एनसीपी के अजित पवार की फाइल तस्वीर
सुप्रिया सुले और प्रफुल पटेल को मिला कार्यकारी अध्यक्ष पद और एक दिन के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को पार्टी ने कोई भी पद नहीं दिया।
वी. बी. माणिक
मुंबई- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजित पवार को पार्टी में कोई पद नही मिला। वहीं पार्टी के मुखिया शरद पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले को कार्यकारी अध्यक्ष पद पर बैठा दिया है। इसके साथ ही प्रफुल पटेल को भी कार्यकारी अध्यक्ष पद देकर नवाज दिया गया है। लेकिन एक दिन के उपमुख्यमंत्री को पार्टी ने कोई भी पद नहीं दे कर उन्हें वंचित कर दिया है।
अजित पवार न घर के रहे न घाट के
पहली बार किसी पार्टी में दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाये गये है, जो कि पार्टी को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा भी अभी तक नही मिला है। एक तरफ सुप्रिया सुले और प्रफुल पटेल को मिला कार्यकारी अध्यक्ष पद और एक दिन के उपमुख्यमंत्री को पार्टी ने कोई भी पद नहीं दिया। ऐसे में राजनैतिक गलियारों से ये आवाज़ें आ रही है, कि “एक दिन के उपमुख्यमंत्री अजित पवार न घर के रहे न घाट के।” महाराष्ट्र के अलावा किसी अन्य राज्यो में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का कोई अस्तित्व ही नही है। पर जब तक शरद पवार है तब तक इस पार्टी का महत्व जरूर है। बाद में ये पार्टी पूरी तरह बिखर जायेगी। ऐसा राजनैतिक विशेषज्ञों का मानना है। फिलहाल पार्टी प्रमुख शरद पवार की पहचान ही पार्टी का सही मायनों में अस्तित्व है।

आप को बता दें, कि जब से ये पार्टी कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बनी है, तब से आज तक अपने दम पर किसी भी राज्य में अकेले सत्ता में नही आई। महाराष्ट्र में शरद पवार की पकड़ होने के बावजूद अपने दम पर सत्ता हासिल नही कर पाए है। शरद पवार राजनीति के अच्छे पुरोधा माने जाते है। जब शरद पवार कांग्रेस में हुआ करते थे तब भी कभी पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव भी नही जीत पाए थे। उस समय सीताराम केसरी घर बैठे अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गए थे।
अब बारी शरद पवार के भतीजे अजित पवार की है। फिलहाल अजित पवार क्या कर पाएंगे ये समय बतायेगा, पर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अजित पवार भाजपा की गोद मे बैठने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन होने वाला क्या है ? ये कोई नही जानता। अगर भाजपा ने अजित पवार को पार्टी में लिया तो भाजपा का काफी नुकसान होगा। क्योंकि जनता अजित पवार की हरकतों से काफी नाराज है। आगे 2024 में लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव है। पवार भाजपा को धोखा भी दे चुके है।
अभी भरतीय जनता पार्टी के भीतर पवार को लेकर आंतरिक कलह बढ़ गई है। कौन से आधार पर अजित पवार बीजेपी की ओर जाएंगे? या अजित पवार कोई नई पार्टी बनाएंगे? ये देखना होगा। सभी की निगाहे इस घटनाक्रम पर टिकी हुई है। अजित पवार अपने काले कारनामे छिपाने के लिए एक दिन के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लिए थे। महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति आजकल काफी दयनीय हो गयी है। वहीं पवार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हुए है।
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