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  • गुरुवार को है 12 रबी उल अव्वल, शुक्रवार को मनाया जायेगा मुंबई में जश्न और निकाले जाएंगे जलूस

    गुरुवार को है 12 रबी उल अव्वल, शुक्रवार को मनाया जायेगा मुंबई में जश्न और निकाले जाएंगे जलूस

    मुंबई पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के मद्दे नज़र मुंबई के मुसलामानों ने गुरुवार की जगह शुक्रवार को ईद मिलाद उन नबी का जलूस निकालने का फैसला किया है। हालांकि मुंबई पुलिस गुरुवार 28 सितंबर गणेश विसर्जन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बंदोबस्त में व्यस्त है।

    ईस्माइल शेख
    मुंबई
    – 2023 भारत में इस्लामिक कलैंडर के मुताबिक, 28 सितंबर गुरुवार के दिन 12 रबी उल अव्वल का दिन है। जो हमेशा की तरह इस साल भी मुसलमान भाइयों द्वारा ईद मिलाद उन नबी का जलूस निकाला जाना है। लेकिन मुंबई में इस समय गणेशोत्सव का त्यौहार मनाया जा रहा है। ऐसे में मुंबई पुलिस के लिए सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम करना मुश्किल हो सकता था। इसको लेकर मुंबई पुलिस ने लोकल स्तर पर हर पुलिस स्टेशन में मोहल्ला कमिटी के जरिये मीटिंग बुलाई और जलूस के साथ गणेश विसर्जन में होनेवाली दिक्कतों को समझाने की कोशिश की। इसपर मुंबई भर के मुसलमान भाइयों ने 12 रबी उल अव्वल के बदले ईद मिलादुन नबी का जलूस 13 रबी उल अव्वल के दिन यानी 28 सितंबर गुरुवार की जगह 29 सितंबर शुक्रवार की नमाज़ के बाद निकालने का फैसला किया है।

    ईद मिलाद उन नबी का जश्न ..

    ईद मिलाद उन नबी को इस्लामी पैगंबर मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन के रूप में जाना जाता है। ईद मिलाद उन नबी हर साल रबी उल अव्वल 12 की इस्लामी तारीख के महीने में मनाया जाता है। हिजरी कैलेंडर में, रबी उल अव्वल तीसरे महीने का नाम ह। रबी उल अव्वल महीने के 12वें तारीख को मिलादुन्नबी का त्यौहार मनाया जाता ह।

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    रबी उल अव्वल महीने का चांद 16 सितंबर 2023 को देखा गया है. यानी कि 17 सितंबर 2023 को रबी उल अव्वल महीने की 1 तारीख थी। इस हिसाब से रबी उल अव्वल महीने का 12वीं तारीख 28 सितंबर 2023 को है। मीलाद उन-नबी अरबी शब्द है। भारत में उर्दू जानने वाले ईद मीलाद-उन-नबी भी कहते हैं। इस्लाम के आखरी पैगंबर हज़रत मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (आपका) का जन्म से जुड़ा हुआ है। आपका जन्म 8 जून, 570 ईसवी को मक्काह (सऊदी अरब) में हुआ था। आपके पिता का नाम अब्दुल्लाह व माता का नाम बीबी आमिनाह है। आपका इंतकाल 62 साल की उम्र में 8 जून 632 ई। को मदीना, सऊदी अरब हुआ था। इसके साथ ही आप को यह भी बतादें कि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार आपका जन्म और दुनिया से पर्दा फरमाने का दिन 8 ही जून को हुआ था।

    मुसलमानों के लिए यह एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। जिसमें लोग पैगंबर के बताए गए रास्ते को याद करते हैं। इस्लाम का सबसे पवित्र ग्रंथ कुरान तिलावत किया जाता है और इस दिन खास दुआओं का भी हर घर में इंतज़ाम किया जाता है। इस समय इस्लामिक कलैंडर के मुताबिक 1445 हिजरी का तीसरा महीना रबी उल अव्वल चल रहा है। इस्लाम में कई ऐसी इस्लामिक घटनाएं हैं जिनका अपना-अपना महत्व है। हालाँकि, ईद मिलाद उन नबी भी इस्लाम में सबसे पवित्र आयोजन में से एक है। हर साल, भारत में मुसलमान इस आयोजन के संबंध में विशेष व्यवस्था करते हैं। वे भारत में 12 रबी उल अव्वल की निश्चित तारीख के बारे में जानने और उसके अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाने के लिए चंद्रमा के दिखने का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

    इस विशिष्ट दिन पर, लोग अपने पवित्र पैगंबर मुहम्मद के सम्मान में विशेष रैलियाँ और जुलूस आयोजित करते हैं। इस ख़ास जलूस में अक्सर पैगंबर की सुन्नत के अनुसार हरे रंग की पगड़ी पहनते हैं और हरे झंडे लेकर चलते हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि पैगंबर मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का हरा पसंदीदा रंग है। माना जाता है कि पैगंबर मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पहले की दुनिया गुमनामी में खो गई थी। लोगों के अपने-अपने निजी देवी-देवता थे और लोग पाप में थे। हालाँकि, पैगंबर आए और लोगों को इस्लाम धर्म दिया।

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    मिलाद उन-नबी एक इस्लामी अवकाश है जो पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन को मनाता है। यह इस्लामिक महीने रबी अल-अव्वल के 12 वें दिन मनाया जाता है। पैगंबर मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मानवता का मार्गदर्शन करने के लिए ईश्वर द्वारा भेजे गए अंतिम पैगंबर थे। मिलाद उन-नबी उनके जीवन और शिक्षाओं को याद करने का समय है। यह विशेष प्रार्थनाओं और उपदेशों के साथ-साथ भोजन और उपहारों के साथ मनाया जाता है। कई मुसलमानों के लिए मिलाद उन-नबी साल की सबसे महत्वपूर्ण छुट्टियों में से एक है। ईद मिलाद-उन-नबी मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए पैगंबर मुहम्मद के जीवन और उनके विचारों को याद करने और उनका सम्मान करने का एक अवसर है. माना जाता है कि यह उत्सव इस्लाम के शुरुआती दिनों में शुरू हुआ था जब लोग इकट्ठा होते थे और पैगंबर के सम्मान में कवितायें (नात शरीफ) पढ़ा करते थे जो आज भी जारी है।

  • पिछले चार सालों से रद्द परीक्षा की फीस वापस नहीं की जा रही है।

    पिछले चार सालों से रद्द परीक्षा की फीस वापस नहीं की जा रही है।

    • जिला परिषद भर्ती 2019 रद्द, भर्ती प्रक्रिया के उम्मीदवार असमंजस में,
    • किससे करें परीक्षा फीस वापसी की अपील?
    • Maharashtra Government Job

    इस्माइल शेख
    मुंबई
    – पिछले दिनों साल 2019 जिला परिषद की भर्ती रद्द कर दी गई थी। उस पद के लिए लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। उस समय उम्मीदवारों द्वारा भरा गया परीक्षा शुल्क हलाकि ग्रामीण विकास विभाग ने चार साल बाद फीस वापस करने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए जारी लिंक में उम्मीदवारों को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब तकनीकी दिक्कतों से परेशान अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि फीस वापसी के लिए किसके पास अपील करें। इसके लिए प्रतियोगिता परीक्षा समन्वय समिति ने ग्रामीण विकास मंत्री गिरीश महाजन को पत्र लिखकर सवाल उठाए हैं। (Maharashtra Government Job News)

    मार्च 2019 में जिला परिषद के अंतर्गत 13 हजार 521 पदों पर सीधी सेवा भर्ती की घोषणा की गई थी। उसके लिए 12 लाख 72 हजार 319 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। अब इस भर्ती प्रक्रिया के रद्द होने से उस परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की फीस वापसी का सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि, राज्य सरकार ने शुल्क की राशि जिला परिषदों को दे दी है। इस बीच, जिला परिषद की ओर से अभ्यर्थियों के लिए जानकारी भरने के लिए एक वेबसाइट खोली गई है। (Maharashtra Government Job News)

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    Government Job,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    Government Job वास्तव में क्या है समस्या ?

    पहले जिला परिषद की इस वेबसाइट पर केवल उपयोगकर्ता का नाम दर्ज करने पर लॉगइन करने की सुविधा थी। हालाँकि, कई लोगों को अपना आधार नंबर दर्ज करके लॉगइन करने की सुविधा दी गई क्योंकि उन्हें अपना उपयोगकर्ता नाम नहीं पता था। तो अब आधार नंबर डालकर लॉगइन करने के बाद फीस रिफंड आवेदन भरना होगा। आवेदन जमा करते समय मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करना होता है, लेकिन मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त नहीं होने के कारण लाखों उम्मीदवारों का आवेदन जमा नहीं हो पाया है। सवाल यह उठा है कि कुछ उम्मीदवारों का विवरण आधार नंबर डालने के बाद भी नहीं आया है, उनका क्या? (Maharashtra Government Job News)

    क्या हैं मांगें…

    ओटीपी न मिलना, आवेदन जमा न होना जैसी कई तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। लॉगइन करने के बाद उम्मीदवार द्वारा भरे गए सभी आवेदनों की कुल सूची लॉगइन के बाद पेज पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे उम्मीदवार को पूरी फीस रिफंड तुरंत मिल जाएगी। यदि वेबसाइट के माध्यम से शुल्क वापसी ठीक से नहीं की जाती है, तो ग्रामीण विकास विभाग को प्रत्येक जिला परिषद को स्थानीय स्तर पर शुल्क वापसी के लिए एक और तरीका प्रदान करना चाहिए। (Maharashtra Government Job News)

    इस संबंध में प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति के अध्यक्ष राहुल कावठेकर ने कहा, कि जिला परिषद की भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों से ली गयी हजारों रुपये की फीस का हिस्सा उन्हें नहीं मिले तो वे क्या करें? सरकार को इन उम्मीदवारों को राहत देनी चाहिए जो पहले ही अपनी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण नौकरी के लिए परीक्षा दे रहे हैं। (Maharashtra Government Job News)

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    अभ्यर्थियों में असमंजस

    एक उम्मीदवार ने 2019 में विभिन्न जिलों के लिए 10 पदों के लिए करीब ढाई हजार रुपये से लेकर सात-आठ हजार रुपये तक फीस का भुगतान किया है। ऐसे में स्थिति यह उत्पन्न हो गई है, कि उन्हें लॉगइन में केवल पांच आवेदन ही दिख रहे हैं, जिसका मतलब है कि उम्मीदवार को अन्य पदों के लिए रिफंड शुल्क नहीं मिलेगा। (Maharashtra Government Job News)

  • Mumbai Airport: एक ही दिन 250 फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी; असली कारण क्या है?

    Mumbai Airport: एक ही दिन 250 फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी; असली कारण क्या है?

    Mumbai Airport पर एक ही दिन में 250 से अधिक फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी। एयरपोर्ट संचालन ने दी इसकी सूचना।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक ही दिन में एक या दो नहीं, बल्कि 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जाएंगी. कुछ फ्लाइट के समय में बदलाव किया जाएगा. रनवे 17 अक्टूबर को बंद रहेंगे।

    मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (Mumbai Airport) व्यस्त हवाई अड्डा है। इस हवाई अड्डे से लाखों यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा करनी होती है। तो ये खबर बेहद अहम है।

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    Mumbai Airport,
    मुंबई एयरपोर्ट रनवे की पहली तस्वीर

    Mumbai Airport मरम्मत कार्य ..

    रखरखाव कार्य के लिए मुंबई हवाई अड्डे (Mumbai Airport) का रनवे 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। इसके चलते करीब 250 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित की जा सकती हैं। इसकी जानकारी यात्रियों को मिलेगी।

    विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा के लिए मानसून से पहले और बाद में रनवे (Runway) की मरम्मत की जाती है। यह काम मानसून से पहले किया गया था। अब बरसात के बाद मरम्मत कार्य कराया जाएगा। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली ‘मियां’ कंपनी ने इस संबंध में जानकारी दी है।

    17 अक्टूबर को रखरखाव कार्य के कारण रनवे सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा। इससे पहले 18 अक्टूबर 2022 को मरम्मत की गई थी। फिर इस साल यह काम मानसून से पहले ही पूरा कर लिया गया। अब बरसात खत्म होने के बाद अगले माह मरम्मत कार्य कराया जाएगा।

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  • अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    • महाराष्ट्र सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महासमुद्र जैसी है मुंबई की महानगर पालिका ! यहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जो पकड़ा गया चोर, नही कार्यवाही हुई तो वह ईमानदार। यही सिलसिला दशकों से चल रहा है। सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जा कर मकान और इमारतें बनवाने, मनपा अधिकारियों द्वारा संरक्षण देकर धन कमाने का काम अवैध गति से चलता रहता है।

    एक ऐसे ही भ्रष्टाचार के प्रमाणित होने के मामले में बम्बई हाईकोर्ट (Bombay High court) ने सोमवार को अवैध निर्माणों को लेकर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय से अवैध निर्माण हो रहे हैं, लेकिन अब इस रवैये को बदलने का वक्त आ गया है, कि इस तरह के ढांचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, कि ‘क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का कोई समाधान है?’ हाईकोर्ट ने कहा, “अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा।”

    अवैध निर्माणों पर Bombay HC ने लिया संज्ञान..

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति कमल खाटा की खंड पीठ ने कहा, कि एक अदालत के रूप में वह अब यह संदेश देना चाहती है, कि इस तरह के अवैध निर्माण नहीं होने दिये जाएंगे। पीठ ने पिछले महीने नवीं मुंबई में चार मंजिला एक अनधिकृत आवासीय इमारत के मुद्दे का स्वत: संज्ञान लिया था। इमारत के 29 फ्लैट में से 23 में लोग रह रहे हैं। पांच में ताला लगा हुआ है जबकि एक खाली है।

    Bombay,
    Bombay high court के भीतर की तस्वीर

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    बम्बई उच्च न्यायालय ने चिंता जताते हुए कहा, कि 23 फ्लैटों को लेने वाले लोगों को यह कहते हुए इसे खरीदने के लिए मनाया गया कि कुछ नहीं होगा। हाईकोर्ट ने कहा, अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा। पीठ ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा, कि स्थिति की गंभीरता इतनी है कि इमारत में बिजली और पानी का कनेक्शन अवैध रूप से लिया गया है।

    मा.न्यायालय ने कहा बिना देर किए कार्रवाई होनी चाहिए। न्यायपीठ ने कहा, कि कई बार लोग दीवानी अदालतों का रुख करते हैं और नगर निकाय अधिकारियों की प्रस्तावित कठोर कार्रवाई के खिलाफ स्थगन आदेश जारी करने का अनुरोध करते हैं। न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, इसे रोके जाने की जरूरत है। हमारा मानना है, कि हमें बगैर कोई देर किये कार्रवाई करनी होगी। “मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि हमारी जानकारी रहने पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।” ऐसी चीजें अधिकतर निचली अदालतों के चलते होती हैं। धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो जाती हैं।

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    न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, हमें खुद से कुछ कड़े सवाल करने होंगे। इस नवी मुंबई की इमारत के मामले में नियमों का घोर उल्लंघन हुआ है।हाईकोर्ट ने कहा कि वह महाराष्ट्र सरकार से यह जवाब चाहता है, कि क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का उसके पास किसी तरह का समाधान है अदालत ने कहा, ‘हम उस स्थिति पर विचार नहीं कर सकते, जहां सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो गई है।’

    पीठ ने अदालत के अधिकारी को जमीन और चार मंजिला इमारत का कब्जा लेने का निर्देश दिया तथा बिल्डर और इमारत के 23 फ्लैट में रह रहे लोगों को नोटिस जारी करने का आदेश किया है। पीठ ने नवीं मुंबई स्थित इमारत के मामले की सुनवाई की अगली तारीख 4 अक्टूबर मुकर्रर की है।

  • महाराष्ट्र: गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी: एकनाथ शिंदे

    महाराष्ट्र: गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी: एकनाथ शिंदे

    • Ganesh utsav 2023: एक Permission
    • मुख्यमंत्री अध्यक्षता में अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
    • आने वाले वर्षों के लिए बेहतर योजना…
    • जमीन नाममात्र का किराया रु. 100/

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऐसी अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से उन उत्कृष्ट गणेशोत्सव मंडलों को राहत मिली है जिन्होंने सभी नियमों, कानूनों का पालन किया है और पिछले दस वर्षों में कोई शिकायत नहीं थी। साथ ही वे आने वाले वर्षों के लिए बेहतर योजना बना सकेंगे। (Ganesh utsav 2023 Permission)

    Ganesh utsav 2023 एक Permission ..

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वश्रेष्ठ गणेशोत्सव मंडलों को प्रोत्साहित करने के लिए अगले पांच साल के लिए एक बार अनुमति देने की मांग की गई। इस दौरान एक याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा दिये गये निर्देश की ओर भी ध्यान दिलाया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देश के अनुरूप नगर विकास विभाग ने सरकारी निर्णय की घोषणा कर दी है। इस निर्णय के अनुसार, सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को 19 सितंबर, 2023 से शुरू होने वाले गणेशोत्सव में अगले पांच वर्षों के लिए सरकारी नियमों और कानूनों का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ गणेशोत्सव मंडलों को अनुमति देने के लिए कार्रवाई करनी होगी। (Ganesh utsav 2023 Permission)

    Ganesh utsav, Permission, 2023
    महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी की तैयारी की तस्वीर

    नियमानुसार ..

    महानगरपालिकाएं, नगरपरिषदों व ग्राम पंचायतों की जमीन नाममात्र का किराया रु. 100/ गणेशोत्सव या अन्य उत्सव मंडलों से जमा कराएंगी। साथ ही, उत्सव मंडलों को त्योहार के लिए समय-समय पर निर्धारित सरकारी निर्णयों और आदेशों के अनुसार नियम और शर्तों का पालन करना होगा। बोर्डों को स्थानीय पुलिस स्टेशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा और ऑनलाइन माध्यम से संबंधित स्थानीय निकायों को अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। (Ganesh utsav 2023 Permission)

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  • सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    • जाति प्रमाणपत्र के लिए राष्ट्रीय दस्तावेज होने जरूरी….!
    • न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने हेतु सरकार ने दी मंजूरी

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा में मराठा कुनबी समुदाय, कुनबी मराठा समुदाय को जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें कई कागजात साक्ष्य के रूप में मान्य होंगे, निजाम काल के अनिवार्य साक्ष्य, वंशावली, शैक्षिक साक्ष्य, राजस्व साक्ष्य, निजाम काल में किए गए समझौते, निजाम काल के संस्थानों द्वारा दिए गए चार्टर, राष्ट्रीय दस्तावेज होने ज़रूरी होंगे। इसमें निजाम शाही के समय के प्रमाण सरकारी कागजातों में होंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। (Maratha Arakshan News)

    मिलेगा जाति प्रमाणपत्र ..

    सरकारी निर्णय संख्या MASU -2023/P.No.03/16A दिनांक 07/सितंबर 2023, मैडम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मंत्रालय,मुंबई के अनुसार महाराष्ट्र सरकार शिक्षा एवम समाज कल्याण विभाग, सरकारी निर्णय दिनांक 13 अक्तूबर 1967, महाराष्ट्र अनुसूचित जाति, जनजाति, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, जाति प्रमाणपत्र जारी करने और सत्यापन का विनियमन अधिनियम, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक कार्य, खेल और विशेष सहायता विभाग के निर्णय दिनांक 1 जून 2004, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय ईवीएम विशेष सहायता विभाग दिनांक 1 सितंबर 2012, महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की अधिसूचना 5 परिपत्र दिनांक 28 फरवरी 2018, क्रमांक दिनांक 29 मई 2023, पिछड़ावर्ग और विशेष पिछड़ावर्ग जातिप्रमानपत्र जारी और सत्यापन का बिनयनम अधिनियम 2000 के अनुसार किया जाता है। (Maratha Arakshan News)

    जाति प्रमाणपत्र, Maratha Arakshan,
    मराठा आरक्षण पर प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

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    13 अक्तूबर 1967 निर्णय संख्या 1 के तहत उल्लखित राज्य में अन्य पिछड़ावर्ग की सूचीनुसार (अ) (स) 83 पर कुनबी जाति का उल्लेख है। सरकारी निर्णय 2004 को जारी किया गया, उसके द्वारा मराठा कुनबी के समान कुनबी मराठा को (ए) (न) 83 पर कुनबी जाति के समान जाति के रूप में शामिल किया गया है। यह भी कहा गया, कि सक्षम प्राधिकारी पुराने अभिलेखों साक्ष्यों के आधार पर जांच कर प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लेना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

    समिति गठित करने का निर्णय..

    सरकार की पहल पर न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने के लिए सरकार ने मंजूरी दी है। समिति के अन्य सदस्य मुख्य सचिव राजस्व, प्रधानसचिव विधि एवम न्याय, अतिरिक्त मुख्यसचिव संबंधित जिलों के कलेक्टर, विभागीय आयुक्त औरंगाबाद।
    आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक विभागो के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रमुख सचिव को बैठक में आमंत्रित किया जाना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

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  • Mumbai- मिलावट रोकने के लिए BMC का स्वास्थ्य विभाग मावा-मिठाई बेचने वाले दुकानों की जांच करेगी

    Mumbai- मिलावट रोकने के लिए BMC का स्वास्थ्य विभाग मावा-मिठाई बेचने वाले दुकानों की जांच करेगी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) स्वास्थ्य विभाग ने मिठाइयों में मिलावट को रोकने के लिए 1 सितंबर से 31 दिसंबर तक एक विशेष अभियान चलाया है। साथ ही जनता से भी अपील ..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के स्वास्थ्य विभाग ने आगामी त्योहारों के दौरान मिठाइयों में मिलावट को रोकने के लिए 1 सितंबर से 31 दिसंबर तक एक विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत आगामी त्यौहारों जैसे गणेशोत्सव, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली और क्रिसमस को ध्यान में रखते हुए मिठाई की दुकानों, मावा भंडारण और कोल्ड रूम का गहन निरीक्षण किया जाएगा। (Mumbai BMCs Health department News)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का स्वास्थ्य विभाग त्योहार के दौरान मुंबई में मावा-मिठाई बेचने वाले प्रतिष्ठानों (दुकान एवं फैक्ट्री) का निरीक्षण करेगा। मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि भोजन बेचने वाले प्रतिष्ठानों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही निर्देश दिए हैं कि आने वाले समय में चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक उन मिठाई की दुकानों और प्रतिष्ठानों का गहनता से निरीक्षण करेगी, जहां मावा बनाया जाता है और भंडारण किया जाता है।

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    इस अभियान के तहत बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सभी चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है, कि नागरिकों को मिलावटी मिठाइयों से बचाने के लिए 1 सितंबर से 31 दिसंबर 2023 के बीच त्योहारों की पृष्ठभूमि में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। 

    मिठाई,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मिठाई के रंगों पर ध्यान…

    इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें मिठाइयों में अलग-अलग रंग दिखाई दें या उनमें दुर्गंध या फंगस दिखाई दे तो ऐसी मिठाइयों का सेवन नहीं करें और यदि ऐसे पदार्थ पाए जाते हैं तो उन्हें मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के संभागीय चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी की जानकारी में लाना चाहिए। मनपा कानून के तहत ऐसे मामलों पर ठोस कार्रवाई किए जाने का निर्देश जारी किया हुआ है।

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  • शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    शिवसेना शिंदे गुट पोस्टर विवाद IPC Sec. 353, 332 के तहत कांदिवली पुलिस थाने में FIR दर्ज।

    अवैध पोस्टरों पर आदेश का पालन करने पर शिंदे के लोगो ने
    बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की
    वार्ड के कर्मचारियों में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त (Maharashtra Cm Eknath Shinde BMC Commissioner Iqbal Singh Chahal Mumbai News)

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    शहर को गंदा करने वाले अनधिकृत राजनीतिक बैनरों और पोस्टरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री (Maharashtra CM) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के आदेशों पर अब तक उनकी अपनी ही शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया और कथित तौर पर बॄहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों की पिटाई कर दी है।
    जानकारी के अनुसार कांदिवली पुलिस (kandivali Police) ने शुक्रवार को शिंदे गुट के शाखा 21 के शिव सेना शाखा प्रमुख प्रकाश गिरी के साथ 15-20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जिन्होंने एमजी रोड और लिंक रोड के जंक्शन पर अपने राजनीतिक बैनर हटाने का विरोध किया था। बीएमसी कर्मियों को अभद्र भाषा से धमकाया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट भी की थी।

    मुंबई के कांदीवली में शिवसेना का शिंदे गुट

    कांदिवली पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रकाश गिरि ने ऐसा किया है तथा बताया है कि आईपीसी की धारा 353 (एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का उपयोग) और 332 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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    शिवसेना, मुंबई, BMC,
    न्यूज़ की प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मनपा कर्मचारियों की पिटाई ..

    इस प्रक्रिया में शाखा कर्मियों ने मनपा अधिकारी महेश महापंकर और एक मजदूर हनीफ शेख और अन्य श्रमिकों को बेरहमी से पीटा। संबंधित अधिकारियों ने फिर कांदिवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पीआई को अपराध की सूचना दी। आर दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त ललित तलेकर ने कहा, “नगर निगम प्रमुख के आदेश के अनुसार, लाइसेंस विभाग के हमारे अधिकारियों ने अवैध बैनरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियोंओ पर हमला किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और शिवसेना के शाखा प्रमुख प्रकाश गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।”

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आदेश

    बतादें कि 1 सितंबर को शाम 5 बजे आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेशों के आधार पर मनपा प्रमुख (Mumbai Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने 2 सितंबर को 24 वार्डों के सहायक आयुक्तों को सभी अनधिकृत बैनर और पोस्टर हटाने का निर्देश दिया था। तदनुसार, आर/साउथ वार्ड के सहायक अभियंता और अधिकारियों/कर्मचारियों और वरिष्ठ निरीक्षक (लाइसेंस विभाग) ने 8 सितंबर को दोपहर लगभग 12.15 बजे कांदिवली में एमजी रोड, लिंक रोड जंक्शन पर संयुक्त कार्रवाई की। किंतु शाखाप्रमुख प्रकाश गिरि ने करीब 15-20 कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी थी, जिससे वार्ड में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त हो गया है। हलांकि शिव सेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।

  • अब ग्राहकों को यू.पी.आई. से मिलेगा आसान कर्ज़

    अब ग्राहकों को यू.पी.आई. से मिलेगा आसान कर्ज़

    RBI की महत्वपूर्ण घोषणा, UPI के जरिए ग्राहकों को मिलेगा आसान कर्ज। यूपीआई ने अगस्त में पहली बार एक महीने में 10 अरब लेनदेन का आंकड़ा पार किया है।

    डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network)
    आरबीआई (RBI) ने देश के सभी बैंकों से ग्राहकों को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई (UPI) पर प्री-अप्रूव्ड लोन उपलब्ध कराने को कहा है। आरबीआई के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यूपीआई भुगतान प्रणाली का दायरा बढ़ाना है।
               
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने बयान में कहा, कि फिलहाल बचत खाते, ओवरड्राफ्ट खाते, प्रीपेड वॉलेट और क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ा जा सकता है। अब इसका दायरा और बढ़ाया जा रहा है।  यूपीआई (UPI) के माध्यम से, अब फंडिंग खातों को शामिल करने के लिए क्रेडिट लाइनों का विस्तार किया जा रहा है। आरबीआई ने कहा, कि इस सुविधा के तहत यूपीआई प्रणाली का उपयोग करके पूर्व-अनुमोदित ऋण प्राप्त किया जा सकेगा।

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    UPI, RBI,
    यूपीआई ट्रांजैक्शन को लेकर प्रतिकारात्मक तस्वीर

    UPI को लेकर RBI की महत्वपूर्ण घोषणा..

    इस प्रक्रिया को लागू करने से पहले सभी बैंकों को एक नीति बनानी होगी और अपने निदेशक मंडल से मंजूरी लेनी होगी। इस पॉलिसी के तहत कितना लोन दिया जा सकता है? इसे कौन दे सकता है? लोन की अवधि क्या होगी?  साथ ही लोन पर कितना ब्याज लगेगा? ये सारी बातें तय हो जाएंगी। फिर कर्ज़ चुकाओप्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी। 6 अप्रैल को, केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति बैठक में बैंकों से पूर्व-अनुमोदित क्रेडिट लाइनों को स्थानांतरित करके भुगतान की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया था। इसका उद्देश्य यूपीआई का दायरा बढ़ाना था।

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    नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, यूपीआई ने अगस्त में पहली बार एक महीने में 10 अरब लेनदेन का आंकड़ा पार किया है। 30 अगस्त तक, यूपीआई ने पिछले एक महीने के दौरान 10.24 बिलियन लेनदेन दर्ज किए, जिसका मूल्य 15.18 लाख करोड़ रुपये था। जुलाई में यूपीआई प्लेटफॉर्म पर 9.96 अरब लेनदेन हुए। अगस्त महीने के दौरान यूपीआई के जरिए प्रतिदिन लगभग 330 मिलियन लेनदेन किए गए।

  • तृतीय पंथियों को नौकरियों में आरक्षण कब देगी सरकार

    तृतीय पंथियों को नौकरियों में आरक्षण कब देगी सरकार

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) और नगर पालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत और अन्य सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों अन्य  संस्थाओं में कब भर्ती किया जाएगा तृतीय पंथियों (किन्नरों) को। सरकारी नौकरियों में इनके आरक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    2012-13 के समय उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका में न्यायमूर्तियों ने एक आदेश पारित कर कहा है, कि इनको भी पुरुषों और महिलाओं की तरह तृतीय पंथियों को भी नौकरी में लिया जाना चाहिए। जिस पर महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार के निर्णय के अधीन राज्य सरकार ने अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 तहत कलम 9 और 10 में तरतूद किया है, कि किसी भी किन्नरों को रोजगार सम्बंधित किसी प्रकार का भेदभाव नही किया जाएगा।

    http://indian-fasttrack.com/2023/08/30/encroachment-and-illegal-construction-on-plots-reserved-for-public-utility-constructions-with-the-connivance-of-municipal-corporation
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    आरक्षण,

    आरक्षण पर सवाल?

    राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया रिट याचिका क्र 400/2012  एवं  604/2013 में उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिया है, कि किन्नरों को शिक्षा संस्थानों में पिछड़ी जाति के नागरिक के आधार पर आरक्षण दिया जाय। इसके लिए तृतीय पंथियों को लेकर एक संस्था ‘संपदा ग्रामीण महिला संस्था (संग्राम)’ ने मुंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका एल क्र. 2781/2022 दाखिल किया है। इस आधार पर एक तृतीयपंथी के प्रार्थना पत्र पर पुलिस उपनिरीक्षक पद के लिए आवेदन किया गया है।

    अब प्रश्न ये है, कि राज्य सरकार और महाराष्ट्र की सभी सरकारी संस्थाओं ने अभी तक केवल पेपर बाज़ी के अलावा कुछ भी नही किया है। केवल एक ‘नगरपालिका पिम्परी चिंचवड़’ ने कुछ किन्नरों की भर्ती किया है। किन्नरों को सभी विभागों में उनकी योग्यता के आधार पर भर्ती करना है। माननीय न्यायालय ने 9 दिसंबर 22 को निर्देश दिया है। महाराष्ट्र राज्य शासन ने  पुरूष महिला और तृतीय पंथी ऐसे शब्दों का प्रयोग करने का निर्णय लिया है।

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    मनपा और राज्य सरकार में सुरक्षा के लिए भर्ती करने की प्रतिक्रिया शुरू करने जा रही है। पर तृतीयपंथियो के जीवन यापन के लिए सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय होगा। ये भर्ती कब शुरू होगी? कितना प्रतिशत आरक्षण मिलेगा? इस पर सरकार विचार कर रही है। इस पर अतिशीघ्र निर्णय लेने का आदेश राज्य सरकार ने दिया है। पर इसका पालन सरकार खुद नही कर रही है, इसके लिए जबाबदार कौन है?