Category: National News

  • भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    भ्रष्ट व रिश्वतखोर उपायुक्त विश्वास शंकरवार की शह पर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू का अवैध निर्माण जोरो पर

    • डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर की लालच से अवैध निर्माणों को मिल रहा संरक्षण (BMC Corruption)
    • ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी कर रहा मनपा का पी/ नॉर्थ,वार्ड का मुकादम विट्ठल राठौड़
    • क्या मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल पी/ नॉर्थ, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारीयों पर आईपीसी १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे?

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे बड़ी नगर पालिका मानी जाती है। किंतु वर्तमान में उसके अधिकारी और कर्मचारी ही काली कमाई की लालच में मनपा की साख में बट्टा लगा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार मुंबई मनपा के सभी वार्डो में अवैध निर्माणों के भ्रष्टाचारो (Corruption) का खेल जारी है। जिसमें अधिकारी और ठेकेदार मिलकर मलाई खा रहे हैं। लेकिन मालाड़ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का पी/ नॉर्थ, वार्ड इससे दो कदम और आगे निकल चुका है। यहां न केवल अभियंता (Engineer) बल्कि मुकादम भी डीओ (Designated Officer) और वार्ड के सहआयुक्त (Assistant Commissioner) के लिए अवैध निर्माण (Illegal construction) को बचाने के लिए बिचौलिए का काम करता है। इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है।

    भ्रष्ट BMC के उच्च अधिकारी ..

    Corruption,
    अवैध निर्माण की तस्वीर
    Bmc,

    वहीं मनपा पी/ नॉर्थ वार्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते उसके कार्यक्षेत्र में भूमाफियाओं और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बड़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। जिस पर अंकुश लगा पाना अब पी/ नॉर्थ, वार्ड के वश में नहीं है ऐसा माना जा रहा है। वहीं स्थानीय नागरिकों, समाजसेवको व शिकायतकर्ताओं की माने तो मनपा परिमंडल -४ के उपायुक्त (Deputy Municipal Commissioner) विश्वास शंकरवार की ईमानदार छवि अब नोटो के बंडलों पर बिक चुकी है। जबकि उपायुक्त विश्वास शंकरवार अवैध निर्माणों पर मनपा नियमों के तहत उसकी जांच कर कार्रवाई करने की बजाय स्वयं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता को भुला बैठे हैं।

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    इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है। यहां के गली नंबर -२, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई ४०००९५. स्थित रिक्त भूखंड पर अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू ने १२ व्यापारिक गाले और मकान की चॉल बना डाली है। स्थानीय नागरिक बताते हैं, कि उपायुक्त विश्वास शंकरवार की इसी भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर वाली छवि के कारण ही पी/ नॉर्थ वार्ड में अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बढ़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। अब ऐसे में उपायुक्त विश्वास शंकरवार की तरफ से उक्त अवैध निर्माण पर कारवाई का न होना ही जिसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    हालांकि ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लु द्वारा बिना किसी खौफ के धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में डीओ. राजन प्रभु और सहाय्यक आयुक्त किरण दिघावकर की तरफ से बरती जा रही लापरवाही या सेटिंग उक्त अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। वहीं इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत मुकादम विट्ठल राठौड़ की माने तो मनपा (BMC) का पी/नॉर्थ, वार्ड ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी करने में व्यस्त नजर आ रहा है तथा उसके अवैध निर्माणों को संरक्षण देने में सक्षम अधिकारियों ने पूरी सहमति जताई है।

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    स्थानीय नागरिकों की माने तो सहाय्यक अभियंता अनिल पुणतांबेकर की कार्यप्रणाली भी सिर्फ अवैध निर्माणों से मिलने वाली काली कमाई (Black Money) के हिस्सेदारी पर ही निर्भर है ना की अवैध निर्माणों के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने में है। यदि लोकसेवक (Public Servant) होने के नाते जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है तो वह लोकसेवक भारतीय दंड संहिता (IPC) १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के अनुसार अपराधी होता है।मनपा पी/नार्थ वार्ड से विगत वर्षों मे अवैध निर्माण से कितनी काली कमाई किया होइसका अनुमान लगाया जाना यदि असंभव नहीं तो दुष्कर अवश्य है।
    क्या बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में एक भी जिम्मेदार व ईमानदार अधिकारी नही है? जो भ्रष्ट एवं रिश्वतखोर अधिकारियों के भ्रष्टाचार (Corruption) की जांच कराकर दंडित करने की कार्रवाई करा सकें?

  • मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की ट्रैफिक पुलिस की इन दिनों चांदी ही चांदी नजर आ रही है। यहां भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करते हुए यातायात पुलिस दिखाई पड़ रही हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    आजकल मुंबई शहर की वाहतूक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पूरे मुंबई की यातायात पूरी तरह जाम जैसी स्थिति बन गयी है। इसका कारण है ट्रैफिक का कोई नियम कानून है ही नही। इसका करण भी है। पुलिस विभाग पूरी तरह लापरवाह हो गयी है। नो पार्किंग में भी अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिस पर कोई शिकायत करता है तो पुलिस उससे उल्टा प्रश्न करती है, कि तुमको क्या परेशानी है? इसके बाद नो इंट्री में भी शुल्क लेकर गाड़िया चलाई जाती है। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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    ट्रैफिक पुलिस की मनमानी ..

    ट्रैफिक पुलिस,
    पुलिस के रिश्वतखोरी की फाइल तस्वीर

    मुंबई ट्रेफिक पुलिस महाराष्ट्र (Maharashtra) के भाजपा एकनाथ शिंदे गठबंधन की सरकार (Government) में भ्रष्टाचार (Corruption) की चरम सीमा पर पहुँच गए हैं। क्या लोगों को कानून व्यवस्था (Law and order) से महरूम कराना एक सरकारी कर्मचारी (Public Servant) को शोभा देता है। वो भी किस लिए? काली कमाई (Black money) के लिए। जिसपर नजर पड़ी तो आप अंदर भी हो जाओगे।
    इसके बाद अगर कोई गाड़ी वाला भूल से साइड पार्किंग (Parking) करके खड़ा रहता है, तो उससे लंबे चौड़े डिमांड किये जाते है। अगर गाड़ी मालिक या चालक पैसे देने से मना करता है, तो उसके साथ बदतमीजी भी अच्छे पैमाने पर की जाती है। फिर उसपर फर्जी केस बनाया जाता है। उसका लाइसेंस गाड़ी का पेपर लेकर उसको ट्रैफिक चौकी में बुलाकर उसकी अच्छी खात्री की जाती है। ये कौन सा नियम है? कौन सा कानून है? इस विषय पर अधिकारी कब ध्यान देंगे? कब ऐसे पुलिस वालों पर कार्रवाई करेंगे? (Mumbai Traffic police Corruption News)
    अजब तेरा जलवा, गजब तेरी छाया।
    पुलिस वालों की जेब मे माया ही माया।
    ये कब सुधरेंगे ये तो सरकार ही बताएगी। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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  • Mumbai Tunnal: मुंबई में बनने वाली ‘ये’ सुरंगें बदल देंगी शहर की कायापलट!

    Mumbai Tunnal: मुंबई में बनने वाली ‘ये’ सुरंगें बदल देंगी शहर की कायापलट!

    • गिरगांव से ब्रीच कैंडी पार्क
    • बीकेसी से शिलफाटा
    • ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव
    • तुर्भे से जुईनगर होते हुए खारघर
    • ऐरोली से कटाई नाका
    • टिकुजिनी वाडी से मगाथाने
    • फिल्म सिटी से मुलुंड खिंडीपाड़ा

    इस्माईल शेख
    मुंबई- Mumbai Tunnal:
     देश की आर्थिक राजधानी के साथ-साथ सभी को बराबरी का दर्जा दिलाने वाली मुंबई अब और भी बदल रही है। मुंबई की घनी बढ़ती आबादी के कारण शहर और उसके उपनगरों की परिवहन व्यवस्था में भी काफी परिवर्तन हो रहे हैं। परिणामस्वरूप, यात्रियों के लिए उपनगरों में पूर्व और पश्चिम के बीच यात्रा करना कठिन हो गया।
    समाधान के तौर पर मुंबई को सात सुरंगों के जरिए पूर्व-पश्चिम से जोड़ा जा रहा है और मेट्रो का जाल भी बिछाया जा रहा है। मुंबई को कभी फ्लाईओवरों का शहर कहा जाता था। अब इसे सुरंगों के शहर के नाम से जाना जाएगा।

    मुंबई बनने जा रहा है अब सुरंगों का शहर

    मुंबई महानगरीय क्षेत्र में प्रस्तावित ‘मरीन ड्राइव टू बांद्रा-वर्ली सी-लिंक’ तटीय सड़क (Coastal Road) मुंबई में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही महत्वाकांक्षी परियोजना ‘शिवाडी-न्हावा शेवा ट्रांस हार्बर लिंक’ भी जोर-शोर से चल रही है। यह लिंक रोड मुंबई को रायगढ़ जिले से सीधे जोड़ता है।

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    मुंबई,
    प्रतिकरात्मक फाइल तस्वीर

    कोलाबा से सिप्ज़ मेट्रो 3, जिस पर एमएमआरसीएल (MMRCL) द्वारा काम किया जा रहा है, पूरी तरह से भूमिगत है। इस रूट पर 26 स्टेशन भूमिगत और एक स्टेशन जमीन के ऊपर है। एमआरडीए द्वारा निर्माणाधीन लगभग 3.4 किमी लंबे मुंबई मेट्रो रूट 7ए परियोजना के मार्ग के तहत 2.49 किमी लंबी डबल सुरंग के लिए टी62 टनल बोरिंग मशीन की मदद से प्रारंभिक सुरंग निर्माण कार्य 1 सितंबर, 2023 से शुरू हो गया है।

    गिरगांव से ब्रीच कैंडी पार्क
    भारत के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी टनल बोरिंग मशीन का प्रयोग
    कुल लंबाई 10.58 किमी
    अनुमानित लागत 12,721 करोड़ रुपये

    बीकेसी से शिलफाटा
    भारत की पहली समुद्री सुरंग. जिसमें खाड़ी के नीचे 7 किमी लंबी सुरंग भी शामिल है
    कुल लंबाई 21 किमी
    अनुमानित लागत 6,400 करोड़

    ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव तक
    तटीय सड़क को सुरंग से जोड़ा जाएगा. दक्षिण मुंबई में ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा।
    कुल लंबाई 3.5 किमी
    अनुमानित लागत 6,327 करोड़

    तुर्भे से जुईनगर होते हुए खारघर
    सायन-पनवेल राजमार्ग पर यातायात की भीड़ कम हो जाएगी।
    कुल लंबाई 2.4 किमी
    अनुमानित लागत 2,195 करोड़

    ऐरोली से कटाई नाका
    केवल नवी मुंबई-डोंबिवली यात्रा
    15 मिनट में. 12.30 किमी एलिवेटेड रूट
    कुल लंबाई 1.69 किमी
    अनुमानित लागत 1,441 करोड़

    टिकुजिनी वाडी से मगाथाने
    ठाणे से बोरीवली की दूरी 15 मिनट में पहुंचा जा सकता है।
    कुल लंबाई 11.84 किमी
    अनुमानित लागत 14,000 करोड़ रुपये

    फिल्म सिटी से मुलुंड खिंडीपाड़ा
    एक से डेढ़ घंटे का सफर
    यह 15 मिनट में पूरा हो जाएगा।
    लंबाई 12.20 किमी
    खर्च 8,137 करोड़

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    शहर की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करना, निवासियों का पुनर्वास करना महंगा हो गया है। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान मुंबई में पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ी बाधा है। इसके लिए आवश्यक पर्यावरण विभाग के परमिट कानून की कसौटी पर समस्याग्रस्त साबित होता है। ऐसी कठिनाइयों को दूर करने के लिए भूमिगत सुरंगों के माध्यम से परिवहन प्रणाली का निर्माण एक सस्ता विकल्प है।

  • गुरुवार को है 12 रबी उल अव्वल, शुक्रवार को मनाया जायेगा मुंबई में जश्न और निकाले जाएंगे जलूस

    गुरुवार को है 12 रबी उल अव्वल, शुक्रवार को मनाया जायेगा मुंबई में जश्न और निकाले जाएंगे जलूस

    मुंबई पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के मद्दे नज़र मुंबई के मुसलामानों ने गुरुवार की जगह शुक्रवार को ईद मिलाद उन नबी का जलूस निकालने का फैसला किया है। हालांकि मुंबई पुलिस गुरुवार 28 सितंबर गणेश विसर्जन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बंदोबस्त में व्यस्त है।

    ईस्माइल शेख
    मुंबई
    – 2023 भारत में इस्लामिक कलैंडर के मुताबिक, 28 सितंबर गुरुवार के दिन 12 रबी उल अव्वल का दिन है। जो हमेशा की तरह इस साल भी मुसलमान भाइयों द्वारा ईद मिलाद उन नबी का जलूस निकाला जाना है। लेकिन मुंबई में इस समय गणेशोत्सव का त्यौहार मनाया जा रहा है। ऐसे में मुंबई पुलिस के लिए सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम करना मुश्किल हो सकता था। इसको लेकर मुंबई पुलिस ने लोकल स्तर पर हर पुलिस स्टेशन में मोहल्ला कमिटी के जरिये मीटिंग बुलाई और जलूस के साथ गणेश विसर्जन में होनेवाली दिक्कतों को समझाने की कोशिश की। इसपर मुंबई भर के मुसलमान भाइयों ने 12 रबी उल अव्वल के बदले ईद मिलादुन नबी का जलूस 13 रबी उल अव्वल के दिन यानी 28 सितंबर गुरुवार की जगह 29 सितंबर शुक्रवार की नमाज़ के बाद निकालने का फैसला किया है।

    ईद मिलाद उन नबी का जश्न ..

    ईद मिलाद उन नबी को इस्लामी पैगंबर मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन के रूप में जाना जाता है। ईद मिलाद उन नबी हर साल रबी उल अव्वल 12 की इस्लामी तारीख के महीने में मनाया जाता है। हिजरी कैलेंडर में, रबी उल अव्वल तीसरे महीने का नाम ह। रबी उल अव्वल महीने के 12वें तारीख को मिलादुन्नबी का त्यौहार मनाया जाता ह।

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    रबी उल अव्वल महीने का चांद 16 सितंबर 2023 को देखा गया है. यानी कि 17 सितंबर 2023 को रबी उल अव्वल महीने की 1 तारीख थी। इस हिसाब से रबी उल अव्वल महीने का 12वीं तारीख 28 सितंबर 2023 को है। मीलाद उन-नबी अरबी शब्द है। भारत में उर्दू जानने वाले ईद मीलाद-उन-नबी भी कहते हैं। इस्लाम के आखरी पैगंबर हज़रत मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (आपका) का जन्म से जुड़ा हुआ है। आपका जन्म 8 जून, 570 ईसवी को मक्काह (सऊदी अरब) में हुआ था। आपके पिता का नाम अब्दुल्लाह व माता का नाम बीबी आमिनाह है। आपका इंतकाल 62 साल की उम्र में 8 जून 632 ई। को मदीना, सऊदी अरब हुआ था। इसके साथ ही आप को यह भी बतादें कि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार आपका जन्म और दुनिया से पर्दा फरमाने का दिन 8 ही जून को हुआ था।

    मुसलमानों के लिए यह एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। जिसमें लोग पैगंबर के बताए गए रास्ते को याद करते हैं। इस्लाम का सबसे पवित्र ग्रंथ कुरान तिलावत किया जाता है और इस दिन खास दुआओं का भी हर घर में इंतज़ाम किया जाता है। इस समय इस्लामिक कलैंडर के मुताबिक 1445 हिजरी का तीसरा महीना रबी उल अव्वल चल रहा है। इस्लाम में कई ऐसी इस्लामिक घटनाएं हैं जिनका अपना-अपना महत्व है। हालाँकि, ईद मिलाद उन नबी भी इस्लाम में सबसे पवित्र आयोजन में से एक है। हर साल, भारत में मुसलमान इस आयोजन के संबंध में विशेष व्यवस्था करते हैं। वे भारत में 12 रबी उल अव्वल की निश्चित तारीख के बारे में जानने और उसके अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाने के लिए चंद्रमा के दिखने का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

    इस विशिष्ट दिन पर, लोग अपने पवित्र पैगंबर मुहम्मद के सम्मान में विशेष रैलियाँ और जुलूस आयोजित करते हैं। इस ख़ास जलूस में अक्सर पैगंबर की सुन्नत के अनुसार हरे रंग की पगड़ी पहनते हैं और हरे झंडे लेकर चलते हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि पैगंबर मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का हरा पसंदीदा रंग है। माना जाता है कि पैगंबर मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पहले की दुनिया गुमनामी में खो गई थी। लोगों के अपने-अपने निजी देवी-देवता थे और लोग पाप में थे। हालाँकि, पैगंबर आए और लोगों को इस्लाम धर्म दिया।

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    मिलाद उन-नबी एक इस्लामी अवकाश है जो पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन को मनाता है। यह इस्लामिक महीने रबी अल-अव्वल के 12 वें दिन मनाया जाता है। पैगंबर मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मानवता का मार्गदर्शन करने के लिए ईश्वर द्वारा भेजे गए अंतिम पैगंबर थे। मिलाद उन-नबी उनके जीवन और शिक्षाओं को याद करने का समय है। यह विशेष प्रार्थनाओं और उपदेशों के साथ-साथ भोजन और उपहारों के साथ मनाया जाता है। कई मुसलमानों के लिए मिलाद उन-नबी साल की सबसे महत्वपूर्ण छुट्टियों में से एक है। ईद मिलाद-उन-नबी मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए पैगंबर मुहम्मद के जीवन और उनके विचारों को याद करने और उनका सम्मान करने का एक अवसर है. माना जाता है कि यह उत्सव इस्लाम के शुरुआती दिनों में शुरू हुआ था जब लोग इकट्ठा होते थे और पैगंबर के सम्मान में कवितायें (नात शरीफ) पढ़ा करते थे जो आज भी जारी है।

  • पिछले चार सालों से रद्द परीक्षा की फीस वापस नहीं की जा रही है।

    पिछले चार सालों से रद्द परीक्षा की फीस वापस नहीं की जा रही है।

    • जिला परिषद भर्ती 2019 रद्द, भर्ती प्रक्रिया के उम्मीदवार असमंजस में,
    • किससे करें परीक्षा फीस वापसी की अपील?
    • Maharashtra Government Job

    इस्माइल शेख
    मुंबई
    – पिछले दिनों साल 2019 जिला परिषद की भर्ती रद्द कर दी गई थी। उस पद के लिए लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। उस समय उम्मीदवारों द्वारा भरा गया परीक्षा शुल्क हलाकि ग्रामीण विकास विभाग ने चार साल बाद फीस वापस करने का फैसला किया है, लेकिन इसके लिए जारी लिंक में उम्मीदवारों को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब तकनीकी दिक्कतों से परेशान अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि फीस वापसी के लिए किसके पास अपील करें। इसके लिए प्रतियोगिता परीक्षा समन्वय समिति ने ग्रामीण विकास मंत्री गिरीश महाजन को पत्र लिखकर सवाल उठाए हैं। (Maharashtra Government Job News)

    मार्च 2019 में जिला परिषद के अंतर्गत 13 हजार 521 पदों पर सीधी सेवा भर्ती की घोषणा की गई थी। उसके लिए 12 लाख 72 हजार 319 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। अब इस भर्ती प्रक्रिया के रद्द होने से उस परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की फीस वापसी का सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि, राज्य सरकार ने शुल्क की राशि जिला परिषदों को दे दी है। इस बीच, जिला परिषद की ओर से अभ्यर्थियों के लिए जानकारी भरने के लिए एक वेबसाइट खोली गई है। (Maharashtra Government Job News)

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    Government Job,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    Government Job वास्तव में क्या है समस्या ?

    पहले जिला परिषद की इस वेबसाइट पर केवल उपयोगकर्ता का नाम दर्ज करने पर लॉगइन करने की सुविधा थी। हालाँकि, कई लोगों को अपना आधार नंबर दर्ज करके लॉगइन करने की सुविधा दी गई क्योंकि उन्हें अपना उपयोगकर्ता नाम नहीं पता था। तो अब आधार नंबर डालकर लॉगइन करने के बाद फीस रिफंड आवेदन भरना होगा। आवेदन जमा करते समय मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करना होता है, लेकिन मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त नहीं होने के कारण लाखों उम्मीदवारों का आवेदन जमा नहीं हो पाया है। सवाल यह उठा है कि कुछ उम्मीदवारों का विवरण आधार नंबर डालने के बाद भी नहीं आया है, उनका क्या? (Maharashtra Government Job News)

    क्या हैं मांगें…

    ओटीपी न मिलना, आवेदन जमा न होना जैसी कई तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। लॉगइन करने के बाद उम्मीदवार द्वारा भरे गए सभी आवेदनों की कुल सूची लॉगइन के बाद पेज पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे उम्मीदवार को पूरी फीस रिफंड तुरंत मिल जाएगी। यदि वेबसाइट के माध्यम से शुल्क वापसी ठीक से नहीं की जाती है, तो ग्रामीण विकास विभाग को प्रत्येक जिला परिषद को स्थानीय स्तर पर शुल्क वापसी के लिए एक और तरीका प्रदान करना चाहिए। (Maharashtra Government Job News)

    इस संबंध में प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति के अध्यक्ष राहुल कावठेकर ने कहा, कि जिला परिषद की भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों से ली गयी हजारों रुपये की फीस का हिस्सा उन्हें नहीं मिले तो वे क्या करें? सरकार को इन उम्मीदवारों को राहत देनी चाहिए जो पहले ही अपनी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण नौकरी के लिए परीक्षा दे रहे हैं। (Maharashtra Government Job News)

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    अभ्यर्थियों में असमंजस

    एक उम्मीदवार ने 2019 में विभिन्न जिलों के लिए 10 पदों के लिए करीब ढाई हजार रुपये से लेकर सात-आठ हजार रुपये तक फीस का भुगतान किया है। ऐसे में स्थिति यह उत्पन्न हो गई है, कि उन्हें लॉगइन में केवल पांच आवेदन ही दिख रहे हैं, जिसका मतलब है कि उम्मीदवार को अन्य पदों के लिए रिफंड शुल्क नहीं मिलेगा। (Maharashtra Government Job News)

  • Mumbai Airport: एक ही दिन 250 फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी; असली कारण क्या है?

    Mumbai Airport: एक ही दिन 250 फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी; असली कारण क्या है?

    Mumbai Airport पर एक ही दिन में 250 से अधिक फ्लाइट्स की उड़ानें रद्द रहेंगी। एयरपोर्ट संचालन ने दी इसकी सूचना।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक ही दिन में एक या दो नहीं, बल्कि 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जाएंगी. कुछ फ्लाइट के समय में बदलाव किया जाएगा. रनवे 17 अक्टूबर को बंद रहेंगे।

    मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (Mumbai Airport) व्यस्त हवाई अड्डा है। इस हवाई अड्डे से लाखों यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा करनी होती है। तो ये खबर बेहद अहम है।

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    Mumbai Airport,
    मुंबई एयरपोर्ट रनवे की पहली तस्वीर

    Mumbai Airport मरम्मत कार्य ..

    रखरखाव कार्य के लिए मुंबई हवाई अड्डे (Mumbai Airport) का रनवे 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। इसके चलते करीब 250 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित की जा सकती हैं। इसकी जानकारी यात्रियों को मिलेगी।

    विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा के लिए मानसून से पहले और बाद में रनवे (Runway) की मरम्मत की जाती है। यह काम मानसून से पहले किया गया था। अब बरसात के बाद मरम्मत कार्य कराया जाएगा। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली ‘मियां’ कंपनी ने इस संबंध में जानकारी दी है।

    17 अक्टूबर को रखरखाव कार्य के कारण रनवे सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा। इससे पहले 18 अक्टूबर 2022 को मरम्मत की गई थी। फिर इस साल यह काम मानसून से पहले ही पूरा कर लिया गया। अब बरसात खत्म होने के बाद अगले माह मरम्मत कार्य कराया जाएगा।

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  • अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    अवैध निर्माणों के विरुद्ध बम्बई हाईकोर्ट महाराष्ट्र सरकार पर सख्त। पूछा-क्या अवैध निर्माणों का कोई समाधान है?

    • महाराष्ट्र सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महासमुद्र जैसी है मुंबई की महानगर पालिका ! यहां भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जो पकड़ा गया चोर, नही कार्यवाही हुई तो वह ईमानदार। यही सिलसिला दशकों से चल रहा है। सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जा कर मकान और इमारतें बनवाने, मनपा अधिकारियों द्वारा संरक्षण देकर धन कमाने का काम अवैध गति से चलता रहता है।

    एक ऐसे ही भ्रष्टाचार के प्रमाणित होने के मामले में बम्बई हाईकोर्ट (Bombay High court) ने सोमवार को अवैध निर्माणों को लेकर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय से अवैध निर्माण हो रहे हैं, लेकिन अब इस रवैये को बदलने का वक्त आ गया है, कि इस तरह के ढांचों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, कि ‘क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का कोई समाधान है?’ हाईकोर्ट ने कहा, “अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा।”

    अवैध निर्माणों पर Bombay HC ने लिया संज्ञान..

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति कमल खाटा की खंड पीठ ने कहा, कि एक अदालत के रूप में वह अब यह संदेश देना चाहती है, कि इस तरह के अवैध निर्माण नहीं होने दिये जाएंगे। पीठ ने पिछले महीने नवीं मुंबई में चार मंजिला एक अनधिकृत आवासीय इमारत के मुद्दे का स्वत: संज्ञान लिया था। इमारत के 29 फ्लैट में से 23 में लोग रह रहे हैं। पांच में ताला लगा हुआ है जबकि एक खाली है।

    Bombay,
    Bombay high court के भीतर की तस्वीर

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    बम्बई उच्च न्यायालय ने चिंता जताते हुए कहा, कि 23 फ्लैटों को लेने वाले लोगों को यह कहते हुए इसे खरीदने के लिए मनाया गया कि कुछ नहीं होगा। हाईकोर्ट ने कहा, अब हम इसे बदल देंगे…कुछ तो होगा। पीठ ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा, कि स्थिति की गंभीरता इतनी है कि इमारत में बिजली और पानी का कनेक्शन अवैध रूप से लिया गया है।

    मा.न्यायालय ने कहा बिना देर किए कार्रवाई होनी चाहिए। न्यायपीठ ने कहा, कि कई बार लोग दीवानी अदालतों का रुख करते हैं और नगर निकाय अधिकारियों की प्रस्तावित कठोर कार्रवाई के खिलाफ स्थगन आदेश जारी करने का अनुरोध करते हैं। न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, इसे रोके जाने की जरूरत है। हमारा मानना है, कि हमें बगैर कोई देर किये कार्रवाई करनी होगी। “मैं यह संदेश देना चाहता हूं कि हमारी जानकारी रहने पर ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।” ऐसी चीजें अधिकतर निचली अदालतों के चलते होती हैं। धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो जाती हैं।

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    न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, हमें खुद से कुछ कड़े सवाल करने होंगे। इस नवी मुंबई की इमारत के मामले में नियमों का घोर उल्लंघन हुआ है।हाईकोर्ट ने कहा कि वह महाराष्ट्र सरकार से यह जवाब चाहता है, कि क्या इस तरह के अनधिकृत विकास का उसके पास किसी तरह का समाधान है अदालत ने कहा, ‘हम उस स्थिति पर विचार नहीं कर सकते, जहां सरकार धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण को रोकने में शक्तिहीन हो गई है।’

    पीठ ने अदालत के अधिकारी को जमीन और चार मंजिला इमारत का कब्जा लेने का निर्देश दिया तथा बिल्डर और इमारत के 23 फ्लैट में रह रहे लोगों को नोटिस जारी करने का आदेश किया है। पीठ ने नवीं मुंबई स्थित इमारत के मामले की सुनवाई की अगली तारीख 4 अक्टूबर मुकर्रर की है।

  • महाराष्ट्र: गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी: एकनाथ शिंदे

    महाराष्ट्र: गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी: एकनाथ शिंदे

    • Ganesh utsav 2023: एक Permission
    • मुख्यमंत्री अध्यक्षता में अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
    • आने वाले वर्षों के लिए बेहतर योजना…
    • जमीन नाममात्र का किराया रु. 100/

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    गणेशोत्सव मंडलों को अगले पांच वर्षों के लिए एक बार उत्सव की अनुमति लेनी होगी। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऐसी अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से उन उत्कृष्ट गणेशोत्सव मंडलों को राहत मिली है जिन्होंने सभी नियमों, कानूनों का पालन किया है और पिछले दस वर्षों में कोई शिकायत नहीं थी। साथ ही वे आने वाले वर्षों के लिए बेहतर योजना बना सकेंगे। (Ganesh utsav 2023 Permission)

    Ganesh utsav 2023 एक Permission ..

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    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वश्रेष्ठ गणेशोत्सव मंडलों को प्रोत्साहित करने के लिए अगले पांच साल के लिए एक बार अनुमति देने की मांग की गई। इस दौरान एक याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा दिये गये निर्देश की ओर भी ध्यान दिलाया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देश के अनुरूप नगर विकास विभाग ने सरकारी निर्णय की घोषणा कर दी है। इस निर्णय के अनुसार, सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को 19 सितंबर, 2023 से शुरू होने वाले गणेशोत्सव में अगले पांच वर्षों के लिए सरकारी नियमों और कानूनों का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ गणेशोत्सव मंडलों को अनुमति देने के लिए कार्रवाई करनी होगी। (Ganesh utsav 2023 Permission)

    Ganesh utsav, Permission, 2023
    महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी की तैयारी की तस्वीर

    नियमानुसार ..

    महानगरपालिकाएं, नगरपरिषदों व ग्राम पंचायतों की जमीन नाममात्र का किराया रु. 100/ गणेशोत्सव या अन्य उत्सव मंडलों से जमा कराएंगी। साथ ही, उत्सव मंडलों को त्योहार के लिए समय-समय पर निर्धारित सरकारी निर्णयों और आदेशों के अनुसार नियम और शर्तों का पालन करना होगा। बोर्डों को स्थानीय पुलिस स्टेशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा और ऑनलाइन माध्यम से संबंधित स्थानीय निकायों को अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। (Ganesh utsav 2023 Permission)

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  • सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय

    • जाति प्रमाणपत्र के लिए राष्ट्रीय दस्तावेज होने जरूरी….!
    • न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने हेतु सरकार ने दी मंजूरी

    सुरेंद्र राय
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा में मराठा कुनबी समुदाय, कुनबी मराठा समुदाय को जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें कई कागजात साक्ष्य के रूप में मान्य होंगे, निजाम काल के अनिवार्य साक्ष्य, वंशावली, शैक्षिक साक्ष्य, राजस्व साक्ष्य, निजाम काल में किए गए समझौते, निजाम काल के संस्थानों द्वारा दिए गए चार्टर, राष्ट्रीय दस्तावेज होने ज़रूरी होंगे। इसमें निजाम शाही के समय के प्रमाण सरकारी कागजातों में होंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। (Maratha Arakshan News)

    मिलेगा जाति प्रमाणपत्र ..

    सरकारी निर्णय संख्या MASU -2023/P.No.03/16A दिनांक 07/सितंबर 2023, मैडम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मंत्रालय,मुंबई के अनुसार महाराष्ट्र सरकार शिक्षा एवम समाज कल्याण विभाग, सरकारी निर्णय दिनांक 13 अक्तूबर 1967, महाराष्ट्र अनुसूचित जाति, जनजाति, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, जाति प्रमाणपत्र जारी करने और सत्यापन का विनियमन अधिनियम, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक कार्य, खेल और विशेष सहायता विभाग के निर्णय दिनांक 1 जून 2004, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय ईवीएम विशेष सहायता विभाग दिनांक 1 सितंबर 2012, महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की अधिसूचना 5 परिपत्र दिनांक 28 फरवरी 2018, क्रमांक दिनांक 29 मई 2023, पिछड़ावर्ग और विशेष पिछड़ावर्ग जातिप्रमानपत्र जारी और सत्यापन का बिनयनम अधिनियम 2000 के अनुसार किया जाता है। (Maratha Arakshan News)

    जाति प्रमाणपत्र, Maratha Arakshan,
    मराठा आरक्षण पर प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

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    13 अक्तूबर 1967 निर्णय संख्या 1 के तहत उल्लखित राज्य में अन्य पिछड़ावर्ग की सूचीनुसार (अ) (स) 83 पर कुनबी जाति का उल्लेख है। सरकारी निर्णय 2004 को जारी किया गया, उसके द्वारा मराठा कुनबी के समान कुनबी मराठा को (ए) (न) 83 पर कुनबी जाति के समान जाति के रूप में शामिल किया गया है। यह भी कहा गया, कि सक्षम प्राधिकारी पुराने अभिलेखों साक्ष्यों के आधार पर जांच कर प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लेना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

    समिति गठित करने का निर्णय..

    सरकार की पहल पर न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने के लिए सरकार ने मंजूरी दी है। समिति के अन्य सदस्य मुख्य सचिव राजस्व, प्रधानसचिव विधि एवम न्याय, अतिरिक्त मुख्यसचिव संबंधित जिलों के कलेक्टर, विभागीय आयुक्त औरंगाबाद।
    आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक विभागो के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रमुख सचिव को बैठक में आमंत्रित किया जाना चाहिए। (Maratha Arakshan News)

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  • Mumbai- मिलावट रोकने के लिए BMC का स्वास्थ्य विभाग मावा-मिठाई बेचने वाले दुकानों की जांच करेगी

    Mumbai- मिलावट रोकने के लिए BMC का स्वास्थ्य विभाग मावा-मिठाई बेचने वाले दुकानों की जांच करेगी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) स्वास्थ्य विभाग ने मिठाइयों में मिलावट को रोकने के लिए 1 सितंबर से 31 दिसंबर तक एक विशेष अभियान चलाया है। साथ ही जनता से भी अपील ..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के स्वास्थ्य विभाग ने आगामी त्योहारों के दौरान मिठाइयों में मिलावट को रोकने के लिए 1 सितंबर से 31 दिसंबर तक एक विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत आगामी त्यौहारों जैसे गणेशोत्सव, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली और क्रिसमस को ध्यान में रखते हुए मिठाई की दुकानों, मावा भंडारण और कोल्ड रूम का गहन निरीक्षण किया जाएगा। (Mumbai BMCs Health department News)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का स्वास्थ्य विभाग त्योहार के दौरान मुंबई में मावा-मिठाई बेचने वाले प्रतिष्ठानों (दुकान एवं फैक्ट्री) का निरीक्षण करेगा। मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि भोजन बेचने वाले प्रतिष्ठानों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही निर्देश दिए हैं कि आने वाले समय में चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक उन मिठाई की दुकानों और प्रतिष्ठानों का गहनता से निरीक्षण करेगी, जहां मावा बनाया जाता है और भंडारण किया जाता है।

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    इस अभियान के तहत बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सभी चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है, कि नागरिकों को मिलावटी मिठाइयों से बचाने के लिए 1 सितंबर से 31 दिसंबर 2023 के बीच त्योहारों की पृष्ठभूमि में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। 

    मिठाई,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    मिठाई के रंगों पर ध्यान…

    इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें मिठाइयों में अलग-अलग रंग दिखाई दें या उनमें दुर्गंध या फंगस दिखाई दे तो ऐसी मिठाइयों का सेवन नहीं करें और यदि ऐसे पदार्थ पाए जाते हैं तो उन्हें मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के संभागीय चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी की जानकारी में लाना चाहिए। मनपा कानून के तहत ऐसे मामलों पर ठोस कार्रवाई किए जाने का निर्देश जारी किया हुआ है।

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