Category: Civic Issues

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  • BMC चुनाव जीतते ही एक्शन मोड में नगरसेवक अंकित प्रभू, पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई

    BMC चुनाव जीतते ही एक्शन मोड में नगरसेवक अंकित प्रभू, पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई

    मुंबई के प्रभाग क्रमांक 54 में कम दबाव और दूषित पानी की शिकायतों पर नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने चुनाव नतीजों के तुरंत बाद अधिकारियों के साथ दौरा कर समाधान की प्रक्रिया शुरू की।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के दौरान उठी पानी की गंभीर समस्या पर नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने चुनाव परिणाम आते ही तुरंत एक्शन लिया। प्रभाग क्रमांक 54 में कम दबाव और दूषित पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक और निरीक्षण दौरा कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

    BMC चुनावी वादे से काम तक का सफर

    महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान प्रभाग क्रमांक 54 के कई इलाकों से नागरिकों ने पानी की समस्या को लेकर शिकायतें की थीं। पांडुरंग वाड़ी, नाईकवाड़ी, सेंट थॉमस, संत रोहिदास नगर, गोगटे वाड़ी, रामनगर, हनुमान नगर और सीता नगर के रहवासियों ने बताया था कि उन्हें कम दबाव में पानी मिल रहा है और कई जगहों पर पानी दूषित भी आ रहा है।

    इन शिकायतों को अंकित सुनील प्रभू ने चुनावी मुद्दा ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में लिया।

    नतीजों के बाद तुरंत एक्शन

    चुनाव में जीत दर्ज करने के तुरंत बाद नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित प्रभू एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को उन्होंने बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया।

    इस दौरे में

    • बी. जी. परब (सहायक अभियंता)
    • नितीन ठाकूर (दुय्यम अभियंता)
    • अनिकेत पाटील (कनिष्ठ अभियंता)

    मौजूद थे।

    पाइपलाइन में कैमरा लगाने का फैसला

    निरीक्षण के दौरान सबसे अहम निर्णय यह लिया गया कि पानी की पाइपलाइन में कैमरा डाला जाएगा।
    इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि दूषित पानी कहां से और कैसे सप्लाई लाइन में मिल रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रिपोर्ट के आधार पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

    कम दबाव वाले इलाकों में प्रेशर बढ़ाने के निर्देश

    रामनगर, हनुमान नगर और सीता नगर में कम दबाव से पानी मिलने की समस्या की मौके पर जांच की गई।
    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इन इलाकों में पानी का प्रेशर बढ़ाने के लिए तुरंत तकनीकी बदलाव किए जाएं, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

    स्थानीय पदाधिकारियों की रही मौजूदगी

    इस निरीक्षण दौरे के दौरान शिवसेना (ठाकरे गुट) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
    प्रमुख रूप से
    उपविभाग प्रमुख सुधाकर देसाई, शाखाप्रमुख अजित भोगले, विधानसभा संघटक, स्नेहा गोलतकर, प्रसाद कदम, धोपटकर ताई, डॉ. गावस्कर, किशोर देशपांडे, संजय शानबाग, राजेंद्र गाड, अमित आडेलकर, सुधीर देवरुखकर, रामदत्त पारकर, भूषण राजाध्यक्ष, नंदू गाड, दीपक पवार, सुर्वे, मसुरकर, खाडे, विलास खाड्ये सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

    नागरिकों को क्या संदेश?

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने स्पष्ट किया कि
    “चुनाव के दौरान उठाई गई हर समस्या का समाधान करना मेरी प्राथमिकता है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    प्रश्न 1: किस प्रभाग में पानी की समस्या सामने आई?
    उत्तर: मुंबई के प्रभाग क्रमांक 54 में।

    प्रश्न 2: समस्या किस तरह की थी?
    उत्तर: कम दबाव से पानी आना और दूषित पानी की शिकायतें।

    प्रश्न 3: समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए?
    उत्तर: पाइपलाइन में कैमरा डालने का फैसला और पानी का प्रेशर बढ़ाने के निर्देश।

    प्रश्न 4: किस विभाग के अधिकारी मौजूद थे?
    उत्तर: बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारी।

  • हाजी मलंग पहाड़ पर फ्युनिक्युलर ट्रेन शुरू, श्रद्धालुओं की मुश्किलें हुईं आसान

    हाजी मलंग पहाड़ पर फ्युनिक्युलर ट्रेन शुरू, श्रद्धालुओं की मुश्किलें हुईं आसान

    कल्याण के हाजी मलंग पहाड़ पर फ्युनिक्युलर ट्रेन सेवा की शुरुआत हो गई है। अब श्रद्धालुओं को 1500 सीढ़ियां और घंटों की चढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। किराया, समय, उरुस और पूरी जानकारी पढ़ें।

    महाराष्ट्र: कल्याण स्थित हाजी मलंग पहाड़ पर रविवार, 18 जनवरी 2026 से फ्युनिक्युलर ट्रेन सेवा शुरू हो गई है। इस सेवा के शुरू होने से हाजी मलंग दरगाह जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें करीब 1500 सीढ़ियां चढ़ने और दो से तीन घंटे की कठिन पहाड़ी चढ़ाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह लंबे समय से लंबित परियोजना सांसद श्रीकांत शिंदे के प्रयासों से पूरी हुई है और राज्य लोक निर्माण विभाग द्वारा इसे अमल में लाया गया है।

    🚡 क्या है फ्युनिक्युलर ट्रेन और कैसे देगी राहत?

    फ्युनिक्युलर ट्रेन एक खास तरह की पहाड़ी रेल सेवा होती है, जो खड़ी चढ़ाई पर सुरक्षित तरीके से लोगों को ऊपर तक पहुंचाती है।
    हाजी मलंग पहाड़ पर शुरू की गई यह ट्रेन लगभग 1 किलोमीटर लंबी और 320 मीटर की खड़ी चढ़ाई को आसान बनाती है।
    मलंगगढ़ पहाड़ समुद्र तल से करीब 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां तक पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक हो गया है।

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    🕰️ पहले कैसी थी हाजी मलंग की यात्रा?

    अब तक श्रद्धालुओं को दरगाह तक पहुंचने के लिए:

    • 1500 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं
    • 2 से 3 घंटे का समय लगता था
    • बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए सफर बेहद कठिन था
    • बारिश और गर्मी में जोखिम भी बढ़ जाता था

    फ्युनिक्युलर ट्रेन के शुरू होने से ये सारी परेशानियां अब बीते दिनों की बात हो गई हैं।

    💰 किराया और संचालन का समय

    फ्युनिक्युलर ट्रेन सेवा को आम श्रद्धालुओं के लिए किफायती रखा गया है:

    • एकतरफा टिकट: ₹75
    • रिटर्न टिकट: ₹150

    यह ट्रेन सेवा रोजाना करीब 12 घंटे संचालित की जाएगी, जिससे ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु इसका लाभ ले सकें।

    🕌 उरुस के दौरान बढ़ेगी ट्रेन सेवा

    फरवरी 2026 में हाजी मलंग पहाड़ पर सालाना उरुस का आयोजन होना है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

    उरुस का कार्यक्रम:

    • 24, 25 और 26 फरवरी: सैयद अब्दुल रहमान शाह का उरुस
    • 27 और 28 फरवरी: मीर सकी सुल्तान का उरुस

    उरुस के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रेन सेवा में दोनों दिशाओं में दो-दो कोच चलाए जाएंगे, जबकि सामान्य दिनों में एक-एक कोच संचालित होगा।

    🤝 हाजी मलंग दरगाह: भाईचारे की मिसाल

    हाजी मलंग दरगाह एक ऐतिहासिक सूफी स्थल है, जो हजरत बाबा अब्दुर रहमान मलंग को समर्पित है।
    यह स्थान सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भी जाना जाता है।
    परंपरा के अनुसार यहां:

    • हिंदू वहिवटदार (करांडेकर परिवार)
    • मुस्लिम मुतवल्ली

    मिलकर सभी धार्मिक रस्में निभाते हैं, जो इस स्थल को खास बनाता है।

    🏔️ मलंगगढ़ पहाड़ के तीन प्रमुख हिस्से

    हाजी मलंग पहाड़ को तीन भागों में बांटा गया है:

    • पीर माची: जहां मुख्य दरगाह स्थित है
    • सोने माची: ऊपरी चट्टानी क्षेत्र
    • बालेकिल्ला: पहाड़ की सबसे ऊंची चोटी

    फ्युनिक्युलर ट्रेन से पीर माची तक पहुंचना अब बेहद आसान हो गया है।

    🙏 श्रद्धालुओं ने जताया आभार

    ट्रेन सेवा शुरू होते ही श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल देखा गया।
    खासतौर पर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ आने वाले परिवारों ने इस सुविधा को “वरदान” बताया।
    श्रद्धालुओं ने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र एवं सांसद श्रीकांत शिंदे का आभार व्यक्त किया।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. फ्युनिक्युलर ट्रेन किस दिन से शुरू हुई है?
    👉 रविवार, 18 जनवरी 2026 से।

    Q2. ट्रेन का किराया कितना है?
    👉 एकतरफा ₹75 और रिटर्न ₹150।

    Q3. क्या उरुस के दौरान ट्रेन सेवा बढ़ाई जाएगी?
    👉 हां, उरुस के दिनों में दोनों दिशाओं में दो-दो कोच चलेंगे।

    Q4. क्या बुजुर्ग और बच्चे सुरक्षित यात्रा कर सकते हैं?
    👉 हां, यह सेवा पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक है।

  • कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    मुंबई के कांदिवली में एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) द्वारा तीन साल बाद भी फ्लैट का कब्ज़ा न देने से नाराज़ खरीदार सड़कों पर उतरे। बैंक EMI और किराए के बोझ से परेशान नागरिकों ने RERA से हस्तक्षेप की मांग की।

    मुंबई: घर का सपना लेकर लाखों रुपये चुकाने वाले कांदिवली के फ्लैट खरीदार आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शनिवार को कांदिवली स्थित एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के कार्यालय के बाहर दर्जनों नाराज़ नागरिकों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि फ्लैट का रजिस्ट्रेशन हुए तीन साल से ज़्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक घर का कब्ज़ा नहीं दिया गया। इस दौरान खरीदारों को बैंक की भारी EMI के साथ किराए का दोहरा बोझ उठाना पड़ रहा है।

    बुकिंग के समय लिए लाखों, कब्ज़ा आज तक नहीं

    कांदिवली पूर्व के समता नगर, ठाकुर विलेज इलाके में एस.डी. कॉर्पोरेशन द्वारा ‘सियाना’ नामक टॉवर प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि बुकिंग के वक्त डेवलपर ने तय समय में फ्लैट सौंपने का वादा किया था और इसके बदले लाखों रुपये एडवांस के रूप में लिए गए।
    लेकिन तीन साल से ज्यादा वक्त गुजरने के बावजूद निर्माण अधूरा है और कब्ज़े की कोई ठोस तारीख नहीं बताई जा रही।

    EMI और किराया, दोनों का बोझ

    फ्लैट न मिलने से खरीदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

    • एक ओर बैंक की EMI हर महीने समय पर चुकानी पड़ रही है
    • दूसरी ओर रहने के लिए अलग से किराए का खर्च उठाना पड़ रहा है

    कई खरीदारों का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत पूरी तरह बिगड़ चुकी है, फिर भी डेवलपर की ओर से सिर्फ टालमटोल की जा रही है।

    कांदिवली के निवासियों के आरोप: अभद्र जवाब और अनदेखी

    प्रदर्शन कर रहे नागरिकों का आरोप है कि जब वे निर्माण में देरी को लेकर सवाल पूछते हैं, तो उन्हें अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए जाते हैं।
    यही वजह है कि मजबूर होकर खरीदारों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

    250 फ्लैट्स का प्रोजेक्ट, लेकिन कई खामियां

    निवासियों के मुताबिक,

    • सियाना प्रोजेक्ट में कुल 250 फ्लैट्स हैं
    • इसमें 22 मंज़िला 5 इमारतें और 50 मंज़िला एक इमारत शामिल है

    आरोप है कि निर्माण दिखाए गए प्लान के मुताबिक नहीं किया गया।
    कई फ्लैट्स में पानी का रिसाव है,
    एंट्री गेट बेहद संकरा है
    और बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है।

    RERA में शिकायत, फिर भी राहत नहीं

    नागरिकों ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में भी शिकायत दर्ज कराई है।
    आरोप है कि RERA में होने वाली बैठकों में भी कई बार शिकायतकर्ताओं को शामिल होने से रोका जाता है, जिससे खरीदारों में और नाराज़गी बढ़ गई है।

    पीड़ित खरीदार की आपबीती

    स्वाति गावडे, निवासी ने बताया,
    “मैंने 2022 में 1.5 BHK फ्लैट बुक किया था। बुकिंग के समय कहा गया था कि 2023 में कब्ज़ा मिल जाएगा। मैंने 3 लाख रुपये दिए। आज 2025 खत्म हो गया है, लेकिन घर अब तक नहीं मिला। मैं किराए के मकान में रह रही हूं, हर महीने 40 हजार रुपये किराया और 75 हजार रुपये EMI दे रही हूं। ये बहुत मानसिक तनाव देने वाला है।”

    नागरिकों की मांग

    प्रदर्शन कर रहे खरीदारों की साफ मांग है कि—

    • डेवलपर तुरंत कब्ज़े की स्पष्ट तारीख घोषित करे
    • निर्माण की गुणवत्ता की जांच हो
    • RERA और संबंधित सरकारी विभाग इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करें

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला किस इलाके का है?
    👉 मुंबई के कांदिवली पूर्व, समता नगर-ठाकुर गांव इलाके का।

    Q2. किस डेवलपर के खिलाफ प्रदर्शन हुआ?
    👉 एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के खिलाफ।

    Q3. कितने समय से खरीदार इंतज़ार कर रहे हैं?
    👉 करीब तीन साल से अधिक समय से।

    Q4. खरीदारों की मुख्य परेशानी क्या है?
    👉 फ्लैट कब्ज़ा न मिलना, EMI और किराए का दोहरा बोझ।

    Q5. खरीदारों ने किससे मदद मांगी है?
    👉 RERA प्रशासन और संबंधित सरकारी विभागों से।

  • BMC Election 2026: मतदान केंद्रों पर सुविधा और सख्ती, प्रचार सामग्री हटाने के सख्त निर्देश

    BMC Election 2026: मतदान केंद्रों पर सुविधा और सख्ती, प्रचार सामग्री हटाने के सख्त निर्देश

    BMC Election 2026 को लेकर मुंबई महानगरपालिका ने मतदान केंद्रों की सुविधाएं, स्टाफ प्लानिंग और प्रचार सामग्री हटाने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जानिए पूरी डिटेल।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शक बनाने के लिए मतदान केंद्रों की मूलभूत सुविधाओं, कर्मचारियों की तैनाती और चुनाव प्रचार खत्म होते ही बैनर-पोस्टर हटाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने साफ चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    BMC चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में 10 जनवरी 2026 को उप आयुक्तों और सहायक आयुक्तों की एक अहम समन्वय बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) अश्विनी जोशी ने की।
    बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि BMC चुनाव 2026 को पूरी तरह निर्भय, मुक्त और अनुशासित माहौल में संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर माइक्रो प्लानिंग की गई है।

    BMC-Election-2026-Convenience-and-strictness-at-polling-stations-strict-instructions-to-remove-promotional-material-news

    मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं पर खास जोर

    डॉ. अश्विनी जोशी ने निर्देश दिए कि सभी मतदान केंद्रों पर पानी, बिजली, साफ-सफाई, रैंप, बैठने की व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
    साथ ही मतदान केंद्र और उसके आसपास का परिसर साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

    4,500 स्वयंसेवकों की होगी तैनाती

    मतदान के दिन लगभग 4,500 स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाएगी।
    इन स्वयंसेवकों की मदद से:

    • मतदाताओं की लाइन मैनेजमेंट
    • भीड़ नियंत्रण
    • दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को सहयोग
      जैसे काम सुचारु रूप से किए जाएंगे।

    ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए पोस्टल वोटिंग

    मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के लिए CPS (Central Polling System) कार्यालय में पोस्टल बैलेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
    प्रशासन ने सभी पात्र कर्मचारियों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।

    प्रचार खत्म होते ही पोस्टर-बैनर हटाने का आदेश

    प्रचार का आधिकारिक समय 13 जनवरी 2026, शाम 5:30 बजे खत्म हो जाएगा।
    इसके बाद सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को:

    • बैनर
    • होर्डिंग
    • झंडे
    • प्रचार सामग्री
      तुरंत हटाने होंगे।
      डॉ. अश्विनी जोशी ने साफ कहा है कि देरी या अनदेखी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    फ्लाइंग स्क्वाड और स्टैटिक टीम रहेंगी एक्टिव

    चुनाव आचार संहिता के पालन के लिए:

    • Static Surveillance Team
    • Flying Squad Team
      को और अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
      किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

    मतदान के बाद EVM और सामग्री की सुरक्षा व्यवस्था

    मतदान के बाद EVM और चुनाव सामग्री को स्ट्रॉन्ग रूम तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्ट व्यवस्था तय कर दी गई है।
    इसमें पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और RTO के साथ समन्वय किया जाएगा।

    मतदान और मतगणना की तारीख

    • मतदान: गुरुवार, 15 जनवरी 2026
    • मतगणना: शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

    FAQ

    Q1. BMC चुनाव 2026 की मतदान तारीख क्या है?
    मतदान 15 जनवरी 2026 को होगा।

    Q2. प्रचार सामग्री कब तक हटानी होगी?
    13 जनवरी 2026 शाम 5:30 बजे के बाद तुरंत हटानी होगी।

    Q3. मतदान केंद्रों पर कौन-कौन सी सुविधाएं होंगी?
    पानी, बिजली, साफ-सफाई, रैंप और बैठने की व्यवस्था।

    Q4. चुनाव ड्यूटी वाले कर्मचारी कैसे वोट करेंगे?
    CPS कार्यालय में पोस्टल बैलेट के जरिए।

  • मुंबई में वोटर स्लिप का घर-घर वितरण शुरू, 15 जनवरी को मतदान

    मुंबई में वोटर स्लिप का घर-घर वितरण शुरू, 15 जनवरी को मतदान

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 के तहत मुंबई में 9 जनवरी से वोटर इंफॉर्मेशन स्लिप का घर-घर वितरण शुरू हो गया है। 15 जनवरी को मतदान होगा।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया के तहत मुंबई में आज यानी 9 जनवरी 2026 से वोटर इंफॉर्मेशन स्लिप (Voter Information Slip) का घर-घर वितरण शुरू हो गया है। यह स्लिप 15 जनवरी 2026 को होने वाले मतदान से पहले हर पात्र मतदाता तक पहुंचाई जाएगी। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) अश्विनी जोशी ने मुंबईकर मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी वोटर स्लिप प्राप्त करें और तय दिन पर अपने मतदान के अधिकार का जरूर इस्तेमाल करें।

    🗳️ 15 जनवरी को होगा मतदान

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका सार्वत्रिक निवडणूक 2025–26 के अंतर्गत गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को पूरे मुंबई शहर में मतदान कराया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए मतदाताओं को पहले से मतदान केंद्र की पूरी जानकारी देने के लिए वोटर इंफॉर्मेशन स्लिप का वितरण किया जा रहा है।

    इस स्लिप में मतदाता का नाम, पता, मतदाता सूची में क्रमांक, भाग संख्या, मतदान केंद्र का नाम और कक्ष (रूम) नंबर जैसी अहम जानकारियां दी गई हैं, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की परेशानी न हो।

    🏠 घर-घर पहुंचेगी वोटर स्लिप

    राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र के निर्देशों के अनुसार यह वोटर स्लिप मुंबई के सभी प्रशासनिक वार्डों में घनकचरा व्यवस्थापन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के जरिए वितरित की जा रही है। यह प्रक्रिया 9 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है।

    अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने खुद इस वितरण कार्य की समीक्षा की और निर्देश दिए कि किसी भी मतदाता को असुविधा न हो और तय समय में हर योग्य मतदाता तक स्लिप पहुंचे।

    👩‍💼 डॉ. अश्विनी जोशी का संदेश

    डॉ. (श्रीमती) अश्विनी जोशी ने कहा कि चुनाव से पहले वोटर स्लिप का वितरण एक बेहद जरूरी और वैधानिक प्रक्रिया है। इससे मतदान आसान होता है और मतदान प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिलती है।

    उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मुंबई के एक करोड़ से ज्यादा मतदाताओं तक यह जानकारी समय पर और सही तरीके से पहुंचाई जाए। इसके लिए बेहद सूक्ष्म, प्रभावी और सटीक योजना बनाई गई है।

    👥 किन अधिकारियों की रही मौजूदगी

    इस समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:

    • विशेष कार्य अधिकारी (चुनाव) श्री विजय बालमवार
    • सह आयुक्त (कर निर्धारण व संकलन) श्री विश्वास शंकरवार
    • उप आयुक्त (घनकचरा व्यवस्थापन) श्री किरण दिघावकर
    • सहायक आयुक्त श्री गजानन बेल्लाळे
    • 23 चुनाव निर्णय अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी

    📋 अधिकारियों को क्या निर्देश दिए गए

    • वोटर स्लिप सिर्फ मतदाता या परिवार प्रमुख को ही दी जाए
    • प्रभागनिहाय (वार्ड वाइज) स्लिप का वितरण सुनिश्चित किया जाए
    • गृहनिर्माण संस्थाओं, सामाजिक व गैर-सरकारी संगठनों से सहयोग लिया जाए
    • रोजाना वितरण की रिपोर्ट चुनाव मुख्य कार्यालय को भेजी जाए
    • किसी भी तरह की शिकायत की गुंजाइश न रहे

    🗓️ मतदान के दिन भी मिलेगी स्लिप

    अगर किसी कारणवश कोई मतदाता घर पर उपलब्ध नहीं रहता है, तो 15 जनवरी 2026 को मतदान केंद्र के बाहर BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) और महानगरपालिका कर्मचारी वोटर स्लिप उपलब्ध कराएंगे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मुंबई में मतदान कब है?
    ➡️ 15 जनवरी 2026 को।

    Q2. वोटर स्लिप का वितरण कब शुरू हुआ?
    ➡️ 9 जनवरी 2026 से।

    Q3. वोटर स्लिप में क्या जानकारी होती है?
    ➡️ मतदाता का नाम, क्रमांक, मतदान केंद्र और कक्ष संख्या।

    Q4. अगर घर पर स्लिप नहीं मिली तो क्या करें?
    ➡️ मतदान के दिन मतदान केंद्र पर BLO से स्लिप मिलेगी।

    Q5. वोटर स्लिप कौन वितरित कर रहा है?
    ➡️ बीएमसी के घनकचरा व्यवस्थापन और कर निर्धारण विभाग के कर्मचारी।

  • कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में अधूरा सड़क कंक्रीटीकरण बस यात्रियों के लिए खतरा बन गया है। बस स्टॉप पर सड़क एक फुट नीचे होने से बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी हो रही है।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में सड़क कंक्रीटीकरण का अधूरा काम अब आम यात्रियों के लिए परेशानी और खतरे की वजह बनता जा रहा है। एस.वी. रोड और सह्याद्री नगर के सामने वाली मुख्य सड़क पर कई व्यस्त बस स्टॉप हैं, लेकिन सड़क का आधा हिस्सा अब भी अधूरा होने से यात्रियों को बस पकड़ने के लिए सड़क के बीचों-बीच खड़े रहना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बुजुर्गों और महिलाओं को हर दिन “रस्सी पर चलने” जैसा जोखिम उठाना पड़ रहा है।

    अधूरी सड़क ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किल

    स्वामी विवेकानंद मार्ग, कांदिवली पुलिस थाना क्षेत्र और चारकोप सह्याद्री नगर मार्ग पर कंक्रीट सड़क का काम लंबे समय से जारी है। सड़क का एक हिस्सा कंक्रीट का बन चुका है, जबकि फुटपाथ से सटा हिस्सा करीब एक फुट नीचे रह गया है। इसी कारण बस स्टॉप पर खड़े होने की सुरक्षित जगह ही नहीं बची है।

    बैरिकेडिंग के बीच से निकलने को मजबूर यात्री

    सुरक्षा के नाम पर लोहे की बैरिकेडिंग तो लगाई गई है, लेकिन वही बैरिकेडिंग यात्रियों के लिए नई मुसीबत बन गई है। बस पकड़ने के लिए यात्रियों को संकरे रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां एक तरफ गहरा गड्ढा और दूसरी तरफ लोहे की रेलिंग है। हल्की सी चूक किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

    वरिष्ठ नागरिकों को सता रहा हादसे का डर

    बस स्टॉप पर रोजाना बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और छात्र आते-जाते हैं। ऊंचे-नीचे रास्ते और अधपकी कंक्रीट पर खड़े होकर बस का इंतजार करना खासकर बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि कई बार फिसलने की नौबत आ चुकी है।

    यातायात जाम की भी बन रही वजह

    यात्री अधूरे कंक्रीट वाले हिस्से पर खड़े रहते हैं, जिसके चलते बसों को सड़क के बीच रोकना पड़ता है। इससे न सिर्फ यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी होती है, बल्कि एस.वी. रोड पर अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन जाती है।

    तत्काल समाधान की मांग तेज

    स्थानीय नागरिकों और नियमित बस यात्रियों ने मांग की है कि बस स्टॉप के आसपास सड़क का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए, ताकि रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने की मजबूरी खत्म हो सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: कांदिवली पश्चिम में यात्रियों को परेशानी क्यों हो रही है?
    अधूरी कंक्रीट सड़क और ऊंचे-नीचे बस स्टॉप के कारण यात्रियों को सुरक्षित जगह नहीं मिल पा रही है।

    Q2: सबसे ज्यादा प्रभावित कौन हैं?
    वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और रोजाना बस से यात्रा करने वाले कर्मचारी।

    Q3: क्या प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है?
    फिलहाल केवल बैरिकेडिंग की गई है, जिसे यात्री अपर्याप्त मान रहे हैं।

    Q4: यात्रियों की मुख्य मांग क्या है?
    बस स्टॉप के पास सड़क का काम तुरंत पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए।

  • BMC चुनाव 2025–26: मतदान बढ़ाने के लिए SVEEP अभियान तेज

    BMC चुनाव 2025–26: मतदान बढ़ाने के लिए SVEEP अभियान तेज

    BMC चुनाव 2025–26 को लेकर मुंबई में SVEEP अभियान के तहत व्यापक मतदाता जागरूकता अभियान। सोशल मीडिया, रेडियो, थिएटर, फ्लैश मॉब और पथनाट्य के ज़रिये लोगों से 15 जनवरी को मतदान की अपील।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (bmc) चुनाव 2025–26 में अधिक से अधिक मतदाता अपने मतदान अधिकार का इस्तेमाल करें, इसके लिए महानगरपालिका की ओर से ‘मतदारों का सुनियोजित शिक्षण और चुनावी सहभाग’ यानी SVEEP अभियान को बड़े स्तर पर लागू किया गया है। 15 जनवरी 2026 को होने वाले मतदान को लेकर सोशल मीडिया से लेकर रेडियो, थिएटर, स्कूल, सोसायटी और सार्वजनिक स्थलों तक व्यापक जनजागृति अभियान चलाया जा रहा है।

    🏛️ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तैयार हुआ एक्शन प्लान

    महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने 12 जून 2025 को मतदाता जागरूकता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके अनुसार बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने एक विस्तृत और योजनाबद्ध कार्य योजना तैयार की है।
    इस योजना को महानगरपालिका आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भूषण गगराणी के नेतृत्व और अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में लागू किया जा रहा है।

    🗳️ 15 जनवरी 2026 को होगा मतदान

    बीएमसी चुनाव 2025–26 के तहत
    गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को
    सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक
    मतदान कराया जाएगा।

    इस चुनाव में मुंबई के 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार 315 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।

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    📢 हर माध्यम से मतदाता तक पहुंचने की कोशिश

    मतदाता जागरूकता के लिए महानगरपालिका ने सभी प्रभावी माध्यमों का उपयोग शुरू किया है—

    • डिजिटल होर्डिंग्स
    • 24 नागरिक सुविधा केंद्रों की स्क्रीन
    • मध्य व पश्चिम रेलवे, मेट्रो
    • छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
    • सीएसएमटी स्टेशन
    • MMRDA और MSRDC के डिजिटल प्लेटफॉर्म

    इसके साथ ही @mybmc सोशल मीडिया हैंडल पर रोज़ाना मतदान से जुड़े संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।

    🎒 स्कूलों से घर तक मतदान का संदेश

    महानगरपालिका स्कूलों के ज़रिये
    15 जनवरी 2026 को मैं जरूर मतदान करूंगा
    इस आशय के 1 लाख संकल्प पत्र छात्रों के माध्यम से अभिभावकों तक पहुंचाए गए हैं।

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    इसके अलावा—

    • निबंध प्रतियोगिता
    • चित्रकला प्रतियोगिता
    • प्रभात फेरी
    • NSS के ज़रिये रैली और पथनाट्य

    जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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    🚛 स्वच्छता वाहनों और सरकारी दफ्तरों से भी अपील

    • करीब 1300 स्वच्छता वाहनों पर पोस्टर और स्टिकर
    • लाउडस्पीकर के ज़रिये मतदान संदेश
    • 24 विभागीय कार्यालयों और सरकारी दफ्तरों में
      मराठी, हिंदी और अंग्रेज़ी में मतदाता शपथ

    🏢 सोसायटी नोटिस बोर्ड पर मतदान जानकारी

    गृह निर्माण संस्थाओं के सहयोग से—

    • मतदान की तारीख और समय
    • आवश्यक पहचान पत्र
      की जानकारी सोसायटी के सूचना फलक पर लगाई जा रही है।
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    📸 सेल्फी पॉइंट बना आकर्षण

    • बीएमसी मुख्यालय
    • गेटवे ऑफ इंडिया
    • चेंबूर का डायमंड गार्डन
    • 24 विभागीय कार्यालय

    यहां सेल्फी पॉइंट बनाकर लोकतंत्र और मतदान का संदेश दिया जा रहा है।

    🎬 सिनेमा हॉल और थिएटर में भी जागरूकता

    मुंबई के

    • 62 सिनेमाघरों
    • 200 स्क्रीन

    पर 30 सेकंड की मतदान जागरूकता फिल्म दिखाई जा रही है।
    इसके अलावा थिएटर और रेडियो चैनलों पर भी जिंगल प्रसारित हो रहे हैं।

    📻 रेडियो और सोशल मीडिया पर ‘माझं मत, नॉट फॉर सेल’

    माझं मत, नॉट फॉर सेल’ टैगलाइन के तहत
    मतदान को प्रलोभन से दूर रखने का संदेश दिया जा रहा है।
    कई नामचीन व्यक्तित्व भी वीडियो संदेशों के ज़रिये मतदाताओं से अपील कर रहे हैं।

    💃 फ्लैश मॉब और पथनाट्य से सीधा संवाद

    रेलवे स्टेशन, मॉल, चौपाटी जैसे
    25 भीड़भाड़ वाले स्थानों पर फ्लैश मॉब आयोजित किए जा रहे हैं।
    पहली बार वोट देने वाले युवाओं को मतदान प्रक्रिया समझाई जा रही है।
    पारंपरिक पथनाट्य के ज़रिये तारीख, समय और जरूरी दस्तावेज़ों की जानकारी दी जा रही है।

    🗣️ मतदान की अपील

    अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने नागरिकों से अपील की है कि
    वे 15 जनवरी 2026 को बिना किसी डर या प्रलोभन के मतदान करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव की तारीख क्या है?
    15 जनवरी 2026।

    Q2. मतदान का समय क्या रहेगा?
    सुबह 7.30 से शाम 5.30 बजे तक।

    Q3. SVEEP अभियान का उद्देश्य क्या है?
    मतदाताओं को जागरूक करना और मतदान प्रतिशत बढ़ाना।

    Q4. किन माध्यमों से जागरूकता की जा रही है?
    सोशल मीडिया, रेडियो, थिएटर, स्कूल, फ्लैश मॉब, पथनाट्य और डिजिटल प्लेटफॉर्म।

  • ठाकरे गुट मजबूत, शिंदे को चुनाव से पहले बड़ा झटका

    ठाकरे गुट मजबूत, शिंदे को चुनाव से पहले बड़ा झटका

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांदिवली और गोरेगांव से कई पदाधिकारी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल हो गए।

    मुंबई: महानगरपालिका चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को बड़ा झटका देते हुए मुंबई के कई पदाधिकारी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट में शामिल हो गए हैं। इन नेताओं ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा जताया है, जिससे ठाकरे गुट को मजबूती मिली है।

    महानगरपालिका चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी

    राज्य में मुंबई, ठाणे समेत अन्य महानगरों के चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सभी प्रमुख दलों ने प्रचार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। टिकट वितरण और नामांकन को लेकर असंतोष भी सामने आ रहा है, जिसके चलते दल-बदल का सिलसिला तेज हो गया है।

    कांदिवली से शिंदे गुट को बड़ा नुकसान

    मुंबई नगर निगम चुनाव में शिवसेना ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। इसी बीच कांदिवली पूर्व के वार्ड नंबर 28, हनुमान नगर से शिंदे गुट के कई पदाधिकारी ठाकरे गुट में शामिल हो गए हैं। इसे शिंदे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

    इन प्रमुख पदाधिकारियों ने थामा ठाकरे का हाथ

    शिंदे गुट से टूटकर ठाकरे गुट में शामिल होने वालों में शामिल हैं:

    • महिला शाखा आयोजक अश्विनी पवार
    • उपशाखा प्रमुख भरत पाटिल
    • उपशाखा प्रमुख विनोद गुर्जर
    • उपशाखा प्रमुख विजय यादव
    • उपशाखा प्रमुख गणेश खंडारे
    • उपशाखा प्रमुख महेश शर्मा
    • उपशाखा प्रमुख सुधाकर पाटिल

    इन सभी ने मातोश्री में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में प्रवेश किया।

    मातोश्री में हुआ औपचारिक स्वागत

    इस मौके पर विभाग प्रमुख संतोष राणे, उपशाखा प्रमुख प्रशांत कोकाने समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। उद्धव ठाकरे ने सभी को शिवबंधन बांधकर पार्टी में शामिल किया और आगामी चुनावों के लिए शुभकामनाएं दीं।

    कांग्रेस को भी लगा झटका

    शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल होने का सिलसिला यहीं नहीं रुका। कांग्रेस मुंबई के महासचिव अनिल शर्मा और गोरेगांव वार्ड नंबर 50 से टीना शर्मा भी ठाकरे गुट में शामिल हो गए। इससे कांग्रेस को भी चुनाव से पहले बड़ा नुकसान हुआ है।

    कई बड़े नेता रहे मौजूद

    इस अवसर पर शिवसेना सचिव व विधायक मिलिंद नरवेकर, संभागीय प्रमुख संतोष राणे, गोरेगांव विधानसभा संयोजक राजू पाध्ये, मलाड विधानसभा प्रमुख कैलाश कांसे और उप-संभागीय प्रमुख दिनेश राव मौजूद थे।

    राजनीतिक विश्लेषण

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रहे दल-बदल से शिंदे गुट की चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है। वहीं ठाकरे गुट को इसका सीधा फायदा मिलने की संभावना है, खासकर मुंबई महानगरपालिका चुनाव में।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. किन नेताओं ने ठाकरे गुट जॉइन किया है?
    कांदिवली और गोरेगांव से कई शिंदे गुट और कांग्रेस पदाधिकारी शामिल हुए हैं।

    Q2. यह घटनाक्रम किस चुनाव से जुड़ा है?
    मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले यह बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है।

    Q3. क्या इससे शिंदे गुट को नुकसान होगा?
    राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इससे शिंदे गुट की स्थिति कमजोर हो सकती है।

  • BMC चुनाव 2026: Gateway of India और BMC मुख्यालय पर SVEEP सेल्फी पॉइंट से मतदाता जागरूकता

    BMC चुनाव 2026: Gateway of India और BMC मुख्यालय पर SVEEP सेल्फी पॉइंट से मतदाता जागरूकता

    BMC Election 2025-26 के तहत SVEEP अभियान को तेज किया गया है। Gateway of India और BMC मुख्यालय पर सेल्फी पॉइंट और सेल्फी बूथ लगाकर मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 के मद्देनज़र मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने नए और आकर्षक तरीके अपनाए हैं। ‘मतदारांचे सुनियोजित शिक्षण आणि निवडणूक सहभाग (SVEEP)’ अभियान के तहत Gateway of India और BMC मुख्यालय के सामने विशेष रूप से सेल्फी पॉइंट और सेल्फी बूथ तैयार किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों तक मतदान का संदेश पहुंचाया जा रहा है।

    SVEEP अभियान के तहत व्यापक जनजागृति

    BMC चुनाव के लिए मतदाता सहभाग बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से SVEEP अभियान के अंतर्गत नागरिकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि मतदान सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।

    सेल्फी पॉइंट जैसे इनोवेटिव माध्यमों के जरिए खासकर युवाओं को मतदान के प्रति आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।

    Bmc Election news

    Gateway of India पर खास सेल्फी पॉइंट

    मुंबई के प्रमुख पर्यटन स्थल Gateway of India पर महानगरपालिका उद्यान विभाग की ओर से एक आकर्षक सेल्फी पॉइंट सजाया गया है। यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटक और स्थानीय नागरिक इस सेल्फी पॉइंट पर फोटो लेकर सोशल मीडिया के जरिए मतदान जागरूकता का संदेश फैला रहे हैं।

    इस पहल से चुनावी जनजागरण को व्यापक स्तर पर पहचान मिल रही है।

    BMC मुख्यालय के सामने सेल्फी बूथ

    इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय के सामने भी SVEEP अभियान के तहत सेल्फी बूथ स्थापित किया गया है। यहां आने वाले नागरिक, कर्मचारी और राहगीर सेल्फी लेकर मतदान से जुड़े संदेशों को साझा कर रहे हैं।

    प्रशासन का मानना है कि इस तरह के विज़ुअल और इंटरैक्टिव माध्यमों से मतदाता शिक्षा अधिक प्रभावी होती है।

    युवाओं और नए मतदाताओं पर खास फोकस

    SVEEP अभियान का मुख्य उद्देश्य:

    • नए मतदाताओं को प्रेरित करना
    • मतदान प्रतिशत बढ़ाना
    • लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहभाग बढ़ाना

    सेल्फी पॉइंट जैसी पहल युवाओं को जोड़ने में मदद कर रही है, जो सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।

    लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल

    BMC प्रशासन का कहना है कि चुनाव तभी सफल माना जाएगा, जब हर योग्य मतदाता मतदान करे। इसी सोच के साथ शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।


    FAQ Section

    ❓ SVEEP अभियान क्या है?

    ➡️ SVEEP यानी मतदाता शिक्षा और चुनावी सहभाग बढ़ाने का अभियान।

    ❓ सेल्फी पॉइंट कहां लगाए गए हैं?

    ➡️ Gateway of India और BMC मुख्यालय के सामने।

    ❓ इसका उद्देश्य क्या है?

    ➡️ मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक और प्रेरित करना।

    ❓ किन लोगों पर खास ध्यान दिया जा रहा है?

    ➡️ युवाओं और नए मतदाताओं पर।

  • BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025-26 के नामांकन में बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी में परिवारवाद हावी नजर आ रहा है। नेताओं के बेटे-बेटी, पत्नी और रिश्तेदारों को टिकट, पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन की आखाे-सीमा खत्म होने से ठीक पहले राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की सूचियां जारी करना शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार टिकट वितरण में एक बार फिर परिवारवाद छाया हुआ है। बीजेपी, शिवसेना (UBT), कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी ने सांसदों, विधायकों और पूर्व नगरसेवकों के बेटे-बेटी, पत्नी, भाई-बहन और रिश्तेदारों को मैदान में उतार दिया है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

    नामांकन में ‘परिवार पहले’ की राजनीति

    बीएमसी के 227 वार्डों के लिए जैसे-जैसे नाम सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि इस चुनाव में भी राजनीतिक विरासत को प्राथमिकता दी गई है।
    कई ऐसे नेता हैं जिन्होंने सालों तक पार्टी के लिए काम किया, लेकिन टिकट ऐन मौके पर नेताओं के परिजनों को दे दिया गया।

    BMC-Elections-2025-Nepotism-dominates-ticket-distribution-old-party-workers-take-a-back-seat-aslam-shaikh

    बीजेपी की सूची में रिश्तेदारों की भरमार

    बीजेपी ने भी इस बार कई चर्चित नामों को दोहराया है—

    • आकाश पुरोहित, पूर्व विधायक राज पुरोहित के बेटे
    • नील सोमैया, पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बेटे
    • संगीता शर्मा, पूर्व नगरसेवक द्यानमूर्ति शर्मा की पत्नी
    • मकरंद नरवेकर, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नरवेकर के भाई (वार्ड 226, कोलाबा)
    • हर्षिता नरवेकर, राहुल नरवेकर की बहन (वार्ड 227)

    दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी सांसद धनंजय महाडिक ने हाल ही में बयान दिया था कि पार्टी सांसदों और विधायकों के बच्चों या जीवनसाथियों को टिकट नहीं देगी, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है।

    शिवसेना (UBT) में भी परिवारवाद जारी

    उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) भी इस ट्रेंड से अछूती नहीं रही—

    • अंकित प्रभु, विधायक सुनील प्रभु के बेटे (गोरेगांव, वार्ड 54)
    • सुप्रदा फातरपेकर, पूर्व विधायक प्रकाश फातरपेकर की बेटी (चेंबूर, वार्ड 150)
    • सोनम जमसुतकर, विधायक मनोज जमसुतकर की पत्नी (वार्ड 210)
    • विठ्ठल लोकरें और उनकी पत्नी सुनंदा लोकरें (मानखुर्द-शिवाजीनगर)
    • जिशान मुल्तानी, पूर्व नगरसेवक चेंजेज मुल्तानी के बेटे
    • सबा हारून खान, विधायक हारून खान की बेटी
    BMC-Elections-2025-Nepotism-dominates-ticket-distribution-old-party-workers-take-a-back-seat-news

    अजित पवार गुट की NCP और कांग्रेस भी पीछे नहीं

    • एनसीपी (अजित पवार गुट) ने विधायक नवाब मलिक के परिवार से उनके भाई कैप्टन मलिक, बहन डॉ. सईदा खान और बुशरा परवीन मलिक को टिकट दिया है।
    • कांग्रेस ने मालाड पश्चिम के वार्ड 34 से विधायक असलम शेख के बेटे हैदर अली शेख को मैदान में उतारा है।

    BMC चुनावी टिकट न मिलने से पार्टी छोड़ने की होड़

    टिकट बंटवारे से नाराज कई पुराने नगरसेवक अब पार्टी बदलने लगे हैं—

    • एमएनएस नेता स्नेहल जाधव ने दादर से टिकट न मिलने पर इस्तीफा दे दिया, उनके शिंदे गुट में जाने की चर्चा है।
    • शरद पवार गुट की मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं और घाटकोपर से टिकट मिलने की संभावना है।

    बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) का सीट शेयरिंग फॉर्मूला

    बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना इस बार साथ मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगी—

    • बीजेपी: लगभग 128 सीटें
    • शिवसेना (शिंदे): लगभग 79 सीटें
    • बाकी सीटों पर स्थानीय समीकरणों के आधार पर फैसला होगा

    हालांकि दोनों दल अपनी-अपनी सूची अलग-अलग जारी कर सकते हैं।

    ये पूर्व नगरसेवक भी मैदान में

    • किशोरी पेडणेकर, पूर्व मेयर (शिवसेना UBT) – वार्ड 199
    • तेजस्वी गोसालकर, अब बीजेपी से – वार्ड 2 (दहिसर)
    • विनोद मिश्रा, पूर्व बीजेपी नगरसेवक – मालाड
    • रवि राजा, पूर्व कांग्रेस नेता, अब बीजेपी से – वार्ड 185

    बीएमसी चुनाव में परिवारवाद क्यों बना मुद्दा?

    मुंबई जैसे महानगर में बीएमसी सिर्फ नगर निगम नहीं, बल्कि देश की सबसे अमीर नगरपालिका है। ऐसे में टिकट वितरण में पारदर्शिता और जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देना हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इस बार भी वही सवाल उठ रहा है—क्या जनता नाम देखकर वोट देगी या काम देखकर?


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025 में परिवारवाद क्यों चर्चा में है?
    क्योंकि लगभग सभी प्रमुख दलों ने नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट दिया है।

    Q2. सबसे ज्यादा परिवारवाद किस पार्टी में दिखा?
    बीजेपी, शिवसेना (UBT), एनसीपी (अजित पवार) और कांग्रेस—चारों में यह ट्रेंड देखने को मिला।

    Q3. टिकट न मिलने से किसे नुकसान हो सकता है?
    पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं को, जो अब पार्टी छोड़ने या बगावत की राह पर हैं।

    Q4. क्या इससे चुनावी नतीजों पर असर पड़ेगा?
    संभावना है, क्योंकि मुंबई के कई इलाकों में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की पकड़ अहम होती है।