दरअसल, 30 वर्षीय स्वानुभूति जैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर थी, उन्होंने अपनी याचिका में मां की जाति के आधार पर ओबीसी प्रमाण पत्र की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जैन यह साबित नहीं कर सकीं कि उनका पालन-पोषण केवल मां ने किया था। अदालत ने पाया कि जैन के पिता, जो एक बैंक अधिकारी हैं, उनकी परवरिश में पूरी तरह शामिल रहे और उनकी मां ने 2022 में ही अपना ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाया था। (Big decision of Bombay High Court, now caste certificate will be given on the basis of mother’s caste also)
नालासोपारा के ‘ओम साईं जूनियर कॉलेज’ में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल विरोधी फ्लाइंग-स्क्वाड (flying squads) ने सरप्राइज दौरा किया। इस दौरान एक डमी कैंडिडेट पेपर देते हुए पकड़ा गया। सूचना के बाद परीक्षा केंद्र को पुलिस में शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया गया। (Maharashtra HSC exam, Dummy candidate caught during Physics paper in Nalasopara)
मुम्बई: महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHAE) की उच्चतर माध्यमिक प्रमाणपत्र (HSC) परीक्षा के लगभग एक सप्ताह बाद, सोमवार को मुम्बई डिवीजन के परीक्षा हॉल में नकल का पहला मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा के दिन मुम्बई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा में परीक्षा के दौरान एक डमी अभ्यर्थी को फिजिक्स (Physics) का पेपर देते हुए पकड़ा गया। राज्य बोर्ड के निर्देश पर परीक्षा केंद्र ने पेल्हार पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है। (Maharashtra HSC exam, Dummy candidate caught during Physics paper in Nalasopara)
फ्लाइंग स्क्वाड का सरप्राइज दौरा
यह मामला नालासोपारा के ओम साईं जूनियर कॉलेज (Om Sai Junior College) में बोर्ड एक्जाम्स (Bord exams) के दौरान नकल विरोधी फ्लाइंग-स्क्वाड के सरप्राइज दौरे के दौरान सामने आया। बोर्ड के मुम्बई डिवीजन के अध्यक्ष, राजेंद्र अहिरे ने कहा, “फ्लाइंग-स्क्वाड दौरे के लिए बीना पूर्व सूचना के ऐसे ही किसी भी परीक्षा केंद्रों (Exam Center) का चयन करते हैं। सोमवार को ऐसी ही एक सरप्राइज विज़िट के दौरान, फ्लाइंग-स्क्वाड के सदस्यों ने सुबह के सत्र में आयोजित फिजिक्स के पेपर लिखते हुए एक डमी उम्मीदवार को देखा। इसका पता तब चला जब फ्लाइंग-स्क्वाड के सदस्यों ने अचानक हॉल-टिकट और परीक्षार्थियों की जांच की।” (Maharashtra HSC exam, Dummy candidate caught during Physics paper in Nalasopara)
यह पूछे जाने पर कि क्या पहले से अधिकारियों को गडबडी की सूचना मिली थी? जिसके कारण हॉल टिकट और परीक्षा देने आए उम्मीदवारों की जांच की गई? अहिरे ने कहा, “यह विशेष जूनियर कॉलेज संवेदनशील परीक्षा केंद्रों के रूप में पहचाने गए केंद्रों में से भी नहीं था। यह इस केंद्र में फ्लाइंग-स्क्वाड का एक अचानक सरप्राइज दौरा था और ऐसे दौरों में हॉल-टिकट की जांच भी शामिल होता है।” (Maharashtra HSC exam, Dummy candidate caught during Physics paper in Nalasopara)
मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके से एक किराना स्टोर के दुकानदार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह चावल की आड़ में ड्रग्स बेचने का काम करता था। हालांकि आरोपी एक थर्ड इयर स्टूडेंट हैं और अपने पिता के दुकानदारी में हाथ बटाने का काम करता था। लेकिन 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल की किमत ने पुलिस को हैरान कर दिया। जब छापामारी की गई तो मौके से 750 ग्राम गांजा बरामद किया गया। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
चावल की जगह गांजे का इस्तेमाल
गोराई में एक जनरल स्टोर को 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल बेचते हुए पाया गया। यहां चावल का इस्तेमाल खाना पका कर खाने के लिए नही, बल्कि ड्रग्स के व्यापार को छिपाने के लिए किया जा रहा था। ग्राहकों को चावल की जगह चोरी-छिपे गांजा सप्लाई कराया जा रहा था। अवैध संचालन का खुलासा तब हुआ जब बोरीवली पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर दुकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके से लगभग 750 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने 21 वर्षीय दुकानदार को गिरफ्तार कर करीब 15 हजार रुपये का गांजा जब्त किया है। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
दुकान कहां पर है ?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 21 वर्षीय आरोपी की पहचान महिपाल सिंह राठौड़ के रूप में हुई है। मुम्बई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोइटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे के मार्गदर्शन में, पुलिस निरीक्षक मिलिंद नागपुरे और पीएसआई परमोद निंबालकर (Atc) के नेतृत्व में एक टीम गठित कर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई पिछले सप्ताह बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके में सेक्टर 2, प्लॉट 188, त्र्यंबकेश्वर सोसायटी के एक किराने की दुकान पर की गई। जहां पुलिस की टीम ने दुकान से 7 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के अलग-अलग पैकेट में कुल 749 ग्राम गांजा बरामद किया। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि “पूछताछ के दौरान, महिपाल सिंह राठौड़ ने खुलासा किया कि वह पिछले एक महीने से अपनी दुकान से गांजा बेच रहा था। एक खरीदार के माध्यम से, उसने एक सप्लायर से संपर्क किया और पिछले महीने में 1 किलो गांजा खरीद कर बेच दिया। 12,000 रुपये से 13,000 रुपये प्रति किलोग्राम उसे मुनाफा मिलने लगा तो उत्साहित होकर, उसने एक और किलोग्राम खरीदा, जिसमें से वह पहले ही लगभग एक चौथाई किलो बेच चुका था। वह इसे 7 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के छोटे पैकेटों में बांट देता था, जिन्हें क्रमशः 200 रुपये, 500 रुपये और 1,500 रुपये में बेचा जाता था।” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
200 रुपये का चावल
पुलिस ने यह भी बताया, कि “संदेह से बचने के लिए, लेन-देन कोड शब्दों का उपयोग करके किया जाता था। खरीदार खास कीमतों पर “चावल” की मांगे करते थे। उदाहरण के लिए, 7 ग्राम जिसे चाहिए होता वह ‘200 रुपये के चावल’ की मांग करता। इसी तरह, अन्य मात्राओं के ऑर्डर दिए जाते थे।” आरोपी इन कोड की मांग को समझते हुए, भुगतान एकत्र करता और सावधानी से ड्रग्स के पैकेट सौंप देता। ” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
पुलिस के अनुसार, दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहा थर्ड इयर स्टूडेंट राठौड़ अपने पिता की दुकान संभाल रहा था। “राशन और अन्य खाद्य सामग्री बेचने के अलावा, राठौड़ सिगरेट और तंबाकू का भी स्टॉक रखता था। इसके अलावा, वह रोलिंग पेपर (रिज़ला) भी बेचता था, जिसे अक्सर गांजा पीने वाले खरीदते थे। जब भी ग्राहक रोलिंग पेपर खरीदने आते थे, तो वह मजाक में सुझाव देते थे कि गांजा भी बेचना चालू करे।” एक अन्य अधिकारी ने जानकारी में बताया, कि “हमने राठौड़ पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। जहां से पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात जारी है।” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
मुम्बई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना शिंदे गुट के करीब 25 मौजूदा और पू्र्व विधायकों की सिक्योरिटी में कौटती करने का फैसला किया गया है। इसको लेकर शिंदे गुट शिवसेना के नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना है कि देंवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही पास रखी है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
बता दें कि इससे पहले शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया था। इसके बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। वहीं उद्धव ठाकरे के समर्थकों ने शिवसेना को विभाजित करने के आरोप एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई जगहों पर विरोध का उग्र रूप भी देखा गया। वहीं शिंदे सेना के विधायकों की सुरक्षा के मद्देनजर वाई प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई थी। विधायकों को पांच से छह पुलिसकर्मियों के अलावा एक एस्कॉर्ट वाहन भी दिया गया था। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
विधायकों की सुरक्षा में 600 पुलिसकर्मी
इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों के काफिले के साथ फ्लैशिंग लाइट वाला वाहन भी रहता था। मुम्बई में एक आईपीएस अधिकारी ने कहा, विधायकों की सुरक्षा के लिए करीब 600 पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में पुलिस के बाकी काम प्रभावित होते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने फैसला लिया है कि इन विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जाएगी। केवल उन शिवसेना विधायकों को इतनी सुरक्षा मिलेगी जो कि मंत्रिपद पर हैं या फिर उनकी जान को खतरा है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
अब मिलेगा सिर्फ एक पुलिसकर्मी
उन्होंने कहा कि अन्य विधायकों की तरह ही बाकी शिवसेना विधायकों को सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी दिया जाएगा। गृह विभाग ने कई अन्य राजनेताओं की सुरक्षा में भी कटौती करने का फैसला किया है। वहीं शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा, कि “कहा जा रहा है, अब चुनौतियां कम हैं इसलिए शिवसेना विधायकों की सुरक्षा भी कम कर दी गई है। लेकिन कुछ लोगों को इसको लेकर शिकायत है।” शिंदे सेना के नेताओं का कहना है, कि “सरकार सोच-समझकर उन्हें साइडलाइन करने के लिए ऐसा कर रही है।” वहीं शिवसेना के दो मंत्री रायगढ़ और नासिक की गार्जियन मिनिस्टरशिप को लेकर भी नाखुश हैं। शिंदे भी देवेंद्र फडणवीस के साथ कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
एक तरफ सत्ता पक्ष महायुति गठबंधन के शिवेसेना और बीजेपी में इस तरह की दूरियों के कारण आपसी कलह के कयास लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शरद पवार तारीफ कर रहे हैं। वहीं देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने मुलाकात चर्चाओं का विषय बना हुआ है। बता दें कि महाराष्ट्र के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन तीन महीने के भीतर ही दोनों में मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति ने महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 230 सीट जीतकर भारी प्रदर्शन के साथ विजय हासिल किया है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
नगरपालिका चुनाव
हालही के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब मुम्बई, पुणे और ठाणे समेत पूरे राज्य मे नगर पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव भी बड़े दांव वाली लड़ाई होने वाली है, जिसके लिए राज्यभर में सभी राजनैतिक पार्टियां और उनके कार्यकर्ता कमर कस रहे हैं। हालही में उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेताओं ने पिछले ढाई महीने में कम से कम तीन बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इसके अलावा मुख्यमंत्री से आदित्य ठाकरे ने दो बार, उद्धव ने एक बार मुलाकात की है, जबकि अन्य वरिष्ठ शिवसेना नेताओं ने भी फडणवीस से अलग से मिलने गए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
मुम्बई: राज्य या देश में चुनाव आते ही राजनैतिक उठा पटक शुरू हो जाती है। कोई नाराज़ तो कोई लोभ के चले पाला बदल लेते हैं। लेकिन महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी यहां राजनैतिक उठा पटक थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां हर दिन नया ट्विस्ट देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट की शिवसेना को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। ये झटके कोई और नहीं ठाकरे के पुराने साथी और पार्टी को तोड़ने वाले एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ही दे रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)
अब ताज़ा खबर के मुताबिक, बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के उपविभाग प्रमुख जितेंद्र जनावाले ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। जितेंद्र जनावाले ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाते हुए कहा, कि उन्होंने पिछले छह सालों से कार्यक्षेत्र से बाहर नियुक्ति कर राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई है। इससे पहले मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी ने इस्तीफा देकर एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना में शामिल हो गए है। जितेंद्र जनावाले के भी एकनाथ की पार्टी में शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)
नजरअंदाज का आरोप
जितेंद्र जनावाले को एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है, जो ठाकरे गुट को मशाल चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सबसे पहले खुद मशाल लेकर मातोश्री आए थे। जनावाले का कहना है कि विभाग प्रमुख अनिल परब ने उन्हें कार्यक्षेत्र से बाहर रखा था। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि जानबूझकर उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किया जा रहा है और अपनी व्यथा बताने के बावजूद पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। पत्र में उन्होंने लिखा है कि वह इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि उनकी क्षमता के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)
राजन साल्वी ने भी किया था अनदेखा का आरोप
बता दें कि इससे पहले हाल ही में पार्टी के पूर्व विधायक राजन साल्वी ने इस्तीफा दे दिया था। कोंकण में ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता राजन साल्वी ने उपनेता पद से इस्तीफा देकर शिंदे गुट का दामन थाम लिया। वह पिछले 35 सालों से शिवसेना के लिए काम कर रहे थे। कोंकण के रतापुर निर्वाचन क्षेत्र से 2024 का विधानसभा चुनाव हारने वाले तीन बार के विधायक राजन साल्वी ने पार्टी पर अनदेखी करने का आरोप लगाया था वो अपनी उपेक्षा से नाराज थे। इसके बाद राजन साल्वी शिंदे गुट की शिवसेना शामिल हो गए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उद्योग मंत्री उदय सामंत और कई पार्टी नेताओं की उपस्थिति में वो शिवसेना में शरण ले ली। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)
इस बीच उद्धव ठाकरे की अगुवाई में ठाकरे गुट के सांसदों की बैठक 20 फरवरी को बुलाई गई है। ऐसे ही 25 फरवरी को विधायकों की बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे इस दौरान सांसदों और विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। उद्धव ठाकरे की ओर से यह बैठक तब बुलाई जा रही है जब पार्टी के पूर्व विधायक और कई पदाधिकारी लगातार ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हो रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)
केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने शुरू की एमएसएमई का ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’। योजना के तहत मिलेगा 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’। सीतारमण ने मुम्बई एक कार्यक्रम में कहा कि देश के बजट सेशन में महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)
Mumbai News: माइक्रो स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) को प्रोत्साहन देने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’ का शुभारंभ मुम्बई के एक कार्यक्रम में किया। इसके तहत प्लांट, मशीनरी या उपकरणों की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’ प्रदान किया जाएगा। इस योजना की केंद्रीय बजट में घोषणा की गई थी। जबकि महाराष्ट्र की औद्योगिक नीति को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसे कभी नजरअंदाज नहीं किया गया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)
मुम्बई में कार्यक्रम का आयोजन
बजट के बाद महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ मुलाकात एवं चर्चा के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण सोमवार को मुम्बई में थीं। यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने महाराष्ट्र की उद्योग हितैषी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत महाराष्ट्र के हर उद्योग को अनुकूल नीतियों के माध्यम से समर्थन दिया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)
शेयर बाजार की स्थिति
मौजूदा शेयर बाजार की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिल रहे हैं और विदेशी निवेशक इस समय मुनाफा वसूली के लिए भारतीय शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और यह उथल-पुथल अस्थाई हो सकती है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)
इस दौरान सीतारमण और चौधरी ने ‘स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एंड मिड-इनकम हाउसिंग’ फंड के तहत लाभान्वित होने वाले घर खरीदारों को चाबियां सौंपीं। 24 जनवरी 2025 तक ‘स्वामीह फंड’ के माध्यम से 50,000 से अधिक घर वितरित किए जा चुके हैं और अगले तीन वर्षों में हर साल 20, 000 अतिरिक्त घर देने की योजना बनाई गई है। वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि भारत का रक्षा उपकरण निर्यात 24, 000 करोड़ के पार पहुंच गया है। जो इस क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)
मुम्बई के कुर्ला इलाके में एक बेरहम बाप ने अपने ही 3 महिने की बेटी को मौत के घाट उतार दिया है। पत्नी से लड़ाई का गुस्सा बच्ची पर निकाला, जमीन पर पटक कर बच्ची की मौत। (Father killed 3 month old girl)
मुम्बई: कहते हैं, गुस्सा इनसान को हैवान बना देता है। एक ऐसा ही मामला मुम्बई के कुर्ला इलाके से प्रकाश में आ रहा है। यहां कुर्ला के एक 36 वर्षीय बेरोजगार पिता ने पत्नी से झगड़े के बाद गुस्से में अपनी 3 महीने की मासूम बच्ची को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मौत हो गई है। पुलिस आरोपी पिता को गिरफ्तार कर मामले की तहकीकात कर रही है। (Father killed 3 month old girl)
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पत्नी से हुए झगड़े के बाद आरोपी ने गुस्से में बच्ची को जमीन पर पटक दिया। इससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और खून से लथपथ हो गई। बच्ची की मां ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आंतरिक रक्तस्राव के कारण बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। (Father killed 3 month old girl)
कहां की है घटना?
पुलिस ने 36 वर्षीय आरोपी परवेज फकरुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। वह अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ कुर्ला की एलआईजी कॉलोनी में रहता था। उसने अपनी सबसे छोटी बेटी आफिया को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मां सबा परवेज सिद्दीकी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)
घटना की हकीकत क्या है?
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी परवेज पिछले कुछ दिनों से बेरोजगार था। पैसों की तंगी के चलते उसका अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा हुआ करता था। शनिवार दोपहर भी दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही झगड़े में बदल गई। झगड़े के दौरान परवेज ने पत्नी पर हाथ उठाया। उस समय 3 महीने की आफिया मां की गोद में थी। गुस्से में परवेज ने बच्ची को मां की गोद से छीन लिया और बेदर्दी से जमीन पर पटक दिया। (Father killed 3 month old girl)
गंभीर रूप से घायल आफिया को आनन-फानन में कुर्ला के भाभा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची की मौत आंतरिक चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हो गई है। शुरुआती जांच में इस मामले को आकस्मिक मौत माना जा रहा था, लेकिन बच्ची की मां के बयान के बाद शनिवार रात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)
मुम्बई के प्राचीन मंदिरों में से एक महालक्ष्मी मंदिर को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाने वाला है। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने धन आवंटित कर दिया था। अब कार्यान्वयन किया जाएगा। जानें मंदिर का इतिहास… (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मुम्बई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) जल्द ही महालक्ष्मी मंदिर परिसर सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए कार्य आदेश जारी करेगा। इस परियोजना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मार्च 2024 में 60 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नगर आयुक्त के पास है। स्वीकृति मिलते ही कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मुम्बई के सर्वाधिक प्राचीन धर्मस्थलों में से एक है महालक्ष्मी मंदिर। समुद्र के किनारे बी. देसाई रोड़ पर स्थित यह मंदिर अत्यंत सुंदर, आकर्षक और लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसे अब राज्य सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण कराया जाने वाला है। इसके लिए बीएमसी कमिश्नर के हस्ताक्षर बाक़ी है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास
मंदिर का इतिहास अत्यंत रोचक है। अंग्रेजों ने जब महालक्ष्मी क्षेत्र को वर्ली क्षेत्र से जोड़ने के लिए ब्रीच कैंडी मार्ग को बनाने की योजना बनाई थी, तब समुद्र की तूफानी लहरों के चलते पूरी योजना खटाई में पड़ गई। उस समय देवी लक्ष्मी एक ठेकेदार रामजी शिवाजी के स्वप्न में प्रकट हुईं और उन्हें समुद्र तल से देवियों की तीन प्रतिमाएँ निकालकर मंदिर में स्थापित करने का आदेश दिया। रामजी ने ऐसा ही किया और ब्रीच कैंडी मार्ग का निर्माण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मंदिर में तीन देवियों की प्रतिमा
मंदिर के गर्भगृह में महालक्ष्मी, महाकाली और महा-सरस्वती तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं। तीनों प्रतिमाओं को सोने एवं मोतियों के आभूषणों से सुसज्जित किया गया है। यहाँ आने वाले हर भक्त का यह दृढ़ विश्वास होता है कि माता उनकी हर इच्छा जरूर पूरी करेंगी। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सूत्रों के अनुसार, सौंदर्यीकरण का काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मंदिर के ऐतिहासिक आकर्षण को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने धन मुहैया करा दिया है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
इन कामो को किया जाएगा
मंदिर से एक स्काईवॉक बनाया जाएगा
पार्किंग से मंदिर तक एक कनेक्टिंग ब्रिज बनाया जाएगा।
फुटपाथ और बाक़ी रास्तों को बेहतर बनाया जाएगा।
बेहतर आवागमन के लिए स्टॉल को पुनर्गठित किया जाएगा।
पैदल यात्रियों की आवाजाही को कुशलतापूर्वक प्रबंधित किया जाएगा।
लेजर लाइट का इस्तेमाल
मंदिर के आसपास लेजर लाइटिंग होगी। चूंकि महालक्ष्मी मंदिर एक हेरिटेज स्थल है, इसलिए काम शुरू करने से पहले मुंबई हेरिटेज कमेटी से मंजूरी ली गई। मिट्टी की जांच भी की गई। डिजाइन में मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला को संरक्षित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र को बेहतर बनाया जाएगा। यह परियोजना प्रशासनिक मंजूरी के अंतिम चरण में है। बीएमसी कमिश्नर की मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुम्बई के होटलों, रेस्तरां और ढाबों में तंदूर रोटियां बनाने के लिए तंदूरी भट्टी मे कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा नहीं है कि अब होटलों में आप को तंदूरी रोटी नही मिलेगी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके लिए अलग-अलग होटल मालिकों और संचालकों को भट्टियों के विकल्प का सुझाव दिया है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वयं इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई महानगर पालिका की ओर से इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)
BMC का नोटिस जारी
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने इस संबंध में सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को नोटिस जारी कर दिया है। बीएमसी की इस कार्रवाई पर कुछ होटल मालिकों ने नाराजगी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि लकड़ी और कोयले की भट्टियां बंद करने से तंदूरी रोटी का स्वाद बदल जाएगा। हालांकि अदालत के आदेश के अनुसार, अब तंदूरी कोयला भट्टियों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)
बीएमसी ने नोटिस में क्या कहा?
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीएमसी ने कोयला और लकड़ी के भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएमसी ने कोयले से चलने वाले तंदूर ओवन का उपयोग करने वाले रेस्तरां, होटल और ढाबों को नोटिस जारी किया है। रसोईघर में कोयले से चलने वाली भट्टियों के स्थान पर बिजली उपकरण, सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी ईंधन का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)
बीएमसी ने होटल संचालकों को 7 जुलाई तक कोयला और लकड़ी से चलने वाले तंदूर ओवन को इलेक्ट्रिक उपकरणों में बदलने का निर्देश दिया है। बीएमसी ने नोटिस में चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। खास कर नोटिस में यह भी बताया गया है कि ऐसा नहीं किए जाने पर लायसेंस भी रद्द किया जा सकता है। ऐसे में होटल मालिकों के पास बीएमसी के आदेशों का पालन करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)
महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
धोखे से शादी
सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
सांप्रदायिक सोच
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
पक्षपात का आरोप
मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)