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  • RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA Order Against OmaxeChandigarh Extension Developers को 3BHK फ्लैट की पजेशन में देरी के मामले में ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश। Mumbai के Andheri East के होमबायर्स को मिला बड़ा राहत।

    मुंबई: रियल एस्टेट सेक्टर में देरी से परेशान होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Punjab Real Estate Regulatory Authority (RERA) ने Omaxe Chandigarh Extension Developers को आदेश दिया है कि वह मुंबई के Andheri East में रहने वाले दो घर खरीदारों को करीब ₹53.65 लाख का मुआवजा (compensation) दे। यह फैसला New Chandigarh, Mohali में स्थित “The Lake Project” में 3BHK फ्लैट की पजेशन में पांच साल से ज्यादा की देरी के कारण सुनाया गया है।

    मुंबई के होमबायर्स ने RERA में दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Reena Thakur और Sujit Thakur, जो मुंबई के Andheri East के निवासी हैं, द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया।

    दोनों ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की Section 31 के तहत RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से Advocate M Shahnawaz Khan ने पैरवी की, जबकि डेवलपर की ओर से Advocate Tejeshwar Singh अदालत में पेश हुए।

    2015 में बुक किया था 3BHK फ्लैट

    शिकायत के अनुसार, होमबायर्स ने 9 जुलाई 2015 को The Lake Project के Tower Caspean-B की 12वीं मंजिल पर एक 3BHK residential unit बुक किया था।

    इस फ्लैट की कुल कीमत ₹82,11,487 तय की गई थी।

    खरीदारों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90% से ज्यादा यानी ₹76,05,041 पहले ही डेवलपर को भुगतान कर दिया था।

    जनवरी 2019 तक मिलनी थी फ्लैट की पजेशन

    Buyer Agreement के अनुसार, डेवलपर को 42 महीने के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक फ्लैट का पजेशन देना था

    लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई और पांच साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी घर खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया

    RERA ने ₹53.65 लाख ब्याज के रूप में देने का आदेश दिया

    मामले की सुनवाई के बाद Punjab RERA ने Omaxe डेवलपर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई राशि पर Highest MCLR Rate + 2% के हिसाब से ब्याज दे।

    इस गणना के अनुसार कुल मुआवजा करीब ₹53,65,000 बनता है, जिसे डेवलपर को होमबायर्स को देना होगा।

    हर महीने बढ़ता रहेगा मुआवजा

    RERA के आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक डेवलपर Occupation Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेकर फ्लैट का वैध पजेशन नहीं देता, तब तक मुआवजा बढ़ता रहेगा।

    आदेश के मुताबिक हर महीने करीब ₹62,383 की दर से compensation बढ़ता रहेगा

    Covid-19 को अनंत समय तक बहाना नहीं बना सकता डेवलपर

    RERA ने अपने आदेश में साफ कहा कि डेवलपर कोविड-19 महामारी को हमेशा के लिए देरी का कारण नहीं बता सकता

    अथॉरिटी ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई है तो उसके लिए डेवलपर जिम्मेदार होगा और उसे खरीदारों को उचित मुआवजा देना पड़ेगा।

    आदेश का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई

    RERA ने चेतावनी दी है कि अगर डेवलपर इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ RERA Act की Section 63 के तहत अलग से non-compliance proceedings शुरू की जा सकती हैं।

    इसका मतलब है कि कंपनी को भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. RERA ने Omaxe को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया है?

    RERA ने करीब ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।

    2. यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?

    यह मामला The Lake Project, New Chandigarh (Mohali) से जुड़ा है।

    3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    मुंबई के Andheri East के निवासी Reena Thakur और Sujit Thakur ने शिकायत दर्ज कराई थी।

    4. फ्लैट कब तक मिलना था?

    Agreement के अनुसार 8 जनवरी 2019 तक पजेशन मिलना था।

    5. हर महीने कितना अतिरिक्त मुआवजा बढ़ेगा?

    जब तक पजेशन नहीं मिलता, ₹62,383 प्रति माह मुआवजा बढ़ता रहेगा।

  • Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Oमुंबई के Goregaon West में BMC ने Encroachment Removal Drive के तहत 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। SV Road और 5D Road पर फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेरकर बनाए गए ढांचे हटाए गए।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Goregaon West में 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई 10 मार्च को की गई, जिसे नगर निगम के P South Ward ने अपने Encroachment Removal Drive के तहत अंजाम दिया।

    नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इन दुकानों ने सड़क और सार्वजनिक जगह पर कब्जा कर रखा था, जिससे पैदल चलने वालों को काफी परेशानी हो रही थी।

    SV Road और 5D Road पर कार्रवाई

    कार्रवाई के दौरान Swami Vivekanand Road (SV Road) पर बनी 3 अवैध दुकानों को पूरी तरह तोड़ दिया गया

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    इसके अलावा Goregaon West के 5D Road पर बनी 10 दुकानों के अवैध बढ़े हुए हिस्सों को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन दुकानों ने फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेर रखी थी, जिससे लोगों के आने-जाने में दिक्कत हो रही थी।

    अवैध फेरीवालों पर भी हुई कार्रवाई

    नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि दुकानों के अलावा आसपास illegal hawkers के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    इन फेरीवालों की वजह से सड़क और फुटपाथ पर भीड़ बढ़ रही थी और यातायात तथा पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बाधित हो रहा था।

    कई विभागों ने मिलकर चलाया अभियान

    यह कार्रवाई Deputy Municipal Commissioner (Zone 4) Bhagyashree Kapse के मार्गदर्शन में की गई। वहीं अभियान का नेतृत्व P South Ward के Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    इस कार्रवाई में Maintenance Department, Encroachment Removal Department और Licensing Department के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।

    मशीनरी और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था

    इस अभियान में नगर निगम के 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    कार्रवाई के दौरान 1 JCB मशीन, 1 ट्रक, 1 मालवाहक वाहन और गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

    अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए Bangur Nagar Police Station की ओर से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।

    अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि illegal construction और encroachment के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    नगर निगम का कहना है कि सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

    मुलुंड में भी हाल ही में हुई थी बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले फरवरी महीने में Mulund West के Sardar Vallabhbhai Patel Road पर भी नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया था।

    उस दौरान 61 अवैध निर्माणों को तोड़ा गया और रेलवे स्टेशन के पास लगभग 1100 वर्ग मीटर अतिक्रमित जमीन खाली कराई गई

    इस कार्रवाई में 4 JCB मशीनें, 7 डंपर और अन्य उपकरण इस्तेमाल किए गए थे। करीब 70 नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद था।


    FAQ

    1. BMC ने Goregaon में कितनी दुकानों पर कार्रवाई की?

    BMC ने 13 अवैध दुकानों पर कार्रवाई की है।

    2. यह कार्रवाई कहां की गई?

    यह कार्रवाई Goregaon West के SV Road और 5D Road इलाके में की गई।

    3. इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?

    अभियान का नेतृत्व Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    4. कार्रवाई में कितने कर्मचारी शामिल थे?

    इस अभियान में 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    5. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?

    नगर निगम के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

  • Goregaon: सौतेली मां पर जिम वेट से हमला, 25 साल का युवक गिरफ्तार

    Goregaon: सौतेली मां पर जिम वेट से हमला, 25 साल का युवक गिरफ्तार

    मुंबई के Goregaon इलाके में 25 साल के युवक ने सौतेली मां पर जिम के वेट प्लेट से हमला कर दिया। Bangur Nagar Police ने आरोपी Abdul Rehman Sabir Ansari को गिरफ्तार कर लिया है। महिला को गंभीर चोटों के बाद अस्पताल में इलाज दिया गया।

    मुंबई: Goregaon West इलाके में पारिवारिक विवाद के चलते एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 25 साल के युवक ने अपनी सौतेली मां पर जिम के भारी वेट प्लेट से हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन Bangur Nagar Police की विशेष टीम ने उसे कुछ दिनों की तलाश के बाद गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस के अनुसार आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत (Police Custody) में भेज दिया गया है।

    आरोपी और घायल महिला की पहचान

    पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान Abdul Rehman Sabir Ansari (25) के रूप में हुई है। वहीं घायल महिला का नाम Fatima Mohammad Sakir Ansari (32) बताया गया है।

    फातिमा अपने पति Mohammad Sakir और चार बच्चों के साथ Goregaon के Anwar Chawl में रहती हैं। उन्होंने करीब चार साल पहले मोहम्मद साकिर से शादी की थी।

    पिता की दूसरी शादी से नाराज था आरोपी

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी Abdul Rehman अपने पिता की दूसरी शादी से काफी नाराज था। वह फातिमा को अपनी सौतेली मां के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहा था।

    पुलिस के अनुसार पिछले कई महीनों से दोनों के बीच इस बात को लेकर लगातार झगड़े और बहस हो रही थी।

    27 फरवरी को भी हुआ था बड़ा विवाद

    पुलिस ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को भी आरोपी और फातिमा के बीच बड़ा झगड़ा हुआ था। उस समय परिवार के अन्य रिश्तेदारों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया था।

    लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच तनाव बना हुआ था।

    3 मार्च की सुबह हुआ हमला

    पुलिस के अनुसार यह घटना 3 मार्च को सुबह करीब 11:15 बजे हुई। उस समय फातिमा घर पर बीमार थीं और उनके दो बच्चे भी घर में मौजूद थे।

    वहीं उनके पति Mohammad Sakir काम पर गए हुए थे।

    इसी दौरान आरोपी अब्दुल रहमान घर पहुंचा और पुराने विवाद को लेकर फातिमा से बहस शुरू कर दी।

    गाली-गलौज के बाद जिम वेट से हमला

    पुलिस के मुताबिक बहस के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। इस पर फातिमा ने उसे ऐसा करने से मना किया और पूछा कि वह उनके घर क्यों आया है।

    इस बात से गुस्से में आकर आरोपी ने जिम की भारी वेट प्लेट से उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    हमला करने के बाद आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गया।

    पड़ोसियों ने अस्पताल पहुंचाया

    घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत घायल फातिमा को Kandivali के Shatabdi Hospital पहुंचाया। वहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।

    इलाज के बाद फातिमा ने पुलिस को पूरी घटना बताई और अपने सौतेले बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन

    शिकायत मिलने के बाद Bangur Nagar Police ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। कई दिनों तक जांच और तलाश के बाद पुलिस की विशेष टीम ने 7 मार्च को Goregaon से Abdul Rehman को गिरफ्तार कर लिया।

    अदालत ने भेजा पुलिस हिरासत में

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है।


    FAQ

    1. यह घटना मुंबई के किस इलाके में हुई?

    यह घटना मुंबई के Goregaon West के Anwar Chawl इलाके में हुई।

    2. आरोपी कौन है?

    आरोपी का नाम Abdul Rehman Sabir Ansari (25) है।

    3. घायल महिला कौन है?

    घायल महिला का नाम Fatima Mohammad Sakir Ansari (32) है।

    4. हमला किस वजह से हुआ?

    पुलिस के अनुसार आरोपी अपने पिता की दूसरी शादी से नाराज था और इसी विवाद के चलते हमला हुआ।

    5. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को 7 मार्च को Goregaon से गिरफ्तार किया।

  • Kandivali में अवैध E-Cigarette रैकेट का भंडाफोड़, नाबालिग छात्रों को सप्लाई; दो आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali में अवैध E-Cigarette रैकेट का भंडाफोड़, नाबालिग छात्रों को सप्लाई; दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के Kandivali West में पुलिस ने अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का खुलासा किया। Class 11 के छात्रों को vaping devices देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 1.16 लाख रुपये के प्रतिबंधित सामान जब्त किए गए।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। Kandivali Police ने नाबालिग छात्रों को banned electronic cigarettes बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 1.16 लाख रुपये के प्रतिबंधित vaping products जब्त किए हैं। यह कार्रवाई Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत की गई है, जिसके तहत भारत में e-cigarette की बिक्री और वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

    पुलिस को गश्त के दौरान मिला सुराग

    पुलिस के अनुसार 2 मार्च को Sub-Inspector श्रीकांत मगर (Shrikant Magar) की टीम कांदिवली वेस्ट के इरानीवाड़ी इलाके में नियमित गश्त कर रही थी। उसी दौरान पुलिस ने कुछ Class 11 के छात्रों को e-cigarette पीते हुए (vaping) देखा।

    भारत में electronic cigarettes पर प्रतिबंध होने के कारण पुलिस ने तुरंत छात्रों से पूछताछ की।

    छात्रों ने बताया दोस्त से मिला था vaping device

    पूछताछ के दौरान छात्रों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह vaping device उनके दोस्त “मंथन” से मिला था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे जांच शुरू की और सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की।

    जांच के दौरान पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध की पहचान रोहित सभाजीत उपाध्याय (Rohit Sabhajit Upadhyay) के रूप में की, जो कांदिवली वेस्ट का रहने वाला है।

    आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान बरामद

    पुलिस ने रोहित उपाध्याय के घर पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान वहां से 131 प्रतिबंधित e-cigarettes और अलग-अलग कंपनियों के refill e-liquid bottles बरामद किए गए।

    जब्त किए गए इन सामानों की कीमत लगभग 78,500 रुपये बताई जा रही है।

    कुल 292 प्रतिबंधित सामान जब्त

    पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कुल 292 प्रतिबंधित items जब्त किए। इनमें e-cigarettes, e-liquids और विदेशी सिगरेट शामिल हैं। इन सभी की कुल कीमत लगभग 1.16 लाख रुपये बताई गई है।

    पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क खास तौर पर नाबालिग छात्रों को target कर रहा था, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

    Electronic Cigarettes Act के तहत कार्रवाई

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत मामला दर्ज किया है। इस कानून के अनुसार भारत में e-cigarette की बिक्री, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और विज्ञापन पूरी तरह गैरकानूनी है।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यह अवैध सप्लाई नेटवर्क और किन-किन इलाकों में सक्रिय था।

    नाबालिगों में बढ़ती vaping की समस्या

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में स्कूल और कॉलेज के छात्रों में vaping का चलन बढ़ता दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि पुलिस अब ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रख रही है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक e-cigarette का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और कम उम्र के बच्चों पर इसका असर और ज्यादा गंभीर हो सकता है।


    FAQ

    1. कांदिवली में क्या मामला सामने आया है?

    कांदिवली में पुलिस ने अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    3. पुलिस ने कितने सामान जब्त किए?

    पुलिस ने कुल 292 प्रतिबंधित items जब्त किए हैं।

    4. जब्त सामान की कीमत कितनी है?

    जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 1.16 लाख रुपये बताई गई है।

    5. भारत में e-cigarette क्यों बैन है?

    भारत में Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत e-cigarette की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।

  • महाराष्ट्र विधान परिषद में बड़ा फैसला: NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे के खिलाफ 30 दिन की जेल की सिफारिश

    महाराष्ट्र विधान परिषद में बड़ा फैसला: NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे के खिलाफ 30 दिन की जेल की सिफारिश

    महाराष्ट्र विधान परिषद की Privilege Committee ने NCP-SP नेता Suryakant More के खिलाफ 30 दिन की civil imprisonment की सिफारिश की है। उन पर Legislative Council Chairman Ram Shinde के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

    मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। महाराष्ट्र विधान परिषद (Maharashtra Legislative Council) की Privilege Committee ने NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे (Suryakant More) के खिलाफ 30 दिन की सिविल जेल (Civil Imprisonment) की सिफारिश की है। यह कार्रवाई उस बयान को लेकर की गई है जिसमें मोरे ने कथित तौर पर विधान परिषद के सभापति राम शिंदे (Ram Shinde) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

    मंगलवार को समिति ने अपनी रिपोर्ट परिषद में पेश की, जिसके बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है।

    Privilege Committee ने पेश की रिपोर्ट

    महाराष्ट्र विधान परिषद की Privilege Committee के चेयरमैन और भाजपा MLC प्रसाद लाड (Prasad Lad) ने मंगलवार को परिषद में अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि NCP-SP नेता सूर्यकांत मोरे को 30 दिनों की सिविल कैद दी जाए

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    उस समय परिषद की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने घोषणा की कि समिति की रिपोर्ट परिषद को सौंप दी गई है।

    Winter Session में लाया गया था Privilege Motion

    यह मामला तब शुरू हुआ जब भाजपा MLC प्रवीण दरेकर (Praveen Darekar) ने Winter Session के दौरान सूर्यकांत मोरे के खिलाफ Breach of Privilege Motion पेश किया था।

    दरेकर ने आरोप लगाया था कि मोरे ने अपने भाषण में विधान परिषद और उसके सभापति के पद का अपमान करने वाली टिप्पणी की है, जो विधानसभा की गरिमा के खिलाफ है।

    उपसभापति ने जांच के आदेश दिए

    इस मामले को गंभीर मानते हुए विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोऱ्हे (Neelam Gorhe) ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की पूरी जांच की जाए और सूर्यकांत मोरे के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए

    चुनावी रैली में दिया था विवादित बयान

    जानकारी के अनुसार यह विवादित बयान 23 नवंबर 2025 को अहमदनगर जिले के जामखेड़ (Jamkhed) नगर परिषद चुनाव के प्रचार के दौरान दिया गया था।

    रैली में बोलते हुए सूर्यकांत मोरे ने कथित तौर पर कहा था कि:

    • “लाल रंग के बैज की किसी को परवाह नहीं है…”
    • “विधान परिषद के सभापति के पास पंचायत समिति के अध्यक्ष जितनी भी ताकत नहीं है…”
    • “स्पीकर का काम सिर्फ वोट गिनने तक सीमित है…”
    • “विधान परिषद का लाल रंग सूखे का प्रतीक है…”

    इन टिप्पणियों को विधान परिषद की गरिमा के खिलाफ माना गया।

    रोहित पवार के करीबी माने जाते हैं मोरे

    सूर्यकांत मोरे NCP-SP के सक्रिय नेता हैं और उन्हें स्थानीय विधायक रोहित पवार (Rohit Pawar) का करीबी सहयोगी माना जाता है।

    इस वजह से यह मामला राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में आ गया है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस होने की संभावना है।

    महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल

    Privilege Committee की यह सिफारिश आने के बाद Maharashtra politics में हलचल बढ़ गई है। अब यह देखना होगा कि विधान परिषद इस रिपोर्ट पर क्या अंतिम फैसला लेती है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि परिषद समिति की सिफारिश को स्वीकार करती है, तो यह राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।


    FAQ

    1. सूर्यकांत मोरे कौन हैं?

    सूर्यकांत मोरे NCP-SP के नेता हैं और अहमदनगर जिले की राजनीति में सक्रिय हैं।

    2. उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों हो रही है?

    उन पर विधान परिषद के सभापति राम शिंदे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

    3. Privilege Committee ने क्या सिफारिश की है?

    समिति ने 30 दिन की सिविल जेल की सिफारिश की है।

    4. यह बयान कब दिया गया था?

    यह बयान 23 नवंबर 2025 को जामखेड़ नगर परिषद चुनाव की रैली में दिया गया था।

    5. मामला किसने उठाया था?

    भाजपा MLC प्रवीण दरेकर ने Winter Session में Privilege Motion लाकर यह मामला उठाया था।

  • Kandivali Vendor Action: BMC कमिश्नर भूषण गगराणी सख्त, अवैध फेरीवालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Kandivali Vendor Action: BMC कमिश्नर भूषण गगराणी सख्त, अवैध फेरीवालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Kandivali Lokhandwala Circle में BMC की कार्रवाई के दौरान भीड़ ने अधिकारियों पर हमला किया। इसके बाद BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और illegal vendors पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में illegal hawkers और footpath encroachment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) की टीम जब Kandivali के Vishwakarmanye Chowk (Lokhandwala Circle) इलाके में अवैध फेरीवालों को हटाने की कार्रवाई कर रही थी, उसी दौरान भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने 8 मार्च 2026 को खुद मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की और सख्त निर्देश जारी किए।

    कमिश्नर भूषण गगराणी ने किया घटनास्थल का दौरा

    घटना की गंभीरता को देखते हुए BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने रविवार (8 मार्च 2026) को Kandivali Lokhandwala Circle पहुंचकर पूरे इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने उस जगह का जायजा लिया जहां नगर निगम की टीम पर हमला हुआ था।

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    इस दौरान उन्होंने कार्रवाई में शामिल BMC officers और staff से भी मुलाकात की और उनसे पूरी घटना की जानकारी ली।

    अधिकारी और कर्मचारियों से की बातचीत

    कमिश्नर गगराणी ने उस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मुलाकात की जिन्हें कार्रवाई के दौरान भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा था। उन्होंने उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।

    अवैध फेरीवालों और अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई के आदेश

    निरीक्षण के दौरान BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने साफ निर्देश दिया कि इलाके में मौजूद सभी illegal hawkers, footpath encroachment और रास्ते में बाधा पैदा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ immediate और strict action लिया जाए।

    उन्होंने कहा कि फुटपाथ और सड़कों पर इस तरह का अतिक्रमण होने से traffic congestion और pedestrian movement दोनों पर असर पड़ता है।

    7 मार्च को हुई थी BMC की निष्कासन कार्रवाई

    दरअसल 7 मार्च 2026 को BMC के R South Ward की टीम ने Kandivali के Vishwakarmanye Chowk (Lokhandwala Circle) इलाके में अवैध फेरीवालों के खिलाफ encroachment removal drive चलाई थी।

    कार्रवाई के दौरान अचानक भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं, भीड़ ने BMC के वाहन और मशीनरी में भी तोड़फोड़ की।

    सड़क और फुटपाथ से हटवाए गए अवरोध

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    निरीक्षण के दौरान कमिश्नर गगराणी ने मौके पर खड़े होकर सड़क और फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों और अन्य अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने खास तौर पर देखा कि फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों और अन्य सामान से पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही थी।

    पिज्जा दुकान को तुरंत बंद करने का आदेश

    निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि एक pizza shop के बाहर delivery bikes खड़ी होने की वजह से सड़क पर ट्रैफिक बाधित हो रहा था।

    इस पर BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने तुरंत उस pizza shop को बंद करने का आदेश दे दिया।

    हमले में कॉलेज छात्रों की भी भूमिका

    कमिश्नर गगराणी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि illegal vendors के साथ कुछ local college students भी इस हमले में शामिल थे।

    इसको देखते हुए संबंधित कॉलेजों को सूचना भेजकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    गगराणी ने साफ कहा कि illegal hawkers, footpath encroachment और unauthorized construction के खिलाफ BMC anti-encroachment drive आगे भी लगातार जारी रहेगी।

    उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला करना पूरी तरह निंदनीय और अस्वीकार्य है।


    FAQ

    1. कांदिवली में BMC की कार्रवाई कब हुई?

    BMC ने 7 मार्च 2026 को Kandivali Lokhandwala Circle इलाके में अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

    2. BMC कमिश्नर कब मौके पर पहुंचे?

    8 मार्च 2026 को BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने घटनास्थल का दौरा किया।

    3. कार्रवाई के दौरान क्या हुआ था?

    कार्रवाई के दौरान भीड़ ने BMC अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला किया और वाहन व मशीनरी में तोड़फोड़ की।

    4. कमिश्नर ने क्या निर्देश दिए?

    उन्होंने illegal hawkers, footpath encroachment और रास्ते में बाधा पैदा करने वाले दुकानदारों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया।

    5. क्या इस घटना में छात्र भी शामिल थे?

    प्रारंभिक जांच में पता चला कि कुछ स्थानीय कॉलेज के छात्र भी भीड़ के साथ शामिल थे

  • Versova–Bhayander Coastal Road पर विवाद: 45,000 Mangroves बचाने के लिए Kandivali में नागरिकों का ‘March for Mangroves’

    Versova–Bhayander Coastal Road पर विवाद: 45,000 Mangroves बचाने के लिए Kandivali में नागरिकों का ‘March for Mangroves’

    Mumbai में प्रस्तावित Versova–Bhayander Coastal Road Project के खिलाफ Kandivali के Turzon Point पर नागरिकों ने ‘March for Mangroves’ निकाला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से करीब 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं, जो शहर को बाढ़ से बचाने वाली प्राकृतिक ढाल हैं।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित Versova–Bhayander Coastal Road Project को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। Kandivali के Charkop इलाके में शुक्रवार (6 मार्च 2026) को बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक Turzon Point पर जुटे और “March for Mangroves” नाम से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस हाई-स्पीड कोस्टल कॉरिडोर के निर्माण से करीब 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं, जो मुंबई के लिए Natural Flood Protection System की तरह काम करते हैं।

    BMC का 26 किमी हाई-स्पीड कॉरिडोर प्लान

    इस प्रोजेक्ट को Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) विकसित करना चाहती है। योजना के मुताबिक Versova से Bhayander तक 26 किलोमीटर लंबा Coastal Road Corridor बनाया जाएगा।

    BMC का दावा है कि इस हाई-स्पीड सड़क से Versova-Bhayander का सफर 120 मिनट से घटकर सिर्फ 18 मिनट रह जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे Traffic Congestion कम होगा और Fuel Consumption भी घटेगा

    45,000 Mangroves कटने की आशंका

    लेकिन पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट की कीमत 45,000 mangroves के विनाश के रूप में चुकानी पड़ेगी।

    Controversy-Versova-Bhayander-Coastal-Road-Citizens-Kandivali-March-Mangroves-news

    Mangroves को Mumbai की Natural Coastal Defence माना जाता है, जो समुद्री लहरों और बाढ़ के असर को कम करने में मदद करते हैं।

    “यह सड़क कुछ अमीर कार मालिकों के लिए”

    प्रदर्शन में शामिल Gaurang Vora ने कहा कि यह प्रोजेक्ट आम लोगों के हित में नहीं है।

    उनका कहना था:
    Mangroves are life. आखिर यह coastal road क्यों बनाई जा रही है? यह सिर्फ कुछ कार मालिकों के लिए है, जबकि इसका नुकसान लाखों लोगों को झेलना पड़ेगा।”

    Inland Afforestation को बताया गलत विकल्प

    सरकार ने इस प्रोजेक्ट के बदले Compensatory Afforestation यानी दूसरे इलाकों में पेड़ लगाने की योजना पेश की है।

    बताया गया है कि 1.3 लाख से ज्यादा पौधे Palghar और Chandrapur जैसे दूरदराज क्षेत्रों में लगाए जाएंगे

    लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Inland Forest कभी भी Coastal Mangroves का विकल्प नहीं हो सकता

    गौरंग वोरा ने कहा:
    “आप यहां mangroves काटकर कहीं और पेड़ नहीं लगा सकते। Inland forest कभी भी Coastal Shield नहीं बन सकता।”

    Mumbai में पहले ही घट चुके हैं Mangroves

    विशेषज्ञों के मुताबिक 1970 से 2000 के शुरुआती वर्षों के बीच Mumbai अपने 40% से ज्यादा mangroves खो चुका है

    हालांकि Bombay High Court ने 2000 के दशक में कई आदेश देकर mangroves के संरक्षण को बढ़ावा दिया, लेकिन नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण फिर से इन जंगलों पर खतरा मंडराने लगा है।

    Sea Level Rise और Flooding की चिंता

    प्रदर्शन में शामिल पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कहा कि Mumbai में हर साल लगभग 4.5 mm Sea Level Rise दर्ज किया जा रहा है।

    ऐसे में अगर mangroves खत्म होते हैं, तो शहर को भविष्य में और ज्यादा गंभीर Flooding का सामना करना पड़ सकता है।

    स्थानीय लोगों ने महसूस किए ‘Tremors’

    प्रदर्शन में मौजूद Chandrakant Suvarna ने एक और गंभीर चिंता जताई।

    उन्होंने बताया कि mangrove क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों को इमारतों में हल्के झटके (Tremors) महसूस हो रहे हैं।

    उनका आरोप है कि यह Land Filling और Construction Activity के कारण हो सकता है, जिससे जमीन की स्थिरता प्रभावित हो रही है।

    ‘Builder Nexus’ के आरोप

    चंद्रकांत सुवर्णा ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में Builder-Nexus काम कर रहा है।

    उनका कहना था कि
    “अधिकारियों को लोगों की चिंता नहीं है। उन्हें सिर्फ पैसा और प्रोजेक्ट दिखाई देता है।”

    Turzon Point पर बनी मानव श्रृंखला

    शाम ढलते-ढलते Turzon Point पर नागरिकों ने Human Chain बनाकर mangroves को बचाने का संदेश दिया।

    यह विरोध सिर्फ पेड़ों के लिए नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य, सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन के लिए था।

    लड़ाई अभी खत्म नहीं

    “March for Mangroves” खत्म हो गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Mangroves Protection Movement अभी शुरू हुआ है

    उनका सवाल है कि कुछ लोगों के 18 मिनट के सफर के लिए क्या लाखों लोगों की सुरक्षा से समझौता किया जा सकता है?


    FAQ (People Also Ask)

    1. Versova–Bhayander Coastal Road Project क्या है?

    यह 26 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कोस्टल रोड प्रोजेक्ट है, जिसे BMC प्रस्तावित कर रही है।

    2. इस प्रोजेक्ट से कितना समय बचेगा?

    BMC के अनुसार Versova से Bhayander का सफर 120 मिनट से घटकर 18 मिनट हो जाएगा।

    3. प्रदर्शन क्यों हुआ?

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से लगभग 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं

    4. सरकार का समाधान क्या है?

    सरकार ने Compensatory Afforestation के तहत 1.3 लाख पौधे लगाने का प्रस्ताव दिया है।

    5. प्रदर्शन कहां हुआ?

    यह विरोध Kandivali के Turzon Point और Charkop क्षेत्र में आयोजित किया गया।

  • Kandivali Hawker Clash: BMC कर्मचारियों पर हमले के बाद सियासत गरम, 5 गिरफ्तार

    Kandivali Hawker Clash: BMC कर्मचारियों पर हमले के बाद सियासत गरम, 5 गिरफ्तार

    Mumbai के Kandivali East स्थित Lokhandwala Complex में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC कर्मचारियों पर हमला हुआ। Samta Nagar Police ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी और जातिवाद की राजनीति को लेकर विवाद बढ़ गया है।

    मुंबई: Kandivali East स्थित Lokhandwala Complex Kandivali इलाके में फेरीवालों के अवैध कब्जे को हटाने पहुंचे Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के कर्मचारियों पर हमला होने के बाद मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है।

    घटना के बाद Mumbai Police की Samta Nagar Police Station टीम ने कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद जहां एक तरफ अवैध फेरीवालों पर कार्रवाई की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक बयानबाजी और जातिवाद की राजनीति को लेकर विवाद बढ़ गया है।

    Anti-Hawker Drive के दौरान हुआ हमला

    जानकारी के मुताबिक कांदिवली (पूर्व) के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स इलाके में BMC के R/South विभाग की टीम अवैध फेरीवालों को हटाने के लिए Anti-Hawker Drive चला रही थी।

    इसी दौरान कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया

    मौके पर मची अफरा-तफरी

    हमले के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया

    बताया जा रहा है कि भीड़ के गुस्से को देखते हुए मनपा अधिकारियों को अपनी सुरक्षा के लिए वहां से हटना पड़ा

    Samta Nagar Police ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

    घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:

    • Kuldeep Singh (27)
    • Mahendra Singh Chudavat (31)
    • Shaurya Shailesh Charla (29)
    • Jas Hitesh Charla (25)
    • Aslam Imtiaz Shaikh (27)

    पुलिस के अनुसार इस मामले की Further Investigation अभी जारी है।

    विधायक के बयान से बढ़ा विवाद

    इस घटना के बाद स्थानीय विधायक Atul Bhatkhalkar ने अपने बयान में कहा कि हमला करने वाले फेरीवाले बांग्लादेशी मुस्लिम हो सकते हैं और उनकी पहचान कर उन्हें मुंबई से बाहर निकाला जाएगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि कुछ हमलावर अन्य क्षेत्रों से बुलाए गए थे, जिनकी जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    गिरफ्तार आरोपी निकले भारतीय नागरिक

    हालांकि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि गिरफ्तार किए गए फेरीवाले हिंदू हैं और भारतीय नागरिक हैं

    इसके बाद सवाल उठने लगे कि बांग्लादेशी और मुस्लिम का मुद्दा क्यों उठाया गया

    स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

    इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक बयानबाजी से माहौल को अनावश्यक रूप से भड़काया जा रहा है

    लोगों का कहना है कि मनपा कर्मचारियों पर हमला करना निंदनीय है, लेकिन उसकी आड़ में जातीय या धार्मिक मुद्दा उठाना भी उतना ही गलत है

    भाजपा पर नफरत की राजनीति का आरोप

    कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि Bharatiya Janata Party (BJP) के नेता इस मुद्दे को जातिवाद और नफरत की राजनीति में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

    उनका कहना है कि विधायक को यह भी याद रखना चाहिए कि **Narendra Modi सरकार ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina को भारत में शरण दी हुई है।

    ऐसे में बिना तथ्यों के बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाना उचित नहीं है, ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है।

    “हमला निंदनीय, लेकिन राजनीति उससे भी ज्यादा”

    स्थानीय लोगों ने कहा कि मनपा कर्मचारियों पर हमला करना निश्चित रूप से निंदनीय है और कानून के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

    लेकिन उनका यह भी कहना है कि इस घटना की आड़ में वर्षों से धंधा कर रहे फेरीवालों को हटाने की साजिश करना उससे भी ज्यादा निंदनीय है


    FAQ (People Also Ask)

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना Mumbai के Kandivali East के Lokhandwala Complex इलाके में हुई।

    2. हमला किस पर हुआ?

    Anti-Hawker Drive के दौरान BMC कर्मचारियों पर हमला किया गया।

    3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

    इस मामले में 5 आरोपियों को Samta Nagar Police ने गिरफ्तार किया है

    4. विवाद क्यों बढ़ गया?

    स्थानीय विधायक के बांग्लादेशी और मुस्लिम होने के बयान के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप लेता जा रहा है।

    5. क्या पुलिस जांच जारी है?

    हाँ, पुलिस के अनुसार मामले की Further Investigation अभी जारी है।

  • Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai के Kandivali इलाके में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। Lokhandwala Circle के पास हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Samta Nagar Police मामले की जांच कर रही है।

    मुंबई: शहर में Illegal Hawkers के खिलाफ चलाए जा रहे Anti-Encroachment Drive के दौरान बड़ा बवाल हो गया। Kandivali इलाके में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया।

    इस मामले में Mumbai Police ने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से Viral Video के रूप में फैल रहा है।

    Lokhandwala Circle के पास चल रहा था Anti-Hawker Drive

    जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात Kandivali के Lokhandwala Circle इलाके में BMC की टीम अवैध फेरीवालों के खिलाफ Anti-Hawker Drive चला रही थी।

    इस दौरान अधिकारियों की टीम Illegal Street Vendors को हटाने और Encroachment हटाने की कार्रवाई कर रही थी।

    भीड़ ने अधिकारियों का पीछा कर किया हमला

    पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया

    इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से हटना पड़ा।

    Earthmover के ड्राइवर के साथ भी मारपीट

    पुलिस ने बताया कि Anti-Encroachment Operation में इस्तेमाल किए जा रहे Earthmover Machine के ड्राइवर को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा

    आरोप है कि भीड़ ने ड्राइवर के साथ भी मारपीट की, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।

    Samta Nagar Police Station में केस दर्ज

    घटना के बाद मामले की शिकायत Samta Nagar Police Station में दर्ज की गई।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    5 आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    • Kuldeep Singh (27)
    • Mahendra Singh Chudavat (31)
    • Shaurya Shailesh Charla (29)
    • Jas Hitesh Charla (25)
    • Aslam Imtiaz Shaikh (27)

    पुलिस के अनुसार मामले की Further Investigation अभी जारी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो सामने आने के बाद शहर में Illegal Hawkers, Encroachment Drive और Civic Safety को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना Mumbai के Kandivali इलाके के Lokhandwala Circle के पास हुई।

    2. हमला किस पर हुआ?

    Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों और Earthmover के ड्राइवर पर हमला किया गया।

    3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

    इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    मामला Samta Nagar Police Station में दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस किन धाराओं में जांच कर रही है?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

  • Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai के Borivali स्थित HCG Hospital पर मृत मरीज का शव देने से इनकार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने करीब 6 घंटे तक शव रोके रखा, जबकि ₹5 लाख का Mediclaim पहले ही मंजूर था।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के एक Hospital Billing Controversy ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। HCG Hospital पर आरोप लगा है कि उसने मृत मरीज का शव परिवार को देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अस्पताल का कुछ बिल बाकी था।

    यह घटना I.C. Colony, Borivali स्थित अस्पताल में बताई जा रही है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति Mumbai Police से मदद की अपील करता नजर आ रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो Vinod Pal नाम के सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया है।

    वीडियो में एक व्यक्ति दावा करता दिखाई दे रहा है कि अस्पताल ने बकाया मेडिकल बिल के कारण मृत मरीज का शव करीब 6 घंटे तक रोके रखा और परिवार को तुरंत भुगतान करने के लिए कहा।

    ₹5 लाख Mediclaim के बावजूद मांगे गए अतिरिक्त पैसे

    वीडियो में व्यक्ति का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था

    लेकिन मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की वजह बताने की बजाय बकाया भुगतान के बारे में पूछना शुरू कर दिया

    परिवार का दावा है कि अस्पताल ने लगभग ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग की और जब परिवार तुरंत भुगतान नहीं कर पाया तो शव देने से इनकार कर दिया

    “Dead Body Held Hostage” का आरोप

    वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मृत शरीर को ‘Hostage’ की तरह रोककर रखा है।

    परिवार का कहना है कि यह व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है और अस्पताल को ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

    पुलिस को बुलाया गया, लेकिन दखल नहीं दिया गया

    परिवार के मुताबिक जब अस्पताल ने शव देने से इनकार किया तो पुलिस को बुलाया गया

    हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी पहले बकाया बिल चुकाने की सलाह दी

    लिखित गारंटी देने की भी पेशकश

    परिवार ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे लिखित में गारंटी देने को तैयार हैं कि बाकी रकम बाद में चुका दी जाएगी

    उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मृतक की मां को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर इस पर भी तुरंत सहमति नहीं बनी।

    “कानून व्यवस्था का मामला नहीं” – पुलिस का जवाब

    परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनता, वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते

    व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से ज्यादा विवाद न करने की चेतावनी भी दी

    “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शव नहीं लेंगे”

    वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि अगर अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो परिवार शव लेने से ही इनकार कर देगा

    Mumbai Police ने मामले को आगे बढ़ाया

    इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Mumbai Police ने कहा कि शिकायत को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    निष्पक्ष जांच की मांग

    वीडियो पोस्ट करने वाले Vinod Pal ने पुलिस के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

    उन्होंने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृत शरीर को रोकना बेहद गंभीर और अमानवीय मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

    वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार का सदस्य है या नहीं

    पुलिस मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है


    FAQ (People Also Ask)

    1. मामला किस अस्पताल का है?

    यह मामला Borivali के HCG Hospital से जुड़ा बताया जा रहा है।

    2. परिवार का आरोप क्या है?

    परिवार का आरोप है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने मृत मरीज का शव देने से इनकार कर दिया

    3. क्या Mediclaim पहले से मंजूर था?

    हाँ, इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

    4. पुलिस ने क्या कहा?

    Mumbai Police ने बताया कि मामले को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है

    5. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है?

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार से जुड़ा है या नहीं