Category: Maharashtra Crime

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  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

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    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।

  • हाईवे पर दंपती ने लगा दी रसोई, राहगीर से उलझे; वीडियो वायरल

    हाईवे पर दंपती ने लगा दी रसोई, राहगीर से उलझे; वीडियो वायरल

    व्यस्त हाईवे पर दंपती द्वारा सड़क किनारे रसोई जमाने का वीडियो वायरल। राहगीर ने टोका तो दंपती ने उल्टा जवाब दिया। सोशल मीडिया पर सड़क सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर बहस छिड़ी।

    मुंबई: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक दंपती व्यस्त हाईवे के किनारे सड़क पर ही अस्थायी रसोई बनाकर खाना बनाते दिखाई दे रहा है। वहीं राहगीर ने जब उन्हें सड़क पर बैठकर खाना पकाने के खतरों के बारे में समझाने की कोशिश की, तो दंपती ने उल्टा तर्क देते हुए कहा — “हमें भी पता है…” और खुद को “रेस्ट एरिया” में होने का दावा किया। इस वीडियो ने देशभर में सड़क सुरक्षा, नागरिक जिम्मेदारी और जागरूकता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

    हाईवे पर सब्ज़ियां फैलाकर चूल्हा जलाया, बच्चा भी बैठा था पास

    वीडियो में महिला हाईवे किनारे सड़क पर बैठी सब्ज़ियां काटती, रोटियां बेलती और पोर्टेबल गैस स्टोव पर उन्हें सेंकती दिखाई देती है। वहीं उनका छोटा बच्चा ठीक पास में सड़क पर ही बैठा हुआ नजर आता है।
    दंपती का सामान इस तरह फैला था कि छोटे वाहनों के गुजरने में भी बाधा पैदा हो रही थी।

    राहगीर ने रोका, तो दंपती बोले— “ये हमारा रेस्ट एरिया है”

    वीडियो रिकॉर्ड करने वाले राहगीर ने जब उनसे पूछा कि तेज़ रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पर खाना बनाना कितना खतरनाक है, तो दंपती ने बिना समझे उल्टा सवाल करते हुए कहा कि वे किसी “डिज़ाइनटेड रेस्ट एरिया” में बैठे हैं।
    दंपती की लापरवाही और तर्क सुनकर राहगीर ने अपनी नाराज़गी जाहिर की और पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।

    सोशल मीडिया पर नाराज़गी— ‘जान से खेलकर कंटेंट मत बनाओ’

    वीडियो सामने आने के बाद यूज़र्स ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हाईवे किसी भी तरह की गतिविधि— खाना बनाना, पिकनिक, बच्चों को बैठाना— के लिए नहीं होते।
    कई लोगों ने लिखा कि “हाईवे पर गाड़ियां 100-120 की स्पीड से दौड़ती हैं, ऐसे में सड़क के बीच खाना बनाना जान जोखिम में डालने जैसा है।”
    कुछ ने ट्रैफिक पुलिस और हाईवे अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग भी की है।

    रोड सेफ्टी को लेकर फिर उठा सवाल

    एक्सपर्ट्स लंबे समय से बताते आए हैं कि भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बहुत कम है।
    हाईवे पर इस तरह की गतिविधियां—

    • दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं,
    • अचानक ब्रेक लगने की नौबत लाती हैं,
    • पीछे चलने वाले वाहनों के लिए बड़ा खतरा बनती हैं।

    इस घटना में बच्चा भी मौजूद था, जिससे खतरा और बढ़ गया था।

    क्यों खतरा बढ़ जाता है? (डिटेल विश्लेषण)

    • हाईवे पर रुकने की अनुमति केवल निर्धारित लेन में होती है, सड़क पर नहीं।
    • सड़क किनारे बैठना भी तेज़ रफ्तार ट्रैफिक में जानलेवा साबित हो सकता है।
    • रात या कम रोशनी वाले इलाकों में ऐसे लोग दिखते भी नहीं।
    • अचानक मोड़ या ब्रेक से बड़े हादसे हो सकते हैं।

    FAQ सेक्शन

    1. वीडियो कहाँ शूट किया गया था?

    फिलहाल वीडियो के सटीक लोकेशन की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे भारत के किसी व्यस्त हाईवे का बताया जा रहा है।

    2. क्या दंपती के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है?

    अब तक इस मामले में किसी आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

    3. क्या हाईवे पर रुककर खाना बनाना गैरकानूनी है?

    हां, हाईवे पर अवैध रूप से रुकना, सड़क पर बैठना या गतिविधि करना ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

    4. सोशल मीडिया ने कैसी प्रतिक्रिया दी?

    यूज़र्स ने दंपती की लापरवाही पर कड़ी आलोचना की और इसे सड़क सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया।

  • BMC चुनाव से पहले भाजपा में तकरार? किरीट सोमैया ने मंत्री लोढा को लगाई फटकार

    BMC चुनाव से पहले भाजपा में तकरार? किरीट सोमैया ने मंत्री लोढा को लगाई फटकार

    मुंबई महापौर पद को लेकर भाजपा के भीतर मतभेद उभरते दिख रहे हैं। मंत्री मंगलप्रभात लोढा के “भाजपा का महापौर” बयान पर पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“कसली कॉलर टाइट? भाजपा महापौर की रेस में नहीं है।”

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव नज़दीक आते ही राजनीति गर्माती जा रही है। एक तरफ भाजपा नेता जहां BMC में सत्ता स्थापित करने की बात कर रहे हैं, वहीं भाजपा के भीतर ही इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। मंत्री मंगलप्रभात लोढा द्वारा “मुंबई में भाजपा का महापौर बनेगा” इस दावे के बाद पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने उन्हें कड़े शब्दों में फटकार लगाई और कहा कि “भाजपा महापौर पद की लड़ाई नहीं लड़ रही है।” सोमैया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी इस बयान पर ध्यान देने की बात कही।

    मुंबई में महापौर पद पर सियासी बयानबाज़ी तेज़

    राज्य के 29 नगर निगम चुनावों की घोषणा से पहले ही मुंबई में राजनीतिक दलों ने तैयारी तेज कर दी है। महायुती के नेताओं का दावा है कि इस बार मुंबई में उनका महापौर बनेगा।
    वहीं शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) भी लगातार यह कहते हुए दिखाई दे रही है कि “मुंबई में फिर से शिवसेना का महापौर आएगा।”

    इसी माहौल में मंत्री मंगलप्रभात लोढा के बयान ने राजनीतिक हलचलों को और हवा दे दी।

    मंगलप्रभात लोढा का बयान: “भाजपा का महापौर बनेगा, कॉलर टाइट होगा!”

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री लोढा ने कहा था—

    “मुंबई महानगरपालिका में जब भाजपा का महापौर चुना जाएगा, तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उसके शपथ ग्रहण समारोह में आएंगे, और उस वक्त आपकी और मेरी कॉलर टाइट होगी!”

    उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में कई दल फडणवीस के संकेतों पर चलते हैं।

    उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा अकेले महापौर पद का दावा कर रही है।

    सैय्या—”किस तरह का कॉलर टाइट? बीजेपी मेयर पद का चुनाव नहीं लड़ रही है!”

    मंगलप्रभात लोढा के बयान पर भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने नाराज़गी जताई।
    मीडिया से बातचीत में सोमैया ने कहा—

    “भाजपा महापौर पद के लिए लड़ ही नहीं रही। जो नेता महापौर पद की बात कर रहे हैं, उन्हें मैंने भी बताया है और फडणवीस जी को भी कहा है कि उन्हें रोको। कैसा कॉलर टाइट? कैसा महापौर पद?”

    सोमैया ने स्पष्ट किया कि भाजपा का ध्यान महापालिका में “भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन” और विकास पर है, न कि महापौर की कुर्सी पर।

    महा विकास अघाड़ी और ठाकरे गुट पर भी हमला

    मीडिया से बातचीत के दौरान सोमैया ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को भी आड़े हाथों लिया।
    उन्होंने कहा—

    • “कोविड के दौरान ठाकरे सेना कमाई कर रही थी।”
    • “खिचड़ी घोटाला, रेमडेसिविर घोटाला—ये सब मुंबई को लूटने की कहानी है।”
    • “हमारा लक्ष्य BMC को भ्रष्टाचार से मुक्त कराकर मुंबई का विकास करना है।”

    उनके अनुसार भाजपा—चाहे फडणवीस हों या मोदी—पिछले 25 वर्षों से “लूट” का आरोप झेल रही मुंबई को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुंबई में क्या भाजपा एकजुट नहीं? उठने लगे सवाल

    लोढा का “भाजपा का महापौर” वाला दावा और सोमैया की “भाजपा महापौर पद की लड़ाई नहीं लड़ रही” वाली प्रतिक्रिया—दोनों ने मिलकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—

    क्या BMC चुनाव में भाजपा की रणनीति स्पष्ट नहीं है?

    या फिर पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी है?

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि BMC चुनाव 2025 महाराष्ट्र में सत्ता संतुलन तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
    इसलिए भाजपा चाहती है कि हर बयान बेहद सोच–समझकर दिया जाए।


    FAQ सेक्शन

    1. महापौर पद को लेकर भाजपा में विवाद क्यों दिख रहा है?

    मंत्री लोढा ने कहा कि “भाजपा का महापौर बनेगा”, जबकि सोमैया ने कहा कि भाजपा महापौर की रेस में नहीं है। इसी वजह से मतभेद की चर्चा शुरू हुई।

    2. भाजपा की आधिकारिक रणनीति क्या है?

    सोमैया के मुताबिक, भाजपा का मुख्य फोकस महापालिका को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना और विकास तेज़ करना है।

    3. BMC चुनाव कब होने की उम्मीद है?

    राज्य चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों की घोषणा कर सकता है। 29 नगर निगमों के चुनाव एक साथ होने की संभावना है।

    4. शिवसेना (उद्धव गुट) का दावा क्या है?

    ठाकरे गुट का दावा है कि वे फिर से मुंबई में महापौर बनाएंगे।

  • बलात्कार और दुष्कर्म मामले में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, लेकिन बेटा फरार

    बलात्कार और दुष्कर्म मामले में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, लेकिन बेटा फरार

    मालवनी में हफ्ता वसूली और प्रॉपर्टी कब्जे के मामलों में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम को दुष्कर्म केस में गिरफ्तार किया गया। पीड़िता ने उसके बेटे आमीर पर भी जबरन छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। पुलिस आरोपी बेटे की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम को पुलिस ने एक महिला के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, धमकी और किडनैपिंग जैसी कई धाराओं में केस दर्ज हैं। पीड़िता ने गिरफ्तारी के बाद उसकी संलिप्तता और भी उजागर की तथा उसके बेटे आमीर हुसैन सैय्यद पर भी जबरन छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज कराया है। ज़ाकिर के हिरासत में आने के बाद बेटा फरार हो गया।

    कई मामलों में वांछित आरोपी ज़ाकिर डॉट कॉम की गिरफ्तारी

    मालवनी पुलिस के हाथ आखिरकार वह आरोपी लग गया जो वर्षों से कानून की पकड़ से बचता फिर रहा था। ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम अपराध जगत में जाना-पहचाना नाम है। उस पर हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, मारपीट, धमकी, जबरन वसूली, किडनैपिंग और अलग-अलग धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। दुष्कर्म के इस नए केस के बाद उसकी आपराधिक फाइल और भी लंबी हो गई है।

    कानूनी मदद के बहाने नज़दीकी बढ़ाई, फिर ऑफिस में किया दुष्कर्म

    पीड़िता 32 वर्षीय महिला ने मालवनी पुलिस को बताया कि उसे एक कानूनी मामले में किसी की मदद चाहिए थी। आरोपी ने खुद को पुलिस सिस्टम से जुड़ा बताया और भरोसा दिलाया कि वह उसकी मदद कर सकता है। कुछ दिनों में उसने महिला से नज़दीकी बढ़ाई, घर में राशन भिजवाया और आर्थिक परेशानी का फायदा उठाते हुए उसे अपने ऑफिस में बुलाया।
    वहीं उसने महिला के साथ बलात्कार किया। पीड़िता डर के मारे कुछ नहीं बोली और आंसू पोंछकर वहां से निकल आई।

    महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया और उसी का सहारा लेकर उसे ब्लैकमेल करता रहा। लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण की वजह से वह ख़ुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रही थी।

    बाप ने चुप कराया तो बेटे की हिम्मत बढ़ी

    पीड़िता के अनुसार, मामला यहीं नहीं रुका।
    एक दिन ज़ाकिर का बेटा आमीर हुसैन सैय्यद नशे की हालत में उसके घर पहुंचा और उसे कहा—
    “मेरे अब्बा के साथ जो तुम्हारा सेक्स रिलेशन चल रहा है, वो मुझे भी चाहिए।”

    इतना कहते ही उसने महिला पर हमला किया और उसकी छाती पकड़ने की कोशिश की। महिला ने पूरी ताकत लगाकर उसे घर से बाहर धक्का दिया। जाते-जाते वह धमकी देकर गया—
    “तेरे को बाद में देखता हूँ।”

    पीड़िता ने पिता को बताया तो मिला धमकी भरा जवाब

    महिला ने जब ज़ाकिर को फोन कर शिकायत की, तो उसने बेटे का बचाव करते हुए कहा—
    “जो भी किया वो नशे में किया। चिल्लम-चिल्ली मत कर… बात वहीं खत्म कर। नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।”
    इसके बाद महिला और डर गई और कई महीनों तक शिकायत नहीं कर सकी।

    2022 से जारी शोषण, 2025 में शिकायत

    पीड़िता के मुताबिक,

    • दुष्कर्म 2022 में हुआ
    • बेटे द्वारा छेड़छाड़ और जबरदस्ती 2023 में
      लेकिन आरोपी की दहशत के कारण महिला चुप रही।
      2025 की शुरुआत में ज़ाकिर के खिलाफ कई नए आपराधिक मामले दर्ज होने लगे। इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और FIR दर्ज कराई।

    गुप्त सूचना पर रेड, ज़ाकिर गिरफ्तार—बेटा फरार

    पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने मालवनी स्थित घर में छिपा है।
    सीनियर पीआई शैलेंद्र नागरकर और क्राइम डिटेक्शन पीआई जीवन भातकुले की टीम ने रेड कर आरोपी को दबोच लिया।

    दुष्कर्म मामले में पिता गिरफ्तार हो गया, लेकिन दूसरे FIR दर्ज होते-होते बेटा आमीर फरार हो चुका था।
    अब मालवनी पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।


    FAQ SECTION

    1. ज़ाकिर डॉट कॉम कौन है?

    वह मालवनी क्षेत्र का कुख्यात आरोपी है, जिसके खिलाफ हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, किडनैपिंग और धमकी जैसी कई धाराओं में केस दर्ज हैं।

    2. पीड़िता ने क्या आरोप लगाए हैं?

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने कानूनी मदद के बहाने भरोसा जीता, दुष्कर्म किया, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और लगातार शोषण करता रहा।

    3. बेटे पर क्या आरोप है?

    ज़ाकिर के बेटे आमीर पर जबरन छेड़छाड़, हमला और धमकी देने का आरोप है। पीड़िता के अनुसार, उसने “सेक्स रिलेशन” की जबरन मांग की और उस पर हमला किया।

    4. आरोपी कब से फरार था?

    ज़ाकिर 2022 में दुष्कर्म के बाद से ही लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। उसकी अग्रिम जमानत भी खारिज हो चुकी थी।

    5. पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा?

    पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह मालवनी स्थित अपने घर में छिपा है। इसके बाद दबिश देकर उसे पकड़ लिया गया।

    6. बेटे की गिरफ्तारी हुई क्या?

    नहीं, बेटा आमीर हुसैन सैय्यद अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

  • मालाड में नाबालिग से छेड़छाड़, रिक्शाचालक गिरफ्तार

    मालाड में नाबालिग से छेड़छाड़, रिक्शाचालक गिरफ्तार

    मालाड में एक नाबालिग छात्रा से रिक्शा के अंदर छेड़छाड़ और जान से मारने की कोशिश करने वाले 54 वर्षीय रिक्शाचालक को पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार किया। पुलिस ने 30 से ज़्यादा CCTV खंगालकर आरोपी को कांदिवली से पकड़ा।

    मुंबई: मालाड में कॉलेज में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ रिक्शा में अश्लील हरकतें करने, गलत रास्ते ले जाने और मदद के लिए चिल्लाने पर उसे चलती रिक्शा से धक्का देकर मारने की कोशिश करने वाले रिक्शाचालक को मालाड पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूरे कांदिवली वेस्ट इलाके में रिक्शे की तलाश की, लगभग 25–30 CCTV कैमरे खंगाले और आखिरकार आरोपी को उसकी रिक्शा में सोते हुए पकड़ा।

    मालाड में दिन-दहाड़े वारदात, छात्रा को बनाया निशाना

    मालाड के एस.वी. रोड इलाके में सोमवार (08 दिसंबर 2025) को कॉलेज से घर लौटते समय एक नाबालिग लड़की के साथ जो हुआ, उसने इलाके में सनसनी मचा दी। शाम करीब 4 बजे छात्रा ने एस.वी. रोड से ओर्लेम के सुराणा हॉस्पिटल जाने के लिए एक रिक्शा लिया, लेकिन रिक्शाचालक ने पहले उसे सीट बदलने के लिए बोला, फिर सही रास्ते से हटकर गलत दिशा में ले गया।

    रिक्शे के शीशे से अश्लील हरकतें, डरकर छात्रा ने रोकने को कहा

    मालाड़ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, लड़की दाईं तरफ बैठी थी, तभी आरोपी ने रिक्शे के शीशे से बार-बार उसे देखकर आंख मारी, भौंहें चढ़ाकर अश्लील इशारे किए। डर के मारे छात्रा ने तुरंत रिक्शा रोकने को कहा, लेकिन उसने स्पीड और बढ़ा दी।

    मदद के लिए चिल्लाई तो धमकाया, फिर चलती रिक्शा से धक्का दिया

    जब लड़की ने मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया तो आरोपी ने उसे धमकाया। लड़की ने दोबारा चिल्लाया तो आरोपी ने चलती रिक्शा में हाथ से धक्का मारकर उसे सड़क पर फेंक दिया। उस समय सड़क पर गाड़ियां चल रही थीं, यानी उसकी जान जाने की पूरी आशंका थी। धक्का देने के बाद आरोपी भाग निकला।

    नाबालिग ने मां व बहन के साथ दी शिकायत, तुरंत FIR दर्ज

    पीड़िता अपनी मां और बहन के साथ मालाड पुलिस स्टेशन पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना देर किए
    FIR नंबर 889/25
    कलम 79, 109 – भारतीय न्याय संहिता 2023 और पॉक्सो की धारा 12
    के तहत केस दर्ज किया।

    पुलिस की कार्रवाई: CCTV की चैकिंग से लेकर इलाके में गश्त

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम टीम को निर्देश दिए।

    • करीब 25–30 CCTV कैमरे चेक किए गए
    • फुटेज से रिक्शा का नंबर ट्रेस किया गया
    • रिक्शा की आखिरी लोकेशन कांदिवली वेस्ट मिली

    इसके बाद टीम ने पूरी कांदिवली वेस्ट में मुस्तैदी के साथ खोजबीन शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी को उसकी रिक्शा में सोते हुए काबू कर लिया गया।

    आरोपी की पहचान

    केशब प्रसाद यादव

    • उम्र – 54 वर्ष
    • पेशा – रिक्शा चालक
    • निवासी – शिवसेना मैदान के पास, लालजी पाड़ा, कांदिवली पश्चिम, मुंबई

    मुंबई पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना

    मालाड पुलिस की टीम ने तेज़ और सटीक कार्रवाई कर नाबालिग को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर इलाके में विश्वास पैदा किया।

    वरिष्ठ अधिकारियों—अपर पुलिस आयुक्त शशी कुमार मीना, डीसीपी संदीप जाधव, सहायक पुलिस आयुक्त प्रकाश बागल, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण—के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई सफल रही।

    टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारी:
    सपोनि रायवाडे, पोउनि तुपारे सुखदेवे, पोउनि रफीक गवंडी, और अमलदार सातवसे, गावड, फर्नांडिस, गोंजारी, जाधव, डोईफोड, शेरे, वाघ, बाबर, थोरात।


    FAQ SECTION

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना मालाड पश्चिम के एस.वी. रोड इलाके में हुई, जब नाबालिग छात्रा कॉलेज से घर लौट रही थी।

    2. आरोपी ने नाबालिग के साथ क्या किया?

    रिक्शाचालक ने गलत रास्ते पर ले जाकर शीशे से अश्लील इशारे किए, धमकाया और चलती रिक्शा से धक्का देकर उसे सड़क पर फेंक दिया।

    3. पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?

    पुलिस ने 25–30 CCTV कैमरे खंगाले, रिक्शा नंबर ट्रेस किया और कांदिवली वेस्ट में खोजबीन कर आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।

    4. आरोपी के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गईं?

    भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79, 109 और POCSO की धारा 12 लगाई गई है।

    5. पीड़िता की हालत कैसी है?

    छात्रा सुरक्षित है और पुलिस ने तुरंत उसे सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

  • ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    मुंबई ट्रेन फायरिंग केस में आरोपी पूर्व RPF कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की बेल याचिका का पुलिस ने विरोध किया। पुलिस का कहना है कि केस गंभीर है और इसमें मौत की सजा भी संभव है। कोर्ट में गवाहों के बयान और सबूत पेश।

    मुंबई: 8 दिसंबर। मुंबई की अदालत में चल रहे ट्रेन फायरिंग मामले में पूर्व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने बेल का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें आरोपी को मृत्युदंड (Death Penalty) भी मिल सकता है, इसलिए जमानत देना अभी न्याय के हित में नहीं होगा।

    चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 31 जुलाई 2023 को जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में अपने वरिष्ठ अधिकारी ASI टीका राम मीणा और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    📍 पुलिस का तर्क: “जमानत से प्रभावित हो सकता है केस”

    अतिरिक्त लोक अभियोजक सुदीर सापकले की मौजूदगी में दाखिल लिखित जवाब में कहा गया कि:

    • मामले में कई महत्वपूर्ण गवाह मौजूद हैं।
    • पर्याप्त सबूत इकट्ठा किए जा चुके हैं।
    • इस स्टेज पर जमानत मिलने से जांच और ट्रायल प्रभावित हो सकता है।

    पुलिस ने ये भी दावा किया कि सबूत आरोपी के खिलाफ मजबूत हैं।

    🧠 आरोपी की दलील: “मानसिक बीमारी थी, अपराध की याद नहीं”

    चेतन सिंह चौधरी ने अपने वकील अमित मिश्रा और पंकज घिल्डियाल के जरिए कहा कि वह मानसिक बीमारी “White Matter Disease” से पीड़ित हैं और उन्हें भ्रम (Delusional Disorder) होता है।

    अर्जी में कहा गया:

    “अपराध के समय आरोपी अपनी मानसिक स्थिति में नहीं था और उसे घटना की याद भी नहीं है।”

    लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा:

    “यह आधार भरोसेमंद नहीं है और इस समय विचार करने योग्य नहीं।”

    ⚖️ पीड़ित परिवार की अपील भी कोर्ट में

    हत्या में मारे गए एक यात्री की पत्नी ने भी कोर्ट में इंटरवेशन एप्लीकेशन दाखिल कर कहा कि:

    • आरोपी के खिलाफ प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं
    • हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं
    • बेल मिलने पर आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है

    🚔 गवाह का खुलासा: “चेतन सिंह ने धमकी दी – रास्ते में आए तो गोली मार दूंगा”

    एक RPF कांस्टेबल, जो आरोपी को पकड़ने वाली टीम में शामिल था, ने सोमवार को कोर्ट में बयान दिया। उन्होंने बताया:

    • मीरा रोड और दहिसर स्टेशन के बीच पटरी पर आरोपी चला रहा था
    • पूछताछ पर उसने जवाब नहीं दिया
    • आरोपी ने कहा:

    “मेरे सामने मत आओ, वरना गोली मार दूंगा।”

    आखिरकार आरोपी को मीरा रोड स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर गिरफ्तार किया गया।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: चेतन सिंह पर क्या आरोप है?
    उन पर ट्रेन में एक ASI और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या का आरोप है।

    Q2: क्या आरोपी मानसिक बीमारी का दावा कर रहा है?
    हाँ, उसने ‘व्हाइट मैटर डिज़ीज़’ और भ्रम की बीमारी होने का दावा किया है।

    Q3: क्या आरोपी को जमानत मिली?
    अभी जमानत मंजूर नहीं हुई है, पुलिस ने विरोध किया है।

    Q4: क्या इस केस में मौत की सजा संभव है?
    हाँ, पुलिस के अनुसार केस की गंभीरता देखते हुए यह ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ कैटेगरी में आता है।

  • दहिसर में युवक पर तलवार से जानलेवा हमला, दो गिरफ्तार; सात फरार

    दहिसर में युवक पर तलवार से जानलेवा हमला, दो गिरफ्तार; सात फरार

    मुंबई के दहिसर इलाके में 9 लोगों के गिरोह ने पुराने विवाद को लेकर युवक आरिफ पर चाकू, तलवार और डंडों से हमला किया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि सात आरोपी फरार हैं। मामला हत्या के प्रयास के तहत दर्ज।

    मुंबई: दहिसर में शनिवार तड़के एक युवक पर तलवार, चाकू, डंडे और पत्थरों से बेरहमी से जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में आरिफ नाम का युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है और वर्तमान में कूपर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि सात अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या के प्रयास की धाराओं में FIR दर्ज की है।

    📍 घटना कैसे हुई

    दहिसर के आनंद नगर स्थित स्वामीनारायण मंदिर के पास बीएमसी कचरा प्रबंधन चौकी परिसर में यह घटना शनिवार तड़के लगभग 3:30 बजे हुई। आरिफ अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचा था तभी आरोपी सनी सालेकर और उसकी गैंग ने उसे घेर लिया।

    🔹 पुरानी रंजिश बनी वजह

    सूत्रों के अनुसार, घायल आरिफ और मुख्य आरोपी सनी सालेकर के बीच पहले से विवाद चल रहा था। उसी मामले को लेकर बहस शुरू हुई और देखते ही देखते आरोपियों ने आरिफ पर अचानक हमला कर दिया।

    🗡 हमला: लाठी, तलवार और चाकू का इस्तेमाल

    प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने:

    • पहले आरिफ को लात-घूंसों से पीटा
    • फिर उस पर चाकू और तलवार से वार किए
    • पत्थरों से सिर और चेहरे पर हमला किया

    हमले के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गए।

    🚔 पुलिस की कार्रवाई

    दहिसर पुलिस ने इस मामले में रोमन नजीर शेख और दीपक जितेंद्र दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया।

    फरार आरोपी:
    सनी सालेकर, शेखर पल्लक, विक्की निनामिया, विशाल गोडसे, अरविंद उर्फ लाला और दो अन्य।

    🏥 पीड़ित की स्थिति

    आरिफ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी में है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. हमला कब और कहाँ हुआ?
    घटना दहिसर के आनंद नगर में शनिवार सुबह लगभग 3:30 बजे हुई।

    Q2. अब तक कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
    अब तक दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं जबकि सात फरार हैं।

    Q3. पीड़ित की क्या स्थिति है?
    पीड़ित आरिफ की हालत गंभीर है और वह कूपर अस्पताल के ICU में भर्ती है।

    Q4. आरोपी किस वजह से हमलावर हुए?
    हमले की वजह पुराना आपसी विवाद बताया जा रहा है।

  • PNB घोटाला: ईडी ने बोरीवली की चार संपत्तियां लिक्विडेटर के हवाले कीं

    PNB घोटाला: ईडी ने बोरीवली की चार संपत्तियां लिक्विडेटर के हवाले कीं

    मुंबई में पीएनबी घोटाले की जांच के तहत ईडी ने बोरीवली स्थित चार अटैच संपत्तियां लिक्विडेटर को सौंपीं। कुल ₹2,565 करोड़ से अधिक की संपत्तियों की जब्ती और नीलामी प्रक्रिया जारी।

    मुंबई: पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज करते हुए मुंबई के बोरीवली ईस्ट में स्थित चार अटैच संपत्तियों को कंपनी लिक्विडेटर के हवाले कर दिया है। यह कदम पीड़ित बैंकों, निवेशकों और अन्य दावेदारों को आर्थिक नुकसान की भरपाई दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है। यह कार्रवाई 21 नवंबर को ईडी की मुंबई जोनल यूनिट द्वारा की गई।

    🏷️ ईडी की कार्यवाही और उद्देश्य

    ईडी की ओर से बताया गया कि यह संपत्तियां पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा हैं। एजेंसी ने अब तक मुंबई, कोलकाता और सूरत में स्थित करीब ₹310 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को लिक्विडेटर के अधीन सौंप दिया है, जो गितांजलि जेम्स लिमिटेड से जुड़ी हैं।

    🏷️ मामले की पृष्ठभूमि और आरोप

    ईडी की जांच में पाया गया कि भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी ने अपने साथियों और PNB के कुछ अधिकारियों की मदद से 2014 से 2017 के बीच फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) और फॉरेन क्रेडिट लेटर्स के जरिए बैंक से ₹6,097.63 करोड़ का बड़ा वित्तीय घोटाला किया।

    इसके अलावा चोकसी ने आईसीआईसीआई बैंक से लिए गए लोन का भी भुगतान नहीं किया और जानबूझकर डिफॉल्ट किया।

    🏷️ जांच के दौरान जब्ती और सील की गई संपत्तियां

    जांच के दौरान ईडी ने देशभर में 136 से ज्यादा स्थानों पर छापे मारे और गितांजलि ग्रुप की करीब:

    • ₹597 करोड़ की ज्वेलरी और कीमती चीजें जब्त कीं
    • ₹1,968 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्तियां अटैच कीं
    • जिनमें शामिल हैं:
      ✔️ देश और विदेश की प्रॉपर्टी
      ✔️ वाहन
      ✔️ बैंक खाते
      ✔️ सूचीबद्ध शेयर
      ✔️ फैक्ट्री परिसर

    कुल मिलाकर अब तक ₹2,565.90 करोड़ मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं।

    🏷️ आगे की कानूनी प्रक्रिया

    पीड़ित बैंकों को जल्द भुगतान दिलाने के लिए ईडी और बैंकों ने मिलकर मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में एक संयुक्त आवेदन दिया, जिसे मंजूरी मिल गई है।

    अब इन संपत्तियों की वैल्यूएशन और नीलामी की प्रक्रिया लिक्विडेटर और बैंक की निगरानी में होगी और बिक्री से प्राप्त राशि PNB और ICICI बैंक के खाते में फिक्स्ड डिपॉज़िट के रूप में जमा की जाएगी।

    ईडी ने बताया कि शेष अटैच संपत्तियों को भी जल्द ही इसी प्रक्रिया के तहत सुपुर्द किया जाएगा।


    🔹 FAQ सेक्शन

    📌 प्रश्न 1: यह कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है?
    यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले से संबंधित है।

    📌 प्रश्न 2: कुल कितनी संपत्तियां बरामद या जब्त की गई हैं?
    अब तक लगभग ₹2,565.90 करोड़ की संपत्तियां जब्त या अटैच की जा चुकी हैं।

    📌 प्रश्न 3: इन संपत्तियों का क्या किया जाएगा?
    इनकी नीलामी कर राशि पीड़ित बैंकों को दी जाएगी।

    📌 प्रश्न 4: मेहुल चोकसी कहां है?
    चोकसी फिलहाल भगोड़ा घोषित है और विदेश में छिपा है।

  • मालाड ईस्ट में युवक गिरफ्तार, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

    मालाड ईस्ट में युवक गिरफ्तार, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

    मुंबई के मालाड ईस्ट में पुलिस ने एक युवक को बिना लाइसेंस देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी पुणे का रहने वाला है। पुलिस ने उस पर महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट के कुरार इलाके में पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान एक 30 वर्षीय युवक को बिना लाइसेंस वाली देसी पिस्टल (कट्टा) और एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान फैसल शेख के रूप में हुई है, जो पुणे का रहने वाला बताया जा रहा है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना 3 दिसंबर 2025 की है। कुरार पुलिस की टीम शांति नगर स्लम, पिंप्रिपाड़ा इलाके में नियमित पेट्रोलिंग पर थी। उसी दौरान संदिग्ध हरकत और तेज चाल में चलते देख पुलिस ने फैसल शेख को रोका।

    जांच के दौरान उसके पास से एक देसी कट्टा और एक लाइव कारतूस मिला, जिसकी कीमत पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार लगभग ₹15,500 बताई जा रही है।

    🔹 पुलिस की कार्रवाई

    आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर थाने लाया गया और उसके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:

    • हथियार उसे कहां से मिला?
    • क्या वह हथियार बेचने आया था या किसी वारदात की तैयारी में था?
    • क्या आरोपी किसी गैंग या अपराधी गिरोह से जुड़ा है?

    पुलिस अधिकारी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।


    🔹 FAQ सेक्शन

    Q. आरोपी कहां पकड़ा गया?
    ➡ मालाड ईस्ट के शांति नगर स्लम, पिंप्रिपाड़ा में पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान।

    Q. आरोपी के पास क्या मिला?
    ➡ एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस।

    Q. आरोपी पर कौन सा केस दर्ज हुआ?
    ➡ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।

    Q. क्या आरोपी किसी गैंग से जुड़ा है?
    ➡ इसकी जांच पुलिस कर रही है, अभी पुष्टि नहीं हुई है।

  • POCSO केस में बड़ी राहत: 8 साल जेल में रहने के बाद आरोपी बरी

    POCSO केस में बड़ी राहत: 8 साल जेल में रहने के बाद आरोपी बरी

    मालाड (ईस्ट), मुंबई में POCSO एक्ट के तहत बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार 56 वर्षीय व्यक्ति को अदालत ने सबूतों की कमी के चलते 8 साल बाद बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा— मेडिकल और बयान में भारी विरोधाभास है।

    मुंबई: मलाड ईस्ट इलाके में POCSO एक्ट के तहत एक 17 वर्षीय युवती से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार 56 साल के आरोपी को स्पेशल POCSO कोर्ट ने 8 साल बाद बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता का बयान अस्पष्ट है और मेडिकल रिपोर्ट उससे मेल नहीं खाती, इसलिए आरोपी को दोषी साबित नहीं किया जा सकता। इसके साथ अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी को तुरंत रिहा किया जाए, अगर उस पर कोई और केस लंबित न हो।

    🔹 मामला क्या था?

    यह पूरा मामला 23 अगस्त 2017 को मालाड ईस्ट के कुरार इलाके का है। आरोप था कि एक 56 साल का शख्स, जो पीड़िता का पड़ोसी था, कथित रूप से घर में घुसकर लड़की के साथ यौन शोषण किया और बाद में उसके परिवार को धमकाया। अगले ही दिन यानी 24 अगस्त 2017 को लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और आरोपी को IPC की धारा 376 (रेप), 452 (घर में घुसना), 506 (धमकी देना) और POCSO एक्ट की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया।

    🔹 कोर्ट में क्या हुआ?

    मामले की सुनवाई N.D. खोसे की अदालत में चल रही थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि:

    • पीड़िता का बयान साफ और समझ में आने लायक नहीं था।
    • उसने घटना की सही जानकारी विस्तार में नहीं बताई।
    • उसकी मेडिकल रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की यौन हिंसा का प्रमाण नहीं मिला।

    कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे विरोधाभासों के साथ आरोपी को दोषी ठहराना कानून के खिलाफ है क्योंकि POCSO एक्ट में आरोपी को दोषी साबित करना prosecution की ज़िम्मेदारी होती है।

    🔹 अदालत का फैसला क्या कहता है?

    जज ND खोसे ने कहा:

    “प्रॉसिक्यूशन आरोपी का अपराध साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। सबूत बहुत कमज़ोर हैं और संदेह से परे अपराध साबित नहीं होता।”

    अदालत ने यह भी नोट किया कि पीड़िता मानसिक रूप से मध्यम स्तर की बौद्धिक विकलांगता (Moderate Intellectual Disability) से पीड़ित थी, जिससे उसका बयान अदालत के मानकों पर खरा नहीं उतर पाया।

    🔹 आरोपी की रिहाई

    फैसले के बाद अदालत ने जेल प्रशासन को साफ निर्देश दिया कि:

    “अगर आरोपी किसी और केस में वांछित नहीं है तो उसे तुरंत रिहा किया जाए।”

    56 वर्षीय आरोपी पहले ही लगभग 8 साल जेल में बिताकर चुका है, जबकि सुनवाई जारी थी।


    FAQs Section

    Q1: आरोपी को कितने साल बाद जमानत नहीं बल्कि बरी किया गया?
    ➡ आरोपी को लगभग 8 साल बाद कोर्ट ने सबूतों की कमी के चलते बरी किया।

    Q2: केस किस आधार पर कमजोर माना गया?
    ➡ पीड़िता के बयान में स्पष्टता नहीं थी और मेडिकल रिपोर्ट में यौन हमले के निशान नहीं मिले।

    Q3: क्या आरोपी तुरंत रिहा होगा?
    ➡ हाँ, अगर उसके खिलाफ कोई दूसरा मामला दर्ज नहीं है तो उसे तुरंत रिहा किया जाएगा।