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  • देखकर चौंक जाएंगे आप, वापस तालाब में छोड़ा, असंभव।

    देखकर चौंक जाएंगे आप, वापस तालाब में छोड़ा, असंभव।

    असंभव सा लगता है जब हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि मछली के दांत इंसानों जैसे कैसे हो सकते हैं? खबर अमेरिका के एक छोटे से गांव की है। Pacu fish

    डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network)
    अमेरिका
    के ओक्लाहोमा (Oklahoma in America) में 11 साल के एक लड़के ने ऐसी मछली पकड़ी जिसे देखकर सब हैरान रह गए। लड़के ने यह मछली तालाब से पकड़ी थी और उसके दांत देखते ही वह चिल्लाने लगा। जाना क्लिंटन ( jaana clinton ) नामक महिला ने बताया, कि उनका बेटा चार्ली (Charlie) मछली को पकड़ने के बाद जोर-जोर से चिल्ला रहा था, ‘हे भगवान, यह क्या है? मॉम…मॉम!’ जाना ने कहा, कि पहले तो उन्हें लगा कि वह नौटंकी कर रहा है, लेकिन जब उन्होंने मछली को देखा तो वह भी हैरान रह गईं। चार्ली ने जो मछली पकड़ी थी उसके दांत बिल्कुल इंसानों जैसे थे। (Pacu fish)

    पिरान्हा के परिवार से होती है ‘पाकु’

    खबरों के मुताबिक, चार्ली ने जो मछली पकड़ी थी वह ‘पाकु फिश’ (Pacu fish) थी, जो मछलियों के उसी परिवार से आती है जिससे पिरान्हा (piranha fish) आती है। यह मछली हालांकि दक्षिण अमेरिका में पाई जाती है। ऐसे में ओक्लाहोमा (Oklahoma) के एक छोटे से तालाब में उसका होना लोगों को हैरान कर गया। चार्ली को मछली पकड़ने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा। क्योंकि वह काफी तेज थी और लगातार प्रतिरोध कर रही थी। हालांकि 11 साल के चार्ली ने मछली को पानी से बाहर निकालकर ही दम लिया। बता दें कि ‘पाकु’ (Pacu fish) को ‘द बॉल कटर’ (the ball cutter) के नाम से भी जाना जाता है।

    यह भी पढ़ें:- कैसे बैंक OTP के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है?

    Pacu fish,
    11 वर्षीय चार्ली के हाथ में पाकू फिश की तस्वीर

    वापस तालाब में छोड़ा.. Pacu fish

    इंसानों जैसे दांत वाली ‘पाकु’ मछली को दोबारा पानी में छोड़ना पड़ा क्योंकि जिस तालाब से यह पकड़ी गई थी उसका नियम यही था। अमेरिका में कुछ तालाब ऐसे होते हैं जहां आप खेल के तौर पर मछलियां पकड़ सकते हैं और इसके बाद मछलियों को वापस तालाब में छोड़ना पड़ता है। ‘पाकु’ (Pacu fish) के बारे में खबर फैलने के बाद ओक्लाहोमा वाइल्डलाइफ (Oklahoma Wildlife) की टीम ने मछली को तालाब से निकाला और किसी दूसरी जगह छोड़ दिया। इस पर और अधिक जानकारी देते हुए बता दें, कि पाकु मछली (Pacu fish) की लंबाई 3.5 फीट तक हो सकती है और यह 35 किलोग्राम तक वजनी हो सकती है।

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  • आयकर से राहत को लेकर मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम..

    आयकर से राहत को लेकर मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम..

    • 7.27 लाख तक की आमदनी वालों को टैक्‍स नहीं।
    • अतिरिक्त 1 रुपये के लिए किस स्तर पर टैक्‍स का भुगतान करते हैं?
    • 50 हजार रुपये का स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन।
    • मोदी सरकार का 2023-24 के लिए बजट में बढ़ोतरी।
    • आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी।

    डिजिटल डेस्क (Indian fasttrack News Network)
    उडुपी
    में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार ने म‍िड‍िल क्‍लॉस को कई टैक्‍स बेन‍िफ‍िट प्रदान किए हैं। इसके तहत हर साल 7.27 लाख रुपये तक की आमदनी वालों को क‍िसी प्रकार का टैक्‍स नहीं देना होगा। उन्‍होंने कहा, सरकार ने समाज के किसी भी वर्ग को नहीं छोड़ा है। कुछ लोगों ने इस पर संदेह क‍िया, जब साल 2023-24 के केंद्रीय बजट में 7 लाख रुपये तक की आमदनी के ल‍िए आयकर छूट प्रदान करने का फैसला क‍िया गया था।

    7 लाख रुपये से ज्‍यादा की कमाई का क्या होगा?

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां जानकारी देते हुए बताया, कि “लोगों को संदेह इस बात को लेकर था कि 7 लाख रुपये से ज्‍यादा की कमाई का क्या होगा? इसके बाद हम एक टीम के रूप में बैठे और ड‍िटेल में गए। हमने यह पता लगाया क‍ि आप प्रत्येक अतिरिक्त 1 रुपये के लिए किस स्तर पर टैक्‍स का भुगतान करते हैं। उदाहरण के लिए 7.27 लाख रुपये के लिए, अब आप क‍िसी प्रकार का टैक्‍स नहीं देते। केवल 27 हजार रुपये पर ही ब्रेक ईवन आता है। इसके बाद आप टैक्स देना शुरू करते हैं।”

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/15/announcement-of-departmental-allocation-with-reshuffle-in-state-cabinet
    Indian fasttrack news
    मोदी सरकार,
    भारतीय अर्थव्यवस्था पर फाइल तस्वीर

    50 हजार रुपये का स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन।

    न‍िर्मला सीतारमण ने कहा, “अब आपके पास 50 हजार रुपये का स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन भी है। न्‍यू टैक्‍स र‍िजीम के तहत यह शिकायत थी कि कोई स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन नहीं है। यह इस बार दिया गया है।” उन्होंने कहा, कि “हम भुगतान में सरलता लाए हैं।” सरकार की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, कि “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का कुल बजट 2013-14 के 3,185 करोड़ रुपये की तुलना में 2023-24 के लिए बढ़कर 22,138 करोड़ रुपये हो गया है।

    मोदी सरकार का बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी।

    उन्होंने कहा नौ साल के दौरान बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी हुई है। यह एमएसएमई (MSME) सेक्‍टर को सशक्त बनाने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सार्वजनिक खरीद नीति योजना के तहत, 158 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा की गई कुल खरीद का 33 प्रतिशत एमएसएमई (MSME) से किया गया है। उन्होंने कहा, कि यह अब तक का सबसे ज्‍यादा आंकड़ा है।

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    दुन‍ियाभर में हुई भारत की तारीफ..

    उन्होंने कहा, “हमने टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म (Trade Receivables Discounting System) लॉन्च किया। ताकि एमएसएमई (MSME) और अन्य निगमों को अपने खरीदार द्वारा भुगतान न करने के कारण ल‍िक्‍व‍िड‍िटी की कमी का सामना न करना पड़े।” सीतारमण ने कहा, कि “ओएनडीसी (ONDC) ने एमएसएमई (MSME) कारोबार को बड़े संभावित ग्राहक आधार तक पहुंचने में सक्षम बनाया है।” साथ ही उन्‍होंने कहा, क‍ि “दुनिया इस बात की तारीफ करती है, क‍ि भारत ने ब‍िजनेस सेक्‍टर के ल‍िए अच्‍छा काम क‍िया है।”

    उन्‍होंने यह भी बताया, क‍ि “व्यापार करना भारत में पहले से आसान हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा, कि “ईज ऑफ डूइंग ब‍िजनेस इंडेक्‍स में भारत की रैंकिंग 2014 में 142 से बढ़कर 2019 में 63 हो गई है। हमने 1,500 से ज्‍यादा पुराने कानूनों और करीब 39 हजार अनुपालनों को निरस्त करके जरूरी अनुपालन बोझ को कम किया है।” उन्‍होंने कहा, कंपनी अधिनियम को अपराधमुक्त कर दिया गया है।

  • कॉलर ने मुंबई पुलिस को फिर से 26/11 जैसे आतंकी हमले की चेतावनी दी…

    कॉलर ने मुंबई पुलिस को फिर से 26/11 जैसे आतंकी हमले की चेतावनी दी…

    मुंबई पुलिस को फोन कर पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर के अपने देश नहीं लौटने पर 26/11 जैसे आतंकी मुंबई हमले की चेतावनी एक अज्ञात व्यक्ति ने दी है। पुलिस धमकी की जांच कर रही है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    ताज़ा ख़बर के मुताबिक, एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया, कि ‘एक अज्ञात व्यक्ति ने मुंबई पुलिस के ट्रैफिक कंट्रोल रूम को फोन किया और पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर के अपने देश नहीं लौटने पर 26 जैसे आतंकवादी मुंबई हमले की चेतावनी दी है।’

    पुलिस अधिकारी ने कहा, 12 जुलाई को फोन आया था। फोन करने वाले ने उर्दू में बात करते हुए कहा, कि “26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए हमले की तरह एक आतंकवादी हमला होगा और इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी।”

    उन्होंने जानकारी देते हुए बताया, कि मुंबई पुलिस धमकी भरे कॉल की जांच कर रही है और मुंबई क्राईम ब्रांच की एक टीम को भी इस जांच में शामिल किया गया है। अधिकारी ने कहा कि कॉल एक ऐप के जरिए की गई थी और पुलिस कॉल करने वाले के आईपी पते को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/12/the-accused-was-arrested-with-a-machine-gun-20-pistols-and-280-live-cartridges
    Indian fasttrack news
    मुंबई हमले की चेतावनी,
    पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर और हिंदुस्तानी सचिन की फाइल तस्वीर

    मुंबई हमले की चेतावनी..

    आप को बता दें, कि पाकिस्तानी नागरिक सीमा हैदर हाल ही में ग्रेटर नोएडा निवासी अपने प्रेमी सचिन मीना से शादी करने के लिए अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई है। ऑनलाइन गेम पबजी खेलने के दौरान दोनों की दोस्ती हुई थी।

    लगभग 30 वर्षीय पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर और 25 वर्षीय भारतीय साथी सचिन को पिछले दिनों भारत में अवैध रूप से रहने के सिलसिले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन पिछले सप्ताह ही उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।

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    4 जुलाई को, सचिन और सीमा दोनों ने मीडिया और पुलिस के सामने एक-दूसरे के प्रति अपने प्यार का इज़हार किया और सरकार से उन्हें शादी करने और भारत में एक साथ रहने की अनुमति देने का आग्रह किया है।

    और अधिक जानकारी देते हुए आप को बता दें, कि मुंबई पुलिस को पिछले साल शहर में 26/11 जैसे हमले की चेतावनी वाले टेक्स्ट मेसेज भी मिले थे। मुंबई पुलिस की ट्रैफिक विभाग को उसके हेल्पलाइन नंबर पर कई टेक्स्ट मेसेज मिले, जिसमें धमकी दी गई थी कि शहर में छह लोगों द्वारा “26/11 जैसा” हमला किया जाएगा और उसमें यह भी लिखा था, कि महानगर को “उड़ाने की तैयारी” की जा रही है।

  • बैग में 13 करोड़ रु, कीमत की कोकीन लेकर मुंबई पहुंचा विदेशी नागरिक, कस्टम विभाग ने किया गिरफ्तार

    बैग में 13 करोड़ रु, कीमत की कोकीन लेकर मुंबई पहुंचा विदेशी नागरिक, कस्टम विभाग ने किया गिरफ्तार

    मुंबई मे मिला 13 करोड़ रुपए के कोकीन से भरा बैग। कस्टम विभाग ने एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। बता दें कि कोकीन को एक बैग में बड़े ही शातिर तरीके से छिपाकर लाया जा रहा था। 

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने 1.3 किलो कोकीन जब्त की है। इस कोकीन की अनुमानित कीमत 12.98 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इस सिलसिले में कस्टम विभाग ने एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। बता दें कि कोकीन को एक बैग में छिपाकर लाया जा रहा था। गौरतलब है, कि मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने इसी साल जनवरी में भी 28 करोड़ रुपए की कोकीन जब्त की थी। 

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/01/the-boy-had-to-wash-his-hands-on-the-side-of-the-track-on-the-platform-then-the-boy-died-after-colliding-with-the-train
    Indian fasttrack news
    कोकीन,
    मुंबई एयरपोर्ट की ताजा तस्वीर

    13 करोड़ रुपए के कोकीन..

    उस दौरान भी आरोपी एक बैग में छिपाकर कोकीन की तस्करी कर रहे थे। वह कोकीन अदीस अबाबा से भारत लाई गई थी। उस वक्त कस्टम विभाग ने एक भारतीय यात्री को गिरफ्तार किया था। आरोपी व्यक्ति नैनीताल का निवासी था और उसे किसी महिला ने सोशल मीडिया के जरिए कोकीन भारत लाने के लिए तैयार किया था।

    18 जिंदा कारतूस..

    वहीं ताजा खबरों के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर महिला यात्री के पास से 18 जिंदा कारतूस मिले हैं। इसके बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब एक महिला से कस्टम विभाग ने कारतूस बरामद किया गया। महिला से 18 जिंदा पर 4 इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद किए गए हैं। महिला का कहना है कि हथियार का लाइसेंस है और वह दिल्ली से मुंबई जा रही है। वहीं पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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  • गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    • प्रचार तंत्र के आधार पर मोदी की गढ़ी गई छवि।
    • भोली भाली जनता ने मान लिया अपना नायक।
    • झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    कृत्रिम चमक वाले वास्तविकता से रहित, हिंसा अन्याय अत्याचार से पूर्ण गुजरात मॉडल, जो सदियों से विश्व व्यापार में अपना अहम स्थान बना चुका था। जिसमें मोदी का कोई हाथ नहीं था। उस धनी, व्यापारिक गुजरात को मोदी द्वारा निर्मित बताकर प्रायोजित किया गया था।
    गुजरात मॉडल से 2014 में उसी को गुजरात मॉडल बताकर पीएम उम्मीदवार बनाया गया था।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/01/the-boy-had-to-wash-his-hands-on-the-side-of-the-track-on-the-platform-then-the-boy-died-after-colliding-with-the-train
    Indian fasttrack news
    मोदी,
    गुजरात मॉडल के सवालों पर मोदी की एडिट तस्वीर

    प्रचार तंत्र के आधार पर गढ़ी गई छवि, जिनका नाम तक देश पहले नहीं जानता था, मोदी को भोली भाली जनता ने अपना नायक मान लिया। बीजेपी भारी बहुमत से जीती कांग्रेस के कथित वंशवाद से भारत मुक्त करने के नारे देकर कांग्रेसी घोटालों को बहु प्रचारित कर जीतकर केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। राममंदिर का मुद्दा, जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का मुद्दा फिर सबका साथ सबका विकास नारे में सबका विश्वास पर जनता ने मोदी को सिर माथे पर बिठाया। नतीजा हुआ कि बीजेपी पूरे देश में हर चुनाव चाहे विधानसभा हो या लोकसभा जीतती चली गई।

    मोदी का डूबता सूरज.

    भले बेरोजगारी को चुनावी मुद्दा बनाने, दो करोड़ लोगों को प्रति वर्ष रोजगार देने जैसे दर्जनों वादों में से कोई भी पूरा नहीं किया। धीरे- धीरे यह बात जनता को पता चलती गई जिसका परिणाम हुआ एक भी चुनाव विधानसभा का जीत पाने की स्थिति में नहीं हैं मोदी। सर्वे में लोकसभा में सरकार बनने के आसार भी धूमिल हो गए हैं।

    झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है और अब जनमानस अब मोदी को हटाने का मन बना कर अपने मन की बात सुनाना चाहती है जिसे कभी मोदी को सुनना गंवारा ही नहीं ।
    आर एस एस को चिंता में डाल दिया है। अब वह मोदी का विकल्प ढूंढ रही है। ऐसा क्यों हुआ? सोचना मोदी को है।

  • हिंदू क्यों नहीं अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते?

    हिंदू क्यों नहीं अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते?

    • बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..
    • हिंदू लड़कियां ही क्यों लव जिहाद की शिकार होती है?
    • हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।
    • आरएसएस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमों को मारते हैं।
    • गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?
    • बीजेपी के साथ वही संत है जो जानते ही नहीं कि सनातन धर्म क्या है?
    • अपराधियों को बचने के लिए दो ही रास्ते एक राजनीति दुसरा धर्म का चोला।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बीजेपी दो मुहीं नहीं तीन-तीन मुहिं चाल चलती है। एक तरफ बीजेपी के तमाम बड़े नेता अपनी बेटियों को मुस्लिम से व्याहते हैं। तो दूसरी तरफ गौवंश को लेकर मुस्लिमों की हत्या भी करते हैं। लव जिहाद की बात कर प्रताड़ित करते हैं। जहां तक लव जिहाद का मामला है इसमें हिंदू लड़की की रजामंदी रहती है। जब गोमांस खाने,शमजहब बदलने की बात होती है। तो तब हिंदू लड़कियों का इश्क और मोहब्बत फना हो जाता है।

    संभव है कुछ हिंदू लड़कियां अपहृत कर चंगुल में फंसाई जाती हैं। लेकिन उसमें भी कहीं न कहीं इशारेबाजी होती ही है। क्यों नहीं हिंदू अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते? क्यों हिंदू लड़कियां ही लव जिहाद की शिकार होती हैं? तड़क-भड़क पसंद करने वाली लड़कियां चंगुल में आसानी से फंसती हैं। इसका अर्थ है, कि हिंदू अपनी लड़कियों की परवरिश और संस्कार उपयुक्त तरीके से नहीं देते। दोषी हिंदू ही हैं।

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/24/fake-500-notes-in-mumbai-market-fake-currency
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    बीजेपी, आरएसएस, शंकराचार्य,
    शंकराचार्य महाराज की फाइल तस्वीर

    यक्षप्रश्न है, कि केवल हिंदू पुरुष ही सहपरिवार धर्म बदलते हैं। कोई मुस्लिम या ईसाई नहीं। खासकर दलित अधिकतर धर्म बदलते देखे जाते हैं। ईसाई का एजेंट गैदरिंग करता है जिसमें ओबीसी और एस सी की महिलाएं अधिकतर जाती और ज्ञान लेती हैं। फिर ईसाई बन जाती हैं। धन का लोभ खुली जिंदगी छुआछूत का अभाव। जातियों का बंधन नहीं। हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।

    गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?

    एक तरफ आर एस एस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमो को मारते हैं। तो दूसरी तरफ कथित रूप से हिन्दुत्व की राजनीति करने वाली सरकार गोमांश निर्यात में विश्व का प्रथम राष्ट्र बनाने के लिए करोड़ों रुपए सब्सिडी देती है। देश की सबसे बड़ी गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाली चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों हैं? बीजेपी की सरकार हिंदुत्व का नाम केवल हिंदुओं को मूर्ख बनाकर वोट लेने और सत्ता में आने पर मनमानी करती है।

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    बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..

    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर नंद ने बीजेपी और आर एस एस की कलई खोल कर रख दिया है। जिन हिंदू साधु संतों को बीजेपी अपने खेमे में लाकर चुनाव में पोलराइजेशन करना चाहती है। उनमें किसी का भी कद शंकराचार्य के पैरों से अधिक नहीं है। शंकराचार्य परिपाटी ढाई हजार साल पूर्व आदि शंकर ने चलाई थी। बीजेपी के साथ वही संत हैं, जो जानते ही नहीं, कि सनातनधर्म क्या है। ऐसे लोगों का बैकग्राउंड तलाशा जाए तो अधिकांश क्रिमिनल्स होंगे। अपराधियों के बचने के लिए दो ही रास्ते हैं एक राजनीति दूसरा धर्म का चोला गेरुआ ओढ़ लो। यदि ये सच्चे संत होते तो महिला पहलवानों के यौन शोषण करने के आरोपी बृजभूषण का साथ क्यों देते? मैत्री समान विचारधारा वालों में ही होती है।

  • मणिपुर में सैकड़ों हत्या की जा चुकी है निरपराध लोगों की

    मणिपुर में सैकड़ों हत्या की जा चुकी है निरपराध लोगों की

    • लापता मोदी के लगे पोस्टर्स..
    • दंगो से बचने के लिए तमाम समुदाय के लोगों ने पड़ोसी राज्यों में शरण ली।
    • गृहमंत्री के पास सामुदायिक दंगे खत्म करने का कोई उपाय नहीं।
    • अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी?
    • चीन ने भारतीय भूभाग में सैकड़ों गांव बसा लिए।
    • देश के भीतर हिंसा को रोकना सरकार का दायित्व।
    • बीजेपी नेताओं को खुद, अब केंद्र की डबल इंजन की सरकार पर भरोसा नहीं।
    • पीएम मोदी का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा एकदम खोखला।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बड़ी गजब की खबर है। जैसे रोम जल रहा था, तो वहां का राजा नीरो बंशी बजाने में तल्लीन था। कुछ हालत ठीक वैसे ही हमारे देश में है। मणिपुर महीने भर से सांप्रदायिक हिंसा से ग्रस्त है। लगभग तीन सौ गांव अग्नि की भेंट चढ़ चुके हैं। सैकड़ों निरपराध लोगों की हत्या की जा चुकी है। हजारों घायल हैं। तमाम समुदाय दंगों से बचने के लिए पड़ोसी राज्यों में शरण ली है। मणिपुर सरकार के हाथ पांव फूल रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री के पास सामुदायिक दंगे खत्म करने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। आर्मी और पुलिस पर हमले हो रहे हैं।

    अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी?

    आर्मी के एक अधिकारी ने केंद्र सरकार को चेताया है। लेकिन मणिपुर को जलता छोड़ मोदी अमेरिका राजभोज में शामिल होने पहुंच गए हैं। अमेरिका जाने से पहले ही दो बिलियन अमेरिकी डॉलर्स के ड्रोन खरीदने का सौदा पक्का कर चुके हैं। कारण बताया जाता है, देश की सुरक्षा के लिए हथियार खरीदना ज़रूरी है। देश पर 155 लाख करोड़ का विदेशी कर्ज है। यानी हर भारतीय एक लाख के कर्ज में है। 140 करोड़ में गिरवी रख दी गई है जनता।

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/17/leaders-of-politics-like-nitish-kumar-sharad-yadav-lalu-yadav-mulayam-singh-yadav-emerged-in-the-jaiprakash-movement
    Indian fasttrack news
    मणिपुर, लापता मोदी,
    मणिपुर आगजनी की तस्वीर

    आजादी के बाद से 2014 तक भारत पर कुल विदेशी कर्ज मात्र 55 लाख डॉलर्स था। मोदी सीएम थे तब मन मोहन सिंह द्वारा लिए गए विदेशी कर्ज की बड़ी आलोचना की थी। उनके पीएम बनने से पूर्व 65 साल में 55 लाख डॉलर्स का कर्ज था। जिसकी आलोचना ही नहीं खिल्ली उड़ाने वाले मोदी ने मात्र 9 वर्षो में 100 लाख करोड़ का विदेशी कर्ज ले लिए जिसे कथित रूप से मुफ्त अनाज बांटने, किसान सम्मान निधि देने, पीएम आवास योजना और उज्वला योजना में मुफ्त सिलेंडर बांटने जिन्हे फिर कभी रीफिल कराया ही नहीं जाता।

    ऋण लेकर घी पीना शायद इसे ही कहते हैं।विदेशी ऋण केवल ऐसे उपयोग के लिए लिये  जाते हैं जिनसे राष्ट्र को आय हो लेकिन जब सवाल अपनी छवि बनाने की हो तो क्या कहा जाए?
    अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी? चीन ने भारतीय भूभाग में सैकड़ों गांव बसा लिए है। पाकिस्तान आंखें तरेर रहा है। चीन के खिलाफ एक शब्द बोल नहीं सकते।

    मणिपुर भाजपा ने लगाए ‘लापता मोदी’ के पोस्टर्स..

    सरकार का दायित्व है कि देश के भीतर हिंसा को रोकना जरूरी है। यहां तो हिंसाग्रस्त मणिपुर छोड़कर पीएम दावत खाने पहुंच गए। मणिपुर की चिंता नहीं। वहां की सरकार में शामिल मंत्रियों की फिक्र नहीं। हिंसाग्रस्त मणिपुर का तीन गुट मोदी से मिलने आया।चिट्ठी भी लिखी गई। मणिपुर भाजपा में भगदड़ मची हुई है। मंत्री के घर फूंके गए हैं। बीजेपी के नेताओं को खुद अब केंद्र की डबल इंजिन सरकार पर भरोसा नहीं है। मणिपुर के बीजेपी नेताओं ने राज्यभर में मोदी मिसिंग के पोस्टर चिपकाए हैं।

    स्थानीय पुलिस और आर्मी में झड़प की खबर है। अरुणाचल प्रदेश जिसका भूभाग कब्जे में लेकर चीन ने सौ गांव बसा लिए हैं। उसके बाद भी मणिपुर दंगाग्रस्त राज्य बेहद ज़रूरी है शांति स्थापना के लिए। लेकिन पीएम लापता, गृहमंत्री मौन। मौन तो मोदी भी हैं। एक शब्द तक नहीं बोले। मणिपुर का नाम लेने से उसी तरह बचते रहे हैं जैसे महिला पहलवानों के यौन शोषण के खिलाफ धरना देने से उपजी स्थिति के संदर्भ में भी एक शब्द नहीं बोले जिससे यह संदेश विश्व भर में गया, कि मोदी का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा एकदम खोखला है।

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    देश की आर्थिक स्थिति डांवाडोल है। मंहगाई चरम सीमा पार कर गई है। टैक्स मनमाना, पेनाल्टी मनमानी लगाई जा रही। सच तो यह है कि देश चलाना, हिंसा रोकना मोदी सरकार के बूते का नहीं। अब मणिपुर वाले पूछ रहे हैं कि हम देश के नागरिक हैं या नहीं? वोटर हैं या नहीं? जिसका जवाब बीजेपी के किसी भी नेता के पास नहीं है।