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  • Western Railway Delay: ‘थांबिवली’ नाम से क्यों भड़के यात्री?

    Western Railway Delay: ‘थांबिवली’ नाम से क्यों भड़के यात्री?

    Western Railway Delay से परेशान यात्रियों ने Borivali-Kandivali के बीच नए “थांबिवली” स्टेशन का नाम दे दिया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन अब यात्रियों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती जा रही है। खासकर Western Railway पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। Borivali और Kandivali स्टेशन के बीच लगातार रुकने वाली लोकल ट्रेनों से परेशान यात्रियों ने इस जगह को नया नाम ही दे दिया — “थांबिवली”।

    सोशल मीडिया से लेकर लोकल ट्रेन के डिब्बों तक, फिलहाल इसी “नए स्टेशन” की चर्चा हो रही है। हालांकि Western Railway की तरफ से किसी नए स्टेशन की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार होने वाली देरी और बीच ट्रैक पर लंबे ठहराव ने यात्रियों को व्यंग्यात्मक तरीके से यह नाम देने पर मजबूर कर दिया है।

    Western Railway Delay ने क्यों बढ़ाई यात्रियों की नाराज़गी

    Churchgate से Virar के बीच चलने वाली लोकल ट्रेनें पिछले कुछ समय से लगातार 10 से 15 मिनट की देरी से चल रही हैं। ऑफिस जाने वाले यात्रियों का कहना है कि Kandivali से Borivali के बीच ट्रेनें अक्सर यार्ड के पास रुक जाती हैं।

    यात्रियों के मुताबिक:

    • सुबह ऑफिस टाइम में ट्रेनें ज्यादा देर रुकती हैं
    • शाम को घर लौटते समय भी यही स्थिति रहती है
    • AC Local और सामान्य लोकल दोनों प्रभावित हैं
    • कई बार बिना किसी स्पष्ट अनाउंसमेंट के ट्रेनें खड़ी रहती हैं

    मुंबई जैसे शहर में जहां हर मिनट की कीमत होती है, वहां रोजाना की देरी लोगों के काम और दिनचर्या पर सीधा असर डाल रही है।

    “थांबिवली” नाम आखिर कैसे पड़ा

    लगातार रुकने वाली ट्रेनों से परेशान यात्रियों ने मजाक-मजाक में इस जगह का नाम “थांबिवली” रख दिया। मराठी शब्द “थांबा” यानी रुकना और मुंबई के उपनगरों के स्टेशन नामों की शैली को मिलाकर यह नाम सोशल मीडिया और यात्रियों के बीच वायरल हो गया।

    यात्रियों का कहना क्या है

    कई यात्रियों का कहना है कि:

    “कांदिवली निकलने के बाद ट्रेन सीधे बोरीवली नहीं पहुंचती, पहले ‘थांबिवली’ जरूर रुकती है।”

    यह नाम अब Western Railway Delay की पहचान बनता जा रहा है।

    रोजाना लेटमार्क से परेशान हैं नोकरदार

    मुंबई में हजारों लोग रोजाना लोकल ट्रेन के भरोसे ऑफिस पहुंचते हैं। लेकिन लगातार देरी के कारण:

    • कर्मचारियों को ऑफिस में लेटमार्क लग रहा है
    • पंचिंग टाइम मिस हो रहा है
    • निजी कंपनियों में वेतन कटौती का डर बढ़ रहा है
    • यात्रियों का मानसिक तनाव बढ़ रहा है

    विशेषकर सुबह 8 बजे से 11 बजे और शाम 6 बजे से 9 बजे के बीच सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आ रही हैं।

    https://wr.indianrailways.gov.in

    AC Local यात्रियों में भी बढ़ रहा गुस्सा

    Western Railway पर सफर करने वाले कई यात्री गर्मी और भीड़ से बचने के लिए AC Local का टिकट लेते हैं। लेकिन उनका कहना है कि:

    • महंगा टिकट लेने के बावजूद समय पर यात्रा नहीं हो रही
    • लंबे समय तक ट्रेन रुकने से AC का असर भी कम हो जाता है
    • यात्रा आरामदायक के बजाय तनावपूर्ण बन रही है

    कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे प्रशासन से जवाब भी मांगा है।

    क्या सुरक्षा कारणों से हो रही है देरी?

    रेलवे सूत्रों और विशेषज्ञों के मुताबिक कई बार:

    • सिग्नलिंग सिस्टम
    • यार्ड मूवमेंट
    • ट्रैक मैनेजमेंट
    • मेंटेनेंस ब्लॉक
    • फास्ट और स्लो लाइन का ट्रैफिक

    इन वजहों से ट्रेनें रोकी जाती हैं।

    इसके अलावा जून 2025 में मुंब्रा के पास हुई दुर्घटना के बाद मुंबई लोकल में सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। बंद दरवाजों वाली नई लोकल ट्रेन और भीड़ नियंत्रण पर भी फोकस बढ़ा है।

    Mumbai Local Timing पर उठ रहे बड़े सवाल

    यात्रियों का कहना है कि यदि रोजाना 10-15 मिनट ट्रेन रोकनी ही है, तो रेलवे को:

    • नया टाइमटेबल जारी करना चाहिए
    • यात्रियों को रियल टाइम अपडेट देना चाहिए
    • Delay Announcement सिस्टम बेहतर करना चाहिए

    कई लोगों का कहना है कि अनिश्चित देरी सबसे ज्यादा परेशान करती है।

    सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा “थांबिवली”

    Instagram Reels, X (Twitter) और Facebook पर “थांबिवली स्टेशन” अब मीम और चर्चा का विषय बन गया है। कई यात्रियों ने वीडियो पोस्ट कर दिखाया कि कैसे ट्रेन रोज उसी जगह रुकती है।

    कुछ वायरल कमेंट्स:

    • “Western Railway का नया unofficial स्टेशन”
    • “Borivali से पहले compulsory halt”
    • “थांबिवली: जहां हर लोकल जरूर रुकती है”

    हालांकि इसके पीछे यात्रियों की वास्तविक नाराज़गी साफ दिखाई दे रही है।

    Western Railway के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या

    मुंबई की बढ़ती आबादी और लोकल ट्रेनों पर बढ़ता दबाव अब रेलवे प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि:

    • Peak hours में ट्रेन frequency बढ़ानी होगी
    • Signalling modernization तेज करनी होगी
    • Yard congestion कम करना होगा
    • Passenger communication बेहतर करना होगा

    वरना आने वाले समय में ऐसी शिकायतें और बढ़ सकती हैं।

    FAQ Section

    क्या Borivali और Kandivali के बीच नया स्टेशन शुरू हुआ है?

    नहीं। Western Railway की ओर से किसी नए स्टेशन की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। “थांबिवली” नाम यात्रियों ने मजाकिया अंदाज में दिया है।

    “थांबिवली” नाम क्यों वायरल हो रहा है?

    क्योंकि लोकल ट्रेनें अक्सर Borivali और Kandivali के बीच लंबे समय तक रुकती हैं।

    Western Railway Delay कितनी देर का होता है?

    यात्रियों के अनुसार कई ट्रेनें रोजाना 10 से 15 मिनट तक लेट चल रही हैं।

    क्या AC Local भी प्रभावित है?

    हाँ। सामान्य लोकल के साथ AC Local ट्रेनें भी प्रभावित हो रही हैं।

    रेलवे ने इस पर क्या कहा?

    अब तक “थांबिवली” नाम या इस विशेष देरी पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।

    Conclusion

    Mumbai Local की लगातार देरी अब सिर्फ एक तकनीकी समस्या नहीं रह गई है, बल्कि रोजाना लाखों यात्रियों की जिंदगी पर असर डालने वाला मुद्दा बन चुकी है। “थांबिवली” नाम भले मजाक में रखा गया हो, लेकिन इसके पीछे यात्रियों की असली नाराज़गी और सिस्टम से निराशा साफ दिखाई देती है। अब सभी की नजर Western Railway पर है कि वह इस बढ़ती समस्या का स्थायी समाधान कब निकालती है।

    Official / Relevant Links

  • बोरीवली–कांदिवली सेक्शन पर असर: वेस्टर्न रेलवे की 30 दिन की ब्लॉक, रोज़ 70–80 लोकल ट्रेनें रद्द

    बोरीवली–कांदिवली सेक्शन पर असर: वेस्टर्न रेलवे की 30 दिन की ब्लॉक, रोज़ 70–80 लोकल ट्रेनें रद्द

    मुंबई वेस्टर्न रेलवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर। बोरीवली–कांदिवली के बीच छठी रेलवे लाइन के काम के चलते 21 दिसंबर से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का नाइट ब्लॉक लगाया गया है। इस दौरान रोज़ 70 से 80 लोकल ट्रेनें रद्द रहेंगी, कई ट्रेनें रीशेड्यूल होंगी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली वेस्टर्न रेलवे लोकल से रोज़ाना सफर करने वाले यात्रियों को अगले एक महीने तक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बोरीवली–कांदिवली सेक्शन में प्रस्तावित छठी रेलवे लाइन के काम के चलते वेस्टर्न रेलवे ने 30 दिनों का मेगा नाइट ब्लॉक लगाया है। इस दौरान रोज़ाना 70 से 80 लोकल ट्रेनें रद्द, जबकि कई ट्रेनों को रीशेड्यूल, रेगुलेट या शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा।

    कब से कब तक रहेगा ब्लॉक

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह ब्लॉक 20–21 दिसंबर की रात से शुरू होकर 18 जनवरी 2026 तक चलेगा।
    ब्लॉक मुख्य रूप से रात 11 बजे से सुबह 4:30 बजे तक रहेगा, ताकि दिन के पीक आवर्स में कम से कम असर पड़े।

    कितनी लोकल ट्रेनें होंगी प्रभावित

    • 21 से 25 दिसंबर के बीच रोज़ 94 लोकल सेवाएं (अप और डाउन मिलाकर) प्रभावित होंगी
    • 26 दिसंबर को 87 लोकल ट्रेनें प्रभावित रहेंगी
    • शुरुआती रात 20/21 दिसंबर को सिर्फ 7 ट्रेनें प्रभावित हुई थीं
    • कुल मिलाकर रोज़ाना 35–40 अप और 35–40 डाउन लोकल ट्रेनें रद्द होने की संभावना

    इसके अलावा, करीब 100 से ज्यादा मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें भी अलग-अलग तरह से प्रभावित होंगी।

    छठी रेलवे लाइन का काम क्यों जरूरी

    वेस्टर्न रेलवे के अनुसार, बोरीवली–कांदिवली सेक्शन में:

    • ट्रैक का री-अलाइनमेंट
    • कई क्रॉसओवर लगाने और हटाने
    • सिग्नलिंग सिस्टम, इंजीनियरिंग वर्क
    • ओवरहेड इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पांचवीं लाइन (STA लाइन) को नई छठी लाइन से जोड़ने के लिए अस्थायी रूप से बंद करना जरूरी है।

    किन लाइनों पर क्या बदलाव

    • बोरीवली–कांदिवली के बीच पांचवीं लाइन पर पैसेंजर ट्रेनें बंद
    • मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें फास्ट लाइन से चलाई जाएंगी
    • अन्य लाइनों पर स्पीड रिस्ट्रिक्शन लागू
    • कुछ लोकल ट्रेनें बोरीवली पर नहीं रुकेंगी, बल्कि अंधेरी या वसई रोड पर स्टॉप देंगी

    यात्रियों के लिए रेलवे की अपील

    वेस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने कहा कि यात्रियों की असुविधा कम करने की कोशिश की जा रही है, खासकर 31 दिसंबर और नए साल के दौरान, जब यात्रियों की संख्या बढ़ती है।
    यात्रियों को सलाह दी गई है कि:

    • सफर से पहले अपडेटेड टाइमटेबल देखें
    • स्टेशन अनाउंसमेंट पर ध्यान दें
    • रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अपडेट चेक करें

    भविष्य में क्या फायदा होगा

    रेलवे अधिकारियों और यात्री संगठनों का मानना है कि यह अस्थायी परेशानी भविष्य में बड़ा फायदा देगी।
    नेशनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी के सदस्य सुभाष गुप्ता ने कहा,
    “कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। भविष्य में ज्यादा लोकल ट्रेनें चलेंगी, इसलिए यह काम जरूरी है।”

    क्यों अहम है छठी रेलवे लाइन

    • लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों का अलग-अलग संचालन
    • फास्ट कॉरिडोर पर भीड़ में कमी
    • लोकल ट्रेनों की पंक्चुअलिटी बेहतर
    • भविष्य में 20% तक लोकल सेवाएं बढ़ने की संभावना

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बोरीवली–कांदिवली ब्लॉक कब तक रहेगा?
    👉 20/21 दिसंबर 2025 से 18 जनवरी 2026 तक।

    Q2. रोज़ कितनी लोकल ट्रेनें रद्द होंगी?
    👉 लगभग 70–80 लोकल ट्रेनें रोज़ाना।

    Q3. ब्लॉक किस समय रहेगा?
    👉 रात 11 बजे से सुबह 4:30 बजे तक।

    Q4. क्या दिन में भी असर पड़ेगा?
    👉 मुख्य असर रात में है, लेकिन दिन में भीड़ और देरी संभव है।

    Q5. यह काम क्यों किया जा रहा है?
    👉 छठी रेलवे लाइन को पूरा करने और भविष्य में भीड़ कम करने के लिए।

  • सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    मुंबई डिवीजन में सेंट्रल रेलवे ने 7 लाख से ज्यादा बिना टिकट यात्रियों से ₹30 करोड़ वसूले हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में रेलवे ने कुल ₹100 करोड़ से अधिक जुर्माना वसूला।

    मुंबई: सेंट्रल रेलवे ने बिना टिकट और अवैध रूप से यात्रा करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे की टिकट चेकिंग टीमों ने वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से अगस्त 2025) के बीच 17.19 लाख यात्रियों को पकड़ा और उनसे रिकॉर्ड ₹100.50 करोड़ का जुर्माना वसूला।

    केवल मुंबई डिवीजन की बात करें तो, यहां 7.03 लाख यात्रियों को पकड़कर करीब ₹29.17 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।

    अगस्त 2025 में दिखा सख्ती का असर

    अगस्त 2025 में रेलवे की चेकिंग टीमों ने अकेले महीने भर में 2.76 लाख यात्रियों को पकड़ा, जबकि अगस्त 2024 में यह संख्या 2.34 लाख थी। यानी इसमें 18% की बढ़ोतरी हुई है।

    इस दौरान अगस्त 2025 में कुल ₹13.78 करोड़ का जुर्माना वसूला गया, जो अगस्त 2024 के ₹8.85 करोड़ से 55% ज्यादा है।

    Mumbai-Central-Railway-caught-7-lakh-ticketless-passengers-collected-a-fine-of-Rs-30-crore

    डिवीजनवार आंकड़े (अप्रैल-अगस्त 2025)

    रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सभी डिवीजनों में कार्रवाई की। इसमें वसूली का आंकड़ा इस प्रकार है:

    • भुसावल डिवीजन : ₹36.93 करोड़ (4.34 लाख केस)
    • मुंबई डिवीजन : ₹29.17 करोड़ (7.03 लाख केस)
    • नागपुर डिवीजन : ₹11.44 करोड़ (1.85 लाख केस)
    • पुणे डिवीजन : ₹10.41 करोड़ (1.89 लाख केस)
    • सोलापुर डिवीजन : ₹5.01 करोड़ (1.04 लाख केस)
    • हेडक्वार्टर्स : ₹7.54 करोड़ (1.04 लाख केस)

    रेलवे की सख्त रणनीति

    सेंट्रल रेलवे ने बताया कि बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाई जाती हैं। इसमें शामिल हैं:

    • स्टेशन चेक
    • एम्बुश चेक
    • फोर्ट्रेस चेक
    • इंटेंसिव चेक
    • मेगा टिकट चेकिंग ड्राइव

    ये अभियान मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर, स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे लोकल ट्रेनों में भी चलाए जाते हैं।

    टिकट फ्रॉड पर रोक: QR कोड बुकिंग बंद

    रेलवे ने यह भी कदम उठाया कि UTS मोबाइल ऐप के जरिए स्टैटिक QR कोड से टिकट बुकिंग को बंद कर दिया गया है। वजह यह थी कि कई यात्री इस सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा था।

    अब इस फैसले से पेपरलेस टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग पर रोक लग गई है।

    रेलवे की अपील

    सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट खरीदकर ही यात्रा करें। बिना टिकट यात्रा करने पर न केवल जुर्माना लगता है बल्कि बार-बार पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

    रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी जारी रहेगी।

  • मुंबई लोकल ट्रेन में लगेगी कवच सुरक्षा प्रणाली

    मुंबई लोकल ट्रेन में लगेगी कवच सुरक्षा प्रणाली

    मुंबई लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर कवच सुरक्षा प्रणाली लगाऐ जाने वाला है। उपनगर के कुछ हिस्सों में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। Mumbai local trains to have Kavach security system

    मुंबई: शहर की उपनगरीय ट्रेनें अब 2025 के अंत तक कवच से लैस होने जा रही है। इसके तहत यात्रियों की सुरक्षा में सुधार के लिए एक आधुनिक सुरक्षा प्रणाली तैयार होने वाली है। खबर के मुताबिक, पश्चिमी रेलवे के मार्गों पर कवच लगाने का काम शुरू हो चुका है। अगले साल के अंत तक सभी उपनगरीय ट्रेनों और मुख्य लाइन के इंजनों पर इसे लगाने की योजना है। खास बात यह है कि यात्रियों के किराये में कोई इजाफा नही होगा।

    प्रमुख रेल मार्गों पर शुरु है कवच

    यह प्रणाली वर्तमान में दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर जैसे प्रमुख रेल मार्गों पर लगाई जा रही है और यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल का हिस्सा है। मुंबई-अहमदाबाद लाइन इस वित्तीय वर्ष के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। रिपोर्टों से पता चलता है कि यह ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। Mumbai local trains to have Kavach security system

    2358 किलोमीटर से अधिक ट्रैक पर लगेंगे कवच

    लगभग 30 लाख लोग प्रतिदिन पश्चिमी रेलवे (Western Railway) की उपनगरीय सेवाओं का उपयोग करते हैं। यह चर्चगेट-विरार-दहानू मार्ग पर 110 इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट्स के बेड़े के साथ 1,400 से अधिक ट्रेन सेवाओं का संचालन करता है। रेलवे की योजना 2025 तक 2,358 किलोमीटर से अधिक ट्रैक पर कवच लगाने की है।

    कवच एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। यह सहायक चेतावनी प्रणाली की जगह लेगा, जिसका इस्तेमाल वर्तमान में ट्रेनों में सुरक्षा उपकरण के रूप में किया जाता है। Mumbai local trains to have Kavach security syste

  • Mumbai: दादर रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान महिला ने मचाया हंगामा; जुर्माने पर विरोध; देखें VIDEO

    Mumbai: दादर रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान महिला ने मचाया हंगामा; जुर्माने पर विरोध; देखें VIDEO

    बिना टिकट यात्रा को लेकर मुंबई लोकल इस समय सख्त हो गई है। इसकी जांच क्रम को लेकर एक महिला ने हंगामा मचा दिया। लेकिन न तो उसने अपना टिकट दिखाया और तो और उसने जुर्माना भरने से भी इंकार कर दिया। Mumbai: Woman created ruckus during ticket checking at Dadar railway station; protested against fine; watch VIDEO

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    बिना टिकट यात्रा को लेकर मुंबई में इस समय रेलवे स्टेशनों पर टिकट की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में दादर रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर टिकट जांच के दौरान जब एक महिला से टिकट दिखाने को कहा गया, तो उसने हंगामा मचा दिया। महिला रेलवे ब्रिज पर जोर-जोर से टिकट निरीक्षकों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मचारियों से बहस करने लगी। वह न केवल अपना टिकट दिखाने से इनकार कर रही थी, बल्कि जुर्माना भरने से भी मना कर दिया। उसने जुर्माना भरने से बचने के लिए तमाशा खड़ा कर दिया। Mumbai: Woman created ruckus during ticket checking at Dadar railway station; protested against fine; watch VIDEO

    रेलवे स्टेशन पर क्यों हो रही थी बहस ?

    महिला और रेलवे कर्मचारियों के बीच चल रही यह बहस सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रेलवे कर्मचारी कई बार समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन महिला उनकी बात नहीं मान रही और लगातार बहस करती जा रही है। फिलहाल इस महिला का नाम और पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। Mumbai: Woman created ruckus during ticket checking at Dadar railway station; protested against fine; watch VIDEO

    इससे पहले भी हुआ हंगामा

    इसे पहले 2 अगस्त को विरार फास्ट लोकल की फस्ट क्लास डिब्बे में भी कुछ इसी तरह का हंगामा हुआ। सेकंड क्लास टिकट लेकर फस्ट क्लास के डिब्बे में यात्रा कर रहे एक यात्री को जब रेलवे कर्मचारियों ने पकड़ा, तो वह भड़क गया। उसे रेल कर्मचारी बोरीवली के टिकट निरीक्षक कार्यालय लेकर गए, जहां वह हिंसक हो गया। उसने रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और कर्मचारियों पर भी हमला किया। बाद में उसे आरपीएफ के हवाले कर दिया गया। Mumbai: Woman created ruckus during ticket checking at Dadar railway station; protested against fine; watch VIDEO

  • मुंबई में अब WhatsApp के जरिए होगा ट्रेन की बुकिंग

    मुंबई में अब WhatsApp के जरिए होगा ट्रेन की बुकिंग

    ट्रेन में टिकट के लिए अब आपको लाईन में खड़े रहने की जरुरत नही होगी। अब आप अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp एप्लीकेशन के भीतर ही एक क्लिक से ट्रेन की टिकट बुकिंग कर सकेंगे। रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली में सुधार लाने के प्रयास कर रहा है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    अब आम लोगों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड नई टिकट बुकिंग प्रणाली लाने की तैयारी कर रहा है। मेट्रो में ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को मिल रहे लोकप्रियता को देखते हुए रेल प्रशासन ने फैसला किया है। इसके लिए निविदाएं मांगी गई है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    रेलवे ने क्या कहा?

    रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली की सुविधा में सुधार लाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है और व्हाट्सएप जैसे चैट-आधारित ऐप के माध्यम से टिकट प्रणाली शुरू करने की संभावना तलाश रहा है। हाल ही में, इस मामले में रुचि रखने वाले संगठनों के साथ एक बैठक हुई। अधिकारियों ने बताया कि सभी विवरण तय होने के बाद निविदा प्रक्रिया का मूल्यांकन किया जाएगा। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    डिजिटल इंडिया की पहल

    डिजिटल इंडिया पहल के तहत, भारतीय रेलवे डिजिटल माध्यमों से टिकट प्रणाली में बदलाव लाने पर ज़ोर दे रहा है। इसके परिणामस्वरूप, यात्रियों को कैशलेस तेज़ टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। देखा गया कि डिजिटल की ओर बदलाव होता जा रहा है। वर्तमान में, 25 प्रतिशत यात्री डिजिटल माध्यमों से टिकट बुक कर रहे हैं, और इसे अपनाने की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    WhatsApp का इस्तेमाल

    मौजूदा डिजिटल टिकटिंग सिस्टम के अलावा, रेलवे टिकट बुकिंग की सुविधा बढ़ाने के लिए चैट-आधारित टिकटिंग समाधान पर भी काम कर रहा है। मेट्रो में टिकट बुकिंग के लिए यात्री WhatsApp का इस्तेमाल ज़्यादा पसंद करते हैं। टिकट खिड़की पर क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक चैट इंटरफ़ेस दिखाई देता है। “हाय” मैसेज भेजने पर आपको टिकट बुकिंग के विकल्प दिखाई देंगे और फिर भुगतान करके डिजिटल टिकट प्राप्त किए जा सकेंगे। 67 प्रतिशत मेट्रो किराया इसी तरह बुक किया जा रहा है।

    क्या हैं मुश्किलें?

    रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक कहा गया, कि व्हाट्सएप टिकटिंग सिस्टम के निर्माण के दौरान कई कारकों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यूटीएस के माध्यम से क्यूआर-आधारित टिकटिंग प्रणाली के वर्तमान दुरुपयोग को देखते हुए, इसी तरह की कमज़ोरियों से बचने के लिए नई प्रणाली विकसित करते समय सावधानी बरतनी होगी। हमारा लक्ष्य एक ऐसी प्रणाली बनाना है जो यात्रियों के लिए आसान हो। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

  • झूठे गवाहों का इस्तेमाल कर 19 साल की जेल, मुंबई लोकल ब्लास्ट में 12 मुसल्मानों को किसने फंसाया?

    झूठे गवाहों का इस्तेमाल कर 19 साल की जेल, मुंबई लोकल ब्लास्ट में 12 मुसल्मानों को किसने फंसाया?

    11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में पिछले 19 सालों से जिन 12 मुसलमानों को दोषी ठहरा कर जेल में कैद कर लिया गया था। हाईकोर्ट ने सभी को एक साथ बरी कर दिया। लेकिन इन सब के पीछे कौन हो सकता है यह अभ भी सवाल का विषय बना हुआ है। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    मुंबई: 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों ने पूरे देश को हिला दिया था। इन धमाकों में 187 लोगों की जान गई, 800 से ज़्यादा घायल हुए। इस भयानक घटना के 19 साल बाद, बॉम्बे हाई कोर्ट ने 12 लोगों को बरी कर दिया, जिन्हें इन धमाकों का दोषी ठहराया गया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है, लेकिन यह भी साफ कर दिया है कि बरी किए गए लोगों को वापस जेल नहीं भेजा जाएगा। अब सवाल है, कि इन 12 मुसलमानों को फंसाने का काम किसने किया था। जिसकी वजह से एक विशेष समुदाय को टार्गेट किया गया। ये सवाल हैं उन 12 लोगों में से एक मोहम्मद अली का, जिन्हें इसी मामले में बरी कर दिया गया है।

    हाईकोर्ट के फैसले पर लगा रोक

    सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने साफ कर दिया, कि सभी आरोपी जेल से रिहा हो चुके हैं, इसलिए उन्हें दोबारा जेल भेजने का सवाल ही नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल की दलीलों पर विचार करते हुए कहा, कि हाई कोर्ट के फैसले को कानूनी मिसाल के तौर पर नहीं माना जाएगा और उस फैसले पर रोक लगाई जाती है। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    वो 13 लोग कौन थे?

    2006 के धमाकों के बाद मुंबई पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें कमाल अहमद, मोहम्मद साजिद मरगूब अंसारी, मोहम्मद माजिद, नवीद हुसैन खान, मोहम्मद फ़ैसल अतउर रहमान शेख, सुहैल महमूद शेख, आसिफ खान, एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी, शेख मोहम्मद अली, जमीर अहमद, मुजम्मिल अतउर रहमान शेख, तनवीर अहमद और अब्दुल वहीद शेख शामिल थे। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    एक की हो गयी मौत

    गिरफ्तार 12 लोगों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपनी बेगुनाही की अपील की थी। हाईकोर्ट में 10 साल केस चला फिर फैसला आया कि ये सब बेकसूर हैं। इस पूरे मामले में एक ऐसा शख्स भी था जिसने अपनी बेगुनाही की खबर सुनने से पहले ही दुनिया छोड़ दिया। बिहार के मधुबनी जिले के बसोपट्टी के रहने वाले कमाल अहमद मोहम्मद वकील अंसारी की 2021 में कोविड के दौरान जेल में ही मौत हो गई थी। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    मजदूर को किया था गिरफ्तार

    जब कमाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया तब उनके बेटे अब्दुल्ला अंसारी सिर्फ छह साल के थे। अब्दुल्ला कहा, ATS ने कमाल अंसारी पर पाकिस्तान में हथियारों का ट्रेनिंग लेने, भारत-नेपाल बॉर्डर के रास्ते आतंकवादियों को लाने और मुंबई के माटुंगा स्टेशन पर विस्फोटक रखने का इल्जाम लगाया था। लेकिन अब्दुल्ला बताते हैं कि उनके पिता एक मजदूर थे, उन्होंने ऐसा नहीं किया। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

    क्या अब सरकारें, पुलिस, मीडिया कमाल के परिवार से माफी मांगेगे? उसकी बदनामी के दाग को कौन धोएगा?

    झूठे गवाह और मनगढ़ंत कबूलनामे का खुलासा

    इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को फंसाने के लिए कई हथकंडे अपनाए, जिनकी पोल RTI ने खोल दी।

    • गवाह नंबर 74 की झूठी गवाही: अभियोजन पक्ष के गवाह नंबर 74 ने विशेष मकोका अदालत में बताया था कि उसने एहतेशाम सिद्दीकी को चर्चगेट रेलवे स्टेशन पर एक काले बैग के साथ देखा था। इसी गवाही के आधार पर एहतेशाम को बम लगाने वाला बताया गया। लेकिन RTI से मिली जानकारी ने इस गवाह की पोल खोल दी। गवाह ने जिस अस्पताल में किसी से मिलने की बात कही थी, वहां उस नाम का कोई व्यक्ति था ही नहीं और जिस बैंक में मिलने का दावा किया था, वह व्यक्ति भी वहां नहीं था। अदालत ने इस गवाह को पुलिस का ‘स्टॉक गवाह’ करार दिया, यानी एक ऐसा गवाह जिसे पुलिस हर केस में इस्तेमाल करती है। RTI से यह भी सामने आया कि यही गवाह पुलिस के लिए चार और मामलों में भी पेश हुआ था।
    • पहचान में देरी पर सवाल: पुलिस ने कुछ ऐसे गवाह भी पेश किए जिन्होंने ब्लास्ट के 100 दिनों बाद आरोपियों को पहचानने की बात कही। अदालत ने इस पर सवाल उठाया कि कोई इतने लंबे समय बाद किसी व्यक्ति का चेहरा कैसे याद रख सकता है? यह दर्शाता है कि पुलिस असली गुनहगारों को ढूंढने के बजाय आम लोगों को बलि का बकरा बना रही थी।
    • स्केच गवाह का अनुपस्थित होना: आरोपी के स्केच बनाने में मदद करने वाले गवाह को ट्रायल के लिए नहीं बुलाया गया और न ही उसे अदालत में आरोपी की पहचान करने के लिए कहा गया। मामले का यह एक सबसे बड़ा लूप-होल था।
    • कॉपी-पेस्ट के कबूलनामे: पुलिस का केस ज़्यादातर कबूलनामों पर आधारित था, जो पुलिस ने अपनी कस्टडी में लिए थे। MCOCA की धारा 18 के तहत पुलिस के सामने दिए गए कबूलनामों को कोर्ट में मान्यता देता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन कबूलनामों के आधार पर सजा देने से इंकार कर दिया, क्योंकि कोई पुख्ता सबूत मौजूद नहीं थे। कोर्ट ने यह भी पाया कि कई आरोपियों ने दो अलग-अलग अधिकारियों के सामने जुर्म कबूल किया था, लेकिन दोनों कबूलनामों में घटना का विवरण, यहां तक कि फुल स्टॉप और कॉमा भी हूबहू कॉपी-पेस्ट थे। कोर्ट ने इसे अविश्वसनीय माना।

    2015 में इसी केस में बरी हुएम अब्दुल वाहिद शेख बताते हैं कि उन्होंने “हर दिन 20-25 आरटीआई एप्लीकेशन” दायर किए, जिनमें पुलिस स्टेशनों की लॉगबुक से लेकर अस्पताल के रिकॉर्ड और हर जरूरी जानकारी मांगी गई।

    19 सालों बाद सामने आया पीड़ितों का दर्द

    मोहम्मद साजिद अंसारी, जो इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से थे, बताते हैं, “मेरा इलेक्ट्रॉनिक्स का बैकग्राउंड था, इसलिए इन लोगों के लिए आसान था कहना कि ये टाइमर बम बनाने के लायक है। इसी वजह से मुझे टारगेट किया गया, इन्होंने रिकवरी के तौर पर मेरे मोबाइल रिपेयरिंग इंस्टीट्यूट के जो सामान थे और जो रिपेयरिंग की इलेक्ट्रॉनिक्स की चीजें थी उसे रिकवरी में दिखाया गया। हालांकि एफएसएल रिपोर्ट के अंदर क्लियर हुआ कि कुछ भी एक्सप्लोसिव मेरे पास नहीं मिला।”

    187 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है?

    19 सालों तक इन लोगों के परिवार के साथ पुलिस, समाज, मीडिया, सरकारें, अदालत नाइंसाफी करती रहीं।

    ऐसे में सवाल उठता है कि इन 12 लोगों और इनके परिवार के 19 साल के दर्द का जिम्मेदार कौन है? क्या उन लोगों को सजा मिलेगी जिन्होंने इन 12 लोगों को फंसाया था?

    एक सवाल और है, 2006 के ब्लास्ट में 187 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है? उन परिवारों से क्या कहा जाएगा जिन्होंने अपनों को खोया था? वो लोग लौटकर नहीं आएंगे लेकिन उनके कातिल को हमारा प्रशासन आज तक नहीं ढूंढ पाया और ना ही कटघरे में खड़ा कर पाया, सजा तो दूर की बात हो गई। 19 years in jail using false witnesses, who implicated 12 Muslims in Mumbai local train blast?

  • वेस्टर्न रेलवे ने शुरू की धरपकड़, सादे कपड़ो में तैनात RPF की स्पेशल टीम

    वेस्टर्न रेलवे ने शुरू की धरपकड़, सादे कपड़ो में तैनात RPF की स्पेशल टीम

    वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाते हुए एक स्पेशल टीम का गठन किया है। आरपीएफ की यह टीम सादे कपड़ो में तैनात कर दी गई है। आईजी अजय सादानी ने दिये आदेश .. Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    चर्चगेट से गुजरात के सूरत तक चलने वाली मुंबई लोकल ट्रेन और मेल एक्सप्रेस में अवैध फेरीवालों, किन्नरों और अवैध यात्रा करने वालों के खिलाफ आरपीएफ ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। यात्रियों की लगातार शिकायतों के बाद आरपीएफ के आईजी चर्चगेट अजय सादानी ने इसको लेकर सख्त आदेश दिए हैं। सादे कपड़ो में आरपीएफ की टीम निगरानी के लिए तैनात कर दिए गए हैं। पिछले 12 दिनों में 1632 लोगों की धरपकड़ हो चुकी है। इसमे 298 अवैध होकर, 100 किन्नर , विकलांग कोच से 889 और महिला कोच में 80 पुरुष यात्रियों की पकड़ा गया है।

    लगातार हो रही थी शिकायत

    बता दें कि मुंबई लोकल में भीड़ के समय यात्रा के दौरान अवैध हाकर, भीख मांग कर परेशान करने वाले किन्नर, विकलांगों के लिए आरक्षित कोच में अवैध यात्री और महिला कोच में पुरुष यात्रियों से लोग परेशान हो गए थे। जिसको लेकर लगातार रेल प्रशासन को शिकायत मिल रही थी। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए आई जी आरपीएफ चर्चगेट अजय सादानी ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इसपर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने एक विशेष टीम का गठन किया, जो हर रेलवे स्टेशनों पर सादे कपड़ो में यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए गए हैं। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

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    विशेष चैकिंग अभियान

    वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने बताया, कि मुंबई मंडल द्वारा सादे कपड़ों में अवैध गतिविधियों की धरपकड़ और रोकथाम लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है। जिनके द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 12 दिनों में कुल 1632 लोगों की धरपकड़ की है जिनमे 298 अवैध होकर, ट्रेनों में भीख मांगकर यात्रियों को परेशान करने वाले 100 किन्नर, विकलांग कोच में अनाधिकृत यात्रा करने वाले 889 गैर विकलांग यात्री और महिला कोच में यात्रा करने वाले 80 पुरुष यात्रियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कोर्ट के समक्ष पेश कर चालान किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

    अपराधियों की धरपकड़

    उन्होंने आगे कहा, कि गाड़ी संख्या 20907/08 सयाजी नगरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वाले 244 जनरल यात्रियों को 132855 रुपए का जुर्माना करवाया गया। पश्चिम रेलवे का मुंबई सेंट्रल मंडल यात्रियों की सुरक्षा और सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने यह भी बताया, कि चालू वर्ष 2025 में रेलवे सुरक्षा बल मुंबई सेंट्रल द्वारा यात्रियों के सामानों की चोरी करने वाले 328 अपराधियों की धरपकड़ कर जीआरपी को अग्रिम कार्यवाही हेतु सौंपा गया है। साथ ही 563 शराब तस्करों को 20,09,786/-रु मूल्य की शराब के साथ पकड़कर जीआरपी के सुपुर्द किया गया है घर से भागे हुए और परिजनों से बिछड़े हुए 191 बच्चों को एनजीओ या उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

  • पुलिस पर लगे कॉपी पेस्ट के आरोप, सरकार को दिया कोर्ट ने निर्देश

    पुलिस पर लगे कॉपी पेस्ट के आरोप, सरकार को दिया कोर्ट ने निर्देश

    पुलिस प्रशासन पर कॉपी पेस्ट के आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि पुलिस प्रशासन के बीच ये कॉपी पेस्ट का कल्चर खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। इससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। Police accused of copy paste, court gives instructions to the government

    मुंबई: गवाहों के बयान और आरोपियों के जवाब एक दूसरे से मेल नही खाते। तब पर भी क्यों न्याय के लिए पीड़ितों को 19 साल का इंतजार करना पड़ा। मुंबई लोकल ट्रेन बम ब्लास्ट के मामले ने सैकड़ों निरपराध लोगों की जान ले ली और प्रशासन लीपा-पोती कर निर्दोष लोगों को जेल में ठूंस दिया। यहां तक कि कईयों को उम्र कैद तो कईयों को फांसी की सजा तक सूना दी गई। लेकिन आखिरकार हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया तब जाकर फैसला सामने आया, कि पुलिस ने आरोप पत्र में गड़बड़ियां की हुई है और गिरफ्तार आरोपियों को सज़ा देने के लिए कोई भी ठोस सबूत नही है।

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    लापरवाह प्रशासन

    मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाका कोई छोटी मोटी घटना नहीं थी। इस घटना ने पूरे देश को झगझोड कर रख दिया था। लेकिन प्रशासन उन आरोपियों को पकड़ने में नाकाम हो गई और बेगुनाहों को बली का बकरा बना दिया गया। ये कैसी क्रूरता रही की उन निरपराध लोगों को 19 सालों का वनवास काटना पड़ा। इसकी जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जबकि सरकारी पक्ष भी कोर्ट में गलत साबित हुआ।

    कोर्ट में क्या हुआ?

    मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट ने आरोपियों के इकबालिया बयान में समानता पर गंभीरता से गौर किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के बयान कई आधारों पर अधूरे हैं और सत्यता की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। बॉम्बे हाईकोर्ट ने चार्जशीट में गवाहों के बयान में कॉपी-पेस्ट कल्चर पर चिंता जताते हुए इसे खतरनाक ट्रेंड बताया है। अदालत ने 2006 के मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में 12 आरोपियों को बरी कर दिया।

    अदालत ने क्या कहा?

    अदालत ने कहा कि गवाहों और आरोपियों के बयान अधूरे और असत्य पाए गए हैं और इनके कुछ हिस्से एक-दूसरे से हूबहू मिलते हैं, जो कॉपी-पेस्ट कल्चर को दर्शाते हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मई और जून के मामलों में गवाहों के बयानों में कॉपी-पेस्ट पर संज्ञान लिया और महाराष्ट्र सरकार से इससे निपटने और इस संबंध में गाइडलाइन जारी करने को कहा।

    पुलिस प्रशासन का कॉपी पेस्ट

    मई में हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में पुलिस की ओर से अमल में लाए जा रहे एक और खतरनाक कल्चर पर संज्ञान लिया था, जिसमें गंभीर अपराधों में भी गवाहों के बयान कॉपी-पेस्ट किए गए थे। अदालत ने तब कहा था कि गवाहों के बयान में कॉपी पेस्ट के इस तरह के कई मामले सामने आए है। पिछले महीने हाईकोर्ट ने एक अन्य आपराधिक मामले में भी इसी तरह के ट्रेंड पर संज्ञान लिया था और राज्य सरकार को इससे निपटने का निर्देश दिया था।

    2006 के मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस श्याम चंदक की विशेष पीठ ने कहा कि कई आरोपियों के इकबालिया बयान इस तरह के थे, जिन्हें देखकर लग रहा था कि सवालों के जवाब कॉपी-पेस्ट किए गए हैं। Police accused of copy paste, court gives instructions to the government

  • Mumbai Local: मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री गंभीर रूप से घायल

    Mumbai Local: मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री गंभीर रूप से घायल

    मुंबई लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से कसारा जा रही लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मौके पर प्रशासन की टीम मौजूद उपाय योजना शुरू .. Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

    मुंबई: कासरा जा रही एक लोकल ट्रेन पर भूस्खलन के गंभीर घटना की जानकारी सामने आ रही है। लोकल ट्रेनें मुंबईवासियों की लाईफ़ लाईन मानी जाती हैं। ये मुंबई शहर और उपनगरों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। लाखों यात्री प्रतिदिन लोकल ट्रेनों से यात्रा करते हैं। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों में इस समय भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। इसलिए इसका सबसे पहला असर लोकल ट्रेनों पर दिख रहा है। फिलहाल, लोकल ट्रेनों के शेड्यूल में किसी खास बदलाव की कोई खबर नहीं है। लेकिन कसारा जा रही एक ट्रेन पर भूस्खलन की बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि भूस्खलन के कारण दो यात्री घायल हो गए हैं।

    बड़ा हादसा

    दिवा हादसे की कड़वी यादें अभी मिटी भी नहीं, कि मुंबई लोकल का एक और गंभीर हादसा हो गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर गिरे भूस्खलन के कारण यह हादसा हुआ है। Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

    एक का पैर गंभीर जख्मी

    बताया जा रहा है कि मुंबई से कसारा जा रही एक लोकल ट्रेन अचानक भूस्खलन की चपेट में आ गई, जिससे दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री सफर कर रहे थे जिस वक्त ये हादसा हुुआ। बताया जा रहा है कि एक के पैर में गंभीर चोट लगी है। घायलों को इलाज के लिए कसारा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    कब की है घटना?

    घटना रात करीब साढ़े नौ बजे की है। जब मुंबई से कसारा जा रही ट्रेन कसारा रेलवे स्टेशन पहुँच रही थी। लेकिन कसारा रेलवे स्टेशन के पास एक पहाड़ी पर दरार के कारण लोकल ट्रेन के उपर ही मलबा गिर पड़ा। मौके पर लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से एक यात्री के पैर में गंभीर चोट आई है। लोकल ट्रेन पर बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी गिर गई। इनमें से कुछ पत्थर और मिट्टी लोकल ट्रेन के दरवाजे से होकर अंदर चली गई।

    मौके पर प्रशासन

    स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँच गया है। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन इस घटना से हड़कंप मच गया है। गनीमत रही कि कोई बड़ा पथराव नहीं हुआ। वरना, कोई बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो सकती थी। Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train