Category: Investments

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  • कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    मुंबई के कांदिवली में एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) द्वारा तीन साल बाद भी फ्लैट का कब्ज़ा न देने से नाराज़ खरीदार सड़कों पर उतरे। बैंक EMI और किराए के बोझ से परेशान नागरिकों ने RERA से हस्तक्षेप की मांग की।

    मुंबई: घर का सपना लेकर लाखों रुपये चुकाने वाले कांदिवली के फ्लैट खरीदार आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शनिवार को कांदिवली स्थित एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के कार्यालय के बाहर दर्जनों नाराज़ नागरिकों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि फ्लैट का रजिस्ट्रेशन हुए तीन साल से ज़्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक घर का कब्ज़ा नहीं दिया गया। इस दौरान खरीदारों को बैंक की भारी EMI के साथ किराए का दोहरा बोझ उठाना पड़ रहा है।

    बुकिंग के समय लिए लाखों, कब्ज़ा आज तक नहीं

    कांदिवली पूर्व के समता नगर, ठाकुर विलेज इलाके में एस.डी. कॉर्पोरेशन द्वारा ‘सियाना’ नामक टॉवर प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि बुकिंग के वक्त डेवलपर ने तय समय में फ्लैट सौंपने का वादा किया था और इसके बदले लाखों रुपये एडवांस के रूप में लिए गए।
    लेकिन तीन साल से ज्यादा वक्त गुजरने के बावजूद निर्माण अधूरा है और कब्ज़े की कोई ठोस तारीख नहीं बताई जा रही।

    EMI और किराया, दोनों का बोझ

    फ्लैट न मिलने से खरीदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

    • एक ओर बैंक की EMI हर महीने समय पर चुकानी पड़ रही है
    • दूसरी ओर रहने के लिए अलग से किराए का खर्च उठाना पड़ रहा है

    कई खरीदारों का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत पूरी तरह बिगड़ चुकी है, फिर भी डेवलपर की ओर से सिर्फ टालमटोल की जा रही है।

    कांदिवली के निवासियों के आरोप: अभद्र जवाब और अनदेखी

    प्रदर्शन कर रहे नागरिकों का आरोप है कि जब वे निर्माण में देरी को लेकर सवाल पूछते हैं, तो उन्हें अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए जाते हैं।
    यही वजह है कि मजबूर होकर खरीदारों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

    250 फ्लैट्स का प्रोजेक्ट, लेकिन कई खामियां

    निवासियों के मुताबिक,

    • सियाना प्रोजेक्ट में कुल 250 फ्लैट्स हैं
    • इसमें 22 मंज़िला 5 इमारतें और 50 मंज़िला एक इमारत शामिल है

    आरोप है कि निर्माण दिखाए गए प्लान के मुताबिक नहीं किया गया।
    कई फ्लैट्स में पानी का रिसाव है,
    एंट्री गेट बेहद संकरा है
    और बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है।

    RERA में शिकायत, फिर भी राहत नहीं

    नागरिकों ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में भी शिकायत दर्ज कराई है।
    आरोप है कि RERA में होने वाली बैठकों में भी कई बार शिकायतकर्ताओं को शामिल होने से रोका जाता है, जिससे खरीदारों में और नाराज़गी बढ़ गई है।

    पीड़ित खरीदार की आपबीती

    स्वाति गावडे, निवासी ने बताया,
    “मैंने 2022 में 1.5 BHK फ्लैट बुक किया था। बुकिंग के समय कहा गया था कि 2023 में कब्ज़ा मिल जाएगा। मैंने 3 लाख रुपये दिए। आज 2025 खत्म हो गया है, लेकिन घर अब तक नहीं मिला। मैं किराए के मकान में रह रही हूं, हर महीने 40 हजार रुपये किराया और 75 हजार रुपये EMI दे रही हूं। ये बहुत मानसिक तनाव देने वाला है।”

    नागरिकों की मांग

    प्रदर्शन कर रहे खरीदारों की साफ मांग है कि—

    • डेवलपर तुरंत कब्ज़े की स्पष्ट तारीख घोषित करे
    • निर्माण की गुणवत्ता की जांच हो
    • RERA और संबंधित सरकारी विभाग इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करें

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला किस इलाके का है?
    👉 मुंबई के कांदिवली पूर्व, समता नगर-ठाकुर गांव इलाके का।

    Q2. किस डेवलपर के खिलाफ प्रदर्शन हुआ?
    👉 एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के खिलाफ।

    Q3. कितने समय से खरीदार इंतज़ार कर रहे हैं?
    👉 करीब तीन साल से अधिक समय से।

    Q4. खरीदारों की मुख्य परेशानी क्या है?
    👉 फ्लैट कब्ज़ा न मिलना, EMI और किराए का दोहरा बोझ।

    Q5. खरीदारों ने किससे मदद मांगी है?
    👉 RERA प्रशासन और संबंधित सरकारी विभागों से।

  • दहिसर में ऑर्केस्ट्रा बार से उगाही, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    दहिसर में ऑर्केस्ट्रा बार से उगाही, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के दहिसर ईस्ट में ऑर्केस्ट्रा बार संचालक से फर्जी शिकायतों की धमकी देकर उगाही करने के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी हर महीने पैसे मांगकर कारोबार में रुकावट डालने की धमकी दे रहे थे।

    मुंबई: दहिसर ईस्ट इलाके में एक ऑर्केस्ट्रा बार और रेस्टोरेंट संचालक से लगातार उगाही करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने फर्जी शिकायतों की धमकी देकर पैसे वसूलने के आरोप में एक महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और बीएमसी में झूठी शिकायतें करने का डर दिखाकर बार संचालक से हजारों रुपये ऐंठने का आरोप है।

    🧑‍💼 शिकायतकर्ता और कारोबार की पृष्ठभूमि

    इस मामले में शिकायतकर्ता चंद्रशेखर गुरुनाथ शेट्टी (47) हैं, जो दहिसर ईस्ट के रावलपाड़ा इलाके में रहते हैं।
    वह अपने चचेरे भाई के ऑर्केस्ट्रा बार और रेस्टोरेंट का संचालन संभालते हैं, जो दहिसर चेक पोस्ट के पास प्रभात इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्थित है।

    शेट्टी के अनुसार, उनका ऑर्केस्ट्रा बार पूरी तरह से वैध है और उसके पास FL-III लाइसेंस समेत सभी जरूरी सरकारी अनुमति मौजूद हैं। बार में काम करने वाले स्टाफ और महिला कलाकारों से जुड़े सभी नियमों का भी पालन किया जाता है।

    💰 उगाही की शुरुआत और धमकियां

    शिकायत में बताया गया है कि मई 2025 में एक महिला रीमा राजेश मोहिते और उसका साथी अनिल यादव बार में पहुंचे।
    दोनों ने कथित तौर पर बार को “शांतिपूर्वक चलाने” के बदले हर महीने एक तय रकम देने की मांग की।

    आरोप है कि उन्होंने साफ धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो वे पुलिस कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड और नगर निगम (BMC) में बार के खिलाफ बार-बार शिकायतें दर्ज कराएंगे और उसे अवैध गतिविधियों में फंसाएंगे।

    🔁 फर्जी शिकायतों से परेशान करने का आरोप

    शेट्टी ने बताया कि बाद में उन्हें इलाके के अन्य बार मालिकों से जानकारी मिली कि यही आरोपी पहले भी कई बार और रेस्टोरेंट्स को इसी तरह फर्जी शिकायतों के जरिए परेशान कर चुके हैं।

    शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने अपने नए कारोबार को परेशान न करने की विनती भी की, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगातार दबाव बनाते रहे और पैसे की मांग जारी रखी।

    🚨 फर्जी इमरजेंसी कॉल से मचा हड़कंप

    19 मई 2025 की रात एक फर्जी इमरजेंसी कॉल के बाद हालात और बिगड़ गए।
    शिकायत के अनुसार, देर रात पुलिस, फायर ब्रिगेड और अडानी इलेक्ट्रिसिटी के अधिकारी अचानक होटल पहुंच गए। इससे बार में अफरा-तफरी मच गई और कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ।

    इस घटना के बाद आरोपियों ने अपनी धमकियां और तेज कर दीं और रकम बढ़ाने का दबाव बनाने लगे।

    📲 दबाव में किए गए भुगतान

    शेट्टी का आरोप है कि अपने व्यवसाय को बचाने के लिए उन्होंने मई से दिसंबर 2025 के बीच कई बार पैसे दिए।

    • शुरुआत में ₹2,000 प्रति माह
    • बाद में रकम बढ़ाकर ₹3,000 की गई
    • फिर ₹10,000 प्रति माह की मांग की जाने लगी

    पैसे UPI ट्रांजैक्शन और नकद दोनों माध्यमों से दिए गए। कुल मिलाकर करीब ₹22,000 की उगाही की गई।

    🚓 दहिसर पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

    शिकायत और डिजिटल पेमेंट के सबूतों के आधार पर दहिसर पुलिस ने रीमा राजेश मोहिते और अनिल यादव के खिलाफ

    • उगाही
    • आपराधिक धमकी
    • अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन्होंने इलाके के अन्य बार और रेस्टोरेंट संचालकों को भी इसी तरह निशाना बनाया था।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के दहिसर ईस्ट इलाके का।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 रीमा राजेश मोहिते और अनिल यादव।

    Q3. उगाही किस तरह की जा रही थी?
    👉 फर्जी पुलिस, फायर ब्रिगेड और BMC शिकायतों की धमकी देकर।

    Q4. कितनी रकम वसूली गई?
    👉 कुल ₹22,000।

    Q5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    👉 दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू की गई है।

  • कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में कनाडा वर्क वीज़ा दिलाने के नाम पर 37 लोगों से 1.63 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी डेढ़ साल से फरार थे।

    मुंबई: कनाडा में नौकरी और वर्क वीज़ा दिलाने का सपना दिखाकर 37 लोगों से करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को वीज़ा कंसल्टेंट बताकर लोगों को फंसाते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रकम ऐंठते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह से जुड़े और भी मामले सामने आ सकते हैं।

    डेढ़ साल से फरार थे आरोपी

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रीना गौरव शाह और गौरव शाह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने से पहले ही दोनों फरार हो गए थे और करीब डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहे थे। हाल ही में मालाड पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को दबोच लिया।

    कैसे हुआ ठगी का खुलासा

    इस मामले की शिकायतकर्ता सारिका हैं, जो मालवणी इलाके में अपनी मां के साथ रहती हैं। करीब दो साल पहले वह बोरीवली स्थित एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर काम कर रही थीं और कनाडा में नौकरी की तलाश में थीं।

    इसी दौरान उन्होंने मालाड के काचपाड़ा इलाके में स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ नामक कंपनी का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर उन्हें ऑफिस बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात कंपनी की मालकिन बताई जा रही रीना शाह और गौरव शाह से कराई गई।

    7 लाख में वर्क वीज़ा का लालच

    आरोपियों ने सारिका को भरोसा दिलाया कि वे 7 लाख रुपये में कनाडा वर्क वीज़ा दिलवा देंगे। उन्हें कंपनी का ई-मेल आईडी भी दिया गया और कुछ दिनों बाद कथित तौर पर कनाडा की एक कंपनी से जॉब ऑफर भेजा गया।

    सारिका को पहला ऑफर संदिग्ध लगा, लेकिन बाद में दूसरा ऑफर भेजा गया, जिस पर भरोसा कर उन्होंने वीज़ा प्रक्रिया के लिए किस्तों में 7.16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    वर्क वीज़ा की जगह मिला विज़िटर वीज़ा

    11 जून 2024 को आरोपियों ने बताया कि सारिका का कनाडा वर्क वीज़ा मंजूर हो गया है। जब वह मुंबई के महालक्ष्मी स्थित कनाडा कांसुलेट पहुंचीं, तो वहां पता चला कि दिया गया वीज़ा वर्क नहीं बल्कि विज़िटर वीज़ा है।

    इसके बाद वह जब मालाड स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ के ऑफिस पहुंचीं, तो वह बंद मिला। फोन कॉल और मैसेज का भी कोई जवाब नहीं मिला।

    37 लोगों से 1.56 करोड़ से ज्यादा की ठगी

    जांच में सामने आया कि सारिका अकेली पीड़िता नहीं थीं। ठीक इसी तरह 36 अन्य लोगों को भी कनाडा वर्क वीज़ा का झांसा देकर ठगा गया था।
    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कुल ₹1,56,70,400 की रकम वसूल की और उसे हड़प लिया।

    मालाड पुलिस की कार्रवाई

    सभी सबूत जुटाने के बाद मालाड पुलिस ने रीना और गौरव शाह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। लंबे समय तक फरार रहने के बाद आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस का कहना है कि:

    • आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की जांच की जा रही है
    • अन्य पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है
    • इस रैकेट से जुड़े और लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है

    FAQ

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके में।

    Q2. कुल कितने लोग ठगी का शिकार हुए?
    👉 37 लोग।

    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 करीब 1.63 करोड़ रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 रीना गौरव शाह और गौरव शाह।

    Q5. पुलिस आगे क्या जांच कर रही है?
    👉 अन्य पीड़ितों, बैंक ट्रांजैक्शन और इस रैकेट से जुड़े लोगों की जांच।

  • ₹10 करोड़ की वसूली की साजिश नाकाम, फर्जी छेड़छाड़ केस में दो महिलाएं गिरफ्तार

    ₹10 करोड़ की वसूली की साजिश नाकाम, फर्जी छेड़छाड़ केस में दो महिलाएं गिरफ्तार

    मुंबई में एक कारोबारी के बेटे को फर्जी छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही करने वाली दो महिलाओं को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो एक कारोबारी के बेटे को फर्जी छेड़छाड़ के केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही करने की कोशिश कर रही थीं। पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।

    कौन हैं आरोपी महिलाएं?

    गिरफ्तार महिलाओं की पहचान

    • हेमलता आदित्य पाटकर उर्फ हेमलता बाने (39)
    • अमरिना इक़बाल ज़वेरी उर्फ एलिस उर्फ अमरिना मैथ्यू फर्नांडिस (33)
      के रूप में हुई है।

    क्या है पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता अरविंद गोयल, गोरेगांव पश्चिम में स्थित Goyal & Sons Infra LLP नाम की कंपनी चलाते हैं। पुलिस के मुताबिक, उनके बेटे रितम गोयल की सगाई 5 नवंबर को यश्वी शाह से हुई थी।

    इस खुशी में 14 नवंबर की रात अंबोली इलाके के एक होटल में पार्टी रखी गई थी।

    लिफ्ट में हुआ विवाद, दर्ज हुआ केस

    पार्टी खत्म होने के बाद 15 नवंबर तड़के करीब 2:40 बजे, रितम, उनकी मंगेतर, उसका भाई और एक दोस्त लिफ्ट में थे। उसी दौरान एक अज्ञात महिला लिफ्ट में आई और रितम पर लेज़र लाइट दिखाने का आरोप लगाया।

    लिफ्ट के ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचते ही महिला ने हंगामा किया, जिसके बाद अंबोली पुलिस स्टेशन में छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया।

    ₹10 करोड़ की मांग, डराने-धमकाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, बाद में दोनों महिलाओं ने इस मामले को “सेटल” करने के बदले गोयल परिवार से ₹10 करोड़ की मांग की।
    20 दिसंबर को हेमलता पाटकर ने अंधेरी पश्चिम के एक कैफे में अरविंद गोयल को धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनके बेटे को उम्रकैद हो सकती है।

    बातचीत के बाद रकम घटाकर ₹5.5 करोड़ तय की गई।

    लोअर परेल में बिछाया गया जाल

    इसके बाद कारोबारी की शिकायत पर एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने जाल बिछाया।
    आरोपियों को लोअर परेल बुलाकर ₹1.5 करोड़ नकद देने का नाटक किया गया, जिसमें कुछ नकली नोट भी शामिल थे।

    जैसे ही पैसे लेने की कोशिश हुई, पुलिस ने दोनों महिलाओं को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया और एफआईआर दर्ज की।

    तीसरा आरोपी फरार

    पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में उत्कर्ष नाम का एक तीसरा आरोपी भी शामिल है, जो फिलहाल फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।


    FAQ

    Q1. आरोपी महिलाओं पर क्या आरोप है?
    फर्जी छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही का।

    Q2. गिरफ्तारी किसने की?
    मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने।

    Q3. घटना कहां की है?
    अंबोली, अंधेरी और लोअर परेल इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q4. क्या कोई आरोपी फरार है?
    हां, उत्कर्ष नाम का तीसरा आरोपी फरार है।

  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

    Inter-state-gang-arrested-for-fake-gold-fraud-worth-Rs-25-lakh-in-Malad-news

    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।

  • रियल एस्टेट मे लोगों से 100 करोड़ की ठगी! इमारत प्लिंथ पर रुकी

    रियल एस्टेट मे लोगों से 100 करोड़ की ठगी! इमारत प्लिंथ पर रुकी

    मुंबई के वडाला इलाके में बड़ा रियल एस्टेट घोटाला सामने आया है। बीपी गंगार कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 102 फ्लैट खरीदारों से ₹100 करोड़ की ठगी का आरोप लगा है। इमारत का काम सिर्फ नींव तक पहुंचा, बाकी निर्माण ठप पड़ा है।

    मुंबई: मुंबई पुलिस की आर्थिक गुन्हे शाखा (EOW) ने BP Gangar Constructions Pvt. Ltd. नामक डेवलपर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने वडाला में बन रही “Skye 31” इमारत के 102 फ्लैट खरीदारों से लगभग ₹100 करोड़ की ठगी की।

    पुलिस के अनुसार, बिल्डर को दिसंबर 2024 तक खरीदारों को फ्लैट का कब्जा देना था, लेकिन आज तक इमारत की सिर्फ प्लिंथ लेवल तक की ही कंस्ट्रक्शन हुई है।

    🏗️ 2018 से ले रहा था बुकिंग, लेकिन निर्माण नहीं बढ़ा

    पुलिस जांच में सामने आया है कि BP Gangar Constructions ने 2018 से फ्लैट बुकिंग शुरू की, और कई लोगों से बड़ी रकम ली।
    शिकायतकर्ता अनिल ड्रोन (62), जो एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, ने 2022 में 2-BHK फ्लैट खरीदा था। उन्होंने शिकायत में बताया कि बिल्डर ने एक ही फ्लैट दो लोगों को बेच दिया, यानी एक ही यूनिट से दो बार पैसा वसूला गया।

    🧾 RERA नियमों का उल्लंघन, पैसा निजी उपयोग में लगाया

    EOW के अधिकारियों ने बताया कि डेवलपर ने अब तक 159 में से 102 फ्लैट बेच दिए, लेकिन उस रकम को प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय दूसरी कंपनियों या व्यक्तिगत कामों में उपयोग किया गया।
    यह रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट (RERA) का गंभीर उल्लंघन है।

    👮‍♂️ दो डायरेक्टरों पर FIR, IPC की कई धाराएं लागू

    पुलिस ने कंपनी के दो डायरेक्टरों — सुब्बारमन आनंद विलायनूर और उमा सुब्बारमन — और कुछ अन्य अज्ञात अधिकारियों पर IPC की धारा 406 (विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), और 34 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है।
    पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर ठगी की रकम करीब ₹100 करोड़ से अधिक हो सकती है।

    📉 खरीदारों में रोष, कहा, “हमारी जिंदगी की कमाई दांव पर”

    पीड़ित फ्लैट खरीदारों ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी इस प्रोजेक्ट में लगाई थी।
    “हम हर महीने EMI दे रहे हैं, लेकिन घर सिर्फ नक्शे में है। बिल्डर जवाब नहीं दे रहा,” — एक खरीदार ने बताया।
    अब खरीदारों की मांग है कि सरकार RERA के तहत तुरंत हस्तक्षेप करे और इस प्रोजेक्ट को किसी दूसरी विश्वसनीय कंपनी को सौंपा जाए।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला किस डेवलपर के खिलाफ दर्ज हुआ है?
    👉 BP Gangar Constructions Pvt. Ltd. के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
    Q2. कितने खरीदार ठगी के शिकार हुए हैं?
    👉 कुल 102 फ्लैट खरीदारों ने शिकायत दर्ज कराई है।
    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 पुलिस के अनुसार, रकम लगभग ₹100 करोड़ से अधिक है।
    Q4. पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया है?
    👉 IPC की धारा 406, 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    Q5. क्या इमारत का निर्माण पूरा हुआ है?
    👉 नहीं, अब तक केवल प्लिंथ लेवल तक ही काम हुआ है।

  • Malad Redevelopment Scam: कांदिवली के बिल्डर से ₹18.09 करोड़ की ठगी, तीन डेवलपर्स पर EOW की जांच

    Malad Redevelopment Scam: कांदिवली के बिल्डर से ₹18.09 करोड़ की ठगी, तीन डेवलपर्स पर EOW की जांच

    मुंबई के मालाड इलाके में एक बड़े रीडेवलपमेंट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। कांदिवली के बिल्डर से तीन डेवलपर्स ने झूठे दस्तावेज़ दिखाकर ₹18.09 करोड़ की ठगी की। अब मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपा गया है।

    मुंबई: करोड़ों रुपये की ठगी के मामले मे मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने मालाड वेस्ट में हुए एक बड़े रीडेवलपमेंट फ्रॉड केस की जांच अपने हाथ में ले ली है। आरोप है कि तीन डेवलपर्स — अपूर्व शाह, शीतल शाह और विशेश शाह — ने कांदिवली के बिल्डर राकेश वीरेंद्र सिंह (51) को झूठे मालिकाना दस्तावेज़ दिखाकर ₹18.09 करोड़ की ठगी की है।

    राकेश सिंह ने बताया कि ये आरोपी खुद को मालाड (वेस्ट) स्थित राम निवास और कमल कुंज नामक दो संपत्तियों के एकमात्र मालिक बताते थे, जबकि असल में ये प्रॉपर्टीज पहले से ही कानूनी विवादों में उलझी हुई थीं।

    🔹 झूठे दस्तावेज़ और फर्जी डेवलपमेंट एग्रीमेंट

    एफआईआर के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने राकेश सिंह को लुभाकर Joint Development Agreement (JDA) किया और नकली दस्तावेज़ पेश कर खुद को वैध मालिक बताया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से भारी मुनाफा होगा।

    सिंह ने अनुमतियों, किरायेदारों के स्थानांतरण और निर्माण कार्यों के लिए ₹18.09 करोड़ का निवेश किया। मगर रकम मिलने के बाद न तो कोई काम शुरू हुआ, न पैसा वापस किया गया।

    🔹 पैसे गायब, प्रोजेक्ट ठप

    सिंह के मुताबिक, सभी दस्तावेज़ और वादे झूठे निकले। रकम को इधर-उधर कर दिया गया और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर कानूनी विवाद छिपाकर निवेशक को भ्रमित किया और वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

    🔹 EOW ने संभाली जांच

    मालाड पुलिस ने पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा के तहत धोखाधड़ी और विश्वासघात के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। अब यह मामला आगे की गहराई से जांच के लिए EOW यूनिट-12 को सौंपा गया है।

    EOW अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया, और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मालाड (वेस्ट), मुंबई में दो संपत्तियों — राम निवास और कमल कुंज — के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में यह धोखाधड़ी हुई।
    Q2. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    कांदिवली के बिल्डर राकेश सिंह से ₹18.09 करोड़ की ठगी की गई है।
    Q3. अब इस केस की जांच कौन कर रहा है?
    मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) यूनिट-12 कर रही है।
    Q4. आरोपियों के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
    BNS की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप दर्ज किए गए हैं।

  • मुंबई में बिज़नेसमैन से टैक्स कंसल्टेंट्स ने उड़ाए ₹31 लाख! GST भरने का वादा करके किया बड़ा घोटाला

    मुंबई में बिज़नेसमैन से टैक्स कंसल्टेंट्स ने उड़ाए ₹31 लाख! GST भरने का वादा करके किया बड़ा घोटाला

    गोरगांव के 56 वर्षीय बिज़नेसमैन को टैक्स कंसल्टेंट्स ने ₹31 लाख का चूना लगा दिया। GST और इनकम टैक्स भरने का वादा करके रकम गायब, अब नोटिस और पेनल्टी झेलनी पड़ी!

    मुंबई: गोरेगांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां गोरगांव के एक 56 वर्षीय फैब्रिकेशन बिज़नेसमैन को दो टैक्स कंसल्टेंट्स ने ₹31 लाख का चूना लगा दिया।
    पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि आरोपियों ने उनसे GST और इनकम टैक्स भरने के नाम पर ₹27.8 लाख लिए, लेकिन न तो टैक्स भरा गया और न ही पैसे लौटाए गए।

    नतीजा? बिज़नेसमैन को टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस, पेनल्टी और ब्याज तक देना पड़ा।

    💼 कैसे रचा गया ठगी का खेल

    दरअसल, शिकायतकर्ता एक छोटे स्तर पर फैब्रिकेशन बिज़नेस चलाते हैं। उनके एक दोस्त की फर्म ने पहले से ही आरोपी टैक्स कंसल्टेंट को हायर किया हुआ था।
    2018 में उन्होंने भी भरोसा करके उन्हीं को अपना टैक्स हैंडलर बना लिया।

    2019-2020 में जब कोविड लॉकडाउन आया, तो बिज़नेसमैन टैक्स भर नहीं पाए। तब कंसल्टेंट्स ने कहा,

    “आप हमें रकम दे दो, हम आपके लिए GST और इनकम टैक्स जमा कर देंगे।”

    उन्होंने भरोसा किया और ₹27.8 लाख उनके हाथ में थमा दिए। लेकिन हुआ उल्टा — न टैक्स जमा हुआ, न कोई अपडेट मिला।

    ⚠️ GST विभाग से आया झटका, फिर इनकम टैक्स का नोटिस!

    मई 2023 में बिज़नेसमैन को GST विभाग से नोटिस आया कि उनका टैक्स नहीं भरा गया है।
    फिर फरवरी 2024 में दूसरा नोटिस आया — 2020-21 के टैक्स का भी भुगतान नहीं हुआ!

    इसके बाद अगस्त 2023 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी शो कॉज नोटिस भेज दिया कि बिज़नेस प्रॉफिट पर टैक्स क्यों नहीं दिया गया।

    📵 “बस ₹1 लाख दो, सब सेट कर दूंगा” — और फिर गायब!

    जब पीड़ित ने कंसल्टेंट से जवाब मांगा तो उसने कहा कि मामला सुलझ जाएगा, बस ₹1 लाख और दो।
    बिज़नेसमैन ने भरोसा कर फिर से पैसे दे दिए — लेकिन इसके बाद आरोपी ने फोन बंद कर दिया और गायब हो गया!

    उसका भाई बोला — “वो तो लापता है।”

    आख़िरकार बिज़नेसमैन ने गोरगांव पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अब आरोपियों के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी (Cheating) का केस दर्ज किया गया है।

    🧩 पीड़ित पर पड़ा दोहरा असर: पैसे गए, ऊपर से पेनल्टी भी!

    ₹27.8 लाख देने के बाद भी टैक्स जमा न होने से बिज़नेसमैन को ₹3.29 लाख का पेनल्टी और ब्याज भरना पड़ा।
    यानि कुल नुकसान करीब ₹31 लाख का हुआ।
    पुलिस का कहना है कि मामला जांच में है और आरोपियों की तलाश जारी है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. मामला कहां का है?
    यह मामला मुंबई के गोरगांव इलाके का है।

    Q2. कितनी रकम की ठगी हुई?
    बिज़नेसमैन से कुल ₹31 लाख की ठगी की गई, जिसमें ₹27.8 लाख टैक्स भुगतान के नाम पर थे।

    Q3. आरोपियों ने कैसे झांसा दिया?
    उन्होंने कहा कि वे बिज़नेसमैन की ओर से GST और इनकम टैक्स भर देंगे, लेकिन रकम लेकर गायब हो गए।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    गोरगांव पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

    Q5. पीड़ित को कितना नुकसान हुआ?
    ₹27.8 लाख की रकम तो गई ही, साथ में ₹3.29 लाख का पेनल्टी और ब्याज भी देना पड़ा

  • भारत में सोने का नया युग: रिकॉर्ड दामों ने बदल दी खरीददारी की परंपरा, अब झुकाव निवेश की ओर

    भारत में सोने का नया युग: रिकॉर्ड दामों ने बदल दी खरीददारी की परंपरा, अब झुकाव निवेश की ओर

    भारत में सोने की कीमतें इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं — ₹1.30 लाख प्रति 10 ग्राम। इस तेजी ने दीवाली और धनतेरस पर पारंपरिक ज्वेलरी खरीदने के चलन को बदल दिया है। अब लोग भारी गहनों की जगह गोल्ड कॉइन, बार और डिजिटल गोल्ड में निवेश कर रहे हैं।

    मुंबई: 21 अक्टूबर 2025 — भारत में सोने की कीमतों ने इस साल अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया है। 24 कैरेट गोल्ड का रेट लगभग ₹1,30,860 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है — यानी साल की शुरुआत से अब तक करीब 66% की बढ़ोतरी

    इस भारी उछाल ने न सिर्फ लोगों की जेब पर असर डाला है, बल्कि दीवाली और धनतेरस जैसे त्योहारों की परंपरा को भी पूरी तरह बदल दिया है। अब लोग सोने के भारी गहने कम और गोल्ड कॉइन व बार में निवेश ज्यादा कर रहे हैं।

    अब गहनों से ज्यादा निवेश पर फोकस

    पहले धनतेरस पर सोने के हार, कंगन और झुमके बिकते थे, अब लोग उसी पैसे से 10 या 20 ग्राम के गोल्ड कॉइन ले रहे हैं। सोने के रेट 18 अक्टूबर को ₹1,34,800 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गए — पिछले साल के मुकाबले 60% से ज्यादा महंगा। हालांकि सोने की बिक्री का वॉल्यूम 10-15% घटा है, लेकिन कुल कारोबार का मूल्य बढ़ा क्योंकि कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं।

    क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?

    • वैश्विक तनाव और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर
    • सेंट्रल बैंकों की गोल्ड खरीदारी में तेजी
    • ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें
    • निवेशकों का भरोसा — सोना सुरक्षित विकल्प

    2025 की शुरुआत से ही अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सोने की कीमतें $4,000 प्रति औंस के पार चली गई हैं, और भारत में उसी का सीधा असर देखा जा रहा है।

    ज्वेलरी कंपनियों पर असर — कौन फायदे में, कौन घाटे में

    फायदे में रहने वाले ब्रांड्स:

    • Titan Company (Tanishq, CaratLane) – हल्के डिज़ाइन, 9 कैरेट कलेक्शन और इन्वेस्टमेंट गोल्ड कॉइन से मार्केट में टॉप पर।
    • Kalyan Jewellers – शादी सीज़न और फ्रेंचाइज़ मॉडल की वजह से राजस्व बढ़ा।
    • MMTC-PAMP – निवेशक गोल्ड कॉइन और बार की खरीद में बढ़ोतरी से रिकॉर्ड मुनाफा।

    मिश्रित असर वाले ब्रांड्स:

    • Rajesh Exports – रिफाइनिंग में फायदा, लेकिन पारंपरिक ज्वेलरी की बिक्री में गिरावट।
    • PC Jeweller – सोने के दामों से वॉल्यूम घटा, अब डायमंड और सिल्वर पर फोकस।

    नुकसान में:

    • छोटे लोकल ज्वेलर्स – महंगे सोने और घटते ग्राहक आधार से जूझ रहे हैं।
      अब उपभोक्ता भरोसेमंद ब्रांड्स या डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर जा रहे हैं।

    सोने में निवेश बढ़ा, लोन मार्केट भी गर्म

    • गोल्ड लोन कंपनियां जैसे मुथूट और मनप्पुरम को भारी फायदा —
      सोने की कीमत बढ़ने से लोन की वैल्यू भी बढ़ी
    • ETF और डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड इनफ्लो।
    • सरकारी बॉन्ड (SGB) की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

    सोने की बढ़त का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर

    • भारत के पास लगभग 34,600 टन सोना है — कीमत करीब $3.8 ट्रिलियन
    • कीमतें बढ़ने से घरों की कुल संपत्ति में इज़ाफा।
    • लेकिन सोने का इंपोर्ट बढ़ने से ट्रेड डेफिसिट भी बढ़ा —
      सितंबर 2025 में भारत का ट्रेड घाटा $32.15 बिलियन पहुंच गया।

    सरकार पर अब दबाव है कि इंपोर्ट ड्यूटी कम करे ताकि तस्करी पर लगाम लगे और रुपया संभले।

    लंबे समय में क्या हो सकता है?

    • 2026 तक सोना ₹1.40–₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
    • सोने का फाइनेंशियलाइजेशन (ETFs, SGBs, डिजिटल गोल्ड) और तेज़ होगा।
    • सिल्वर और डायमंड मार्केट में भी मांग बढ़ेगी — सस्ते विकल्प के रूप में।
    • डिजिटल ज्वेलरी प्लेटफॉर्म नए निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।

    FAQ

    Q1. 2025 में भारत में सोने का रेट कितना है?
    24 कैरेट सोना लगभग ₹1,30,860 प्रति 10 ग्राम (अक्टूबर 2025 तक)।

    Q2. लोग अब गहनों की बजाय क्या खरीद रहे हैं?
    अब गोल्ड कॉइन, बार और डिजिटल गोल्ड में निवेश का ट्रेंड बढ़ा है।

    Q3. क्या सोने की कीमत और बढ़ेगी?
    एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 तक सोना ₹1.40–₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।

    Q4. किन कंपनियों को सोने की इस तेजी से फायदा हुआ है?
    Titan, Kalyan Jewellers और MMTC-PAMP जैसी कंपनियों को सीधा फायदा मिला है।

    Q5. क्या इससे अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है?
    हां, सोने के आयात से भारत का व्यापार घाटा बढ़ गया है और रुपया दबाव में है।

  • ED का बड़ा एक्शन: मुंबई में दाऊद इब्राहिम से जुड़े 9 ठिकानों पर छापा, नकदी और लग्ज़री कारें जब्त

    ED का बड़ा एक्शन: मुंबई में दाऊद इब्राहिम से जुड़े 9 ठिकानों पर छापा, नकदी और लग्ज़री कारें जब्त

    मुंबई में ईडी (ED) ने दाऊद इब्राहिम से जुड़े ड्रग और हवाला नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। 9 ठिकानों पर छापे के दौरान 42 लाख रुपए कैश, BMW जैसी लग्ज़री कारें और कई बैंक अकाउंट्स सीज़ किए गए।

    मुंबई: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के ड्रग और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने एक और बड़ा प्रहार किया है। बुधवार को ईडी की टीम ने मुंबई के 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें नकदी, लग्जरी कारें और करोड़ों की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ बरामद हुए।

    यह कार्रवाई मुंबई के ड्रग ट्रैफिकिंग और हवाला नेटवर्क को खत्म करने के लिए की गई थी, जो दाऊद गैंग के लोगों से जुड़ा बताया जा रहा है।

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    छापे में बरामद हुई नकदी और लग्जरी गाड़ियां

    ईडी की टीम ने इस ऑपरेशन के दौरान करीब ₹42 लाख नकद, तीन सेकंड हैंड लक्जरी गाड़ियां (दो BMW समेत), कई बैंक डॉक्यूमेंट्स, डिजिटल डिवाइस और संपत्ति के पेपर्स ज़ब्त किए हैं।
    इसके अलावा, एक बैंक लॉकर और कई बैंक अकाउंट्स को भी फ्रीज़ (freeze) किया गया है, जिनमें ड्रग के पैसों के होने का शक है।

    NCB की जांच से खुली थी कड़ी

    यह पूरा मामला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जांच से सामने आया। NCB ने पहले फैसल जावेद शेख, अल्फिया फैसल शेख, आशिक वरिस अली, नासिर खान समेत कई लोगों के खिलाफ ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क चलाने के आरोप में केस दर्ज किया था।

    जांच में पता चला कि फैसल शेख सलिम डोला नाम के ड्रग किंगपिन से MD ड्रग्स (मेथेड्रोन) मंगवाता था — जो सीधे दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के नेटवर्क से जुड़ा है।

    दाऊद के नेटवर्क से कनेक्शन

    ईडी के सूत्रों के मुताबिक, सलिम डोला लंबे समय से दाऊद गैंग के लिए ड्रग मनी को हवाला के ज़रिए बाहर भेजने का काम कर रहा था। उसके संपर्क में कई लोकल एजेंट, हवाला ऑपरेटर और स्मगलर हैं जो मुंबई, गुजरात और दिल्ली में फैले हुए हैं।

    ईडी का मानना है कि यह नेटवर्क नाइजीरियन ड्रग कार्टेल्स, गल्फ देशों के हवाला चैनल्स और दाऊद के पुराने रैकेट्स से जुड़ा है।

    फैसल शेख पहले भी गिरफ्तार हो चुका है

    फैसल शेख को NCB ने पहले भी गिरफ्तार किया था।
    हालांकि, उसे कोर्ट से जमानत मिलने के बाद PIT-NDPS एक्ट के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन (Preventive Detention) में रखा गया था, क्योंकि वह फिर से ड्रग नेटवर्क एक्टिव करने की कोशिश कर रहा था।

    ईडी की टीम ने कब और कहां की छापेमारी

    बुधवार सुबह से ही ईडी की अलग-अलग टीमों ने मुंबई के निम्न इलाकों में छापे मारे —

    • पायधोनी (Pydhonie)
    • भिंडी बाजार (Bhindi Bazaar)
    • बांद्रा (Bandra)
    • डोंगरी (Dongri)
    • अंधेरी (Andheri)
    • माहिम (Mahim)
    • मिरा रोड (Mira Road)

    कई जगहों से डिजिटल डेटा, लेजर बुक्स और बैंकिंग एंट्रीज़ भी जब्त की गई हैं जो हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि करती हैं।

    सरकार ने कहा – संगठित अपराध पर ज़ीरो टॉलरेंस

    एक वरिष्ठ ईडी अधिकारी ने बताया —

    “यह सिर्फ एक रेड नहीं, बल्कि दाऊद के उस नेटवर्क पर वार है जो मुंबई की सड़कों से लेकर दुबई तक फैला हुआ है। सरकार की नीति साफ है — ड्रग्स और हवाला पर ज़ीरो टॉलरेंस।”

    ईडी की कार्रवाई का अगला चरण

    ईडी अब बरामद डिजिटल डिवाइस और बैंकिंग डाटा की फॉरेंसिक जांच करेगी। साथ ही, उन कंपनियों और बिचौलियों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है जिन्होंने हवाला चैनल के ज़रिए पैसे बाहर भेजे या प्राप्त किए।

    संभावना है कि आने वाले हफ्तों में और भी गिरफ्तारियाँ हों।

    क्या दाऊद इब्राहिम मुंबई में फिर से एक्टिव है?

    हाल के महीनों में मुंबई में कई ऐसे केस सामने आए हैं जहां दाऊद से जुड़े पुराने गुर्गे और हवाला ऑपरेटर फिर से सक्रिय पाए गए हैं। इसी वजह से ईडी, NIA और NCB की टीमें मिलकर दाऊद के नेटवर्क की नई मॉड्यूल स्ट्रक्चर को तोड़ने में जुटी हैं।


    FAQ सेक्शन — इस मामले से जुड़े आम सवाल

    Q1. ईडी ने किन-किन जगहों पर रेड की?
    मुंबई के कुल 9 इलाकों में — पायधोनी, डोंगरी, बांद्रा, अंधेरी, भिंडी बाजार, माहिम, मिरा रोड, और कुछ अन्य स्थानों पर छापे मारे गए।

    Q2. कितनी रकम बरामद हुई?
    कुल ₹42 लाख नकद, तीन लग्ज़री कारें (दो BMW समेत), और कई बैंक अकाउंट फ्रीज़ किए गए हैं।

    Q3. फैसल शेख कौन है?
    फैसल जावेद शेख मुंबई का ड्रग सप्लायर है जो सलिम डोला और दाऊद इब्राहिम गैंग से जुड़ा बताया जाता है।

    Q4. सलिम डोला कौन है?
    सलिम डोला दाऊद का पुराना सहयोगी और मुंबई का ड्रग किंगपिन है। उस पर भारत और विदेश दोनों जगहों पर मनी लॉन्ड्रिंग और स्मगलिंग के केस दर्ज हैं।

    Q5. क्या ईडी को और गिरफ्तारियाँ करनी हैं?
    हाँ, एजेंसी के अनुसार यह ऑपरेशन जारी रहेगा और कई और लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है।

    Q6. क्या दाऊद का नेटवर्क मुंबई में अभी भी चालू है?
    अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुराने लोग अब भी हवाला, ड्रग और रियल एस्टेट चैनलों के ज़रिए सक्रिय हैं।

    Q7. बरामद गाड़ियों का क्या होगा?
    सभी कारें ED की कस्टडी में हैं। कोर्ट प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कोई कार्रवाई होगी।

    Q8. क्या यह मामला NCB और ED दोनों की संयुक्त जांच में है?
    हाँ, यह केस पहले NCB से शुरू हुआ और अब मनी लॉन्ड्रिंग एंगल के कारण ED ने इसे अपने हाथों में लिया है।