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  • पहले हुई लापता अब वीडियो के जरिए दिया पुलिस और परिवार को धमकी, मचा हड़कंप

    पहले हुई लापता अब वीडियो के जरिए दिया पुलिस और परिवार को धमकी, मचा हड़कंप

    ललितपुर की 20 वर्षीय हिमांशी सेंगर लापता होने के बाद वायरल वीडियो में प्रेमी राहुल यादव के साथ आई सामने। लव मैरिज का दावा, पुलिस और परिवार पर उत्पीड़न के आरोप, आत्महत्या की चेतावनी से मचा हड़कंप।

    उत्तर प्रदेश: ललितपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय प्रशासन तक हलचल मचा दी है। 13 फरवरी को लापता हुई 20 वर्षीय युवती हिमांशी सेंगर अब एक वायरल वीडियो के जरिए सामने आई है। वीडियो में वह राहुल यादव नाम के युवक के साथ नजर आ रही है और उसे अपना पति बता रही है। युवती ने साफ कहा है कि उसने अपनी मर्जी से लव मैरिज की है और उसे किसी ने अगवा नहीं किया।

    ललितपुर से लापता हुई थी युवती

    यह मामला ललितपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र का है। 13 फरवरी की रात हिमांशी अचानक अपने घर से गायब हो गई थी। बेटी के अचानक लापता होने पर परिवार ने सदर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस कई दिनों से तलाश में जुटी थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था।

    वायरल वीडियो में प्रेमी के साथ आई नजर

    लापता होने के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में हिमांशी सेंगर राहुल यादव नाम के युवक के साथ दिखाई दे रही है। युवती ने कैमरे के सामने कहा कि वह बालिग है और उसने अपनी इच्छा से शादी की है।

    उसने दावा किया कि यह “लव मैरिज” है और उसे किसी प्रकार का दबाव या डर नहीं है। वीडियो में वह भावुक नजर आई और बोली कि उसके इस फैसले की सजा उसके पति और ससुराल वालों को न दी जाए।

    पुलिस और मायके पक्ष पर गंभीर आरोप

    वीडियो में हिमांशी ने आरोप लगाया कि उसके पिता द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस प्रशासन और मायके पक्ष के लोग उसके ससुराल पक्ष को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

    उसका कहना है कि उसके पति के दोस्तों और परिवार के लोगों को परेशान किया जा रहा है। उसने पुलिस से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और निर्दोष लोगों को प्रताड़ित न किया जाए।

    आत्महत्या की चेतावनी से बढ़ी टेंशन

    वीडियो के अंत में हिमांशी ने बेहद गंभीर चेतावनी दी। उसने कहा कि अगर उसके ससुराल वालों को परेशान करना बंद नहीं किया गया तो वह आत्महत्या कर लेगी।

    उसने साफ कहा कि ऐसी किसी भी घटना के लिए उसके मायके वाले और स्थानीय पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होंगे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर #LalitpurCase और #LoveMarriageCase जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

    ससुराल पक्ष की स्थिति भी बताई

    हिमांशी ने वीडियो में यह भी बताया कि उसकी सास गर्भवती हैं और इस हालात में भी उन्हें मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा है। युवती का कहना है कि उसने पूरी समझदारी से अपना जीवनसाथी चुना है और वह अपने फैसले पर कायम है।

    पुलिस का आधिकारिक बयान

    पुलिस का कहना है कि मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज है और अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, युवती बालिग है तो उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    अब सबकी नजर पुलिस की अगली कानूनी कार्रवाई और युवती की सुरक्षा पर टिकी है।


    ❓ FAQ Section

    1. हिमांशी सेंगर कब लापता हुई थी?

    वह 13 फरवरी की रात ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई थी।

    2. क्या हिमांशी ने शादी की है?

    वायरल वीडियो में उसने राहुल यादव को अपना पति बताया है और लव मैरिज का दावा किया है।

    3. पुलिस का क्या कहना है?

    पुलिस के अनुसार मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है और कानूनी कार्रवाई जारी है।

    4. युवती ने आत्महत्या की चेतावनी क्यों दी?

    उसका आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष को परेशान किया जा रहा है। यदि यह बंद नहीं हुआ तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकती है।

  • योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ और ‘मिशन टू सक्सेस’ पुस्तक के लेखक डॉ. बिजयकुमार महाराणा को गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा और सामाजिक सेवा के लिए वर्ष 2025 का राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान नई दिल्ली में प्रदान किया गया।

    नई दिल्ली: गरीब और जरूरतमंद कैंसर रोगियों के लिए निःशुल्क योग चिकित्सा और जागरूकता फैलाने वाले जाने-माने अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ डॉ. बिजयकुमार महाराणा को वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में दिया गया। गृह कल्याण केंद्र के माध्यम से किए जा रहे उनके परोपकारी योग कार्यों को देशभर में सराहना मिली है।

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    भव्य सम्मान समारोह

    यह प्रतिष्ठित सम्मान गृह कल्याण केंद्र द्वारा प्रदान किया गया, जो भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के तत्वावधान में कार्यरत एक पंजीकृत संस्था है। समारोह में देशभर से सामाजिक, चिकित्सा और योग क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    ओडिशा के गांव से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर

    ओडिशा के क्योंझर जिले के खलियामेंटा गांव से आने वाले डॉ. बिजयकुमार महाराणा वर्तमान में गृह कल्याण केंद्र (जी.के.के.) में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है।

    100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    मुंबई स्थित गृह कल्याण केंद्र के प्रभारी जे. एम. सिंह ने बताया कि डॉ. महाराणा को योग गतिविधियों के संचालन और सामाजिक सेवा के लिए अब तक 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं।
    उन्होंने कहा कि यह सम्मान गृह कल्याण केंद्र से जुड़े सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है।

    गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग सेवा

    डॉ. महाराणा ने अपने कार्यकाल में कैंसर रोगियों के लिए विशेष योग कार्यक्रम चलाए, जिनका उद्देश्य शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संबल भी देना रहा है।
    नई दिल्ली स्थित मां कल्याणी सेवा संगठन के त्रिलोक कुमार झा और अरुण अग्रवाल ने कैंसर रोगियों के लिए आयोजित योग गतिविधियों हेतु गृह कल्याण केंद्र का आभार व्यक्त किया।

    राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता भी हैं डॉ. महाराणा

    गृह कल्याण केंद्र, नई दिल्ली के सचिव कर्नल राजीव वर्मा ने बताया कि डॉ. बिजयकुमार महाराणा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं और वर्तमान में मुंबई के जी.के.के. केंद्र में योग सिखाकर समाज में योग जागरूकता फैला रहे हैं।

    सीपीडब्ल्यूडी मुंबई का सहयोग

    मुंबई स्थित सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा ने कहा कि गरीब कैंसर रोगियों को निःशुल्क योग चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए सीपीडब्ल्यूडी मुंबई ने आवश्यक सुविधाएं प्रदान की हैं।
    उन्होंने डॉ. महाराणा के कार्य को प्रेरणादायक बताया।

    युवाओं के आदर्श बने डॉ. बिजय महाराणा

    नेशनल यूथ अवॉर्डीज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (NYAFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जावेद जमादार ने कहा कि डॉ. महाराणा देश के युवाओं के लिए एक आदर्श हैं और माननीय प्रधानमंत्री के योग मिशन को जमीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. डॉ. बिजय महाराणा को कौन सा सम्मान मिला है?
    उन्हें वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” मिला है।

    Q2. यह सम्मान कहां प्रदान किया गया?
    नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में।

    Q3. डॉ. महाराणा किस क्षेत्र में कार्य करते हैं?
    वे योग प्रशिक्षक हैं और गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा प्रदान करते हैं।

    Q4. क्या उन्हें पहले भी पुरस्कार मिले हैं?
    हां, उन्हें 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।

  • मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालाड–मालवनी के सार्वजनिक मैदान पर बनाए जा रहे अवैध टर्फ पर प्रशासन ने तत्काल रोक लगा दी है। यह फैसला स्थानीय नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद आया।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित में बस डेपो के पास, म्हाडा के सार्वजनिक खेल मैदान पर बन रहे अनधिकृत टर्फ को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। लगातार विरोध, शिकायतों और प्रशासनिक स्तर पर किए गए दबाव के बाद टर्फ निर्माण के कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। नागरिकों ने घोषणा की है कि मैदान पूरी तरह बच्चों, खिलाड़ियों और जनता के लिए खुला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    🔹 प्रदर्शन के बाद रोक — आंदोलन बना निर्णायक

    मालाड–मालवनी के खुले सार्वजनिक मैदान पर कुछ लोगों द्वारा चुपचाप टर्फ निर्माण शुरू किया गया था, जिसकी जानकारी मिलते ही नागरिकों ने विरोध दर्ज कराया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, म्हाडा, बीएमसी और सभी संबंधित विभागों को लिखित शिकायत देना शुरू किया और नियमित फ़ॉलोअप लिया।
    इसी फ़ॉलोअप के बाद सरकार ने विवादित टर्फ निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया।

    🔹 धमकियों के बावजूद संघर्ष जारी रखा

    सामाजिक कार्यकर्ताओं को आंदोलन रोकने के लिए कथित तौर पर झूठे फौजदारी मामलों में फंसाने की धमकियाँ भी दी गईं, लेकिन आंदोलनकारियों ने पीछे हटने से इंकार कर दिया। उनके साहस और नेतृत्व से स्थानीय युवाओं का मनोबल बढ़ा और आंदोलन व्यापक हो गया।

    🔹 राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन

    आंदोलन की ताकत लोगों के एकजुट होने से और बढ़ी।
    मुख्य रूप से— सामाजिक कार्यकर्ताओं ने म्हाडा कार्यालय और पुलिस स्टेशन में जाकर मजबूती से आपत्ति दर्ज की। संगठनों और नागरिकों के दबाव के बाद प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा।

    🔹 म्हाडा का सख्त संदेश — ‘एक ईंट भी रखी तो कार्रवाई’

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में मैदान पर एक ईंट भी रखी गई तो एमआरटीपी कानून लागू करके तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
    लेकिन इसी बीच नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि—
    📌 मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए वापस खुलने तक संघर्ष जारी रहेगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: मालवनी में टर्फ किस वजह से विवाद में था?
    टर्फ सार्वजनिक खेल मैदान पर बिना अनुमति और बिना नोटिस के बनाया जा रहा था, इसलिए स्थानीय लोगों ने उसे अवैध बताया।

    Q2: टर्फ निर्माण पर रोक क्यों लगाई गई?
    नागरिकों व सामाजिक संगठनों के विरोध, शिकायतों और आंदोलन के बाद प्रशासन ने कार्य रोकने का आदेश दिया।

    Q3: क्या यह मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है?
    प्रशासन ने रोक तो लगाई है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए खुलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    Q4: टर्फ शुरू करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी?
    प्रशासन के अनुसार, यदि अब मैदान पर कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ तो एमआरटीपी कानून के तहत तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

  • दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    मुंबई के दहिसर इलाके में नाले से मिली नवजात बच्ची के माता-पिता का पता पुलिस ने लगा लिया है। तीन बेटियों के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस दंपती ने मजबूरी में चौथी बेटी को छोड़ दिया था। पुलिस अब बच्चे की देखरेख को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    मुंबई: दहिसर में कुछ दिन पहले नाले के पास एक नवजात बच्ची मिलने की घटना ने सभी को झकझोर दिया था। अब पुलिस ने उस मासूम के माता-पिता का पता लगा लिया है। जांच में सामने आया कि यह दंपती बेहद गरीब है और पहले से तीन बेटियां हैं। आर्थिक बोझ और सामाजिक दबाव के चलते उन्होंने चौथी बच्ची को नाले के पास छोड़ दिया।

    🩺 शताब्दी अस्पताल में सुरक्षित है बच्ची

    27 अक्टूबर को दहिसर पुलिस ने अशोकवन इलाके के नाले से इस नवजात को बचाया था। तुरंत शताब्दी अस्पताल, कांदिवली में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब पूरी तरह स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज हो जाएगी।
    अस्पताल प्रशासन ने कहा — “हम पुलिस को बच्चे की स्थिति की जानकारी देंगे और उन्हें जिसे सौंपने का निर्देश मिलेगा, उसी को बच्ची दी जाएगी।”

    👮‍♀️ पुलिस ने माता-पिता को किया ट्रेस, अब तय होगी कानूनी दिशा

    दहिसर पुलिस ने इलाके के झुग्गी बस्तियों में खोजबीन के बाद बच्ची के माता-पिता को ढूंढ निकाला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मां घरेलू कामगार है और पिता दिहाड़ी मजदूर। दोनों ने कबूल किया कि वे चौथे बच्चे की परवरिश का खर्च नहीं उठा सकते थे।
    अभी यह तय नहीं हुआ है कि पुलिस दोनों को गिरफ्तार करेगी या सिर्फ एक को। मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस सावधानीपूर्वक कदम उठा रही है।

    🧒 बाल कल्याण समिति (CWC) तय करेगी बच्ची का भविष्य

    अभी यह चर्चा जारी है कि बच्ची को माता-पिता को लौटाया जाए या किसी चाइल्ड वेलफेयर होम को सौंपा जाए।
    बाल कल्याण समिति (CWC), अस्पताल और पुलिस मिलकर यह तय करेंगे कि बच्चे के हित में सबसे बेहतर निर्णय क्या होगा।

    💔 गरीबी और समाजिक दबाव की त्रासदी

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह दंपती पिछले कुछ महीनों से आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। पति की मजदूरी से घर चलाना मुश्किल था और तीन बेटियों के पालन-पोषण का खर्च पहले से भारी था। चौथी बेटी के जन्म के बाद उन्हें लगा कि अब उनका गुज़ारा नहीं होगा, इसलिए उन्होंने यह गलत कदम उठाया।
    यह मामला न सिर्फ कानूनी, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील बन गया है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. नवजात बच्ची को कहां से बरामद किया गया था?
    👉 बच्ची दहिसर (पश्चिम) के अशोकवन इलाके के एक नाले से बरामद की गई थी।
    Q2. बच्ची की हालत अभी कैसी है?
    👉 शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज होगी।
    Q3. क्या बच्ची को उसके माता-पिता को वापस सौंपा जाएगा?
    👉 इस पर फैसला बाल कल्याण समिति (CWC) और पुलिस मिलकर करेगी।
    Q4. क्या माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है?
    👉 फिलहाल पुलिस विचार कर रही है कि दोनों को गिरफ्तार किया जाए या नहीं, मामला बेहद संवेदनशील है।

  • मुंबई के वकील ने NHRC से की शिकायत, कहा– “खतरनाक पटाखे बन गए ज़हर”

    मुंबई के वकील ने NHRC से की शिकायत, कहा– “खतरनाक पटाखे बन गए ज़हर”

    मुंबई के वकील हितेंद्र गांधी ने मानवाधिकार आयोग (NHRC) से मांग की है कि कार्बाइड आधारित खतरनाक पटाखों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि ये पटाखे लोगों की सेहत, पर्यावरण और जानवरों के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं।

    मुंबई: जाने-माने वकील हितेंद्र गांधी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को एक याचिका दाखिल की है जिसमें उन्होंने कार्बाइड बेस्ड (Carbide-Based) खतरनाक पटाखों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    उनका कहना है कि ये पटाखे न सिर्फ लोगों की सेहत और पर्यावरण के लिए खतरनाक हैं, बल्कि जानवरों और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन चुके हैं।

    गांधी ने NHRC से आग्रह किया है कि इस मुद्दे पर राष्ट्रीय अध्ययन कराया जाए, सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की जाए, और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कड़े कदम उठाए जाएं — ताकि दिवाली की धार्मिक भावना बनी रहे, पर सेहत और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

    🌫️ दिवाली के बाद बढ़ता प्रदूषण, बिगड़ती हवा की गुणवत्ता

    वकील की याचिका में कहा गया है कि सरकारी मॉनिटरिंग स्टेशन और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) हर साल दिवाली के बाद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक तत्वों में तेज़ उछाल दिखाते हैं।
    कई शहरों में दिवाली की रातों के बाद हवा की स्थिति “Very Poor” से “Severe” कैटेगरी तक पहुंच जाती है।

    हालांकि ग्रीन क्रैकर्स को लागू करने की सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पहले से मौजूद है, लेकिन वकील का कहना है कि अभी भी गैर-प्रमाणित और जहरीले पटाखे खुलेआम बिक रहे हैं

    🚫 “ग्रीन पटाखे” के बावजूद नहीं थमा जहरीले धुएं का असर

    हितेंद्र गांधी का कहना है कि “ग्रीन पटाखे” के नियमों के बावजूद गैर-लाइसेंसशुदा फायरवर्क्स और कार्बाइड बेस्ड पटाखों की बिक्री जारी है।
    इनसे निकलने वाला धुआं न सिर्फ इंसानों के लिए सांस संबंधी खतरे पैदा करता है बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और जानवरों पर भी सीधा असर डालता है।

    🐶 जानवरों पर भी गहरा असर

    याचिका में बताया गया है कि पशु कल्याण संस्थाएं और वेटरनरी क्लीनिक दिवाली के बाद घायल और डरे हुए जानवरों की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज करते हैं।
    कई शहरों में सैकड़ों पालतू और आवारा जानवर धमाकों और धुएं के कारण घायल या भाग जाते हैं।
    यह स्थिति हर साल मानवता और करुणा की भावना को ठेस पहुंचाती है।

    💣 कार्बाइड गन — नया खतरा बनते “घरेलू बम”

    हितेंद्र गांधी ने अपनी याचिका में “कार्बाइड गन” या घरेलू विस्फोटक उपकरणों की भी चर्चा की है।
    इन गैरकानूनी और असुरक्षित पटाखों के कारण भोपाल से बेंगलुरु तक 130 से ज्यादा लोग, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

    इन “कार्बाइड गनों” के वीडियो सोशल मीडिया पर आसानी से मिल जाते हैं और कोई भी इन्हें घर पर बना सकता है।
    यह चलन अब सार्वजनिक सुरक्षा संकट (Public Safety Crisis) बन चुका है।

    ⚖️ “मानवाधिकार का उल्लंघन” – याचिका में गंभीर आरोप

    वकील ने कहा,

    “ये घटनाएं सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवाधिकारों का सीधा हनन हैं — खासकर जीवन, स्वास्थ्य और गरिमा के अधिकार का।”

    उन्होंने आयोग से अपील की है कि NHRC सरकार को सिफारिश करे कि

    • कार्बाइड आधारित पटाखों पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाया जाए,
    • Explosives Act और अन्य नियमों को सख्ती से लागू किया जाए,
    • और इस मामले पर जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि उत्सव का असली प्रकाश जीवन और करुणा के साथ जुड़ा रहे।

    ❓FAQs

    Q1. किसने NHRC में याचिका दाखिल की है?
    मुंबई के वकील हितेंद्र गांधी ने यह याचिका दाखिल की है।

    Q2. याचिका में क्या मांग की गई है?
    कार्बाइड आधारित पटाखों पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध, और सुरक्षा नियमों की सख्त पालना की मांग की गई है।

    Q3. क्या “ग्रीन क्रैकर्स” से प्रदूषण कम हुआ है?
    नहीं, वकील का कहना है कि ग्रीन क्रैकर्स के बावजूद प्रदूषण स्तर में सुधार नहीं आया।

    Q4. जानवरों पर क्या असर पड़ता है?
    तेज धमाकों और धुएं से जानवर डर जाते हैं, कई घायल या भाग जाते हैं।

    Q5. “कार्बाइड गन” क्या है?
    यह एक असुरक्षित घरेलू विस्फोटक उपकरण है जो दिवाली में धमाके के लिए बनाया जाता है, और इससे कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

  • दी मालाड सहकारी बैंक द्वारा पूरग्रस्तों के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि में 5 लाख रुपये की दी धनराशि

    दी मालाड सहकारी बैंक द्वारा पूरग्रस्तों के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि में 5 लाख रुपये की दी धनराशि

    दी मालाड सहकारी बैंक लिमिटेड ने मराठवाड़ा और विदर्भ के पूरग्रस्त लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि में 5 लाख रुपये का चेक सौंपा। अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वर्षा निवास पर मुलाकात की।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: मालाड़ पूर्व स्थित दी मालाड सहकारी बैंक लिमिटेड ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए मराठवाड़ा और विदर्भ में आए हालिया बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है। भाजपा के पूर्व नगरसेवक एवं बैंक के अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने बैंक की ओर से मुख्यमंत्री सहायता निधि (Chief Minister Relief Fund) में ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) का चेक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपा।

    🙏 मुख्यमंत्री से वर्षा निवास पर मुलाकात

    इस अवसर पर भाजपा के मुंबई महानगरपालिका नेता और पूर्व नगरसेवक विनोद मिश्रा ने वर्षा निवास पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को दीवाली की शुभकामनाएं भी दीं। मुलाकात के दौरान भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिल्हा उपाध्यक्ष प्रकाश वकानी भी मौजूद थे।

    🌊 मराठवाड़ा और विदर्भ में बाढ़ से नुकसान

    हाल ही में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में हुई भारी बारिश और बाढ़ से कई परिवारों को नुकसान झेलना पड़ा। किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं, घर क्षतिग्रस्त हुए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ऐसे में मालाड सहकारी बैंक का यह कदम समाज में एक सकारात्मक संदेश देता है कि निजी संस्थाएं भी आपदा के समय सरकार के साथ खड़ी हैं।

    🏦 बैंक की सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण

    दी मालाड सहकारी बैंक लिमिटेड मुंबई की एक पुरानी और भरोसेमंद वित्तीय संस्था है, जो समाजसेवा में भी सक्रिय रहती है। बैंक ने पहले भी शिक्षा सहायता, चिकित्सा सहायता और सामाजिक अभियानों में सहयोग दिया है। इस बार बैंक ने पूरग्रस्तों की मदद कर सामाजिक दायित्व निभाने का एक और उदाहरण पेश किया है।

    🌟 सीएम फडणवीस ने जताया आभार

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी मालाड सहकारी बैंक और अध्यक्ष विनोद मिश्रा का धन्यवाद किया और कहा कि समाज के सभी घटक यदि ऐसे ही एकजुट होकर योगदान दें, तो प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की मदद तेज़ी से संभव हो सकेगी।


    ❓FAQs

    Q1. दी मालाड सहकारी बैंक ने मुख्यमंत्री सहायता निधि में कितनी राशि दी?
    बैंक ने मराठवाड़ा और विदर्भ के पूरग्रस्तों की मदद के लिए 5 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री सहायता निधि में सौंपा।

    Q2. चेक किसे सौंपा गया?
    बैंक के अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को वर्षा निवास पर चेक सौंपा।

    Q3. इस अवसर पर और कौन मौजूद थे?
    इस मौके पर भाजपा युवा मोर्चा के माजी जिल्हा उपाध्यक्ष प्रकाश वकानी भी उपस्थित थे।

    Q4. पूरग्रस्त क्षेत्र कौन-कौन से हैं?
    मुख्य रूप से मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है।