Category: Maharashtra Crime

  • पत्रकार की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार दहल उठा पीड़ित परिवार

    पत्रकार की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार दहल उठा पीड़ित परिवार

    भारत भूषण साप्ताहिक समाचारपत्र के संपादक एवं पत्रकार अमित मिश्र के घर हुआ जानलेवा हमला। फरार आरोपियों का मुखिया बिल्डर पैसों के दम पर फिर एक बार दे रहा है हमले की धमकी।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    पत्रकार की सुरक्षा को लेकर मीडिया वर्ग पिछले दशकों से झूसता आ रहा है। इसको लेकर कई सरकारों से गुहार लगाने के बावजूद अब तक हल नहीं निकल पाया है। वही एक ताजा मामला मालाड पश्चिम से है जिसमें पत्रकार और उसके परिवार पर हमले की खबर सामने आ रही है। पुलिस को मिली शिकायत में पीड़ित पत्रकार की पत्नी रेनू अमित मिश्रा ने बताया, कि मैं और मेरे बच्चे बिल्डर ओपी सिंह के गुर्गों के हमले में बाल-बाल बचे हैं। मालाड पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी  सचिन सिंग और अजय यादव की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद से पत्रकार के परिवार को एफआईआर रफा-दफा करने के लिए धमकाया जा रहा है। इसको लेकर भारत भूषण अखबार के संपादक अमित मिश्र ने मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है।

    मिली जानकारी के मुताबिक, पत्रकार अमित मिश्र मालाड सदगुरू साईनाथ चाल, रूम नं. 9, साईंनाथ रोड, मालाड पश्चिम, लाइफलाइन अस्पताल के बगल में अपनी 36 वर्षीय पत्नी रेणु और 19 वर्षीय बेटा शशांक, 8 साल के अनमोल, 13 साल की प्रगती और 11 साल की वैष्णवी के साथ रहते हैं। इन्हीं के साथ पत्रकार अमित मिश्र के बड़े भाई 56 वर्षीय संतोष मिश्र भी रहते हैं। घटना 17 सितंबर सुबह ठीक 10:00 बजे की है, जब पूरा परिवार घर में आराम कर रहा था। आरोपी और उसके साथी पीड़ित परिवार का दरवाजा पीट कर उन्हें गंदी और भद्दी गालियां दे रहे थे इस समय शशांक पूछने के लिए दरवाजा खोलकर बाहर गया तो उसे सीधे चांटा जड़ दिया और पिटने लग गए, रेणु मिश्र अपने बेटे के बचाव में आगे बढ़ी तो उसे भी मार कर जमीन पर गिरा दिया।

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    पत्रकार,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    अचानक हुए इस हमले से पत्रकार का परिवार सदमे में दूबक कर रह गया। वहीं अमित मिश्र आगे बढ़कर हमलावरों का सामना करने के लिए जब बाहर गए तो देखा, कि हमलावर कम से कम 10 से 12 की संख्या में घर के बाहर लाठी और फावड़ा लिए हुए खड़े हैं, उन्होंने तुरंत दरवाजा बंद कर पुलिस कंट्रोल को फोन पर मदद के लिए गुहार लगाया। जब तक पुलिस पहुंची तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।

    हमलावर सचिन सिंग, अजय यादव और संजय शुक्ला एक माने-जाने कुख्यात अपराधी है। जो “वीआईपी डेवलपर्स” बिल्डर आपी सिंह के लिए काम करते हैं। पीड़ित ने बताया कि यह लोग बिल्डर के इशारे पर किसी की भी जान लेने से नहीं हिचकीचाते। इनके खिलाफ पुलिस पर हमला करने तक का मामला भी दर्ज है और बिल्डर ओपी सिंह भी कोई दूध का धुला नहीं है। ओपी सिंह के खिलाफ मुंबई शहर के कई पुलिस थानों और मुंबई के बाहर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    और तो और मलाड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद फरारी की हालत में भी बिल्डर के लोग पीड़ित परिवार को फोन पर धमकियां दे रहे हैं। बिल्डर ओपी सिंह ने तो सीधे तौर पर अमित मिश्र को फोन पर कहा, कि ‘मिश्रा जी आप बात आगे मत बढ़ाओं जो होना था वह हो गया। हम बिल्डर हैं, घर में बन्द करके जान से मरवा भी सकते है।’ फोन पर हुई इस बातचीत के समय बिल्डर ओपी सिंग का लड़का मोनू सिंग से भी बात हुई, उसने भी धमकाते हुए कहा, कि ‘हमारे लड़कों को कोर्ट से जमानत तो मिल जाएगी उसके बाद सोचो तुम्हारा क्या होगा? इसीलिए कहता हूं, कि मामले को रफत-दफा कर दो, वरना तुम पर हमले तो होंगे और दूसरे झूठे मामले भी अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज होने शुरू हो जाएंगे, तुम्हें तो पता है। हमारे पास पैसों का पावर है।’

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    क्या है पत्रकार के परिवार पर हमले की हकीकत ?

    2 सालो पहले बिल्डर ओपी सिंह और अमित मिश्र के बीच एक खाली पड़ी जमीन को लेकर सौदा हुआ था। अमित मिश्र के पास मुंबई में अपना खुद का मकान नहीं होने के कारण ओपी सिंह के पास खाली पड़ी 10×15 फूट जमीन पर अपने लिए घर बनाने का मन बताया। समय कोरोना काल का था लोगों को पैसों की जरूरत थी, तो बिल्डर ने 3 लाख रुपये में सौदा तय कर दिया। इस समय अमित ने एक लाख 50 हज़ार रुपये कैश पैसे ओपी सिंह को दे दिया और बाकी पैसे धीरे-धीरे देने का वादा किया। 3 लाख रुपए में रूम बन गया और अपने परिवार के साथ उस रूम में अमित मिश्र रहने लगे। 6 महिने बाद ही रूम नाला करटिंग में महानगर पालिका द्वारा कार्रवाई के समय टूट गया। उस रूम को फिर से बनवाने में 1 लाख 50 हजार रुपये लगे, दो बार रूम की बनई में कुल 4,50,000 रुपए लग गए।

    यहां आपको बताना चाहते हैं, कि अमित मिश्र के घर के पास ही बिल्डर के कब्जे का और 4 रूम है। जिसका बिजली बिल अमित मिश्र द्वारा भरवारा जाता आ रहा है। अंदाजन हर महीने 5 से 9 हजार रुपये के बीच लाइट का बिल आता है जिसका भुगतान अमित मिश्र को ही करना पड़ता है। क्योंकि अमित अपने रूम का बकाया डेढ़ लाख रुपया दे नहीं पाया था। जो खुद अपने आप में एक भारी रकम भुगतान के रूप में अमित मिश्र ने भरा है।

    मालाड़ पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवि अडाने ने बताया, कि गु.र.क्र.0549/23 में  भारतीय दंड संहिता की धारा 354,323,504,509,506,34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फरार है। पुलिस उप निरिक्षक पवार मामले की पड़ताल और आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। लेकिन मामला दर्ज होने के बाद फोन पर मिली धमकियों से मिश्रा परिवार सदमे में है और अपनी जान की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद की गुहार लगा रहे है।

  • भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    • डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर की लालच से अवैध निर्माणों को मिल रहा संरक्षण (BMC Corruption)
    • ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी कर रहा मनपा का पी/ नॉर्थ,वार्ड का मुकादम विट्ठल राठौड़
    • क्या मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल पी/ नॉर्थ, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारीयों पर आईपीसी १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे?

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे बड़ी नगर पालिका मानी जाती है। किंतु वर्तमान में उसके अधिकारी और कर्मचारी ही काली कमाई की लालच में मनपा की साख में बट्टा लगा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार मुंबई मनपा के सभी वार्डो में अवैध निर्माणों के भ्रष्टाचारो (Corruption) का खेल जारी है। जिसमें अधिकारी और ठेकेदार मिलकर मलाई खा रहे हैं। लेकिन मालाड़ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का पी/ नॉर्थ, वार्ड इससे दो कदम और आगे निकल चुका है। यहां न केवल अभियंता (Engineer) बल्कि मुकादम भी डीओ (Designated Officer) और वार्ड के सहआयुक्त (Assistant Commissioner) के लिए अवैध निर्माण (Illegal construction) को बचाने के लिए बिचौलिए का काम करता है। इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है।

    भ्रष्ट BMC के उच्च अधिकारी ..

    Corruption,
    अवैध निर्माण की तस्वीर
    Bmc,

    वहीं मनपा पी/ नॉर्थ वार्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते उसके कार्यक्षेत्र में भूमाफियाओं और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बड़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। जिस पर अंकुश लगा पाना अब पी/ नॉर्थ, वार्ड के वश में नहीं है ऐसा माना जा रहा है। वहीं स्थानीय नागरिकों, समाजसेवको व शिकायतकर्ताओं की माने तो मनपा परिमंडल -४ के उपायुक्त (Deputy Municipal Commissioner) विश्वास शंकरवार की ईमानदार छवि अब नोटो के बंडलों पर बिक चुकी है। जबकि उपायुक्त विश्वास शंकरवार अवैध निर्माणों पर मनपा नियमों के तहत उसकी जांच कर कार्रवाई करने की बजाय स्वयं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता को भुला बैठे हैं।

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    इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है। यहां के गली नंबर -२, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई ४०००९५. स्थित रिक्त भूखंड पर अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू ने १२ व्यापारिक गाले और मकान की चॉल बना डाली है। स्थानीय नागरिक बताते हैं, कि उपायुक्त विश्वास शंकरवार की इसी भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर वाली छवि के कारण ही पी/ नॉर्थ वार्ड में अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बढ़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। अब ऐसे में उपायुक्त विश्वास शंकरवार की तरफ से उक्त अवैध निर्माण पर कारवाई का न होना ही जिसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    हालांकि ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लु द्वारा बिना किसी खौफ के धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में डीओ. राजन प्रभु और सहाय्यक आयुक्त किरण दिघावकर की तरफ से बरती जा रही लापरवाही या सेटिंग उक्त अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। वहीं इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत मुकादम विट्ठल राठौड़ की माने तो मनपा (BMC) का पी/नॉर्थ, वार्ड ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी करने में व्यस्त नजर आ रहा है तथा उसके अवैध निर्माणों को संरक्षण देने में सक्षम अधिकारियों ने पूरी सहमति जताई है।

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    स्थानीय नागरिकों की माने तो सहाय्यक अभियंता अनिल पुणतांबेकर की कार्यप्रणाली भी सिर्फ अवैध निर्माणों से मिलने वाली काली कमाई (Black Money) के हिस्सेदारी पर ही निर्भर है ना की अवैध निर्माणों के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने में है। यदि लोकसेवक (Public Servant) होने के नाते जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है तो वह लोकसेवक भारतीय दंड संहिता (IPC) १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के अनुसार अपराधी होता है।मनपा पी/नार्थ वार्ड से विगत वर्षों मे अवैध निर्माण से कितनी काली कमाई किया होइसका अनुमान लगाया जाना यदि असंभव नहीं तो दुष्कर अवश्य है।
    क्या बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में एक भी जिम्मेदार व ईमानदार अधिकारी नही है? जो भ्रष्ट एवं रिश्वतखोर अधिकारियों के भ्रष्टाचार (Corruption) की जांच कराकर दंडित करने की कार्रवाई करा सकें?

  • मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की ट्रैफिक पुलिस की इन दिनों चांदी ही चांदी नजर आ रही है। यहां भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करते हुए यातायात पुलिस दिखाई पड़ रही हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    आजकल मुंबई शहर की वाहतूक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पूरे मुंबई की यातायात पूरी तरह जाम जैसी स्थिति बन गयी है। इसका कारण है ट्रैफिक का कोई नियम कानून है ही नही। इसका करण भी है। पुलिस विभाग पूरी तरह लापरवाह हो गयी है। नो पार्किंग में भी अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिस पर कोई शिकायत करता है तो पुलिस उससे उल्टा प्रश्न करती है, कि तुमको क्या परेशानी है? इसके बाद नो इंट्री में भी शुल्क लेकर गाड़िया चलाई जाती है। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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    ट्रैफिक पुलिस की मनमानी ..

    ट्रैफिक पुलिस,
    पुलिस के रिश्वतखोरी की फाइल तस्वीर

    मुंबई ट्रेफिक पुलिस महाराष्ट्र (Maharashtra) के भाजपा एकनाथ शिंदे गठबंधन की सरकार (Government) में भ्रष्टाचार (Corruption) की चरम सीमा पर पहुँच गए हैं। क्या लोगों को कानून व्यवस्था (Law and order) से महरूम कराना एक सरकारी कर्मचारी (Public Servant) को शोभा देता है। वो भी किस लिए? काली कमाई (Black money) के लिए। जिसपर नजर पड़ी तो आप अंदर भी हो जाओगे।
    इसके बाद अगर कोई गाड़ी वाला भूल से साइड पार्किंग (Parking) करके खड़ा रहता है, तो उससे लंबे चौड़े डिमांड किये जाते है। अगर गाड़ी मालिक या चालक पैसे देने से मना करता है, तो उसके साथ बदतमीजी भी अच्छे पैमाने पर की जाती है। फिर उसपर फर्जी केस बनाया जाता है। उसका लाइसेंस गाड़ी का पेपर लेकर उसको ट्रैफिक चौकी में बुलाकर उसकी अच्छी खात्री की जाती है। ये कौन सा नियम है? कौन सा कानून है? इस विषय पर अधिकारी कब ध्यान देंगे? कब ऐसे पुलिस वालों पर कार्रवाई करेंगे? (Mumbai Traffic police Corruption News)
    अजब तेरा जलवा, गजब तेरी छाया।
    पुलिस वालों की जेब मे माया ही माया।
    ये कब सुधरेंगे ये तो सरकार ही बताएगी। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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  • Mumbai: महिला पुलिस कांस्टेबल से छेड़छाड़ में नाबालिग गिरफ्तार

    Mumbai: महिला पुलिस कांस्टेबल से छेड़छाड़ में नाबालिग गिरफ्तार

    विक्रोली में हिंदू संगठनों के पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हथियार बंद पुलिस बल, दंगा नियंत्रण बल, होम गार्ड की अतिरिक्त जनशक्ति को विक्रोली पश्चिम में संवेदनशील बिंदुओं पर तैनात किया गया है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    विक्रोली मे शुक्रवार की एक घटना के बाद से ही यहां का वातावरण तनावपूर्ण हो गया है। पार्कसाइट पुलिस ने शुक्रवार रात 30 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के आरोप में एक नाबालिग को पकड़ा है। पीडीत महिला स्थानीय शस्त्र इकाई से जुड़ी एक कांस्टेबल है।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। विक्रोली की रहने वाली कांस्टेबल अपने चचेरे भाई और दोस्त के साथ रात के खाने के लिए अपने चाचा के घर की ओर जा रही थी, तभी एक अज्ञात व्यक्ति पीछे से आया और उसे छूने लगा। उसके दोस्त और चचेरे भाई ने तुरंत उस व्यक्ति को पकड़ लिया, लेकिन बाइक पर सवार दो लोगों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया, उसे थप्पड़ मारा और तुरंत वहां से चले जाने को कहा।

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    महिला पुलिस,
    विक्रोली मे अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती

    घटना के बाद महिला ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कराया। मुंबई परिमंडल-7 के पुलिस उपायुक्त पुरूषोत्तम कराड ने कहा, “अपराधी को ट्रैक करने के लिए टीमों का गठन किया गया था।” उन्होंने कहा, “हमने एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में संदिग्ध को देखा।”

    महिला पुलिस कांस्टेबल ..

    फुटेज के आधार पर पुलिस ने शनिवार को विक्रोली में रहने वाले एक नाबालिग को पकड़ लिया। उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बीच, घटना की खबर चिंगारी की तरह फैल गई, जिसमें कई लोगों ने दावा किया कि महिला के साथ छेड़छाड़ करने वाला आरोपी ईद के जुलूस का हिस्सा था। शनिवार सुबह हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर दोषी की गिरफ्तारी की मांग की। 

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    मुंबई पुलिस ने निवारक उपाय के रूप में, स्थानीय हथियार बंद पुलिस बल, दंगा नियंत्रण बल, होम गार्ड की अतिरिक्त जनशक्ति को विक्रोली पश्चिम में संवेदनशील बिंदुओं पर तैनात किया गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस बाइक सवार लोगों का पता लगाने में भी कामयाब रही। उन्हें मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। अपराध के खिलाफ नाबालिग लड़के के साथ 3 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।

  • Mumbai Tunnal: मुंबई में बनने वाली ‘ये’ सुरंगें बदल देंगी शहर की कायापलट!

    Mumbai Tunnal: मुंबई में बनने वाली ‘ये’ सुरंगें बदल देंगी शहर की कायापलट!

    • गिरगांव से ब्रीच कैंडी पार्क
    • बीकेसी से शिलफाटा
    • ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव
    • तुर्भे से जुईनगर होते हुए खारघर
    • ऐरोली से कटाई नाका
    • टिकुजिनी वाडी से मगाथाने
    • फिल्म सिटी से मुलुंड खिंडीपाड़ा

    इस्माईल शेख
    मुंबई- Mumbai Tunnal:
     देश की आर्थिक राजधानी के साथ-साथ सभी को बराबरी का दर्जा दिलाने वाली मुंबई अब और भी बदल रही है। मुंबई की घनी बढ़ती आबादी के कारण शहर और उसके उपनगरों की परिवहन व्यवस्था में भी काफी परिवर्तन हो रहे हैं। परिणामस्वरूप, यात्रियों के लिए उपनगरों में पूर्व और पश्चिम के बीच यात्रा करना कठिन हो गया।
    समाधान के तौर पर मुंबई को सात सुरंगों के जरिए पूर्व-पश्चिम से जोड़ा जा रहा है और मेट्रो का जाल भी बिछाया जा रहा है। मुंबई को कभी फ्लाईओवरों का शहर कहा जाता था। अब इसे सुरंगों के शहर के नाम से जाना जाएगा।

    मुंबई बनने जा रहा है अब सुरंगों का शहर

    मुंबई महानगरीय क्षेत्र में प्रस्तावित ‘मरीन ड्राइव टू बांद्रा-वर्ली सी-लिंक’ तटीय सड़क (Coastal Road) मुंबई में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही महत्वाकांक्षी परियोजना ‘शिवाडी-न्हावा शेवा ट्रांस हार्बर लिंक’ भी जोर-शोर से चल रही है। यह लिंक रोड मुंबई को रायगढ़ जिले से सीधे जोड़ता है।

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    मुंबई,
    प्रतिकरात्मक फाइल तस्वीर

    कोलाबा से सिप्ज़ मेट्रो 3, जिस पर एमएमआरसीएल (MMRCL) द्वारा काम किया जा रहा है, पूरी तरह से भूमिगत है। इस रूट पर 26 स्टेशन भूमिगत और एक स्टेशन जमीन के ऊपर है। एमआरडीए द्वारा निर्माणाधीन लगभग 3.4 किमी लंबे मुंबई मेट्रो रूट 7ए परियोजना के मार्ग के तहत 2.49 किमी लंबी डबल सुरंग के लिए टी62 टनल बोरिंग मशीन की मदद से प्रारंभिक सुरंग निर्माण कार्य 1 सितंबर, 2023 से शुरू हो गया है।

    गिरगांव से ब्रीच कैंडी पार्क
    भारत के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी टनल बोरिंग मशीन का प्रयोग
    कुल लंबाई 10.58 किमी
    अनुमानित लागत 12,721 करोड़ रुपये

    बीकेसी से शिलफाटा
    भारत की पहली समुद्री सुरंग. जिसमें खाड़ी के नीचे 7 किमी लंबी सुरंग भी शामिल है
    कुल लंबाई 21 किमी
    अनुमानित लागत 6,400 करोड़

    ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव तक
    तटीय सड़क को सुरंग से जोड़ा जाएगा. दक्षिण मुंबई में ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा।
    कुल लंबाई 3.5 किमी
    अनुमानित लागत 6,327 करोड़

    तुर्भे से जुईनगर होते हुए खारघर
    सायन-पनवेल राजमार्ग पर यातायात की भीड़ कम हो जाएगी।
    कुल लंबाई 2.4 किमी
    अनुमानित लागत 2,195 करोड़

    ऐरोली से कटाई नाका
    केवल नवी मुंबई-डोंबिवली यात्रा
    15 मिनट में. 12.30 किमी एलिवेटेड रूट
    कुल लंबाई 1.69 किमी
    अनुमानित लागत 1,441 करोड़

    टिकुजिनी वाडी से मगाथाने
    ठाणे से बोरीवली की दूरी 15 मिनट में पहुंचा जा सकता है।
    कुल लंबाई 11.84 किमी
    अनुमानित लागत 14,000 करोड़ रुपये

    फिल्म सिटी से मुलुंड खिंडीपाड़ा
    एक से डेढ़ घंटे का सफर
    यह 15 मिनट में पूरा हो जाएगा।
    लंबाई 12.20 किमी
    खर्च 8,137 करोड़

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    शहर की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करना, निवासियों का पुनर्वास करना महंगा हो गया है। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान मुंबई में पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ी बाधा है। इसके लिए आवश्यक पर्यावरण विभाग के परमिट कानून की कसौटी पर समस्याग्रस्त साबित होता है। ऐसी कठिनाइयों को दूर करने के लिए भूमिगत सुरंगों के माध्यम से परिवहन प्रणाली का निर्माण एक सस्ता विकल्प है।

  • Mumbai: डेढ़ साल का मासूम बच्चा हुआ किडनैप, महज़ 12 घंटे के भीतर पुलिस ने किया गिरफ्तार

    Mumbai: डेढ़ साल का मासूम बच्चा हुआ किडनैप, महज़ 12 घंटे के भीतर पुलिस ने किया गिरफ्तार

    डेढ़ साल बच्चा किडनैप जो अपनी 9 साल की बहन के साथ खेल रहा था। मुंबई पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर किडनैर महिला को गिरफ्तार कर उसके पास से मासूम बच्चे को सही सलामत परिवार के पास सौंप दिया।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मलाड पश्चिम, मालवणी के इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां घर के बाहर खेल रहे एक मासूम बच्चे को दिनदहाड़े किडनैप कर लिया गया और उसे सिर्फ छुपा कर रखा था। बच्चा सिर्फ डेढ़ साल का था जो अपनी 9 साल की बहन के साथ खेल रहा था। लेकिन मुंबई पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर उसके पास से मासूम बच्चे को सही सलामत परिवार के पास सौंप दिया है।

    मामला मुंबई पुलिस परिमंडल 11 अंतर्गत मालवनी पुलिस थाने का है। यहां 28 वर्षीय महिला ने एक डेढ़ साल के बच्चे को किडनैप कर छुपा कर अपने पास रखा था। जिसे मालवनी पुलिस थाना अंतर्गत गुनाह रजिस्टर क्रमांक 1272/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 365 और 368 के तहत गिरफ्तार किया गया है। किडनैपिंग का मकसद अभी तक साफ नहीं हो पाया है मामले की तहकीकात अभी और जारी है।

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    किडनैप,
    मालवानी पुलिस थाने की प्रतिकारात्मक तस्वीर

    कैसे किया किडनैप ..

    मलवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव ने जानकारी देते हुए बताया, कि 28 सितंबर की शाम लगभग 6:30 के आसपास हुई घटना की जानकारी बच्चे की 20 वर्षीय मां कविता रवि वडार ने पुलिस को दी। उसने बताया कि गांवदेवी मंदिर के उसके घर के पास, उसकी 9 साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा दोनों खेल रहे थे। उसी दरमियान एक अज्ञात महिला जिसने पीले रंग की शर्ट और नीले रंग की जींस पहनी हुई थी। उसने पास की दुकान से बिस्किट लाने के लिए 9 साल की बच्ची को 200 रुपये दिए और जैसे ही बच्ची बिस्कुट लेने के लिए दुकान की तरफ गई उस अज्ञात महिला ने डेढ़ साल के बच्चे को उठाकर फरार हो गई।

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    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव ने बताया, कि मामला गंभीर होने की कारण मुंबई पुलिस परिमंडल 11 के उपायुक्त अजय कुमार बंसल के नेतृत्व में विभिन्न पुलिस थानों के क्राईम डिटेक्शन ऑफिसर्स की अलग-अलग टीम गठित की गई। पुलिस में तांत्रिक विश्लेषण के आधार पर कई जगहों पर पड़ताल की आखिरकार मालवणी के राठौड़ी इलाके में ओमजी कंपाउंड स्थित गोपाल होटल के पास श्री. समर्थ वेलफेयर सोसाइटी से 28 वर्षीय सोनम मंतोष साहू को हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया, कि सोनम एक ग्रहणी है जिसे बच्चे को किडनैप कर सिर्फ छुपा के रखा था अब तक यही पता चल पाया है आगे की पड़ताल जारी है। पुलिस ने यह भी बताया, कि अगर कोई और सुराग मिलता है तो आरोपी महिला के खिलाफ अपराधिक धाराएं और भी बढ़ाई जा सकती है।

  • मुंबई में कट्टरता हावी करने के लिए हर कोशिश की जा रही है।

    मुंबई में कट्टरता हावी करने के लिए हर कोशिश की जा रही है।

    मुंबई मुंबई के मलाड और मुलुंड में पर प्रांतियों से मराठियों पर अत्याचार दोनों ही घटनाओं में पुलिस ने किया मामला दर्ज मुलुंड में देर रात गुजराती बाप और बेटा गिरफ्तार।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मुलुंड में एक मराठी महिला को यह कहकर घर देने से इनकार कर दिया, कि ‘महाराष्ट्रियन के लिए अनुमति नहीं है’। महिला द्वारा सोशल मीडिया (Social media) पर मामले का खुलासा करने के बाद ये राजनीतिक दुष्परिणाम भी सामने आए हैं। इस मामले पर महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। मराठी महिला के बाद अब मालाड़ में एक मराठी युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। इस मामले में वंचित बहुजन अघाड़ी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

    मुंबई में मराठी युवक की पिटाई

    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में पूरे देश से लोग अपनी आजीविका के लिए आते हैं। सर्वसमावेशी मुंबई में कल रात मुंबई के मलाड (Malad) में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। सिद्धार्थ अंगुरे नामक एक मराठी युवक को पर प्रांतीय गिरोह ने ‘जय श्री राम’ चिल्लाने के लिए मजबूर किया। जैसे ही सिद्धार्थ ने घोषणा करने से इनकार कर दिया, इस गिरोह ने युवक को बेरहमी से पीटा। ‘जय श्री राम बोल नहीं तो मारूंगा’ कहने वाले पर प्रांतीय गैंग ने युवक को जमकर पीटा और गाली-गलौज की। युवक के भाई और रिश्तेदारों के हस्तक्षेप से युवक बाल-बाल बचा। फिलहाल कांदिवली पश्चिम के डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में इसका इलाज चल रहा है।

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    मुंबई,
    प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पीड़ित परिवार इस मामले में मदद के लिए वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के पास पहुंचा। उसके बाद वंचित बहुजन अघाड़ी की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। कुरा पुलिस स्टेशन में आरोपी सुरज तिवारी, अरुण पांडे, पंडित और राजेश रिक्षावाला के खिलाफ धारा 341, 504, 323, 506, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वंचित बहुजन अघाड़ी के युवा नेता सुजात अंबेडकर ने इस मामले में पुलिस से बात कर उचित कार्रवाई की मांग की है। लोगों को एक दूसरे के ख़िलाफ़ खड़ा करना, देश धार्मिक कट्टरता और तनाव पैदा करने वाली ऐसी घटनाओं से जूझ रहा है। सुजात अंबेडकर ने कहा, कि चूंकि मुंबई जैसे शहरों में ऐसी घटनाएं हुई हैं, इसलिए वंचितों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

    गुजराती बाप-बेटे के खिलाफ मामला दर्ज

    इस बीच, मुलुंड में आधी रात को एक मराठी महिला को घर देने से इनकार करने वाले गुजराती पिता-पुत्र के खिलाफ आखिरकार मामला दर्ज कर लिया गया है। तृप्ति देवरुखकर की शिकायत पर मुलुंड पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। प्रवीण ठक्कर और उनके बेटे नीलेश ठक्कर दोनों ने तृप्ति देवरुखकर को घर किराए पर देने से इनकार कर दिया क्योंकि वे मराठी हैं। उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया और यह वायरल हो गया। इस मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने उक्त महिला से संपर्क किया। तब तृप्ति देवरुखकर ने देर रात मुलुंड पुलिस स्टेशन में धारा 341, 323, 504 और 34 के तहत मामला दर्ज कराया। मुलुंड पुलिस ने रात में दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है।

    महिला आयोग ने लिया संज्ञान

    मुलुंड की घटना पर महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। इस संबंध में महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने ट्वीट किया है। मुंबई के मुलुंड में एक मराठी महिला तृप्ति देवरुखकर को सोसायटी ने ऑफिस देने से इनकार कर दिया। साथ ही सोसायटी के लोगों ने इस महिला के साथ गलत व्यवहार और बदसलूकि की। तृप्ति देवरुखकर ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए अपनी व्यथा सबके सामने रखी। जब मैंने वह वीडियो देखा तो मैंने आयोग के माध्यम से तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।

    इस संबंध में सहकारिता आयुक्त, महाराष्ट्र राज्य, पुणे और प्रमुख सचिव, आवास विभाग, महाराष्ट्र राज्य, मंत्रालय, मुंबई से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके साथ ही मुलुंड पुलिस को इस संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। आयोग के निर्देशानुसार, पुलिस ने देर रात मुलुंड में देवरुखकर को परेशान करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोषियों के खिलाफ तदनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए. संविधान प्रदत्त अधिकारों का हनन, महिलाओं पर अत्याचार। आयोग इस संबंध में देवरुखकर को न्याय मिलने तक आयोग अनुवर्ती कार्रवाई करेगा। ये बात रूपाली चाकणकर ने कही है।

  • पिछले चार सालों से रद्द परीक्षा की फीस वापस नहीं की जा रही है।

    पिछले चार सालों से रद्द परीक्षा की फीस वापस नहीं की जा रही है।

    • जिला परिषद भर्ती 2019 रद्द, भर्ती प्रक्रिया के उम्मीदवार असमंजस में,
    • किससे करें परीक्षा फीस वापसी की अपील?
    • Maharashtra Government Job

    इस्माइल शेख
    मुंबई
    – पिछले दिनों साल 2019 जिला परिषद की भर्ती रद्द कर दी गई थी। उस पद के लिए लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। उस समय उम्मीदवारों द्वारा भरा गया परीक्षा शुल्क हलाकि ग्रामीण विकास विभाग ने चार साल बाद फीस वापस करने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए जारी लिंक में उम्मीदवारों को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब तकनीकी दिक्कतों से परेशान अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि फीस वापसी के लिए किसके पास अपील करें। इसके लिए प्रतियोगिता परीक्षा समन्वय समिति ने ग्रामीण विकास मंत्री गिरीश महाजन को पत्र लिखकर सवाल उठाए हैं। (Maharashtra Government Job News)

    मार्च 2019 में जिला परिषद के अंतर्गत 13 हजार 521 पदों पर सीधी सेवा भर्ती की घोषणा की गई थी। उसके लिए 12 लाख 72 हजार 319 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। अब इस भर्ती प्रक्रिया के रद्द होने से उस परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की फीस वापसी का सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि, राज्य सरकार ने शुल्क की राशि जिला परिषदों को दे दी है। इस बीच, जिला परिषद की ओर से अभ्यर्थियों के लिए जानकारी भरने के लिए एक वेबसाइट खोली गई है। (Maharashtra Government Job News)

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    Government Job,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    Government Job वास्तव में क्या है समस्या ?

    पहले जिला परिषद की इस वेबसाइट पर केवल उपयोगकर्ता का नाम दर्ज करने पर लॉगइन करने की सुविधा थी। हालाँकि, कई लोगों को अपना आधार नंबर दर्ज करके लॉगइन करने की सुविधा दी गई क्योंकि उन्हें अपना उपयोगकर्ता नाम नहीं पता था। तो अब आधार नंबर डालकर लॉगइन करने के बाद फीस रिफंड आवेदन भरना होगा। आवेदन जमा करते समय मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करना होता है, लेकिन मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त नहीं होने के कारण लाखों उम्मीदवारों का आवेदन जमा नहीं हो पाया है। सवाल यह उठा है कि कुछ उम्मीदवारों का विवरण आधार नंबर डालने के बाद भी नहीं आया है, उनका क्या? (Maharashtra Government Job News)

    क्या हैं मांगें…

    ओटीपी न मिलना, आवेदन जमा न होना जैसी कई तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। लॉगइन करने के बाद उम्मीदवार द्वारा भरे गए सभी आवेदनों की कुल सूची लॉगइन के बाद पेज पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे उम्मीदवार को पूरी फीस रिफंड तुरंत मिल जाएगी। यदि वेबसाइट के माध्यम से शुल्क वापसी ठीक से नहीं की जाती है, तो ग्रामीण विकास विभाग को प्रत्येक जिला परिषद को स्थानीय स्तर पर शुल्क वापसी के लिए एक और तरीका प्रदान करना चाहिए। (Maharashtra Government Job News)

    इस संबंध में प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति के अध्यक्ष राहुल कावठेकर ने कहा, कि जिला परिषद की भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों से ली गयी हजारों रुपये की फीस का हिस्सा उन्हें नहीं मिले तो वे क्या करें? सरकार को इन उम्मीदवारों को राहत देनी चाहिए जो पहले ही अपनी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण नौकरी के लिए परीक्षा दे रहे हैं। (Maharashtra Government Job News)

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    अभ्यर्थियों में असमंजस

    एक उम्मीदवार ने 2019 में विभिन्न जिलों के लिए 10 पदों के लिए करीब ढाई हजार रुपये से लेकर सात-आठ हजार रुपये तक फीस का भुगतान किया है। ऐसे में स्थिति यह उत्पन्न हो गई है, कि उन्हें लॉगइन में केवल पांच आवेदन ही दिख रहे हैं, जिसका मतलब है कि उम्मीदवार को अन्य पदों के लिए रिफंड शुल्क नहीं मिलेगा। (Maharashtra Government Job News)

  • Mumbai Airport: एक ही दिन 250 फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी; असली कारण क्या है?

    Mumbai Airport: एक ही दिन 250 फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी; असली कारण क्या है?

    Mumbai Airport पर एक ही दिन में 250 से अधिक फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी। एयरपोर्ट संचालन ने दी इसकी सूचना।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक ही दिन में एक या दो नहीं, बल्कि 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जाएंगी. कुछ फ्लाइट के समय में बदलाव किया जाएगा. रनवे 17 अक्टूबर को बंद रहेंगे।

    मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (Mumbai Airport) व्यस्त हवाई अड्डा है। इस हवाई अड्डे से लाखों यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा करनी होती है। तो ये खबर बेहद अहम है।

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    Mumbai Airport,
    मुंबई एयरपोर्ट रनवे की पहली तस्वीर

    Mumbai Airport मरम्मत कार्य ..

    रखरखाव कार्य के लिए मुंबई हवाई अड्डे (Mumbai Airport) का रनवे 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। इसके चलते करीब 250 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित की जा सकती हैं। इसकी जानकारी यात्रियों को मिलेगी।

    विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा के लिए मानसून से पहले और बाद में रनवे (Runway) की मरम्मत की जाती है। यह काम मानसून से पहले किया गया था। अब बरसात के बाद मरम्मत कार्य कराया जाएगा। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली ‘मियां’ कंपनी ने इस संबंध में जानकारी दी है।

    17 अक्टूबर को रखरखाव कार्य के कारण रनवे सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा। इससे पहले 18 अक्टूबर 2022 को मरम्मत की गई थी। फिर इस साल यह काम मानसून से पहले ही पूरा कर लिया गया। अब बरसात खत्म होने के बाद अगले माह मरम्मत कार्य कराया जाएगा।

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  • MUMBAI: रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता पखवाड़ा का ड्रामा

    MUMBAI: रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता पखवाड़ा का ड्रामा

    स्वच्छता अभियान के तहत पखवाड़ा का ड्रामा कर कल्याण रेलवे स्टेशन पर अधिकारी एवं कर्मचारी सरकारी पैसों का बंटाधार कर रहे हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – मध्यरेल के पांचों मंडलो में इस समय स्वच्छता पखवाड़ा का दिखावा जोर-शोर से चल रहा है। सारे अधिकारी अपने मंडलो में फोटो खिंचवाकर वाह-वाही लूट रहे है। जो कार्य नित्य करना है वो कार्य वर्ष में पखवाड़ा मनाकर यात्रियों को खुलेआम मूर्ख बनाकर अधिकारी अपनी झोली भरने का कार्य कर रहे है।

    मुंबई के सभी लोकल स्टेशनों पर शौचालय इतने गंदे है, कि यात्रियों को उसके दुर्गंध से ही बेहोशी आने लगती है शिकायत करने पर कोई कार्यवाही तक नही होती। कोई सुनने वाला नही है। महिला शौचालयों में भारी लूटपाट की जाती है। क्या इस पर कोई कार्रवाई अभी तक की गई है? अगर की गई है उसकी जानकारी क्यों नहीं दी जाती है। रेलवे अधिकारियों को चुल्लू भर पानी मे डूब मरना चाहिए।

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    स्वच्छता,

    स्वच्छता पखवाड़ा ..

    ये जो पखवाड़ा बाजी करते है स्वच्छता प्रतिदिन होना चाहिए। जो नही किया जाता। केवल सफाई करने वाले ठेकेदारों से हफ्ता वसूली बड़े पैमाने पर चल रहा है और स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा और वो भी केवल चिन्हित गाड़ियों और स्थानों पर इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकती है।

    कल्याण स्टेशन पर तो महिलाओ के लिए शौचालय की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है जो कि मध्यरेल के महाप्रबंधक नरेश लालवानी ने आदेश भी जारी किया है। फिर भी कोई कार्य शुरू नही किया गया है। अभी टेंडरिंग प्रोसेस में है। कल्याण स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर महिलाये परेशान रहती है।

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