न्यूक्लियर पावर प्लांट (प्रतिकारात्मक) तस्वीर
विशेष संवाददाता
मुंबई- महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने मुंबई से बड़ी कार्रवाई करते हुए, 7 किलो यूरेनियम जब्त के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही देशभर की सभी सुरक्षा एजेंसियों की इसपर नज़र बनी हुई है। दोनों आरोपी पिछले कई दिनों से ग्राहकों की तलाश कर रहे थे। जब्त यूरेनियम का बाजार मूल्यांकन 21 करोड़ रुपये बताए जा रहे है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के अधिकारियों ने कल दोपहर यूरेनियम की पुष्टि की है। जिसे विस्फोटक पदार्थ बनाने मे भी इस्तेमाल किया जाता है।
यूरेनियम का इस्तेमाल
मुंबई के नागपाड़ा एटीएस टीम ने शुरुआती जांच में पाया कि गिरफ्तार आरोपी 27 वर्षीय जिगर पांडे और 31 वर्षीय अबू ताहिर ने इसकी शुद्धता पर जांच के लिए एक निजी मेमने पर यूरेनियम का परीक्षण किया था। फिल्हाल यूरेनियम का इस्तेमाल कहा और कैसे किया जानेवाला था, इसकी जांच की जा रही है। आप को बता दें, कि यूरेनियम का इस्तेमाल विस्फोटक बनाने में भी किया जाता है। इसी के साथ ही आरोपियों को इतना सारा यूरेनियम कहां से प्राप्त हुआ एटीएस के लिए जांच का अहम हिस्सा है।
परमाणु ऊर्जा बनाने वाली परियोजना
आप को जानकारी देते हुए बता दें कि यूरेनियम प्राप्त करना कोई साधारण बात नहीं है। यूरेनियम एक महत्वपूर्ण रासायनिक तत्व है, जिसका इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा बनाने वाली परियोजनाओं जैसे बिजली उत्पादन में किया जाता है। अधिक जानकारी के मुताबिक, यूरेनियम का उपयोग विस्फोटक पदार्थ बनाने के लिए एवं अन्य सैन्य उद्देश्यों में भी किया जाता है। इसकी खरीद-फरोख्त आम न होकर किसी खास मक़सद के लिए ही की जा सकती है। ये देश और दुनियां के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में आरोपीयों की बारीकी से जांच करना मुंबई एटीएस के साथ-साथ देश भर की सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम जिम्मेदारी बनी हुई है।
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