Category: National News

  • चुनाव खत्म हुआ तो विवादों में फंसी ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’, क्या हुआ 2100  का वादा?

    चुनाव खत्म हुआ तो विवादों में फंसी ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’, क्या हुआ 2100  का वादा?

    महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ अब विवादों में फंस गई है। सरकार इसमें अनियमितता को लेकर क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही है। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि चुनाव खत्म तो मामला खत्म। साथ ही राज्य के कृषि मंत्री का कहना है कि इससे किसानों की कर्जमाफी योजना प्रभावित हो रही है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में बहुचर्चित ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना‘ अब विवादों में फंस गया है। 2 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले महायुति गठबंधन ने इस योजना को लागू किया और चुनाव प्रचार में इसका भरपूर इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, चुनाव से पहले महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपए की कुल 5 किश्तें भी जमा कराई और दावा किया गया कि चुनाव जीतते ही इस योजना के लाभार्थियों को 1500 की जगह 2100 रुपए दिया जाएगा। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    2100 बना चुनावी जुमला

    राज्य की महिलाओं ने महायुति को चुनाव तो जिता दिया, लेकिन अब तक उनके खाते में 2100 रुपये की रकम नहीं आई। और तो और 1500 देने मे भी सरकार आना-कानी कर रही है। राज्य के कृषि मंत्री ने यहां तक ​​कह दिया कि लाडकी बहिन योजना की वजह से किसानों की कर्जमाफी योजना प्रभावित हो रही है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ अब विवादों में आ गई है। विधानसभा चुनाव में वादा किया गया था कि चुनाव जीतने के बाद इस योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 कर दी जाएगी। लेकिन चुनाव जीतते ही इस योजना के लाभार्थियों की जांच शुरू कर दी गई। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    कहां हुई गडबडी ?

    आरोप है कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस योजना के तहत दो बार पंजीकरण कराया और दो बार पैसे भी ले लिए। एक ही घर की 4 से 5 महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया। जिनके पास 4 पहिया वाहन हैं वे भी लाभार्थी बन गईं और जो शादी करके दूसरे राज्य में चले गए है उन लोगों ने भी इस योजना का फायदा उठा लिया। इतना ही नहीं, जिनकी सालाना आय 2.5 लाख से अधिक है वो भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब सरकारी यंत्रणा ऐसे लाभार्थियों की सूची बनाकर उन्हें इस योजना से हटा रही है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    क्रॉस वेरिफिकेशन

    अब तक 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं, जबकि सूची छांटने के बाद यह संख्या करीब 25 लाख कम हो जाएगी. वहीं, राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे का कहना है कि पात्र लाभार्थियों को क्रॉस वेरिफिकेशन प्रक्रिया से परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 2 महीनों में हमारे पास लाडकी बहिन योजना लाभार्थियों के बारे में कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनके आधार पर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। आईटी विभाग की मदद ली जा रही है। आधार कार्ड का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को इस प्रक्रिया से परेशान होने की जरूरत नहीं है। हमारा उद्देश्य है कि अधिकतम लाभार्थियों को योजना का लाभ मिले। लेकिन हमें जो शिकायतें मिली हैं, उनका समाधान करने की जरूरत है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाना और जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपए से कम है, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    विपक्ष और पक्ष दोनों ने लगाया आरोप

    महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लाडकी बहिन योजना’ को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी फायदे के लिए बिना उचित जांच के इस योजना को शुरू कर दिया गया, जिसके कारण अपात्र लाभार्थियों को भी इसका फायदा मिला। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि सरकार ने वोट पाने के लिए मानदंडों को सख्ती से लागू किए बिना लाभार्थियों को पैसे बांटे। राउत ने यह भी कहा, कि ‘वह सिर्फ चुनावी नारा था, चुनाव से पहले पैसे देकर वोट लिए गए, उसके बाद मामला खत्म हो गया।’ (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    एक ही महिला को कई योजनाओं का मिला लाभ

    वहीं, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने भी आरोप लगाया कि लड़की बहन योजना के कारण किसानों के हित की कई योजनाएं बंद हो गईं। उन्होंने अपनी ही सरकार के लाडकी बहिन योजना पर 45 हजार करोड़ और किसान कर्ज योजना पर 15 हजार करोड़ हर साल व्यर्थ में बांटने का आरोप लगाया। अब अगर हमारे मंत्रालय को और पैसा मिलेगा तो हम किसानों को किसान सम्मान योजना का लाभ दे पाएंगे। वैसे भी इस योजना का पैसा महिलाएं लेती हैं और सिर्फ प्रपंच पर खर्च करती हैं। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    उन्होंने कहा, ‘इस बात को सभी लोग जानते हैं कि हमारे घर में भी महिलाएं हैं। महिलाओं को दिया जाने वाला पैसा अब सिर्फ प्रपंच पर खर्च होता है। लड़की बहन योजना का पैसा भी इधर-उधर किया गया। बच्चों के लिए ये लो, उनके लिए वो लो। बेकार का खर्च, और कुछ नहीं.’ उनका कहना है कि जो महिलाएं मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना में सरकारी पैसा ले रही हैं, उन्हें किसान सम्मान योजना में पैसा नहीं लेना चाहिए। मुझे बताइए कि एक महिला दो सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे ले सकती है? सरकार को इस पर जीआर लाना चाहिए। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    क्या बंद हो जाएगा मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना ?

    मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना को लेकर विवादों के बीच लोगों में इस योजना को बंद किए जाने को लेकर चर्चाऐ आम होने लगी है। लोगों को अब लगने लगा है कि शायद महायुति की सरकार ने लोगों को ‘चुनावी जुमले’ जैसे वादों मे फंसा कर धोखा दिया है और अब चुनाव मे जीत हासिल करने के बाद पैसा देना बंद कर दिया है। वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि इस योजना को बंद नहीं किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को सहायता मिलती रहेगी। उन्होंने कहा, कि सरकार ने लाडकी बहिन योजना शुरू की थी, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डालने की कोशिश की। फिलहाल ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ को बंद नहीं किया गया है। हालांकि, सरकार ने संकेत दिया है कि पात्रता मानदंडों की सख्ती से जांच की जाएगी ताकि केवल पात्र लाभार्थियों को ही इसका लाभ मिल सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना का उद्देश्य सही लाभार्थियों तक पहुंचे और किसी भी तरह की अनियमितता से बचा जा सके। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

  • पवार गुट ‘विलय’ की चर्चा! आदित्‍य ठाकरे ने की फडणवीस से मुलाकात

    पवार गुट ‘विलय’ की चर्चा! आदित्‍य ठाकरे ने की फडणवीस से मुलाकात

    Ajit Pawar and Sharad Pawar: महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सभी दल अपने हिसाब से भविष्‍य की राह बुन रहे हैं। दरअसल आने वाले नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव को लेकर सभी दल नए सिरे से तैयारी कर रहे हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्‍ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार और शरद पवार गुट आपस में विलय करने की इस वक्‍त सबसे ज्‍यादा चर्चा और बहस का कारण बनी हुई है। अब इन चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुट के नेता आदित्‍य ठाकरे ने एक बार फिर सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। कुछ दिन पहले भी नागपुर में उद्धव और आदित्‍य ठाकरे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उसके बाद उद्धव की पार्टी के मुखपत्र सामना में सीएम फडणवीस के कार्यों की तारीफ की गई थी। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?

    इस गर्म जोशी भरी मुलाकात के बाद आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “आज हमने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत की और विनती की है कि जो ‘वॉटर फॉर ऑल’ योजना है, जिसे हम लेकर आए थे उस पर वे वापस अमल करें। पिछली एकनाथ शिंदे सरकार ने इस योजना को ‘स्थगित’ कर दिया था। हम चाहते हैं कि मुंबई के हर घर को पानी मिलना चाहिए। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    गठबंधन बन-बिगड़ सकते है।

    कामकाज के सिलसिले में मिलने-जुलने में कोई खास बात नहीं है लेकिन पवार परिवार में चल रही हलचल के बीच आदित्‍य ठाकरे की मुलाकात मायने रखती है। दरअसल महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सभी दल अपने हिसाब से भविष्‍य की राह बुन रहे हैं। इसी बीच राज्य में आने वाले नगरनिगम एवं पंचायती चुनाव को लेकर सभी दल नए सिरे से तैयारियां कर रहे हैं। वैसे भी महाराष्‍ट्र के जानकार कह रहे हैं क‍ि अब विधानसभा चुनाव के बाद यहां नए सिरे से गठबंधन बन-बिगड़ सकते हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    पवार का पावर गेम

    एक तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को एकजुट करने वाले राजनेता इस आधार पर पैरोकारी कर रहे हैं, कि महाराष्‍ट्र में यदि अजित पवार और शरद पवार की पार्टी का आपस में विलय हो जाए तो उनका वोट प्रतिशत बढ़कर 20% हो जाएगा। इसके साथ ही शरद पवार की पार्टी में 8 लोकसभा और चार राज्‍यसभा सांसद हैं। अजित गुट के पास एक लोकसभा सदस्‍य है। इन सबके एक साथ आने से केंद्र सरकार में एनसीपी का प्रतिनिधित्‍व होगा। इसके अलावा पूरे महाराष्‍ट्र में अजित पवार के पास 41 और शरद पवार के पास 10 विधायक हैं। इनके एकजुट होने से डिप्‍टी सीएम अजित पवार का महाराष्‍ट्र में दबदबा बढ़ेगा। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    इंडिया की जगह NDA की शरण

    इसी तरह उद्धव ठाकरे की शिवसेना के भीतर भी मंथन का दौर चल रहा है. पार्टी के कुछ नेता दबे स्‍वरों में राज ठाकरे की महाराष्‍ट्र नवर्निमाण सेना को एक साथ लाने की मांग कर रहे हैं। उनका मकसद ठाकरे परिवार को एकजुट करके शिवसेना की खोई हुई ताकत को फिर से हासिल करना है। एकनाथ शिंदे के अलग होने के बाद उद्धव की पार्टी कमजोर हुई है। उद्धव के पास केवल 20 विधायक हैं। वहीं कुछ नेता कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से हटने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने के बाद ही शिवसेना अपनी फायरब्रांड हिंदू छवि को हासिल करने में सक्षम हो सकती है। ऐसे लोग इंडिया गठबंधन की जगह एनडीए में जाने के पक्षधर हैं। महाराष्‍ट्र और केंद्र में अगले पांच साल तक कोई चुनाव नहीं होने वाला है। उसको देखते हुए सियासी दल नए सिरे से अपनी तैयारियों में लग गए हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

  • IT Commissioner निकला छठी पास, 40 लोगों की लूट, 2 करोड़ का चूना

    IT Commissioner निकला छठी पास, 40 लोगों की लूट, 2 करोड़ का चूना

    मुंबई में आयकर विभाग का कमिश्नर बनकर 40 से अधिक लोगों को धोखा देने वाले छठी पास बदमाश को क्राईम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सीबीआई में नौकरी दिलाने के बहाने 40 लोगों को 2 करोड़ रुपये चूना लगाने वाले बदमाश के पास से पुलिस ने फर्जी आईडी कार्ड, नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई
    – महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पास से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक छठी क्लास पास बदमाश ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताया और 40 लोगों को चूना लगा दिया। आरोपी ने इन चालीस लोगों से करीब 2 करोड़ रुपये ठगे हैं। शातिर बदमाश को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से आयकर विभाग की 28 फर्जी ID कार्ड बरामद की है। वहीं, पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र, लेटर हेड और अन्य डॉक्यूमेंट भी बरामद किए हैं। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    दरअसल, मुंबई से सटे नालासोपारा क्राइम ब्रांच की यूनिट-3 ने एक फर्जी आयकर अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया, कि आरोपी आयकर विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 से ज्यादा बेरोजगार लोगों से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का पैसा ठग चुका है। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    सिर्फ छठी क्लास पढ़ा है आरोपी

    क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने इस फर्जी अधिकारी को नवी मुंबई के तलोजा इलाके से पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपी का नाम रिंकू जीतू शर्मा बताया जा रहा है, जिसकी उम्र 33 साल है। वह पेशे से ड्राइविंग का काम करते हैं और केवल छठी क्लास पास है। इसके बावजूद, बेरोजगारों से वादा करता था कि उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में उच्च पदों पर नौकरी दिलाएगा। इसी वादे का झांसा देकर लोगों से मुंह मांगी कीमत मांग लेता था। ऐसा करते हुए उसने कई बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसा लिया और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड भी दिया। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    IT डिपार्टमेंट और CBI की फर्जी आईडी बरामद

    क्राइम ब्रांच ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर 7 जनवरी को नवी मुंबई के तलोजा फेज-2 से उसे हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 28 फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। इनमें आयकर विभाग के सहायक आयुक्त, गृह विभाग के सहायक आयुक्त और सीबीआई विभाग के पुलिस आयुक्त जैसे पदों के फर्जी आईडी कार्ड शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इसके अलावा, उसके पास से फर्जी स्टांप, नियुक्ति पत्र, और लेटर हेड सहित अन्य दस्तावेज भी जब्त किए हैं। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    कब हुआ ठगी का खुलासा ?

    12 दिसंबर 2024 को पेल्हार पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज हुई थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने आयकर कमिश्नर होने का नाटक करते हुए शिकायतकर्ता की बेटी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने 15 लाख रुपये ऐंठने के बाद फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र दिए। जब बेटी की नौकरी नहीं लगी, तब धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को आज यानी बुधवार, 8 जनवरी, वसई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 13 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

  • Car Project: मुंबई में केबल कार प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

    Car Project: मुंबई में केबल कार प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

    Mumbai Cable Car project: महाराष्ट्र राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर केबल कार प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की। इसके बाद प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई महानगरीय क्षेत्र में रोपवे के माध्यम से केबल कार परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसकी जानकारी राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक आयोजित की थी। मौके पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने केंद्र सरकार द्वारा मुंबई महानगरीय क्षेत्र में “केबल कार परियोजना” को लागू करने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ अलग से बैठक की। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    प्रताप सरनाईक ने क्या कहा?

    प्रताप सरनाईक ने कहा, ”विकसित भारत 2047 के लिए नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुझे महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त हुआ। इस मौके पर हमने मुंबई के शहरी परिवहन को आसान बनाने के लिए “केबल कार परियोजना” का प्रस्ताव रखा। इसमें हमने पीपीपी के माध्यम से पर्वतमाला परियोजना के तहत डीपीआर तैयार करने की मंजूरी का अनुरोध किया। प्रताप सरनाईक ने इस मौके पर केबल कार परियोजना को विकसित महाराष्ट्र के लिए पर्यावरण-अनुकूल परिवहन बताया। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    सरनाईक ने कहा कि मुंबई महानगरीय क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण, वाहनों की बढ़ती संख्या, यातायात जाम की समस्या हल करने के लिए एक ठोस प्रयास किया जा रहा है। पश्चिमी देशों में “केबल कार परियोजना” के महत्व को समझाने के बाद इस परियोजना का सर्वेक्षण कर विकास योजना तैयार करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    विकास की जरूरत क्यों है ?

    परिवहन प्रणाली विकसित करने के लिए इस परियोजना का भी सर्वेक्षण किया जाना चाहिए ताकि हवाई अड्डे से आने-जाने में कम से कम समय लगे। पालघर से रायगढ़ जिले के उरण-पेन तक फैले कुल क्षेत्र में शहरीकरण की गति बढ़ रही है। उन्होंने कहा, कि “सड़क परिवहन, रेलवे, मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर दिन-ब-दिन बढ़ते तनाव को देखते हुए भविष्य में “केबल कार” जैसी हवाई सेवाओं का विकास करना आवश्यक है।” (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

  • Mumbai- समुद्री तट पर प्रॉपर्टी लीगल करने के लिए सरकारी दस्तावेजों से हेरफेर, 4 गिरफ्तार 18 अधिकारियों से पूछताछ

    Mumbai- समुद्री तट पर प्रॉपर्टी लीगल करने के लिए सरकारी दस्तावेजों से हेरफेर, 4 गिरफ्तार 18 अधिकारियों से पूछताछ

    मुंबई समुद्र तटीय क्षेत्र में बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। 102 फर्जी प्रॉपर्टी नकशे के आधार पर अवैध निर्माण किए गए। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बीएमसी तथा भूमि रिकॉर्ड विभाग के 18 अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया था। एसआईटी ने जांच में खुलासा किया है कि उसने मुंबई समुद्र तटरेखा के किनारे मालाड़ पश्चिम के मार्वे, मढ़ आइलैंड और वर्सोवा के तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) और नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) की जमीन पर बड़े स्तर पर कंस्ट्रक्शन पाया। इतना ही नहीं जमीन में निर्माण के लिए संपत्ति रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई। जांच के बाद सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी के साथ बड़े स्तर पर जमीन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि समुद्र तट के किनारे कम से कम 102 प्रॉपर्टी नकशे से जुड़े घोटाले के लिए पिछले सप्ताह दो पूर्व सरकारी कर्मचारियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कुल मिलाकर, बीएमसी और भूमि रिकॉर्ड अनुभाग के 18 सरकारी कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    कहाँ हुआ जमीन घोटाला

    इस घोटाले में कथित तौर पर एस्टेट एजेंट, सरकारी कर्मचारी और ठेकेदार शामिल हैं, जिन्होंने मालाड़ पश्चिम के मार्वे, मढ़ आइलैंड, वर्सोवा और अन्य पर्यावरण के लिए संवेदनशील स्थानों में भूमि रिकॉर्ड में बदलाव किया। मालाड़ पश्चिम एरंगल के एक किसान वैभव ठाकुर ने सबसे पहले इस हेराफेरी के मामले को उजागर किया। वैभव एक खानदानी किसान है और एक खेती की जमीन के मालिक भी हैं। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    एफआईआर पर गिरफ्तारी नही हुई

    वैभव ठाकुर ने 2021 में अपने प्लॉट और आस-पास की जमीनों पर अवैध निर्माण के खिलाफ गोरेगांव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। ठाकुर ने पाया कि CRZ और NDZ भूखंडों को बनाने के लिए क्षेत्रों के रूप में वर्गीकृत करने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में जालसाजी की गई थी। हालांकि, BMC और गोरेगांव पुलिस सहित अन्य अधिकारियों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    फिर से उछला मामला

    कुछ समय के बाद भूमि अभिलेख उपाधीक्षक नितिन सालुंखे ने 2021 में एक और FIR दर्ज कराइ। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए 2012 और 2020 के बीच नक्शे और दस्तावेजों में जालसाजी की गई है। यह मामला 2022 में विधानसभा में गूंजा और सरकार को एक जांच समिति गठित करनी पड़ी। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    कैसे हुई गिरफ्तारी?

    समिति के निष्कर्ष बॉम्बे हाई कोर्ट में तब प्रस्तुत किए गए जब मूल शिकायतकर्ता वैभव ठाकुर ने सरकार के निष्कर्षों के बावजूद निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए एक याचिका दायर की। अक्टूबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर गठित SIT को कुल चार FIR की जांच करने का काम सौंपा गया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम के नेतृत्व में चार गिरफ्तारियां की हैं। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    आरटीआइ के आड़ मे घोटाले

    एसआईटी के अनुसार, चारों आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर पिछले कुछ वर्षों में 102 प्रॉपर्टी नकशे और अभिलेखों में हेराफेरी की। इसमें फर्जी सिटी सर्वे नंबर, गैर-मौजूद निर्माण और बदली हुई सीमाएं जैसे गलत विवरण शामिल थे। आरटीआई अनुरोध दाखिल करने की आड़ में जाली मानचित्र वितरित किए गए। बीएमसी अधिकारियों ने कथित तौर पर इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निर्माण और बिक्री को मंजूरी दी, इन सरकारी विभाग मे भ्रष्ट अधिकारियों के कारण सरकार को काफी हद तक राजस्व का नुकसान और पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का काम हुआ है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    1955 से 1984 के दस्तावेजों में हेरफेर

    जांच में पाया गया कि उप अधीक्षक के कार्यालय में रखे गए 1955-1984 के 884 स्थायी गणना मानचित्रों में से 102 फर्जी थे। इन मानचित्रों के आधार पर निर्माण किया गया, जो 1964 से पहले अस्तित्व में ही नहीं थे। महाराष्ट्र सरकार ने एसआईटी के निष्कर्षों के बाद, शहरी विकास के प्रमुख सचिव और पुणे में भूमि अभिलेखों के निदेशक को सार्वजनिक अभिलेखों में हेराफेरी करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    नागपुर से मूल मानचित्र जब्त

    एसआईटी ने नागपुर में महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर से सभी 884 मूल मानचित्र और उनकी डिजिटल प्रतियां जब्त कर ली हैं। आगे की जांच में अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान करने और सभी दस्तावेजों की प्रामाणिकता की पुष्टि करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पिछले गुरुवार को, एसआईटी ने 50 वर्षीय अवैध ठेकेदार नरशिम पुत्तवल्लू को गिरफ्तार किया, जो सभी चार एफआईआर में आरोपी है, साथ ही सिटी सर्वे ऑफिस के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों देवदास जाधव और मरडे और रियल एस्टेट एजेंट इमाम शेख को भी गिरफ्तार किया है। उन पर बीएमसी और भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से रिकॉर्ड में जालसाजी करने का मामला दर्ज किया गया था। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    पुलिस ने क्या कहा?

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘सीआरजेड और एनडीजेड भूमि पर अवैध निर्माण ने पारिस्थितिकी संतुलन (ecological balance) को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। बीएमसी और भूमि अभिलेख विभाग के कुल 18 अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया के कारण जांच में देरी हुई।’ (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

  • Mumbai- दादर के सरकारी स्कूल में 12 साल की बच्ची और पीटी टीचर कमरे में बंद

    Mumbai- दादर के सरकारी स्कूल में 12 साल की बच्ची और पीटी टीचर कमरे में बंद

    मुंबई के एक सरकारी स्कूल में महज़ 12 साल की बच्ची के साथ 38 साल के पीटी के टीचर द्वारा कमरे का दरवाजा बंद कर छेड़खानी का मामला दर्ज हुआ है। पीटी टीचर ने बच्ची को अकेला पाकर कहने लगा मुझे गले लगाओ … (Mumbai- 12 year old girl and PT teacher locked in room in Dadar government school)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    दादर की एक सरकारी स्कूल में क्लास का रूम बंद कर 12 साल की छात्रा से छेड़छाड़ की घटना प्रकाश में आ रही है। इस घटना ने गुरू और शिष्य के रिश्ते को तार-तार कर दिया। स्कूल प्रशासन भी इसके खिलाफ खड़ा हो गया। पुलिस ने घटना की जानकारी प्राप्त होते ही छेड़छाड़ के आरोप में 38 साल के पीटी टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, घटना 27 दिसंबर को हुई है। (Mumbai- 12 year old girl and PT teacher locked in room in Dadar government school)

    बच्ची को अकेली पाकर कमरा बंद किया

    पीड़ित बच्ची की मां ने FIR में कहा, “जब लड़की क्लास में अकेली थी, तो आरोपी पीटी टीचर वहां आया गया। उसने इधर-उधर देखा और फिर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद आरोपी शिक्षक ने लड़की को गले लगाने के लिए कहा और उसके बाद उसके साथ छेड़छाड़ की।” (Mumbai- 12 year old girl and PT teacher locked in room in Dadar government school)

    आरोपी पीटी शिक्षक ने कथित तौर पर लड़की से यह भी कहा कि वह किसी को इस बारे में न बताए। लड़की स्वभाव से शर्मीली है। वो घटना के बाद डरी हुई थी और उसने तुरंत किसी को इस घटना के बारे में नहीं बताया। हालांकि, कुछ दिन बाद उसने अपनी सहेली को बताया, जिसने फिर अपने क्लास के टीचर को इस बारे में बता दिया। (Mumbai- 12 year old girl and PT teacher locked in room in Dadar government school)

    आरोपी शिक्षक गिरफ्तार

    क्लास टीचर ने लड़की के माता-पिता से संपर्क किया और स्कूल के प्रिंसिपल के साथ माता-पिता की बात करवाई। फिर पुलिस से संपर्क किया गया और शुक्रवार को मामले में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, आरोपी शिक्षक को तुरंत डिटेक्शन के स्टाफ ने गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। (Mumbai- 12 year old girl and PT teacher locked in room in Dadar government school)

    पुलिस ने क्या कहा?

    स्कूल के सीसीटीवी फुटेज से 27 दिसंबर को लड़की और आरोपी पीटी टीचर के स्कूल में मौजूद होने की पुष्टि हुई। आरोपी पीटी टीचर पिछले 7 सालों से स्कूल में काम कर रहा है। पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया। अधिकारी ने कहा, “हम अदालत से उसकी हिरासत की मांग करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने स्कूल में अन्य लड़कियों को निशाना बनाया है या नहीं और क्या उसके खिलाफ पहले से कोई अपराधिक मामला दर्ज है।” (Mumbai- 12 year old girl and PT teacher locked in room in Dadar government school)

  • Mumbai New Year: पार्टी में म्यूजिक की आवाज बढ़ाने को लेकर मारपीट, एक की मौत, चार गिरफ्तार

    Mumbai New Year: पार्टी में म्यूजिक की आवाज बढ़ाने को लेकर मारपीट, एक की मौत, चार गिरफ्तार

    New Year 2025: बुधवार को नए साल की पार्टी में म्युजिक साउंड को लेकर विवाद के बीच मारपीट से एक युवक की गुरूवार को मौत हो गई है। वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस ने चार लोगों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – नऐ साल की शुरुआत में ही मामूली विवाद को लेकर लोगों ने 23 वर्षीय युवक की पीट पीट कर हत्या कर दी। वहीं मृतक का दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल का मुंबई के केईएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना मुंबई के पास मीरा रोड की है। यहां कथित तौर पर पिटाई के कारण घायल 23 वर्षीय युवक की गुरुवार को मौत हो गई। मृतक की पहचान राजा परियार के तौर पर हुई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    सुबह तक चलती रही पार्टी

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी सुबह करीब 3 बजे की है। म्हाडा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में नए साल का जश्न चल रहा था। पार्टी में म्यूजिक सिस्टम की तेज आवाज पर दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों पक्षों में बहस होने लगी। देखते-देखते विवाद ने हिंसक हो गया। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस ने बताया कि आशीष जाधव, अमित जाधव, उसके पिता प्रकाश जाधव और प्रमोद यादव ने कथित तौर पर राजा परियार के साथ मारपीट की। राजा परियार पर लकड़ी के डंडों से हमला किया गया। सिर पर डंडा पड़ने के बाद पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया। परियार का सहयोगी विपुल राय भी हमलावरों के निशाने पा आ गया। हमलावरों ने लोहे की रॉड से विपुल राय पर भी वार किया। हमले में परियार और राय को गंभीर चोट आ गई। इसी बीच नए साल की पार्टी में मारपीट के कारण अफरा तफरी मच गई। दोनों घायलों को मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल ले जाया गया। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    नए साल की पार्टी में मारपीट

    इलाज के दौरान राजा परियार ने गुरुवार सवेरे दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि विपुल राय की भी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आशीष जाधव, अमित जाधव, प्रकाश जाधव और प्रमोद यादव को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

  • सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    मुंबई के सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश मे आ रहा है। यहां कांदीवली के शताब्दी अस्पताल में काम करने वाले सफाई कर्मचारी पिछले 2 महिनों के पगार को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं। बताया की सालाना बोनस भत्ते से वंचित रखा गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदीवली पश्चिम के सरकारी अस्पताल में पिछले 4 दिनों से साफ सफाई का काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को पिछले 2 महिनों से पगार ही नहीं मिली है। साथ ही पिछले 2 सालों से बोनस भत्ता के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। इसको लेकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का साथ मिलने के बाद आश्वासन दिया गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    कौन है ठेकेदार?

    बता दें, कि “कल्पतरु हॉस्पिलिटी” नामक कंपनी शताब्दी अस्पताल में ठेका चला रहा है। इसी के अधीन सफाई कर्मचारी सरकारी अस्पताल में काम कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों को ना तो पीएफ सुविधा दिया जा रहा है और ना ही सरकारी नियमानुसार वेतन ही दिया जा रहा है। यहां तक की साप्ताहिक अवकाश का पैसा भी काट लिया जाता है। पिछले 2 सालों से मिलने वाले सालाना बोनस फंड से इन्हें वंचित रखा गया है।  इस तरह के मनमानी कारोबार के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने अनशन पर बैठने का फैसला लिया। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    मुलभुत सुविधाओं से वंचित

    इसी कड़ी में कर्मचारियों ने ठेकेदार के मनमानी कारोबार के खिलाफ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद की गुहार लगाई। बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल में पिछले 12 सालों से सफाई कामगार ठेका पद्धति पर काम कर रहे हैं। जबकि यहां कितने ही ठेका कंपनी बदल चुके है। लेकिन इन कर्मचारियों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।  (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    शिवसेना शिंदे गुट ने किया मुलाकात

    Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also
    सफाई कर्मचारियों के साथ शिवसेना शिंदे गुट के पदाधिकारियों की तस्वीर

    इसकी शिकायत को लेकर शिवसेना व्यापारी सेना सचिव तथा गृहसंकुल सह समन्वयक संदीप शिंदे साहब और शिवसेना पदाधिकारी एंटोनी डिसूजा, गणेश टोने, महेंद्र शेंडगे, गणेश माने, राजू सिंह, अमित भारखड़ा सफाई कर्मचारियों से मुलाकात की और इनकी मांगों को लेकर ठेकेदार के मैनेजर आतिश जाधव से मिले और उनसे सवाल पूछा गया तो ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों के पगार के पैसों के साथ बोनस फंड जल्द ही देने का कहा है। इसके अलावा ठेका कंपनी ने जल्द ही सफाई कर्मचारियों की बाकी समस्याओं का निपटारा करने का आश्वासन दिया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

  • MHADA: किराया मांगने गये तो पुलिस की कर दी पिटाई, म्हाडा कार्यालय में हंगामा

    MHADA: किराया मांगने गये तो पुलिस की कर दी पिटाई, म्हाडा कार्यालय में हंगामा

    रिडेवलपमेंट के तहत निर्माण किए जा रहे म्हाडा के प्रोजेक्ट में मकान मालिक को किराये का पैसा देने की जगह म्हाडा के अधिकारी द्वारा मार पीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जबकि पीड़ित एक पूर्व पुलिस अधिकारी है। ऐसे में आम नागरिकों के साथ कैसा सलुक किया जाता होगा? इसपर सवाल खड़े हो रहे हैं। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    खेरवाड़ी पुलिस ने म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल और 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक पूर्व पुलिस अधिकारी (शिकायतकर्ता) पर शारीरिक हमला करने और गैरकानूनी तरीके से लोगों को इकट्ठा करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। कथित तौर पर जायसवाल ने म्हाडा कार्यालय में शिकायतकर्ता को थप्पड़ मारा, जिसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों और अधिकारियों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट की। इसके साथ ही जायसवाल ने कथित तौर पर उसे जान से मारने की धमकी दी। मामला 26 दिसंबर को दर्ज हुआ। लेकिन, पुलिस ने अभी तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)

    क्या है मामला?

    खेरवाड़ी पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता, 60 वर्षीय विजय चालके, अंधेरी पश्चिम में रहने वाले एक सेवानिवृत्त सहायक पुलिस अधिकारी हैं। जो पहले डीएन नगर में स्थित म्हाडा (महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण) के तहत मंगलमूर्ति सोसाइटी नामक एक इमारत में रहते थे। इमारत का म्हाडा द्वारा पुनर्विकास किया जा रहा है। 2016 से चालके और 12 अन्य परिवारों को म्हाडा से उनका किराया नहीं मिला है। चालके ने इसको लेकर म्हाडा में शिकायत दर्ज कराई थी। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)

    शिकायत करने का नतीजा

    26 दिसंबर को चालके और बाकी परिवार के अन्य सदस्य पिछला किराया के बारे में पूछताछ करने म्हाडा कार्यालय गए हुए थे। विजिटिंग रूम में प्रतीक्षा करते समय, जायसवाल शाम करीब 5 बजे पहुंचे और चालके से कहा, कि वह फिर से कार्यालय नहीं आएंगे और अन्य लोगों से बाद में आने के लिए कहा। जब चालके ने इस पर सवाल उठाया, तो कथित तौर पर जायसवाल नाराज हो गए और उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके तुरंत बाद, लगभग 10 से 12 सुरक्षा कर्मचारी और अन्य कर्मचारी विजिटिंग रूम में पहुंचे। वे चालके को दूसरे कमरे (कमरा नंबर 520) में ले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। कथित तौर पर कुछ सुरक्षा गार्डों ने चालके के हाथ और पैर पकड़ लिए, जबकि जायसवाल और अन्य ने उन्हें मुक्कों और लात-घूंसों से पीटा। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)

    पुलिस ने लिया जायज़ा

    जायसवाल ने चालके को कथित तौर पर धमकाया और कहा कि वह पुलिस आयुक्त को सूचित करेंगे, उन्हें मुठभेड़ में मार देंगे और उनकी पेंशन बंद कर देंगे। कथित तौर पर आरोपियों ने चालके की सोने की चेन और ईयरफोन भी तोड़ दिए। पुलिस जल्द ही घटनास्थल पर पहुंची और चालके को इलाज के लिए सांताक्रूज ईस्ट के वी.एन. देसाई अस्पताल ले गई। इसके बाद चालके ने जायसवाल और 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)

  • Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी द्वारा इकोकार्डियोग्राम (ECG) किए जाने के सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। इसी सिलसिले में अस्पताल को लिगल नोटिस दिया गया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    सरकारी अस्पताल में गड़बड़ी और लापरवाही की खबर तो हमेशा आती रहती है। लेकिन एक सफाई कर्मचारी डाक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने का सनसनीखेज मामला पहली बार सामने आया है। मुंबई के गोवंडी स्थित शताब्दी अस्पताल को एक कानूनी नोटिस मिला है। जिसमें अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर इकोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    कैसे मिली जानकारी?

    इस घटना की जानकारी तब प्रकाश में आई जब शहर के वकील आबिद अब्बास सैय्यद ने मुख्यमंत्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न राज्य अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा। खबर के मुताबिक, एडवोकेट सैय्यद ने इस घटना को मेडिकल प्रोटोकॉल और मरीज सुरक्षा का घोर उल्लंघन बताया है। हालांकि अस्पताल ने इस घटना से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने कर्मचारी की हरकत का बचाव करते हुए कहा, कि सफाई कर्मचारी “प्रक्रिया करने के लिए पर्याप्त शिक्षित और योग्य था।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    बताया गलतफहमी

    अस्पताल प्रशासन के एक सदस्य ने कहा, “ईसीजी मशीनें सिर्फ़ एक बटन दबाने से काम करती हैं। कर्मचारियों ने सिर्फ़ ईसीजी किया था और उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पेशेवर डॉक्टरों ने रिपोर्ट ली थी।” पहले इसी सदस्य ने इस घटना को “गलतफ़हमी” भी बताया। अस्पताल ने आगे कहा कि मरीज़ नियमित जांच के लिए अस्पताल आया था और उसकी हालत गंभीर नहीं थी। हालांकि, अपने नोटिस में अधिवक्ता सैय्यद ने कहा कि इस घटना ने अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मरीज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल उठाया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार

    एड्वोकेट सैय्यद ने अधिकारियों से घटना की जांच करने का आग्रह किया है और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की है। सैय्यद ने अपने नोटिस में कहा, “मरीजों को उम्मीद है कि उन्हें योग्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवर डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाएगा। लेकिन इस तरह की घटनाएं लापरवाही की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करती हैं।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि खबरों से पता चला है कि शताब्दी अस्पताल और अन्य सरकारी सुविधाओं के कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिक चला रहे हैं, जो उन नियमों का उल्लंघन है, जो उन्हें निजी प्रैक्टिस करने से रोकते हैं। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)