Category: Public Safety

  • Mumbai Crime: Malad में Milk Adulteration Racket का भंडाफोड़! Branded Packets में मिलाया जा रहा था गंदा पानी, आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime: Malad में Milk Adulteration Racket का भंडाफोड़! Branded Packets में मिलाया जा रहा था गंदा पानी, आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai crime news: Malad में FDA और Mumbai Police ने milk adulteration racket का पर्दाफाश किया। Amul और Gokul जैसे branded milk packets में पानी मिलाकर बेचा जा रहा था।

    मुंबई: शहर में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लोगों की सेहत के साथ खुलकर खिलवाड़ किया जा रहा था। Mumbai के Malad East इलाके में दूध में मिलावट करने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। Mumbai Police और Food and Drug Administration (FDA) की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

    🕵️‍♂️ कैसे हुआ रैकेट का खुलासा? (Milk Adulteration Racket Busted)

    जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई 10 अप्रैल 2026 की सुबह गुप्त सूचना के आधार पर की गई। Kasam Baug स्थित एक कमरे में छापा मारकर इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया गया।

    इस ऑपरेशन में Dindoshi Police और Food Safety Officer आकाश मंडले की टीम शामिल थी। मौके पर आरोपी सईदुल रामास्वामी चौगौनी (40) को गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से इस अवैध धंधे में शामिल था।

    🥛 Branded Milk के साथ धोखाधड़ी (Fake Milk Scam)

    जांच के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए, जब उन्होंने देखा कि आरोपी नामी ब्रांड्स जैसे Amul और Gokul के दूध के पैकेट्स के साथ छेड़छाड़ कर रहा था।

    आरोपी:

    • ओरिजिनल पैकेट काटता था
    • उसमें से कुछ दूध निकालता था
    • फिर उसमें गंदा/संदिग्ध पानी मिलाता था
    • और दोबारा सील करके मार्केट में बेच देता था

    यानी लोग जिस ब्रांडेड दूध पर भरोसा कर रहे थे, वही उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा था।

    ⚠️ छापे में क्या-क्या बरामद हुआ? (Raid Recovery Details)

    छापेमारी के दौरान कई चौंकाने वाली चीजें बरामद हुईं, जिनमें शामिल हैं:

    • कैंडल (मोमबत्ती)
    • लाइटर
    • चिमटा (tongs)
    • कैंची
    • प्लास्टिक फनल
    • स्टील के कंटेनर
    • 600 से ज्यादा खाली नकली दूध के पैकेट

    यह पूरा सेटअप एक “mini adulteration factory” की तरह काम कर रहा था।

    💰 सैकड़ों लीटर दूध जब्त और नष्ट (Seized Adulterated Milk)

    अधिकारियों ने मौके से:

    • 473 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया (लगभग ₹31,000 कीमत)
    • करीब 465 लीटर दूध तुरंत नष्ट कर दिया गया

    इसके अलावा दूध के सैंपल लैब टेस्ट के लिए भेजे गए हैं।

    🧾 आरोपी का कबूलनामा (Accused Confession)

    पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने माना कि:

    • वह लोगों के भरोसे का फायदा उठा रहा था
    • branded packaging का इस्तेमाल कर ग्राहकों को धोखा देता था
    • नियमित रूप से इस मिलावटी दूध की सप्लाई करता था

    पुलिस ने एक रजिस्टर भी बरामद किया है, जिसमें इस पूरे काले धंधे का हिसाब-किताब दर्ज था।

    🚔 कानूनी कार्रवाई (Legal Action Taken)

    आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें शामिल हैं:

    • Bharatiya Nyaya Sanhita
    • Food Safety and Standards Act

    फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    🔁 4 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई (Second Crackdown in 4 Days)

    गौरतलब है कि यह पिछले 4 दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले Andheri West में भी इसी तरह का मिलावट रैकेट पकड़ा गया था।

    इससे साफ है कि मुंबई में food adulteration एक गंभीर समस्या बनती जा रही है।

    ⚠️ Public Health Alert (Milk Safety Concern)

    इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है:

    • क्या हम जो दूध पी रहे हैं, वह सुरक्षित है?
    • क्या branded products भी पूरी तरह भरोसेमंद हैं?

    Experts का कहना है कि:

    • दूध हमेशा विश्वसनीय स्रोत से खरीदें
    • पैकेट की sealing और quality चेक करें
    • शक होने पर तुरंत शिकायत करें

    🌐 Useful Links (Official Resources):


    FAQ Section

    1. यह घटना कहां हुई?

    Malad East के कसम बाग इलाके में।

    2. आरोपी कौन है?

    सईदुल रामास्वामी चौगौनी (40), जो लंबे समय से इस धंधे में था।

    3. कितना मिलावटी दूध मिला?

    करीब 473 लीटर दूध जब्त किया गया।

    4. कौन-कौन से ब्रांड्स के पैकेट इस्तेमाल हुए?

    Amul और Gokul जैसे ब्रांड्स।

    5. क्या कार्रवाई हुई?

    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर केस दर्ज किया है और जांच जारी है।

  • Mumbai Shocker: ₹12,200 Fine के बाद रिक्षाचालक ने पी लिया Phenyl! Traffic Police पर गंभीर आरोप, Vile Parle में बवाल

    Mumbai Shocker: ₹12,200 Fine के बाद रिक्षाचालक ने पी लिया Phenyl! Traffic Police पर गंभीर आरोप, Vile Parle में बवाल

    Mumbai news: Vile Parle में ₹12,200 के भारी challan के बाद auto rickshaw driver ने phenyl पीकर suicide attempt किया। Traffic police पर मनमानी fine वसूली के आरोप, ₹75,000 daily collection का दावा।

    मुंबई: शहर में एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। Mumbai के Vile Parle इलाके में एक ऑटो रिक्शा चालक ने भारी ट्रैफिक चालान से परेशान होकर फिनाइल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। राहत की बात ये रही कि मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने तुरंत उसे Cooper Hospital पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई।

    ⚠️ क्या है पूरा मामला? (Mumbai Traffic Fine Controversy)

    जानकारी के मुताबिक, यह घटना विलेपार्ले इलाके की है, जहां एक ऑटो रिक्शा चालक शेयरिंग में सवारी ले जा रहा था। आरोप है कि एक अतिरिक्त यात्री बैठाने पर ट्रैफिक पुलिस ने उस पर सीधा ₹12,200 का भारी जुर्माना (traffic challan) ठोक दिया।

    रिक्शा चालक ने जुर्माना भरने की बात भी कही थी, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद उसकी रिक्शा जबरन उठाकर Santacruz ट्रैफिक डिपार्टमेंट में जमा कर दी गई। इस कार्रवाई से चालक मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया।

    😢 आत्महत्या की कोशिश: Phenyl पीने की घटना से हड़कंप

    इस दबाव और आर्थिक संकट से परेशान होकर सिगवन नाम के रिक्षाचालक ने फिनाइल पी लिया। यह घटना देखकर आसपास के अन्य रिक्शा चालकों और लोगों में हड़कंप मच गया। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।

    💰 ₹75,000 तक रोजाना वसूली का आरोप (Heavy Fine Collection)

    रिक्शा चालक यूनियन और स्थानीय ड्राइवरों का आरोप है कि ट्रैफिक विभाग रोजाना भारी मात्रा में चालान वसूल रहा है। उनका दावा है कि एक दिन में ₹75,000 तक की वसूली की जा रही है।

    ड्राइवरों का कहना है कि:

    • गरीब ऑटो चालक इतने भारी fines नहीं भर सकते
    • छोटी-छोटी गलतियों पर भी बड़े challans लगाए जा रहे हैं
    • Parking की सुविधा नहीं होने के बावजूद ₹1,500 तक का fine लगाया जाता है
    Mumbai-Shocker-Rickshaw-driver-drinks-Phenyl-after-being-fined-12200-Serious-allegations-traffic-police-Vile-Parle

    😡 परिवार का आरोप: अधिकारी जिम्मेदार (Police Harassment Allegation)

    रिक्शा चालक के बेटे ने ट्रैफिक विभाग के अधिकारी Anil Sakpal पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    उसका कहना है:

    “अगर मेरे पिता को कुछ हुआ, तो इसके जिम्मेदार वही अधिकारी होंगे।”

    यह बयान सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है।

    🚖 रिक्शा यूनियन का अल्टीमेटम (Auto Rickshaw Strike Warning)

    घटना के बाद रिक्शा चालक संघटनाओं में भारी नाराजगी है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि:

    • अगर सरकार और प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की
    • तो Vile Parle इलाके में सभी रिक्शा बंद कर दिए जाएंगे
    • बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा

    ⚖️ Traffic Rules vs Ground Reality (Mumbai Traffic Rules Debate)

    यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है—क्या ट्रैफिक नियमों का पालन करवाने के नाम पर जरूरत से ज्यादा सख्ती हो रही है?

    Experts मानते हैं कि:

    • Rules जरूरी हैं, लेकिन human approach भी जरूरी है
    • गरीब ड्राइवरों पर disproportionate fines नहीं होने चाहिए
    • Public transport ecosystem को ध्यान में रखना जरूरी है

    🌐 Useful Links (Government / Help Resources)


    FAQ Section

    1. रिक्षाचालक ने आत्महत्या की कोशिश क्यों की?

    भारी ₹12,200 के चालान और रिक्शा जब्त किए जाने के बाद मानसिक तनाव में आकर उसने यह कदम उठाया।

    2. घटना कहां हुई?

    मुंबई के विलेपार्ले इलाके में।

    3. क्या चालक सुरक्षित है?

    हाँ, समय पर Cooper Hospital में इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।

    4. क्या ट्रैफिक पुलिस पर आरोप लगे हैं?

    हाँ, मनमानी वसूली और harassment के आरोप लगाए गए हैं।

    5. आगे क्या हो सकता है?

    रिक्शा यूनियन ने हड़ताल और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

  • Mumbai Heatwave: मुंबई-ठाणे-रायगढ़ में भीषण गर्मी, IMD का Yellow Alert जारी

    Mumbai Heatwave: मुंबई-ठाणे-रायगढ़ में भीषण गर्मी, IMD का Yellow Alert जारी

    Mumbai, Thane और Raigad में heatwave का असर जारी, IMD ने hot and humid weather के लिए Yellow Alert जारी किया। तापमान 36°C पार, जानिए पूरी weather update और राहत की संभावना।

    मुंबई: Mumbai समेत Thane और Raigad में इन दिनों भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। चौथी बार heatwave जैसी स्थिति बनने के बाद मौसम विभाग ने Yellow Alert जारी किया है।

    🌡️ IMD का Yellow Alert – कब तक रहेगा असर

    India Meteorological Department (IMD) ने बुधवार को यह चेतावनी जारी की, जो शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक लागू रहेगी।
    इस दौरान Hot and Humid Conditions बने रहने की संभावना है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    🔥 तापमान 35°C के पार, बढ़ी परेशानी

    मुंबई में लगातार अधिकतम तापमान 35°C से ऊपर बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 25°C तक पहुंच गया है।
    इस वजह से दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।

    📊 City Heat Spots – कहां सबसे ज्यादा गर्मी

    IMD के ऑटोमेटेड वेदर स्टेशनों के अनुसार:

    • राम मंदिर, ओशिवारा: 36.2°C (सबसे ज्यादा)
    • विक्रोली: 36.0°C
    • विद्याविहार: 35.0°C
    • भायखला: 34.1°C
    • बांद्रा: 34.0°C
    • दहिसर: 33.8°C
    • चेंबूर: 33.8°C

    Oshiwara इस समय शहर का सबसे ज्यादा गर्म इलाका रिकॉर्ड किया गया।

    ☀️ अगले 48 घंटे का Weather Forecast

    IMD के मुताबिक अगले 48 घंटों में आसमान साफ रहेगा और गर्मी-उमस जारी रहेगी।

    • अधिकतम तापमान: 36°C
    • न्यूनतम तापमान: 23°C

    ⛈️ इंटीरियर महाराष्ट्र में बारिश की संभावना

    जहां मुंबई में गर्मी का असर है, वहीं महाराष्ट्र के अंदरूनी इलाकों में मौसम बदलने वाला है।

    Kolhapur, Satara, Sangli, Nanded, Latur और पूरे Vidarbha में
    Thunderstorm, lightning और gusty winds के साथ बारिश का Yellow Alert जारी किया गया है।

    🚨 Heatwave से बचने के जरूरी Tips

    • दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
    • ज्यादा पानी और ORS लें
    • हल्के और ढीले कपड़े पहनें
    • बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

    🔗 सरकारी जानकारी और अपडेट


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Yellow Alert का मतलब क्या होता है?
    Yellow Alert का मतलब है कि मौसम सामान्य से ज्यादा खराब हो सकता है, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।

    Q2. मुंबई में तापमान कितना पहुंच गया है?
    मुंबई में तापमान 36°C तक पहुंच चुका है।

    Q3. क्या मुंबई में बारिश होगी?
    अभी मुंबई में बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन इंटीरियर महाराष्ट्र में बारिश हो सकती है।

    Q4. Heatwave से कैसे बचें?
    पानी ज्यादा पिएं, धूप से बचें और जरूरी होने पर ही बाहर निकलें।

  • मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    Mumbai Kandivali Cyber Cell ने Army soldier के साथ हुए ₹7.25 lakh online investment scam में पूरी रकम recover कर वापस दिलाई। जानिए कैसे हुई कार्रवाई, Cyber Crime Helpline 1930 की पूरी जानकारी।

    मुंबई: कांदिवली इलाके से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां Cyber Crime के शिकार हुए भारतीय सेना के जवान को उनकी पूरी ठगी गई रकम वापस मिल गई है। Kandivali Police Cyber Cell ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ₹7,25,000 की पूरी रकम recover कर पीड़ित के खाते में जमा कर दी।

    🪖 Army जवान से Online Investment के नाम पर ठगी

    कांदिवली पश्चिम, साईनगर निवासी श्री मनोज पाल, जो भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उच्च क्षेत्र में देश की सेवा दे रहे हैं, अप्रैल 2025 में Online Investment Scam का शिकार हो गए थे।

    ठगों ने उन्हें “High Return Investment” का लालच देकर टप्पों में कुल ₹7,25,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और बाद में संपर्क तोड़ दिया।

    📞 Cyber Helpline 1930 पर शिकायत, तुरंत हुई कार्रवाई

    घटना के बाद मनोज पाल ने तुरंत Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही कांदिवली साइबर सेल हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई।

    👉 आधिकारिक लिंक:

    🔍 Bank Accounts ट्रैक कर रकम को किया गया Hold

    कांदिवली साइबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक कादबाने और उनकी टीम ने तुरंत जांच करते हुए उन सभी बैंक खातों का पता लगाया जहां ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

    👉 संबंधित बैंकों से संपर्क कर पूरी रकम को “Hold” कराया गया ताकि पैसे आगे ट्रांसफर न हो सकें।

    ⚖️ कोर्ट ऑर्डर के बाद पूरी रकम वापस

    इसके बाद बोरिवली के 17वें न्यायालय (प्रथम वर्ग न्यायाधीश) से आदेश प्राप्त कर पूरी ₹7,25,000 की रकम वापस मनोज पाल के बैंक खाते में जमा कर दी गई।

    यह कार्रवाई Cyber Crime मामलों में एक मिसाल मानी जा रही है।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बड़ी सफलता

    यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई:

    • पुलिस उपायुक्त (Zone 11) – श्री संदीप जाधव
    • सहायक पुलिस आयुक्त (मालवणी विभाग) – श्रीमती नीता पाडवी
    • वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक – करण सोनकवडे
    • पुलिस निरीक्षक (क्राइम) – शेखर शिंदे

    👉 टीम में शामिल अधिकारी:

    • API दीपक कादबाने
    • पुलिस हवलदार बाळकृष्ण खाडे
    • पुलिस कर्मचारी संकेत सावंत
    • महिला पुलिस कर्मचारी जयश्री तलवारे

    इन सभी ने मिलकर बेहद तेजी और सूझबूझ से काम करते हुए यह बड़ी सफलता हासिल की।

    🚨 Cyber Fraud से बचने के लिए जरूरी टिप्स

    • Unknown investment offers से दूर रहें
    • High return का लालच = Scam का संकेत
    • किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले जांच करें
    • तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Cyber Fraud होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

    Q2. क्या ठगी के पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 हां, अगर समय रहते शिकायत की जाए तो बैंक ट्रांजैक्शन ट्रैक कर पैसे होल्ड किए जा सकते हैं।

    Q3. Investment Scam कैसे पहचानें?
    👉 High returns, unknown apps/websites, जल्दी पैसा कमाने का लालच – ये सभी Scam के संकेत हैं।

    Q4. Mumbai में Cyber Crime की शिकायत कहां करें?
    👉 मुंबई पुलिस की वेबसाइट या Cyber Cell में सीधे संपर्क करें।

  • Social Media Ban: Karnataka में 16 साल से कम बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव, सरकार ने बजट में किया ऐलान

    Social Media Ban: Karnataka में 16 साल से कम बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव, सरकार ने बजट में किया ऐलान

    Karnataka सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव रखा है। CM Siddaramaiah ने राज्य के ₹4,48,004 करोड़ के बजट में डिजिटल एडिक्शन, स्क्रीन टाइम और बच्चों की मानसिक सेहत को देखते हुए यह बड़ा कदम सुझाया है।

    देश में Digital Addiction और Social Media Use को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Karnataka सरकार ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। राज्य सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban लागू करने की योजना पर विचार कर रही है।

    यह प्रस्ताव Siddaramaiah ने शुक्रवार को राज्य का ₹4,48,004 करोड़ का बजट पेश करते समय रखा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को Smartphone Addiction, Excessive Screen Time और Online Dependency से बचाना है।

    Budget Speech में सामने आया Social Media Ban का प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने राज्य का 17वां बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार बच्चों में बढ़ती Digital Addiction को लेकर गंभीर है।

    सरकार का मानना है कि Social Media Platforms का अत्यधिक उपयोग बच्चों की पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर डाल रहा है।

    इसी कारण 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Access पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।

    Smartphone Addiction और Screen Time बना बड़ी चिंता

    राज्य सरकार के अनुसार आजकल बच्चों में Smartphone Addiction, Online Gaming और Excessive Screen Time तेजी से बढ़ रहा है।

    सरकार को चिंता है कि सोशल मीडिया और मोबाइल गेमिंग के कारण बच्चों की Mental Health, Academic Performance और Physical Fitness पर असर पड़ रहा है।

    Vice-Chancellors Conclave में भी उठाया गया था मुद्दा

    इससे पहले Bengaluru में आयोजित Vice-Chancellors (VC) Conclave के दौरान भी मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने इस मुद्दे को उठाया था।

    उन्होंने वहां भी बच्चों में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को लेकर चिंता जताई और इस विषय पर विस्तृत चर्चा की जरूरत बताई थी।

    देश का पहला राज्य बन सकता है Karnataka

    अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो Karnataka भारत का पहला राज्य बन सकता है, जहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban लागू किया जाएगा।

    इससे पहले राज्य के IT Minister Priyank Kharge ने भी संकेत दिए थे कि सरकार Minors के लिए Social Media Access Restriction पर विचार कर रही है।

    अन्य राज्यों में भी शुरू हुई चर्चा

    केवल Karnataka ही नहीं, बल्कि भारत के कई अन्य राज्यों में भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नियंत्रण को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है।

    • Andhra Pradesh सरकार ने पिछले साल स्कूलों में Mobile Phone Ban की संभावना पर चर्चा की थी।
    • वहीं Goa के IT मंत्री ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Restriction लागू करने की बात कही थी।

    बच्चों की Online Safety पर फोकस

    सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को Online Safety Risks, Cyberbullying और Digital Addiction से बचाना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सही तरीके से लागू किया गया तो यह कदम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. क्या Karnataka में बच्चों के लिए Social Media Ban लागू होगा?

    राज्य सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव रखा है। अभी इस पर विचार चल रहा है।

    2. यह घोषणा किसने की?

    यह प्रस्ताव Karnataka के मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने बजट भाषण के दौरान रखा।

    3. सरकार यह कदम क्यों उठाना चाहती है?

    सरकार का कहना है कि Smartphone Addiction, Screen Time और Mental Health Issues को देखते हुए यह कदम जरूरी है।

    4. क्या भारत में पहले कहीं ऐसा Ban लागू है?

    अगर लागू हुआ तो Karnataka भारत का पहला राज्य होगा जहां ऐसा प्रतिबंध लागू किया जाएगा।

    5. क्या अन्य राज्य भी ऐसा सोच रहे हैं?

    हाँ, Andhra Pradesh और Goa में भी बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को सीमित करने पर चर्चा हो चुकी है।

  • मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई के मालाड वेस्ट में फल बेचने वाले दो वेंडरों को केले पर रैट पॉइज़न (Ratol) लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने स्टॉल सील किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सड़क किनारे फल बेचने वाले दो वेंडरों को फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक स्थानीय निवासी ने वीडियो सबूत के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    शिकायत और Video से खुला मामला

    बुधवार को Malad Police Station ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। शिकायतकर्ता ने जो वीडियो दिया, उसमें एक वेंडर केले को संभालते हुए उन पर क्रीम जैसे पदार्थ को लगाते हुए दिखाई दे रहा है।

    वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा फैल गया, खासकर स्ट्रीट फूड और सड़क किनारे बिकने वाले फलों की स्वच्छता को लेकर।

    स्टॉल से मिला ‘Ratol’ ज़हर

    पुलिस ने जब मौके पर जांच की तो आरोपियों के स्टॉल से ‘Ratol’ नाम का चूहे मारने वाला केमिकल बरामद किया। Ratol एक कमर्शियल रैट किलिंग प्रोडक्ट है, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं।

    बरामदगी के बाद पुलिस ने सड़क किनारे लगे उस स्टॉल को तुरंत सील कर दिया।

    आरोपी कौन हैं?

    पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

    • मनोज संगमलाल केसरवानी (42)
    • राहुल सदनलाल केसरवानी (25)

    दोनों मालाड वेस्ट के राजनपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं।

    उन्हें उसी दिन बोरीवली स्थित Additional Chief Metropolitan Magistrate Court, Borivali में पेश किया गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति केले के गुच्छे पर क्रीम जैसा पदार्थ लगा रहा है, जिसे बाद में रैट पॉइज़न बताया गया।

    मुंबई जैसे शहर में जहां लाखों लोग रोज सड़क किनारे फल खरीदते हैं, इस वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

    स्थानीय लोगों की मांग: सख्त जांच हो

    मालाड वेस्ट के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फूड सेफ्टी को लेकर सख्त और नियमित निरीक्षण किए जाएं।

    लोगों ने Food and Drug Administration और Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से अपील की है कि सड़क किनारे फल और खाने-पीने की चीजें बेचने वालों पर नियमित चेकिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी खतरनाक हरकत दोबारा न हो।

    किस कानून के तहत केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हरकत कितने समय से की जा रही थी।

    जनता के लिए अलर्ट

    • सड़क किनारे फल खरीदते समय सावधानी बरतें
    • कटे या संदिग्ध फल बिल्कुल न खरीदें
    • कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें
    • वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां की है?
    यह मामला मुंबई के मालाड वेस्ट इलाके का है।

    Q2. आरोपियों ने किस चीज़ का इस्तेमाल किया?
    ‘Ratol’ नाम की चूहे मारने वाली दवा, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले केमिकल होते हैं।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर स्टॉल सील किया गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. वीडियो कैसे सामने आया?
    एक स्थानीय निवासी ने वीडियो बनाकर पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद मामला सामने आया।

    Q5. क्या जांच जारी है?
    हां, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    कांदिवली वेस्ट के महावीर नगर में BJP विधायक योगेश सागर ने अचानक निरीक्षण किया। गांजा, हुक्का मटेरियल और बैन तंबाकू की खुलेआम बिक्री के आरोप। पुलिस ने 5 मामले दर्ज किए, पहले 99 पान स्टॉल्स पर भी कार्रवाई।

    मुंबई: शहर के पश्चिमी उपनगर कांदिवली वेस्ट में बैन तंबाकू, गांजा और हुक्का मटेरियल की खुलेआम बिक्री की शिकायतों के बीच BJP विधायक Yogesh Sagar ने गुरुवार को अचानक निरीक्षण किया। महावीर नगर इलाके में तीन पान दुकानों की जांच के दौरान कई प्रतिबंधित सामान मिलने का दावा किया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने पांच अपराध दर्ज किए हैं।

    🔎 जांच के दौरान क्या मिला?

    विधायक योगेश सागर ने आरोप लगाया कि:

    • बैन तंबाकू उत्पाद (गुटखा, लूज तंबाकू)
    • हुक्का से जुड़ा मटेरियल
    • संदिग्ध नशीला पाउडर
    • अवैध गांजा सप्लाई

    खुलेआम बेचे जा रहे थे। उनका कहना है कि कुछ दुकानदार पड़ोसी दुकानों में प्रतिबंधित सामान छिपा रहे थे।

    🚔 पुलिस का बयान

    स्थानीय पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जनवरी से फरवरी के बीच, गुरुवार की कार्रवाई को छोड़कर, 99 पान स्टॉल्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें से 18 अवैध स्टॉल्स को तोड़ दिया गया।

    गुरुवार की कार्रवाई में 5 केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई गुटखा और प्रतिबंधित तंबाकू पर हुई थी।

    🏛️ राजनीतिक दबाव और नाराजगी

    यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में इलाके के ही एक अन्य विधायक Sanjay Upadhyay ने भी:

    • अवैध हुक्का पार्लर
    • खुले में शराबखोरी
    • देर रात तक चलने वाले कैफे
    • ट्रैफिक नियम तोड़ते शेयर ऑटो

    को लेकर शिकायत उठाई थी।

    लगातार आ रही शिकायतों से साफ है कि सत्ताधारी दल के विधायकों में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

    🗣️ MLA Yogesh Sagar का आरोप

    योगेश सागर ने कहा, “लोकल लेवल पर सबको पता है क्या चल रहा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। कानून तोड़ने वालों में डर नहीं है। पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए।”

    उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आसपास की दुकानें भी प्रतिबंधित सामान छिपाने में मदद करती पाई गईं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।

    📌 सरकार की नीति बनाम जमीनी हकीकत

    मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis पहले ही अवैध हुक्का, तंबाकू और ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।

    लेकिन लगातार हो रही विधायकों की शिकायतें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि नीति और जमीनी अमल के बीच अंतर है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: यह कार्रवाई कहां हुई?
    महावीर नगर, कांदिवली वेस्ट में तीन पान दुकानों पर।

    Q2: कितने केस दर्ज हुए?
    पुलिस ने पांच मामले दर्ज किए हैं।

    Q3: पहले भी कार्रवाई हुई थी?
    जनवरी-फरवरी में 99 पान स्टॉल्स पर कार्रवाई और 18 को हटाया गया।

    Q4: क्या मादक पदार्थ मिले?
    पुलिस के अनुसार पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई बैन तंबाकू पर थी।

  • Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    कांदीवली पश्चिम के चारकोप में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road की पाइलिंग का काम रोका गया। IIT और VJTI के एक्सपर्ट करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट, सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही काम शुरू होगा।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road प्रोजेक्ट का पाइलिंग वर्क फिलहाल रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत और विधायक Sanjay Upadhyay के हस्तक्षेप के बाद बीएमसी ने तुरंत काम बंद करने का आदेश दिया। अब आसपास की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा।

    Coastal-Road-Piling-Stopped-After-Tremors-in-Kandivali-news

    📍चारकोप में दहशत, 11 फरवरी को महसूस हुए झटके

    चारकोप सेक्टर 8, कांदिवली वेस्ट में 11 फरवरी को कई इमारतों में कंपन महसूस हुआ। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह झटके Coastal Road के पाइलिंग वर्क की वजह से आए। इसके बाद इलाके में डर का माहौल बन गया और लोगों ने काम रुकवाने की मांग की।

    🏗️ IIT और VJTI करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट

    सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब इमारतों की जांच के लिए

    • Indian Institute of Technology Bombay
    • Veermata Jijabai Technological Institute

    के एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है।

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, VJTI की टीम साइट का निरीक्षण करेगी और उनकी ग्रीन सिग्नल के बाद ही काम दोबारा शुरू होगा।

    🏛️ हाई-लेवल मीटिंग में क्या हुआ फैसला?

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त Bhushan Gagrani की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। बैठक में विधायक Sanjay Upadhyay और वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में तय किया गया कि:

    • सभी नजदीकी इमारतों की तकनीकी जांच होगी
    • काम तय समय सीमा और घंटों में ही होगा
    • हर घटना का लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा
    • साइट पर जिम्मेदार अधिकारी तैनात होगा
    • पब्लिक सेफ्टी के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे

    🌊 20,000 करोड़ का Coastal Road प्रोजेक्ट

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    मुंबई का 20 किलोमीटर लंबा Coastal Road प्रोजेक्ट करीब ₹20,000 करोड़ की लागत से बन रहा है।

    • फेज I: मरीन ड्राइव से वर्ली एंड तक (पहले से चालू)
    • फेज II: वर्सोवा से दहिसर तक कनेक्टिविटी

    यह प्रोजेक्ट वेस्टर्न सबर्ब्स और आइलैंड सिटी के बीच ट्रैफिक कम करने के लिए अहम माना जा रहा है। पहले भी हजारों पेड़ों पर असर को लेकर विवाद हो चुका है।

    🛑 सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही शुरू होगा काम

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijeet Bangar ने कहा कि काम शुरू करने से पहले इलाके का निरीक्षण किया गया था, लेकिन अब स्वतंत्र जांच की मांग को देखते हुए VJTI के विशेषज्ञ साइट पर जाकर प्रभाव का आकलन करेंगे।

    उन्होंने बताया:

    • 15 फीट ऊंची प्रोटेक्टिव शीट लगाई जाएगी
    • धूल नियंत्रण के लिए विशेष उपाय
    • जिम्मेदार अधिकारी निगरानी करेगा
    • सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे

    जब तक एक्सपर्ट टीम क्लियरेंस नहीं देती, तब तक पाइलिंग वर्क शुरू नहीं होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पाइलिंग वर्क क्यों रोका गया?
    👉 इमारतों में झटके महसूस होने की शिकायत के बाद काम रोका गया।

    Q2. कौन करेगा इमारतों की जांच?
    👉 IIT और VJTI के विशेषज्ञ स्ट्रक्चरल ऑडिट करेंगे।

    Q3. Coastal Road प्रोजेक्ट कितना लंबा है?
    👉 लगभग 20 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है।

    Q4. काम कब दोबारा शुरू होगा?
    👉 VJTI से सेफ्टी क्लियरेंस मिलने के बाद।

  • Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park (SGNP) में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनर्वसन प्रक्रिया तेज। 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी, 17 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य।

    मुंबई: Sanjay Gandhi National Park (बोरीवली) क्षेत्र में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए वन विभाग ने बड़ी और अहम सूचना जारी की है। मा. उच्च न्यायालय, मुंबई के आदेश (जनहित याचिका क्र. 305/1995) के तहत पुनर्वसन प्रक्रिया को अंतिम चरण में लाया जा रहा है। अब सर्वे के आधार पर बनी प्राथमिक सूची के अनुसार दस्तावेज जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

    📌 क्या है पूरा मामला? | Bombay High Court Order Update

    Bombay High Court के 07 मई 1997 के आदेश के अनुसार SGNP क्षेत्र में बचे हुए अतिक्रमणों का सर्वे कर पुनर्वसन की प्रक्रिया लागू की जानी है। इसी आदेश के पालन में सरकार ने अधिकृत एजेंसी M/s. Grant Thornton Bharat LLP के माध्यम से सर्वे कराया।

    इस सर्वे में कुल 16,478 अतिक्रमणधारकों की प्राथमिक सूची तैयार की गई है।


    📝 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी | Check Name Online

    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news

    वन विभाग ने यह प्राथमिक सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट
    👉 www.mahaforest.gov.in
    पर प्रकाशित कर दी है।

    साथ ही यह सूची SGNP बोरीवली के वन कार्यालयों और संबंधित पुनर्वसन कक्षों के नोटिस बोर्ड पर भी उपलब्ध है।

    अगर आपका नाम लिस्ट में है या नहीं है, लेकिन आप वन क्षेत्र में रह रहे हैं — तो यह आखिरी मौका है दस्तावेज जमा करने का।


    📂 कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? | Required Documents for SGNP Rehabilitation

    पात्रता तय करने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज अनिवार्य हैं:

    1. 01 जुलाई 1995 की वोटर लिस्ट में नाम (फोटो कॉपी)
    2. पहले जमा किए गए ₹7,000 की रसीद (यदि लागू हो)
    3. वन विभाग द्वारा दिया गया झोपड़ी नंबर
    4. 01.07.1995 से 01.01.2011 तक वोटर लिस्ट में नाम का प्रमाण
    5. वोटर आईडी कार्ड
    6. आधार कार्ड / राशन कार्ड / अन्य पहचान पत्र

    👉 बिना दस्तावेज के पुनर्वसन पात्रता तय नहीं होगी।

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park क्षेत्र में वन विभाग द्वारा जारी पुनर्वसन नोटिस के अनुसार जिन-जिन अतिक्रमित नगरों/पाड़ों (Encroached Areas) को शामिल किया गया है, उनकी पूरी विस्तृत सूची नीचे दी जा रही है। यह जानकारी उन सभी रहिवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो पात्रता तय करने के लिए दस्तावेज जमा करने वाले हैं।


    📍 1️⃣ बोरीवली मुख्य प्रवेशद्वार क्षेत्र (SGNP Main Gate Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    पुनर्वसन कक्ष, जुने वनपरिक्षेत्र कार्यालय, मुख्य प्रवेशद्वार, SGNP बोरीवली

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • चिचपाडा
    • नवापाडा
    • रावणपाडा
    • केल्डाईपाडा
    • तुमणीपाडा
    • मलेपाडा
    • तलेपाडा
    • चुनापाडा
    • डॅमपाडा
    • धारखाडी
    • केतकी पाडा
    • केशव नगर
    • पांडे कम्पाउंड
    • अन्य आसपास के अतिक्रमित क्षेत्र

    📍 2️⃣ गौतम नगर – दामू नगर बेल्ट (Gautam Nagar Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    गौतमनगर संरक्षण कुटी, दामूनगर नाले के पास, लहुगड रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • दामू नगर
    • भीमनगर
    • सातारा कॅम्प
    • गांधी नगर
    • पाताचे पानी
    • आकारची भट्टी
    • देवी पाडा
    • चुनापाडा (इस बेल्ट का हिस्सा)
    • लहूगड
    • गौतम नगर
    • रामगड

    📍 3️⃣ अप्पापाडा – आनंदनगर क्षेत्र (Appapada Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    अप्पापाडा संरक्षण कुटी, आनंदनगर बस स्टॉप रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • क्रांती नगर
    • फुले नगर
    • आदिवासी नगर
    • कटिंग नं. 10
    • आंबेडकर नगर

    📍 4️⃣ मालाड – संजयनगर (पठाण वाडी) वन परिमंडल क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल कार्यालय, संजयनगर (पठाण वाडी), मालाड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • जाम ऋषी नगर
    • पिंपरी पाडा
    • मावळे नगर / मोचीपाडा
    • बंजारी पाडा
    • संजयनगर / आंबा पाडा
    • वायशेत पाडा
    • मातंग गड
    • कलमाचा फोंडा
    • निंबोणी पाडा
    • बारीक पायरी / भाटूकली पाडा 1 व 2
    • डुक्कर भुजी पाडा

    📍 5️⃣ मुलुंड पश्चिम – खिंडीपाडा वन क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल अधिकारी कार्यालय, खिंडीपाडा दरगाह रोड, मुलुंड पश्चिम

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • खिंडीपाडा
    • हनुमान पाडा
    • पंचशील नगर
    • राहुल नगर
    • शंकर टेकडी
    • पळस पाडा
    • घाटी पाडा
    • गणेश नगर
    • उलटन पाडा
    • साईबांगोड़ा रोड क्षेत्र

    ⚠️ जरूरी सूचना

    • ऊपर दिए गए सभी क्षेत्र SGNP वन सीमा (Forest Land) के अंतर्गत आते हैं।
    • इन सभी इलाकों के रहिवासियों को 17 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
    • केवल निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता/अपात्रता तय की जाएगी।
    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news-1

    ⚠️ अंतिम चेतावनी | Last Chance for SGNP Encroachers

    वन विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता तय की जाएगी।
    यह मौका चूकने पर पुनर्वसन का दावा कमजोर हो सकता है।

    उपसंचालक (दक्षिण) किरण पाटील द्वारा 13 फरवरी 2026 को यह नोटिस जारी किया गया है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या सभी अतिक्रमित पाड़ों के नाम जारी कर दिए गए हैं?

    हाँ, वन विभाग द्वारा नोटिस में उल्लेखित सभी क्षेत्र ऊपर सूचीबद्ध हैं।

    Q2. अगर मेरा इलाका इस लिस्ट में है तो क्या करना होगा?

    निर्धारित केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।

    Q3. क्या अलग-अलग इलाकों के लिए अलग केंद्र बनाए गए हैं?

    हाँ, बोरीवली, गौतम नगर, अप्पापाडा, मालाड और मुलुंड के लिए अलग पुनर्वसन कक्ष निर्धारित हैं।

    Q4. SGNP में दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख क्या है?

    👉 28 फरवरी 2026।

    Q5. क्या जिनका नाम लिस्ट में नहीं है वे भी आवेदन कर सकते हैं?

    👉 हां, यदि वे वन क्षेत्र में रह रहे हैं तो दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

    Q6. सूची कहां चेक करें?

    👉 www.mahaforest.gov.in और SGNP वन कार्यालयों में।

    Q7. कौन सा कोर्ट ऑर्डर लागू है?

    👉 बॉम्बे हाई कोर्ट, जनहित याचिका क्र. 305/1995।

  • Malad Digital Arrest Scam: 6 दिन की ‘ऑनलाइन नजरबंदी’, 67 साल की महिला से ₹12 लाख ठगे

    Malad Digital Arrest Scam: 6 दिन की ‘ऑनलाइन नजरबंदी’, 67 साल की महिला से ₹12 लाख ठगे

    मुंबई के मालाड में 67 वर्षीय महिला ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम का शिकार, जालसाजों ने फर्जी कोर्ट ऑर्डर और पुलिस बनकर 6 दिन वीडियो कॉल पर रखकर ₹12 लाख RTGS से ट्रांसफर कराए। 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत, FIR दर्ज।

    मुंबई: मालाड इलाके में 67 साल की एक गृहिणी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 12 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। जालसाज खुद को पुलिस और सेंट्रल एजेंसी अधिकारी बताकर छह दिन तक महिला को वीडियो कॉल पर “हाउस अरेस्ट” में रखते रहे। मामला तब खुला जब बेटी ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🔎 कैसे बिछाया गया Malad में जाल?

    पुलिस के मुताबिक महिला को व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को Mumbai Police का अधिकारी बताया और प्रोफाइल फोटो में पुलिस का लोगो लगाया हुआ था। उसने कहा कि लखनऊ में महिला के नाम से खुला बैंक अकाउंट “जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग” के लिए 17 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने में इस्तेमाल हुआ है।

    उसे 10% कमीशन लेने और 10 साल तक की जेल की धमकी दी गई—यहीं से डर की शुरुआत हुई।

    📄 फर्जी दस्तावेज़, असली डर

    विश्वास जमाने के लिए आरोपियों ने कथित Supreme Court of India का आदेश, अरेस्ट वारंट और Reserve Bank of India (RBI) नोटिस के फर्जी कागज भेजे। महिला को कहा गया कि मामला “नेशनल सिक्योरिटी” से जुड़ा है, इसलिए परिवार को कुछ न बताएं।

    साइबर पुलिस का कहना है—यही तरीका है जिससे ठग पहले डर पैदा करते हैं और फिर भरोसा जीतते हैं।

    🏠 ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ में 6 दिन

    महिला को लगातार वीडियो कॉल पर रहने को कहा गया, रोज़ रिपोर्ट करने को बोला गया—“मैं सुरक्षित हूं।” घबराने पर आरोपी उसे शांत कराता और “मदद” का भरोसा देता। इसी दौरान उसने महिला से सारी बैंक डिटेल्स निकलवा लीं।

    तीसरे दिन महिला से 12 लाख की FD तोड़कर “वेरिफिकेशन” के नाम पर कोयंबटूर के एक अकाउंट में RTGS से ट्रांसफर करा लिया गया।

    📞 ऐसे खुला मामला

    छह दिन बाद बेटी ने फोन चेक किया तो पूरा खेल समझ आया। तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध खातों की पड़ताल की जा रही है।

    🛑 साइबर सेफ्टी एडवाइजरी (जरूर पढ़ें)

    • किसी भी साइबर फ्रॉड की तुरंत शिकायत 1930 पर करें
    • पुलिस कभी भी WhatsApp पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती
    • कोई भी सरकारी एजेंसी “वेरिफिकेशन” के नाम पर पैसे ट्रांसफर नहीं करवाती
    • कोर्ट वारंट/नोटिस मैसेजिंग ऐप से नहीं भेजे जाते

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. डिजिटल अरेस्ट क्या होता है?
    👉 यह एक नया साइबर फ्रॉड तरीका है, जिसमें ठग खुद को पुलिस/एजेंसी बताकर वीडियो कॉल पर “नजरबंद” रखते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

    Q2. क्या पुलिस WhatsApp पर अरेस्ट करती है?
    👉 नहीं। पुलिस कभी भी WhatsApp या वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं करती।

    Q3. साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

    Q4. क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 जल्दी शिकायत करने पर बैंक अकाउंट फ्रीज होने की संभावना रहती है, जिससे रिकवरी संभव हो सकती है।