम हो गए।
    ➡ वहीं नए मतदाता पंजीकरण और माइग्रेशन की वजह से उपनगरों में भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई।

    🔹 सबसे तेज़ वृद्धि वाले इलाके: मालाड-मालवणी और कुर्ला

    आंकड़ों के मुताबिक:

    वार्डइलाकावृद्धि प्रतिशत
    48मालाड–मालवणी50%+
    33कुर्ला50%+
    163मालाड क्षेत्र50%+
    157पी-नॉर्थ50%+

    इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कामगार वर्ग, अल्पसंख्यक आबादी और किरायेदारी आधारित रहने वालों की संख्या अधिक है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़ोतरी चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है।

    🔹 आने वाले चुनाव में असर साफ दिखेगा

    राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह चुनाव:

    • पारंपरिक हार-जीत वाला मुकाबला नहीं रहेगा
    • वोटबैंक आधारित रणनीति हावी होगी
    • मुंबई का राजनीतिक पावर सेंटर दक्षिण से उपनगरों की ओर शिफ्ट होगा

    प्रारूप सूची पर अभी दावे–आपत्तियां ली जाएंगी और फिर अंतिम सूची जारी होगी।


    FAQs

    👉 Q1: मुंबई में कुल वोटर कितने बढ़े हैं?
    मुंबई में 2017 के मुकाबले 12.67% वोटर बढ़े हैं।

    👉 Q2: सबसे ज्यादा वृद्धि कहां दर्ज हुई है?
    मालाड-मालवनी और कुर्ला इलाकों में 50% तक की वृद्धि

    👉 Q3: क्या वोटरों की संख्या घटी भी है?
    हाँ। दक्षिण मुंबई के कई वार्डों में मतदाता संख्या घटी है।

    👉 Q4: वोटर हटाए क्यों गए?
    लगभग 11 लाख डुप्लीकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

  • मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम का प्रस्ताव

    मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम का प्रस्ताव

    मुंबई के मालाड़ पश्चिम, मालवनी में नागरी आरोग्य प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ। सहपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढा ने केंद्र को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम रखने का प्रस्ताव दिया।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में निर्मित नए नागरी आरोग्य प्रशिक्षण केंद्र का आज उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मुंबई उपनगर जिल्हे के सहपालकमंत्री एवं कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने घोषणा करते हुए कहा कि इस केंद्र को भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम पर रखा जाना चाहिए और इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

    यह उद्घाटन डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर होने से कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।

    🏥 इस केंद्र से कौन लाभान्वित होगा?

    इस नए हेल्थ सेंटर का उद्देश्य मालाड, मालवनी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 3.5 लाख से अधिक लोगों को प्राथमिक और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज और केईएम अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों द्वारा संभाली जाएगी।

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    🎤 मंच पर उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

    कार्यक्रम में कई नामी लोग मौजूद रहे जिनमें शामिल हैं:

    • स्थानीय विधायक अस्लम शेख
    • उपआयुक्त (परिमंडल 4) डॉ. भाग्यश्री कापसे
    • उपआयुक्त (आरोग्य) शरद उघडे
    • अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत
    • सहायक आयुक्त कुंदन वळवी

    🏗 संरचना और सुविधाएँ

    यह भवन 5 मंजिलों में बना है, जिसमें से 3 मंज़िलें सिर्फ कम्युनिटी हेल्थ सर्विसेज़ के लिए निर्धारित हैं।

    इस केंद्र में उपलब्ध होंगी:

    ✔ सामान्य चिकित्सा
    ✔ महिला स्वास्थ्य सेवा
    ✔ त्वचा रोग उपचार
    ✔ दंत चिकित्सा
    ✔ टीबी उपचार
    ✔ विशेष OPD सेवा

    सेवा समय: सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक

    प्रतिदिन 250–300 मरीजों को संभालने की क्षमता बनाई गई है।

    🧪 मेडिकल सिस्टम और भविष्य की योजनाएँ

    केंद्र में जल्द ही लागू होंगे:

    • हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफ़ॉर्मेशन सिस्टम (HMIS)
    • शोध केंद्र
    • सार्वजनिक स्वास्थ्य संग्रहालय
    • शिक्षण सभागार
    • टीकाकरण सुविधा

    भविष्य में यहां विशेष चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और मेडिकल सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे।


    ❓ FAQ SECTION

    Q. क्या यह केंद्र आम लोगों के लिए मुफ्त सेवा देगा?
    हाँ, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ सरकारी दरों पर और कई सेवाएँ मुफ्त उपलब्ध रहेंगी।

    Q. क्या यह केंद्र भविष्य में अस्पताल के रूप में बदल सकता है?
    हाँ, अधिकारियों के अनुसार चरणबद्ध विकास योजना अंतर्गत विस्तार संभव है।

    Q. रोज कितने मरीजों को इलाज मिलेगा?
    इस केंद्र में प्रतिदिन लगभग 300 मरीजों को सेवा देने की क्षमता है।

    Q. इस केंद्र का नाम कब बदलेगा?
    सहपालकमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

  • मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, साढ़े 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, साढ़े 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    मालाड पश्चिम के मालवनी में नया नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र शुरू। मंगलप्रभात लोढा और अशिष शेलार की मौजूदगी में लोकार्पण। अब 3.5 लाख नागरिकों को नज़दीक इलाज मिलेगा।

    मुंबई: पश्चिम उपनगर में रहने वाले करीब साढ़े तीन लाख लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मालाड मालवनी में बने नए नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (Urban Health Training Centre) का उद्घाटन मुंबई उपनगर के सहपालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा के हाथों आज किया जाएगा। इस मौके पर महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशिष शेलार भी मौजूद रहेंगे।

    यह स्वास्थ्य केंद्र उन लोगों के लिए बड़ा बदलाव साबित होने वाला है, जिन्हें अब तक इलाज के लिए दूर-दराज स्थित बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था।

    🏥 क्यों खास है यह नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र?

    यह सेंटर खासतौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तैयार किया गया है। इस मेडिकल सेंटर को सेठ गोवर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज और KEM अस्पताल टीम के डॉक्टर्स, रेजिडेंट्स, कर्मचारियों व मेडिकल स्टूडेंट्स चलाएंगे।

    यहां रोजाना सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक OPD सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

    📌 उपलब्ध मेडिकल सुविधाएं

    इस सेंटर में कई अहम मेडिकल विभाग शामिल किए गए हैं, जिनमें—

    • जनरल ओपीडी
    • महिला एवं प्रसूति स्वास्थ्य सेवाएं
    • दंत चिकित्सा (Dental care)
    • त्वचा रोग विभाग
    • एक्स-रे व TB से रिलेटेड उपचार
    • लसीकरण व बच्चों की स्वास्थ्य सेवाएं

    रोजाना यहां 250–300 मरीजों के इलाज की क्षमता है।

    🧑‍⚕ स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव

    इस सेंटर में उपचार के बाद गंभीर मरीजों को आस-पास के बीएमसी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा, जैसे—

    • भगवती अस्पताल
    • भाभा अस्पताल बांद्रा
    • कूपर अस्पताल विले पार्ले
    • HBT मेडिकल कॉलेज तथा डॉ. R.N. कूपर रुग्णालय

    इससे बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा और छोटे इलाकों के लोगों को घर के पास ही इलाज मिल सकेगा।

    🏢 बिल्डिंग और भविष्य की योजनाएं

    यह एक 5 मंजिला बिल्डिंग है, जिसमें से 3 मंज़िलें सिर्फ मेडिकल टीम और सुविधाओं के लिए रिज़र्व रखी गई हैं।

    जल्द ही यहां:

    • HMIS डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम
    • रिसर्च सेंटर
    • लाइब्रेरी
    • हेल्थ म्यूज़ियम
    • सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम

    भी शुरू किए जाएंगे।

    इसके अलावा जगह-जगह स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम, मेडिकल कैम्प, रैली और NGO के साथ कम्युनिटी हेल्थ प्रोजेक्ट भी चलाए जाएंगे।


    ❓ FAQ Section

    Q1. यह स्वास्थ्य केंद्र किसके लिए बनाया गया है?
    यह सेंटर खासकर मालाड-मालवनी और आसपास के लगभग साढ़े तीन लाख नागरिकों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाया गया है।

    Q2. क्या यहां इलाज मुफ्त होगा?
    हाँ, बीएमसी की अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की तरह यहां भी ज़्यादातर उपचार मुफ्त या कम शुल्क पर उपलब्ध होंगे।

    Q3. इस सेंटर का समय क्या है?
    सेंटर की OPD सेवा सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक खुलेगी।

    Q4. क्या यहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलेंगे?
    हाँ, यहां महिला स्वास्थ्य, त्वचा रोग, दंत सेवा और टीबी उपचार जैसे विशेष विभाग उपलब्ध रहेंगे।

  • इंडिगो की सर्विस ठप, यात्रियों की परेशानियों पर गरजीं सांसद वर्षा गायकवाड

    इंडिगो की सर्विस ठप, यात्रियों की परेशानियों पर गरजीं सांसद वर्षा गायकवाड

    मुंबई एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस की सर्विस ठप होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सांसद वर्षा गायकवाड ने एयरपोर्ट पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया और सरकार व एयरलाइंस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने जांच और कार्रवाई की मांग की है।

    मुंबई: पिछले तीन दिनों से देशभर में IndiGo Airlines की फ्लाइट ऑपरेशन में बड़ा बवाल देखने को मिला। इस गड़बड़ी की वजह से हजारों यात्री एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहे, जिसमें बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    न पानी, न सही जानकारी और न स्टाफ की मदद, ऐसा माहौल बना रहा जैसे यात्री “ओलीस” बना दिए गए हों।
    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद प्रा. वर्षा एकनाथ गायकवाड ने इस स्थिति को सरकार की नाकामी बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

    🔹 सरकार और सिस्टम की बड़ी नाकामी: गायकवाड

    सांसद वर्षा गायकवाड ने मुंबई एयरपोर्ट का दौरा कर यात्रियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा:

    “तीन दिन तक देशभर में फ्लाइट सर्विस ठप रही लेकिन सरकार की तरफ से एक भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यात्रियों को छोड़ दिया गया जैसे उनकी कोई सुनने वाला नहीं। यह नागरी विमानन मंत्रालय की सीधी नाकामी है।”

    🔹 टिकटों के दाम 5 हजार से 60 हजार तक

    इसी दौरान कई यात्रियों ने शिकायत की कि कुछ एयरलाइंस ने हालात का फायदा उठाते हुए टिकटों के दामों में भारी बढ़ोतरी की।

    • जो टिकट पहले ₹5,000 में मिल रहा था
    • वही टिकट ₹50,000 से ₹60,000 तक बेचा गया।

    सांसद गायकवाड ने इसे “यात्रियों की खुली लूट” बताया।

    🔹 यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं

    एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्थिति बेहद खराब रही। कई घंटों तक इंतज़ार के बावजूद:

    • कोई जानकारी नहीं
    • पानी नहीं
    • फूड सप्लाई नहीं
    • हेल्प डेस्क नदारद

    यात्रियों का कहना था कि एयरलाइंस स्टाफ गायब था और कोई अपडेट नहीं दिया जा रहा था।

    🔹 इंडिगो और केंद्र सरकार कैसे भरेंगी भरपाई?

    सांसद वर्षा गायकवाड ने सवाल उठाया:

    “जो बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस अव्यवस्था में फंसे रहे, उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा? नुकसान की भरपाई सरकार और इंडिगो कैसे करेगी?”

    🔹 जांच, एक्शन और सुधार की मांग

    उन्होंने कहा कि यह केवल “तकनीकी गलती” नहीं बल्कि ऑपरेशनल फेल्योर है और इसकी:

    • सख्त जांच
    • जिम्मेदारी तय
    • और भविष्य में रोकथाम के लिए सिस्टम सुधार

    जरूरी है।


    FAQ Section


    Q1. इंडिगो फ्लाइट में समस्या क्यों आई?
    ✔ अभी आधिकारिक कारण अस्पष्ट बताया जा रहा है, लेकिन यह बड़ा ऑपरेशनल और मैनेजमेंट फेल्योर माना जा रहा है।


    Q2. क्या यात्रियों को रिफंड या मुआवज़ा मिलेगा?
    ✔ सांसद वर्षा गायकवाड ने इसकी मांग की है, लेकिन अब तक एयरलाइंस की तरफ से कोई ठोस घोषणा नहीं।


    Q3. क्या सरकार जांच करेगी?
    ✔ मांग की गई है, लेकिन सरकारी स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक इन्वेस्टिगेशन आदेश नहीं दिया गया है।


    Q4. क्या टिकटों की कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी हुई?
    ✔ हां, यात्रियों ने बताया कि 5 हजार के टिकट 50–60 हजार में बेचे गए।

  • मालाड में स्कूल विवाद: बच्चों को क्लासरूम की जगह हो रही है गलियारे में पढ़ाई

    मालाड में स्कूल विवाद: बच्चों को क्लासरूम की जगह हो रही है गलियारे में पढ़ाई

    मालाड पूर्व के स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल में ट्रस्टी विवाद के चलते कई क्लासरूम बंद कर दिए गए। छात्रों को चार दिनों से स्कूल की गैलरी में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। अभिभावक और शिक्षक नाराज़, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग।

    मुंबई: मालाड पूर्व में स्थित स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल में छात्रों को बीते चार दिनों से क्लासरूम के बजाय गलियारे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि स्कूल के दो ट्रस्टियों के बीच विवाद बढ़ने के बाद कुछ क्लासरूम को ताला लगा दिया गया, जिसके कारण सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस घटना से अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों में भारी नाराज़गी है।

    🏫 क्या है पूरा मामला?

    स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल, आप्पा पाड़ा (मालाड पूर्व) के दो ट्रस्टियों के बीच पिछले कुछ दिनों से कब्जे और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ते-बढ़ते इतना गंभीर हो गया कि एक ट्रस्टी ने स्कूल के कई क्लासरूम पर ताले जड़ दिए

    इसके बाद स्कूल के पास कोई विकल्प न बचने के कारण कई कक्षाओं के छात्रों को खुले गलियारे, मेन हॉल और खुले प्रांगण में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है।

    👨‍👩‍👧‍👦 छात्रों और अभिभावकों की परेशानी

    अभिभावक संघ का कहना है कि—

    “बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं, न कि बदइंतज़ामी झेलने के लिए। यह स्कूल है या राजनीतिक अखाड़ा?”

    छात्रों का कहना है कि गलियारे में—

    • शोर होता है
    • ठंडी हवा लगती है
    • बैठने की व्यवस्था खराब है
    • ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो रहा है

    परीक्षाओं का समय क़रीब होने के कारण यह स्थिति उनकी पढ़ाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।

    🧑‍🏫 शिक्षक और प्रिंसिपल ने प्रशासन को बुलाया

    शिक्षकों और स्कूल प्रशासन ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्कूल प्रिंसिपल ने कहा—

    “हमारा उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित रखना है, लेकिन ट्रस्टी विवाद के चलते हालात हाथ से बाहर हो रहे हैं।”

    ⚖️ मामला अब कहाँ पर है?

    सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्टी विवाद की शिकायत चैरिटी कमिश्नर कार्यालय में पहले से लंबित है।

    अब इस नई स्थिति को देखते हुए कमिश्नर ऑफिस को आपात बैठक बुलानी पड़ सकती है।

    🌐 सोशल मीडिया पर गरमा गया मुद्दा

    यह खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई स्थानीय लोग, पालक मंडल और राजनीतिक संगठन स्कूल के बाहर इकठ्ठा हुए।
    लोगों का कहना है—

    “शिक्षा बच्चों का अधिकार है, ट्रस्टियों का अहंकार नहीं।”


    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    क्या स्कूल ने आधिकारिक नोटिस जारी किया है?अभी तक किसी आधिकारिक नोटिस की जानकारी सामने नहीं आई है।
    बच्चों को गलियारे में क्यों पढ़ाया जा रहा है?ट्रस्टियों के विवाद के चलते कई क्लासरूम बंद कर दिए गए हैं।
    क्या शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की?अब तक विभाग की ओर से जांच शुरू होने की संभावना जताई गई है।
    क्या स्कूल बंद कराया जा सकता है?अगर स्थिति नहीं सुधरी तो प्रशासन अस्थायी बंदिश लगा सकता है।
  • गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    मुंबई के गोरेगांव स्थित विवेक कॉलेज में कथित हिजाब प्रतिबंध को लेकर छात्रों और AIMIM कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन। कॉलेज प्रशासन ने जारी किया लिखित स्पष्टीकरण—”हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं”। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर तीन छात्रों पर FIR दर्ज की।

    मुंबई: गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक विद्याालय एंड जूनियर कॉलेज में हिजाब को लेकर विवाद ने गुरुवार को तूल पकड़ लिया। कुछ छात्राओं और AIMIM मुंबई यूनिट के सदस्यों ने कॉलेज प्रशासन पर हिजाब पहनने पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने पर पुलिस ने तीन छात्रों के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में FIR दर्ज की। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने लिखित बयान जारी कर स्पष्ट किया कि हिजाब पहनने पर कोई रोक नहीं है और पूरा मामला “गलतफहमी” के कारण हुआ।

    🎓 कैसे शुरू हुआ विवाद?

    सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्राओं ने AIMIM से शिकायत की कि कॉलेज में उन्हें कक्षा में प्रवेश करने से पहले हिजाब उतारने के लिए कहा गया। छात्राओं ने इसे धार्मिक आस्था का उल्लंघन बताते हुए आपत्ति जताई।

    इसके बाद AIMIM मुंबई अध्यक्ष फ़ारूक मक़बूल शबदी छात्रों के साथ कॉलेज आए और उन्होंने कॉलेज गेट पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया।

    🏫 कॉलेज प्रबंधन का स्पष्टीकरण

    विवाद बढ़ता देख कॉलेज की प्रिंसिपल शीजा मेनन ने लिखित बयान जारी करते हुए कहा:

    “हमारे संस्थान में छात्राओं के हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसा कोई आदेश कॉलेज की तरफ से जारी नहीं किया गया है। शायद कुछ गलतफहमी के कारण यह विवाद खड़ा हुआ, जिसकी आवश्यकता नहीं थी।”

    कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा कि वे विविध समुदायों का सम्मान करते हैं और संस्थान में सभी छात्रों के लिए समान और सुरक्षित माहौल बनाए रखना उनका उद्देश्य है।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

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    गोरेगांव पुलिस स्टेशन ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था, इसलिए तीन छात्रों के खिलाफ BNSS की धारा 35(3) के तहत FIR दर्ज की गई। हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

    बाद में पुलिस स्टेशन में बैठक हुई, जिसमें:

    • प्रबंधन का लिखित स्पष्टीकरण पढ़ा गया
    • AIMIM प्रतिनिधियों और छात्राओं को जानकारी दी गई
    • सभी पक्ष सहमत हुए कि मामला समझौते के साथ शांतिपूर्वक समाप्त किया जाए

    पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में कोई तनाव या सांप्रदायिक असहमति नहीं है

    🧾 राजनीतिक प्रतिक्रिया

    विवाद की जानकारी मिलते ही पूर्व बीजेपी पार्षद ज्ञानमूर्ति शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उन्हें स्थिति समझाई, जिसके बाद वे वापस लौट गए।

    📍 सोशल मीडिया में बहस

    यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे “धार्मिक आज़ादी का मामला” बताया, जबकि कुछ ने छात्रों द्वारा बिना परमिशन प्रदर्शन करने पर सवाल उठाए।

    जमीनी हकीकत

    जबकि प्रदर्शन से पहले जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ वीडियो सामने आया। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई दी। कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    1 दिसंबर को एआईएमआईएम की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी स्थित गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक, “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।” इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नही किया गया। उसके बाद ही छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।


    FAQs

    Q1: विवाद किस कॉलेज में हुआ?
    ➡ गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक कॉलेज में।

    Q2: FIR क्यों दर्ज की गई?
    ➡ बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में।

    Q3: क्या कॉलेज ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाया था?
    ➡ कॉलेज ने लिखित में स्पष्ट किया—हिजाब पर कोई प्रतिबंध नहीं।

    Q4: क्या किसी को गिरफ्तार किया गया है?
    ➡ नहीं, सिर्फ नोटिस देकर मामला शांतिपूर्वक सुलझाया गया।

    Q5: प्रदर्शन कौन आयोजित कर रहा था?
    ➡ AIMIM कार्यकर्ताओं और कुछ छात्राओं ने भाग लिया।

  • मालाड मस्ती 2025 में सितारों ने जमाया रंग, सुबह को बना दिया सेलिब्रेशन का त्योहार

    मालाड मस्ती 2025 में सितारों ने जमाया रंग, सुबह को बना दिया सेलिब्रेशन का त्योहार

    मालाड मस्ती 2025 में बॉलीवुड सितारों, लाइव म्यूज़िक, डांस और सोशल मेसेज के साथ हजारों लोगों की भागीदारी। MLA असलम शेख की अगुवाई में इवेंट ने फिर जीता लोगों का दिल।

    मुंबई: मालाड में आयोजित मालाड मस्ती 2025 रविवार सुबह सितारों की मौजूदगी, म्यूज़िक और डांस परफॉर्मेंस के साथ एक रंगीन उत्सव में बदल गया। इस खास मौके पर MLA असलम शेख और आयोजकों ने न सिर्फ मनोरंजन बल्कि समाजसेवा का संदेश भी दिया। इस मौके पर फ़िल्म “Mastii 4” की स्टारकास्ट, रियलिटी स्टार, कलाकार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हुए, जिससे जनता में गजब का उत्साह देखने को मिला।

    ⭐ इवेंट की मुख्य झलकियां

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    🎬 बॉलीवुड सेलेब्स ने लगाया चार चांद

    इस साल मालाड मस्ती में फ़िल्म मस्तानी 4 की टीम—

    ने मंच गर्मा दिया।

    रूही सिंह की ग्लैमरस एंट्री और श्रेया शर्मा के स्टाइलिश लुक ने फैंस को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं डांसिंग कॉप अमोल कांबले की परफॉर्मेंस पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं।

    💃 रियलिटी स्टार सना सुल्तान की धमाकेदार मौजूदगी

    सना सुल्तान ने फैंस के साथ डांस किया और लाइव इंटरैक्शन करके दर्शकों का दिल जीत लिया। सुबह के इस इवेंट में ऐसा जोश दिखा जैसे बड़ा कॉन्सर्ट हो रहा हो।

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    🎤 नए होस्टिंग जोड़ी ने बांधा माहौल

    इस बार होस्ट थे:

    दोनों की मजेदार एंकरिंग और दर्शकों से सीधा संवाद पूरे इवेंट की हाइलाइट रही।

    🤝 समाजसेवा भी साथ— किसानों के लिए समर्थन

    मालाड मस्ती ने मनोरंजन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए हाल ही में बाढ़ से प्रभावित किसानों की सहायता का ऐलान किया।

    पिछले 9 सालों से यह कार्यक्रम सिर्फ मस्ती नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग का संदेश देता रहा है।

    🎯 आयोजन टीम

    • आयोजन: MLA असलम शेख
    • सह-समर्थन: किशन जैन (Gold Medal Company) और योगेश लखानी (Bright Outdoor)
    • इवेंट मैनेजमेंट: महेश राव – Mashraw Events

    🎤 FAQ सेक्शन


    Q. मालाड मस्ती कहां आयोजित की जाती है?

    👉 यह कार्यक्रम मुंबई के मालाड क्षेत्र में हर साल आयोजित किया जाता है।

    Q. इस साल मालाड मस्ती की मुख्य खासियत क्या रही?

    👉 बॉलीवुड सितारों की परफॉर्मेंस, लाइव संगीत और किसानों की मदद की घोषणा ने इसे खास बनाया।

    Q. क्या यह कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन के लिए होता है?

    👉 नहीं, यह सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक एकता को भी प्रोत्साहित करता है।

  • मुंबई में 8–9 दिसंबर को 15% पानी की कटौती लागू

    मुंबई में 8–9 दिसंबर को 15% पानी की कटौती लागू

    मुंबई के 17 वार्डों में 8 से 9 दिसंबर के बीच 15% पानी कटौती होगी। तानसा जलवाहिनी बदली जा रही है। BMC ने नागरिकों से पानी बचाने की अपील की है।

    मुंबई: शहर में पानी की सप्लाई से जुड़ा अहम काम होने के चलते मुंबई के 17 प्रशासनिक विभागों में सोमवार 8 दिसंबर सुबह 10 बजे से लेकर मंगलवार 9 दिसंबर सुबह 10 बजे तक पानी की सप्लाई में करीब 15% की कटौती की जाएगी।

    यह फैसला तानसा जलवाहिनी (Tansa Water Pipeline) को बदलने के कार्य के कारण लिया गया है, जो भांडुप जलशुद्धीकरण केंद्र से जुड़ी हुई है। इस पाइपलाइन के पुराने हिस्से को हटाकर नई लाइन बिछाई जा रही है। इस तकनीकी काम में लगभग 24 घंटे का समय लगने का अनुमान है।

    🔧 पाइपलाइन बदलने का काम क्यों जरूरी?

    तानसा डैम से आने वाली 2750 मिलीमीटर व्यास वाली यह जलवाहिनी बेहद पुरानी हो चुकी है।

    BMC के अनुसार:

    • पुरानी पाइपलाइन से लीकेज और नुकसान की आशंका बढ़ रही थी।
    • पानी की बर्बादी रोकने और सप्लाई क्षमता बढ़ाने के लिए लाइन बदलना जरूरी था।

    📍 किन क्षेत्रों में असर पड़ेगा?

    BMC ने बताया कि जिन 17 विभागों में पानी की कटौती होगी, उनमें शामिल हैं:

    मुंबई सिटी (South & Central Mumbai):

    • ए वार्ड
    • सी वार्ड
    • डी वार्ड
    • जी साउथ
    • जी नॉर्थ

    वेस्टर्न सबर्ब्स (पश्चिमी उपनगर):

    • एच ईस्ट
    • एच वेस्ट
    • के ईस्ट
    • के वेस्ट
    • पी साउथ
    • पी नॉर्थ
    • आर साउथ
    • आर नॉर्थ
    • आर मिडिल

    ईस्टर्न सबर्ब्स (पूर्वी उपनगर):

    • एन वार्ड
    • एल वार्ड
    • एस वार्ड

    ⏳ यह पानी कटौती पहले 3 दिसंबर को होनी थी

    पहले यह कार्य 3 से 4 दिसंबर के बीच किया जाना था, लेकिन महापरिनिर्वाण दिन पर बड़ी संख्या में आने वाले अनुयायियों को परेशानी न हो, इसलिए फैसला आगे बढ़ाया गया।

    अब कार्य की नई तारीख 8–9 दिसंबर तय की गई है।

    🧊 BMC की अपील: पानी को बचाकर इस्तेमाल करें

    नगरपालिका प्रशासन ने सभी प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से कहा है:

    ✔ पानी पहले से स्टोर कर लें
    ✔ जरूरी जगह पर ही पानी खर्च करें
    ✔ वॉशिंग मशीन, गार्डन वॉटरिंग जैसी गतिविधियाँ टालें

    BMC ने साफ कहा है कि यह अस्थायी असुविधा आगे के लिए बेहतर सप्लाई सिस्टम तैयार करने के लिए है।


    ❓ FAQ Section

    प्रश्नउत्तर
    पानी कटौती कब से कब तक रहेगी?8 दिसंबर सुबह 10 बजे से 9 दिसंबर सुबह 10 बजे तक।
    कितना पानी कम मिलेगा?करीब 15% पानी सप्लाई कम की जाएगी।
    कटौती किन क्षेत्रों में होगी?मुंबई सिटी, पूर्व और पश्चिम उपनगर के 17 वार्ड प्रभावित होंगे।
    क्या पानी पूरी तरह बंद रहेगा?नहीं, लेकिन दबाव कम होगा और कई जगह सप्लाई निर्धारित समय तक कम रह सकती है।
  • मुंबई BMC चुनाव तैयारी तेज, अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

    मुंबई BMC चुनाव तैयारी तेज, अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

    BMC चुनाव 2025 की तैयारियों में तेजी। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने और शिकायतों की现场 जांच के निर्देश दिए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025 की तैयारियों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्टिव हो चुका है। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आपस में लगातार संवाद रखें और चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना हो।

    बैठक के दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियों और सुझावों की जांच (Field Verification) करके ही निर्णय लिया जाए ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, सटीक और सुनियोजित रहे।

    📍 प्रारंभिक मतदाता सूची पर हो रही कार्रवाई

    बैठक में BMC के सह आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, उपचुनाव अधिकारी और प्रशासनिक विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
    इस दौरान चुनाव संबंधी प्रगति, मतदाता सूची अपडेट और दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की गई।

    डॉ. जोशी ने कहा:

    “यह चुनाव करीब आठ साल बाद हो रहा है, इसलिए हर चरण बेहद गंभीरता और नियमों के तहत पूरा होना चाहिए।”

    ⚠️ फील्ड विजिट बिना नहीं हटेगा नाम

    चुनाव विभाग को नागरिकों से मृत मतदाताओं के नाम हटाने की मांग और गलत पते पर दर्ज मतदाताओं को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं।

    इस पर निर्देश दिया गया कि:

    • मृत मतदाताओं के नाम हटाने से पहले मृत्यु प्रमाणपत्र और BMC रिकॉर्ड से मिलान किया जाए।
    • पता गलत या विवादित होने पर सर्वे के बाद ही सुधार किया जाए।

    🗳️ मतदान केंद्र सूची 12 दिसंबर तक अनिवार्य

    डॉ. जोशी ने अधिकारियों से कहा कि:

    • 12 दिसंबर 2025 तक सभी मतदान केंद्रों की अंतिम सूची चुनाव शाखा में जमा होनी चाहिए।
    • जहां पुरानी इमारतें गिर चुकी हैं, वहां वैकल्पिक मतदान केंद्र तुरंत प्रस्तावित किए जाएं।
    • हाउसिंग सोसायटियों में बनाए गए मतदान केंद्रों के लिए No Objection Certificate (NOC) अनिवार्य होगा।

    ⚖️ गैर-सहयोग करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई

    उन्होंने चेतावनी दी कि:

    “जो कर्मचारी चुनावी कार्य में सहयोग नहीं करेंगे या कार्य से बचने की कोशिश करेंगे, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।”


    ❓ FAQ Section

    प्रश्नउत्तर
    BMC चुनाव कब होने वाले हैं?आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
    मतदाता सूची में बदलाव कैसे किया जाएगा?现场 सत्यापन और दस्तावेज़ों के आधार पर संशोधन किए जाएंगे।
    पुरानी इमारत गिर चुकी होने पर मतदान केंद्र कहाँ होगा?उसके स्थान पर वैकल्पिक मतदान केंद्र तय किए जाएंगे।
    कर्मचारी चयन से इनकार कर सकते हैं?नहीं, ऐसा करने वालों को नोटिस भेजा जाएगा।

  • शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    मुंबई के दहिसर पूर्व स्थित शुक्ला कंपाउंड में 400 परिवारों का भविष्य अधर में लटका है। विकासक द्वारा 1962 से पहले के दस्तावेज़ मांगने पर दिंडोशी के MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस नियम में बदलाव की मांग की है। मामला अब शीतकालीन अधिवेशन में उठेगा।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: दहिसर पूर्व के रावलपाड़ा स्थित शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले करीब 400 परिवारों का भविष्य संकट में पड़ गया है, क्योंकि प्रोजेक्ट डेवलपर ने इन सभी परिवारों से घर पुनर्विकास पात्रता के लिए 1962 से पहले के दस्तावेज़ देने की शर्त रखी है।

    इन दस्तावेज़ों को उपलब्ध न करा पाने के कारण सैकड़ों परिवार बेघर होने की चिंता में हैं। अब यह मामला राजनीतिक रूप से बड़ा रूप ले चुका है।

    🏘 45 साल से रहने वाले परिवारों पर बेघर होने का खतरा

    शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले अधिकतर परिवार पिछले चार से पांच दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं। कई परिवार छोटे उद्योग और मजदूरी कर अपनी रोज़ी-रोटी चलाते हैं।

    इन निवासियों का कहना है कि उन्होंने बिजली बिल, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पानी के बिल सहित कई सरकारी दस्तावेज़ जमा किए हैं, लेकिन डेवलपर केवल 1962 के पहले की ओनरशिप प्रूफ स्वीकार कर रहा है — जो लगभग असंभव है।

    🏗 डेवलपर पर स्वार्थी प्रोजेक्ट प्लानिंग का आरोप

    मौजूदा ज़मीन का असली मालिक गोविंद पाटिल ने यह प्लॉट साल 1920 में इकबाल मिर्ची से जुड़े नामों और शेलाजी इंफ्रास्ट्रक्चर के अशोक जैन को बेचा था।

    अब विकासक अशोक जैन इस जमीन पर हाई-राइज़ हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    रहवासियों का आरोप है कि—

    “डेवलपर खुद का फायदा ज्यादा देख रहा है और पुराना डेट ऑफ लाइन दिखाकर लोगों को बाहर करने की कोशिश कर रहा है।”

    🧾 MLA सुनील प्रभु पैरवी में, मुख्यमंत्री को पत्र

    दिंडोशी विधानसभा के शिवसेना नेता एवं MLA सुनील प्रभु ने इस मामले में दखल देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।

    प्रभु ने पत्र में लिखा कि—

    “मुंबई और महाराष्ट्र में किसी भी हाउसिंग स्कीम में पात्रता के लिए अधिकतर जगह 2012 से पहले का डॉक्यूमेंट पर्याप्त माना जाता है। ऐसे में शुक्ला कंपाउंड में 1962 की शर्त अन्यायपूर्ण है और इसे बदला जाना चाहिए।”

    उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वे इस मुद्दे को आगामी नागपुर में होने वाले शीतकालीन विधान सभा अधिवेशन में ‘ध्यान आकर्षण’ के रूप में उठाएँगे।

    🔍 इस बदलाव से अन्य प्रोजेक्ट भी होंगे प्रभावित

    यदि सरकार दस्तावेज़ की पात्रता 1962 से बदलकर 2012 या वर्तमान नियम के अनुसार करती है, तो उसका सीधा लाभ—

    ✔ मुंबई
    ✔ ठाणे
    ✔ पालघर
    ✔ नवी मुंबई

    में हो रहे हज़ारों पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स को मिल सकता है।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्नउत्तर
    क्या नियम अभी बदले गए हैं?नहीं, नियम बदलने की मांग की गई है और मामला विधानसभा में उठेगा।
    क्या सभी रहवासियों को घर मिलेगा?फिलहाल स्थिति अनिश्चित है। नियम बदलने पर ही रास्ता स्पष्ट होगा।
    क्या यह मामला कानूनी रूप से कोर्ट में जा सकता है?हाँ, यदि समाधान न मिला तो रहवासी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।