Category: Maharashtra Crime

  • मनपा पी/नॉर्थ के अधिकारियों के नकारेपन के चलते भूमाफिया, ठेकेदारों के हौसले बुलंद

    मनपा पी/नॉर्थ के अधिकारियों के नकारेपन के चलते भूमाफिया, ठेकेदारों के हौसले बुलंद

    • मुंबई में खाली जमीन को हथियाने के लिए BMC के सरकारी अधिकारी ही अपराध का साथ दे रहे हैं।
    • न्यायालयीन ‘स्थगन’ आदेश की अवहेलना कर मालाड (पूर्व) ठेकेदारों द्वारा धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महानगरपालिका (BMC) प्रशासन व महशुल विभाग की नाकामियों के चलते मुंबई में भूमाफियायों व अवैधनिर्माण कर्ता, ठेकेदारों के हौसले इस कदर बुलंद है, कि वे मनमानी तौर पर अवैध निर्माण ही नहीं करते बल्कि कोर्ट के आदेशों की अवमानना करके कानून से खिलवाड़ भी करते हैं। यानि कि वे मनपा, महशूल विभाग व अदालतों तक को भी धत्ता बताकर अपनी मनमानी करते हैं। कारण यहां खाली जमीन की किमत आसमान छू रही हैं।
    ऐसा ही एक मामला मनपा पी/उत्तर विभाग के कार्यक्षेत्र में वार्ड क्रमांक -४५ के अंतर्गत यूसुफ चौकसी कंपाउंड, मिलन सेवा संघ सोशल, खोडियार माता मंदिर के सामने, बच्छानी नगर, चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल के समीप, मालाड (पूर्व) में हमीद कुरेशी व वालम कुरेशी द्वारा अनधिकृत निर्माण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

    BMC अधिकारीयों के कारनामे ..

    BMC,

    प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त अवैध निर्माण के विरुद्ध संजय रामदास भगत द्वारा मनपा प्रशासन एवं महशूल विभाग के संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गयी थी। किंतु अपेक्षित कार्यवाई के अभाव में वर्ष २०११ में एक मामला मुकदमा नंबर – ११४३ हीरा पी. फडिकर और पंचानन फडिकर के विरुद्ध दायर किया गया था। मामले के मुताबिक, उक्त दोनों ने अपीलकर्ता संजय रामदास भगत के रूम नंबर -१ के समीप अवैध निर्माण कर रहे हैं।

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    इस अपील को दिनांक -२५/१०/२०२३ में खारिज कर दिया गया था। सिटी सिविल कोर्ट दिंडोशी के उक्त फैसले के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं जबकि उसी न्यायालय में मुकदमा नंबर -२११७/२०११ अब तक विचाराधीन है। जिसमें भी उक्त जगह पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर स्थगन आदेश लगाया गया है। इसके उपरांत भी उक्त ठेकेदारों द्वारा न्यायालयीन आदेशों का उल्लंघन करके उपरोक्त ठेकेदारों द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है।

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    उक्त स्थल पर किए जा रहे अवैध निर्माणों को मनपा पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों का आपसी समर्थन आर्थिक सेटिंग के आधार पर किए जाने की जानकारी सूत्रों ने दी है। अन्यथा अदालत की अवमानना करके अवैध निर्माण किया जाना मुश्किल था। मनपा के बांधकाम विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी उक्त निर्माण स्थल पर आते-जाते देखे जाते हैं। मनपा अधिकारियों को उक्त स्थल पर न्यायालयीन स्थगनादेश की भी जानकारी है।
    इसके उपरांत भी मनपा उक्त ठेकेदारों के अवैध निर्माण कार्य पर न तो रोक लगायी है और ना ही उक्त संबंध में न्यायालय को भी सूचित है। स्थानीय जनों ने उक्त अवैध निर्माण पर तत्काल तोड़क कार्यवाही कर ठेकेदारों के विरुद्ध एमआरटीपी (MRTP) के तहत दंडात्मक कार्रवाई कराये जाने की
    मनपा प्रशासन से अपील की है।

  • पुलिस ने किया 12 लाख 24 हज़ार का माल जप्त 2 गिरफ्तार एक फरार

    पुलिस ने किया 12 लाख 24 हज़ार का माल जप्त 2 गिरफ्तार एक फरार

    • लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू का कारोबार शहर में कैसे हो रहा है?

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बोरीवली (पश्चिम) की एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने प्रतिबंधित गुटखा तस्करी मामले में, एक महिंद्रा बुलैरो जीप के साथ कुल 12 लाख 24 हज़ार रुपये का माल जप्त कर भिवंडी के रहने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गुजरात से मुंबई गुटखा सप्लाई मामले में एक भंगार वाला फरार बताया जा रहा है।

    कैसे पहुंचा मुंबई में प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू ?

    गुजरात से मुंबई आने में कितने ही चेक पोस्ट हैं। जहां तैनात सुरक्षाकर्मी, पुलिस विभाग और ट्रैफिक पुलिस क्या सोते रहते है ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं। यह तो साफ है कि बिना लेनदेन किए इतना बड़ा कारोबार कानून की आंखों में धूल झोंक कर नहीं किया जा सकता। मुंबई में प्रतिबंधित गुटखा बिकता भी है और लोग खरीदते भी हैं। फिलहाल लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले इस कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को कुछ और सोचने की जरूरत है।

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    गुटखा, तंबाकू,
    गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीर

    बोरीवली पश्चिम के एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने बड़ी ही ईमानदारी के साथ अपना कर्तव्य निभाया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडाळकर से मिली जानकारी के मुताबिक, मुखबिरों के जरिए इसकी जानकारी मिली की भिवंडी के रास्ते मुंबई में प्रतिबंधित गुटखा लाया जा रहा है। क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक सूर्यकांत पवार ने गोराई डंपिंग ग्राउंड के पीछे पुलिसिया जाल बिछाकर महिंद्रा बोलेरो जीप क्रमांक MH 04 LQ 3716 को रोका और तलाशी ली तो, टेंपो में प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू बरामद किया गया। जिसमें विमल पान मसाला की 8 गोनी जिसका बाजार मूल्यांकन 3 लाख 47 हज़ार रुपये और व्ही-1 तंबाकू की 2 गोनी जिसका बाजार मूल्यांकन 39 हजार रुपये बताया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस ने टेंपो को भी जप्त कर लिया है जिसकी बाजार मूल्यांकन 8 लाख 50 हज़ार रुपये बताई जा रही है।

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    बता जा रहा है कि किसी को बेचने के लिए यहां माल सप्लाई किया गया था। मामले में झा नामक भंगार वाला फरार बताया जा रहा है। एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक. 613/1023 में 29 वर्षीय टेंपो चालक राघवेंद्र शिवदुलारे और 19 वर्षीय सौरभ गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। जो दोनों ही भिवंडी के रहने वाले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक गुजरात के गोदाम से माल उठाकर पहले भिवंडी लाया गया वहां कुछ लोगों को बेचने के बाद यह टेंपो मुंबई के बोरीवली इलाके में सप्लाई करने के लिए रवाना हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है।

  • बंदूक, हथगोले और गोलियाँ… भारत-न्यूजीलैंड सेमीफाइनल से पहले मुंबई पुलिस को मिली धमकी, वानखेड़े की सुरक्षा कड़ी

    बंदूक, हथगोले और गोलियाँ… भारत-न्यूजीलैंड सेमीफाइनल से पहले मुंबई पुलिस को मिली धमकी, वानखेड़े की सुरक्षा कड़ी

    भारत और न्यूजीलैंड के मैच से पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने वानखेड़े स्टेडियम में हमले की धमकी दी है। मुंबई पुलिस सतर्क हो गई है और स्टेडियम के अंदर और बाहर निगरानी को कड़ी कर दी है। (India vs New Zealand Cricket Match)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    भारत और न्यूजीलैंड क्रिकेट मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक आतंकवादी हमले की धमकी मिली है। यह धमकी एक अज्ञात व्यक्ति ने ट्विटर के जरिए दी है। धमकी मिलते ही मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर है। बता दें कि बुधवार 15 नवंबर 2023 को भारत और न्यूजीलैंड के बीच सेमीफाइनल हो रहा है।

    इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने कहा कि धमकी भरे मैसेज में कहा गया है कि भारत और न्यूजीलैंड मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक ‘नापाक’ घटना को अंजाम दिया जाएगा। धमकी भेजने वाले के साथ उस अज्ञात व्यक्ति ने एक तस्वीर भी भेजी थी। इस फोटो में बंदूक, हथगोले और गोलियाँ दिखाई थीं। इसके साथ ही उसने मुंबई पुलिस को टैग भी किया था।

    मुंबई पुलिस ने वानखेड़े स्टेडियम और इसके आसपास के इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी है। मुंबई पुलिस उपायुक्त प्रवीण मुंधे ने मंगलवार 14 नवंबर 2023 को कहा, कि वानखेड़े स्टेडियम में सेमीफाइनल मैच कराने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार थी। उन्होंने कहा, “मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम आगामी भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच आईसीसी वर्ड कप की मेजबानी कर रहा है। जहाँ तक सुरक्षा की बात है तो हम अच्छी तरह से तैयार हैं।”

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    आतंकी हमले की धमकी ..

    धमकी,
    धमकी के बाद से सुरक्षा में तैनात मुंबई पुलिस की तस्वीर

    धमकी को देखते हुए सुरक्षा में 7 पुलिस उपायुक्त, 200 अधिकारी और 700 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। स्टेडियम के सभी गेटों के सामने पार्किंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, स्टेडियम में पेन, पेंसिल, मार्कर, कागज, बैनर, पोस्टर, बैग, सिक्के, पावर बैंक और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने की मनाही कर दी गई है। अंदर आने वाले हर शख्स की गहनता से जाँच की जाएगी।

    धमकी भरे मेसेज को लेकर ताज़ा जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने बाद में कहा कि लातूर जिले के एक 17 वर्षीय युवक को क्राईम ब्रांच ने संदेश के सिलसिले में हिरासत में लिया है और उसकी गहनता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा देखभाल के लिए सहायक हमलावर बल, दंगा नियंत्रण दल और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें भी तैनात की गई हैं।

    इससे पहले मंगलवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले सेमीफाइनल मैच के टिकटों की कालाबाजारी का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 2 लाख 40 हजार रुपए के दो VIP टिकटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
    पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से दो वीआईपी टिकट बरामद किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक टिकट की कीमत 1 लाख 20 हज़ार रुपए है। इससे पहले कालाबाजारी के आरोप में पुलिस ने इवेंट आयोजक आकाश कोठारी को गिरफ्तार किया गया था।

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  • प्रभाग -6 के जवाबदेह अभियंताओं की शह पर किया जा रहा गैरकानूनी बांधकाम

    प्रभाग -6 के जवाबदेह अभियंताओं की शह पर किया जा रहा गैरकानूनी बांधकाम

    • करोड़ों की हेरा-फेरी न हो तो महानगर पालिका कैसी?
    • आदिवासी के रिक्त भूखंड पर भूमाफियाओं का कब्जा।
    • मीरा-भायंदर आदिवासियों की जमीन की बिना रजिस्ट्री किए ही झोपड़ा धारकों का एग्रीमेंट बनाकर बेची जा रही जमीन।

    सुरेन्द्र राय
    मिरा/भायंदर-
    यहां तो होड़ लगी रहती है, कि कौन सा प्रभाग अधिकारी अपने पाले हुए गुर्गे या स्थानीय भूमाफियाओं के माध्यम से कितनी बड़ी जमीन कब्जा कराकर, उस पर गैरकानूनी तरीके से निर्माण कराकर प्रॉपर्टी बनाता है और वही उच्च अधिकारियों को खिलाता हुआ चमचागिरी करके प्रमोशन पा जाता है।

    मीरा-भायंदर महानगरपालिका का भ्रष्टाचार ..

    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सटे मीरा-भायंदर महानगर पालिका में अवैध निर्माण रूपी भ्रष्टाचार का खेल बखूबी चलता रहता है। यहां पर अवैध निर्माण रूपी भ्रष्टाचार के कीर्तिमान बनते और टूटते रहते हैं। लेकिन मजाल क्या है, कि कोई बड़े से बड़ा पालिका अधिकारी उनकी गिरेबां पकड़कर कानून के हवाले करे और सजा दिलाए। क्योंकि बड़े अधिकारियों तक अवैध निर्माण रूपी भ्रष्टाचार की काली कमाई के कमीशन पहुंचते रहते हैं।

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    वैसे तो मीरा-भायंदर महानगर पालिका के अधिकांश प्रभाग  भ्रष्टाचार में लिप्त है। कहीं प्रभाग अधिकारी अपनी काली कमाई को स्थानीय भूमाफियाओं और ठेकेदारों के साथ मिलकर खपाता है अवैध निर्माण में, तो कहीं प्रभाग अधिकारी के साथ मिलकर प्रभाग अभियंता गैरकानूनी बांधकाम कराते हुए संरक्षण देकर मोटी कमाई करते हुए आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करते हैं। वह भी बिना रजिस्ट्री के!
    एक ऐसे ही अवैध निर्माण रूपी भ्रष्टाचार का मामला मीरा – भायंदर महानगर पालिका, प्रभाग- 6 के अंतर्गत प्रकाश में आया है।

    जहां पर स्थानीय भूमाफिया मंगल गांधी, बाबू म्हात्रे और अवेश कुरेशी द्वारा मीरा रोड(पूर्व)  काशिमीरा स्थित काशिगांव, मीनाक्षी नगर के डचकूल पाड़ा, महाराष्ट्र – ४०११०७ स्थित विगत वर्षों से रिक्त पड़े भूखंड, आदिवासी की जमीन पर प्रभाग -6 के भ्रष्ट अधिकारियों से साठगांठ कर पतरे के रूम का स्ट्रक्चर निर्माण कर उसे मेहनत कश गरीब जरूरत मंद लोगो को अंधेरे में रखकर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।

    बता दें, कि जब संवाददाता ने खुद इस मामले की जांच पड़ताल की तो पता चला कि मीरा-भायंदर, महानगरपालिका, प्रभाग -6 के जवाबदेह अभियंताओं ने उक्त भूमाफियाओं से भारी धनराशि लेकर अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले प्रभाग -6 में आदिवासी की जमीन पर अवैध ढंग से पतरे रूपी स्ट्रक्चर का निर्माण कराकर गैरकानूनी तरीके से बेचा जा रहा है। फिर उसी पतरे रूपी स्ट्रक्चर को पक्के बांधकाम कराकर लाखों रुपए में बेचकर मालामाल होने की साजिश के तहत भूमाफिया मंगल गांधी, बाबू म्हात्रे और अवेश कुरेशी से मिलीभगत कर प्रभाग -6 के जवाबदेह अभियंताओं द्वारा महानतम भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

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    हालांकि संवाददाता ने उक्त मामले की जानकारी प्रभाग -6 के प्रभाग अधिकारी, प्रभाकर म्हात्रे को दी जिसे संज्ञान में लेते हुए प्रभाग अधिकारी प्रभाकर म्हात्रे ने  संवाददाता को बताया कि आदिवासी की जमीन पर किए गए अनाधिकृत निर्माण कार्य को लेकर प्रभाग – 6 द्वारा तोड़क कारवाई की जा चुकी है।उक्त जमीन पर यदि पुनः कोई भी भूमाफिया चाहे वह मंगल गांधी ,बाबू म्हात्रे या अवेश कुरेशी ही क्यों न हो उस पर एमआरटीपी के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे, इतना कहकर प्रभाग – 6 के प्रभाग अधिकारी,प्रभाकर म्हात्रे ने अपनी वाणी को विराम दिया। अब ऐसे में जिसकी उच्च स्तरीय जांच कर तोडक कार्रवाई जरूरी है।

    मीरा-भायंदर महानगर पालिका, प्रभाग – 6 के प्रभाग अधिकारी प्रभाकर म्हात्रे से हमारी मांग है कि जवाबदेह अभियंताओं के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई कराए और साथ ही तोड़क कारवाई कर आदिवासियों को अपने जमीन से वंचित होने से बचाएं अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा!

  • सहायक आयुक्तों की भर्ती में बड़े पैमाने हुआ है भ्रष्टाचार: आयुक्त चहल निकले रक्त चूसक जोंक

    सहायक आयुक्तों की भर्ती में बड़े पैमाने हुआ है भ्रष्टाचार: आयुक्त चहल निकले रक्त चूसक जोंक

    • मनपा आयुक्त के रूप में सबसे ज्यादा अयोग्य अभ्यर्थी नियुक्त करने का चहल का रिकार्ड
    • मनपा आयुक्त चहल के कैरेक्टर रोल की जांच सीबीआई व ईडी से कराने की मुंबईकरों की मांग।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त  इकबाल सिंह चहल को एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा है। किंतु किसी को क्या मालूम था की इकबाल सिंह चहल अपने निजी लाभ के लिए सहायक आयुक्तों की होने वाली नई भर्ती पर ध्यान नहीं देंगे तथा वह कभी भी राज्य संघ लोक सेवा आयोग से सहायक आयुक्त की भर्ती के लिए कोई मांग नहीं करेंगे। इन दोनों ने ऐसा किया है जिसके कारण मनपा में सहायक आयुक्त का कार्य भी प्रभारी सहायक आयुक्त से लिया जा रहा है। सहायक आयुक्त की जगह अपेक्षित काम ना कर पाने के कारण प्रभारी सहायक आयुक्त जनता की अनेक समस्याएं दूर नहीं कर पा रहे हैं।

    मनपा आयुक्त द्वारा प्रभारी सहायक आयुक्तों की नियुक्ति ..

    सूत्रों का कहना है, कि कितनों को तो आयुक्त चहल ने योग्यता न होने के बावजूद भी नियुक्त किया है, जिसे उनका निंदनीय भ्रष्टाचार माना जा रहा है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहायक आयुक्तों की भर्ती बंद होने से निगम के 10 से 15 विभाग कार्यालयों का प्रभार सहायक आयुक्तों के पास है। इसके कारण विभाग में कई नागरिक समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं और देखा जा रहा है कि प्रभारी सहायक आयुक्त कभी-कभी उनका समाधान करने में विफल हो रहे हैं।

    मनपा आयुक्त,
    मुंबई मनपा आयुक्त मुख्यालय की फाइल तस्वीर

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    मुंबई महानगर में 24 नगरपालिका प्रभाग कार्यालय हैं। इनमें से प्रत्येक संभागीय कार्यालय का प्रबंधन एक अलग एमपीएससी से चयनित एक सहायक आयुक्त द्वारा किया जाता है। लेकिन चूंकि एमपीएससी द्वारा पिछले दो वर्षों से सहायक आयुक्त की भर्ती प्रक्रिया नहीं की गई है, इसलिए मनपा प्रशासन ने उन अधिकारियों को प्रभारी सहायक आयुक्त का प्रभार दिया है जो कुछ विभागीय कार्यालयों में घनकचरा व्यवस्थापन व परिरक्षण विभाग के कार्यकारी अभियंता हैं।

    ऐसे में उनके लिए वार्ड का कार्यभार पूरा करना मुश्किल हो रहा है। इसके कारण वार्ड में कूड़ा-कचरा, सड़क, अनाधिकृत निर्माण, रेहड़ी, फेरीवाले और प्रतिष्ठानों का आस्थापना विभाग सहित अन्य समस्याओं का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। नतीजा, इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। गत वर्ष से मुंबई नगर निगम में नगरसेवकों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण वे नगर पालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकते।

    नागरिकों को सीवरेज, फुटपाथ मरम्मत, जलापूर्ति, मलिन बस्तियों में सफाई जैसे बुनियादी कार्यों के लिए नगरसेवकों के कार्यालय तक पहुंचना पड़ता है। चूंकि नगरसेवकों का कार्यालय भी बंद है, इसलिए उनके कार्यालय जाने पर भी नागरिकों का काम नहीं हो पाता है। नागरिकों की यह भी शिकायत है कि नगर निगम सहायक आयुक्त द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे दिन-ब-दिन शहर में नागरिक समस्याएं बढ़ती जा रही है।

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    मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यकाल में फर्जी वार्ड ऑफिसर से मोटी रकम लेकर नियुक्ति की है ऐसा कहा जाता है। स्थानीय विधायक और सांसद की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए इन वार्ड ऑफिसरों की मनपा आयुक्त से सांठ-गांठ कर नियुक्ति की है ऐसा भी कहा जाता है। जिसमे आयुक्त की प्रति माह ५०० करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय है। क्या इसकी जांच राज्य सरकार और केंद्र सरकार करेगी या ईडी सीबीआई करेगी।

  • देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    पांच राज्यो में चुनावी बिगुल बज गया है। अखाड़े में बड़े बड़े पहलवानो की नूरा कुश्ती देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम में सभी प्रमुख राजनिगिक दलों ने अपने पहलवानो की घोषणा कर दिय है। रेफरी के रूप में जनता तैयार है। पर अब प्रश्न ये उठता है, कि सभी उम्मीदवारो और नेताओं के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच क्यों नही करता है चुनाव आयोग।

    चुनाव आयोग के कार्य ..

    सभी के पास कितने काले धन है? उम्मीदवारो ने सम्पत्ति की कितनी जानकारी दिया है और इनके नेता के पास कितना धन है। इस विषय पर चुनाव आयोग मौनी बाबा की तरह या “गाँधी जी” तीन बंदरो की तरह “माल मत देखो, माल मत पकड़ो, शिकायत मत सुनो” की तर्ज पर चल रहा है। ये कितने बड़े अपराधी है? कितने केस है? कितने विचाराधीन है? इसकी जानकारी न रखता है न ही जानकारी देता है।

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    चुनाव आयोग,
    चुनाव आयोग की प्रतिकारात्मक फ़ाईल तस्वीर

    इसी बीच चुनाव आयोग की ओर से घोषणा
    की गई है, कि राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मतदान बूथों के पास लगाए गई शिविरों के निकट अनावश्यक भीड़ इकट्ठा नहीं होने देंगे ताकि दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों और अभ्यर्थियों के मध्य टकराव और तनाव से बचा जा सके। आचार संहिता की धाराओं प्रशासन भरपूर इस्तेमाल करने जा रहा है।

    Election Commission of India

    लेकिन, आप को बता दें, दिन पर दिन भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। कितना भी पत्रकार लिखता है। फिर भी नेताओ, मंत्रियों और चुनाव आयोग को कोई फर्क नही पड़ता है। चुनाव में धन-बल की आजमाइस जोरो पर चलती है। हत्याएं होती है। अपहरण होते है। इस पर भी चुनाव के पास समय नही होता है। देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

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  • कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    कब सुधरेंगे विधायक विनय वर्मा, क्या यही है अपनादल पार्टी की पहचान

    शोहरतगढ़ को शोहरत की बुलंद उंचाईयों तक लेजाने की इच्छा जाहिर करने वाले अपना दल पार्टी के विधायक हकीकत में अपने समर्थकों को ही चूना लगा रहे हैं।

    वी बी माणिक
    लखनऊ
    – उत्तर प्रदेश, सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ निर्वाचित अपनादल के विधायक सुधरने को तैयार नही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में जगह हासिल करने के बाद से ही इनके तेवर बदल गए हैं। गरीबों का पैसा चुनाव के समय डकार कर बैठे विनय आज तक देने को तैयार नही है। जिन लोगो ने अपना खून पसीना बहाकर और नगद उधारी के तौर पर पैसे दिए हैं वो त्राहि-त्राहि कर रहे है। एक ग्राम प्रधान का भी करीब पच्चीस लाख लेकर बैठे है।

    योगी आदित्यनाथ की सरकार ..

    समाजवादी पार्टी से हाथ झटक कर भाजपा के सहारे उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में जगह हासिल करने वाली अपनादल की सुप्रीमो एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी क्या बेईमानो, लुटेरों की पार्टी है? जो गरीबों का खून पीने का काम करती है। बड़ा दुर्भाग्य है ये गरीब पुलिस में शिकायत भी दर्ज नही करवा पा रहे है। विनय वर्मा द्वारा इनको खुली धमकी दी जाती है, कि तुमको जो करते बने कर लो हम पैसा नही देंगे। पत्रकार ने अनुप्रिया पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया। उनसे मुलाकात नही हो सका है।

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    योगी आदित्यनाथ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपना दल पार्टी की मुखिया अनुप्रिया पटेल की तस्वीर

    राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसी पार्टीयो के समर्थन से सरकार चला रहे है। योगी जी घोषणाएं अच्छी-अच्छी कर रहे है पर जो उनकी सरकार में कुछ लुटेरे विधायक बैठे है। उन पर कार्रवाई कब होगी ? कब गरीबो का पैसा मिलेगा ? यही कारण है ठग लुटेरे नेता योगी जी से सहयोग माँगकर चुनाव जीतकर जनता को गुमराह करए है। इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकता है।

    वैसे भी अपना दल पार्टी का नारा है ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिसदारी’ इसका विधायक विनय वर्मा भरपूर फायदा उठा रहे हैं। लोगों को इनके इरादों को समझने में समय लग गया। नहीं तो धोखा और नुकसान नहीं होता। बता दें कि लोग कहते हैं, कि ये विनय वर्मा अपनी जरूरत के वक़्त हाथ जोड़कर मदद मांग रहे थे। अभी वही उधार के पैसे वापस करने के बजाय सत्ता का रौब झाड़ते हुए धमका रहे हैं। ये राजनीति का गंदा चहरा है। जो इनसे धोखा खाने वालों को देखने को मिल रहा है।

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  • दूसरी मंजिल से धड़ाम, टूटे दांत पैर फ्रैक्कर। Spider-man का क्राईम खुलासा

    दूसरी मंजिल से धड़ाम, टूटे दांत पैर फ्रैक्कर। Spider-man का क्राईम खुलासा

    टूटे हुए दो दांतों से पुलिस को मिला सुराग, 4 महीने बाद हुआ गिरफ्तार। Spider-man thief क्राईम का हआ खुलासा

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बोरीवली के इलाके में एक चोर अपने दो दूटे दांतों की वजह से चोरी की घटना के 4 महीने बाद पकड़ा गया। दरअसल, यहां स्पाइडर-मैन नाम से चर्चित अज्ञात चोर चोरी करने के बाद भागते समय दूसरी मंजिल से गिर गया। इसके चलते उसके दो दांत दूट गए और एक पैर में फैक्चर हो गया। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)

    पुलिस को घटना स्थल की जांच से मिले इन्हीं दो टूटे दांतों की मदद से उसे बोरीवली पुलिस ने चार महीने बाद गिरफ्तार कर लिया। चोर की पहचान 29 साल के रोहित राठौड के रूप में हुई। खबरों के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि रोहित राठौड़ आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ चोरी के 19 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने रोहित की पहचान करने के लिए बोरीवली और उसके आस पास के 400 से अधिक अस्पतालों में पूछताछ की थी। इसके बाद उसे दहिसर से गिरफ्तार किया गया। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)

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    राठौड़ की गिरफ्तारी से पुलिस को दो मामले सुलझाने में मदद मिली है। रोहित राठौड़ को इससे पहले डीएन नगर, कांदिवली, बोरीवली, वकोला, सांताक्रूज, दहिसर, कस्तूरबा मार्ग
    और समेत अन्य कई पुलिस स्टेशनों द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। वह एक साल तक वकोला पुलिस स्टेशन से तड़ीपार भी रहा है। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)

    कैसे की थी चोरी, कैसे हुआ इसका खुलासा ?

    बताया जा रहा है, कि रोहित 22 जून को दहिसर पश्चिम के महात्रेवाड़ी में राजाराम तावड़े रोड पर स्थित अर्पिता अपार्टमेंट में चोरी करने पहुंचा था। यहां उसने दूसरे मंजिल पर बने एक फ्लैट में चोरी की। शिकायत के मुताबिक, जब घर में मौजूद एक 32 वर्षीय सदस्य ने चोरी होते देखा, तो उसने घर के अन्य सदस्यों को बुलाया। हालाकि, तब तक रोहित रसोई की खिड़की से कूदकर भाग गया। इसके
    बाद चोरी की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद एक टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब जांच की तो घटनास्थल पर दो दात मिले। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)

    मुंबई परिमंडल 11 के डीसीपी अजयकुमार बंसल और बोरीवली पश्चिम के एमएचबी पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक सुधीर कुडालकर के मार्गदर्शन में एपीआई सूर्यकांत पवार और पीएसआई अखिलेश भोम्बे के साथ जांच शुरू की गई। इमारत परिसर में दो टूटे हुए दांत और खून के धब्बे पाए गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुलिस ने देखा तो उसमें चोर कूदते वक्त गिरता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने कैमरे में देखा, कि इसमें उसके दो दात दूंट गए और उसके पैर में भी फैक्चर हो गया। हालाकि, अंधेरे की वजह से फुटेज में उसका चेहरा नहीं दिख सका। चोर चोट के बावजूद एक दीवार कूदकर भागने में सपफल रहा। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)

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    Spider-man thief

    पुलिस को यह पता था कि आरोपी चोर को काफी बोच लगी है, ऐसे में वह अस्पताल जरूर जाएगा। पुलिस ने आसपास के अस्पतालों में जाकर चेक किया। हालांकि, वह नहीं मिला। इसके बाद एक पुलिसकर्मी को रोज अलग-अलग अस्पतालों में जाकर चेक करने की ड्यूटी पर लगा दिया गया। पिछले हफ्ते पुलिसकर्मी ने देखा कि चोर वकोला में एक अस्पताल में इलाज करा रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसके डिस्वार्ज होने का इंतजार किया जैसे ही वह घर पहुंचा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। #Spiderman का क्राईम खुलासा..

  • नवरात्रि का डांडिया रास फाल्गुनी पाठक के नाम पर 5 लाख रुपये की ठगी

    नवरात्रि का डांडिया रास फाल्गुनी पाठक के नाम पर 5 लाख रुपये की ठगी

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    फाल्गुनी पाठक का डांडिया पास देने की बात कहकर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में चार गिरफ्तार ।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    शहर में नवरात्र का सीजन चल रहा है। इसका फायदा उठाने के लिए कुछ लोगों ने रियायती पास देने का झूठा वादा कर लाखों रूपये की ठगी कर फरार हो गए थे। जिन्हें बोरीवली पश्चिम के एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने गिरफ्तार कर कुल 10 लाख रुपये का माल जब्त किया है।

    बोरीवली पश्चिम के चिकूवाडी इलाके में डांडिया क्वीन “फाल्गुनी पाठक” का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसका सस्ते दामों में पास मुहैया कराने को लेकर कांदीवली पूर्व के 24 वर्षीय होटल चालक आश्विन रमाकांत सुर्वे ने अफवाह फैला रखी थी। इसके जाल में फंसकर कांदिवली पूर्व, ठाकुर विलेज के रहने वाले 20 वर्षीय निहार श्रेयश मोदी ने विशाल शाह और उसके और एक साथी से मुलाकात की इनके बीच हुए सौदेबाजी के मुताबिक फरियादी ने 5 लाख 14 हजार 800 रूपये दिये। लेकिन दोनों बदमाशों ने पैसे लेने के बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए।

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    एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के सुधिर कुडाळकर ने बताया, कि जानकारी प्राप्त होते ही गुनह रजिस्टर क्रमांक 545/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 34 के तहत मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की। उन्होंने कहा कि जांच का जिम्मा क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक सचीन शिंदे और पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दिपक हिंडे एवं उनकी टीम को गठित कर दिया गया था। जांच में पुलिस बोरीवली पश्चिम के योगी नगर से दहिसर चेक नाका और गोरेगांव तक के 87 सीसीटीवी कैमरा की फुटेज निकल गई और मोबाइल क्रमांक एवं तंत्रिका विश्लेषण के जरिए 18 अक्टूबर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और पता चला कि उनके दो और साथी फरार है।

    फाल्गुनी पाठक का डांडिया रास ..

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बड़ी चतुराई के साथ तीन से चार ऑटो रिक्शा बदली किया था और जी फोन से बात हुई थी वह सभी फोन उन लोगों ने बंद कर दिया था। लेकिन मुंबई पुलिस ने जांच कर दूसरा ही दिन बाकी तो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर ले आई और उनके पास से 91 हजार रुपये कैश और एक इनोवा कार जिसकी कीमत लगभग 9 लाख 50 हज़ार रुपये आंकी जा रही है। इसके साथी आईफोन कंपनी का लगभग 20 हजार रुपये का मोबाइल फोन मामले के तहत जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम 24 वर्षीय आश्विन रमाकांत सुर्वे, 38 वर्षीय श्रीपाल मुकेश बागडिया वय, 30 वर्षीय सुशील राजाराम तिरलोटकर और 35 वर्षीय संतोष भागवत गुंबरे बताये जा रहे हैं।

  • निवासियों को भुगतना पड़ रहा है एसआरए की बिल्डिंगों के घटिया निर्माण का खामियाजा

    निवासियों को भुगतना पड़ रहा है एसआरए की बिल्डिंगों के घटिया निर्माण का खामियाजा

    • SRA व मनपा के अधिकारी सहित बिल्डर मालामाल: निवासी बेचारे बेहाल।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई
    : महानगर मुंबई में ऐसा चलन रहा है, कि जो भी उपयोगी काम जनता के लिए किए जाते हैं, उन्हें या तो कोई विभाग संभालता है या फिर ठेकेदारों को दे दिया जाता है। जनोपयोगी कार्य या निर्माण चाहे जैसे भी कराया जाता हो किंतु उसके निर्माण में निर्माण कर्ता अधिक से अधिक पैसे बचाने की कोशिश करता है, जिसका असर यह पड़ता है कि कार्य या निर्माण अत्यंत घटिया किस्म का और घटिया निर्माण सामग्री वाला होता है। यही हाल है झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) का, जो बिल्डरों को पुनर्वसन हेतु घर बनाने का ठेका दे देता है, जिसमें बिल्डर मनमानी काफी कुछ काम करते हैं।

    SRA की योजना में घटिया बिल्डिंग निर्माण ..

    काम भले ही घटिया हो लेकिन वह बिल्डर या सारे अधिकारियों को समय-समय पर आर्थिक भेंट और अनेक उपहारों से खुश करते रहते हैं। महानगर मुंबई में भी झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) योजना के तहत बनाई गई घटिया इमारतों के कई मामले प्रकाश में आये हैं।

    जानकारी के अनुसार एसआरए ने गोरेगांव झोपड़पट्टी पुनर्वसन योजना के तहत इमारत की पार्किंग में आग जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए डेवलपर्स और आर्किटेक्ट्स को नए निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसी घटनाएं भविष्य में भी हो सकती हैं, जब तक कि सहकारी आवास सोसायटी द्वारा उन इमारतों के लिए आवश्यक देखभाल नहीं की जाती हैं तथा जो पूरी हो चुकी हैं, उन्हें आवासीय प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इसकी जिम्मेदारी डेवलपर की होती है। इसके बाद भवन महापालिका को सौंप दिया जाता है।

    Sra,
    गोरेगांव से SRA इमारत के नीचे लगी आग जानी की तस्वीर

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    बता दें, कि झोपड़पट्टी पुनर्वसन में अब तक ढाई लाख फ्लैटों को रहने योग्य प्रमाणपत्र दिया जा चुका है। अधिकांश इमारतों की त्रिवर्षीय अवधि समाप्त हो गई है, इसलिए रखरखाव की जिम्मेदारी अब संबंधित सहकारी आवास समितियों की है। लेकिन यह पाया गया है, कि इन आवास संगठनों द्वारा उचित सावधानी नहीं बरती जा रही है। इसलिए अब प्राधिकरण द्वारा इसकी दोबारा समीक्षा की जाएगी। स्लम पुनर्वास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश लोखंडे ने कहा, कि सभी पुनर्वास भवनों के डेवलपर्स और वास्तुकारों को दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे और दावा किया गया है कि फायर ब्रिगेड द्वारा ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ जारी करने के बाद ही रहने योग्य प्रमाण पत्र जारी किया गया था। उसके बाद तीन साल की अवधि के लिए बिल्डरों की जिम्मेदारी व देनदारी को लागू करने के आग्रह की ओर से एसआरए ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं।

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    गोरेगांव की जिस इमारत में आग लगी वह सात मंजिला इमारत थी। जबकि झोपड़पट्टी पुनर्वास में 42 मंजिला टावर खड़े हैं। ऐसे टावरों को रहने योग्य प्रमाण पत्र देने के बाद डेवलपर की जिम्मेदारी केवल तीन साल तक होती है, तो असली परीक्षा इन टावरों में रहने वाले निवासियों के लिए होती है। सवाल यह है कि ऐसे टावरों के रखरखाव की देखभाल संबंधित सहकारी आवास सोसायटी द्वारा कैसे की जाएगी इसका कोई प्रारूप एसआरए ने नहीं पेश किया है। महापालिका के पी/उत्तर विभाग कार्यालय में बार-बार की शिकायतों कि गोरेगांव में दुर्घटना ग्रस्त इमारत में पार्किंग स्थल और सड़क पर बाधाएं डाली जा रही हैं। इस पर मनपा अधिकारी भी चुप बैठे हैं।

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