Mumbai fake caste certificate case: Former corporator Ramesh Kamble booked by Chembur Police for contesting BMC elections using forged caste documents. Full investigation update.
मुंबई: Mumbai में एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी मामला सामने आया है, जहां एक पूर्व नगरसेवक पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए चुनाव लड़ने और जनता व सरकार को धोखा देने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कहां दर्ज हुआ मामला और कौन है आरोपी
यह मामला Chembur Police Station में दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान
👉 Ramesh Suresh Kamble
के रूप में हुई है, जो BMC के Ward No. 192 (Borla North–Deonar Abattoir) से पूर्व नगरसेवक रह चुका है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:
- 193 (झूठा साक्ष्य)
- 199 (गलत घोषणा)
- 406 (Criminal breach of trust)
- 420 (Cheating)
- 465, 466, 467, 468, 469 (Forgery से जुड़ी धाराएं)
- 470, 471 (Forged document का इस्तेमाल)
यह सभी धाराएं गंभीर आर्थिक और दस्तावेजी अपराधों से जुड़ी हैं।
कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने साल 2002 में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) चुनाव लड़ा था।
यह सीट Scheduled Caste के लिए रिजर्व थी, और आरोप है कि:
- उसने खुद को “Hindu Mahar” समुदाय का बताया
- फर्जी caste certificate जमा किया
- 4,721 वोट लेकर चुनाव जीत भी गया
शिकायत और जांच की शुरुआत
चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे
👉 Rajendra Vaman Waghmare
ने इस पर आपत्ति जताई और मामला उठाया।
इसके बाद उन्होंने Divisional Caste Scrutiny Committee, Konkan Bhavan में शिकायत दर्ज कराई।
Caste Scrutiny Committee का बड़ा खुलासा
लंबी जांच के बाद 11 नवंबर 2005 को कमेटी ने बड़ा फैसला सुनाया:
- आरोपी Scheduled Caste से नहीं है
- वह जन्म से Christian है
- उसके दावों के समर्थन में कोई वैध सबूत नहीं मिला
यह निष्कर्ष स्कूल रिकॉर्ड और Matunga के एक चर्च के baptism certificate के आधार पर निकाला गया।
Certificate रद्द, कोर्ट में भी नहीं मिली राहत
कमेटी ने 1998 में Sub-Divisional Officer Mulund द्वारा जारी caste certificate को invalid घोषित कर दिया।
इसके बाद आरोपी ने कई अदालतों में चुनौती दी:
- Small Causes Court
- Bombay High Court
- Supreme Court of India
लेकिन सभी कोर्ट्स ने Scrutiny Committee के फैसले को सही ठहराया।
पद से हटाया गया, दूसरे उम्मीदवार को मिला मौका
आरोपी के अयोग्य घोषित होने के बाद:
- Rajendra Vaman Waghmare को विजेता घोषित किया गया
- उन्होंने बाकी कार्यकाल तक नगरसेवक की जिम्मेदारी संभाली
सरकार और जनता को हुआ नुकसान
शिकायत में यह भी आरोप है कि आरोपी ने:
- जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया
- फरवरी 2002 से 23 नवंबर 2006 तक पद का फायदा उठाया
- सरकारी लाभ और राजनीतिक शक्ति हासिल की
यह मामला सीधे तौर पर public trust और election integrity से जुड़ा हुआ है।
अब क्या होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक:
- FIR दर्ज कर ली गई है
- दस्तावेजों की जांच जारी है
- आगे गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई संभव है
जरूरी सरकारी लिंक
- Mumbai Police: https://mumbaipolice.gov.in
- Maharashtra Government: https://www.maharashtra.gov.in
- Caste Verification Info: https://castevalidity.maharashtra.gov.in
- Election Commission of India: https://eci.gov.in
FAQ Section
Q1. यह मामला किसके खिलाफ दर्ज हुआ है?
👉 पूर्व BMC corporator Ramesh Suresh Kamble के खिलाफ।
Q2. आरोप क्या है?
👉 फर्जी caste certificate के जरिए चुनाव लड़ने और धोखाधड़ी करने का।
Q3. मामला कब का है?
👉 2002 BMC चुनाव से जुड़ा मामला है।
Q4. कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
👉 सभी अदालतों ने caste scrutiny committee के फैसले को सही माना।
Q5. अब क्या होगा?
👉 पुलिस जांच जारी है, आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
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