Category: Maharashtra Crime

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  • बोरीवली में महिला से यौन उत्पीड़न, सोने के गहने और मोबाइल छीनकर फरार आरोपी गिरफ्तार

    बोरीवली में महिला से यौन उत्पीड़न, सोने के गहने और मोबाइल छीनकर फरार आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के बोरीवली वेस्ट में सोमवार शाम एक 29 वर्षीय महिला के साथ पुल के नीचे यौन उत्पीड़न की वारदात हुई। महिला ने खुद को बचाने के लिए आरोपी को अपने गहने और मोबाइल दिए और भागकर पुलिस स्टेशन पहुंची। पुलिस ने कुछ घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई।
    एक 29 वर्षीय महिला पर सुधीर फडके ब्रिज के नीचे एक व्यक्ति ने हमला कर उसे यौन रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की।
    डरी-सहमी महिला ने किसी तरह साहस दिखाते हुए अपने सोने के गहने और मोबाइल फोन आरोपी को सौंप दिए और वहां से भागकर बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां उसने तुरंत शिकायत दर्ज कराई।

    👮‍♂️ तेज़ कार्रवाई: आरोपी कुछ ही घंटों में पुलिस की गिरफ्त में

    शिकायत मिलते ही ज़ोन 11 के डीसीपी संदीप जाधव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम गठित की।
    मालाड पुलिस की डिटेक्शन यूनिट के सब-इंस्पेक्टर तुषार सुकदेव के नेतृत्व में टीम ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया।
    कुछ ही घंटों में आरोपी संजय राजपूत को धर दबोचा गया।

    पुलिस ने महिला का मोबाइल फोन (Realme C53), सोने की अंगूठी, ईयररिंग्स, और हेडफोन — कुल कीमत करीब ₹52,000 — बरामद कर लिए हैं।

    🔍 कैसे हुआ हमला: पुल के नीचे अकेली महिला को बनाया निशाना

    महिला बोरीवली वेस्ट से अपने कार्यस्थल की ओर जा रही थी।
    रास्ते में सुधीर फडके ब्रिज के नीचे आरोपी ने उसका रास्ता रोक लिया।
    वह जब तक कुछ समझ पाती, आरोपी ने उसे खींचकर सुनसान जगह पर ले जाकर जबरन अश्लील हरकतें करने की कोशिश की।
    महिला ने किसी तरह हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को अपने गहने और मोबाइल सौंप दिए और मौके से भाग निकली।

    🧾 आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय राजपूत (निवासी: प्रेमा नगर, दहिसर) के रूप में हुई है।
    पुलिस के अनुसार, वह होटलों में बर्तन धोने और सड़कों की सफाई का काम करता है।
    फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और आगे की जांच जारी है।

    💬 पुलिस अधिकारियों का बयान

    डीसीपी संदीप जाधव ने कहा —

    “मामला गंभीर था, इसलिए तुरंत विशेष टीम बनाई गई। महिला ने सूझबूझ दिखाई, जिससे आरोपी को पकड़ना आसान हुआ। पुलिस महिला की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।”

    ⚖️ महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

    यह घटना फिर एक बार मुंबई में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
    रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग स्थानीय नागरिकों ने की है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. घटना कब और कहां हुई?
    यह वारदात सोमवार शाम बोरीवली वेस्ट के सुधीर फडके ब्रिज के नीचे हुई।
    Q2. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    शिकायत के कुछ घंटों में ही आरोपी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
    Q3. महिला ने खुद को कैसे बचाया?
    महिला ने आरोपी को अपने गहने और मोबाइल देकर मौके से भाग निकली और पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
    Q4. आरोपी कौन है?
    आरोपी संजय राजपूत दहिसर के प्रेम नगर का निवासी है और होटलों में बर्तन धोने का काम करता है।
    Q5. पुलिस ने क्या बरामद किया?
    महिला के सोने के गहने, मोबाइल और हेडफोन – कुल ₹52,000 की वस्तुएं।

  • मुंबई: दोस्त को खुश करने के लिए चुरा लिया आइसक्रीम का ठेला, दोनों गिरफ्तार

    मुंबई: दोस्त को खुश करने के लिए चुरा लिया आइसक्रीम का ठेला, दोनों गिरफ्तार

    मुंबई के गोरेगांव में दो दोस्तों ने आइसक्रीम विक्रेता से झगड़े के बाद उसका ठेला चोरी कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 60 हजार रुपये का ठेला बरामद कर लिया है।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में एक अजीबो-गरीब चोरी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने दोस्त को खुश करने के लिए आइसक्रीम का ठेला चुरा लिया।
    मामला वनराई पुलिस स्टेशन (Vanrai Police Station) क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ठेला बरामद कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी अरविंद यादव (34) और रामदुलारे मोरिया (35) को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया।

    🤝 दोस्ती निभाने के लिए किया ‘ठेला चोरी’ का कारनामा

    पुलिस जांच में सामने आया कि अरविंद यादव की एक आइसक्रीम विक्रेता से किसी बात पर बहस हो गई थी। नाराज़ होकर उसने अपने दोस्त रामदुलारे मोरिया से कहा —

    “जो इस वेंडर को परेशान करेगा, वही मुझे सबसे ज़्यादा खुश करेगा।”

    दोस्त की यह बात सुनकर मोरिया ने उसी रात ठेला चुराने की योजना बना ली।
    वह गोरेगांव ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास से आइसक्रीम का ठेला उठाकर मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर के नीचे छोड़कर फरार हो गया।

    🍦 ठेलेवाले ने दर्ज कराई शिकायत

    पीड़ित विक्रेता शंकरलाल दलीचंद गदरी (20), जो गोरेगांव ईस्ट के रामनगर, घसबाज़ार इलाके का निवासी है, रोज़ाना जयकोच जंक्शन पर आइसक्रीम बेचता है।
    वह हर रात अपने ठेले को चेन लगाकर वहीं छोड़ देता था। लेकिन 5 नवंबर को जब वह वापस पहुंचा, तो ठेला गायब मिला।

    दो दिनों तक खुद तलाश करने के बाद उसने वनराई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर चोरी किए गए ठेले को ट्रेस किया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


    🚓 पुलिस ने की तेज़ कार्रवाई, ठेला बरामद

    पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने ठेला चुराने के बाद उसे फ्लाईओवर के नीचे छोड़ दिया था।
    पुलिस ने वहां से ठेला बरामद कर लिया, जिसकी कीमत लगभग ₹60,000 बताई जा रही है।
    पुलिस के अनुसार,

    “दोनों ने कबूल किया कि उनका मकसद चोरी नहीं बल्कि विक्रेता को परेशान करना था।”


    ⚖️ कानूनी कार्रवाई और जांच जारी

    दोनों आरोपियों पर BNS (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
    वनराई पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कहीं दोनों आरोपी पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल तो नहीं थे।


    FAQ सेक्शन

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 यह घटना मुंबई के गोरेगांव इलाके के वनराई पुलिस स्टेशन क्षेत्र की है।
    Q2. आरोपियों के नाम क्या हैं?
    👉 आरोपियों के नाम अरविंद यादव (34) और रामदुलारे मोरिया (35) हैं।
    Q3. उन्होंने आइसक्रीम का ठेला क्यों चुराया?
    👉 अपने दोस्त को खुश करने के लिए, क्योंकि उसका आइसक्रीम वाले से झगड़ा हुआ था।
    Q4. क्या पुलिस ने ठेला बरामद कर लिया है?
    👉 हां, पुलिस ने ठेला मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर के नीचे से बरामद किया है।
    Q5. दोनों पर क्या कार्रवाई की गई है?
    👉 दोनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

  • फिल्म अभिनेता प्रेम चोपड़ा वायरल इंफेक्शन के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर बोले– “3-4 दिन में होंगे ठीक

    फिल्म अभिनेता प्रेम चोपड़ा वायरल इंफेक्शन के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर बोले– “3-4 दिन में होंगे ठीक

    92 वर्षीय बॉलीवुड अभिनेता प्रेम चोपड़ा को वायरल इंफेक्शन और उम्र संबंधी तकलीफों के चलते मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है और वे जल्द ठीक होकर घर लौटेंगे।

    📍 मुंबई | एंटरटेनमेंट डेस्क

    बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्रेम चोपड़ा को वायरल इंफेक्शन के चलते मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    92 साल की उम्र में भी बेहद सक्रिय रहने वाले प्रेम चोपड़ा फिलहाल स्थिर हैं और डॉक्टरों का कहना है कि वह अगले 3 से 4 दिनों में पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो जाएंगे।

    🏥 डॉक्टरों ने दी स्वास्थ्य अपडेट

    प्रेम चोपड़ा का इलाज लीलावती अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन गोकले और डॉ. जलील पारकर की निगरानी में चल रहा है।
    डॉ. पारकर ने बताया —

    “प्रेम चोपड़ा cardiac ailment (हृदय रोग) के पुराने मरीज हैं। हाल ही में उन्हें वायरल इंफेक्शन हुआ था, जिसकी वजह से फेफड़ों पर असर पड़ा। वे ICU में नहीं हैं, बल्कि वार्ड में भर्ती हैं और धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं।”

    डॉ. पारकर ने आगे कहा,

    “उनकी उम्र 92 वर्ष है, इसलिए रिकवरी में थोड़ा समय लगता है। लेकिन वे खतरे से बाहर हैं और अगले तीन-चार दिनों में घर लौट जाएंगे।”

    👪 परिवार ने दी जानकारी

    प्रेम चोपड़ा के दामाद और अभिनेता शरमन जोशी, जो उनकी बेटी प्रेरणा चोपड़ा के पति हैं, ने मीडिया से बातचीत में कहा —

    “सब कुछ ठीक है, कुछ रूटीन टेस्ट्स चल रहे हैं। वो कल तक घर आ जाएंगे।”

    परिवार के अनुसार, अभिनेता की तबीयत फिलहाल स्थिर है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

    🎬 60 साल से ज्यादा का करियर, 380 से अधिक फिल्में

    प्रेम चोपड़ा हिंदी सिनेमा के सबसे पहचानने योग्य चेहरों में से एक हैं।
    उन्होंने 1960 और 70 के दशक में विलन के रोल्स से अपनी अलग पहचान बनाई।
    उनकी यादगार फिल्मों में शामिल हैं:

    • “वो कौन थी?” (1964)
    • “उपकार” (1967)
    • “दो रास्ते” (1969)
    • “कटी पतंग” (1970)
    • “बॉबी” (1973)
    • “दो अंजाने” (1976)
    • “त्रिशूल” (1978)
    • “दोस्ताना” (1980)
    • “क्रांति” (1981)

    6 दशकों से भी ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने करीब 380 फिल्मों में अभिनय किया है और हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित खलनायकों में गिने जाते हैं।

    🕊️ फैन्स कर रहे हैं जल्द स्वस्थ होने की दुआ

    सोशल मीडिया पर प्रेम चोपड़ा के प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।
    कई फिल्म स्टार्स और फैन पेजों ने ट्वीट कर कहा —

    “आप हमारे दिलों के विलन हैं लेकिन असल ज़िंदगी में बहुत प्यारे इंसान हैं। जल्दी ठीक हो जाइए, सर!”


    FAQ सेक्शन

    Q1. प्रेम चोपड़ा को अस्पताल में क्यों भर्ती किया गया?
    👉 उन्हें वायरल इंफेक्शन और उम्र संबंधी जटिलताओं के चलते लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    Q2. क्या उनकी हालत गंभीर है?
    👉 नहीं, डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर है और वे कुछ दिनों में घर लौट जाएंगे।
    Q3. प्रेम चोपड़ा की उम्र कितनी है?
    👉 वे 92 वर्ष के हैं।
    Q4. कौन से डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं?
    👉 कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नितिन गोकले और फेफड़ों के विशेषज्ञ डॉ. जलील पारकर।
    Q5. प्रेम चोपड़ा ने कितनी फिल्मों में काम किया है?
    👉 उन्होंने 380 से अधिक हिंदी फिल्मों में अभिनय किया है।

  • Mumbai: कांदिवली की नशेमन कॉलोनी मस्जिद में नमाज़ बंद, ट्रस्टी बोले – 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल से न्याय की उम्मीद

    Mumbai: कांदिवली की नशेमन कॉलोनी मस्जिद में नमाज़ बंद, ट्रस्टी बोले – 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल से न्याय की उम्मीद

    कांदिवली (पश्चिम) की नशेमन कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में स्थित मस्जिद अबू बकर सिद्दीक़ महीनों से बंद है। ट्रस्टी लगातार कानूनी प्रयासों में जुटे हैं और 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल में अगली सुनवाई होगी।

    मुंबई: कांदिवली (पश्चिम) में चारकोप सेक्टर-1, नशेमन कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी स्थित मदरसा और मस्जिद अबू बकर सिद्दीक़ में पिछले कई महीनों से नमाज़ अदा नहीं की जा रही है।
    मस्जिद के ट्रस्टी लगातार प्रशासन और पुलिस से संपर्क कर रहे हैं, ताकि नमाज़ दोबारा शुरू की जा सके।
    अब यह मामला 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल में सुनवाई के लिए तय हुआ है, जिस पर पूरे इलाके की निगाहें हैं।

    🕌 सोसायटी में बंद मस्जिद को लेकर विवाद जारी

    मस्जिद के ट्रस्टी हाजी उस्मान ने बताया कि वे लगातार कानूनी और प्रशासनिक रास्तों से मस्जिद को खोलने की कोशिश कर रहे हैं।
    उन्होंने कहा —

    “हमने पुलिस कमिश्नर, डीसीपी और चारकोप पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक को पत्र लिखकर नमाज़ की अनुमति मांगी है।
    जैसे अन्य समुदायों के त्यौहारों की अनुमति दी जाती है, वैसे ही हमें भी अपना धर्म पालन करने का अधिकार है।”

    ट्रस्टी ने कहा कि सोसायटी के नियमों का हमेशा पालन किया गया है, फिर भी नमाज़ जबरन बंद कराई गई। उन्होंने दुख जताते हुए कहा,

    “भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ हर नागरिक को अपने धर्म के अनुसार जीने का अधिकार है।
    मगर हमें यह अधिकार नहीं दिया जा रहा।”

    🏢 MAHADA नियमों के तहत बनी थी मस्जिद

    ट्रस्टियों का कहना है कि मस्जिद पूरी तरह कानूनी रूप से रजिस्टर्ड और MHADA नियमों के अनुरूप बनाई गई थी।
    कई वर्षों तक वहाँ पाँचों वक्त की नमाज़ और ईद की जमातें शांतिपूर्वक होती रहीं।
    लेकिन कुछ स्थानीय निवासियों के विरोध के बाद “उपद्रवी तत्वों” के दबाव में मस्जिद बंद कर दी गई

    एक निवासी ने बताया,

    “पहले कुछ शर्तों के साथ नमाज़ पढ़ने की अनुमति थी, जिसे हमने सौहार्द के लिए मान लिया था।
    अब वो भी रोक दी गई है।”

    ⚖️ 11 नवंबर को होगी अहम सुनवाई

    वक्फ़ ट्रिब्यूनल में पहले भी कई सुनवाई हो चुकी हैं।
    अब 11 नवंबर को अगली सुनवाई में ट्रस्टी मस्जिद से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज़,
    पुलिस के साथ हुई चिट्ठियाँ और पहले मिली अनुमति के सबूत पेश करने वाले हैं।

    हाजी उस्मान ने कहा —

    “हम किसी से लड़ाई नहीं कर रहे। बस अपनी इबादत का हक़ मांग रहे हैं।
    हमें उम्मीद है कि वक्फ़ ट्रिब्यूनल में न्याय मिलेगा।”

    🚪 ‘दोहरे मापदंड’ पर सवाल उठे

    मुस्लिम निवासियों का कहना है कि सोसायटी में अन्य समुदायों को अपने त्योहार मनाने की पूरी आज़ादी है,
    मगर मुसलमानों को नमाज़ की इजाज़त नहीं दी जा रही।
    एक स्थानीय निवासी ने कहा —

    “क्या यही बराबरी है? हम सिर्फ़ समान अधिकार चाहते हैं, कोई विशेष सुविधा नहीं।”

    🙏 खामोश मस्जिद अब न्याय की राह देख रही

    जो मस्जिद कभी अज़ान और नमाज़ की आवाज़ों से गूंजती थी,
    आज वो खामोश है।
    रहवासी कहते हैं कि मस्जिद उनके लिए सिर्फ़ इबादत की जगह नहीं, बल्कि एकता और भाईचारे का प्रतीक थी।
    अब सभी की निगाहें 11 नवंबर की सुनवाई पर हैं।

    💬 मुख्य बिंदु एक नज़र में

    • मस्जिद: मदरसा और मस्जिद अबू बकर सिद्दीक़, नशेमन सोसायटी, चारकोप, कांदिवली (पश्चिम)
    • मुद्दा: नमाज़ बंद, ट्रस्टी ने अनुमति के लिए वक्फ़ ट्रिब्यूनल का रुख किया
    • अगली सुनवाई: 11 नवंबर
    • प्रमुख व्यक्ति: हाजी उस्मान (ट्रस्टी)
    • शिकायत: सोसायटी में “दोहरे मापदंड” और धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक

    FAQ सेक्शन

    Q1. मस्जिद में नमाज़ क्यों रोकी गई?
    → सोसायटी के कुछ सदस्यों के विरोध के कारण नमाज़ बंद कराई गई थी।
    Q2. मस्जिद की स्थिति क्या है?
    → मस्जिद कानूनी रूप से पंजीकृत है और MHADA के नियमों के अनुसार बनी है।
    Q3. मामला अब कहाँ चल रहा है?
    → वक्फ़ ट्रिब्यूनल में 11 नवंबर को अगली सुनवाई तय की गई है।
    Q4. ट्रस्टी क्या चाहते हैं?
    → वे सिर्फ़ नमाज़ दोबारा शुरू करने और समान धार्मिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।

  • Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    मुंबई की पॉक्सो कोर्ट ने 35 वर्षीय व्यक्ति को नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो पीड़िता और न ही उसकी मां ने कोई पुख्ता बयान दिया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में भी शोषण के निशान नहीं मिले।

    मुंबई: एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने 35 वर्षीय पिता को नाबालिग बेटी के यौन शोषण के आरोप से बरी कर दिया, जिसे 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
    अदालत ने साफ कहा कि गवाही और सबूतों में कोई मेल नहीं मिला, इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🔹 क्या था मामला

    मामला कांदिवली पुलिस स्टेशन का है, जहाँ पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
    शिकायत में कहा गया था कि लड़की की मां घरों में नौकरानी का काम करती है, जबकि पिता शराब के नशे में घर आते हैं।
    घटना के समय पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती थी

    लड़की का आरोप था कि गणपति उत्सव से कुछ दिन पहले, पिता शराब पीकर घर आए, दरवाज़ा बंद कर दिया और उसे कपड़े उतारने को कहा।
    वहां उन्होंने कथित तौर पर यौन शोषण किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे।
    उसने आगे कहा कि कुछ दिन बाद फिर उसने साथ सोने के लिए कहा और जब मां ने उसकी रोने की आवाज सुनी, तो मामला खुला।
    इसके बाद मां-बेटी ने जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    🔹 अदालत में पलटी गवाही

    मामला जब अदालत पहुंचा, तो पीड़िता ने अपने बयान में कहानी बदल दी
    उसने कहा कि पिता ने सिर्फ मोबाइल चलाने और पढ़ाई न करने पर उसे और भाइयों को पीटा था
    यौन शोषण की कोई बात उसने अपने बयान में नहीं कही।
    यहां तक कि उसकी मां ने भी कहा कि पति ने कोई गलत काम नहीं किया

    🔹 डिफेंस की दलील और कोर्ट का निर्णय

    बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट सुवर्णा अवध वास्ट और राहुल डिंगणकर ने दलील दी कि
    पीड़िता और मां दोनों के बयानों में कोई पुख्तापन नहीं है और
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की चोट या शोषण के निशान नहीं मिले

    कोर्ट ने माना कि कोई भी सबूत या गवाही आरोपों की पुष्टि नहीं करती
    इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया

    🔹 अदालत का अवलोकन

    न्यायाधीश ने कहा —

    “मां और बेटी दोनों ने बयान में शोषण का जिक्र नहीं किया।
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं पाई गई।
    ऐसे में अदालत आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती।”

    ⚖️ POCSO कोर्ट का रुख साफ: सबूत के बिना सज़ा नहीं

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत नाबालिगों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर
    तेज़ कार्रवाई और सख्त सज़ा का प्रावधान है।
    लेकिन अदालतों का यह भी मानना है कि
    यदि गवाहों और मेडिकल साक्ष्य में मेल नहीं बैठता,
    तो किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🟨 मुख्य बिंदु एक नजर में

    • आरोपी पिता की उम्र: 35 वर्ष
    • मामला दर्ज: कांदिवली पुलिस स्टेशन, 2022
    • कोर्ट: स्पेशल POCSO कोर्ट, मुंबई
    • नतीजा: गवाही और सबूतों में विरोधाभास के कारण बरी
    • मेडिकल रिपोर्ट: किसी भी प्रकार की चोट नहीं पाई गई

    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
    → अपनी नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में।
    Q2. कोर्ट ने उसे क्यों बरी किया?
    → क्योंकि पीड़िता और उसकी मां के बयान आरोपों से मेल नहीं खाते थे और कोई मेडिकल सबूत नहीं मिला।
    Q3. मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज था?
    → कांदिवली पुलिस स्टेशन, मुंबई।
    Q4. पॉक्सो कानून क्या है?
    → यह कानून नाबालिगों के साथ यौन अपराधों पर कड़ी सज़ा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

  • मुंबई में बैठने की जगह को लेकर विवाद, युवक ने दो बुजुर्गों की की बेरहमी से पिटाई

    मुंबई में बैठने की जगह को लेकर विवाद, युवक ने दो बुजुर्गों की की बेरहमी से पिटाई

    मुंबई के मालाड इलाके में बैठने की छोटी सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने दो बुजुर्गों को बेरहमी से पीट दिया। घटना में दोनों बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हुए और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    मुंबई: मालाड पश्चिम में रविवार शाम एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां बैठने की छोटी सी बात पर एक युवक ने दो बुजुर्गों को बुरी तरह पीट दिया
    घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
    पीड़ित बुजुर्गों की पहचान बहरजी बलीहारी कनोजिया (66) और राजनाथ यादव (67) के रूप में हुई है।

    🔹 मामूली बात पर बिगड़ा मामला

    घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है। दोनों बुजुर्ग अपनी सोसायटी के पास बने एक बेंच पर बैठकर बातचीत कर रहे थे, तभी इलाके का एक युवक वहां आया और उन्हें वहां से हटने को कहा।
    बुजुर्गों ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया, और अचानक युवक ने गुस्से में दोनों पर हमला कर दिया
    आरोपी ने दोनों को घूंसों और लातों से पीटते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया।

    घटना के बाद युवक वहां से फरार हो गया, जबकि घायल बुजुर्गों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    🔹 पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने बुजुर्गों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
    पुलिस ने उस पर हत्या का प्रयास, शारीरिक हानि पहुंचाना और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

    मालाड़ पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चौहान ने बताया, कि

    “यह मामला बेहद शर्मनाक है। किसी बुजुर्ग के साथ इस तरह का बर्ताव अस्वीकार्य है। जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।”

    🔹 इलाके में तनाव, नागरिकों में आक्रोश

    घटना के बाद इलाके में लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की हिंसा से सोसायटी में डर का माहौल बन गया है और पुलिस को गश्त बढ़ानी चाहिए।


    🔹 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. घटना कहां की है?
    यह घटना मुंबई के मालाड इलाके की है।
    Q2. विवाद किस बात को लेकर हुआ था?
    विवाद बैठने की जगह को लेकर हुआ था।
    Q3. घटना में कौन घायल हुआ?
    दो बुजुर्ग — बहरजी कनोजिया (66) और राजनाथ यादव (67) गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
    Q4. क्या आरोपी गिरफ्तार हुआ है?
    हाँ, पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और मामला दर्ज कर लिया गया है।
    Q5. पुलिस ने कौन-कौन सी धाराएं लगाई हैं?
    पुलिस ने आरोपी पर हत्या का प्रयास, शारीरिक हानि पहुंचाना और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

  • महिला हत्या केस सुलझाने पर मालवनी पुलिस टीम को मुंबई पुलिस आयुक्त ने सम्मानित किया

    महिला हत्या केस सुलझाने पर मालवनी पुलिस टीम को मुंबई पुलिस आयुक्त ने सम्मानित किया

    मालाड-मालवनी में पूर्व बार डांसर की हत्या के सनसनीखेज मामले को सुलझाने पर मुंबई पुलिस विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने मालवनी पुलिस टीम को सम्मानित किया। जानिए पूरा मामला और पुलिस की तफ्तीश कैसे पहुंची हत्यारे तक।

    मुंबई: मालाड पश्चिम मालवनी इलाके में हुए महिला हत्या केस को सुलझाने वाली मालवनी पुलिस टीम को मुंबई पुलिस के विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने सम्मानित किया।
    उन्होंने पुलिस निरीक्षक जीवन भातकुले, सहायक पुलिस निरीक्षक प्रथमेश विचारे और उनकी टीम को सम्मान पत्र देकर सराहा
    आयुक्त भारती ने कहा,

    “इस तरह की तत्परता और पेशेवर जांच से पुलिस विभाग की छवि और जनता का भरोसा दोनों मजबूत होते हैं।”

    🔹 किस मामले में दिया गया सम्मान?

    यह सम्मान पूर्व बार डांसर रानी शुक्ला हत्या केस को सुलझाने के लिए दिया गया।
    पुलिस के मुताबिक, 40 वर्षीय रानी शुक्ला का शव मालाड-मालवनी इलाके के पुराने चर्च के पास झाड़ियों में अर्धनग्न अवस्था में मिला था।
    स्थानीय लोगों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

    संबंधित क्राईम रिपोर्ट

    🔹 पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज

    शुरुआत में पुलिस ने मामले को अपमृत्यु (Accidental Death) समझा, क्योंकि शव पर गहरी चोटों के निशान नहीं थे।
    लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा हुआ कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई थी
    इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    सूत्रों के अनुसार, महिला का कुछ लोगों से विवाद चल रहा था, जिसके बाद यह हत्या हुई।
    मालवनी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की मदद से संदिग्धों को तलाशा और मामले को कुछ ही दिनों में सुलझा लिया।

    🔹 पेशेवर जांच पर देवेंद्र भारती की सराहना

    सम्मान समारोह में विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने मालवनी पुलिस की टीम की तारीफ करते हुए कहा कि

    “ऐसे अपराधिक मामलो में तुरंत कार्रवाई और पेशेवर जांच से जनता का पुलिस पर भरोसा कायम रहता है। मालवनी टीम ने साबित किया है कि तेज़ और सटीक जांच से न्याय दिलाया जा सकता है।”

    उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान पूरी मुंबई पुलिस के लिए प्रेरणा है।


    🔹 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. मालवनी पुलिस को किस मामले में सम्मान मिला?
    मालाड-मालवनी में पूर्व बार डांसर रानी शुक्ला की हत्या का मामला सुलझाने पर पुलिस टीम को सम्मानित किया गया।
    Q2. सम्मान किसने दिया?
    मुंबई पुलिस के विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने टीम को सम्मान पत्र देकर सराहा।
    Q3. रानी शुक्ला की मौत कैसे हुई थी?
    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि उनकी गला दबाकर हत्या की गई थी।
    Q4. जांच में किन अधिकारियों की भूमिका रही?
    पुलिस निरीक्षक जीवन भातकुले और सहायक पुलिस निरीक्षक प्रथमेश विचारे की टीम ने केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
    Q5. क्या मामला पूरी तरह सुलझ गया है?
    हाँ, पुलिस ने केस सुलझाने का दावा किया है और संबंधित आरोपी की पहचान कर ली गई है।

  • रियल एस्टेट मे लोगों से 100 करोड़ की ठगी! इमारत प्लिंथ पर रुकी

    रियल एस्टेट मे लोगों से 100 करोड़ की ठगी! इमारत प्लिंथ पर रुकी

    मुंबई के वडाला इलाके में बड़ा रियल एस्टेट घोटाला सामने आया है। बीपी गंगार कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 102 फ्लैट खरीदारों से ₹100 करोड़ की ठगी का आरोप लगा है। इमारत का काम सिर्फ नींव तक पहुंचा, बाकी निर्माण ठप पड़ा है।

    मुंबई: मुंबई पुलिस की आर्थिक गुन्हे शाखा (EOW) ने BP Gangar Constructions Pvt. Ltd. नामक डेवलपर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने वडाला में बन रही “Skye 31” इमारत के 102 फ्लैट खरीदारों से लगभग ₹100 करोड़ की ठगी की।

    पुलिस के अनुसार, बिल्डर को दिसंबर 2024 तक खरीदारों को फ्लैट का कब्जा देना था, लेकिन आज तक इमारत की सिर्फ प्लिंथ लेवल तक की ही कंस्ट्रक्शन हुई है।

    🏗️ 2018 से ले रहा था बुकिंग, लेकिन निर्माण नहीं बढ़ा

    पुलिस जांच में सामने आया है कि BP Gangar Constructions ने 2018 से फ्लैट बुकिंग शुरू की, और कई लोगों से बड़ी रकम ली।
    शिकायतकर्ता अनिल ड्रोन (62), जो एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, ने 2022 में 2-BHK फ्लैट खरीदा था। उन्होंने शिकायत में बताया कि बिल्डर ने एक ही फ्लैट दो लोगों को बेच दिया, यानी एक ही यूनिट से दो बार पैसा वसूला गया।

    🧾 RERA नियमों का उल्लंघन, पैसा निजी उपयोग में लगाया

    EOW के अधिकारियों ने बताया कि डेवलपर ने अब तक 159 में से 102 फ्लैट बेच दिए, लेकिन उस रकम को प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय दूसरी कंपनियों या व्यक्तिगत कामों में उपयोग किया गया।
    यह रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट (RERA) का गंभीर उल्लंघन है।

    👮‍♂️ दो डायरेक्टरों पर FIR, IPC की कई धाराएं लागू

    पुलिस ने कंपनी के दो डायरेक्टरों — सुब्बारमन आनंद विलायनूर और उमा सुब्बारमन — और कुछ अन्य अज्ञात अधिकारियों पर IPC की धारा 406 (विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), और 34 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है।
    पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर ठगी की रकम करीब ₹100 करोड़ से अधिक हो सकती है।

    📉 खरीदारों में रोष, कहा, “हमारी जिंदगी की कमाई दांव पर”

    पीड़ित फ्लैट खरीदारों ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी इस प्रोजेक्ट में लगाई थी।
    “हम हर महीने EMI दे रहे हैं, लेकिन घर सिर्फ नक्शे में है। बिल्डर जवाब नहीं दे रहा,” — एक खरीदार ने बताया।
    अब खरीदारों की मांग है कि सरकार RERA के तहत तुरंत हस्तक्षेप करे और इस प्रोजेक्ट को किसी दूसरी विश्वसनीय कंपनी को सौंपा जाए।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला किस डेवलपर के खिलाफ दर्ज हुआ है?
    👉 BP Gangar Constructions Pvt. Ltd. के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
    Q2. कितने खरीदार ठगी के शिकार हुए हैं?
    👉 कुल 102 फ्लैट खरीदारों ने शिकायत दर्ज कराई है।
    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 पुलिस के अनुसार, रकम लगभग ₹100 करोड़ से अधिक है।
    Q4. पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया है?
    👉 IPC की धारा 406, 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    Q5. क्या इमारत का निर्माण पूरा हुआ है?
    👉 नहीं, अब तक केवल प्लिंथ लेवल तक ही काम हुआ है।

  • Malad Redevelopment Scam: कांदिवली के बिल्डर से ₹18.09 करोड़ की ठगी, तीन डेवलपर्स पर EOW की जांच

    Malad Redevelopment Scam: कांदिवली के बिल्डर से ₹18.09 करोड़ की ठगी, तीन डेवलपर्स पर EOW की जांच

    मुंबई के मालाड इलाके में एक बड़े रीडेवलपमेंट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। कांदिवली के बिल्डर से तीन डेवलपर्स ने झूठे दस्तावेज़ दिखाकर ₹18.09 करोड़ की ठगी की। अब मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपा गया है।

    मुंबई: करोड़ों रुपये की ठगी के मामले मे मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने मालाड वेस्ट में हुए एक बड़े रीडेवलपमेंट फ्रॉड केस की जांच अपने हाथ में ले ली है। आरोप है कि तीन डेवलपर्स — अपूर्व शाह, शीतल शाह और विशेश शाह — ने कांदिवली के बिल्डर राकेश वीरेंद्र सिंह (51) को झूठे मालिकाना दस्तावेज़ दिखाकर ₹18.09 करोड़ की ठगी की है।

    राकेश सिंह ने बताया कि ये आरोपी खुद को मालाड (वेस्ट) स्थित राम निवास और कमल कुंज नामक दो संपत्तियों के एकमात्र मालिक बताते थे, जबकि असल में ये प्रॉपर्टीज पहले से ही कानूनी विवादों में उलझी हुई थीं।

    🔹 झूठे दस्तावेज़ और फर्जी डेवलपमेंट एग्रीमेंट

    एफआईआर के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने राकेश सिंह को लुभाकर Joint Development Agreement (JDA) किया और नकली दस्तावेज़ पेश कर खुद को वैध मालिक बताया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से भारी मुनाफा होगा।

    सिंह ने अनुमतियों, किरायेदारों के स्थानांतरण और निर्माण कार्यों के लिए ₹18.09 करोड़ का निवेश किया। मगर रकम मिलने के बाद न तो कोई काम शुरू हुआ, न पैसा वापस किया गया।

    🔹 पैसे गायब, प्रोजेक्ट ठप

    सिंह के मुताबिक, सभी दस्तावेज़ और वादे झूठे निकले। रकम को इधर-उधर कर दिया गया और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर कानूनी विवाद छिपाकर निवेशक को भ्रमित किया और वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

    🔹 EOW ने संभाली जांच

    मालाड पुलिस ने पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा के तहत धोखाधड़ी और विश्वासघात के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। अब यह मामला आगे की गहराई से जांच के लिए EOW यूनिट-12 को सौंपा गया है।

    EOW अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया, और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मालाड (वेस्ट), मुंबई में दो संपत्तियों — राम निवास और कमल कुंज — के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में यह धोखाधड़ी हुई।
    Q2. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    कांदिवली के बिल्डर राकेश सिंह से ₹18.09 करोड़ की ठगी की गई है।
    Q3. अब इस केस की जांच कौन कर रहा है?
    मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) यूनिट-12 कर रही है।
    Q4. आरोपियों के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
    BNS की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप दर्ज किए गए हैं।

  • मालाड में 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे बुज़ुर्ग को पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बचाया, तलाक के बाद तनाव में था शख्स

    मालाड में 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे बुज़ुर्ग को पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बचाया, तलाक के बाद तनाव में था शख्स

    मुंबई के मालाड पूर्व में 60 वर्षीय बुज़ुर्ग आत्महत्या के लिए 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे थे, लेकिन कुुरार पुलिस और फायर ब्रिगेड की समय रहते कार्रवाई से उनकी जान बच गई। तलाक के बाद तनाव में चल रहे व्यक्ति को पुलिस ने काउंसलिंग देकर सुरक्षित घर भेज दिया।

    मुंबई: मालाड पूर्व इलाके में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक 60 वर्षीय बुज़ुर्ग व्यक्ति ने आत्महत्या करने की कोशिश की।
    वह दुर्गामाता एसआरए बिल्डिंग, दिंडोशी कोट (जेपी डेक्स के पास) की 22वीं मंज़िल से कूदने की तैयारी कर रहे थे।

    सूचना मिलते ही कुरार पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड की मदद से बुज़ुर्ग को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
    इस त्वरित कार्रवाई ने एक ज़िंदगी बचा ली।

    कंट्रोल रूम की कॉल से शुरू हुई बचाव कार्रवाई

    पुलिस के मुताबिक, 4 नवंबर की सुबह करीब 8 बजे, नॉर्थ कंट्रोल रूम से कॉल मिला कि एक व्यक्ति इमारत की 22वीं मंज़िल से छलांग लगाने की कोशिश कर रहा है।
    शख्स की पहचान विवेक गोगटे (60) के रूप में हुई, जो पेशे से वॉचमैन हैं और उसी बिल्डिंग के एक रूम में रहते हैं।

    जानकारी मिलते ही नाइट शिफ्ट सुपरवाइजर संदीप वेदपाठक, ऑफिसर मनोज क्षीरसागर, और बीट मार्शल 1 टीम लेकर मौके पर पहुंचे।
    साथ ही दिंडोशी फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।

    फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मिलकर बचाई जान

    जब टीम पहुंची, तब विवेक गोगटे इमारत की दीवार पर चढ़ चुके थे और छलांग लगाने ही वाले थे।
    टीम ने तेजी से एक्शन लेते हुए सुरक्षा रस्सियों और नेट का इस्तेमाल किया, और उन्हें नीचे उतारने में सफलता पाई।

    बचाव के बाद उन्हें कुरार पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां काउंसलिंग दी गई और मानसिक रूप से शांत करने का प्रयास किया गया।

    तलाक के बाद मानसिक तनाव से जूझ रहे थे विवेक गोगटे

    पूछताछ में विवेक गोगटे ने बताया कि पिछले साल उनका तलाक हो गया था, और तब से वे अकेले रह रहे थे।
    पारिवारिक परेशानियों और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश की।

    पुलिस ने गोगटे से उनके किसी परिचित का नंबर मांगा, जिसके बाद उन्होंने अपने मित्र अमर उमेश सिंह (47) का नाम बताया।
    सिंह को बुलाकर पूरा मामला समझाया गया, और गोगटे को उनकी देखरेख में घर भेज दिया गया।

    पुलिस ने दी मानसिक स्वास्थ्य सहायता

    कुरार पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई के बजाय मानसिक सहायता देना अधिक ज़रूरी है।
    टीम ने बताया कि उन्होंने “संकट में फंसे व्यक्ति की काउंसलिंग” कराई है ताकि आगे वह ऐसा कदम न उठाएं।


    FAQ

    Q1. घटना कब और कहाँ हुई?
    A1. यह घटना 4 नवंबर की सुबह मालाड ईस्ट के दुरगामाता एसआरए बिल्डिंग, दिंडोशी कोट में हुई।
    Q2. आत्महत्या की कोशिश करने वाला व्यक्ति कौन था?
    A2. 60 वर्षीय विवेक गोगटे, जो वहां वॉचमैन के रूप में काम करते हैं।
    Q3. पुलिस को घटना की जानकारी कैसे मिली?
    A3. नॉर्थ कंट्रोल रूम से सुबह 8 बजे फोन आने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
    Q4. व्यक्ति को कैसे बचाया गया?
    A4. फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मिलकर सुरक्षा उपकरणों की मदद से उन्हें 22वीं मंज़िल से नीचे उतारा।
    Q5. क्या व्यक्ति पर कोई कानूनी कार्रवाई की गई?
    A5. नहीं, पुलिस ने उन्हें काउंसलिंग देकर मानसिक सहायता दी और एक परिचित के साथ घर भेज दिया।