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  • Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई। ₹1 लाख की रिश्वत लेते सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, केबिन से ₹6.34 लाख कैश बरामद। कोर्ट ने 23 फरवरी तक कस्टडी दी।

    मुंबई: मालाड इलाके में करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Anti-Corruption Bureau (ACB) ने कुरार पुलिस स्टेशन में छापा मारकर दो पुलिस अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने ₹1 लाख की रिश्वत ली। छापेमारी के दौरान पुलिस स्टेशन के केबिन से ₹6.34 लाख कैश भी बरामद किया गया।

    📍 Kurar Police Station में ट्रैप ऑपरेशन

    यह पूरी कार्रवाई मालाड स्थित Kurar Police Station में हुई। ACB टीम ने शिकायत मिलने के बाद ट्रैप लगाया।

    जैसे ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया। मौके पर ही गिरफ्तारी की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    👮 कौन हैं गिरफ्तार अधिकारी?

    गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में:

    • Sanjeev Tawade – सीनियर इंस्पेक्टर
    • Dnyaneshwar Junne – सब-इंस्पेक्टर

    बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से किसी मामले में मदद के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई की।

    💰 केबिन से मिला ₹6.34 लाख कैश

    गिरफ्तारी के बाद ACB ने पुलिस स्टेशन के केबिन की तलाशी ली। इस दौरान एक छिपी जगह से ₹6.34 लाख नकद बरामद हुआ।

    सूत्रों के मुताबिक, यह रकम कथित तौर पर अन्य लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल ACB इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह पैसा किन मामलों से संबंधित है।

    ⚖️ कोर्ट ने 23 फरवरी तक दी कस्टडी

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। ACB अब बैंक अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

    मामले को लेकर पुलिस विभाग में भी आंतरिक जांच की संभावना जताई जा रही है।

    🔎 मुंबई में करप्शन पर सख्त एक्शन

    महाराष्ट्र ACB पिछले कुछ महीनों से लगातार रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई कर रही है। मालाड की यह घटना मुंबई पुलिस सिस्टम पर भी सवाल खड़े करती है।

    ACB अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी।


    ❓ FAQ

    Q1. ACB ने कितनी रकम बरामद की?
    👉 कुल ₹6.34 लाख नकद बरामद किए गए।

    Q2. किस पुलिस स्टेशन में कार्रवाई हुई?
    👉 मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में।

    Q3. रिश्वत की रकम कितनी थी?
    👉 ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए आरोपी पकड़े गए।

    Q4. आरोपियों को कब तक कस्टडी मिली है?
    👉 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

  • BMC ने लगाया ₹50 लाख जुर्माना, Goregaon-Mulund Flyover में देरी पर सख्ती

    BMC ने लगाया ₹50 लाख जुर्माना, Goregaon-Mulund Flyover में देरी पर सख्ती

    मुंबई के Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट में देरी पर BMC ने ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया। 31 मई 2026 तक फ्लाईओवर खोलने का लक्ष्य, जानिए पूरी अपडेट।

    मुंबई: शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने वाले अहम Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट पर अब बीएमसी ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने फ्लाईओवर निर्माण में देरी करने पर ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया है। यह फ्लाईओवर दिंडोशी कोर्ट से Dadasaheb Phalke Film City तक बनाया जा रहा है।

    🔎 निरीक्षण के बाद एक्शन मोड में BMC

    BMC के अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijit Bangar ने साइट का दौरा कर काम की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ निर्देश दिए कि हर हाल में फ्लाईओवर को 31 मई 2026 तक, यानी मॉनसून से पहले, ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाए।

    उन्होंने ठेकेदार को अतिरिक्त मजदूर और मशीनरी लगाने का आदेश दिया ताकि बाकी बचा काम समय पर पूरा हो सके।

    🏗️ GMLR प्रोजेक्ट का फेज 3(a) क्या है?

    GMLR प्रोजेक्ट को चार चरणों में बनाया जा रहा है।
    Phase 3(a) में शामिल हैं:

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    • 1.26 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर
    • रोटरी जंक्शन
    • एक्सेस रैंप

    अब तक:

    • 31 पिलर पूरे
    • 30 में से 20 स्पैन पूरे
    • करीब 75% काम पूरा

    अब डेक स्लैब कास्टिंग और एक्सेस रैंप का काम तेजी से किया जाएगा।

    🚰 अड़चन बन रहे पाइपलाइन और ट्रांसफॉर्मर

    फ्लाईओवर की लाइनिंग में कई यूटिलिटी बाधाएं सामने आई हैं। इनमें शामिल हैं:

    • पानी की पाइपलाइन
    • सीवेज लाइन
    • Adani Power के ट्रांसफॉर्मर

    BMC ने संबंधित विभागों को तुरंत इन्हें शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं ताकि काम में और देरी न हो।

    🚇 डबल टनल प्रोजेक्ट की भी तैयारी तेज

    फ्लाईओवर के साथ-साथ ट्विन टनल का काम भी तेजी से चल रहा है।
    Abhijit Bangar ने फिल्म सिटी में टनल के ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ का भी निरीक्षण किया।

    • दो अत्याधुनिक Tunnel Boring Machines (TBM) तैनात होंगी
    • 10 मार्च से पहली TBM को शाफ्ट में उतारने की तैयारी

    यह टनल मुंबई के वेस्टर्न और ईस्टर्न सबर्ब्स के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगी।

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    🚦 मुंबई ट्रैफिक के लिए क्यों अहम है GMLR?

    Goregaon-Mulund Link Road बनने के बाद:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक सीधा कनेक्शन
    • ट्रैफिक जाम में भारी कमी
    • सफर का समय कम
    • मॉनसून में सुरक्षित और तेज कनेक्टिविटी

    BMC अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गेम चेंजर साबित होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC ने ठेकेदार पर कितना जुर्माना लगाया है?
    👉 ₹50 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

    Q2. फ्लाईओवर कब तक चालू होने की उम्मीद है?
    👉 31 मई 2026 तक ट्रैफिक के लिए खोलने का लक्ष्य है।

    Q3. GMLR प्रोजेक्ट का फायदा क्या होगा?
    👉 वेस्टर्न और ईस्टर्न सबर्ब्स के बीच सफर तेज और आसान होगा।

    Q4. टनल प्रोजेक्ट कब शुरू होगा?
    👉 पहली TBM को 10 मार्च तक लॉन्चिंग शाफ्ट में उतारने की तैयारी है।

  • Mumbai Crime: MHADA अधिकारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस, ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर दिया

    Mumbai Crime: MHADA अधिकारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस, ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर दिया

    मुंबई के कांदिवली में MHADA अधिकारी पर पत्नी की आत्महत्या के मामले में FIR दर्ज। वहीं ठाणे में घरेलू विवाद से परेशान मां ने तीन नाबालिग बेटियों को जहर देकर मार डाला। पढ़ें पूरी क्राइम रिपोर्ट।

    मुंबई: मुंबई और ठाणे से सामने आई दो दिल दहला देने वाली घटनाओं ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। कांदिवली में एक वरिष्ठ MHADA अधिकारी पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है, जबकि ठाणे जिले में एक मां ने घरेलू कलह से परेशान होकर अपनी तीन मासूम बेटियों को जहर देकर मार डाला। पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है।

    कांदिवली में महिला की आत्महत्या, MHADA अधिकारी पति पर FIR

    राज्य की हाउसिंग एजेंसी महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के डिप्टी रजिस्ट्रार के खिलाफ उनकी पत्नी की कथित आत्महत्या के मामले में केस दर्ज किया गया है।

    यह घटना मुंबई के कांदिवली ईस्ट स्थित लोखंडवाला इलाके की है। 42 वर्षीय महिला ने शनिवार शाम अपने फ्लैट में कथित तौर पर जान दे दी। मामले की जांच समता नगर पुलिस स्टेशन कर रही है।

    भाई की शिकायत पर मामला दर्ज, सास भी नामजद

    पुलिस के मुताबिक, मृतका के भाई की शिकायत पर पति और सास यमाबाई काटरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत FIR दर्ज की गई है।

    भाई का आरोप है कि महिला को दहेज को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    घटना से पहले डॉक्टर को किया था फोन

    पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना वाले दिन महिला ने अपने फैमिली डॉक्टर को फोन कर बताया था कि परिवार के सदस्य उसे परेशान कर रहे हैं। इसके बाद कॉल कट गया।

    डॉक्टर ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं हो सकी तो उन्होंने महिला के मायके वालों को सूचना दी। पुणे से पहुंचे परिजनों ने फ्लैट पर पहुंचकर देखा कि महिला ने आत्महत्या कर ली थी।

    ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर देकर मारा

    इसी बीच, महाराष्ट्र के मुंबई से सटे ठाणे जिले से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। 27 वर्षीय महिला को अपनी तीन नाबालिग बेटियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

    यह घटना शाहपुर तालुका के आसनोली गांव की है, जहां आरोपी महिला ने कथित तौर पर “फ्राइड चावल” में कीटनाशक मिलाकर अपनी 5, 8 और 10 साल की बेटियों को खिला दिया।

    अस्पताल में मौत, पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि

    बच्चियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर दो बच्चियों को मुंबई और एक को नाशिक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 और 25 जुलाई को उनकी मौत हो गई।

    शुरुआत में खिनावली पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद हत्या का केस दर्ज कर मां को तड़के 2 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।

    घरेलू विवाद और आर्थिक तंगी बनी वजह?

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला घरेलू समस्याओं से जूझ रही थी। पति के शराब पीने की आदत और अलगाव के बाद वह तीनों बेटियों की परवरिश अकेले कर रही थी।

    प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव ने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. कांदिवली आत्महत्या मामले में किस पर केस दर्ज हुआ है?

    MHADA के डिप्टी रजिस्ट्रार और उनकी मां के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है।

    Q2. किस धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है?

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत।

    Q3. ठाणे में मां ने क्या किया?

    आरोप है कि मां ने अपनी तीन बेटियों को जहर देकर मार डाला।

    Q4. बच्चियों की मौत कैसे हुई?

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई है।

    Q5. क्या दोनों मामलों की जांच जारी है?

    हां, पुलिस दोनों मामलों की विस्तृत जांच कर रही है।

  • मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई लाखों की रात की घरफोड़ चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 40 से ज्यादा मामलों में शामिल शातिर चोर स्टैलिन कोंडर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया है।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रात के समय घरफोड़ चोरी कर लाखों के गहने और नकदी उड़ाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी स्टैलिन कोंडर को अहमदाबाद से पकड़ा गया, जिसके खिलाफ पहले से 40 से अधिक चोरी और घरफोड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।

    🏙️ रात के समय घरफोड़ी चोरी की वारदात

    आरे पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता जयगणेश कृष्णमूर्ति (उम्र 32 वर्ष) ने बताया कि 18 जनवरी 2026 की रात 7:30 बजे से 19 जनवरी 2026 दोपहर 12:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला और कुंडी तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

    चोरों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

    Mumbai aare police Station crime news

    💰 चोरी हुआ माल: लाखों का नुकसान

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चोरी हुए सामान में शामिल हैं—

    • सोने के दो कंगन (5 और 4 ग्राम)
    • 15 ग्राम की आठ सोने की अंगूठियां
    • 10 ग्राम का एक सोने का लॉकेट
    • 13 ग्राम की दो सोने की बालियां
    • चार चांदी के पायल
    • चांदी के तीन कमरबंद
    • चांदी के तीन जोड़वे
    • चांदी के दो बेसलेट
    • नकद 2,000 रुपये

    चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये बताई गई।

    🚔 आरे पुलिस ने दर्ज किया मामला

    शिकायत के आधार पर आरे पुलिस स्टेशन में गुनाह रजिस्टर नंबर 20/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होते ही पुलिस के अपराध प्रकटीकरण दस्ते ने जांच शुरू कर दी।

    🕵️‍♂️ गुप्त सूचना से मिला बड़ा सुराग

    जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह वारदात एक कुख्यात और शातिर चोर ने की है, जो पहले भी कई ऐसे अपराधों में शामिल रहा है। जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी स्टैलिन चालीस कोंडर फिलहाल अहमदाबाद, गुजरात में छिपा हुआ है।

    वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर आरे पुलिस की टीम गुजरात रवाना हुई और आरोपी को दबोच लिया।

    🔗 पूछताछ में सामने आए दो और आरोपी

    पुलिस पूछताछ के दौरान स्टैलिन कोंडर ने कबूल किया कि उसने यह चोरी अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी—

    1. अनिल लहान्या जिंबल उर्फ अल्बर्ट (उम्र 23 वर्ष)
    2. अब्दुल रफीक हमीद अंसारी उर्फ अप्पू खोटे (उम्र 29 वर्ष)

    इसके बाद पुलिस ने दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

    💎 चोरी का माल बरामद

    आरे पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से—

    • इस केस से जुड़ा 1,85,000 रुपये का सोना-चांदी
    • आरे और दिंडोशी पुलिस स्टेशन के अन्य चोरी मामलों से जुड़ी नकदी
      बरामद की है।

    📂 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

    🔴 स्टैलिन चालीस कोंडर (29 वर्ष)

    • आरे पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • कुल: 20 अपराध

    🔴 अब्दुल रफीक अंसारी उर्फ अप्पू खोटा (29 वर्ष)

    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 39 मामले
    • आरे पुलिस स्टेशन: 1 मामला
    • कुल: 40 अपराध

    पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पेशेवर घरफोड़ और चोरी करने वाले अपराधी हैं।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे, सहायक पुलिस आयुक्त विजय भिसे और आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील के मार्गदर्शन में की गई।


    FAQ सेक्शन

    Q1. चोरी की घटना कहां हुई थी?
    आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में।

    Q2. मुख्य आरोपी को कहां से पकड़ा गया?
    अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. कितनी संपत्ति बरामद हुई?
    करीब 1.85 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति।

    Q4. आरोपियों पर पहले कितने मामले थे?
    एक आरोपी पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

  • मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

    मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने STP परियोजना के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध ट्रांजिट कैंप बनाने और आर्थिक फर्जीवाड़े के मामले में मुंबई के प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ FIR दर्ज की है। सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। BMC ने STP यानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और आर्थिक फर्जीवाड़े के आरोप में लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत और RTI से सामने आई जानकारी के बाद की गई है। यह पहली बार हुआ है कि झोपडपट्ट पुनर्वसन प्राधिकरण के किसी अधिकारी के खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।

    🏙️ मुंबई में BMC की बड़ी कार्रवाई

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने शहर के रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मचा देने वाली कार्रवाई की है। प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर सरकारी जमीन के दुरुपयोग और आर्थिक धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है।

    BMC के अनुसार, जिस जमीन पर अवैध रूप से ट्रांजिट कैंप बनाया जा रहा था, वह जमीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित थी, जो मुंबई जैसे महानगर के लिए बेहद जरूरी बुनियादी परियोजना है।

    🏗️ STP जमीन पर कैसे हुआ अवैध निर्माण?

    जांच में सामने आया कि STP परियोजना के लिए सुरक्षित की गई जमीन पर बिना महापालिका की अनुमति के ट्रांजिट कैंप और अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर दी गईं। यह काम नियमों के खिलाफ था और इसके लिए जरूरी मंजूरी भी नहीं ली गई थी।

    आरोप है कि बिल्डर को SRA के कार्यकारी अभियंता द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अनुमति दी गई, जिससे महापालिका को आर्थिक नुकसान हुआ और सरकारी परियोजना बाधित हुई।

    ⚠️ सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप

    BMC अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ नियम उल्लंघन नहीं बल्कि सरकारी जमीन हड़पने की सुनियोजित कोशिश थी। STP प्लांट के लिए आरक्षित जमीन पर निर्माण होने से शहर की सीवरेज व्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता था।

    इस पूरे मामले को आर्थिक फर्जीवाड़ा और अधिकारों के दुरुपयोग की श्रेणी में रखा गया है।

    🧑‍⚖️ SRA इंजीनियर की भूमिका सवालों के घेरे में

    इस मामले में SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने बिना अधिकार और नियमों के खिलाफ जाकर बिल्डर को अनुमति दी।

    बृहन्मुंबई महापालिका ने इसे आंतरिक मिलीभगत (Collusion) का मामला मानते हुए पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। साथ ही, संबंधित अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

    🧾 सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत से खुला मामला

    इस पूरे घोटाले का खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने लगातार इस प्रोजेक्ट को लेकर शिकायतें कीं और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दस्तावेज हासिल कर बृहन्मुंबई महापालिका के सामने तथ्य रखे।

    लगातार फॉलो-अप और सबूतों के आधार पर आखिरकार BMC को कार्रवाई करनी पड़ी।

    🚓 क्या होगी आगे की कार्रवाई?

    ✔️ पुलिस जांच और सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू
    ✔️ अवैध निर्माण पर स्टॉप-वर्क नोटिस
    ✔️ संबंधित बिल्डर कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई
    ✔️ SRA अधिकारी के खिलाफ विभागीय और आपराधिक केस
    ✔️ जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी और चार्जशीट

    आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

    🔍 STP क्यों है मुंबई के लिए जरूरी?

    सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में STP परियोजनाओं में देरी या जमीन विवाद सीधे तौर पर स्वास्थ्य, पर्यावरण और समुद्री प्रदूषण से जुड़ा मुद्दा बन जाता है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई है?
    लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ।

    Q2. मामला किस जमीन से जुड़ा है?
    सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित महापालिका की जमीन से।

    Q3. शिकायत किसने की थी?
    सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर ने।

    Q4. आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
    गिरफ्तारी, चार्जशीट, अवैध निर्माण हटाना और विभागीय कार्रवाई।

  • मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को ठगने वाला सीरियल ठग को Andheri Police इगतपुरी स्टेशन से दबोचा

    मंदिर जाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को ठगने वाला शातिर ठग Andheri police के हत्थे चढ़ा, 40 से ज्यादा वारदातों का खुलासा, इगतपुरी स्टेशन से गिरफ्तारी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर और आसपास ठाणे, नवी मुंबई, नासिक और इगतपुरी में मंदिर जाने वाले बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक शातिर सीरियल ठग को Andheri police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी नाम और धार्मिक बहाने का इस्तेमाल कर वरिष्ठ नागरिकों का भरोसा जीतता था और सोने के गहने लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने 50 वर्षीय आरोपी अनवर अब्दुल हमीद शेख को इगतपुरी रेलवे स्टेशन से दबोचा है, जो अब तक 40 से ज्यादा ठगी की वारदातों में शामिल पाया गया है।

    👤 कौन है गिरफ्तार आरोपी

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनवर अब्दुल हमीद शेख (50) के रूप में हुई है। वह कुरला वेस्ट के कुरैशी नगर स्थित सोनाजी चाल का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को अलग-अलग नामों से पहचान कराता था, जैसे — श्याम, राम, गणेश, महेश, रमेश और सुरेश, ताकि लोग उस पर शक न करें।

    🎯 बुजुर्ग मंदिर-भक्त बनते थे आसान शिकार

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी खासतौर पर ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को टारगेट करता था जो रोज़ मंदिर जाते थे। वह उन्हें फॉलो करता, बातचीत शुरू करता और खुद को धार्मिक और भरोसेमंद दिखाता था। उसकी पूरी योजना बुजुर्गों की आस्था और सरलता का फायदा उठाने पर आधारित थी।

    🪔 ठगी का तरीका: दान और पूजा का झांसा

    पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को कटलरी का कारोबारी बताता और दावा करता कि अब उसका खुद का शोरूम है। इसके बाद वह पीड़ित को ₹5000 देते हुए कहता कि वह यह रकम भगवान को चढ़ाना चाहता है।
    फिर वह एक और चाल चलता — वह कहता कि पूजा के लिए उसके पास सोना नहीं है और पीड़ित से अपना सोना लाने को कहता।

    🧣 रुमाल में बदल देता था सोना और नकद

    आरोपी पीड़ित के सोने को नोटों के साथ एक रुमाल में लपेटता और कहता कि इसे सीधे मंदिर में ही खोलना चाहिए। लेकिन इसी दौरान वह बड़ी सफाई से सोने और पैसों को कागज़ से बदल देता और मौके से गायब हो जाता था। जब तक पीड़ित को ठगी का अहसास होता, तब तक आरोपी दूर निकल चुका होता था।

    📍 अंधेरी में सामने आई बड़ी वारदात

    15 जुलाई को अंधेरी में इसी तरह की एक ठगी सामने आई थी। एक बुजुर्ग मंदिर जा रहे थे, तभी आरोपी ने खुद को ‘राम’ बताकर उनसे दोस्ती की और वही कहानी दोहराई। इस बार आरोपी 28 ग्राम की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    📹 CCTV से मिली अहम कड़ी

    घटना की जानकारी मिलते ही जांच अधिकारी PSI किशोर पारकले मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हालांकि आरोपी का चेहरा साफ नहीं दिखा क्योंकि उसने छाता पकड़ रखा था, लेकिन पुलिस ने अन्य सुरागों के आधार पर जांच जारी रखी।

    🚉 इगतपुरी स्टेशन से हुई गिरफ्तारी

    अंधेरी डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त शशिकांत भोसले ने बताया कि आरोपी मुंबई से फरार हो गया था, लेकिन बार-बार लौट रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसे इगतपुरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।

    📂 40 से ज्यादा मामलों में शामिल, पहले भी जा चुका है जेल

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मुंबई और आसपास के इलाकों में 40 से ज्यादा ठगी के मामलों में शामिल रहा है। वह दिसंबर 2024 में इसी तरह के मामलों में जेल से रिहा हुआ था।
    उसके खिलाफ अंधेरी, वाकोला, सायन, कस्तूरबा मार्ग, वसई और दादर पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज हैं।

    🚨 पुलिस की अपील: सतर्क रहें बुजुर्ग

    पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि किसी अजनबी पर भरोसा न करें, खासकर अगर वह धार्मिक या दान-पुण्य का बहाना बनाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ इगतपुरी रेलवे स्टेशन से।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    ➡️ दान-पूजा के बहाने सोना और नकद लेकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने मामलों में आरोपी शामिल है?
    ➡️ 40 से ज्यादा ठगी के मामलों में।

    Q4. आरोपी पहले भी जेल जा चुका है?
    ➡️ हां, दिसंबर 2024 में इसी तरह के अपराध में।

  • मुंबई की ये सोसाइटी देती है कमाई, मेंटेनेंस जीरो और सालाना लाखों का फायदा

    मुंबई की ये सोसाइटी देती है कमाई, मेंटेनेंस जीरो और सालाना लाखों का फायदा

    मुंबई के कफ परेड की जॉली मेकर 1 सोसाइटी जहां रहने वालों को मेंटेनेंस नहीं देना पड़ता, उल्टा हर साल लाखों रुपये का डिविडेंड मिलता है। जानिए कैसे बनी ये सोसाइटी फायदे का सौदा।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जैसे महंगे शहर में जहां सोसाइटी मेंटेनेंस हर महीने जेब ढीली कर देती है, वहीं कफ परेड की जॉली मेकर 1 सोसाइटी एक ऐसा अनोखा उदाहरण है, जहां रहने वालों को न तो मेंटेनेंस देना पड़ता है और न ही प्रॉपर्टी टैक्स। बल्कि यहां के फ्लैट ओनर्स को हर साल लाखों रुपये का डिविडेंड मिलता है। यह सोसाइटी सिर्फ लग्जरी नहीं, बल्कि एक स्मार्ट रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट मानी जाती है।

    🏙️ मुंबई में मेंटेनेंस का बोझ और जॉली मेकर 1 की कहानी

    आमतौर पर मुंबई की हाई-फाई सोसाइटियों में 2 से 25 रुपये प्रति वर्गफुट तक मेंटेनेंस देना पड़ता है। नई सोसाइटियों में यह दर 8 से 15 रुपये प्रति वर्गफुट तक पहुंच चुकी है। लेकिन जॉली मेकर 1 सोसाइटी इस ट्रेंड को पूरी तरह तोड़ती है।

    🏢 क्या है जॉली मेकर 1 सोसाइटी?

    कफ परेड स्थित जॉली मेकर अपार्टमेंट 1 में दो 25 मंजिला टावर (A और B) और करीब 10 बंगले हैं। कुल 180 फ्लैट्स वाली यह सोसाइटी मुंबई की सबसे पॉश और महंगी हाउसिंग सोसाइटियों में गिनी जाती है।
    यहां फ्लैट साइज 1,285 से 2,590 वर्गफुट तक हैं और कई फ्लैट्स से सीधा अरब सागर का नज़ारा मिलता है।

    https://www.instagram.com/reel/DT13MH-Eb6k/?l=1

    💸 क्यों नहीं देना पड़ता मेंटेनेंस और टैक्स?

    इस सोसाइटी की सबसे बड़ी खासियत इसका मजबूत फाइनेंशियल मॉडल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉली मेकर 1 के पास करीब 25 से 30 करोड़ रुपये का रिजर्व और सिंकिंग फंड है।
    यही नहीं, सोसाइटी नगर निगम टैक्स, सिक्योरिटी, स्टाफ सैलरी, लिफ्ट, बिजली और पानी जैसे सभी खर्च खुद उठाती है। रहवासी सिर्फ 1 पैसा प्रति वर्गफुट नाममात्र का चार्ज देते हैं।

    🏦 डिविडेंड की असली वजह क्या है?

    जब इस सोसाइटी के फ्लैट्स बेचे गए थे, तब हर खरीदार को नरीमन पॉइंट की एक कमर्शियल बिल्डिंग में हिस्सेदारी भी दी गई थी।
    आज उस कमर्शियल बिल्डिंग से करीब 50 लाख रुपये महीना किराया आता है। इसी इनकम से सोसाइटी का पूरा मेंटेनेंस चलता है और बचे पैसे रहवासियों को डिविडेंड के तौर पर दिए जाते हैं।

    📈 कितनी होती है सालाना कमाई?

    • 2003 में: डिविडेंड 100 रुपये प्रति वर्गफुट
    • 2,500 वर्गफुट फ्लैट: करीब 2.5 लाख रुपये सालाना
    • 2012 में: डिविडेंड बढ़कर 300 रुपये प्रति वर्गफुट
    • सालाना कमाई: करीब 7.5 लाख रुपये

    हालांकि पिछले कुछ सालों में डिविडेंड बढ़ा या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    🏠 फ्लैट की कीमतें और रियल एस्टेट वैल्यू

    2012 में यहां एक फ्लैट 1.11 लाख रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से करीब 29 करोड़ रुपये में बिका था।
    आज भी प्रॉपर्टी पोर्टल्स के अनुसार जॉली मेकर 1 में फ्लैट की कीमत 75,000 रुपये प्रति वर्गफुट से ज्यादा है, जो इसे मुंबई की सबसे वैल्यूएबल प्रॉपर्टीज में शामिल करता है।

    💡 घर नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट

    जॉली मेकर 1 सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक ऐसा मॉडल है जहां

    • जीरो मेंटेनेंस
    • नो प्रॉपर्टी टैक्स
    • सालाना लाखों की कमाई
    • हाई रीसैल वैल्यू

    यही वजह है कि यह सोसाइटी मुंबई की सबसे अनोखी और चर्चित हाउसिंग सोसाइटी मानी जाती है।

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या सच में जॉली मेकर 1 में मेंटेनेंस नहीं देना पड़ता?
    हाँ, यहां सोसाइटी सभी खर्च खुद उठाती है।

    Q2. डिविडेंड किस वजह से मिलता है?
    नरीमन पॉइंट की कमर्शियल बिल्डिंग से मिलने वाले किराए से।

    Q3. क्या आज भी डिविडेंड मिलता है?
    पहले मिलता था, मौजूदा दर की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं है।

    Q4. क्या आम आदमी यहां फ्लैट खरीद सकता है?
    कीमतें बहुत ज्यादा हैं, इसलिए यह सीमित लोगों के लिए संभव है।

  • मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने 1.3 किलो सोने की धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी दिनेश गोस्वामी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी की पत्नी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड पुलिस स्टेशन ने आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में वॉन्टेड आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मुंबई के एक ज्वेलर से करीब 1.3 किलो सोना (कीमत लगभग ₹1.5 करोड़) हड़प लिया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश डांगीरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जिसे अहमदाबाद (गुजरात) से पकड़ा गया। कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसकी पत्नी और सह-आरोपी अमिता दिनेश गोस्वामी अब भी फरार है।

    कैसे सामने आया मालाड का पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता कुनाल शाह, कंदिवली में रहने वाले एक जाने-माने ज्वेलर हैं। वह पिछले 30 वर्षों से गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
    उनकी कंपनी P.H. Ornament Private Limited, मालाड के मारवे रोड स्थित प्रेस्टिज इंडस्ट्रीज एस्टेट में स्थित है। इसके अलावा उन्होंने 2018 में Zara Design नाम से एक और फर्म भी शुरू की थी।

    भरोसे से शुरू हुआ कारोबार

    साल 2022 में ममता नरेंद्र गोस्वामी नाम की महिला कुनाल शाह की कंपनी में ज्वेलरी डिजाइनिंग सीखने आई थी। इसी दौरान कुनाल शाह की पहचान उसके पति नरेंद्र गोस्वामी से हुई, जिसने खुद को टाइटन कंपनी से जुड़ा बताया।
    नरेंद्र ने कुनाल शाह को Arya Jewels नाम की कंपनी से मिलवाया, जिसे दिनेश और अमिता गोस्वामी चलाते थे। दावा किया गया कि यह कंपनी बड़े-बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी बनाती है।

    कई ऑर्डर समय पर पूरे, बढ़ा भरोसा

    जांच में सामने आया कि जुलाई 2022 से सितंबर 2024 के बीच दोनों कंपनियों के बीच कई छोटे-बड़े ऑर्डर हुए, जो समय पर पूरे किए गए। इससे दोनों पक्षों के बीच भरोसा मजबूत हो गया।

    1.3 किलो सोना लेकर आरोपी फरार

    इस भरोसे के चलते अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान कुनाल शाह की कंपनी ने 1,338 ग्राम शुद्ध सोना, जिसकी कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है, ज्वेलरी बनाने के लिए Arya Jewels को सौंपा।
    लेकिन तय समय पर न तो ज्वेलरी तैयार हुई और न ही कोई जवाब मिला। जब कुनाल शाह ने संपर्क किया तो दोनों आरोपियों के मोबाइल बंद मिले। ऑफिस पहुंचने पर पता चला कि कंपनी बंद कर दी गई है।

    शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश

    इसके बाद कुनाल शाह ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की।

    अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

    करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दिनेश गोस्वामी अहमदाबाद में छिपा है।
    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुश्यंत चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहमदाबाद जाकर दिनेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में कबूलनामा

    पुलिस पूछताछ में दिनेश गोस्वामी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह वारदात अपनी पत्नी अमिता गोस्वामी के साथ मिलकर की। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।

    पत्नी फरार, जल्द गिरफ्तारी संभव

    पुलिस ने बताया कि सह-आरोपी अमिता गोस्वामी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी संभव है


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी पर कितने सोने की धोखाधड़ी का आरोप है?
    👉 करीब 1,338 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ है।

    Q2. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. शिकायतकर्ता कौन है?
    👉 कंदिवली निवासी ज्वेलर कुनाल शाह।

    Q4. आरोपी की पत्नी का क्या स्टेटस है?
    👉 वह सह-आरोपी है और फिलहाल फरार है।

    Q5. किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है?
    👉 मालाड पुलिस स्टेशन।

  • मुंबई में MHADA के 120 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध, पहले आओ-पहले पाओ योजना

    मुंबई में MHADA के 120 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध, पहले आओ-पहले पाओ योजना

    मुंबई में MHADA 120 फ्लैट First Come First Served आधार पर बेच रही है। मलाड, कांदिवली, अंधेरी समेत कई इलाकों में ₹38 लाख से ₹8 करोड़ तक के घर।

    मुंबई: घर खरीदने का सपना देख रहे मुंबईकरों के लिए बड़ी खबर है। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित 120 फ्लैट First Come First Served (पहले आओ-पहले पाओ) आधार पर बेचने का ऐलान किया है। ये वे फ्लैट हैं जो पहले लॉटरी में आए थे लेकिन नहीं बिके थे। अब इन्हें सीधे ऑनलाइन बुकिंग के जरिए खरीदा जा सकेगा।

    🏙️ किन इलाकों में मिलेंगे MHADA फ्लैट

    MHADA के अनुसार ये फ्लैट मुंबई के कई प्रमुख और रिहायशी इलाकों में स्थित हैं, जिनमें शामिल हैं:

    • मलाड
    • कांदिवली
    • अंधेरी
    • चारकोप
    • शिंपोली
    • अंटोप हिल
    • वडाला
    • पवई
    • मानखुर्द
    • घाटकोपर
    • विक्रोली
    • बायकुला
    • टारदेव
    • लोअर परेल
    • सायन
    • जुहू

    इन इलाकों में फ्लैट की कीमत ₹38 लाख से लेकर ₹8 करोड़ तक रखी गई है।

    💰 पहले लॉटरी में आए थे ये घर

    MHADA ने साफ किया है कि ये सभी फ्लैट पहले लॉटरी स्कीम के तहत उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन आवेदन न मिलने या अन्य कारणों से अनसोल्ड रह गए थे। अब इन्हें डायरेक्ट सेल के लिए खोला गया है।

    🖥️ आवेदन कब और कैसे करें

    MHADA फ्लैट के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।

    📅 जरूरी तारीखें

    • 5 फरवरी 2026: रजिस्ट्रेशन शुरू
    • 12 फरवरी 2026:
    • ऑनलाइन आवेदन
    • सिक्योरिटी डिपॉजिट
    • आवेदन शुल्क
    • फ्लैट सिलेक्शन की प्रक्रिया शुरू

    👉 आधिकारिक वेबसाइट: bookmyhome.mhada.gov.in

    🧾 फ्लैट बुक करने की प्रक्रिया

    1. पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
    2. सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना
    3. “Book My Home” विकल्प से
    • बिल्डिंग / विंग
    • फ्लोर
    • फ्लैट नंबर चुनना
    1. फ्लैट फाइनल होने के 48 घंटे के भीतर 10% राशि जमा करना अनिवार्य

    अगर 48 घंटे में भुगतान नहीं किया गया तो:
    ❌ फ्लैट की बुकिंग रद्द
    ❌ पूरी सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त

    📄 पात्रता और जरूरी दस्तावेज

    MHADA के अनुसार:

    ✅ पात्रता

    • आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल
    • भारतीय नागरिक होना जरूरी

    📑 दस्तावेज

    • अविवाहित आवेदक:
    • आधार कार्ड
    • पैन कार्ड
    • विवाहित आवेदक:
    • पति-पत्नी दोनों का आधार और पैन
    • डिक्री सर्टिफिकेट:
    • फ्लैट अलॉटमेंट के लिए अनिवार्य

    🏦 होम लोन लेने वालों के लिए नियम

    जो आवेदक होम लोन लेना चाहते हैं, उन्हें:

    • बैंक/वित्तीय संस्था का Pre-Sanction Letter अपलोड करना होगा
    • सत्यापन के बाद MHADA की ओर से NOC (No Objection Certificate) जारी की जाएगी

    🏡 कब्जा कब मिलेगा

    • पूरी रकम और स्टांप ड्यूटी भुगतान के बाद
    • MHADA की ओर से
    • अलॉटमेंट लेटर
    • पजेशन लेटर जारी किया जाएगा

    ❓ FAQ

    Q1. MHADA के फ्लैट कितने हैं?
    👉 कुल 120 फ्लैट।

    Q2. फ्लैट की कीमत कितनी है?
    👉 ₹38 लाख से ₹8 करोड़ तक।

    Q3. आवेदन कहां करना है?
    👉 bookmyhome.mhada.gov.in पर।

    Q4. क्या लॉटरी होगी?
    👉 नहीं, यह First Come First Serve आधार पर है।

  • Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    मुंबई के Borivali में रियल एस्टेट डेवलपर अशोक जेठवा और बेटे मिहिर पर करीब 3 करोड़ की ठगी का आरोप। फर्जी दस्तावेज, फ्लैट का झांसा, कई केस दर्ज।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में एक बड़े रियल एस्टेट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी और अन्य निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर फ्लैट न देने के आरोप में डेवलपर अशोक जेठवा (55) और उसका बेटा मिहिर जेठवा (35) पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने फर्जी दस्तावेज, झूठे वादे और रेरा रजिस्ट्रेशन का हवाला देकर कई लोगों को ठगा।

    🔍 क्या है पूरा मामला

    कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रज्योत डाभोलकर (60), जो कांदिवली ईस्ट के निवासी और रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी हैं, वर्ष 2015 में एक फ्लैट खरीदने की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ब्रोकर नवीनचंद्र बरखड़ा से हुई, जिसने उन्हें मिहिर जेठवा से मिलवाया।

    मिहिर ने खुद को और अपने पिता अशोक जेठवा को बोरीवली इलाके का नामी रियल एस्टेट डेवलपर बताते हुए कई प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।

    🏗️ फ्लैट नहीं पसंद आए, निवेश का लालच दिया

    डाभोलकर को शुरू में दिखाए गए फ्लैट्स पसंद नहीं आए। इसके बाद मिहिर ने उन्हें “आने वाले प्रोजेक्ट्स” में निवेश करने का सुझाव दिया और भरोसा दिलाया कि बदले में उन्हें बोरीवली वेस्ट में पांच फ्लैट मिलेंगे।

    अक्टूबर 2015 से दिसंबर 2019 के बीच डाभोलकर ने अलग-अलग किश्तों में ₹2.12 करोड़ निवेश कर दिए। वहीं उनकी सास से भी ₹85 लाख लिए गए।

    ❌ पैसे गए, न फ्लैट मिला न रिफंड

    पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने यह रकम प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय निजी इस्तेमाल में लगा दी। न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए। जब शिकायतकर्ता ने दबाव बनाया तो टालमटोल शुरू हो गई।

    👤Borivali दूसरा निवेशक भी ठगा गया

    इसी तरह खार वेस्ट के रहने वाले एक 50 वर्षीय निवेशक ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जेठवा पिता-पुत्र ने उन्हें बोरीवली ईस्ट के नील आकाश को-ऑप हाउसिंग सोसायटी प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट देने का झांसा दिया।

    उन्हें बताया गया कि:

    • इमारत को 10 मंज़िलों की मंज़ूरी है
    • 3 अतिरिक्त मंज़िलों का प्रस्ताव BMC में लंबित है
    • प्रोजेक्ट RERA रजिस्टर्ड है
    • 31 दिसंबर 2018 तक कब्ज़ा मिलेगा

    इन बातों पर भरोसा कर उन्होंने ₹1.74 करोड़ ट्रांसफर कर दिए।

    🏚️ साइट पर सिर्फ 6 मंज़िल, काम बंद

    जब निवेशक ने दिसंबर 2018 में साइट देखी, तो केवल 6 मंज़िलें बनी थीं और निर्माण पूरी तरह बंद था। बाद में आरोपियों ने कांदिवली में फ्लैट देने का वादा किया, जो कभी नहीं मिला। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर जवाब मिला –
    “जो करना है कर लो।”

    🚓 केरल से गिरफ्तारी, फर्जी पहचान का खुलासा

    पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे।
    जोन-12 की स्पेशल टीम ने उन्हें केरल के एर्नाकुलम स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया और मुंबई लाया गया।

    📂 एक नहीं, कई मामले दर्ज

    पुलिस के अनुसार, जेठवा पिता-पुत्र के खिलाफ 6 से अधिक केस दर्ज हैं।

    📌 प्रमुख केस डिटेल्स

    • Cr No. 177/25 – ₹1.17 करोड़
    • Cr No. 488/25 – ₹1.51 करोड़
    • Cr No. 351/25 – ₹1.74 करोड़
    • Cr No. 852/23 (MPID) – ₹13.52 करोड़
    • Cr No. 288/23 – ₹75 लाख
    • Cr No. 108/23 – ₹1.20 करोड़
    • बोरीवली: Cr No. 75/21, 464/24
    • MHB कॉलोनी: Cr No. 356/23

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने आशंका जताई है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। ऐसे किसी भी व्यक्ति से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।


    ❓ FAQ

    Q1. आरोपी कौन हैं?
    अशोक जेठवा और उनका बेटा मिहिर जेठवा, दोनों रियल एस्टेट डेवलपर बताए जा रहे हैं।

    Q2. कुल कितनी रकम की ठगी का आरोप है?
    अलग-अलग मामलों में ₹20 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप है।

    Q3. गिरफ्तारी कहां से हुई?
    केरल के एर्नाकुलम से, जहां वे फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे।

    Q4. क्या और पीड़ित सामने आ सकते हैं?
    पुलिस के मुताबिक, संभावना है कि और निवेशक भी ठगे गए हों।