Tag: P North Ward

  • मालाड में अवैध निर्माण पर चला BMC का बुलडोजर, 70 से ज्यादा ढांचे ध्वस्त

    मालाड में अवैध निर्माण पर चला BMC का बुलडोजर, 70 से ज्यादा ढांचे ध्वस्त

    मालाड के पी/उत्तर वार्ड में चुनाव के बाद BMC ने अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की। मार्वे रोड और मालाड लिंक रोड पर 70 से ज्यादा अवैध ढांचे बुलडोजर से गिराए गए।

    मुंबई: बीएमसी चुनाव खत्म होते ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। मालाड के पी/उत्तर प्रभाग में शुक्रवार को मनपा ने सीधे बुलडोजर चलाकर बड़ी तोड़क कार्रवाई की। मार्वे रोड और मालाड लिंक रोड इलाके में करीब 70 से ज्यादा अवैध निर्माणों को जमींदोज किया गया। यह कार्रवाई प्रभाग प्रशासन की ओर से आगे भी जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।

    🏙️ कहां-कहां हुई कार्रवाई?

    पी/उत्तर प्रभाग में यह तोड़क अभियान दो प्रमुख इलाकों में चलाया गया:

    • मार्वे रोड – साईकृपा नगर परिसर
    • मालाड लिंक रोड – वळ्नई (वलनई) इलाका

    दोनों ही जगहों पर चुनावी व्यस्तता का फायदा उठाकर अवैध निर्माण खड़े किए गए थे।

    👮‍♂️ किसके नेतृत्व में चली कार्रवाई?

    यह पूरी कार्रवाई की गई:

    • सहायक मनपा आयुक्त – कुंदन वळवी
    • झोन क्रमांक 4 की उपायुक्त – भाग्यश्री कापसे

    के नेतृत्व में। प्रभाग अधिकारी के आदेश पर मनपा की दो स्वतंत्र तोड़क टीमें मैदान में उतारी गईं।

    🔨 पहली टीम: मार्वे रोड पर 40 अवैध निर्माण ध्वस्त

    पहली तोड़क टीम:

    • सहायक अभियंता – राजेश सोनवणे
    • उपअभियंता – सुहास घोलप

    के नेतृत्व में साईकृपा नगर, मार्वे रोड इलाके में:

    • करीब 40 अवैध निर्माणों को पूरी तरह गिराया गया

    🧱 दूसरी टीम: मालाड लिंक रोड पर 30 ढांचे हटाए

    दूसरी टीम:

    • सहायक अभियंता – विजय मानकर
    • उपअभियंता – प्रशांत तावडे

    के नेतृत्व में वळ्नई परिसर, मालाड लिंक रोड पर:

    • लगभग 30 अवैध निर्माणों को निष्कासित किया गया

    🚧 चुनावी व्यस्तता का उठाया गया था फायदा

    मनपा अधिकारियों के मुताबिक:

    • चुनाव के दौरान प्रशासनिक व्यस्तता का फायदा उठाकर
    • बिना अनुमति और नियमों के
    • झोपड़ीनुमा और पक्के अवैध ढांचे खड़े कर दिए गए थे

    इन्हीं पर अब सीधी कार्रवाई की जा रही है।

    🚜 भारी बंदोबस्त में चला बुलडोजर

    इस संयुक्त तोड़क अभियान में शामिल थे:

    • 4 JCB मशीनें
    • 30 से ज्यादा मजदूर
    • 10 से अधिक मनपा अधिकारी-कर्मचारी

    किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए:

    • पूरे इलाके में कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था

    🗣️ BMC का सख्त संदेश

    झोन 4 की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे ने साफ कहा:

    “पी/उत्तर वार्ड में किसी भी हालत में अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।”


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह कार्रवाई किस इलाके में हुई?
    ➡️ मालाड के पी/उत्तर प्रभाग में, मार्वे रोड और मालाड लिंक रोड पर।

    Q2. कितने अवैध निर्माण हटाए गए?
    ➡️ करीब 70 से ज्यादा अवैध ढांचे।

    Q3. कार्रवाई किसके आदेश पर हुई?
    ➡️ सहायक मनपा आयुक्त कुंदन वळवी के आदेश पर।

    Q4. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    ➡️ हां, मनपा ने साफ किया है कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    Q5. क्या पुलिस बंदोबस्त था?
    ➡️ हां, पूरे इलाके में कड़ा पुलिस बंदोबस्त रखा गया था।

  • मुंबई का P/North वार्ड: बढ़ते तापमान और घटती हरियाली का संकट

    मुंबई का P/North वार्ड: बढ़ते तापमान और घटती हरियाली का संकट

    मुंबई का पी/नॉर्थ वार्ड तेजी से गर्म हो रहा है। 2015 से 2024 के बीच तापमान 5°C से ज्यादा बढ़ गया है। अवैध निर्माण और हरियाली की कमी ने संकट गहरा दिया है। Mumbai’s P/North ward: The crisis of rising temperatures and decreasing greenery

    📍 P/North वार्ड कहाँ है और क्यों अहम है?

    मुंबई का पी/नॉर्थ वार्ड (P/North Ward) 46.67 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसके पूर्व में संजय गांधी नेशनल पार्क और पश्चिम में मढ़-मनोरी के मैंग्रोव जंगल हैं। इसमें मलाड, मालवनी, माढ़ और अक्सा जैसे प्रमुख इलाके आते हैं।
    यह मुंबई का सबसे ज्यादा आबादी वाला वार्ड है। 13 वर्ष पहले यानी 2011 की जनगणना के अनुसार यहां करीब 10 लाख लोगों की आबादी रिकार्ड की गई थी। इतनी घनी आबादी के बीच हर डिग्री तापमान का बढ़ना लाखों लोगों को प्रभावित करता है। Mumbai’s P/North ward: The crisis of rising temperatures and decreasing greenery

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    🌳 हरियाली के बावजूद बढ़ता तापमान

    मानचित्र पर यह इलाका हरा-भरा दिखता है, लेकिन हकीकत अलग है।

    • 2015 से 2024 के बीच तापमान 5°C से ज्यादा बढ़ा
    • 42.24°C (2015) से बढ़कर 50°C (2024) तक पहुंच गया
    • सबसे ज्यादा असर झोपड़पट्टी और घनी आबादी वाले इलाकों में
    • कंक्रीट, डामर और टिन की छतों ने प्राकृतिक ठंडक देने वाले पेड़ों और खुली जमीन की जगह ले ली
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    🔥 सबसे ज्यादा खतरे में कौन हैं?

    पी/नॉर्थ वार्ड की अनौपचारिक बस्तियां (झोपड़पट्टियां) इस संकट का सबसे बड़ा शिकार हैं।

    • 26% घरों की छतें एस्बेस्टस और टिन की, जो तेजी से गर्म होती हैं
    • 25% घरों में अब भी पारंपरिक ईंधन (लकड़ी आदि) से खाना बनता है
    • केवल 25% लोग ही अपने घरों के मालिक, बाकी किरायेदार हैं
    • स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली और साफ पानी तक सीमित पहुंच

    👉 इन सभी कारणों से यह इलाका जलवायु संकट (Climate Crisis) का हॉटस्पॉट बन चुका है।

    📊 आंकड़े और सैटेलाइट डेटा क्या कहते हैं?

    • 60% इलाके का तापमान 5°C से ज्यादा बढ़ा
    • दत्तवाडी, महाराष्ट्र नगर और कलेक्टर कंपाउंड सबसे गर्म इलाकों में शामिल
    • मैंग्रोव इलाकों में मलबा डालकर और अवैध निर्माण कर ठंडी और नम जमीन को गर्म और बंजर बनाया गया

    📌 निष्कर्ष: जितनी तेजी से हरियाली और खुली जगहें कम हो रही हैं, उतनी ही तेजी से यहां की जमीन गर्म हो रही है। Mumbai’s P/North ward: The crisis of rising temperatures and decreasing greenery

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    ✅ समाधान: मुंबई को क्या कदम उठाने चाहिए?

    1. प्राकृतिक इलाकों की सुरक्षा

    • मैंग्रोव और जंगलों की कानूनी सुरक्षा और पुनर्वनीकरण
    • अवैध निर्माण और मलबा डालने पर कड़ी रोकथाम

    2. गर्मी-संवेदनशील विकास

    • नई इमारतों और SRA प्रोजेक्ट्स में पेड़, वेंटिलेशन और ग्रीन स्पेस अनिवार्य
    • झोपड़पट्टियों में रिफ्लेक्टिव पेंट और शेड नेट्स का इस्तेमाल

    3. कमजोर आबादी की सुरक्षा

    • रिफ्लेक्टिव रूफ और ठंडी छतें सभी घरों में लागू हों
    • स्वच्छ पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की 100% कवरेज
    • हीटवेव जागरूकता अभियान, खासकर महिलाओं के लिए

    4. पेड़ और हरियाली बढ़ाना

    • सड़क किनारे, फुटपाथ और सरकारी जमीन पर पेड़ लगाना
    • छायादार पैदल मार्ग और साइकिल ट्रैक विकसित करना