मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांदिवली और गोरेगांव से कई पदाधिकारी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल हो गए।
मुंबई: महानगरपालिका चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को बड़ा झटका देते हुए मुंबई के कई पदाधिकारी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट में शामिल हो गए हैं। इन नेताओं ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा जताया है, जिससे ठाकरे गुट को मजबूती मिली है।
महानगरपालिका चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
राज्य में मुंबई, ठाणे समेत अन्य महानगरों के चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सभी प्रमुख दलों ने प्रचार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। टिकट वितरण और नामांकन को लेकर असंतोष भी सामने आ रहा है, जिसके चलते दल-बदल का सिलसिला तेज हो गया है।
कांदिवली से शिंदे गुट को बड़ा नुकसान
मुंबई नगर निगम चुनाव में शिवसेना ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। इसी बीच कांदिवली पूर्व के वार्ड नंबर 28, हनुमान नगर से शिंदे गुट के कई पदाधिकारी ठाकरे गुट में शामिल हो गए हैं। इसे शिंदे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
इन प्रमुख पदाधिकारियों ने थामा ठाकरे का हाथ
शिंदे गुट से टूटकर ठाकरे गुट में शामिल होने वालों में शामिल हैं:
- महिला शाखा आयोजक अश्विनी पवार
- उपशाखा प्रमुख भरत पाटिल
- उपशाखा प्रमुख विनोद गुर्जर
- उपशाखा प्रमुख विजय यादव
- उपशाखा प्रमुख गणेश खंडारे
- उपशाखा प्रमुख महेश शर्मा
- उपशाखा प्रमुख सुधाकर पाटिल
इन सभी ने मातोश्री में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में प्रवेश किया।
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मातोश्री में हुआ औपचारिक स्वागत
इस मौके पर विभाग प्रमुख संतोष राणे, उपशाखा प्रमुख प्रशांत कोकाने समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। उद्धव ठाकरे ने सभी को शिवबंधन बांधकर पार्टी में शामिल किया और आगामी चुनावों के लिए शुभकामनाएं दीं।
कांग्रेस को भी लगा झटका
शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल होने का सिलसिला यहीं नहीं रुका। कांग्रेस मुंबई के महासचिव अनिल शर्मा और गोरेगांव वार्ड नंबर 50 से टीना शर्मा भी ठाकरे गुट में शामिल हो गए। इससे कांग्रेस को भी चुनाव से पहले बड़ा नुकसान हुआ है।
कई बड़े नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर शिवसेना सचिव व विधायक मिलिंद नरवेकर, संभागीय प्रमुख संतोष राणे, गोरेगांव विधानसभा संयोजक राजू पाध्ये, मलाड विधानसभा प्रमुख कैलाश कांसे और उप-संभागीय प्रमुख दिनेश राव मौजूद थे।
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रहे दल-बदल से शिंदे गुट की चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है। वहीं ठाकरे गुट को इसका सीधा फायदा मिलने की संभावना है, खासकर मुंबई महानगरपालिका चुनाव में।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. किन नेताओं ने ठाकरे गुट जॉइन किया है?
कांदिवली और गोरेगांव से कई शिंदे गुट और कांग्रेस पदाधिकारी शामिल हुए हैं।
Q2. यह घटनाक्रम किस चुनाव से जुड़ा है?
मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले यह बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है।
Q3. क्या इससे शिंदे गुट को नुकसान होगा?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इससे शिंदे गुट की स्थिति कमजोर हो सकती है।
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