Category: हरियाणा

  • Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    Iran crisis और global oil supply impact के बीच Modi Government ने घरेलू इस्तेमाल के लिए kerosene supply बढ़ाने का फैसला लिया। जानिए कौन-कौन से राज्यों में मिलेगा फायदा।

    नई दिल्ली: दुनिया में बढ़ते Energy Crisis और ईरान से जुड़े तनाव के बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है।

    मुंबई स्टाइल में बोले तो – “अब गैस की टेंशन थोड़ी कम होने वाली है भाई!”

    रविवार को केंद्र सरकार ने ऐलान किया कि घरेलू जरूरतों के लिए kerosene distribution rules में ढील दी जाएगी, ताकि लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए परेशानी न हो।

    🌍 Middle East Crisis का सीधा असर

    मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान संकट के चलते global oil supply पर असर साफ दिख रहा है।

    👉 सप्लाई चेन डिस्टर्ब
    👉 fuel prices में उतार-चढ़ाव
    👉 LPG availability पर दबाव

    इसी को ध्यान में रखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने kerosene supply बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है।

    🛢️ क्या है सरकार का नया फैसला?

    सरकार ने पेट्रोलियम से जुड़े safety और licensing rules में temporary relaxation दिया है।

    👉 इसका मकसद:

    • आम लोगों को तुरंत राहत
    • fuel shortage से बचाव
    • rural और गरीब इलाकों में energy access बढ़ाना

    📍 इन 21 राज्यों/UTs में मिलेगा फायदा

    सरकार ने साफ किया है कि यह सुविधा देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी:

    • दिल्ली (NCT)
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • दादरा और नगर हवेली और दमन-दीव
    • पुडुचेरी
    • आंध्र प्रदेश
    • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
    • राजस्थान
    • उत्तर प्रदेश
    • गोवा
    • गुजरात
    • उत्तराखंड
    • लक्षद्वीप
    • जम्मू-कश्मीर
    • लद्दाख
    • तेलंगाना
    • हिमाचल प्रदेश
    • नागालैंड
    • मध्य प्रदेश
    • सिक्किम

    👉 यानी देश के बड़े हिस्से में अब kerosene आसानी से उपलब्ध होगा।

    ⛽ Petrol Pump से भी मिलेगा Kerosene

    नई व्यवस्था के तहत अब:
    👉 सरकारी तेल कंपनियां (Oil PSUs)
    👉 Petrol Pumps और retail outlets

    के जरिए भी kerosene बेच सकेंगी।

    📅 यह सुविधा अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी।

    👉 इससे फायदा:

    • लंबी लाइन से छुटकारा
    • पास के पंप से ही kerosene मिलेगा
    • supply shortage कम होगी

    📦 डीलर कितना स्टॉक रख सकेंगे?

    सरकार ने dealers को भी राहत दी है:

    👉 हर retail unit पर
    2500 लीटर तक kerosene stock रखने की अनुमति

    👉 इससे:

    • supply chain मजबूत होगी
    • emergency में तुरंत availability मिलेगी

    ⚖️ कानून में क्या प्रावधान है?

    यह फैसला पेट्रोलियम अधिनियम 1934 और 2002 के नियमों के तहत लिया गया है।

    👉 इन कानूनों में सरकार को special situations में
    rules relax करने का अधिकार होता है

    और अभी के global crisis को देखते हुए इसी power का इस्तेमाल किया गया है।

    👨‍👩‍👧‍👦 आम जनता को क्या फायदा?

    इस फैसले से सबसे ज्यादा राहत मिलेगी:

    👉 गरीब परिवार
    👉 ग्रामीण इलाके
    👉 जहां LPG पहुंच कम है

    अब वे:

    • kerosene से खाना बना सकेंगे
    • lighting की जरूरत पूरी कर सकेंगे
    • LPG price hike से बच पाएंगे

    🔗 Related Links (जानकारी के लिए)

    • Ministry of Petroleum Official Updates
    • Energy Crisis Global News
    • LPG vs Kerosene Usage Guide

    (लेटेस्ट अपडेट के लिए PIB India, Indian Oil, BPCL जैसी आधिकारिक साइट्स देखें)


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. क्या अब हर जगह kerosene मिलेगा?
    👉 नहीं, फिलहाल 21 राज्यों और UTs में ही यह सुविधा लागू होगी।

    Q2. क्या petrol pump पर kerosene मिलेगा?
    👉 हां, अब petrol pumps और retail outlets पर भी मिलेगा।

    Q3. यह सुविधा कितने समय के लिए है?
    👉 अभी के लिए 60 दिनों तक लागू रहेगी।

    Q4. एक डीलर कितना kerosene स्टॉक कर सकता है?
    👉 अधिकतम 2500 लीटर।

  • 2016 Encounter Case: मुंबई कोर्ट ने हरियाणा के 5 पुलिसकर्मियों समेत 7 आरोपियों को किया बरी

    2016 Encounter Case: मुंबई कोर्ट ने हरियाणा के 5 पुलिसकर्मियों समेत 7 आरोपियों को किया बरी

    Mumbai Court Verdict: 2016 Sandeep Gadoli Encounter Case में 5 Haryana Cops और 2 अन्य आरोपी बरी। Andheri East होटल एनकाउंटर केस में बड़ा फैसला।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर से एक बड़ा Encounter Case Verdict सामने आया है। साल 2016 के चर्चित Sandeep Gadoli Encounter Case में कोर्ट ने हरियाणा पुलिस के 5 कर्मियों समेत कुल 7 आरोपियों को बरी कर दिया है। यह मामला मुंबई के अंधेरी ईस्ट के एक होटल में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर से जुड़ा था।

    Sandeep-Gadoli-Encounter-Case
    संदीप गदोली की फाइल तस्वीर

    ⚖️ कोर्ट का बड़ा फैसला

    मुंबई की सेशन कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत काले ने सभी आरोपियों को Section 302 (murder) समेत अन्य धाराओं से बरी कर दिया।
    कोर्ट ने सबूतों के आधार पर आरोप साबित न होने पर यह फैसला सुनाया। हालांकि विस्तृत आदेश अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

    📍 क्या था पूरा मामला

    यह घटना 7 फरवरी 2016 की है, जब गुरुग्राम पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने गैंगस्टर संदीप गडोली को अंधेरी ईस्ट के एक होटल में मुठभेड़ में मार गिराया।
    गडोली पर ₹1 लाख का इनाम था और उसके खिलाफ 1999 से अब तक 40 से ज्यादा FIR दर्ज थीं।

    👮‍♂️ किन-किन पर थे आरोप

    इस मामले में पुलिस ने कुल 8 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें:

    • 5 हरियाणा पुलिसकर्मी
    • गडोली की कथित गर्लफ्रेंड दिव्या पाहुजा
    • उनकी मां
    • गैंगस्टर का राइवल वीरेंद्र गुज्जर

    शामिल थे।

    आरोपी पुलिसकर्मियों में

    • प्रद्युमन यादव (तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर)
    • विक्रम सिंह
    • जितेंद्र यादव
    • दीपक काकरान
    • परमजीत अहलावत

    के नाम शामिल थे।

    🕵️‍♂️ साजिश का आरोप क्या था

    प्रोसिक्यूशन के मुताबिक, गैंगस्टर वीरेंद्र गुज्जर की गडोली से पुरानी दुश्मनी थी।
    आरोप था कि उसने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर गडोली को जाल में फंसाया।

    बताया गया कि दिव्या पाहुजा के जरिए गडोली को होटल में बुलाया गया और फिर उसे फर्जी एनकाउंटर में मार दिया गया।

    🔫 कैसे किया गया एनकाउंटर

    प्रोसिक्यूशन ने दावा किया कि आरोपियों ने होटल में illegal firearms का इस्तेमाल कर गडोली को गोली मारी और बाद में खुद को बचाने के लिए झूठे सबूत पेश किए।

    📊 सबूत और गवाह

    इस केस में प्रोसिक्यूशन ने

    • 43 गवाह
    • CCTV फुटेज
    • कॉल रिकॉर्ड
    • बैलिस्टिक रिपोर्ट

    जैसे मजबूत तकनीकी सबूत कोर्ट के सामने पेश किए थे, ताकि यह साबित किया जा सके कि यह एक planned conspiracy murder था।

    ⚠️ दिव्या पाहुजा केस का अपडेट

    इस केस की अहम कड़ी मानी जा रही दिव्या पाहुजा की 2024 में हरियाणा के एक होटल में हत्या हो गई थी।
    वह उस समय जमानत पर बाहर थीं। उनकी मौत के बाद उनके खिलाफ केस स्वतः समाप्त (abated) हो गया।

    🛡️ बचाव पक्ष का क्या कहना था

    आरोपियों के वकील विलास नाइक और विग्नेश अय्यर ने कोर्ट में कहा कि
    यह पूरा मामला “false and malicious allegations” पर आधारित है।

    डिफेंस के मुताबिक, यह केस गडोली के परिवार के दबाव में दर्ज कराया गया था, जिन पर खुद extortion और murder जैसे गंभीर केस चल रहे हैं।

    🔗 Related Links


    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. संदीप गडोली कौन था?
    वह एक कुख्यात गैंगस्टर था, जिस पर ₹1 लाख का इनाम था और 40 से ज्यादा केस दर्ज थे।

    Q2. यह एनकाउंटर कब हुआ था?
    7 फरवरी 2016 को अंधेरी ईस्ट के एक होटल में।

    Q3. कोर्ट ने आरोपियों को क्यों बरी किया?
    सबूतों के आधार पर आरोप साबित नहीं हो सके।

    Q4. दिव्या पाहुजा का क्या हुआ?
    2024 में हरियाणा के एक होटल में उनकी हत्या हो गई थी।

  • Mumbai Crime: तली हुई मछली के शक में दोस्त की हत्या, बाद में पता चला चूहों ने खाई थी मछली

    Mumbai Crime: तली हुई मछली के शक में दोस्त की हत्या, बाद में पता चला चूहों ने खाई थी मछली

    Mumbai Murder Case: Goregaon में तली हुई मछली गायब होने के शक में दो दोस्तों ने 35 वर्षीय Afser की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में पता चला कि मछली इंसान नहीं बल्कि चूहों ने खा ली थी। Vanrai Police ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: Goregaon इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां तली हुई मछली गायब होने के शक में दो दोस्तों ने अपने ही साथी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में जांच में पता चला कि जिस मछली को लेकर विवाद हुआ था, उसे किसी इंसान ने नहीं बल्कि चूहों ने खा लिया था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों को हैरान कर दिया है।

    24 फरवरी की रात हुई यह खौफनाक घटना

    पुलिस के अनुसार यह घटना 24 फरवरी को Goregaon, Mumbai में हुई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय अफसर (Afser) के रूप में हुई है।9

    उस दिन अफसर अपने दो दोस्तों सुरेश और राजेश रामेशनाथ उर्फ “Nepali” के साथ अपने फ्लैट में बैठा हुआ था। तीनों ने मिलकर मछली पकाई और शराब पीते हुए समय बिताया। खाना तैयार होने के बाद तीनों वहीं बैठते-बैठते सो गए।

    रात में रसोई में पहुंच गए चूहे

    जब तीनों दोस्त सो रहे थे, उसी दौरान रसोई में रखी तली हुई मछली को चूहों ने खा लिया

    सुबह जब सुरेश और राजेश की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि पैन का बर्तन पूरी तरह खाली है। उन्हें लगा कि अफसर ने रात में उठकर सारी मछली खा ली है।

    मछली को लेकर शुरू हुआ विवाद

    मछली गायब होने की बात पर तीनों के बीच बहस शुरू हो गई। शुरुआत में यह सिर्फ कहासुनी थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला गंभीर हो गया।

    दोनों दोस्तों को शक था कि अफसर ने अकेले ही सारी मछली खा ली, जिस वजह से उनका गुस्सा बढ़ता गया।

    लात-घूंसों से हमला, फिर पत्थर से सिर कुचल दिया

    पुलिस के अनुसार बहस के दौरान सुरेश और राजेश ने अफसर को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया

    मारपीट इतनी ज्यादा हो गई कि आरोपियों ने लात-घूंसों से हमला करने के बाद पत्थर से उसका सिर कुचल दिया। इस हमले में अफसर की मौके पर ही मौत हो गई

    हत्या के बाद हरियाणा भाग गए आरोपी

    हत्या करने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और हरियाणा की तरफ भाग गए

    इसके बाद मुंबई के Vanrai Police Station में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

    बिना मोबाइल और पहचान के आरोपियों को पकड़ना था मुश्किल

    पुलिस के लिए यह केस काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि आरोपियों के पास न मोबाइल फोन था और न कोई पहचान पत्र

    जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में रहने वाले करीब 50 कबाड़ बीनने वालों (scrap collectors) से पूछताछ की। इसी पूछताछ से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    ऐसे पकड़े गए दोनों आरोपी

    जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सुरेश को हरियाणा के कैथल (Kaithal) से गिरफ्तार किया।

    वहीं दूसरा आरोपी राजेश रामेशनाथ उर्फ “Nepali” को मालाड़ के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

    तीनों करते थे कबाड़ का काम

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अफसर, सुरेश और राजेश तीनों कबाड़ (scrap collection) का काम करते थे और अक्सर साथ में रहते थे।

    जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी राजेश का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

    आरोपी पर पहले भी गंभीर केस दर्ज

    पुलिस के अनुसार राजेश पर पहले भी हत्या और रंगदारी (extortion) जैसे गंभीर मामलों में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।

    फिलहाल पुलिस ने अफसर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    छोटी गलतफहमी का बड़ा अंजाम

    मुंबई का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि शक और गुस्सा इंसान को कितना खतरनाक बना सकता है

    अगर उस समय थोड़ी समझदारी दिखाई जाती, तो शायद आज अफसर जिंदा होता। एक मामूली गलतफहमी ने एक इंसान की जिंदगी खत्म कर दी।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Goregaon murder case में मृतक कौन था?
    मृतक की पहचान 35 वर्षीय अफसर (Afser) के रूप में हुई है।

    Q2. हत्या की वजह क्या थी?
    आरोपियों को शक था कि अफसर ने सारी तली हुई मछली खा ली, जबकि बाद में पता चला कि मछली चूहों ने खाई थी

    Q3. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
    इस केस में दो आरोपी — सुरेश और राजेश रामेशनाथ उर्फ Nepali गिरफ्तार हुए हैं।

    Q4. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    सुरेश को हरियाणा के कैथल से और राजेश को एक रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

    Q5. केस की जांच कौन कर रहा है?
    इस मामले की जांच Vanrai Police, Mumbai कर रही है।

  • Mumbai Crime: Goregaon में scrap के पैसों के झगड़े में कचरा बीनने वाले की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime: Goregaon में scrap के पैसों के झगड़े में कचरा बीनने वाले की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime News: Goregaon के Hanuman Tekri इलाके में एक homeless scrap collector की हत्या के मामले में Vanrai Police ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में पत्थर से हमला कर हत्या की गई।

    मुंबई: Goregaon इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक बेघर कचरा बीनने वाले की हत्या कर दी गई। इस मामले में Vanrai Police ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

    Hanuman Tekri के पास मिला घायल व्यक्ति

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि Goregaon के Hanuman Tekri इलाके के पास एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है

    पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तुरंत Jogeshwari East के Trauma Care Hospital ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया

    पहले ADR केस दर्ज, बाद में हत्या का शक

    शुरुआत में Vanrai Police ने मामले को Accidental Death Report (ADR) के तहत दर्ज किया था।

    लेकिन शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को मृतक के सिर पर गंभीर चोटें दिखाई दीं। यह चोटें संदिग्ध लगने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को हत्या के एंगल से आगे बढ़ाया।

    मृतक की पहचान शुरू में नहीं हो सकी

    मृतक के पास कोई पहचान पत्र नहीं था, इसलिए कुछ समय तक उसकी पहचान नहीं हो सकी।

    इसके बाद पुलिस ने दो अलग-अलग investigation teams बनाईं और मृतक की तस्वीरें Goregaon-Dahisar belt में काम करने वाले scrap collectors के बीच दिखाई गईं।

    पुलिस ने करीब 50 से 70 कचरा बीनने वालों को फोटो दिखाए। आखिरकार उनमें से कुछ लोगों ने मृतक की पहचान Azhar के रूप में की।

    Azhar के साथ काम करते थे दो साथी

    जांच में सामने आया कि Azhar scrap collection का काम करता था और उसके साथ दो लोग अक्सर काम करते थे —

    • Suresh उर्फ “Kaliya”
    • Salim उर्फ “Nepali”

    पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि घटना वाले दिन से ही दोनों साथी लापता थे, जिससे उन पर शक और मजबूत हो गया।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि

    अस्पताल से आई post-mortem report में पुष्टि हुई कि Azhar की मौत सिर पर हमले से लगी चोटों के कारण हुई

    इसके बाद पुलिस ने unknown persons के खिलाफ murder case दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    Haryana और Malad से दोनों आरोपी गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस ने Suresh उर्फ “Kaliya” को Haryana से ट्रेस कर हिरासत में लिया।

    पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अपराध कबूल किया और बताया कि उसने अपने साथी Salim उर्फ “Nepali” के साथ मिलकर Azhar की हत्या की थी।

    इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी Salim को Malad के Pathanwadi इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    पत्थर से सिर पर वार कर की हत्या

    पुलिस के अनुसार, scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर तीनों के बीच विवाद हुआ था।

    बहस के दौरान आरोपियों ने पत्थर से Azhar के सिर पर कई बार हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    अब पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Goregaon murder case में मृतक कौन था?
    मृतक की पहचान Azhar के रूप में हुई है, जो scrap collector का काम करता था।

    Q2. हत्या किस वजह से हुई?
    पुलिस के अनुसार scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था।

    Q3. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    इस केस में दो आरोपी — Suresh उर्फ Kaliya और Salim उर्फ Nepali को गिरफ्तार किया गया है।

    Q4. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    एक आरोपी को Haryana से और दूसरे को Malad के Pathanwadi इलाके से गिरफ्तार किया गया।

    Q5. मामले की जांच कौन कर रहा है?
    इस केस की जांच Vanrai Police, Mumbai कर रही है।

  • कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    दुनिया की निगाहों में भारत की गवाही और भारत के बीच हुए लगातार आतंकी हमलों पर विदेश नीति और संसद में खड़े होकर छपरी और टपरी जैसे भाषण कि “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” और पाकिस्तानी हमले पर ट्रम्प का सीजफायर। भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत ही नहीं दे पा रहा।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    संसद का मानसून सत्र चल रहा। बिहार में वोट काटने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा। रोहिंग्या बांग्लादेश और नेपाली के नाम पर लाखों नाम काट डाले गए। blo लोगों के घर जाकर सत्यापन करने की जगह ऑफिस में बैठकर फॉर्म में नाम लिखकर खुद ही वोटर के हस्ताक्षर कर रहे। विपक्षी उनके वोटरों के नाम काटने के आरोप लगाए। पत्रकार अजीत अंजुम ने मोबाइल द्वारा चुनाव आयोग के खेल को सबूत सहित सार्वजनिक किया तो उनपर एफआईआर कर दी गई यानी सच दिखाने का दंड दिया गया।

    लोकतंत्र का हिस्सा

    संसद में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में सत्ता विपक्ष में वाक्युद्ध चल ही रहा था, कि सीजफायर की भी बात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 बार कहे गये वक्तव्य, कि “हमने ट्रेड की धमकी देकर युद्ध रुकवा दी।” पर विपक्ष ने हमला बोला। यही जीवंत लोकतंत्र है। ट्रंप ने खुद अपने एक्स हैंडल पर शाम 5.35 पर सीजफायर की घोषणा की। भारत की तरफ से नहीं। संसद में सत्ता ने उत्तर नहीं दिया। विपक्ष मांग करता रहा कि पीएम आकर कहें कि ट्रंप ने वॉर नहीं रुकवाई। रक्षामंत्री ने कहा पीओके लेना हमारा मकसद नहीं फिर भाजपा ने बार बार कांग्रेस और नेहरू पर आरोप क्यों लगाए?

    संसद में होती है गुंडो की भाषा

    पहलगाम में कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी आए और धर्म पूछकर मारा जिसके प्रमाण नहीं। संसद के मानसून सत्र के समय ही  सेना ने घोषित किया कि मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए। इससे पूर्व जिन कथित आतंकियों के स्क्रेच जारी किए गए गवाह ने उसे गलत कहा। अहम बात यह कि सत्ता के दंभ में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” क्या ऐसे स्पीकर और राज्यसभा के सभापति सदन की मर्यादा बचाने की कोशिश करेंगे? “मुझसे निपट लो।” क्यों भाई पीएम हो क्या? ऐसी भाषा किसी गली का गुंडा या फिर माफिया ही बोल सकता है। लेकिन विपक्ष को टोकने वाले सत्ता की असंसदीय भाषा की अनसुनी करते हुए पद की गरिमा खो चुके हैं।

    जवाब देने से क्यों भागती है मोदी सरकार?

    मोदी सरकार वर्तमान में अपने से संबंधित बात पर चर्चा करने से भागती है। मोदी दिल्ली में ही है लेकिन सदन में आ नहीं सकते। ऐसा मणिपुर मामले में किया था। अंतिम समय में आए भी तो क्या कुछ कहा दुनिया जानती है। प्रधानमंत्री होने के नाते कभी मणिपुर गए ही नहीं। इसी तरह उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम भी नहीं गए। यह सही है कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 27 भारतीयों को जान गंवानी पड़ी। विपक्ष सवाल पूछता रहा, सवा सौ किलोमीटर दूर पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे आए? लोगों से कथित रूप से धर्म पूछा। पेंट खुलवाकर देखा कौन सा धर्म है। बीजेपी के मंत्रियों में तनिक भी विधवा हुई महिलाओं के प्रति सम्मान भाव नहीं देखा गया। बड़ी बेशर्मी से कहा गया, महिलाओं में वीरांगना भाव नहीं था। एक ने तो कर्नल सोफिया के लिए आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। यही है इनका सेना के प्रति सम्मान भाव।

    Priyanka-gandhi-news

    कांग्रेस पर सवाल उठाने का नतीजा

    अब सेशन में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जवाब हो रहे हैं। इसी बीच उन दरिंदे आतंकवादियों को सेना द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही गई। यहां टाइमिंग का सवाल जरूर उठता है। विपक्ष के प्रधान की पुलवामा में उपयुक्त आरडीएक्स कहां से आया सत्ता के पास कोई उत्तर है ही नहीं। कांग्रेस फोबिया से पीड़ित बीजेपी सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया। मुंबई आतंकी हमले का आरोप लगाकर अपने आरोप ढकने और जायज़ ठहराने की नाकाम कोशिश की। जिस पर प्रियंका गांधी ने आड़े हाथों लेते हुए जवाब दिया। मुंबई हमले के सारे आतंकियों को भून दिया गया। एक जीवित आतंकी कसाब को पकड़कर फांसी दी गई। जिसे दुनिया ने देखा और भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी दिखाई दी। आतंकवाद की सर्वत्र आलोचना की गई।

    इस्तीफे देने का दायित्व

    यही नहीं कांग्रेस में दायित्वबोध जवाबदेही होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और गृहमंत्री ने खुद को दोषी समझकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन यह भूल गई प्रियंका कि बीजेपी में दायित्व बोध जवाबदेही और इस्तीफा देने की समझ है ही नही। अगर  नैतिकता होती तो मणिपुर मामले में इस्तीफा दिया गया होता। उरी, पठानकोट और पुलवामा की असफलता पर इस्तीफे की झड़ी लग गई होती। प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन से इस्तीफा मांगने वाले क्यों नहीं अपने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते?

    सरकार ने दिया सेना को धोखा

    इस्तीफा तो विदेश मंत्री को भी देना चाहिए था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के पूर्व पाकिस्तान को सूचना दे दी, जिससे हमारे विमान मार गिराए गए। पीएम मोदी से इस गलत बयानी और प्रचार पर इस्तीफा मांगते कि उन्होंने दावा किया था सेना को खुली छूट दी है समय और स्थान सेना तय करे जबकि फौजी अधिकारियों ने बार बार मोदी के दावे की पोल खोली है। यही नहीं एयर मार्शल भी कह चुके हैं कि “जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो वादा क्यों करते हो?”

    कांग्रेस और मोदी में अंतर?

    आज तक सत्ता का कोई भी उन मारे गए पर्यटकों के घर जाने की जरूरत नहीं समझी जब कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जाकर उनके जख्मों पर मरहम लगा चुके हैं। राहुल गांधी की राजनीति सर्व ग्राही है। इसीलिए वे मणिपुर जाकर पीड़ितों के ज़ख्म सहला चुके हैं उनके विपरीत पीएम मोदी शहीदों के नाम पर वोट ही नहीं मांगे बल्कि कानून नियम के विरुद्ध सेना की वर्दी पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय लेते हुए अपनी फोटो डालकर पोस्टर चिपकवा चुके हैं। पाकिस्तान के दो टुकड़े करने और 95 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश इंदिरा गांधी ने कभी भी नहीं की।

    टैक्स का बोझ सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार

    दरअसल हिंदू-मुस्लिम कर चुनाव आयोग द्वारा छल कपट और गलत काम कराकर चुनाव जीतना ही मोदी का एकमात्र लक्ष्य है। फर्जी वोटर बढ़वाकर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली चुनाव जीतने के बाद बिहार में वोटरों को बाहर करने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा है। मोदी सरकार अपने 11 साल के शासन में किए गए कार्य पर वोट मांगने की हिम्मत कर ही नहीं सकते। क्योंकि किसान, मजदूर, युवाओं, छात्रों, गृहिणियों के जीवन को दूभर बना दिया है। टैक्स का इतना भार दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। सुविधा के नाम पर सर्वत्र भ्रष्टाचार ही हुआ है।

    प्रशासन का गलत इस्तेमाल

    सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न सकें। परीक्षा में अनियमितता के विरोध में छात्र हितों के खातिर जब शिक्षक दिल्ली में रैली कर रहे थे तब पुलिस द्वारा शिक्षकों को घसीट कर बस में जबरन बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ा गया। इस कार्य में दिल्ली पुलिस सिद्धहस्त है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी से न्याय मांगने महिला पहलवान जब दिल्ली के जंतर मंतर पर रैली निकाले हुए धरने पर बैठी थी तब भी अमित शाह के आदेश पर उन्हें घसीटा और बसों में जबरन लादकर दूर ले जाकर छोड़ा गया था।

    विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने दावा?

    दिल्ली पुलिस वही है जो हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा के घर आग लगने से जली झुलसी नोटो की गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जांच करना तो बड़ी दूर की बात, जिस राष्ट्र में शिक्षकों को अपमानित किया जाए। उन्हें घसीटकर बसों में ठूंसा जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चालीस पचास लाख रुपयों में बेचा जाए। सड़कें पहली ही बरसात में बहने लगें। पुल बनते समय या उदघाटन के पहले ही जल समाधि लेने लगें। ये सारे करतूतें भ्रष्टाचार सामने दिखता ही नहीं बल्कि चीख-चीख कर बोलता भी है। उस देश को वहां की सरकार जो विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने का दावा करे, जहां की अस्सी करोड़ जनता को गरीबी रेखा से नीचे रखने का षडयंत्र रचा जाए, क्या कहा जा सकता है?

    विदेशनीति पर सवाल?

    ऐसी विदेशनीति को क्या कहा जाए कि अरबों रुपए जनता के पैसे फूंककर विश्व की यात्रा की जाए। लेकिन पाकिस्तान युद्ध के समय दुनिया का एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आए। अमेरिका का राष्ट्रपति धमकी देता रहे। राष्ट्र को अपमानित करता रहे लेकिन सत्ता में हिम्मत नहीं जो कह सके ट्रंप झूठ बोल रहा है। उसी ट्रंप ने रूस से तेल खरीदना बंद करा दे जबकि हमारा पड़ोसी चीन अमेरिका के आंखों में आँखें डालकर जवाब देता हो। सबसे विश्वसनीय देश रूस को भी दूर कर दे ऐसी विदेशनीति जो अमेरिका की गोद में बैठी हो क्या कहा जाएगा?

    दुनिया की निगाहों में भारत?

    भारत ने डेलिगेशन भेजे बताने के लिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला करके 27 बेकसूरों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके लिए जीरो टॉलरेंस अपनाकर हमने पाकिस्तानी आतंकवादियों के अड्डों पर सीमित हमले कर सौ आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कोई राष्ट्र यकीन नहीं कर रहा। क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं जैसा कि मणिशंकर ने कहा है जिसका अर्थ दुनिया समझती है भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत नहीं दे पा रहा। मुंबई हमले में कसाब को जिंदा सबूत दिखाया गया था। यानी पाकिस्तानी आतंकवाद की गुहार कोई सुनने के लिए तैयार नहीं उलटे ट्रंप हम पर 25% टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 100% पेनल्टी लगाने की घोषणा कर दी। संसद में भले दावा किया गया हो कि पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। दुनिया की निगाहों में भारत झूठ बोल रहा।

  • 12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    12वीं पास युवाओं को मिलेगा फ्री कंप्यूटर कोर्स और 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप

    Free Computer Training Scheme: डिजिटल भारत मिशन के तहत भारत सरकार ने फ्रि कंप्यूटर कोर्स के साथ 15 हजार रुपये के आर्थिक मदद देने ऐलान कर दिया है। यह स्कॉलरशिप 12वीं पास युवाओं के लिए आरक्षित कर दी गई है। आईये जानते हैं कैसे और कहां करें आवेदन? 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    भारत सरकार ने डिजिटल भारत मिशन को आगे बढ़ाते हुए 12वीं पास युवाओं के लिए एक बेहद लाभकारी योजना की शुरुआत की है। फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना 2025 के अंतर्गत अब युवाओं को मुफ्त में कंप्यूटर कोर्स करने का अवसर मिलेगा, साथ ही 15000 रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    बेसिक से एडवांस

    इस योजना के माध्यम से छात्र न केवल बेसिक से लेकर एडवांस कंप्यूटर स्किल्स सीख सकेंगे, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। यह मदद सीधे छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाऐंगे ताकि वे कोर्स के दौरान आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?

    फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना का लाभ केवल उन्हीं युवाओं को मिलेगा जो भारत के नागरिक होंगे। जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और जिनकी उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होगी। इसके साथ ही, परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आवेदक ने पहले से किसी संस्थान से कंप्यूटर कोर्स नहीं किया होना चाहिए। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

    इस योजना के अंतर्गत युवाओं को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, इंटरनेट का उपयोग, डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा, टाइपिंग, ईमेलिंग और सरकारी पोर्टल्स पर कार्य करना सिखाया जाएगा। कोर्स की अवधि 3 से 6 महीने की होगी और यह पूरी तरह से सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा कराया जाएगा। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?

    इच्छुक उम्मीदवार अपने राज्य की स्किल डेवलपमेंट या श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर “Free Computer Training Scheme” दर्शाया गया होगा। उसी पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन करें। इसी के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे – आधार कार्ड, 12वीं की मार्कशीट, फोटो, बैंक पासबुक आदि अपलोड करें और आवेदन सबमिट कर दें। कुछ राज्यों में यह सुविधा CSC केंद्रों पर भी उपलब्ध हो चुकी है।

    योजना के प्रमुख लाभ

    योजना के तहत युवाओं को न केवल मुफ्त कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि कोर्स पूरा करने के बाद एक सरकारी प्रमाणपत्र भी मिलेगा। साथ ही 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट भी मुहैया कराया जाएगा, जिससे युवाओं को करियर की दिशा में बेहतर अवसर मिल सकें। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    किन राज्यों में शुरू हुई यह योजना?

    यह योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम में लागू हो चुकी है। अन्य राज्यों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    युवाओं को रोजगार में लाभ

    इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली ट्रेनिंग से छात्र सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों में रोजगार के लिए तैयार होंगे। डिजिटल इंडिया, CSC केंद्र, बैंकिंग, बीमा, डेटा एंट्री और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में इन युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

    युवाओं का अनुभव और आत्मविश्वास

    कई युवाओं ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से उन्हें न केवल टेक्निकल स्किल्स मिलीं बल्कि नौकरी पाने में भी आसानी हुई। कुछ छात्रों को स्थानीय कंपनियों में 10000 रुपये से 15000 रुपये प्रति माह की शुरुआती नौकरी भी मिली है। 12th pass youth will get free computer course and scholarship of 15 thousand rupees

  • Mumbai: अंधेरी से बांद्रा तक का किराया 90 हजार रुपये, ऑटोरिक्शा चालक ने ठग लिया

    Mumbai: अंधेरी से बांद्रा तक का किराया 90 हजार रुपये, ऑटोरिक्शा चालक ने ठग लिया

    बांद्रा पश्चिम के रहने वाले 30 वर्षीय हरियाणवी को एक ऑटोरिक्शा ड्राईवर ने अंधेरी से बांद्रा तक के सफर के बदले 90 हजार 518 रुपये का चुना लगा दिया। इसके पहले पीड़ित से ऑटो ड्राईवर की बहस भी हुई। Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    मुंबई: बांद्रा पुलिस ने एक 30 वर्षीय व्यक्ति की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है, जिसके साथ 10 अप्रैल को अंधेरी से बांद्रा तक सफर के लिए ऑटोरिक्शा चालक ने 90, 518 रुपए ठग लिए। गलती ये हुई कि वह अपना चश्मा एक रेस्टोरेंट में भूल गया था, इसलिए फरियादी ने पैसा ट्रान्सफर करने के लिए अपना मोबाइल फोन ऑटो चालक को दे दिया। बांद्रा पश्चिम का रहने वाला हरियाणवी जब अंधेरी से बांद्रा पहुंचा तो ऑटो चालक के हिसाब से पैसा लेने से इनकार करते हुए जबरन 1500 रुपए मांगे। शिकायतकर्ता ने पहले तो बहस किया, लेकिन बाद में झगड़े से बचने के लिए आखिरकार वह पैसे देने के लिए तैयार हो गया। Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    मोबाइल फोन और पासवर्ड दे दिया

    फरियाद को आंखों का प्रोब्लम है जिसके कारण उसने अपना मोबाइल फोन ऑटो चालक को दे दिया, ताकि वह गूगल पे के जरिए पेमेंट कर सके और पैसा ट्रान्सफर करने के लिए पासवर्ड भी दिया। बांद्रा पुलिस के अनुसार, ऑटो चालक ने स्थिति का फायदा उठाते हुए धोखे से मोहम्मद फुरकान शेख नामक व्यक्ति के खाते में 90 हजार 518 रुपए ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद शेख ने पैसे तीन या चार बैंक खातों में ट्रांसफर किया और बाद में निकाल भी लिया। पुलिस को संदेह है कि मोहम्मद फुरकान शेख ही ऑटोरिक्शा चालक रहा होगा जिसके खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    रातभर चली पार्टी

    बांद्रा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रात करीब 12.30 बजे फरियादी अपने दोस्तों के साथ अंधेरी के एक रेस्टोरेंट में गया था। सुबह करीब 5.45 बजे उसने घर लौटने के लिए रेस्टोरेंट के बाहर से ऑटोरिक्शा लिया। अधिकारी ने कहा, “सफर के दौरान ऑटो चालक ने लंबा रास्ता लिया, जिसकी वजह से दोनों में बहस हुई। जब वो दोनों बांद्रा पहुंचे, तो ऑटो चालक ने मीटर से चार्ज करने के बदले 1500 रुपये मांगे। शिकायतकर्ता ने पहले 500 रुपये देने का फैसला किया, लेकिन चालक 1500 रुपये से कम लेनो को तैयार नही था लगातार बहस करने लगा।” Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    नींद खुली तब पता चला

    अधिकारी ने कहा, “मामले को खत्म करने के लिए शिकायतकर्ता ने बड़ी रकम देने के लिए सहमत हो गया और अपना फोन चालक को दे दिया, जिसने बाद में ट्रांजेक्शन किया और मोबाइल फोन वापस कर दिया। इसके बाद वह घर जाकर सो गया। सुबह करीब 11 बजे जब वह उठा, तो उसने अपना फोन चेक किया, तो पता चला कि ऑटो चालक ने 90 हजार 518 रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं।” Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    बैंक में क्या हुआ?

    शिकायतकर्ता ने तुरंत अपने बैंक को सूचित किया और शिकायत दर्ज कराई। लेकिन बैंक ने जवाब दिया कि पैसे कई खातों में ट्रांसफर किए गए हैं और निकाल लिए गए हैं। घटना के बाद, हरियाणा निवासी काम के लिए चंडीगढ़ चला गया। गुरुवार, 22 मई को मुंबई लौटने पर, उसने बांद्रा पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज कराई। Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

    पुलिस ने क्या कहा?

    एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमने पुष्टि की है कि शिकायतकर्ता के खाते से शेख को पैसे ट्रांसफर किए गए थे, जिन्होंने इसे कई खातों में ट्रांसफर कर दिया। हम विवरण प्राप्त करने के लिए बैंक के साथ काम कर रहे हैं और ऑटोरिक्शा का पता लगा रहे हैं। सड़कों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। हम आरोपी तक पहुंचने के लिए साइबर टीम की मदद भी ले रहे हैं।” इस मामले के जांच अधिकारी बांद्रा पुलिस स्टेशन के पुलिस सब इंस्पेक्टर कपिल शिरसाट ने कहा, कि “हमने संदिग्ध ऑटो चालक मोहम्मद फुरकान शेख के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है। हम बहुत जल्द कार्रवाई करेंगे।” Mumbai: Autorickshaw driver duped a man for Rs 90,000 fare from Andheri to Bandra

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    Mumbai Crime Branch : ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य के युवाओं को टार्गेट किया गया था। भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये तक लेते और फर्जी वीज़ा और डंकी रूट का इस्तेमाल करते .. (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    Mumbai Crime Branch : अमेरिका जाने का सपना दिखाकर मोटी रकम लेकर डंकी रूट से भेजे गए करीबन 80 भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच। इस बात की जानकारी लीगल चैनल के माध्यम से मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसी और फिर उनके माध्यम से अमेरिकन अथॉरिटी से सांझा करेगी। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी वीज़ा के जरिए भारतीय युवाओं को अमेरिका भेजने के लिए डंकी रूट का इस्तेमाल किया जाता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच ने करवाई करते हुए अबतक 8 दलालों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने 3 साल में करीबन 80 युवाओं को कनाडा, तुर्की, पोलैंड और UAE में फर्जी वीजा का इस्तेमाल कर भेजा। सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने उन देशों से (कनाडा, तुर्की, पोलैंड, UAE) भारतीय युवाओं को डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    वीज़ा नही मिल पाने का कारण क्या है?

    क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि ये युवा ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य से हैं। आरोपियों ने भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये लिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कई ऐसे लोग होते हैं, जिन पर कोई न कोई केस या लीगल मामला होता है, जिसकी वजह से उन्हें वीजा नही मिलता। जांच में पता चला कि कनाडा भेजने के लिए ये एजेंट 50 लाख के करीब लेते थे। कनाडा का फर्जी वीजा बनाकर देते थे। इनका काम सिर्फ इतना होता था कि उन्हें एयरपोर्ट पर उतार दे। उसके बाद उन भारतीयों के साथ क्या होगा उससे कोई लेना देना नही। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कनाडा से अमेरिका डंकी रूट का इस्तेमाल

    इसके बाद एक बार युवा कनाडा पहुंच गया तो फिर वहां से आगे उसे डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा जाता है और कनाडा से अमेरिका डंकी रूट से जाने के लिए करीब 12 से 13 दिन लगते हैं। तुर्की भेजने के लिए एजेंट करीब 35 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका उसे डंकी रूट से भेजा जाता है, जिसमें लगभग 10 दिनों तक का समय लगता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    UAE के लिये 25 लाख

    पोलैंड भेजने के लिए दलाल करीबन 40 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका डंकी रूट से जाने में 20 से 25 दिनों का समय लगता है। वहीं UAE के वीज़ा के लिये एजेंट 25 लाख रुपये तक लेते हैं। वहां से भारतीयों को अमेरिका भेजने के लिए यूरोप और फिर मैक्सिको के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 80 भारतीयों में से 70 से 75 सीधे कनाडा भेजे गए हैं। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कौन है मुख्य आरोपी?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस केस का मुख्य आरोपी अजित पूरी और दूसरा आरोपी रोशन दुधवनकर है। इसमें रोशन के खिलाफ इसी तरह की मानव तस्करी करने के 12 मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच इस मामले में अब BNS की धारा 111 (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) भी जोड़ने वाली है ताकि आरोपियों के खिलाफ केस और भी मजबूत बनाया जा सके। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    अबतक 344 भारतीय हुए वापस

    पिछले महीने भारत के लिए निर्वासन उड़ानें शुरू हुईं, जिसमें 104 अवैध अप्रवासियों का पहला जत्था, 5 फरवरी को अमेरिकी सैन्य विमान से अमृतसर में उतरा। 15 फरवरी की रात को उतरी दूसरी उड़ान में 116 अवैध अप्रवासी थे, और 16 फरवरी को उतरी तीसरी उड़ान में 112 लोग थे। 12 निर्वासितों का अंतिम जत्था 23 फरवरी को पनामा से आने वाली एक वाणिज्यिक तुर्की एयरलाइंस की उड़ान से पहुंचा। यह उड़ान दिल्ली में उतरी थी। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

  • दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    धोखे से शादी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    सांप्रदायिक सोच

    उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    पक्षपात का आरोप

    मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    हिंदू मुस्लिम की राजनीति

    मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    प्रदेश का भला कैसे होगा ?

    मौलाना ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मुद्दों को छोड़कर राज्य के विकास पर ध्यान दें। गरीब और कमजोर जनता को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए योजनाएं बनाए। राज्य के बच्चों को 100 फीसद शिक्षा देने की स्कीम चलाएं। इससे प्रदेश का भला होगा। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    शिकायतों का हवाला

    महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    यह समिति राज्य की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी, लव जिहाद तथा छल-कपट व बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण के समाधान पर सुझाव देगी। इसके अलावा अन्य राज्यों में जारी इस कानून का अध्ययन भी करेगी। समिति कानून का मसौदा भी तैयार करेगी तथा कानूनी मामलों का अध्ययन भी करेगी। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    देश के 9 राज्यों में लव जिहाद के खिलाफ कानून

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)