मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना हुई है। इस पर कार्रवाई का अभी तक नहीं होना क्या नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप पर देश चल रहा है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं।
वी बी माणिक
मुंबई- आजकल के नेताओ में शर्म, लाज, हया, सब खत्म हो चुका है। कोई हिन्दू शास्त्र का तो कोई कुरान की दुहाई देकर राजनीति को पूरी तरह गंदगी में ढकेल दिया है। दिन पर दिन महिलाओं के इज्जत को तार-तार कर सभी राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जोर-शोर से चल रहा है। टीवी चैनलों पर जमकर कबूतरबाजी चलाकर टीआरपी बटोरी जा रही है।
लेकिन मणिपुर, राजस्थान, बिहार, छतीसगढ़ में महिलाओं के साथ जो शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई है। उससे केवल राज्य का ही नही पूरे देश का नाम, विश्व पटल नाम काफी खराब हुआ है। मणिपुर और राजस्थान बिहार में महिला को निर्वस्त्र कर उनके साथ दुष्कर्म करने वाले और वहाँ उपस्थित दर्शको के साथ वीडियो बनाने वालों के विरुद्ध कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए था। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री जो कुम्भकर्णीय की नींद सो रहे थे उनको सलाखों के पीछे ढकेलना चाहिए था।
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यह खबर लिखने में हम पत्रकारों का सर शर्म से झुक जाता है। क्योंकि पत्रकारों को लिखने के अलावा कोई अधिकार नही है। यह मुद्दा अब देश की संसद में चला गया है। वहाँ भी नेता अपनी रोटी सेक रहे है। इस पर कार्रवाई की बात कोई नही कर रहा है। बड़ी विडंबना है, कि देश की संसद और विधानसभा में नेता की जगह अपराधियो ने कब्जा कर लिया है। पर इसका जबाबदार है कौन ?
देश की जनता अपने देश में महिलाओं को दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती के रूप में देखा जाता है और पुरुष वर्ग इन्हीं का अपमान करता है। इन्हीं को शैतानो की तरह नोचता है। इन्हीं के साथ हैवानियत करता है। ऐसे लोगो को चुल्लू भर पानी मे डुब मरना चाहिए। ये जितने दरिंदे है ये सब नेताओ के चमचे है। इसलिए इन पर कार्रवाई नही हो रहा है।
आईएएस और आईपीएस अधिकारी क्यो चुप बैठे है? देश का दुर्भाग्य है, कि खाकी पर हमेशा खादी भारी पड़ता है। कब सुधरेगा हमारा देश कब वो दिन आएगा जब बहन बेटिया अपने को सुरक्षित महसूस करेंगी और दरिंदो का सर्वनाश होगा।
