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  • Mumbai Shocker: ₹12,200 Fine के बाद रिक्षाचालक ने पी लिया Phenyl! Traffic Police पर गंभीर आरोप, Vile Parle में बवाल

    Mumbai Shocker: ₹12,200 Fine के बाद रिक्षाचालक ने पी लिया Phenyl! Traffic Police पर गंभीर आरोप, Vile Parle में बवाल

    Mumbai news: Vile Parle में ₹12,200 के भारी challan के बाद auto rickshaw driver ने phenyl पीकर suicide attempt किया। Traffic police पर मनमानी fine वसूली के आरोप, ₹75,000 daily collection का दावा।

    मुंबई: शहर में एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। Mumbai के Vile Parle इलाके में एक ऑटो रिक्शा चालक ने भारी ट्रैफिक चालान से परेशान होकर फिनाइल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। राहत की बात ये रही कि मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने तुरंत उसे Cooper Hospital पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई।

    ⚠️ क्या है पूरा मामला? (Mumbai Traffic Fine Controversy)

    जानकारी के मुताबिक, यह घटना विलेपार्ले इलाके की है, जहां एक ऑटो रिक्शा चालक शेयरिंग में सवारी ले जा रहा था। आरोप है कि एक अतिरिक्त यात्री बैठाने पर ट्रैफिक पुलिस ने उस पर सीधा ₹12,200 का भारी जुर्माना (traffic challan) ठोक दिया।

    रिक्शा चालक ने जुर्माना भरने की बात भी कही थी, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद उसकी रिक्शा जबरन उठाकर Santacruz ट्रैफिक डिपार्टमेंट में जमा कर दी गई। इस कार्रवाई से चालक मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया।

    😢 आत्महत्या की कोशिश: Phenyl पीने की घटना से हड़कंप

    इस दबाव और आर्थिक संकट से परेशान होकर सिगवन नाम के रिक्षाचालक ने फिनाइल पी लिया। यह घटना देखकर आसपास के अन्य रिक्शा चालकों और लोगों में हड़कंप मच गया। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।

    💰 ₹75,000 तक रोजाना वसूली का आरोप (Heavy Fine Collection)

    रिक्शा चालक यूनियन और स्थानीय ड्राइवरों का आरोप है कि ट्रैफिक विभाग रोजाना भारी मात्रा में चालान वसूल रहा है। उनका दावा है कि एक दिन में ₹75,000 तक की वसूली की जा रही है।

    ड्राइवरों का कहना है कि:

    • गरीब ऑटो चालक इतने भारी fines नहीं भर सकते
    • छोटी-छोटी गलतियों पर भी बड़े challans लगाए जा रहे हैं
    • Parking की सुविधा नहीं होने के बावजूद ₹1,500 तक का fine लगाया जाता है
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    😡 परिवार का आरोप: अधिकारी जिम्मेदार (Police Harassment Allegation)

    रिक्शा चालक के बेटे ने ट्रैफिक विभाग के अधिकारी Anil Sakpal पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    उसका कहना है:

    “अगर मेरे पिता को कुछ हुआ, तो इसके जिम्मेदार वही अधिकारी होंगे।”

    यह बयान सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है।

    🚖 रिक्शा यूनियन का अल्टीमेटम (Auto Rickshaw Strike Warning)

    घटना के बाद रिक्शा चालक संघटनाओं में भारी नाराजगी है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि:

    • अगर सरकार और प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की
    • तो Vile Parle इलाके में सभी रिक्शा बंद कर दिए जाएंगे
    • बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा

    ⚖️ Traffic Rules vs Ground Reality (Mumbai Traffic Rules Debate)

    यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है—क्या ट्रैफिक नियमों का पालन करवाने के नाम पर जरूरत से ज्यादा सख्ती हो रही है?

    Experts मानते हैं कि:

    • Rules जरूरी हैं, लेकिन human approach भी जरूरी है
    • गरीब ड्राइवरों पर disproportionate fines नहीं होने चाहिए
    • Public transport ecosystem को ध्यान में रखना जरूरी है

    🌐 Useful Links (Government / Help Resources)


    FAQ Section

    1. रिक्षाचालक ने आत्महत्या की कोशिश क्यों की?

    भारी ₹12,200 के चालान और रिक्शा जब्त किए जाने के बाद मानसिक तनाव में आकर उसने यह कदम उठाया।

    2. घटना कहां हुई?

    मुंबई के विलेपार्ले इलाके में।

    3. क्या चालक सुरक्षित है?

    हाँ, समय पर Cooper Hospital में इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।

    4. क्या ट्रैफिक पुलिस पर आरोप लगे हैं?

    हाँ, मनमानी वसूली और harassment के आरोप लगाए गए हैं।

    5. आगे क्या हो सकता है?

    रिक्शा यूनियन ने हड़ताल और विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

  • Midnight Bike Noise से परेशान Kandivali Residents, Traffic Police ने कसी लगाम

    Midnight Bike Noise से परेशान Kandivali Residents, Traffic Police ने कसी लगाम

    Mumbai के Kandivali और Malad इलाके में Midnight Bike Noise और Modified Silencer Bikers से Residents परेशान। Traffic Police ने शुरू की कार्रवाई, जानें पूरी खबर, Rules और Complaint Links।

    मुंबई: Mumbai के Kandivali और Malad के रिहायशी इलाकों में देर रात तेज आवाज वाली बाइक रेसिंग से लोगों की नींद हराम हो गई है। खासकर Lokhandwala से Pathanwadi को जोड़ने वाली सड़क पर Midnight Bike Noise एक बड़ी समस्या बन चुकी है। लगातार शिकायतों के बाद Traffic Police ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

    🔊 Midnight Bike Noise बना Residents के लिए सिरदर्द

    Lokhandwala से Pathanwadi तक का रोड काफी खुला, बिना ट्रैफिक और बिना स्पीड ब्रेकर वाला है। यही वजह है कि Modified Silencer वाली बाइक्स यहां देर रात तेज रफ्तार में दौड़ती हैं।

    Residents का कहना है कि यह रोड अब Night Racing Zone बन गया है, जहां बाइकर्स जानबूझकर Loud Exhaust Sound के साथ स्टंट करते हैं।

    😴 नींद उड़ने से Health पर असर

    Godrej Nest में रहने वाले 38 वर्षीय Subroojit S C बताते हैं कि
    “यहां शांति की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन हर रात Loud Bike Noise से नींद टूट जाती है।”

    वहीं Sapphire Heights की 55 वर्षीय Neetu Khathuria कहती हैं:
    “11th फ्लोर पर रहने के बावजूद आवाज इतनी तेज आती है कि नींद पूरी नहीं होती।”

    ❤️ Heart Patient Families में बढ़ी चिंता

    एक Resident ने बताया कि उनके घर में Heart Patient हैं, और अचानक आने वाली तेज आवाज उनकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है।
    इस तरह का Noise Pollution अब सिर्फ परेशानी नहीं बल्कि Health Risk बन गया है।

    👥 Citizens Group ने उठाई आवाज

    “We All Connect (WAC)” नाम के Citizens Group ने इस मुद्दे को Traffic Police तक पहुंचाया।
    Group के Founder Santy Shetty के अनुसार, हाल के महीनों में Complaints में काफी बढ़ोतरी हुई है।

    🚓 Traffic Police Action: 6 Illegal Silencers हटाए

    Samta Nagar Traffic Division ने कार्रवाई करते हुए:

    • पिछले 1 महीने में 6 Modified Silencers हटाए
    • ₹1000 Fine लगाया
    • Offenders की पहचान के लिए Residents से Bike Numbers नोट करने को कहा

    एक Senior Officer ने बताया:
    “ऐसे Vehicles मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है।”

    ⚠️ Residents की मांग: Regular Patrolling जरूरी

    Residents का कहना है कि:

    • सिर्फ Sporadic Action से काम नहीं चलेगा
    • Night Patrolling बढ़ानी होगी
    • Speed Breakers लगाने की जरूरत है

    तभी इलाके में शांति वापस आ सकती है।


    🔗 Online Complaint Links (Government)


    FAQ Section

    Q1. Modified Silencer पर कितना Fine लगता है?
    👉 ₹1000 का जुर्माना और Silencer जब्त किया जाता है।

    Q2. Complaint कैसे करें?
    👉 Mumbai Traffic Police की Official Website या Helpline पर शिकायत कर सकते हैं।

    Q3. Night Racing Illegal है क्या?
    👉 हां, यह Motor Vehicles Act के तहत Illegal है।

    Q4. Police क्या Action लेती है?
    👉 Fine, Vehicle Seizure और Silencer Removal।

  • Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस में भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले कॉन्स्टेबल सुनील टोके को मिली हाई कोर्ट से राहत। विभागीय उत्पीड़न, निलंबन की धमकियों और “रिश्वत रेट-कार्ड” के आरोपों का पूरा सच पढ़ें।

    मुंबई: मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल Sunil Toke (सुनील टोके) ने जब अपने ही विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और “रिश्वत रेट-कार्ड” का खुलासा किया, तो उन्हें लगातार विभागीय दबाव, ट्रांसफर की धमकी और सस्पेंशन की चेतावनी का सामना करना पड़ा। मामला इतना बढ़ा कि आखिरकार उन्हें Bombay High Court का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।

    🔎 क्या है पूरा मामला?

    मुंबई ट्रैफिक विभाग के अंदर कथित तौर पर अलग-अलग उल्लंघनों के लिए “फिक्स रेट” पर रिश्वत वसूली का आरोप सामने आया था। सुनील टोके ने दावा किया कि यह वसूली संगठित तरीके से हो रही थी और आम जनता से नकद लेन-देन के जरिए चालान से बचाने का खेल चल रहा था।

    जब उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई, तो कार्रवाई के बजाय उन्हें ही निशाना बनाया गया।

    ⚠️ शिकायत के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न

    सूत्रों के मुताबिक शिकायत के बाद:

    • बार-बार स्पष्टीकरण नोटिस
    • अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
    • ड्यूटी में बदलाव
    • निलंबन की धमकी

    जैसी कार्रवाइयाँ शुरू हो गईं। टोके ने इसे “व्हिसलब्लोअर के खिलाफ प्रतिशोध” बताया।

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    ⚖️ हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

    मामला जब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, तो कोर्ट ने यह साफ कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से जांचना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना या दंडात्मक कार्रवाई न्यायसंगत नहीं मानी जाएगी जब तक निष्पक्ष जांच पूरी न हो।

    इस आदेश के बाद विभाग को अपनी कार्रवाई पर पुनर्विचार करना पड़ा।

    📊 क्यों अहम है यह मामला?

    • पुलिस विभाग के अंदर से भ्रष्टाचार का खुलासा
    • व्हिसलब्लोअर सुरक्षा पर बड़ा सवाल
    • न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका
    • ट्रैफिक चालान और वसूली सिस्टम पर बहस

    यह मामला सिर्फ एक कॉन्स्टेबल का नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बन गया है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: सुनील टोके कौन हैं?
    वे मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल हैं जिन्होंने विभाग में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया।

    Q2: उन्होंने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए “रिश्वत रेट-कार्ड” चल रहा था।

    Q3: हाई कोर्ट ने क्या कहा?
    कोर्ट ने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना न की जाए।

    Q4: क्या जांच अभी जारी है?
    मामला जांच प्रक्रिया में है और विभागीय स्तर पर समीक्षा चल रही है।

  • ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

    ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

    अंधेरी में सीट बेल्ट चेक के दौरान ट्रैफिक कॉन्स्टेबल से गाली-गलौज और मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी परिवार को राहत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा— FIR रद्द हुई तो पुलिस का मनोबल टूटेगा।

    मुंबई: ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी और मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अंधेरी के एक बुजुर्ग दंपति और उनके बेटे के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि मामले में सबूत मौजूद हैं और ऐसी स्थिति में केस रद्द करना पुलिस बल का मनोबल तोड़ने जैसा होगा।

    ⚖️ हाईकोर्ट का अहम फैसला

    इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति संदीप डी. पाटिल की खंडपीठ ने की। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाले वीडियो सबूत और गवाहों के बयान मौजूद हैं। ऐसे में आरोपियों को ट्रायल का सामना करना ही होगा।

    अदालत ने टिप्पणी की कि
    👉 “अगर ऐसे मामलों में FIR रद्द की गई, तो यह समाज और पुलिस व्यवस्था के लिए गलत संदेश होगा।”

    🚦 कब और कहां हुआ था विवाद?

    यह घटना 13 अगस्त 2024 को
    📍 MHADA कॉलोनी जंक्शन, अंधेरी में हुई थी।

    उस समय ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल

    • गणेश सोनावणे
    • भारत चौधरी

    सीट बेल्ट चेकिंग की ड्यूटी पर तैनात थे।

    🚗 सीट बेल्ट न पहनने पर शुरू हुआ विवाद

    कांस्टेबल सोनावणे ने देखा कि एक कार में आगे की सीट पर बैठी महिला ने सीट बेल्ट नहीं पहनी थी। उन्होंने गाड़ी रोककर ई-चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की।

    इसी दौरान पुलिस के अनुसार:

    • महिला और उसके पति ने गंदी गालियां देना शुरू कर दिया
    • ड्राइवर ने कांस्टेबल को जान से मारने की धमकी दी
    • महिला ने कथित तौर पर
      👉 कांस्टेबल को थप्पड़ मारा
      👉 सीने में मुक्का मारा

    👨‍👩‍👦 कौन हैं आरोपी?

    बाद में आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:

    • कपिल भगवानप्रसाद आनंद (70)
    • साधना आनंद (60)
    • उनका बेटा अद्वैत आनंद (30)

    तीनों लोकhandwala कॉम्प्लेक्स, अंधेरी के निवासी हैं।

    📹 वीडियो बना मजबूत सबूत

    पुलिस ने अदालत को बताया कि
    👉 पूरी घटना कांस्टेबल भारत चौधरी ने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड की थी।
    यह वीडियो चार्जशीट का हिस्सा है।

    हाईकोर्ट ने वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान देखने के बाद कहा कि
    👉 “यह ऐसा मामला है जिसमें आरोपियों को ट्रायल कोर्ट में मुकदमे का सामना करना होगा।”

    🛑 FIR रद्द करने की मांग खारिज

    परिवार की ओर से दलील दी गई थी कि

    • उन्हें झूठा फंसाया गया है
    • ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं

    लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि
    👉 सबूत साफ तौर पर आरोपों की पुष्टि करते हैं।

    👮‍♂️ पुलिस और समाज को लेकर कोर्ट की टिप्पणी

    हाईकोर्ट ने कहा कि
    👉 अगर पुलिसकर्मियों पर हमले के मामलों में नरमी बरती गई,
    👉 तो पुलिसकर्मी डर के माहौल में ड्यूटी करने को मजबूर होंगे,
    जो कानून-व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला किस इलाके का है?
    👉 अंधेरी, MHADA कॉलोनी जंक्शन।

    Q2. FIR क्यों दर्ज की गई थी?
    👉 ट्रैफिक पुलिस से गाली-गलौज, मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में।

    Q3. हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    👉 FIR रद्द करने से इनकार, ट्रायल जारी रखने का आदेश।

    Q4. पुलिस के पास क्या सबूत हैं?
    👉 मोबाइल वीडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयान।

  • मालाड में सड़क के गड्ढे को भरकर ट्रैफिक पुलिस ने किया सराहनीय काम, समाजसेवक जावेद सैय्यद बने मिसाल

    मालाड में सड़क के गड्ढे को भरकर ट्रैफिक पुलिस ने किया सराहनीय काम, समाजसेवक जावेद सैय्यद बने मिसाल

    मालाड के मार्वे रोड पर बीच सड़क बने गड्ढे से हादसे की आशंका थी। समाजसेवक जावेद सैय्यद ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से खुद गड्ढा भरवाकर दुर्घटना रोकी। पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी और टीम का सराहनीय योगदान।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मार्वे रोड पर चारकोप नाका से मालवनी की ओर जाने वाली सड़क पर पिछले कुछ दिनों से कई जगहों पर गड्ढे बन गए थे।
    इन गड्ढों कारण वाहनों की गति रुक जाती और ट्रैफिक जाम आम बात हो गई थी। कई बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ने से चोटें भी आईं।
    स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की कोशिश की, लेकिन प्रशासन तक इसकी भनक तक नही हुई।

    💪 समाजसेवक जावेद सैय्यद और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर किया काम

    ऐसे में समाजसेवक जावेद सैय्यद ने खुद पहल करते हुए ट्रैफिक पुलिस की मदद से सड़क की मरम्मत करवाई।
    उन्होंने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक पुलिस से बात की और तुरंत एक अस्थायी समाधान निकाला ताकि यातायात सुचारु रूप से चले और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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    इस कार्य में ट्रैफिक विभाग के पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी, सी. डी. ढास, और सुवर्णा निषाद ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

    🚦 स्थानीय नागरिकों ने किया पुलिस की सराहना

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    स्थानीय नागरिकों ने इस सराहनीय कार्य की खुलकर तारीफ की।
    एक दुकानदार ने कहा –

    “जहां प्रशासन समय पर काम नहीं करता, वहां पुलिस और समाजसेवक जावेद भाई ने मिलकर मिसाल पेश की है।”

    लोगों ने कहा कि यह कदम “जनसेवा का असली उदाहरण” है और अगर ऐसे छोटे-छोटे प्रयास हर वार्ड में किए जाएं तो शहर की स्थिति काफी सुधर सकती है।

    🛠️ ट्रैफिक पुलिस की तत्परता से बचा बड़ा हादसा

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    बीएमसी की लापरवाही से बना यह गड्ढा रोज़ाना हजारों गाड़ियों के लिए खतरा बन चुका था।
    लेकिन ट्रैफिक पुलिस की तत्परता और जावेद सैय्यद की पहल ने न केवल सड़क को दुरुस्त कराया बल्कि सैकड़ों लोगों की जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित की।

    🌇 मुंबई में बढ़ रही सड़क सुरक्षा की चिंता

    मुंबई में हर साल मॉनसून और मरम्मत कार्यों के कारण सैकड़ों गड्ढे बनते हैं, जिनसे कई हादसे होते हैं।
    यह घटना बताती है कि यदि स्थानीय नागरिक और पुलिस मिलकर काम करें, तो सड़क सुरक्षा को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।

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    FAQ सेक्शन:

    Q1: सड़क का गड्ढा कहाँ बना था?
    👉 यह गड्ढा मालाड पश्चिम के मार्वे रोड, चारकोप नाका से मालवनी की ओर जाने वाली सड़क पर था।
    Q2: किसने गड्ढा भरवाने का काम किया?
    👉 समाजसेवक जावेद सैय्यद ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से यह कार्य किया।
    Q3: कौन-कौन से पुलिसकर्मी शामिल थे?
    👉 पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी, सी. डी. ढास और सुवर्णा निषाद ने इस काम में योगदान दिया।
    Q4: क्या इससे सड़क हादसे रुक गए?
    👉 हाँ, फिलहाल ट्रैफिक सामान्य है और गड्ढे से होने वाले हादसे की आशंका खत्म हो गई है।
    Q5: स्थानीय लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
    👉 लोगों ने जावेद सैय्यद और ट्रैफिक पुलिस की तारीफ की और उन्हें “जनसेवा का उदाहरण” बताया।

  • व्यस्त चौराहे पर पिता-पुत्र ने ट्रैफिक पुलिस को पीटा

    व्यस्त चौराहे पर पिता-पुत्र ने ट्रैफिक पुलिस को पीटा

    नालासोपारा में एक पिता और पुत्र ने एक व्यस्त चौराहे पर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection

    महाराष्ट्र/पालघर: वसई-विरार इलाके में ट्रैफिक पुलिस पर हमलों की संख्या बढ़ती जा रही है, वहीं नालासोपारा में हुई एक चौंकाने वाली घटना इन दिनों सुर्खियाँ बटोर रही है। प्रगति नगर इलाके के एक व्यस्त चौराहे पर पिता और पुत्र दोनों ने मिलकर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई कर दी। इस घटना का रोमांचक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और हर जगह हलचल मचा दिया है।

    दिनदहाड़े सड़क पर हमला

    जब ट्रैफ़िक पुलिस प्रगति नगर के पास एक गोलचक्कर पर अपनी नियमित ड्यूटी कर रही थे, तभी मंगेश नारकर और उसके बेटे पार्थ नारकर ने अचानक दो ट्रैफ़िक पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। पुलिसकर्मी हनुमंत सांगले और शेष नारायण अत्रे को बीच सड़क पर पीट-पीटकर मारा गया। पिता ने पुलिसकर्मी को पकड़कर सड़क पर लिटा दिया, जिसके बाद बेटे ने उसके पेट और सीने पर लात-घूंसों से वार करना शुरू कर दिया। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection

    जैसे ही यह आम लोगों के लिए रोमांचक घटना घटी, कई नागरिक घटनास्थल पर जमा हो गए। कुछ ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया, जबकि कुछ ने बीच-बचाव करके स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। आखिरकार, एक अन्य पुलिस अधिकारी के दौड़कर आने पर आरोपियों को रोका गया। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection

    वजह क्या थी?

    हालाँकि घटना के पीछे का असली कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि वाहन निरीक्षण के दौरान हुई बहस ने हमले का रूप ले लिया होगा। हालाँकि, पुलिस आगे की जाँच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

    कानूनी कार्रवाई शुरू

    इस घटना के बाद, नालासोपारा के तुलिंज पुलिस स्टेशन में मंगेश नारकर और पार्थ नारकर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

    नागरिकों का आक्रोशित, सख्त कार्रवाई की मांग

    इस घटना से स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के बाद लोग पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने तो यह सवाल भी उठाया है कि, “यदि यातायात पुलिस के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम नागरिकों के बारे में क्या?”

  • ट्रैफिक पुलिस की मनमानी के खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का विरोध

    ट्रैफिक पुलिस की मनमानी के खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का विरोध

    मुंबई में ट्रैफिक पुलिस की मनमानी से परेशान आम नागरिकों के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट ने उठाया ठोस कदम। अवैध चालान के खिलाफ पुलिसकर्मी पर कार्यवाही की मांग करते हुए चालान निरस्थ करने की मांग की है। (Nationalist Congress Party protests against the arbitrariness of the traffic police)

    इस्माईल शेख
    मुंबई- ट्रैफिक पुलिस की मनमानी के खिलाफ विरोध करते हुए, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने किया दंडात्मक कार्यवाही की मांग। बोरीवली, दहिसर और कांदीवली पूर्व के ट्रैफिक पुलिस अपने मन मुताबिक फोन का इस्तेमाल कर नियमों के खिलाफ ऑनलाइन चलान काटकर आम लोगों सें अवैध वसूली कर रहे हैं। इसके खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट के पार्टी प्रवक्ता मनीष दुबे ने वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन देकर दंडात्मक कार्यवाही की मांग करते हुए अवैध फाइन को निरस्थ करने की मांग की है। (Nationalist Congress Party protests against the arbitrariness of the traffic police)

    दहिसर, बोरीवली और कांदीवली पूर्व के समतानगर में अवैध ट्रेफिक चलान को लेकर पार्टी प्रवक्ता मनीष दुबे ने ट्रेफिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर इसकी शिकायत करते हुए ज्ञापन दिया। शिकायत में कहा गया है कि ट्रेफिक पुलिस अपने निजी फोन का इस्तेमाल कर लोगों के फ़ोटो खींच रहे हैं और बाद में अपने मनमुताबिक चालान डिवाइस का इस्तेमाल कर ऑनलाइन फाइन मारा जा रहा है। जबकि यह आम नागरिकों के साथ धोखा हो रहा है। (Nationalist Congress Party protests against the arbitrariness of the traffic police)

    व्हाट्सअप पर जानकारी देने की अपील ..

    राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और ट्रेफिक विभाग के संयुक्त पुलिस आयुक्त को पत्र देकर, मनीष दुबे ने ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है। साथ ही उक्त अवैध चालान को निरस्थ किए जाने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही मुम्बईकरों को अवैध चालान के खिलाफ एक जुट होने का आह्वान करते हुए शिकायत दर्ज कराने को कहा है। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर (9664059999) जारी करते हुए अवैध ट्रेफिक चलान के पीड़ितों को व्हाट्सअप द्वारा जानकारी साझा करने की अपील की है। इसके अलावा अपना ईमेल पता Email manish3105.md@gmail.com भी जारी किया। (Nationalist Congress Party protests against the arbitrariness of the traffic police)

  • मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की यातायात पुलिस वसूली में व्यस्त

    मुंबई की ट्रैफिक पुलिस की इन दिनों चांदी ही चांदी नजर आ रही है। यहां भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करते हुए यातायात पुलिस दिखाई पड़ रही हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    आजकल मुंबई शहर की वाहतूक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पूरे मुंबई की यातायात पूरी तरह जाम जैसी स्थिति बन गयी है। इसका कारण है ट्रैफिक का कोई नियम कानून है ही नही। इसका करण भी है। पुलिस विभाग पूरी तरह लापरवाह हो गयी है। नो पार्किंग में भी अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिस पर कोई शिकायत करता है तो पुलिस उससे उल्टा प्रश्न करती है, कि तुमको क्या परेशानी है? इसके बाद नो इंट्री में भी शुल्क लेकर गाड़िया चलाई जाती है। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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    ट्रैफिक पुलिस की मनमानी ..

    ट्रैफिक पुलिस,
    पुलिस के रिश्वतखोरी की फाइल तस्वीर

    मुंबई ट्रेफिक पुलिस महाराष्ट्र (Maharashtra) के भाजपा एकनाथ शिंदे गठबंधन की सरकार (Government) में भ्रष्टाचार (Corruption) की चरम सीमा पर पहुँच गए हैं। क्या लोगों को कानून व्यवस्था (Law and order) से महरूम कराना एक सरकारी कर्मचारी (Public Servant) को शोभा देता है। वो भी किस लिए? काली कमाई (Black money) के लिए। जिसपर नजर पड़ी तो आप अंदर भी हो जाओगे।
    इसके बाद अगर कोई गाड़ी वाला भूल से साइड पार्किंग (Parking) करके खड़ा रहता है, तो उससे लंबे चौड़े डिमांड किये जाते है। अगर गाड़ी मालिक या चालक पैसे देने से मना करता है, तो उसके साथ बदतमीजी भी अच्छे पैमाने पर की जाती है। फिर उसपर फर्जी केस बनाया जाता है। उसका लाइसेंस गाड़ी का पेपर लेकर उसको ट्रैफिक चौकी में बुलाकर उसकी अच्छी खात्री की जाती है। ये कौन सा नियम है? कौन सा कानून है? इस विषय पर अधिकारी कब ध्यान देंगे? कब ऐसे पुलिस वालों पर कार्रवाई करेंगे? (Mumbai Traffic police Corruption News)
    अजब तेरा जलवा, गजब तेरी छाया।
    पुलिस वालों की जेब मे माया ही माया।
    ये कब सुधरेंगे ये तो सरकार ही बताएगी। (Mumbai Traffic police Corruption News)

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