भूमाफिया किशन चौधरी किसके इशारे पर कर रहा भाड़े की वसूली ?
इस्माइल शेख
मुंबई- गोरेगांव (पूर्व) स्थित सरकारी आरे डेयरी की खाली जमीन पर गैरकानूनी बांधकाम कर कब्जा, वसूली करने वाले के लिए पसंदीदा जगह बन गई है! आरे डेरी के आला अधिकारी और सुरक्षा रक्षकों के साथ मिलीभगत और पैसों का लेनदेन करके अवैध कब्जा कराने का खेल चल रहा है!
भूमाफिया किशन चौधरी का नाम सबकी जुबां पर है, भूमाफिया किशन चौधरी आरे कॉलोनी यूनिट क्रमांक 30 में सरकारी जमीन पर अवैध रूम बना कर रहता है! डेरी की जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा करता है जिसे आरे सुरक्षाकर्मियों का समर्थन और संरक्षण मिला हुआ है! बदले में भूमाफिया किशन चौधरी रक्षाकर्मियों को मोटी रकम भी दी है, वरना अवैध बांधकाम कैसे कर पाता ?
हालांकि यूनिट नंबर 29 रॉयल पॉम गेट के सामने किशन ने पहले बड़ा सा रुम बनाया! उसके तीन पार्ट किया, जिसे गोपी नामक भाजी वाले और पराठा वाले को बेच दिया, कमर्शियल गाला बताकर मोटी रकम ली! तीसरा पार्ट भाड़े पर चढ़ाकर भाड़ा वसूल रहा है, उसके अवैध बांधकाम और कब्जे की लंबी फ़ेहरिस्त है! भाड़े के गाले में किशन का भाड़ोत्री जाकिर सैलून चला रहा है, उसी के आगे इलेक्ट्रॉनिक रिपेयर वाले को लकड़ी का बॉक्स बनाकर दिया और किशन इसकी एवज में भाड़ा वसूल रहा है! अवैध रूप से बने मां आशापुरा किराना शॉप के सामने सैंडविच बेचने वाले को रोड पर जगह देकर भाड़ा वसूल रहा है उसकी बगल में खुद गन्ने की मशीन लगाकर गन्ने का जूस बेचता है!

बताते चलें कि यूनिट नंबर 29, रॉयल पॉम कॉम्प्लेक्स गेट के सामने अवैध रूप से बने आशापुरा स्वीट्स और आशापुरा किराना स्टोर की दुकानों पर सन् 2017-18 में आरे प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई थी कार्रवाई के बावजूद जमीन पर भूमाफिया ने गैरकानूनी रूप से शेड आउट, पक्का बांधकाम करा कर फिर से कब्जा कर लिया!
इस तरह आरे मिल्क कॉलोनी की जमीन पर भूमाफिया किशन चौधरी द्वारा अवैध कब्जा करना और उसे सहयोग तथा संरक्षण दिया जाना बेहद शर्मनाक है!
क्या आरे के कार्यकारी अधिकारी एन.वी. राठौड़ अपने दायित्वों का पालन कर तुरंत तोड़क कार्रवाई और दोषियों का पता लगा कर कानूनी कार्रवाई कर, दंडित कराएंगे या फिर समझा जाए कि भ्रष्टाचार में लिप्त होकर धन बनाना ही पेशा है!

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