Category: BMC Updates

  • अवैध निर्माण में संलिप्त पुरा मनपा का आर/दक्षिण विभाग

    अवैध निर्माण में संलिप्त पुरा मनपा का आर/दक्षिण विभाग

    • डीओ. अभय जगताप पर कब पड़ेगी एंटी करप्शन की पैनी नजर ?
    • कब चलेगा मनपा का बुलडोजर?
    • ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं..

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    कंदिवली मनपा आर/दक्षिण विभाग को सर्वाधिक भ्रष्टाचार वार्ड होने का तमगा दिया जाय तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अधिकारी भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हुए हैं। इन्हे किसी भी तरह का डर नही। चाहे जितनी भी खबर अखबार के माध्यम से प्रकाशित होती रहे। इनकी कानों में जूं तक नहीं रेगति। ऐसा कोई सगा नहीं जिसको डी.ओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं की कहावत को चरितार्थ करते हुए खुद ही अवैध बांधकाम कराते है। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपये की रिश्वत लेकर उसे स्टे ऑर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। कोर्ट में स्टे के खिलाफ नही बोलता है। जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकाम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है।

    ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं

    ताज़ा मामला कांदिवली (पश्चिम) महाराष्ट्र नगर, एमजी रोड़ से लगकर शर्मा कंपाउंड का है। जहां गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (room) का निर्माण बना लिया जिसके एवज में कथित रूप से लाखों की रिश्वत दी गयी। जबकि परिमंडल-7 की उपायुक्ता भाग्यश्री कापसे, सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर, डी.ओ.अभय जगताप ने आपस में रिश्वत के पैसे बांट लिए। दिखाने के लिए 354(A) की नोटिस भेज दी गई। फिर गैरकानूनी निर्माण करने वाले को बुलाकर कोर्ट से स्टे लेने को कहा।

    इसे भी पढ़े:- बृहन्मुंबई महानगर पालिका में भ्रष्टाचार पर कब लगेगी लगाम ?

    सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे ..

    शिकायत कर्ताओं की माने तो…बात बढे नही, भ्रष्टाचार का खुलासा न हो, इसके लिए सहाय्यक अभियंता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया।
    बता दें, कि मनपा अधिनियम 1888 के तहत 354(A) कि नोटिस देने के 24 घंटे के भीतर अवैध बांधकाम पर तोड़क कार्यवाही जरूरी है। लेकिन गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (Room) का निर्माण कराने वाले अवैध निर्माण कर्ता को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी, ताकि तोड़क करवाई न करनी पड़े। सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे यानी तोड़क कार्यवाही न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए।
    मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल, संयुक्त मनपा आयुक्त (विजलेंस), एंटी करप्शन ब्यूरो (मुंबई), से हमारी मांग है, कि आर/दक्षिण, वार्ड के सभी बड़े अधिकारियों के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक करवाई कराए अन्यथा आपकी शाख पर भी बट्टा लगेगा।

    Live Video On indian fasttrack news channel
  • बृहन्मुंबई महानगर पालिका में भ्रष्टाचार पर कब लगेगी लगाम ?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका में भ्रष्टाचार पर कब लगेगी लगाम ?

    भ्रष्ट प्रभारी डिओ अभय जगताप द्वारा शासन प्रशासन को हमेशा गुमराह करने का प्रयास। 5 लाख रुपये लेनदेन की चर्चा, एंटी करप्शन विभाग।

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगरपालिका, आर/ दक्षिण (BMC R/South) विभाग के डिओ (D.O) अभय जगताप और अवैध निर्माण (Illegal construction) के ठेकेदार (Contractor) चंचल यादव के बीच चोली दामन का याराना लगता है। भ्रष्टाचार के तहत विडंबना यह है, कि प्रभारी सहायक आयुक्त ललित तलेकर भी अभय जगताप के भ्रष्ट रवैये पर अपनी चुप्पी साध ली है। जबकि महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके एकनाथ शिंदे ने हमेशा ही भ्रष्टाचारियों (Corruption) पर लगाम लगाने की बातें कहीं है। मगर भ्रष्टाचार है कि मनपा (BMC) को कुतर-कुतर कर खाता जा रहा है। आर/दक्षिण विभाग के डिओ अभय जगताप के कारनामे जग जाहिर हो चुके हैं। उक्त डिओ अभय जगताप मनपा और राज्य सरकार द्वारा बनाए गए कानून की धज्जियां उड़ाकर दौलत कमा रहे हैं। (भ्रष्टाचार)

    इसे भी पढ़े:- मुंबई के प्राचीन मंडपेश्वर गुफा का सरकार करेगी विकास

    मनपा के भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन का रवैया..

    मनपा आर/दक्षिण विभाग के अंतर्गत इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत पद निर्देशित अधिकारी व कार्यकारी अभियंता (प्रभारी डिओ) अभय जगताप और अवैध बांधकाम के ठेकेदार चंचल यादव की साठगांठ से धड़ल्ले के साथ अवैध निर्माण का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है, कि कांदिवली (पूर्व), वडारपाड़ा रोड नंबर 2, लोकमान्य चाल, सागर मेडिकल के सामने G+2 (तीन मंजिला) के व्यवसायिक (Commercial) गाले के अति धोखा दायक अवैध निर्माण को जिस ठेकेदार चंचल यादव द्वारा अवैध रूप से किया गया।

    उस अवैध निर्माण को मनपा आर/दक्षिण के प्रभारी डिओ अभय जगताप का संरक्षण प्राप्त है। जिसमें 5 लाख रुपए के लेनदेन (आर्थिक व्यवहार) की चर्चा है। जो उक्त अवैध बांधकाम की तमाम शिकायतों के बावजूद न तोड़ा जाना प्रमाणित करता है, कि उक्त अवैध निर्माण को भ्रष्ट (Corrupt) डिओ (प्रभारी) अभय जगताप का वरदहस्त प्राप्त है। अब ऐसे में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का दम भरने वाली एंटी करप्शन (Anti Corruption) विभाग भी कुंभकरण की नींद में सो रहा है ऐसा स्थानीय समाज सेवकों का मानना है। (भ्रष्टाचार)

    भ्रष्टाचार,
    कांदिवली पूर्व अवैध निर्माण की तस्वीर

    अब देखना यह है, कि आर/दक्षिण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त ललित तलेकर कौन सी कार्रवाई करेंगे। याद हो, कि उक्त भ्रष्ट प्रभारी डिओ अभय जगताप द्वारा शासन प्रशासन को हमेशा गुमराह करने का प्रयास करने की चर्चा है। देखना है, कि आर/दक्षिण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) कौन सी दंडात्मक कार्रवाई करते हैं। (भ्रष्टाचार)

    Live video on indian fasttrack news channel
  • मुंबई के बीएमसी स्कूल में लगी आग, फटा सिलेंडर, कोई हताहत नहीं

    मुंबई के बीएमसी स्कूल में लगी आग, फटा सिलेंडर, कोई हताहत नहीं

    मुंबई के परेल में मिंट कॉलोनी मोनोरेल स्टेशन के पास साईबाबा स्कूल में आग लगने से जर्जर इमारत के भूतल पर रखे ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट हो गया।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – सोमवार परेल के मिंट कॉलोनी मोनोरेल स्टेशन के पास बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा संचालित साईबाबा स्कूल में आग लगने से इमारत के बेसमेंट में रखें 6 गैस के सिलेंडर फटने से अपरा तफरी मच गई। गनीमत रही की स्कूल बंद पड़ा था। अग्निशमन अधिकारियों ने कहा कि किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है।

    उन्होंने बताया कि लेवल-1 (निम्नतम स्तर) की आग साईबाबा स्कूल में सुबह 9.15 बजे के आसपास लगने की सूचना मिली थी, जो अपनी जर्जर इमारत के कारण पिछले कुछ वर्षों से बंद था। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग कथित तौर पर भूतल पर स्कूल के स्टोर रूम में एक गद्दे से निकली। मुंबई फायर ब्रिगेड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आग ऑक्सीजन सिलेंडर सहित कुछ सिलेंडरों के विस्फोट के कारण फैल गई, क्योंकि पिछले कुछ समय से स्कूल एक कोविड-19 देखभाल और टीकाकरण केंद्र के रूप में संचालित था।

    इसे भी पढ़े:- डॉक्टर के क्लीनिक में मिली लड़की की लाश, पीड़िता की मां ने लगाया रेप का आरोप

    बंद बीएमसी स्कूल में लगी आग 6 सिलेंडर ब्लास्ट

    मुंबई फायर ब्रिगेड के मुख्य अग्निशमन अधिकारी रवींद्र अंबुल्गेकर ने बताया, कि “आग इमारत के भूतल पर लगी थी। इमारत में ऑक्सीजन के साथ-साथ एलपीजी सिलेंडर समेत काफी सामान जमा था। आग भड़कते ही सिलेंडर फट गया, जिससे आग और फैल गई। हालांकि, हमारे अधिकारी समय रहते आग पर काबू पाने में कामयाब रहे। घटना में किसी के घायल होने या मरने की सूचना नहीं है।” आग लगने के कारणों पर अंबुल्गेकर ने कहा कि उनकी जांच चल रही है।

    बीएमसी स्कूल,
    सिलिंडर ब्लास्ट की तस्वीर

    इस बीच, क्षेत्र के पूर्व शिव सेना (उद्धव ठाकरे गुट) नगरसेवक अनिल कोकिल ने आरोप लगाया है, कि सी1 श्रेणी की जर्जर इमारत (तत्काल खाली करने और ध्वस्त करने की आवश्यकता) सी1 घोषित होने के बावजूद, इमारत को ध्वस्त नहीं किया गया और स्टोर रूम के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। मनपा की लापरवाही के कारण हादसा हुआ है जो बिलकुल गलत है।

    पूर्व शिवसेना नगर सेवक अनिल कोकिल ने कहा, “स्कूल को तीन साल पहले सी1 घोषित किया गया था। क्षेत्र के छात्रों को स्कूल में प्रवेश करने से रोक दिया गया। यह एक कोविड-19 टीकाकरण केंद्र के रूप में भी संचालित होता है। स्कूल के भूतल पर बहुत सारी कोविड से संबंधित सामग्री संग्रहीत की गई थी। आज जब आग लगी तो वहां रखे पांच-छह सिलेंडर फट गये.” पास में स्थित झुग्गी बस्तियों की ओर इशारा करते हुए, कोकिल ने कहा, “अगर कोई बड़ा विस्फोट होता, तो यह झुग्गियों में फैल जाता और बड़ी जान माल की हानी होती। प्रशासन को लोगों की जिंदगी के साथ नहीं खेलना चाहिए इस पर ध्यान देने की जरूरत है।”

    Live video on indian fasttrack news channel
  • स्पेशल डीएमसी संजोग कबरें के आदेशों का उड़ा रहा है BMC मजाक

    स्पेशल डीएमसी संजोग कबरें के आदेशों का उड़ा रहा है BMC मजाक

    बंबई उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद भी सहायक अभियंता अमोल मेश्राम, जेई मंगेश कांबली मनपा ‘सी’ वार्ड में चल रहे अवैध निर्माण की वसूली में व्यस्त होने के कारण वार्ड के कार्यालय में भी नही आते है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका का मरीन लाईन स्थित ‘सी’ वार्ड अंतर्गत आजकल अवैध निर्माण बढ़ता जा रहा है। जिस पर ‘सी’ वार्ड में कार्यरत परिरक्षण विभाग, लाईसेंस विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी केवल वसूली में व्यस्त है। शिकायत करने पर भी कार्रवाई नही हो रही है। इन लुटेरों पर किसका आशीर्वाद है ये कोई बताने को तैयार नही है। (Mumbai Bmc c ward news)

    बंबई उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद भी सहायक अभियंता अमोल मेश्राम, जेई मंगेश कांबली ‘सी’ वार्ड में चल रहे अवैध निर्माण की वसूली में व्यस्त होने के कारण वार्ड के कार्यालय में भी नही आते है। तस्वीर में दिखने वाला यह नजारा मुंबादेवी कम्पाउंड परिसर का है। ये ब्राह्मणों को पूजा-पाठ के लिए अस्थायी रूप से आबंटित की गई जगह है, जो कुछ ब्राह्मण इसको किराये पर देकर अपने पैतृक गाँव में आनंद ले रहे है। जिसका फायदा पटवा लोग महिलाओ के श्रृंगार का सामान बेच कर और इसपर अवैध निर्माण करके मनपा कर्मियों को अवैध सेवा शुल्क दे रहे है। (Mumbai Bmc c ward news)

    मनपा,
    मनपा सी वार्ड अंतर्गत अवैध कारोबार की तस्वीर

    मनपा ‘सी’ वार्ड का अवैध निर्माण ..

    इनके पास कोई लाइसेंस नही है इसके अलावा लाइसेंस विभाग के निरीक्षक गोसावी अपने गुर्गों से वसूली करवाकर इन सभी अवैध दुकानदारों को अभयदान दे रखा है। इन पर कार्रवाई करने के लिए मनपा उपायुक्त स्पेशल संजोग कबरे ने कई बार आदेश जारी किया है। पर लक्ष्मी जी के आगे सारे आदेश अमान्य हो रहे हैं। मनपा की जिम्मेदारी बताकर इस पर लोकल पुलिस भी कुछ कार्रवाई नही कर रही है। (Mumbai Bmc c ward news)

    इसे भी पढ़े :- गुजराती फिल्मों में काम देने का लालच देकर नाबालिग से किया यौन शोषण, मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    यह स्थान काफी संवेदनशील है। जानकारी के मुताबिक, 1993 से अब मंदिर के लगभग 3 बार बम धमाके हो चुके है। जिसमे सैकड़ो लोगो ने अपने प्राणों की आहुति दी है। फिर भी ये मनपाकर्मी सुधरने को तैयार नही है। इस विषय पर कई बार प्रमुख अखबारों में खबरे भी लग चुकी है। इसके पश्चात कार्यवाही को लेकर मनपा और पुलिस अधिकारियों से मीटिंग भी हो चुकी है फिर भी प्रशासन सुधरने को तैयार नही है। (Mumbai Bmc c ward news)

    Live video on indian fasttrack news channel
  • जलाशय ऑडिट के कारण 9 जनवरी को मुंबई के कुछ हिस्सों में कम दबाव वाली पानी की सप्लाई होगी

    जलाशय ऑडिट के कारण 9 जनवरी को मुंबई के कुछ हिस्सों में कम दबाव वाली पानी की सप्लाई होगी

    पानी की सप्लाई प्रभावित होगी क्योंकि आर सेंट्रल वार्ड के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित बोरीवली हिल जलाशय-द्वितीय के संरचनात्मक ऑडिट का काम बीएमसी द्वारा किया जाएगा।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा निर्धारित रखरखाव कार्य के कारण मंगलवार, 9 जनवरी को मुंबई के कुछ हिस्सों में पानी की सप्लाई बाधित रहेगी। आर-साउथ (कांदिवली), आर-सेंट्रल (बोरिवली), और आर-नॉर्थ (दहिसर) के इन वार्डों में पानी की सप्लाई कम दबाव में होने की संभावना है। (Mumbai water supply News)

    कम दबाव मे पानी सप्लाई ..

    बीएमसी ने बोरिवली हिल जलाशय दो का संरचनात्मक ऑडिट करने की योजना बनाई है, जिसके लिए मंगलवार, 9 जनवरी को जलाशय को अस्थायी रूप से खाली कर दिया जाएगा। रखरखाव कार्य का उद्देश्य जलाशय की संरचनात्मक स्थिरता का आकलन करना है। इसके साथ ही आप को बता दें, कि प्रशासन ने जानकारी देते हुए कहा है, कि पिछले 3 सालों के मुकाबले इस साल सबसे कम पानी कटौती की संभावना है। अब तक मुंबई की झीलों में
    65.8% पानी का भंडार। (Mumbai water supply News)

    इसे भी पढ़े:- गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला मुंबई का चुनाभट्टी इलाका, फायरिंग में एक की मौत; कई घायल

    प्रभावित क्षेत्र
    आर-साउथ वार्ड के जो क्षेत्र प्रभावित होंगे उनमें गुंडेचा, ठाकुर विलेज और कांदिवली (पूर्व) में समता नगर सरोवा कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। आर-सेंट्रल वार्ड में प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में ला बेलेजा और ला विस्टा, बोरीवली (पूर्व) शामिल हैं, जबकि आर-उत्तर वार्ड में केतकीपाड़ा (भाग), एकता नगर, दहिसर टेलीफोन एक्सचेंज, घरतनपाड़ा नंबर 1 और 2, गणेश मंदिर रोड शामिल हैं। इसके साथ ही आशा विनायक चॉल, दहिसर (पूर्व), दहिसर पुलिस स्टेशन क्षेत्र और किसान नगर प्रभावित होंगे। (Mumbai water supply News)

    पानी सप्लाई,

    बीएमसी के एक बयान में कहा गया है, कि “आर-सेंट्रल वार्ड में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित बोरिवली हिल जलाशय-द्वितीय के संरचनात्मक ऑडिट का काम बीएमसी द्वारा किया जाएगा। यह कार्य 9 जनवरी को दोपहर 1 बजे से रात 9 बजे के बीच आठ घंटे की अवधि के लिए लिया जाएगा। (Mumbai water supply News)

    इसके साथ ही एक बयान के मुताबिक, फिलहाल मुंबई में जल्द पानी की कटौती होने की संभावना नहीं है क्योंकि एक वरिष्ठ नागरिक अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि झीलों में वर्तमान में 15 जुलाई तक पानी की आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त भंडार है। (Mumbai water supply News)

    Live video on indian fasttrack news channel

    मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में पानी का भंडार शुक्रवार को उनकी कुल क्षमता का 65.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जो पिछले तीन वर्षों के मुकाबले सबसे कम है। मनपा के अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) पी वेलरासु ने कहा, कि “तीन दिनों तक पानी की आपूर्ति करने के लिए, हमें लगभग 1 प्रतिशत पानी की आवश्यकता होती है। 66 प्रतिशत पर, हमारे पास 15 जुलाई तक पर्याप्त पानी है। इसलिए, चिंता का कोई कारण नहीं है।” (Mumbai water supply News)

  • मनपा पी/नॉर्थ के अधिकारियों के नकारेपन के चलते भूमाफिया, ठेकेदारों के हौसले बुलंद

    मनपा पी/नॉर्थ के अधिकारियों के नकारेपन के चलते भूमाफिया, ठेकेदारों के हौसले बुलंद

    • मुंबई में खाली जमीन को हथियाने के लिए BMC के सरकारी अधिकारी ही अपराध का साथ दे रहे हैं।
    • न्यायालयीन ‘स्थगन’ आदेश की अवहेलना कर मालाड (पूर्व) ठेकेदारों द्वारा धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महानगरपालिका (BMC) प्रशासन व महशुल विभाग की नाकामियों के चलते मुंबई में भूमाफियायों व अवैधनिर्माण कर्ता, ठेकेदारों के हौसले इस कदर बुलंद है, कि वे मनमानी तौर पर अवैध निर्माण ही नहीं करते बल्कि कोर्ट के आदेशों की अवमानना करके कानून से खिलवाड़ भी करते हैं। यानि कि वे मनपा, महशूल विभाग व अदालतों तक को भी धत्ता बताकर अपनी मनमानी करते हैं। कारण यहां खाली जमीन की किमत आसमान छू रही हैं।
    ऐसा ही एक मामला मनपा पी/उत्तर विभाग के कार्यक्षेत्र में वार्ड क्रमांक -४५ के अंतर्गत यूसुफ चौकसी कंपाउंड, मिलन सेवा संघ सोशल, खोडियार माता मंदिर के सामने, बच्छानी नगर, चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल के समीप, मालाड (पूर्व) में हमीद कुरेशी व वालम कुरेशी द्वारा अनधिकृत निर्माण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

    BMC अधिकारीयों के कारनामे ..

    BMC,

    प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त अवैध निर्माण के विरुद्ध संजय रामदास भगत द्वारा मनपा प्रशासन एवं महशूल विभाग के संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गयी थी। किंतु अपेक्षित कार्यवाई के अभाव में वर्ष २०११ में एक मामला मुकदमा नंबर – ११४३ हीरा पी. फडिकर और पंचानन फडिकर के विरुद्ध दायर किया गया था। मामले के मुताबिक, उक्त दोनों ने अपीलकर्ता संजय रामदास भगत के रूम नंबर -१ के समीप अवैध निर्माण कर रहे हैं।

    इसे भी पढ़ें:- GRP: मुंबई मंडल में पंद्रह चौकिया बनाई जाएगी। Indian Railway

    इस अपील को दिनांक -२५/१०/२०२३ में खारिज कर दिया गया था। सिटी सिविल कोर्ट दिंडोशी के उक्त फैसले के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं जबकि उसी न्यायालय में मुकदमा नंबर -२११७/२०११ अब तक विचाराधीन है। जिसमें भी उक्त जगह पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर स्थगन आदेश लगाया गया है। इसके उपरांत भी उक्त ठेकेदारों द्वारा न्यायालयीन आदेशों का उल्लंघन करके उपरोक्त ठेकेदारों द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है।

    Malad SRA Project Live video on indian fasttrack news channel

    उक्त स्थल पर किए जा रहे अवैध निर्माणों को मनपा पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों का आपसी समर्थन आर्थिक सेटिंग के आधार पर किए जाने की जानकारी सूत्रों ने दी है। अन्यथा अदालत की अवमानना करके अवैध निर्माण किया जाना मुश्किल था। मनपा के बांधकाम विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी उक्त निर्माण स्थल पर आते-जाते देखे जाते हैं। मनपा अधिकारियों को उक्त स्थल पर न्यायालयीन स्थगनादेश की भी जानकारी है।
    इसके उपरांत भी मनपा उक्त ठेकेदारों के अवैध निर्माण कार्य पर न तो रोक लगायी है और ना ही उक्त संबंध में न्यायालय को भी सूचित है। स्थानीय जनों ने उक्त अवैध निर्माण पर तत्काल तोड़क कार्यवाही कर ठेकेदारों के विरुद्ध एमआरटीपी (MRTP) के तहत दंडात्मक कार्रवाई कराये जाने की
    मनपा प्रशासन से अपील की है।

  • सहायक आयुक्तों की भर्ती में बड़े पैमाने हुआ है भ्रष्टाचार: आयुक्त चहल निकले रक्त चूसक जोंक

    सहायक आयुक्तों की भर्ती में बड़े पैमाने हुआ है भ्रष्टाचार: आयुक्त चहल निकले रक्त चूसक जोंक

    • मनपा आयुक्त के रूप में सबसे ज्यादा अयोग्य अभ्यर्थी नियुक्त करने का चहल का रिकार्ड
    • मनपा आयुक्त चहल के कैरेक्टर रोल की जांच सीबीआई व ईडी से कराने की मुंबईकरों की मांग।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त  इकबाल सिंह चहल को एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा है। किंतु किसी को क्या मालूम था की इकबाल सिंह चहल अपने निजी लाभ के लिए सहायक आयुक्तों की होने वाली नई भर्ती पर ध्यान नहीं देंगे तथा वह कभी भी राज्य संघ लोक सेवा आयोग से सहायक आयुक्त की भर्ती के लिए कोई मांग नहीं करेंगे। इन दोनों ने ऐसा किया है जिसके कारण मनपा में सहायक आयुक्त का कार्य भी प्रभारी सहायक आयुक्त से लिया जा रहा है। सहायक आयुक्त की जगह अपेक्षित काम ना कर पाने के कारण प्रभारी सहायक आयुक्त जनता की अनेक समस्याएं दूर नहीं कर पा रहे हैं।

    मनपा आयुक्त द्वारा प्रभारी सहायक आयुक्तों की नियुक्ति ..

    सूत्रों का कहना है, कि कितनों को तो आयुक्त चहल ने योग्यता न होने के बावजूद भी नियुक्त किया है, जिसे उनका निंदनीय भ्रष्टाचार माना जा रहा है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहायक आयुक्तों की भर्ती बंद होने से निगम के 10 से 15 विभाग कार्यालयों का प्रभार सहायक आयुक्तों के पास है। इसके कारण विभाग में कई नागरिक समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं और देखा जा रहा है कि प्रभारी सहायक आयुक्त कभी-कभी उनका समाधान करने में विफल हो रहे हैं।

    मनपा आयुक्त,
    मुंबई मनपा आयुक्त मुख्यालय की फाइल तस्वीर

    इसे भी पढ़े:- Mumbai: नवरात्रि का डांडिया राज फाल्गुनी पाठक के नाम पर 5 लख रुपए की ठगी

    मुंबई महानगर में 24 नगरपालिका प्रभाग कार्यालय हैं। इनमें से प्रत्येक संभागीय कार्यालय का प्रबंधन एक अलग एमपीएससी से चयनित एक सहायक आयुक्त द्वारा किया जाता है। लेकिन चूंकि एमपीएससी द्वारा पिछले दो वर्षों से सहायक आयुक्त की भर्ती प्रक्रिया नहीं की गई है, इसलिए मनपा प्रशासन ने उन अधिकारियों को प्रभारी सहायक आयुक्त का प्रभार दिया है जो कुछ विभागीय कार्यालयों में घनकचरा व्यवस्थापन व परिरक्षण विभाग के कार्यकारी अभियंता हैं।

    ऐसे में उनके लिए वार्ड का कार्यभार पूरा करना मुश्किल हो रहा है। इसके कारण वार्ड में कूड़ा-कचरा, सड़क, अनाधिकृत निर्माण, रेहड़ी, फेरीवाले और प्रतिष्ठानों का आस्थापना विभाग सहित अन्य समस्याओं का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। नतीजा, इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। गत वर्ष से मुंबई नगर निगम में नगरसेवकों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण वे नगर पालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकते।

    नागरिकों को सीवरेज, फुटपाथ मरम्मत, जलापूर्ति, मलिन बस्तियों में सफाई जैसे बुनियादी कार्यों के लिए नगरसेवकों के कार्यालय तक पहुंचना पड़ता है। चूंकि नगरसेवकों का कार्यालय भी बंद है, इसलिए उनके कार्यालय जाने पर भी नागरिकों का काम नहीं हो पाता है। नागरिकों की यह भी शिकायत है कि नगर निगम सहायक आयुक्त द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे दिन-ब-दिन शहर में नागरिक समस्याएं बढ़ती जा रही है।

    Live video on indian fasttrack news channel

    मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यकाल में फर्जी वार्ड ऑफिसर से मोटी रकम लेकर नियुक्ति की है ऐसा कहा जाता है। स्थानीय विधायक और सांसद की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए इन वार्ड ऑफिसरों की मनपा आयुक्त से सांठ-गांठ कर नियुक्ति की है ऐसा भी कहा जाता है। जिसमे आयुक्त की प्रति माह ५०० करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय है। क्या इसकी जांच राज्य सरकार और केंद्र सरकार करेगी या ईडी सीबीआई करेगी।

  • भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    • डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर की लालच से अवैध निर्माणों को मिल रहा संरक्षण (BMC Corruption)
    • ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी कर रहा मनपा का पी/ नॉर्थ,वार्ड का मुकादम विट्ठल राठौड़
    • क्या मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल पी/ नॉर्थ, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारीयों पर आईपीसी १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे?

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे बड़ी नगर पालिका मानी जाती है। किंतु वर्तमान में उसके अधिकारी और कर्मचारी ही काली कमाई की लालच में मनपा की साख में बट्टा लगा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार मुंबई मनपा के सभी वार्डो में अवैध निर्माणों के भ्रष्टाचारो (Corruption) का खेल जारी है। जिसमें अधिकारी और ठेकेदार मिलकर मलाई खा रहे हैं। लेकिन मालाड़ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का पी/ नॉर्थ, वार्ड इससे दो कदम और आगे निकल चुका है। यहां न केवल अभियंता (Engineer) बल्कि मुकादम भी डीओ (Designated Officer) और वार्ड के सहआयुक्त (Assistant Commissioner) के लिए अवैध निर्माण (Illegal construction) को बचाने के लिए बिचौलिए का काम करता है। इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है।

    भ्रष्ट BMC के उच्च अधिकारी ..

    Corruption,
    अवैध निर्माण की तस्वीर
    Bmc,

    वहीं मनपा पी/ नॉर्थ वार्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते उसके कार्यक्षेत्र में भूमाफियाओं और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बड़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। जिस पर अंकुश लगा पाना अब पी/ नॉर्थ, वार्ड के वश में नहीं है ऐसा माना जा रहा है। वहीं स्थानीय नागरिकों, समाजसेवको व शिकायतकर्ताओं की माने तो मनपा परिमंडल -४ के उपायुक्त (Deputy Municipal Commissioner) विश्वास शंकरवार की ईमानदार छवि अब नोटो के बंडलों पर बिक चुकी है। जबकि उपायुक्त विश्वास शंकरवार अवैध निर्माणों पर मनपा नियमों के तहत उसकी जांच कर कार्रवाई करने की बजाय स्वयं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता को भुला बैठे हैं।

    इसे भी पढ़े:- Maharashtra: पिछले चार सालों से रद्द परीक्षा की फीस वापस नहीं की जा रही है।

    इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है। यहां के गली नंबर -२, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई ४०००९५. स्थित रिक्त भूखंड पर अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू ने १२ व्यापारिक गाले और मकान की चॉल बना डाली है। स्थानीय नागरिक बताते हैं, कि उपायुक्त विश्वास शंकरवार की इसी भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर वाली छवि के कारण ही पी/ नॉर्थ वार्ड में अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बढ़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। अब ऐसे में उपायुक्त विश्वास शंकरवार की तरफ से उक्त अवैध निर्माण पर कारवाई का न होना ही जिसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    हालांकि ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लु द्वारा बिना किसी खौफ के धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में डीओ. राजन प्रभु और सहाय्यक आयुक्त किरण दिघावकर की तरफ से बरती जा रही लापरवाही या सेटिंग उक्त अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। वहीं इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत मुकादम विट्ठल राठौड़ की माने तो मनपा (BMC) का पी/नॉर्थ, वार्ड ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी करने में व्यस्त नजर आ रहा है तथा उसके अवैध निर्माणों को संरक्षण देने में सक्षम अधिकारियों ने पूरी सहमति जताई है।

    Live video on indian fasttrack news channel

    स्थानीय नागरिकों की माने तो सहाय्यक अभियंता अनिल पुणतांबेकर की कार्यप्रणाली भी सिर्फ अवैध निर्माणों से मिलने वाली काली कमाई (Black Money) के हिस्सेदारी पर ही निर्भर है ना की अवैध निर्माणों के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने में है। यदि लोकसेवक (Public Servant) होने के नाते जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है तो वह लोकसेवक भारतीय दंड संहिता (IPC) १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के अनुसार अपराधी होता है।मनपा पी/नार्थ वार्ड से विगत वर्षों मे अवैध निर्माण से कितनी काली कमाई किया होइसका अनुमान लगाया जाना यदि असंभव नहीं तो दुष्कर अवश्य है।
    क्या बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में एक भी जिम्मेदार व ईमानदार अधिकारी नही है? जो भ्रष्ट एवं रिश्वतखोर अधिकारियों के भ्रष्टाचार (Corruption) की जांच कराकर दंडित करने की कार्रवाई करा सकें?

  • शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    अवैध पोस्टरों पर आदेश का पालन करने पर शिंदे के लोगो ने
    बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की
    वार्ड के कर्मचारियों में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त (Maharashtra Cm Eknath Shinde BMC Commissioner Iqbal Singh Chahal Mumbai News)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    शहर को गंदा करने वाले अनधिकृत राजनीतिक बैनरों और पोस्टरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री (Maharashtra CM) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के आदेशों पर अब तक उनकी अपनी ही शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया और कथित तौर पर बॄहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों की पिटाई कर दी है।
    जानकारी के अनुसार कांदिवली पुलिस (kandivali Police) ने शुक्रवार को शिंदे गुट के शाखा 21 के शिव सेना शाखा प्रमुख प्रकाश गिरी के साथ 15-20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जिन्होंने एमजी रोड और लिंक रोड के जंक्शन पर अपने राजनीतिक बैनर हटाने का विरोध किया था। बीएमसी कर्मियों को अभद्र भाषा से धमकाया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट भी की थी।

    मुंबई के कांदीवली में शिवसेना का शिंदे गुट

    कांदिवली पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रकाश गिरि ने ऐसा किया है तथा बताया है कि आईपीसी की धारा 353 (एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का उपयोग) और 332 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/09/09/mumbai-building-fire-fire-breaks-out-in-andheri-east-building-33-including-2-newborns-rescued
    Indian fasttrack news
    शिवसेना, मुंबई, BMC,
    न्यूज़ की प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मनपा कर्मचारियों की पिटाई ..

    इस प्रक्रिया में शाखा कर्मियों ने मनपा अधिकारी महेश महापंकर और एक मजदूर हनीफ शेख और अन्य श्रमिकों को बेरहमी से पीटा। संबंधित अधिकारियों ने फिर कांदिवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पीआई को अपराध की सूचना दी। आर दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त ललित तलेकर ने कहा, “नगर निगम प्रमुख के आदेश के अनुसार, लाइसेंस विभाग के हमारे अधिकारियों ने अवैध बैनरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियोंओ पर हमला किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और शिवसेना के शाखा प्रमुख प्रकाश गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।”

    Live video on Indian fasttrack news channel

    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आदेश

    बतादें कि 1 सितंबर को शाम 5 बजे आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेशों के आधार पर मनपा प्रमुख (Mumbai Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने 2 सितंबर को 24 वार्डों के सहायक आयुक्तों को सभी अनधिकृत बैनर और पोस्टर हटाने का निर्देश दिया था। तदनुसार, आर/साउथ वार्ड के सहायक अभियंता और अधिकारियों/कर्मचारियों और वरिष्ठ निरीक्षक (लाइसेंस विभाग) ने 8 सितंबर को दोपहर लगभग 12.15 बजे कांदिवली में एमजी रोड, लिंक रोड जंक्शन पर संयुक्त कार्रवाई की। किंतु शाखाप्रमुख प्रकाश गिरि ने करीब 15-20 कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी थी, जिससे वार्ड में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त हो गया है। हलांकि शिव सेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।

  • Mumbai building fire: अंधेरी पूर्व की इमारत में लगी आग, 2 नवजात शिशुओं सहित 33 को बचाया गया

    Mumbai building fire: अंधेरी पूर्व की इमारत में लगी आग, 2 नवजात शिशुओं सहित 33 को बचाया गया

    एक घंटे के भीतर, पहली मंजिल से 7 लोगों को, दूसरी मंजिल से दो नवजात शिशु सहित 16 लोगों को और तीसरी तथा चौथी मंजिल से 10 और लोगों को निकाला।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – अंधेरी पूर्व में स्थित एक इमारत में शनिवार को आग लग गई। जिसके बाद इमारत से दो नवजात शिशुओं सहित तैंतीस लोगों को बचाया गया है।

    अधिकारियों के मुताबिक, ये घटना शनिवार सुबह की है। आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने पहुंच कर आग पर काबू पाया। अधिकारियों ने बताया कि किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। मामले की आगे की जांच जारी है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/09/03/two-wheeler-driver-became-victim-of-black-misdeeds-of-contractor-and-engineer-suffered-serious-leg-injuries
    indian fasttrack news

    बीएमसी आपदा नियंत्रण ने बताया कि सुबह लगभग 9 बजे अंधेरी पूर्व के साकीनाका में साकी सोसाइटी में आग लगने की सूचना मिली। विभिन्न मंजिलों पर कई लोग आग में फंसे हुये थे। आग स्पष्ट रूप से भूतल पर स्थित एक इलेक्दट्रिक मीटर बॉक्स केबिन में लगी, जिसने वायरिंग, इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिकल पैनल बोर्ड और अन्य वस्तुओं को अपनी चपेट में ले लिया और तेजी से आवासीय भवन की ऊपरी मंजिलों तक फैल गई।

    अंधेरी,

    आग के कारण जहरीला धुंआ ..

    चारों तरफ चीख-पुरकार मची हुई थी। लोग अलग-अलग मंजिलों पर फंस गए थे। घने जहरीले धुएं के कारण वे सीढ़ियों से भी नहीं उतर पा रहे थे। छत पर ताला लगा हुआ था। अत्याधुनिक उपकरणों और सीढ़ियों से लैस मुंबई फायर ब्रिंगेड की एक टीम इमारत में पहुंची और आग से लड़ते हुए निकासी अभियान शुरू किया।

    Live video on indian fasttrack news channel

    एक घंटे के भीतर, उन्होंने एंगस लैडर और इमारत की सीढियों का उपयोग करके पहली मंजिल से 7 लोगों को, दूसरी मंजिल से दो नवजात शिशु सहित 16 लोगों को और तीसरी तथा चौथी मंजिल से 10 और लोगों को निकाला। बीएमसी अआपदा नियंत्रण ने कहा, “आखिरकार, सुबह 10:45 बजे के आसपास आग बुझ गई और अब कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है। इस त्रासदी में कोई घायल नहीं हुआ है।