Category: Civic Issues

  • Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    महाराष्ट्र में रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कैबिनेट का पहला विस्तार हो गया है। महायुति गठबंधन के कुल 39 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इसके बाद से गठबंधन के विधायको द्वारा नाराजगी व्यक्त की जा रही है। ऐसे में सरकार की मुश्किलें बढ सकती है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र के नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से कुछ विधायकों के नाराज होने की खबर आई है। इसके बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि शपथ लेने वाले कुछ मंत्रियों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। वहीं, शेष कार्यकाल के लिए अन्य को मौका दिया जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन सरकार के 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का रविवार को नागपुर में पहला विस्तार हो गया है। इसमें 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, इसके बाद अब मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 42 हो गई है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    किसके खाते में कितने मंत्री पद मिले ?

    मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी को 19, एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को 11 जबकि अजित पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 9 मंत्री पद मिले हैं। मंत्रिमंडल से बाहर रखे गए प्रमुख नेताओं में एनसीपी के छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल और बीजेपी के सुधीर मुनगंटीवार शामिल हैं। 33 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई, जबकि 6 ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    अजित पवार ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 सदस्य हो सकते हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ घंटे पहले नागपुर में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया इसमें उन्होंने कहा, ”हम ढाई साल के लिए दूसरों को भी मौका देंगे।” पवार ने कहा कि हर कोई मंत्री बनना चाहता है और वह इसका हकदार भी है, लेकिन मंत्री पद सीमित हैं। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कुछ विधायक हुए नाराज

    महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कुछ विधायक महायुति गठबंधन के निर्णय पर नाराज हैं। कारण उन्हें मंत्री पद के लिए चुना नही गया। महायुति गठबंधन मंत्रिमंडल विस्तार में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) मंत्री पद हासिल नहीं कर सकी। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी को कम से कम एक मंत्रालय आवंटित करने का वादा किया गया था। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    कुछ कहा नही जा सकता

    महाराष्ट्र में चुनाव के परिणाम आने के 13 दिन बाद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। उनके साथ ही एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। इसमें देरी का कारण अभी तक साफ नही हो पाया है। शपथग्रहण समारोह से पहले भी एकनाथ शिंदे को लेकर असमंजस बनी हुई थी। वहीं अब राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विधायकों की नारजगी कहीं महायुति गठबंधन मे फूट का कारण न बन जाए ऐसा राजनैतिक गलियारों में कानाफूसी हो रही है। फिलहाल अजित पवार की ढ़ाई सालों वाली सलाह काम बना सकती है। लेकिन समय का पलड़ा किस और घूमेगा कहा नही जा सकता। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

  • Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    आधुनिक तकनीक BMC प्रशासन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। डिजिटल इंडिया के मद्देनजर बीएमसी ऑनलाइन शिकायतों पर निपटारे का दावा तो करती है। लेकिन सिर्फ 60 प्रतिशत निवारण में भी सिर्फ कागजाती कार्यवाही देखी जा रही है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    डिजिटल इंडिया के साथ बढ़ती हुई तकनीक, आम लोगों को सार्वजनिक शिकायतों के लिए भी ऑनलाइन पद्धति प्रभावित कर रही है। नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुंबई में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों को व्हाट्सएप चैटबॉट, एमसीजीएम वेबसाइट, मायबीएमसी मोबाइल ऐप और 1916 हेल्पलाइन जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म प्रदान किए हैं। हालाँकि बीएमसी के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना काफी आसान है, लेकिन शिकायत का संतोषजनक समाधान बीएमसी प्रशासन के लिए काफी कठिन है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    साल 2024 में मिली शिकायतें..

    इस साल 2024 में 1 जनवरी से 11 दिसंबर के बीच, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को 53,454 ऑनलाइन शिकायतें मिलीं, जिनमें से केवल 60% का निवारण हुआ। हालाँकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ज़्यादातर शिकायतें सिर्फ़ कागज़ों पर ही बंद कर दी जाती हैं, जबकि व्यक्तिगत रूप से समस्या ज्यौं की त्यों रह जाती है, कोई दीर्घकालिक समाधान नहीं होता है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    Bmc आईटी विभाग क्या कहता है?

    बीएमसी के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 53,454 ऑनलाइन शिकायतों में से सबसे अधिक 40,288 शिकायतें एमसीजीएम पोर्टल (MCGM) के माध्यम से प्राप्त हुई हैं, इसके बाद 5,727 माईबीएमसी (Mybmc) मोबाइल ऐप, 2,736 ‘व्हाट्सएप चैटबॉट’ और 4,703 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (कचरा) और स्टॉर्म वाटर ड्रेन (नाला, बाढ़) विभागों के हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    शिकायत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म दिन-प्रतिदिन अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। नागरिक व्यक्तिगत रूप से मनपा वार्ड कार्यालयों में जाने के बजाय किसी भी स्थान से शिकायत करने के लिए मोबाइल का उपयोग करना पसंद करते हैं। मिलेनियल्स और जेन जेड व्हाट्सएप चैटबॉट और माईबीएमसी ऐप जैसे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग ज्यादातर करते हुए देखे जा रहे हैं, जबकि वृद्ध 1916 हेल्पलाइन और एमसीजीएम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करना पसंद करते हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

  • महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाराष्ट्र विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने शपथग्रहण किया, जिसके दौरान शिंदे ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि क्या ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई– महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद प्रकाश में आये नतीजों ने महाविकास अघाडी गठबंधन में हलचल मचा दिया है। इसको लेकर गठबंधन के नेताओं ने ईवीएम मशीन में भाजपा द्वारा हेरफेरी किये जाने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि इसी मुद्दे को लेकर कल शनिवार विधानसभा सत्र के पहले दिन एमवीए विधायकों ने शपथ लेने से इनकार कर दिया।लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों द्वारा शपथग्रहण के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसा। कहा, कि “क्या आज ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है?” उन्होंने यह भी कहा, कि “जब विपक्ष को जीत मिलती है, तब ईवीएम सही होती है। जब हार गये, तो दोष दिया जा रहे है। क्या? वायनाड से प्रियंका गांधी को जीत मिली और झारखंड में इंडिया गठबंधन जीता तब ईवीएम सही था।” (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    जीत गए तो ईवीएम अच्छी होती है..

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “हमारी महायुति को सिर्फ 17 सीटें मिली थीं तब ईवीएम खराब नहीं था।” वही विपक्ष को एकनाथ शिंदे ने सवाल करते हुए पूछा, “हमारी हार पर क्या उस वक्त हमने ईवीएम को दोष दिया था?” वहीं सलाह देते हुए उन्होंने कहा, कि “विपक्ष को महाराष्ट्र की जनता का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। महायुति सरकार ने 2.5 साल में बहुत काम किया है। बहुत सारी योजनाएं लागू की है। जिसका नतीजा हमारी जीत के रूप में सामने आया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    झारखंड और केरल में कैसे जीत गए?

    देश में बाकी चुनावी नतीजों पर प्रकाश डालते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, कि “हाल ही में झारखंड में और केरल के वायनाड में चुनाव हुए। जहां भी इनकी जीत हुई हैं, ईवीएम अच्छी होती है। तो फिर महाराष्ट्र के नतीजों पर इन्हें आपत्ति क्यों है?” उन्होंने लोकसभा चुनावी नतीजों पर कहा, कि “महायुति गठबंधन को 43.55 प्रतिशत वोट मिले और महाविकास अघाड़ी गठबंधन को 43.71 प्रतिशत वोट मिले। बस कुछ अंकों का अंतर रहा, लेकिन हमें 17 सीट और उन्हें 31 सीटें मिलीं। तब उन्होंने ईवीएम घोटाले का मुद्दा नहीं उठाया?” बता दें कि कल शनिवार को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान काफी हंगामा रहा, महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने ईवीएम घोटाले का हवाला देते हुए शपथग्रहण करने से इनकार कर दिया, लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

  • क्या मुंबई भी उद्धव के हाथ से निकल जाएगी? जानिए कब होंगा BMC चुनाव

    क्या मुंबई भी उद्धव के हाथ से निकल जाएगी? जानिए कब होंगा BMC चुनाव

    Mumbai BMC Election: महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी की करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के गठबंधन में दरारें देखने को मिल रही है। वहीं शिवसेना उद्वव गुट की ओर से मनपा चुनाव अकेले लड़ने के संकेत दिए जा रहे हैं। शिवसेना में गुटबाजी और चुनावी परिणाम के बाद सवाल खड़ा हो रहा है क्या उद्धव ठाकरे बीएमसी पर अपनी पकड़ बचा पाएंगे? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों ने यहां की राजनीति में खलबली मचा दी है। एक तरफ बीजेपी महाराष्ट्र की एक बड़ी पार्टी के तौर पर उभर कर सामने आई है, तो वहीं महाविकास आघाड़ी की करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के गठबंधन में दरारें दिखने लगी हैं। उद्वव ठाकरे के करीबी मिलिंद नार्वेकर ने संकेत दिए हैं कि पार्टी मुंबई के लोकल चुनावों में अकेले लड़ सकती है। राज्य में महायुति की प्रचंड जीत के बाद सवाल खड़ा हो रहा है क्या उद्धव ठाकरे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर अपनी पकड़ बचा पाएंगे? जबकि शिवसेना के बागी नेताओं ने शिंदे गुट के साथ मिलकर हद से ज्यादा मतदाताओं को अपनी ओर कर लिया है। इसी के साथ जाने मुंबई BMC इलेक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    ईवीएम मशीन में धांधलेबाजी

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी के अगुवाई वाले महायुति गठबंधन की भारी जीत ने महाविकास अघाडी गठबंधन को हाशिए पर धकेल दिया है। विधानसभा में कांग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट, एनसीपी शरद पवार गुट, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी एवं अन्य छोटे दलों के महाविकास अघाडी गठबंधन की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसे विपक्ष नेता पद के लिए स्पीकर से गुहार लगानी पड़ेगी। वहीं चुनाव प्रक्रिया पर सवाल करते हुए, राज्य में महाविकास अघाडी गठबंधन के विजयी विधायकों ने अभी तक शपथग्रहण नहीं किया है। ईवीएम मशीन में धांधलेबाजी के आरोप लगा रहे हैं। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार है लेकिन इस बीच अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों की चर्चा भी शुरू हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों में चर्चा है कि बीजेपी जल्द से जल्द बीएमसी चुनाव करवा सकती है। राज्य में महानगर पालिकाओं, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव लगभग 3 सालों से रुके हुए हैं। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    2022 में होना था BMC चुनाव

    मुंबई में बृहन्मुंबई नगर पालिका चुनाव (Bmc Election) साल 2022 से टल रहे है। 2017 में मुंबई महानगर पालिका और ठाणे नगरपालिका में शिवसेना का ही दबदबा देखने को मिला था। ठाणे की 131 सीटों में 67 पर शिवसेना को जीत मिली थी, हालांकि अब परिस्थितियां बदल गई हैं। शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मुंबई में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 10 विधायकों को जीत मिली है तो वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के 6 विधायकों को जीत मिली है। ठाणे में शिवसेना यूबीटी का सूपड़ा साफ हो गया है। ऐसे में चर्चा शुरू हो गई कि क्या उद्धव ठाकरे बीएमसी में अपनी पार्टी की सत्ता बचा पाएंगे? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    उद्धव के सामने बड़ी चुनौती

    2017 के मनपा चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को कुल 84 सीटों पर जीत मिली थी। 227 सदस्यों वाले मनपा सदन में बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को 31 और एनसीपी को 9 सीटों पर जीत मिली थी। मनसे और सपा को क्रमश: 7 और छह सीटें मिली थी। उद्धव ठाकरे के 84 नगर सेवकों में 60 के करीब उनका साथ छोड़ चुके हैं। इनमें ज्यादातर शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में चले गए हैं। विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त के बाद शिवसेना यूबीटी अकेले लड़ने की आवाज उठा रही है। अब देखना है कि उद्धव ठाकरे क्या निर्णय लेते हैं। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) देश की सबसे अमीर महानगरपालिका है। बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 119 सदस्यों का है। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    कब हो सकते हैं बीएमसी चुनाव?

    लंबे समय से बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों के रुके होने पर एक स्वयंसेवी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। शनिवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हर राज्य में चुनाव में देरी की वजहें और स्थितियां अलग-अलग हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई ठोस कारण नहीं मिलता है, तो चुनाव कराने का आदेश दिया जा सकता है। ऐसे में बीएमसी चुनाव फरवरी में होने की संभावना बढ़ गई है। 64 हजार करोड़ के सालाना बजट वाली बीएमसी को अभी जनता के चुनींदा नेताओं के बजाय मनपा के अधिकारी चला रहे हैं। 2017 में बीजेपी ने मनपा चुनाव अपने दम पर अलग से लड़ा था। इससे पहले 2012 के चुनावों में शिवसेना को 75 सीटें मिली थीं। बीजेपी 31 सीटों में सिमट कर रह गई थी। कांग्रेस को 52 और एनसीपी को 13 सीटें मिली थी। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 28 और एआईएमआईएम ने 2 सीटें पर जीत हासिल की थी। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

  • बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    महाराष्ट्र में उद्धव गुट के नेता द्वारा बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर बधाई वाले पोस्ट को देखने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़मी ने महाविकास अघाडी गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    जिनके विचारधारा ही अलग हो वह गठबंधन में कैसे रह सकते हैं। ऐसा कहते हुए शनिवार को समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख अबू हाशिम आजमी ने महाविकास अघाडी (MVA) गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले में शिवसेना (UBT) द्वारा एक समाचार पत्र में दिए विवादास्पद विज्ञापन से मामला तूल पकड़ लिया है। विज्ञापन में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने पर बधाई दी गई थी। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    क्या है बाबरी मस्जिद ध्वस्त का मामला?

    बाबरी मस्जिद का मामला देश भर के मुसलमानों के लिए आस्था का प्रतीक रहा, जिसे ध्वस्त किए जाने के विवाद मे शिवसेना बाळासाहेब ठाकरे के कार्यकर्ताओं द्वारा खुद की भूमिका अहम बताते रहे और हिंदुत्व की राजनीतिक फायदा उठाते रहे। लेकिन समय के गुजरते ही फिर से अपने गमों को भुला कर देश भर के लोग एक हो गए। इसी कड़ी में भाजपा सरकार को मात देने के लिए विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक पार्टि भी एक हो गई। लेकिन फिर एक बार बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई का विज्ञापन पूराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया। इसी बात से नाराज होकर सपा ने विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    बता दें कि महाविकास अघाडी गठबंधन में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के साथ कांग्रेस, शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ अन्य छोटे दल भी शामिल हैं। खास कर यह सभी दल महाराष्ट्र में भाजपा सरकार को मात देने के लिए बनाया गया था। लेकिन बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर विवादास्पद विज्ञापन पार्टी के विचारधारा को स्पष्ट करती हैं। यहां के विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक गठजोड़ को बिगड सकता है। फिलहाल समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़म ने गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाकी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    गठबंधन से अलग होने का ऐलान करते हुए अबू हाशिम आज़म ने कहा, कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस और एक समाचार पत्र में छपे विज्ञापन पर अपनी ओर से बधाई दिया है। जो उनकी पार्टी को मंजूर नहीं है। उनका कहना है कि जब विचार ही अलग है तो काहे का गठबंधन। हम ऐसे लोगों के साथ गठबंधन में नहीं रह सकते हैं। हमारी विचारधारा बिल्कुल अलग है इसलिए सपा विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से खुद को अलग करने का ऐलान करती है।

    बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी

    दूसरी ओर बाबरी विध्वंंस की बरसी पर यूपी में हाई अलर्ट रहा। संभल में भी पुलिस प्रशासन द्वारा सतर्कता बढ़ा दी गई थी, साथ ही अयोध्या में भी भारी पुलिस बल लगाया गया था। जो हर वक्त सतर्क और चौकन्ने रहे। हालांकि कहीं से भी कोई अप्रिय समाचार नहीं आई। सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहतर नजर आई। सभी अमन और चैन से अपने रोजमर्रा के कामों में लगे रहे। लेकिन महाराष्ट्र में इस संबंध में दिए गए विज्ञापन और बधाई संबंधी बयान को लेकर सपा ने नाराज होकर विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अपना नाता तोड़ दिया। महाराष्ट्र में सपा के दो विधायक हैं, जो अभी तक एमवीए का हिस्सा बने हुए थे। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

  • Pushpa 2 box office day 2 early report: Allu Arjun-starrer heads toward Rs 400 crore globally

    Pushpa 2 box office day 2 early report: Allu Arjun-starrer heads toward Rs 400 crore globally

    The preliminary report on Pushpa 2’s second-day box office receipts: On day two, the movie made over Rs 62 crore in India across all languages, according to Sacnilk’s preliminary projections.

    Early update on Pushpa 2’s second day of box office receipts: On its first day of release, Pushpa 2: The Rule shattered all previous records with a global box office receipt of an incredible Rs 294 crore. In just two days since its debut, Pushpa 2 has already surpassed the Rs 62 crore milestone at the Indian box office, bringing its total to nearly Rs 400 crore worldwide.

    The Sukumar-directed film’s ticket sales are only increasing thanks to special government authority to sell them for more money till December 22.

    As part of the Telangana premiere, Pushpa 2 brought in Rs 10.65 crore on Wednesday night, according to trade tracker Sacnilk. Allu Arjun’s film made an incredible Rs 164.25 crore in all Indian languages on the day of its release, December 5. With an opening day total of Rs 70.3 crore, the Hindi version of the film also outperformed Jawan, starring Shah Rukh Khan, in terms of Day 1 earnings. The movie made 7.7 crore in Tamil, 1 crore in Kannada, and 4.95 crore in Malayalam.

    In addition to Rashmika Mandanna and Allu Arjun, Malayalam actor Fahadh Faasil plays a significant part in Pushpa 2: The Rule.

    The overall occupancy rate in Telugu at Pushpa 2 as of 8 p.m. was 46.39 percent. On Friday, 2782 Telegu screenings are planned in India. The occupancy rate for the Hindi language was 41.15%. On the second day, 7,253 screenings of the Hindi version of the movie are planned throughout India. The Tamil language has more than 900 shows, Kannada has around 200, and Malayalam has almost 400.

    The 2021 movie Pushpa: The Rise has a follow-up called Pushpa: The Rule. Allu Arjun won his first-ever National Film Award for the film. Additionally, he became the first Telugu actor to win the Best Actor National Film Award.

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  • भारत का GDP ग्रोथ रेट घटने के कारण क्या है?

    भारत का GDP ग्रोथ रेट घटने के कारण क्या है?

    भारत की GDP ग्रोथ रेट दो साल में सबसे नीचे 5.4% पर आ गई है। यह पिछले अनुमानों क्रमशः 6.9 फीसदी और 5 फीसदी से कम है। राहुल गांधी ने इसके लिए सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। कहा, कि स्थिति में सुधार के लिए बिना समय गंवाए एक नई सोच और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील की भारत को ज़रूरत है। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    उन्होंने कहा, बात साफ है, कि भारतीय अर्थव्यवस्था तब तक तरक्की नहीं कर सकती, जब तक इसका फ़ायदा सिर्फ़ गिने-चुने अरबपतियों को मिल रहा हो और किसान, मज़दूर, मध्यमवर्ग और ग़रीब तरह-तरह की आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हों। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    इन तथ्यों पर एक नज़र डालिए, देखिए स्थिति कितनी चिंताजनक है:

    • खुदरा महंगाई दर बढ़कर 14 महीने के उच्चतम स्तर 6.21% पर पहुंच गई है। पिछले साल अक्टूबर की तुलना में इस वर्ष आलू और प्याज़ की क़ीमत लगभग 50% बढ़ गई है।
    • रुपया 84.50 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
    • बेरोज़गारी पहले ही 45 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है।
    • पिछले 5 सालों में मज़दूरों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों की आमदनी या तो ठहर गई है या काफी कम हो गई है।
    • आमदनी कम होने से मांग में भी कमी आई है। 10 लाख से कम क़ीमत वाले कारों की बिक्री में हिस्सेदारी घटकर 50% से कम हो गई है, जो 2018-19 में 80% थी।
    • सस्ते घरों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी घटकर क़रीब 22% रह गई है, जो पिछले साल 38% थी। FMCG प्रोडक्ट्स की मांग पहले से ही कम होती जा रही है।
    • कॉरपोरेट टैक्स का हिस्सा पिछले 10 सालों में 7% कम हुआ है, जबकि इनकम टैक्स 11% बढ़ा है।
    • नोटबंदी और GST की मार से अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा घटकर 50 वर्षों में सबसे कम सिर्फ़ 13% रह गया है। ऐसे में नई नौकरियों के अवसर कैसे बनेंगे?

    राहुल गांधी ने भारत सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, कि भारत की अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए एक नई सोच चाहिए और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील उसका अहम भाग है। सबको समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, तभी हमारी अर्थव्यवस्था का पहिया आगे बढ़ेगा। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    अर्थव्यवस्था का बुरा हाल, जनता का हाल बेहाल – इस स्थिति में सुधार के लिए बिना समय गंवाए एक नई सोच और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील की ज़रूरत है। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    S&P ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027-28 में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 फीसदी रहेगी। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

  • Drug Case: 25 साल बाद भारत लौटीं ममता कुलकर्णी

    Drug Case: 25 साल बाद भारत लौटीं ममता कुलकर्णी

    Drugs case में गिरफ्तार हिंदी फिल्म जगत की मशहूर अभिनेत्री ममता कुलकर्णी केन्या से भारत वापस लौट आई है। इस बीच लगभग 25 साल बीत गए। जिसको लेकर ममता सोशल मीडिया पर अपने फैन्स के लिए एक पोस्ट शेयर करते हुए भावुक हो गई। Drug Case Mamta Kulkarni returned to India after 25 years Bollywood news

    विशेष संवाददाता
    मुंबई
    – 2000 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट में कथित तौर पर शामिल रही करण अर्जुन फिल्म की अभिनेत्री और मॉडल ममता कुलकर्णी को मामले में क्लीन चिट मिलने के बाद 25 साल बाद वह भारत के मुंबई में लौट आई हैं। बुधवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपने प्रशंसकों को बताया कि ‘आमची मुंबई’ में वापस आकर वह वाकई खुशी महसूस कर रही हैं।

    ममता कुलकर्णी ने अपने फैन्स से क्या कहा?

    वीडियो में ममता कहती सुनाई दे रही हैं, “अरे दोस्तों, मैं ममता कुलकर्णी हूं। मैं 25 साल बाद भारत के बॉम्बे, ‘आमची मुंबई’ मे लौट आई हूं। मुझे वाकई पुरानी यादें ताजा हो रही हैं कि मैं 2000 में भारत से बाहर गई थी और अब ठीक 2024 के अंतिम समय में मैं वापस यहां हूं। मैं वाकई अभिभूत और भावुक हूं। मुझे नहीं पता कि इसे कैसे व्यक्त करूं।” उन्होंने यह भी कहा, “फ्लाइट के उतरने से पहले मैं अपने बाएं-दाएं देख रही थी। मैंने अपने देश को करीब 25 साल बाद ऊपर से देखा। मैं भावुक हो गई, मेरी आंखों में आंसू थे। मैंने मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर कदम रखा और मैं बेहद अभिभूत हो गई।”

    इतने दिनों कहां थी ममता कुलकर्णी?

    जानकारी के मुताबिक, बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2016 के ठाणे ड्रग बरामद मामले में ममता को क्लीन चीट दे दी है। आरोप था कि अभिनेत्री ने अपने साथी विक्की गोस्वामी और अन्य सह-आरोपियों के साथ जनवरी 2016 में केन्या में एक बैठक में भाग लिया, जो एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट से जुड़ा था। इससे पहले, मुंबई पुलिस ने दावा किया था कि कुलकर्णी अवैध गतिविधियों में शामिल थी और उसने केन्या से उसका प्रत्यर्पण करने की योजना बनाई। बता दें कि ममता कुलकर्णी इतने दिनों केन्या के कारावास में बंद थी। ममता लगभग सैकड़ो हिंदी फ़िल्मों मे अहम किरदार के साथ बॉलीवुड में अपना सिक्का जमा चुकी थी।

  • महायुति गठबंधन की हुई सरकार। देवेंद्र फडणवीस बनेंगे मुख्यमंत्री

    महायुति गठबंधन की हुई सरकार। देवेंद्र फडणवीस बनेंगे मुख्यमंत्री

    महाराष्ट्र में आज (4 दिसंबर) बीजेपी विधायक दल की बैठक में देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री और अजित पवार के साथ एकनाथ शिंदे बनेंगे डिप्टी सीएम .. (Mahayuti coalition government. Devendra Fadnavis will become Chief Minister)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
     महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री कौन होगा, यह आज (4 दिसंबर) को तय हो गया है। आज बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई। इसमें देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुना गया है। बीजेपी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को महाराष्ट्र विधायक दल की बैठक के लिए केंद्र की ओर से पर्यवेक्षक बनाया था। इसी के साथ देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के नए सीएम होंगे इसका फैसला हो गया है। वहीं एकनाथ शिंदे और अजित पवार डिप्टी सीएम बनेंगे। (Mahayuti coalition government. Devendra Fadnavis will become Chief Minister)

    देवेन्द्र फडणवीस बनेंगे तीसरी बार मुख्यमंत्री

    इसके पहले भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया, कि दो बार मुख्यमंत्री रह चुके देवेंद्र फडणवीस को इस शीर्ष पद के लिए दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। बता दें कि महाराष्ट्र मे विधानसभा चुनाव बीस नवंबर को हुआ, जिसके परिणाम तीन दिन बाद घोषित हो गए, ‘महायुति’ गठबंधन ने 288 विधानसभा सीट में से 230 सीट पर जीत हासिल कर ली है। इसमे भाजपा 132 सीटों के साथ आगे रही जबकि महायुति गठबंधन की शिवसेना को 57 और अजित पवार राकांपा को 41 सीट मिली। (Mahayuti coalition government. Devendra Fadnavis will become Chief Minister)

    5 दिसंबर को होगा शपथग्रहण

    भाजपा ने पहले ही घोषणा कर दिया है कि नया मुख्यमंत्री 5 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में मुंबई के आजाद मैदान में शपथ लेने जा रहा है। राज्यपाल की देखरेख में समारोह को लेकर तैयारियां भी जारी हैं। इससे पहले एकनाथ शिंदे के अस्पताल से लौटने के कुछ घंटे बाद बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस शाम को यहां उनके आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पहुंचे। पिछले सप्ताह दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के बीच मुंबई में यह पहली मुलाकात थी। (Mahayuti coalition government. Devendra Fadnavis will become Chief Minister)

    गौरतलब है कि शिंदे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ रहे हैं और ठाणे के अपने निजी आवास पर रह रहे थे। शिंदे पिछले शुक्रवार को सातारा जिले में अपने गांव गए थे, जिसके बाद अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह ‘महायुति’ की नयी सरकार के गठन की कवायद से नाखुश हैं। लेकिन उनके सहयोगियों ने कहा कि शिंदे का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। (Mahayuti coalition government. Devendra Fadnavis will become Chief Minister)

  • Ladki Bahin Yojana अब 1500 से बढ़ाकर 2100 रूपये

    Ladki Bahin Yojana अब 1500 से बढ़ाकर 2100 रूपये

    Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लाडकी बहिन योजना महायुति गठबंधन के लिए फायदेमंद साबित हुआ है। अब चुनावी घोषणा के मुताबिक इसकी रकम बढाई जाने वाली है। जाने महायुति के वरिष्ठ नेता ने क्या कहा? (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की जीत में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की लाडकी बहिन योजना बड़ा फैक्टर मानी जा रही है। अब इस योजना में विस्तार की तैयारी चल रही है। खबर है कि राज्य की नई सरकार नए साल से रकम बढ़ाने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने योजना के पैसों मे बढ़ोत्तरी के संकेत दिए है। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)

    भाजपा की चुनावी घोषणा

    खबर के मुताबिक, मुनगंटीवार ने सोमवार को कहा कि 2025 दीपावली से लाडकी बहिन योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के घोषणापत्र में राशि बढ़ाने की बात कही गई थी, जिसके चलते पार्टी पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए राशि को बढ़ाया जाने वाला है। उन्होंने कहा कि अगर वादा पूरा नहीं किया, तो इससे पूरे देश में भाजपा की छवि खराब होगी। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखेंगे। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)

    कब बढ़या जाएगा पैसा ?

    पूर्व मंत्री मुनगंटीवार ने कहा, हमें अपना वादा पूरा करना चाहिए। जबकि हमारी महायुति गठबंधन की सरकार हमारी बहनों को 2100 रुपये देने में सक्षम है। हम फैसला करेंगे कि इसे जनवरी, जुलाई या फिर अगले महीने से शुरू किया जाए। हमने जो लोगों से वादा किया है वो पूरा जरूर करेंगे। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)

    पूर्व मंत्री मुनगंटीवार ने और अधिक जानकारी देते हुए कहा कि, हमने बीते साल भाई दूज पर योजना की शुरुआत की थी और हम अगले साल भाई दूज से राशि बढ़ा देंगे। उन्होंने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री की बहनों के खाते में पहले ही पांच किश्तें जमा हो चुकी हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को हुआ था जिसके परिणाम तीन दिन बाद घोषित हुए थे, महायुति गठबंधन ने 288 विधानसभा सीट में से 230 सीट पर जीत दर्ज की है। भाजपा 132 सीट के साथ आगे रही, जबकि शिवसेना को 57 और राकांपा को 41 सीट मिली है। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)

    कब तक सरकार का गठन संभव

    महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन को मिली बड़ी जीत के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हो सका है। खबरें हैं कि कल बुधवार को भाजपा के परय्वेक्षक विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे। इसके बाद 5 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। सीएम पद भाजपा के खाते में आने के आसार हैं। जबकि, डिप्टी सीएम शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से बनाए जा सकते हैं। हालांकि खातों के बटवारे पर आपसी मतभेद को लेकर विचार विमर्श हो रहे हैं। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)