Category: Crime News

  • Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai Road Safety Audit में बड़ा खुलासा—Andheri K-East ward के 34 स्कूलों के बाहर missing school zone signage, damaged footpaths और heavy traffic congestion। UNICEF-BMC pilot project ने बच्चों की safety को लेकर कई बड़े infrastructure gaps उजागर किए।

    मुंबई: स्कूल जाने वाले बच्चों की road safety को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किए गए एक road safety audit में पता चला है कि Andheri के K-East ward में कई स्कूलों के बाहर बुनियादी सुरक्षा इंतज़ाम ही नहीं हैं।

    फरवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच किए गए इस pilot project “Strengthening Road Safety for Children and Adolescents” में 34 स्कूलों के आसपास की सड़कों का ऑडिट किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कई जगहों पर school zone signboards, speed limit signage और warning boards तक मौजूद नहीं हैं, जबकि कई फुटपाथ टूटे हुए या अतिक्रमण की वजह से इस्तेमाल लायक नहीं हैं।

    School Zones में Missing Signage बना बड़ा खतरा

    ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक कई स्कूलों के बाहर visible school zone signboards, distance warning boards और speed limit signage नहीं मिले।

    ऐसी स्थिति में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के अनुसार स्कूलों के आसपास स्पष्ट road safety signage होना बेहद जरूरी है ताकि ड्राइवरों को पहले से सावधान किया जा सके।

    Damaged Footpaths और Encroachment से बच्चों को खतरा

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई स्कूलों के बाहर footpaths या तो मौजूद नहीं हैं, या फिर टूटे हुए हैं, जबकि कई जगहों पर encroachment की वजह से फुटपाथ बंद हो गए हैं।

    इस वजह से बच्चों को मजबूर होकर सड़क के बीच से चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    School Timing पर Heavy Traffic Congestion

    ऑडिट में school arrival और dispersal hours के दौरान भारी ट्रैफिक जाम भी सामने आया।

    रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या मुख्य रूप से इन वजहों से होती है:

    • स्कूल गेट के बाहर unplanned parking
    • designated pick-up and drop-off zones का अभाव
    • ट्रैफिक मैनेजमेंट की कमी

    इन कारणों से स्कूल के बाहर ट्रैफिक पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाता है।

    Teachers और Students को बनाया Road Safety Ambassador

    इस प्रोजेक्ट में सिर्फ सर्वे नहीं किया गया बल्कि participatory approach भी अपनाई गई।

    इसके तहत:

    • 57 teachers को “Road Safety Ambassadors” के रूप में ट्रेनिंग दी गई
    • 94 students को “Road Safety Messengers” बनाया गया

    इनके जरिए 2,600 से ज्यादा छात्रों तक road safety awareness sessions पहुंचाए गए।

    School Safety Committees भी बनाई गई

    सुरक्षा सुधारने के लिए सभी 34 स्कूलों में School Safety Committees बनाई गई हैं।

    अब तक इन कमेटियों की 144 meetings हो चुकी हैं, जिनमें स्कूल के आसपास की सड़क सुरक्षा समस्याओं की पहचान और समाधान पर चर्चा की गई।

    Nityanand Municipal School के पास हुआ बड़ा सुधार

    रिपोर्ट में Nityanand Municipal School, जो Western Express Highway के पास स्थित है, का उदाहरण भी दिया गया।

    यहां ऑडिट के दौरान पता चला कि:

    • speed breakers नहीं थे
    • स्कूल गेट के कारण traffic congestion हो रहा था

    इसके बाद प्रशासन ने वहां:

    • speed breakers लगाए
    • zebra crossings बनाए
    • school zone signboards लगाए
    • और separate entry-exit gates बनाए गए

    जिससे छात्रों की आवाजाही ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित हो गई।

    अब पूरे Mumbai में होगा Road Safety Audit

    अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का second phase जल्द शुरू किया जाएगा।

    इसमें Mumbai के अन्य municipal wards में भी स्कूलों के आसपास road safety audit किया जाएगा और यह भी मॉनिटर किया जाएगा कि सुझाए गए सुरक्षा उपाय वास्तव में लागू हो रहे हैं या नहीं।

    K-East ward के Administrative Officer (Schools) Gorakhnath Bhavri के अनुसार:
    स्कूलों के आसपास सुरक्षित माहौल बनाना और school arrival-dispersal hours के दौरान traffic management को सुधारना बेहद जरूरी है। इस ऑडिट से साफ हुआ है कि कई स्कूलों के बाहर basic road safety infrastructure अभी भी inadequate है और इसके लिए ट्रैफिक पुलिस व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।


    FAQ

    Q1: Mumbai में Road Safety Audit कहाँ किया गया?

    यह ऑडिट Andheri के K-East ward में 34 स्कूलों के आसपास किया गया।

    Q2: Road Safety Audit किसने किया?

    यह ऑडिट UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किया गया।

    Q3: रिपोर्ट में सबसे बड़ी समस्या क्या सामने आई?

    रिपोर्ट में missing school zone signage, damaged footpaths, encroachment और school timing पर traffic congestion को बड़ी समस्या बताया गया।

    Q4: इस प्रोजेक्ट में छात्रों और शिक्षकों की क्या भूमिका रही?

    57 teachers को Road Safety Ambassadors और 94 students को Road Safety Messengers बनाकर awareness campaign चलाया गया।

    Q5: क्या यह प्रोजेक्ट पूरे मुंबई में लागू होगा?

    हाँ, प्रोजेक्ट के second phase में इसे मुंबई के अन्य wards में भी लागू किया जाएगा।

  • Mumbai Road Rage: Malad में मामूली बहस ने ली 25 साल के युवक की जान, कैब ड्राइवर गिरफ्तार

    Mumbai Road Rage: Malad में मामूली बहस ने ली 25 साल के युवक की जान, कैब ड्राइवर गिरफ्तार

    Mumbai Crime News: Malad के Link Road पर रोड रेज के दौरान 25 वर्षीय biker Sharik Ansari की हत्या कर दी गई। Bangur Nagar Police ने cab driver को गिरफ्तार किया है। Mith Chowky और Infiniti Mall के पास हुई घटना के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    मुंबई: Malad इलाके में रोड रेज की एक खौफनाक घटना सामने आई है, जहां एक मामूली बहस ने 25 साल के बाइक सवार की जान ले ली। घटना में एक cab driver ने कथित तौर पर तेज नुकीली चीज से हमला कर दिया, जिससे युवक की मौत हो गई।

    पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान Sharik Ansari

    मृतक की पहचान 25 वर्षीय Sharik Ansari के रूप में हुई है। वह Malad के Malwani MHADA इलाके का रहने वाला था।

    पुलिस के अनुसार, शारिक Malad के Mindspace इलाके के पास स्थित एक digital marketing firm में काम करता था

    Malwani से Andheri जाते समय हुआ विवाद

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय बाइक सवार Sharik Ansari और cab driver दोनों Malwani से Andheri की तरफ Link Road से जा रहे थे

    इसी दौरान Mith Chowky Junction के पास दोनों के बीच ड्राइविंग को लेकर बहस शुरू हो गई।

    बताया जा रहा है कि दोनों चलते-चलते एक-दूसरे से बहस करते रहे और मामला धीरे-धीरे ज्यादा गर्म हो गया।

    Infiniti Mall के पास पहुंचकर हुआ झगड़ा

    यह विवाद तब और बढ़ गया जब दोनों ने Malad के Infiniti Mall के पास Oswal Metro Station के नीचे अपने वाहन रोक दिए

    इसके बाद दोनों के बीच सीधे हाथापाई शुरू हो गई, जिससे वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

    हेलमेट से कार का शीशा तोड़ा, फिर हुआ घातक हमला

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झगड़े के दौरान बाइक सवार ने हेलमेट से कार के ड्राइवर साइड का शीशा तोड़ दिया

    इसके बाद गुस्से में आकर cab driver ने एक नुकीली चीज से हमला कर दिया, जो संभवतः चाबी (key) बताई जा रही है।

    इस हमले में नुकीली चीज युवक के सीने और गर्दन के पीछे तक घुस गई, जिससे उसे कई गंभीर चोटें आईं।

    अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई मौत

    घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और पुलिस ने तुरंत गंभीर रूप से घायल Sharik Ansari को पास के एक private hospital पहुंचाया

    लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे dead on arrival घोषित कर दिया।

    Bangur Nagar Police ने किया आरोपी को गिरफ्तार

    घटना के बाद Bangur Nagar Police Station की टीम मौके पर पहुंची और cab driver को हिरासत में ले लिया

    पुलिस ने कार में मौजूद एक अन्य व्यक्ति को भी पूछताछ के लिए पकड़ा, जो कथित तौर पर mechanic बताया जा रहा है।

    CCTV फुटेज से पता चलेगा पूरा सच

    पुलिस ने इस मामले में murder case दर्ज कर लिया है

    अधिकारियों के अनुसार, पुलिस Mith Chowky, Kanchpada और घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है ताकि पूरे विवाद का सही कारण पता चल सके।

    सुबह 10 से 11 बजे के बीच हुई घटना

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह घटना सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच हुई।

    फोरेंसिक टीम और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर panchnama किया और सबूत इकट्ठा किए

    रोड रेज का खतरनाक अंजाम

    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि road rage कितनी तेजी से खतरनाक रूप ले सकता है

    एक मामूली बहस कुछ ही मिनटों में एक युवा की जान ले गई, जिससे इलाके में डर और सदमा फैल गया है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Mumbai road rage case में मृतक कौन था?
    मृतक की पहचान 25 वर्षीय Sharik Ansari के रूप में हुई है।

    Q2. यह घटना कहां हुई?
    यह घटना Malad Link Road, Mith Chowky और Infiniti Mall के पास हुई।

    Q3. हत्या कैसे हुई?
    पुलिस के अनुसार cab driver ने नुकीली चीज (संभवतः चाबी) से हमला किया जिससे युवक की मौत हो गई।

    Q4. आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?
    जी हां, Bangur Nagar Police ने cab driver को गिरफ्तार कर लिया है।

    Q5. पुलिस अब क्या जांच कर रही है?
    पुलिस CCTV फुटेज और फोरेंसिक सबूत की मदद से मामले की पूरी जांच कर रही है।

  • Mumbai Crime: तली हुई मछली के शक में दोस्त की हत्या, बाद में पता चला चूहों ने खाई थी मछली

    Mumbai Crime: तली हुई मछली के शक में दोस्त की हत्या, बाद में पता चला चूहों ने खाई थी मछली

    Mumbai Murder Case: Goregaon में तली हुई मछली गायब होने के शक में दो दोस्तों ने 35 वर्षीय Afser की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में पता चला कि मछली इंसान नहीं बल्कि चूहों ने खा ली थी। Vanrai Police ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: Goregaon इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां तली हुई मछली गायब होने के शक में दो दोस्तों ने अपने ही साथी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में जांच में पता चला कि जिस मछली को लेकर विवाद हुआ था, उसे किसी इंसान ने नहीं बल्कि चूहों ने खा लिया था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों को हैरान कर दिया है।

    24 फरवरी की रात हुई यह खौफनाक घटना

    पुलिस के अनुसार यह घटना 24 फरवरी को Goregaon, Mumbai में हुई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय अफसर (Afser) के रूप में हुई है।9

    उस दिन अफसर अपने दो दोस्तों सुरेश और राजेश रामेशनाथ उर्फ “Nepali” के साथ अपने फ्लैट में बैठा हुआ था। तीनों ने मिलकर मछली पकाई और शराब पीते हुए समय बिताया। खाना तैयार होने के बाद तीनों वहीं बैठते-बैठते सो गए।

    रात में रसोई में पहुंच गए चूहे

    जब तीनों दोस्त सो रहे थे, उसी दौरान रसोई में रखी तली हुई मछली को चूहों ने खा लिया

    सुबह जब सुरेश और राजेश की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि पैन का बर्तन पूरी तरह खाली है। उन्हें लगा कि अफसर ने रात में उठकर सारी मछली खा ली है।

    मछली को लेकर शुरू हुआ विवाद

    मछली गायब होने की बात पर तीनों के बीच बहस शुरू हो गई। शुरुआत में यह सिर्फ कहासुनी थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला गंभीर हो गया।

    दोनों दोस्तों को शक था कि अफसर ने अकेले ही सारी मछली खा ली, जिस वजह से उनका गुस्सा बढ़ता गया।

    लात-घूंसों से हमला, फिर पत्थर से सिर कुचल दिया

    पुलिस के अनुसार बहस के दौरान सुरेश और राजेश ने अफसर को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया

    मारपीट इतनी ज्यादा हो गई कि आरोपियों ने लात-घूंसों से हमला करने के बाद पत्थर से उसका सिर कुचल दिया। इस हमले में अफसर की मौके पर ही मौत हो गई

    हत्या के बाद हरियाणा भाग गए आरोपी

    हत्या करने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और हरियाणा की तरफ भाग गए

    इसके बाद मुंबई के Vanrai Police Station में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

    बिना मोबाइल और पहचान के आरोपियों को पकड़ना था मुश्किल

    पुलिस के लिए यह केस काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि आरोपियों के पास न मोबाइल फोन था और न कोई पहचान पत्र

    जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में रहने वाले करीब 50 कबाड़ बीनने वालों (scrap collectors) से पूछताछ की। इसी पूछताछ से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    ऐसे पकड़े गए दोनों आरोपी

    जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सुरेश को हरियाणा के कैथल (Kaithal) से गिरफ्तार किया।

    वहीं दूसरा आरोपी राजेश रामेशनाथ उर्फ “Nepali” को मालाड़ के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

    तीनों करते थे कबाड़ का काम

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अफसर, सुरेश और राजेश तीनों कबाड़ (scrap collection) का काम करते थे और अक्सर साथ में रहते थे।

    जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी राजेश का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

    आरोपी पर पहले भी गंभीर केस दर्ज

    पुलिस के अनुसार राजेश पर पहले भी हत्या और रंगदारी (extortion) जैसे गंभीर मामलों में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।

    फिलहाल पुलिस ने अफसर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    छोटी गलतफहमी का बड़ा अंजाम

    मुंबई का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि शक और गुस्सा इंसान को कितना खतरनाक बना सकता है

    अगर उस समय थोड़ी समझदारी दिखाई जाती, तो शायद आज अफसर जिंदा होता। एक मामूली गलतफहमी ने एक इंसान की जिंदगी खत्म कर दी।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Goregaon murder case में मृतक कौन था?
    मृतक की पहचान 35 वर्षीय अफसर (Afser) के रूप में हुई है।

    Q2. हत्या की वजह क्या थी?
    आरोपियों को शक था कि अफसर ने सारी तली हुई मछली खा ली, जबकि बाद में पता चला कि मछली चूहों ने खाई थी

    Q3. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
    इस केस में दो आरोपी — सुरेश और राजेश रामेशनाथ उर्फ Nepali गिरफ्तार हुए हैं।

    Q4. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    सुरेश को हरियाणा के कैथल से और राजेश को एक रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

    Q5. केस की जांच कौन कर रहा है?
    इस मामले की जांच Vanrai Police, Mumbai कर रही है।

  • Mumbai Crime: Goregaon में scrap के पैसों के झगड़े में कचरा बीनने वाले की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime: Goregaon में scrap के पैसों के झगड़े में कचरा बीनने वाले की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime News: Goregaon के Hanuman Tekri इलाके में एक homeless scrap collector की हत्या के मामले में Vanrai Police ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में पत्थर से हमला कर हत्या की गई।

    मुंबई: Goregaon इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक बेघर कचरा बीनने वाले की हत्या कर दी गई। इस मामले में Vanrai Police ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

    Hanuman Tekri के पास मिला घायल व्यक्ति

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि Goregaon के Hanuman Tekri इलाके के पास एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है

    पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तुरंत Jogeshwari East के Trauma Care Hospital ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया

    पहले ADR केस दर्ज, बाद में हत्या का शक

    शुरुआत में Vanrai Police ने मामले को Accidental Death Report (ADR) के तहत दर्ज किया था।

    लेकिन शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को मृतक के सिर पर गंभीर चोटें दिखाई दीं। यह चोटें संदिग्ध लगने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को हत्या के एंगल से आगे बढ़ाया।

    मृतक की पहचान शुरू में नहीं हो सकी

    मृतक के पास कोई पहचान पत्र नहीं था, इसलिए कुछ समय तक उसकी पहचान नहीं हो सकी।

    इसके बाद पुलिस ने दो अलग-अलग investigation teams बनाईं और मृतक की तस्वीरें Goregaon-Dahisar belt में काम करने वाले scrap collectors के बीच दिखाई गईं।

    पुलिस ने करीब 50 से 70 कचरा बीनने वालों को फोटो दिखाए। आखिरकार उनमें से कुछ लोगों ने मृतक की पहचान Azhar के रूप में की।

    Azhar के साथ काम करते थे दो साथी

    जांच में सामने आया कि Azhar scrap collection का काम करता था और उसके साथ दो लोग अक्सर काम करते थे —

    • Suresh उर्फ “Kaliya”
    • Salim उर्फ “Nepali”

    पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि घटना वाले दिन से ही दोनों साथी लापता थे, जिससे उन पर शक और मजबूत हो गया।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि

    अस्पताल से आई post-mortem report में पुष्टि हुई कि Azhar की मौत सिर पर हमले से लगी चोटों के कारण हुई

    इसके बाद पुलिस ने unknown persons के खिलाफ murder case दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    Haryana और Malad से दोनों आरोपी गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस ने Suresh उर्फ “Kaliya” को Haryana से ट्रेस कर हिरासत में लिया।

    पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अपराध कबूल किया और बताया कि उसने अपने साथी Salim उर्फ “Nepali” के साथ मिलकर Azhar की हत्या की थी।

    इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी Salim को Malad के Pathanwadi इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    पत्थर से सिर पर वार कर की हत्या

    पुलिस के अनुसार, scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर तीनों के बीच विवाद हुआ था।

    बहस के दौरान आरोपियों ने पत्थर से Azhar के सिर पर कई बार हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    अब पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Goregaon murder case में मृतक कौन था?
    मृतक की पहचान Azhar के रूप में हुई है, जो scrap collector का काम करता था।

    Q2. हत्या किस वजह से हुई?
    पुलिस के अनुसार scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था।

    Q3. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    इस केस में दो आरोपी — Suresh उर्फ Kaliya और Salim उर्फ Nepali को गिरफ्तार किया गया है।

    Q4. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    एक आरोपी को Haryana से और दूसरे को Malad के Pathanwadi इलाके से गिरफ्तार किया गया।

    Q5. मामले की जांच कौन कर रहा है?
    इस केस की जांच Vanrai Police, Mumbai कर रही है।

  • Mumbai Crime: ‘Paper to Currency Conversion’ स्कैम में UP के 2 आरोपी गिरफ्तार, Goregaon के बिजनेसमैन से 7 लाख की ठगी

    Mumbai Crime: ‘Paper to Currency Conversion’ स्कैम में UP के 2 आरोपी गिरफ्तार, Goregaon के बिजनेसमैन से 7 लाख की ठगी

    Mumbai Crime News: Bangur Nagar Police ने UP से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने Goregaon West के एक businessman को “paper to currency conversion” स्कैम दिखाकर ₹7 लाख की ठगी की. Police ने Gazipur से पकड़ा, कोर्ट ने 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा.

    मुंबई: देश में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां Goregaon West के एक 34 साल के businessman को “paper to currency conversion” स्कैम दिखाकर ₹7 लाख की ठगी कर ली गई। इस मामले में Bangur Nagar Police ने Uttar Pradesh से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी साधारण कागज को केमिकल और पाउडर से नोट में बदलने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे।

    Vasai में दिखाई गई फर्जी डेमो से हुआ भरोसा

    पुलिस के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था। उस समय आरोपी Vasai में शिकायतकर्ता से मिले थे और fake identities का इस्तेमाल कर रहे थे।

    उन्होंने बिजनेसमैन को एक डेमो दिखाया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ₹500 के नोट को “केमिकल और पाउडर” की मदद से दो नोटों में बदलने का दावा किया

    डेमो के बाद आरोपी ने उन्हीं नोटों से बाजार में खरीदारी भी की। जब नोट असली निकले तो बिजनेसमैन को लगा कि यह सचमुच कोई खास तकनीक है, जिससे उनका भरोसा पूरी तरह बन गया।

    Goregaon घर पर आकर किया 7 लाख का खेल

    पुलिस के मुताबिक 12 फरवरी 2026 को दोनों आरोपी Goregaon West स्थित शिकायतकर्ता के घर पहुंचे

    उन्होंने कहा कि वे ₹7 लाख की रकम को दोगुना करके ₹14 लाख बना सकते हैं। इसके लिए उन्होंने साधारण कागज के बंडलों पर कुछ केमिकल और पाउडर लगाया और उन्हें ब्राउन पेपर में पैक कर दिया

    आरोपियों ने दो पैकेट शिकायतकर्ता को सौंप दिए और ₹7 लाख लेकर मौके से फरार हो गए

    पैकेट खोलते ही सामने आया बड़ा फ्रॉड

    कुछ समय बाद जब बिजनेसमैन ने पैकेट खोले तो उसमें सिर्फ साधारण कागज के बंडल थे। तब उन्हें समझ आया कि उनके साथ “currency doubling scam” हो चुका है।

    इसके बाद उन्होंने तुरंत Bangur Nagar Police Station में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।

    UP और Bihar कनेक्शन से हुआ खुलासा

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि एक आरोपी Prakash Kumar Gupta (25) है, जो Buxar, Bihar का रहने वाला है और मजदूरी करता था।

    दूसरा आरोपी Rajsingh Prasad (47) है, जो Uttar Pradesh का रहने वाला है और बेरोजगार बताया गया है।

    पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी Gazipur (UP) में छिपे हुए हैं।

    Gazipur से गिरफ्तार, Mumbai लाकर कोर्ट में पेश

    Bangur Nagar Police ने UP Police की मदद से Gazipur में छापा मारकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    इसके बाद उन्हें Mumbai लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

    कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस तरह की ठगी में और लोग शामिल तो नहीं हैं और क्या आरोपियों ने पहले भी किसी को इसी तरीके से ठगा है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. “Paper to Currency Conversion” स्कैम क्या होता है?
    यह एक फ्रॉड तकनीक है जिसमें ठग केमिकल या पाउडर का इस्तेमाल कर कागज को नोट में बदलने का झांसा देते हैं और लोगों से पैसे ऐंठ लेते हैं।

    Q2. इस केस में कितने पैसे की ठगी हुई?
    Goregaon के businessman से ₹7 लाख की ठगी की गई।

    Q3. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    पुलिस ने उन्हें Gazipur, Uttar Pradesh से गिरफ्तार किया।

    Q4. केस की जांच कौन कर रहा है?
    इस मामले की जांच Bangur Nagar Police, Mumbai कर रही है।

    Q5. आरोपियों को कब तक पुलिस कस्टडी में रखा गया है?
    स्थानीय कोर्ट ने उन्हें 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

  • कांदिवली ईस्ट में BMC की बड़ी कार्रवाई: Hawkers के बाद अब सड़कों से हटाए जा रहे खटारा गाडियाँ

    कांदिवली ईस्ट में BMC की बड़ी कार्रवाई: Hawkers के बाद अब सड़कों से हटाए जा रहे खटारा गाडियाँ

    Kandivali East Lokhandwala Township में BMC ने abandoned vehicles यानी ‘खटारे’ के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। 48 घंटे का notice देने के बाद luxury bus, motorcycles और autorickshaw हटाए गए। Pay-and-Park सिस्टम लाने की भी तैयारी।

    मुंबई: Kandivali East Lokhandwala Township में illegal hawkers पर बड़ी कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद अब Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने सड़कों पर महीनों से खड़े abandoned vehicles यानी स्थानीय भाषा में कहे जाने वाले ‘khataras’ के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।

    बुधवार को R-South ward की टीम ने traffic police के साथ मिलकर कई ऐसे वाहनों को हटाया जो लंबे समय से सड़क किनारे पड़े थे और residents के लिए परेशानी का कारण बन रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, इन वाहनों पर पहले 48 घंटे का notice चिपकाया गया था, लेकिन मालिकों के सामने न आने के बाद उन्हें जब्त कर लिया गया।

    🚧 48 घंटे का नोटिस, फिर सीधी कार्रवाई

    BMC-major-action-Kandivali-hawke-junk-vehicles-removed-roads-news

    R-South ward के assistant engineer (maintenance) Hemant Pant ने बताया कि मुंबई में abandoned vehicles हटाने के लिए BMC ने तीन अलग-अलग contractors नियुक्त किए हैं —

    • एक Mumbai city के लिए
    • एक Eastern suburbs के लिए
    • और एक Western suburbs के लिए

    Pant के मुताबिक, स्थानीय लोगों की मदद से ऐसे वाहनों की पहचान की गई। इसके बाद उन पर 48-hour warning notice लगाया गया था।

    उन्होंने कहा,
    “अगर 48 घंटे में वाहन मालिक सामने नहीं आते हैं, तो BMC उन्हें seize कर लेती है। Lokhandwala Township में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। किसी ने वाहन claim नहीं किया, इसलिए उन्हें सड़क से हटा दिया गया।”

    🔧 जब्त वाहनों को किया जाएगा dismantle

    BMC अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए इन वाहनों को आगे dismantle किया जाएगा।

    उनके spare parts को बेचकर इस ऑपरेशन में आने वाला खर्च recover किया जाएगा। यह प्रक्रिया मुंबई में abandoned vehicles हटाने के standard civic rules के तहत की जाती है।

    🚌 पहले चरण में luxury bus समेत कई वाहन हटाए गए

    स्थानीय corporator Neelam Gurav ने बताया कि बुधवार को शुरू हुए इस अभियान के पहले चरण में कई वाहनों पर कार्रवाई की गई।

    इसमें शामिल थे:

    • 1 Luxury Bus
    • 6 से 7 Motorcycles
    • 1 Autorickshaw

    उन्होंने कहा कि आने वाले चरण में heavy vehicles पर भी कार्रवाई होगी जो सड़क पर जगह घेरकर nuisance पैदा कर रहे हैं।

    ⚠️ abandoned bus बन गया था असामाजिक गतिविधियों का अड्डा

    Neelam Gurav ने बताया कि Lokhandwala में खड़ी एक बड़ी बस लंबे समय से abandoned थी।

    उन्होंने कहा,
    “उस बस का इस्तेमाल कुछ anti-social elements पेशाब करने और गंदगी फैलाने के लिए कर रहे थे, जिससे आसपास के लोगों को बहुत बदबू और परेशानी हो रही थी। ऐसे abandoned vehicles इलाके की safety के लिए भी खतरा बन जाते हैं।”

    उन्होंने यह भी कहा कि इन वाहनों के हटने के बाद अब BMC sweepers को सड़क साफ करने में भी आसानी होगी।

    🧹 Residents ने कहा – अब सड़कें होंगी साफ और सुरक्षित

    Lokhandwala Township के निवासी Manish Bhatnagar ने बताया कि उनके building के पीछे वाली सड़क अक्सर abandoned vehicles की वजह से blocked रहती थी।

    उन्होंने कहा,
    “सुबह walk करते समय कई बार सड़क पर शराब की बोतलें, needles और यहां तक कि condoms भी पड़े दिखते थे। यह जगह धीरे-धीरे unsafe बन रही थी। अच्छा है कि अब BMC ने कार्रवाई शुरू कर दी है।”


    ⚡ Hawkers drive के बाद अब vehicles पर BMC की कार्रवाई

    गौरतलब है कि हाल ही में Lokhandwala Township में illegal hawkers और shop extensions के खिलाफ बड़ा anti-encroachment drive चलाया गया था।

    उस दौरान कुछ hawkers ने civic team पर हमला भी कर दिया था और उनके equipment को नुकसान पहुंचाया था।

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों को अदालत ने 20 मार्च तक judicial custody में भेज दिया है।

    🚗 Street Parking बनी बड़ी समस्या

    Samata Nagar traffic division के Senior Police Inspector Jagdish Bhopale ने बताया कि Kandivali East में abandoned vehicles हटाना आसान नहीं है।

    उन्होंने कहा कि इलाके में street parking बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है।

    “कई residents के पास एक से ज्यादा cars हैं, लेकिन society parking में जगह नहीं होने के कारण वे उन्हें सड़क पर पार्क कर देते हैं।”

    💰 Kandivali East में Pay-and-Park योजना की तैयारी

    Traffic police अब Pay-and-Park system लागू करने की सिफारिश कर रही है।

    यह योजना इन इलाकों में लागू हो सकती है:

    • Lokhandwala Township
    • Thakur Complex
    • Thakur Village
    • Ashok Nagar

    अधिकारियों के मुताबिक, इससे

    • सड़क पर parking व्यवस्थित होगी
    • traffic congestion कम होगा
    • और सरकार को revenue generation में भी मदद मिलेगी।

    📌 FAQ

    1. BMC ने Kandivali East में क्या कार्रवाई शुरू की है?

    BMC ने Lokhandwala Township में abandoned vehicles (khataras) हटाने का अभियान शुरू किया है।

    2. वाहन हटाने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है?

    वाहनों पर पहले 48 घंटे का notice लगाया जाता है। अगर मालिक नहीं आते तो वाहन जब्त कर लिए जाते हैं।

    3. जब्त किए गए वाहनों का क्या होता है?

    उन्हें dismantle करके उनके spare parts बेच दिए जाते हैं।

    4. पहले चरण में कितने वाहन हटाए गए?

    पहले चरण में 1 luxury bus, 6-7 motorcycles और 1 autorickshaw हटाए गए।

    5. Kandivali East में parking समस्या का समाधान क्या हो सकता है?

    Traffic police ने Pay-and-Park system लागू करने का सुझाव दिया है।

  • RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA Order Against OmaxeChandigarh Extension Developers को 3BHK फ्लैट की पजेशन में देरी के मामले में ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश। Mumbai के Andheri East के होमबायर्स को मिला बड़ा राहत।

    मुंबई: रियल एस्टेट सेक्टर में देरी से परेशान होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Punjab Real Estate Regulatory Authority (RERA) ने Omaxe Chandigarh Extension Developers को आदेश दिया है कि वह मुंबई के Andheri East में रहने वाले दो घर खरीदारों को करीब ₹53.65 लाख का मुआवजा (compensation) दे। यह फैसला New Chandigarh, Mohali में स्थित “The Lake Project” में 3BHK फ्लैट की पजेशन में पांच साल से ज्यादा की देरी के कारण सुनाया गया है।

    मुंबई के होमबायर्स ने RERA में दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Reena Thakur और Sujit Thakur, जो मुंबई के Andheri East के निवासी हैं, द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया।

    दोनों ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की Section 31 के तहत RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से Advocate M Shahnawaz Khan ने पैरवी की, जबकि डेवलपर की ओर से Advocate Tejeshwar Singh अदालत में पेश हुए।

    2015 में बुक किया था 3BHK फ्लैट

    शिकायत के अनुसार, होमबायर्स ने 9 जुलाई 2015 को The Lake Project के Tower Caspean-B की 12वीं मंजिल पर एक 3BHK residential unit बुक किया था।

    इस फ्लैट की कुल कीमत ₹82,11,487 तय की गई थी।

    खरीदारों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90% से ज्यादा यानी ₹76,05,041 पहले ही डेवलपर को भुगतान कर दिया था।

    जनवरी 2019 तक मिलनी थी फ्लैट की पजेशन

    Buyer Agreement के अनुसार, डेवलपर को 42 महीने के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक फ्लैट का पजेशन देना था

    लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई और पांच साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी घर खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया

    RERA ने ₹53.65 लाख ब्याज के रूप में देने का आदेश दिया

    मामले की सुनवाई के बाद Punjab RERA ने Omaxe डेवलपर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई राशि पर Highest MCLR Rate + 2% के हिसाब से ब्याज दे।

    इस गणना के अनुसार कुल मुआवजा करीब ₹53,65,000 बनता है, जिसे डेवलपर को होमबायर्स को देना होगा।

    हर महीने बढ़ता रहेगा मुआवजा

    RERA के आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक डेवलपर Occupation Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेकर फ्लैट का वैध पजेशन नहीं देता, तब तक मुआवजा बढ़ता रहेगा।

    आदेश के मुताबिक हर महीने करीब ₹62,383 की दर से compensation बढ़ता रहेगा

    Covid-19 को अनंत समय तक बहाना नहीं बना सकता डेवलपर

    RERA ने अपने आदेश में साफ कहा कि डेवलपर कोविड-19 महामारी को हमेशा के लिए देरी का कारण नहीं बता सकता

    अथॉरिटी ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई है तो उसके लिए डेवलपर जिम्मेदार होगा और उसे खरीदारों को उचित मुआवजा देना पड़ेगा।

    आदेश का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई

    RERA ने चेतावनी दी है कि अगर डेवलपर इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ RERA Act की Section 63 के तहत अलग से non-compliance proceedings शुरू की जा सकती हैं।

    इसका मतलब है कि कंपनी को भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. RERA ने Omaxe को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया है?

    RERA ने करीब ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।

    2. यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?

    यह मामला The Lake Project, New Chandigarh (Mohali) से जुड़ा है।

    3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    मुंबई के Andheri East के निवासी Reena Thakur और Sujit Thakur ने शिकायत दर्ज कराई थी।

    4. फ्लैट कब तक मिलना था?

    Agreement के अनुसार 8 जनवरी 2019 तक पजेशन मिलना था।

    5. हर महीने कितना अतिरिक्त मुआवजा बढ़ेगा?

    जब तक पजेशन नहीं मिलता, ₹62,383 प्रति माह मुआवजा बढ़ता रहेगा।

  • Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    Mumbai Versova Redevelopment Scam – EOW ने 55 करोड़ रुपये के हाउसिंग फ्रॉड मामले में कोल्हापुर के डेवलपर Amrut Mahendrakar को गिरफ्तार किया। Versova building redevelopment के नाम पर फ्लैट गिरवी रखकर और बेचकर की गई बड़ी ठगी का खुलासा।

    मुंबई: मुंबई में Versova redevelopment scam से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आया है। शहर की Economic Offences Wing (EOW) – Mumbai Police ने 55 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में कोल्हापुर के एक डेवलपर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि Versova, Andheri स्थित एक पुराने बिल्डिंग के पुनर्विकास (redevelopment project) के नाम पर समाज के सदस्यों के फ्लैट्स को उनकी अनुमति के बिना mortgage और sale कर दिया गया। पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेज, नकली एग्रीमेंट और जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लिया गया।

    EOW ने कोल्हापुर के डेवलपर को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस की EOW Housing Unit ने इस मामले में Amrut Uttam Mahendrakar (34) को गिरफ्तार किया है। महेंद्रकर कोल्हापुर जिले के Ichalkaranji का रहने वाला है।

    पुलिस के मुताबिक वह इस पूरे real estate fraud case में मुख्य आरोपी की मदद कर रहा था। उस पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और फ्लैट्स की अवैध बिक्री व मॉर्गेज प्रक्रिया को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाई

    पहले भी हो चुकी है एक आरोपी की गिरफ्तारी

    इस मामले में इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। अगस्त 2025 में पुलिस ने Amarjit Shukla को गिरफ्तार किया था, जो Mid City Heights नाम की कंपनी का मालिक बताया गया है।

    पुलिस के अनुसार Mahendrakar इस केस में गिरफ्तार किया गया दूसरा आरोपी है और जांच में अभी और लोगों के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

    Versova की हाउसिंग सोसाइटी ने दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Versova Police Station में दर्ज किया गया था। शिकायत Meena Singh Thilon (71) ने दर्ज कराई थी, जो Zakaria Aghadi Nagar No.3 Co-operative Housing Society से जुड़ी हैं।

    जानकारी के मुताबिक इस सोसाइटी ने 2015 में Midcity Heights Partnership Firm को अपनी पुरानी बिल्डिंग के redevelopment project के लिए नियुक्त किया था।

    13 परिवारों को नए घर देने का दिया गया था वादा

    डेवलपर कंपनी ने सोसाइटी के 13 निवासियों, जिनके पास कुल 14 फ्लैट थे, उन्हें तय समय सीमा के भीतर नए फ्लैट देने का भरोसा दिया था।

    लेकिन जब प्रोजेक्ट आगे बढ़ा तो सोसाइटी के सदस्यों को शक हुआ कि Permanent Alternate Accommodation Agreement (PAAA) के तहत उन्हें मिलने वाले फ्लैट्स के साथ धोखाधड़ी हो रही है।

    बिना अनुमति फ्लैट्स को गिरवी रखकर बेच दिया गया

    जांच के दौरान सामने आया कि सोसाइटी के सदस्यों को मिलने वाले कई फ्लैट्स को उनकी अनुमति के बिना ही बैंकों के पास गिरवी (mortgage) रखा गया

    इतना ही नहीं, इन्हीं फ्लैट्स को तीसरे पक्ष (third parties) को बेचने के भी आरोप लगे हैं। इससे सोसाइटी के सदस्यों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

    फर्जी दस्तावेज और नकली स्टैम्प का इस्तेमाल

    पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी Amarjit Shukla और उसके साथियों ने कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए

    इनमें कथित तौर पर:

    • Fake agreements for sale
    • Joint Deputy Registrar के जाली हस्ताक्षर
    • Counterfeit stamps और forged paperwork

    का इस्तेमाल किया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर कई बैंकों से करोड़ों रुपये के लोन उठाए गए, जिससे कुल ठगी का आंकड़ा लगभग ₹55 करोड़ तक पहुंच गया।

    जांच में सामने आ सकते हैं और बड़े खुलासे

    EOW अधिकारियों के मुताबिक यह मामला Mumbai real estate fraud के बड़े मामलों में से एक हो सकता है।

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस Versova redevelopment scam में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने बैंक या वित्तीय संस्थान इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाला क्या है?

    यह एक real estate fraud case है जिसमें redevelopment के नाम पर सोसाइटी के फ्लैट्स को बिना अनुमति गिरवी रखकर और बेचकर करीब ₹55 करोड़ की ठगी की गई।

    2. इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?

    Amrut Uttam Mahendrakar, जो कोल्हापुर जिले के इचलकरंजी का निवासी है।

    3. पहले किस आरोपी को गिरफ्तार किया गया था?

    इस केस में पहले Amarjit Shukla, Mid City Heights का मालिक, गिरफ्तार किया गया था।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    शिकायत Meena Singh Thilon (71) ने Versova पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।

    5. सोसाइटी का नाम क्या है?

    Zakaria Aghadi Nagar No.3 Co-operative Housing Society

  • Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    मुंबई के Malad में शेयर बाजार के एक व्यापारी से Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में Delhi के businessman Kailash Agarwal को Malad Police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल किया था।

    मुंबई: Malad इलाके में Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Malad Police ने इस मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात Bishnoi Gang का सदस्य बताकर एक शेयर बाजार के कारोबारी को लगातार धमकियां दे रहा था।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान Kailash Agarwal के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पीड़ित का रिश्तेदार ही है और उसने business losses की वजह से यह साजिश रची थी।

    बार-बार कॉल कर मांगे 5 करोड़ रुपये

    पुलिस के अनुसार आरोपी कई दिनों से Malad में रहने वाले share market businessman को फोन कर रहा था। वह खुद को Bishnoi Gang से जुड़ा हुआ बताकर कारोबारी को धमकी देता था कि अगर ₹5 करोड़ की फिरौती नहीं दी गई तो उसे जान से मार दिया जाएगा।

    लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित कारोबारी ने आखिरकार Malad Police Station में शिकायत दर्ज कराई।

    लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बहुत चालाकी से काम कर रहा था। वह हर बार फोन कॉल और मैसेज भेजते समय VPN system का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी असली लोकेशन छिपी रहे।

    लेकिन पुलिस की technical investigation के जरिए आखिरकार उस VPN नेटवर्क को ट्रेस कर लिया गया।

    दिल्ली से किया गया आरोपी को गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी दिल्ली में मौजूद है। इसके बाद Malad Police Station के PSI Bachav और उनकी टीम तुरंत दिल्ली रवाना हुई।

    करीब एक हफ्ते की लगातार जांच और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने आरोपी Kailash Agarwal को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी खुद भी बड़ा व्यापारी निकला

    पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। DCP Zone 11, Mumbai Police Sandeep Jadhav के अनुसार आरोपी खुद भी दिल्ली का एक बड़ा व्यापारी है और पीड़ित व्यक्ति का रिश्तेदार भी है।

    पुलिस के मुताबिक कारोबार में भारी आर्थिक नुकसान होने के कारण उसने यह पूरी साजिश रची थी।

    Bishnoi Gang के नाम से फैलाया डर

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जानबूझकर Bishnoi Gang का नाम लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश की ताकि पीड़ित व्यक्ति जल्दी पैसे दे दे।

    उसने ₹5 करोड़ की बड़ी रकम वसूलने के लिए तकनीक और गैंगस्टर के डर का इस्तेमाल किया

    पुलिस कर रही है आगे की जांच

    अब Malad Police यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का वास्तव में Bishnoi Gang से कोई संबंध है या नहीं

    इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं

    पुलिस का कहना है कि अगर पीड़ित ने समय पर शिकायत नहीं की होती, तो आरोपी बड़ी रकम वसूलने में सफल हो सकता था।


    FAQ

    1. Malad में क्या मामला सामने आया है?

    Malad में एक व्यक्ति ने खुद को Bishnoi Gang का सदस्य बताकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की कोशिश की।

    2. आरोपी कौन है?

    आरोपी का नाम Kailash Agarwal है और वह दिल्ली का रहने वाला व्यापारी है।

    3. आरोपी ने अपनी लोकेशन कैसे छिपाई?

    आरोपी ने फोन कॉल और मैसेज करते समय VPN system का इस्तेमाल किया था।

    4. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

    5. आरोपी ने यह अपराध क्यों किया?

    पुलिस के अनुसार business losses और आर्थिक परेशानी के कारण उसने यह साजिश रची।

  • Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Oमुंबई के Goregaon West में BMC ने Encroachment Removal Drive के तहत 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। SV Road और 5D Road पर फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेरकर बनाए गए ढांचे हटाए गए।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Goregaon West में 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई 10 मार्च को की गई, जिसे नगर निगम के P South Ward ने अपने Encroachment Removal Drive के तहत अंजाम दिया।

    नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इन दुकानों ने सड़क और सार्वजनिक जगह पर कब्जा कर रखा था, जिससे पैदल चलने वालों को काफी परेशानी हो रही थी।

    SV Road और 5D Road पर कार्रवाई

    कार्रवाई के दौरान Swami Vivekanand Road (SV Road) पर बनी 3 अवैध दुकानों को पूरी तरह तोड़ दिया गया

    BMC-major-action-Goregaon-bulldozers-13-illegal-shops-news

    इसके अलावा Goregaon West के 5D Road पर बनी 10 दुकानों के अवैध बढ़े हुए हिस्सों को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन दुकानों ने फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेर रखी थी, जिससे लोगों के आने-जाने में दिक्कत हो रही थी।

    अवैध फेरीवालों पर भी हुई कार्रवाई

    नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि दुकानों के अलावा आसपास illegal hawkers के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    इन फेरीवालों की वजह से सड़क और फुटपाथ पर भीड़ बढ़ रही थी और यातायात तथा पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बाधित हो रहा था।

    कई विभागों ने मिलकर चलाया अभियान

    यह कार्रवाई Deputy Municipal Commissioner (Zone 4) Bhagyashree Kapse के मार्गदर्शन में की गई। वहीं अभियान का नेतृत्व P South Ward के Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    इस कार्रवाई में Maintenance Department, Encroachment Removal Department और Licensing Department के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।

    मशीनरी और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था

    इस अभियान में नगर निगम के 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    कार्रवाई के दौरान 1 JCB मशीन, 1 ट्रक, 1 मालवाहक वाहन और गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

    अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए Bangur Nagar Police Station की ओर से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।

    अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि illegal construction और encroachment के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    नगर निगम का कहना है कि सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

    मुलुंड में भी हाल ही में हुई थी बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले फरवरी महीने में Mulund West के Sardar Vallabhbhai Patel Road पर भी नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया था।

    उस दौरान 61 अवैध निर्माणों को तोड़ा गया और रेलवे स्टेशन के पास लगभग 1100 वर्ग मीटर अतिक्रमित जमीन खाली कराई गई

    इस कार्रवाई में 4 JCB मशीनें, 7 डंपर और अन्य उपकरण इस्तेमाल किए गए थे। करीब 70 नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद था।


    FAQ

    1. BMC ने Goregaon में कितनी दुकानों पर कार्रवाई की?

    BMC ने 13 अवैध दुकानों पर कार्रवाई की है।

    2. यह कार्रवाई कहां की गई?

    यह कार्रवाई Goregaon West के SV Road और 5D Road इलाके में की गई।

    3. इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?

    अभियान का नेतृत्व Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    4. कार्रवाई में कितने कर्मचारी शामिल थे?

    इस अभियान में 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    5. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?

    नगर निगम के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी