Tag: Mumbai local

  • Holi Celebration में Railway Safety से खिलवाड़, Virar–Mahim Local के गेट पर बांधा बांबू

    Holi Celebration में Railway Safety से खिलवाड़, Virar–Mahim Local के गेट पर बांधा बांबू

    Virar–Churchgate local train में Holi celebration के दौरान दरवाजे पर बड़े bamboo और सुपारी के पत्ते बांधने का मामला सामने आया। Borivali स्टेशन पर RPF ने 6 लोगों पर Railway Act 145 के तहत मामला दर्ज किया।

    मुंबई: मुंबई लोकल ट्रेन में होली मनाने की परंपरा इस बार यात्रियों की सुरक्षा पर भारी पड़ गई। Virar से Mahim होली मनाने जा रहे कुछ लोगों ने Virar–Churchgate local के दरवाजे पर बड़े-बड़े bamboo और सुपारी के पेड़ की झावळियां आड़ी बांध दीं। इससे न सिर्फ आम यात्रियों को चढ़ने-उतरने में दिक्कत हुई, बल्कि serious accident का खतरा भी पैदा हो गया। West Railway ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 6 लोगों के खिलाफ Railway Act के तहत FIR दर्ज की है।

    🎉 Virar–Mahim Holi Tradition क्या है?

    ब्रिटिश काल से चली आ रही एक अनोखी परंपरा के तहत Virar और Mahim को Holi festival के जरिए जोड़ा जाता है।

    Mahim के Mori Road इलाके में पहले कई चॉल थीं। समय के साथ वहां multi-storey buildings बन गईं और कई परिवार Virar में बस गए।

    लेकिन Holi की परंपरा आज भी जारी है। हर साल Virar से कई परिवार bamboo और सुपारी के पत्ते लेकर, नाचते-गाते, जयघोष करते हुए local train से Mahim पहुंचते हैं और Mori Road पर Holi जलाते हैं।

    🚪 Local Train के दरवाजे पर बांधे गए Bamboo

    इस बार यात्रियों ने bamboo और सुपारी के पेड़ की झावळियां सीधे local train के दरवाजे पर आड़ी बांध दीं।

    इस वजह से बाकी commuters को train में चढ़ने-उतरने में भारी दिक्कत हुई।

    Railway officials के मुताबिक, इससे serious injury का खतरा था और train operation भी प्रभावित हुआ।

    ⏰ 20 मिनट तक प्रभावित रही Local Service

    रविवार रात 11:40 बजे Virar–Churchgate local के दरवाजे पर bamboo बांधे गए।

    Train काफी देर स्टेशन पर खड़ी रही।

    जब local Borivali स्टेशन के platform नंबर 5 पर पहुंची, तब ड्यूटी पर तैनात Station Manager रणजीत कुमार ने coach की जांच की।

    Local Manager पुरुषोत्तम ने बताया कि कुछ लोगों ने bamboo बांधने के लिए train को रोके रखा था।

    रात 12:24 से 12:46 बजे तक करीब 20 मिनट तक local service प्रभावित रही।

    👮 RPF की कार्रवाई और FIR दर्ज

    Borivali स्टेशन पर ही bamboo और सुपारी के पत्ते लेकर जा रहे यात्रियों को train से उतारा गया और RPF office ले जाया गया।

    पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध कबूल किया, ऐसी जानकारी West Railway के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

    RPF ने छह लोगों के खिलाफ Railway Act की धारा 145 (ब) और 145 (क) के तहत मामला दर्ज किया है।

    📝 किन-किन पर केस दर्ज?

    पुलिस ने जिन 6 लोगों पर केस दर्ज किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

    • आकाश ढोणे (33)
    • सागर बने (22)
    • अनिल कुमार सिंग (22)
    • अशोक गुंजलप्पा (27)
    • ब्रह्म देना हुसैन (38)
    • शेखर कोळी (37)

    ⚠️ Railway Safety और Public Risk पर सवाल

    मुंबई की lifeline मानी जाने वाली local train में इस तरह bamboo बांधना railway safety norms का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।

    Experts का कहना है कि festival celebration अपनी जगह है, लेकिन public transport को रोककर या obstruct करके safety compromise करना गंभीर अपराध है।

    West Railway ने साफ कहा है कि future में ऐसी हरकतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


    ❓ FAQ Section

    Q1. घटना कब हुई?
    रविवार रात 11:40 बजे Virar–Churchgate local में।

    Q2. क्या किया गया था?
    Local train के दरवाजे पर बड़े bamboo और सुपारी के पत्ते आड़ी बांध दिए गए थे।

    Q3. कितनी देर service प्रभावित हुई?
    करीब 20 मिनट तक (12:24 से 12:46 बजे)।

    Q4. कितने लोगों पर केस दर्ज हुआ?
    6 लोगों के खिलाफ Railway Act 145 (ब) और 145 (क) के तहत मामला दर्ज हुआ।

    Q5. परंपरा क्या है?
    Virar से Mahim जाकर Mori Road पर पारंपरिक Holi celebration करने की पुरानी परंपरा है।

  • Kalyan Local First Class में मारपीट: महिला ने हाथ पर काटा, उंगली मरोड़ी

    Kalyan Local First Class में मारपीट: महिला ने हाथ पर काटा, उंगली मरोड़ी

    मुंबई लोकल के कल्याण स्टेशन पर फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़ने को लेकर विवाद हिंसक हो गया। अज्ञात महिला ने यात्री प्रियंका थोरात के हाथ पर काटा और उंगली मरोड़ दी। GRP CCTV के जरिए आरोपी की तलाश में जुटी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक बार फिर चौंकाने वाली घटना सामने आई है। Kalyan railway station पर First Class डिब्बे में चढ़ने को लेकर हुए विवाद में एक अज्ञात महिला ने क्रूरता की हद पार कर दी। महिला यात्री के हाथ पर जोर से काटने और उंगली मरोड़ने का मामला सामने आया है।

    🚆 भीड़ में भड़का विवाद, First Class बना रणक्षेत्र

    मंगलवार सुबह करीब 8 बजे, प्लेटफॉर्म नंबर 6 से मुंबई की ओर जाने वाली फास्ट लोकल में चढ़ते वक्त भारी भीड़ थी। उतरने और चढ़ने वाले यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

    इसी दौरान एक अज्ञात महिला ने दूसरी महिला यात्री को अंदर आने से रोका और “जगह नहीं है” कहकर धक्का देने लगी। देखते ही देखते मामूली बहस ने हिंसक रूप ले लिया।

    👩‍💼 कौन हैं पीड़िता?

    मिली जानकारी के मुताबिक, 32 वर्षीय प्रियंका थोरात, जो कल्याण पूर्व के मलगंगड रोड इलाके में रहती हैं, अंधेरी की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। रोज की तरह वह काम पर जा रही थीं और फर्स्ट क्लास डिब्बे से सफर कर रही थीं।

    विवाद के दौरान आरोपी महिला ने उनके हाथ के दंड पर जोर से काट लिया और फिर उनकी उंगली पकड़कर बुरी तरह मरोड़ दी।

    🩺 काम के दबाव में जारी रखा सफर

    अचानक हुए हमले से प्रियंका को तेज दर्द हुआ, लेकिन ऑफिस पहुंचने की जल्दी और भीड़ के माहौल में उन्होंने सफर जारी रखा।

    शाम को घर लौटने के बाद दर्द बढ़ने पर उन्होंने डॉक्टर से जांच करवाई। जांच में उंगली में गंभीर चोट और हाथ पर काटने के निशान की पुष्टि हुई।

    🚔 GRP ने दर्ज किया मामला, CCTV खंगाल रही पुलिस

    घटना के बाद प्रियंका ने Government Railway Police (GRP) में शिकायत दर्ज करवाई।

    पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और प्लेटफॉर्म नंबर 6 के CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है। आरोपी महिला किस स्टेशन पर उतरी और उसकी पहचान क्या है, इसकी तलाश जारी है।

    ⚠️ मुंबई लोकल में बढ़ती मारपीट की घटनाएं

    मुंबई लोकल में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। भीड़, सीट को लेकर विवाद और चढ़ने-उतरने की हड़बड़ी के कारण कई बार झगड़े होते हैं। लेकिन इस तरह हाथ पर काटने और उंगली मरोड़ने जैसी घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


    ❓ FAQ

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर।

    Q2. किस बात पर विवाद हुआ?
    👉 फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़ने को लेकर भीड़ में धक्का-मुक्की के दौरान।

    Q3. पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
    👉 GRP ने मामला दर्ज कर CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है।

    Q4. पीड़िता की हालत कैसी है?
    👉 डॉक्टरों के मुताबिक उंगली में गंभीर चोट और हाथ पर काटने के निशान हैं।

  • एरंगल मेला 2026: मालाड में BEST चलाएगा 57 अतिरिक्त बसें, जानें रूट और समय

    एरंगल मेला 2026: मालाड में BEST चलाएगा 57 अतिरिक्त बसें, जानें रूट और समय

    एरंगल मेला 2026 को देखते हुए BEST ने मालाड और आसपास के इलाकों में 57 अतिरिक्त बसें चलाने का ऐलान किया है। बस रूट, समय और पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) में हर साल लगने वाले एरंगल मेले 2026 को लेकर BEST प्रशासन ने खास तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए BEST ने मालाड और आसपास के इलाकों में कुल 57 अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा की है। ये बस सेवाएं सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलेंगी, जिससे एरंगल गांव और सेंट बोनावेंचर चर्च जाने वाले भक्तों को यात्रा में कोई परेशानी न हो।

    Erangal-Fair-2026-BEST-to-run-57-additional-buses-in-Malad-know-routes-and-timings-news
    मेले की फाइल तस्वीर

    ✝️ एरंगल मेला 2026 क्या है?

    एरंगल मेला हर साल जनवरी के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। यह धार्मिक मेला मालाड (पश्चिम) स्थित एरंगल गांव में सेंट बोनावेंचर चर्च में आयोजित होता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में ईस्ट इंडियन समुदाय के लोग और अन्य श्रद्धालु मुंबई के अलग-अलग गांवों और इलाकों से यहां पहुंचते हैं।

    करीब पांच सौ साल पुराना यह चर्च पुर्तगाली काल में बना था और आज भी मुंबई के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।

    🚌 57 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था

    BEST प्रशासन के अनुसार, इस साल एरंगल मेले के लिए पूरे दिन में 57 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का मकसद भारी भीड़ को संभालना और यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक सफर देना है।

    बस सेवाएं सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।

    🛣️ कौन-कौन से रूट पर चलेंगी स्पेशल बसें?

    BEST की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इन रूट्स पर विशेष बस सेवाएं रहेंगी:

    🚍 रूट नंबर 271

    • मालाड स्टेशन (पश्चिम) – एरंगल गांव
    • मढ जेट्टी – एरंगल गांव

    🚍 रूट नंबर A-269

    • बोरीवली स्टेशन (पश्चिम) – मढ जेट्टी

    यात्रियों की संख्या को देखते हुए इन रूट्स पर जरूरत के हिसाब से बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी।

    🚉 मालाड स्टेशन से खास सुविधा

    BEST अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु लोकल ट्रेन से मालाड स्टेशन (पश्चिम) पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मालाड स्टेशन से एरंगल गांव, मढ जेट्टी और मढ चौपाटी तक अतिरिक्त बस ट्रिप्स चलाई जाएंगी।

    👮‍♂️ अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती

    भीड़ और ट्रैफिक को संभालने के लिए BEST ने पास के डिपो से अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया है। इनमें शामिल हैं:

    • मगठाणे
    • पोईंसूर
    • दिंडोशी
    • गोरेगांव
    • ओशिवारा

    यहां से बस इंस्पेक्टर और ट्रैफिक अधिकारी अस्थायी रूप से तैनात रहेंगे।

    ⛪ सेंट बोनावेंचर चर्च का महत्व

    सेंट बोनावेंचर चर्च लगभग पांच शताब्दी पुराना है और पत्थर व चूने से बना है। चर्च में संगमरमर की पट्टिका लगी है, जिस पर इसका इतिहास दर्ज है। मेले से पहले नौ दिनों तक नवना (Novena) प्रार्थनाएं होती हैं, जिसके बाद मुख्य पर्व मनाया जाता है।

    मुंबई के अन्य इलाकों से आने वाले श्रद्धालु वर्सोवा से मढ जेट्टी तक फेरी लेकर भी चर्च पहुंच सकते हैं।

    🗣️ BEST की अपील

    BEST प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एरंगल मेले के दौरान निजी वाहनों के बजाय इन अतिरिक्त बस सेवाओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें, ताकि ट्रैफिक कम रहे और यात्रा सुरक्षित बनी रहे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. एरंगल मेला 2026 कब है?
    ➡️ जनवरी के दूसरे रविवार को।

    Q2. BEST कितनी अतिरिक्त बसें चला रहा है?
    ➡️ कुल 57 अतिरिक्त बसें।

    Q3. बस सेवाएं किस समय तक रहेंगी?
    ➡️ सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक।

    Q4. कौन से रूट सबसे अहम हैं?
    ➡️ रूट 271 (मालाड स्टेशन–एरंगल) और A-269 (बोरीवली–मढ जेट्टी)।

    Q5. चर्च तक पहुंचने का दूसरा तरीका क्या है?
    ➡️ वर्सोवा से मढ जेट्टी तक फेरी सेवा।

  • कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली पुलिस ने शेयर के बदले करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा देकर एक फ्रीलांसर से 69 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसकी बहन फरार है।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में शेयर और लोन के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कांदिवली पुलिस ने एक फ्रीलांसर से करीब 69 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में जतीन कुमार उनाडकट नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शेयर गिरवी रखकर करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा दिया था, लेकिन हकीकत में पूरा मामला फर्जी निकला।

    3.5 करोड़ के लोन का लालच देकर फंसाया

    पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता प्रेमकुमार वर्मा (42), जो विरार का रहने वाला है और फ्रीलांसर के तौर पर काम करता है, को आरोपी जतीन कुमार और उसकी बहन संगीता उनाडकट ने नए बिजनेस में निवेश का ऑफर दिया था। दोनों ने दावा किया कि वे “बूम लिफ्ट” नाम से नया कारोबार शुरू कर रहे हैं, जिसके लिए 3.5 करोड़ रुपये के लोन की जरूरत है।

    पुरानी पहचान का उठाया फायदा

    प्रेमकुमार वर्मा पहले डायरेक्ट सेल्स एजेंसी में काम करता था और उसने 2022 में संगीता उनाडकट के लिए 25 लाख रुपये का लोन भी पास करवाया था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर संगीता ने अपने भाई जतीन से उसकी मुलाकात करवाई और उसे शेयर ट्रेडिंग का बड़ा खिलाड़ी बताया।

    फ्लैट बेचकर दिया निवेश का पैसा

    आरोपियों की बातों में आकर वर्मा ने जनवरी 2024 में अपनी नौकरी छोड़ दी और निवेश के लिए विरार में स्थित अपना फ्लैट 86 लाख रुपये में बेच दिया। जुलाई से अगस्त 2024 के बीच उसने करीब 81 लाख रुपये किस्तों में जतीन कुमार को दिए, ताकि शेयर उसके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाएं और उन्हीं शेयरों के बदले बैंक से लोन मिल सके।

    डीमैट अकाउंट का पासवर्ड लेकर की हेराफेरी

    जतीन ने शेयर ट्रांसफर करने के बहाने वर्मा से उसके डीमैट अकाउंट का पासवर्ड ले लिया। कुछ दिनों बाद उसने दावा किया कि कई कंपनियों के शेयर अकाउंट में ट्रांसफर हो गए हैं। इतना ही नहीं, एक निजी फाइनेंस कंपनी का फर्जी लोन सैंक्शन लेटर दिखाकर 2.80 करोड़ रुपये का लोन पास होने का भरोसा भी दिलाया।

    जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज

    कई महीनों तक पैसा खाते में न आने पर वर्मा को शक हुआ। जब उसने फाइनेंस कंपनी और बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि जिन शेयरों की बात की जा रही थी, वे असली नहीं बल्कि डेमो या वर्चुअल शेयर थे, जिनका इस्तेमाल सिर्फ प्रैक्टिस ट्रेडिंग में होता है। किसी भी तरह का असली लोन मंजूर नहीं हुआ था।

    69 लाख हड़पकर हुए फरार

    जब वर्मा ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। एक सुरक्षा चेक भी बाउंस हो गया। बाद में जतीन ने सिर्फ 1.77 लाख रुपये लौटाए और करीब 69.18 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद वर्मा ने कांदिवली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी गिरफ्तार, बहन फरार

    शिकायत के बाद कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर 7 जनवरी को जतीन कुमार उनाडकट को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बहन संगीता के साथ मिलकर ठगी करने की बात कबूल की है। संगीता फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं दोनों ने इसी तरीके से और लोगों को तो नहीं ठगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मुंबई के कांदिवली इलाके में।

    Q2: ठगी की कुल रकम कितनी है?
    करीब 69.18 लाख रुपये।

    Q3: आरोपी कौन है?
    जतीन कुमार उनाडकट, जबकि उसकी बहन संगीता उनाडकट फरार है।

    Q4: ठगी का तरीका क्या था?
    फर्जी शेयर और लोन सैंक्शन दिखाकर निवेश के नाम पर पैसा लेना।

  • कांदिवली का वह फ्लैट, जहां हर नए परिवार पर छा गया मौत का साया

    कांदिवली का वह फ्लैट, जहां हर नए परिवार पर छा गया मौत का साया

    मुंबई के कांदिवली में एक पुराने फ्लैट की डरावनी कहानी, जहां घर बिकते ही हर नए परिवार पर मौत टूट पड़ी। अदृश्य शक्ति, ज्योतिषी का दावा और दशकों पुराना रहस्य।

    मुंबई।
    मुंबई के कांदिवली इलाके में स्थित एक पुराना फ्लैट, जो बाहर से बिल्कुल आम दिखता था, अंदर से एक ऐसी डरावनी कहानी समेटे हुए था कि जिसने भी वहां कदम रखा, उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। कहा जाता है कि इस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति रहती थी, जो सिर्फ एक ही परिवार को स्वीकार करती थी। जैसे ही वह परिवार घर छोड़कर गया, वहां रहने वाले हर नए परिवार पर मौत का साया मंडराने लगा।

    राजेश का बचपन और पुराना घर

    राजेश अपने माता-पिता के साथ कांदिवली की एक पुरानी इमारत में रहता था। उसके पिता पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर थे और उन्होंने घर के एक कमरे में ही क्लिनिक शुरू कर रखा था। रोज़ाना कई मरीज इलाज के लिए आते-जाते रहते थे।
    राजेश का पूरा बचपन उसी फ्लैट में बीता। उसे कभी भी अपने घर में किसी तरह की नकारात्मक ऊर्जा या डर का अहसास नहीं हुआ। सब कुछ बिल्कुल सामान्य था।

    एक मरीज और पहली बार महसूस हुई अदृश्य शक्ति

    एक दिन इलाज के लिए एक मरीज उनके घर आया। यह मरीज पेशे से ज्योतिषी था। इलाज के दौरान उसे बार-बार ऐसा महसूस होने लगा कि घर में कोई और भी मौजूद है। कभी लगता कोई उसके साथ चल रहा है, कभी बगल में बैठा है, तो कभी कान में कुछ फुसफुसा रहा है।

    ज्योतिषी जानता था कि राजेश के पिता जैसे पढ़े-लिखे डॉक्टर इन बातों पर भरोसा नहीं करेंगे, इसलिए उसने शुरुआत में कुछ नहीं कहा। कुछ महीनों तक इलाज चलता रहा और फिर उसकी तबीयत ठीक हो गई।

    दो साल बाद सामने आई सच्चाई

    करीब दो साल बाद राजेश के पिता ने शहर में किराए पर एक नया क्लिनिक खोल लिया। वहीं वही ज्योतिषी दोबारा इलाज के लिए पहुंचा। उसे लगा कि डॉक्टर अब उस पुराने घर में नहीं रहते होंगे, इसलिए उसने हिम्मत करके पूरी बात बता दी—कि उस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति मौजूद है।

    इस बार डॉक्टर ने बात को गंभीरता से लिया। कुछ ही समय बाद उन्होंने वह घर छोड़ने का फैसला कर लिया।

    घर बिका और शुरू हुआ मौत का सिलसिला

    राजेश उस घर को छोड़ना नहीं चाहता था, लेकिन हालात ऐसे बने कि परिवार को मजबूरन वह फ्लैट बेचना पड़ा।
    यह फ्लैट ठाणे में रहने वाले अब्बास नाम के व्यक्ति ने खरीदा, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता के लिए घर ढूंढ रहा था। माता-पिता वहां रहने लगे, लेकिन महज़ एक महीने के भीतर ही अब्बास के पूरी तरह स्वस्थ पिता का निधन हो गया।

    घबराए अब्बास ने फ्लैट तीसरे व्यक्ति निकम को बेच दिया और अपनी मां को अपने साथ ठाणे ले गया।

    निकम परिवार पर भी टूटा कहर

    निकम परिवार ने जब फ्लैट में रहना शुरू किया, तो उन्हें भी ज्यादा समय नहीं मिला। एक महीने के अंदर उनके परिवार में भी दो प्रभावशाली सदस्यों की मौत हो गई।
    एक के बाद एक मौतों से इलाके में डर का माहौल बन गया।

    ज्योतिषी का दावा: यह शक्ति उसी परिवार को चाहती थी

    जब यह सारी बातें ज्योतिषी तक पहुंचीं, तो उसने राजेश के पिता से चौंकाने वाली बात कही।
    उसके अनुसार, जिस ज़मीन पर यह इमारत बनी थी, वहां पहले किसी और का अधिकार था, जिसे जबरन हटाकर इमारत खड़ी की गई। उस जगह की अदृश्य शक्ति डॉक्टर और उनके परिवार से जुड़ गई थी।

    वह शक्ति उनके परिवार से दुश्मनी नहीं रखती थी, बल्कि उनके साथ घुल-मिल गई थी। लेकिन जैसे ही उन्होंने घर बेच दिया, वह नाराज़ हो गई और किसी और को वहां टिकने नहीं दिया।

    आज भी सिहरन पैदा करती है यह कहानी

    यह कहानी सुनने और पढ़ने में भले ही किसी डरावनी फिल्म जैसी लगे, लेकिन इसे जानने वाले आज भी सिहर उठते हैं। यह सोचकर अजीब लगता है कि अगर यह सच हो, तो शायद भावनाएं सिर्फ इंसानों में ही नहीं, बल्कि अदृश्य शक्तियों में भी हो सकती हैं।


    नोट

    यह लेख केवल मनोरंजन और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। indian-fasttrack.com का उद्देश्य किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है।


    FAQ

    Q1. क्या यह कहानी सच्ची घटना पर आधारित है?
    यह कहानी लोगों द्वारा सुनाई गई घटनाओं पर आधारित है और इसे मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    Q2. क्या कांदिवली में सच में भूतिया फ्लैट है?
    ऐसी कई लोककथाएं प्रचलित हैं, लेकिन इनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

    Q3. इस लेख का उद्देश्य क्या है?
    इस लेख का उद्देश्य सिर्फ जानकारी और मनोरंजन है, न कि अंधविश्वास फैलाना।

  • कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर 30 दिन का मेगा ब्लॉक, आज से लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें होंगी प्रभावित

    कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर 30 दिन का मेगा ब्लॉक, आज से लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें होंगी प्रभावित

    मुंबई वेस्टर्न रेलवे के कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर छठी लाइन के काम के लिए 20 दिसंबर 2025 से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का नाइट ब्लॉक रहेगा। कई लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों के समय व स्टॉपेज में बदलाव होगा।

    मुंबई: लोकल रेल यात्रियों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। वेस्टर्न रेलवे के कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर छठी रेलवे लाइन के काम को पूरा करने के लिए 20 दिसंबर 2025 यानी आज की रात से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का ब्लॉक लगाया जाएगा। यह ब्लॉक रोज़ाना रात 11 बजे से सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान कई लोकल, पैसेंजर और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें रीशेड्यूल, रेगुलेट, शॉर्ट टर्मिनेट या कैंसिल की जाएंगी।

    🚧 क्यों लगाया जा रहा है 30 दिन का ब्लॉक?

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक,
    कांदिवली और बोरीवली के बीच छठी लाइन को पूरी तरह चालू करने के लिए

    • ट्रैक स्लीविंग
    • क्रॉसओवर का इंसर्शन और रिमूवल
    • सिग्नलिंग
    • ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE)
      जैसे बड़े तकनीकी काम किए जाएंगे।

    👉 इसी वजह से रात के समय मेगा ब्लॉक जरूरी बताया गया है।

    🚆 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों पर क्या असर पड़ेगा?

    30-day-mega-block-on-Kandivali-Borivali-section-local-and-express-trains-will-be-affected-from-today-20-december

    रेलवे द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार:

    • 8 अप (Up) ट्रेनें और 10 डाउन (Down) ट्रेनें रीशेड्यूल होंगी
    • 112 अप ट्रेनें और 9 डाउन ट्रेनें रेगुलेट की जाएंगी
    • 1 ट्रेन रद्द रहेगी
    • 2 डाउन ट्रेनें बीच के स्टेशन से शॉर्ट ओरिजिनेट होंगी
    • कुछ ट्रेनें बोरीवली स्टेशन पर नहीं रुकेंगी

    इसके अलावा,
    👉 पांचवीं लाइन पर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से बंद रहेगा
    👉 अन्य लाइनों पर स्पीड रिस्ट्रिक्शन लागू किया जाएगा

    🛤️ छठी लाइन का अब तक का सफर

    • पांचवीं लाइन: बांद्रा टर्मिनस–बोरीवली (पहले ही चालू)
    • छठी लाइन:
    • नवंबर 2022: गोरेगांव तक चालू
    • अक्टूबर 2023: कांदिवली तक एक्सटेंड
    • फिलहाल: बांद्रा टर्मिनस–कांदिवली के बीच चालू

    इस छठी लाइन पर अभी रोज़ाना करीब 20 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

    अब कांदिवली–बोरीवली सेक्शन का काम पूरा होते ही यह लाइन पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगी।

    🎯 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें अलग होने का सपना होगा पूरा

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि
    👉 जनवरी 2026 के आखिर तक छठी लाइन पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।

    इसके बाद:

    • बांद्रा से बोरीवली के बीच
    • मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें लोकल लाइनों पर नहीं चलेंगी

    इससे वेस्टर्न रेलवे पर भीड़ और देरी दोनों में कमी आएगी।

    ✅ छठी लाइन के बड़े फायदे

    🔹 1. भीड़ में कमी

    एक अतिरिक्त ट्रैक मिलने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा, खासकर वेस्टर्न लाइन के व्यस्त सेक्शन में।

    🔹 2. एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अलग रास्ता

    मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें अलग लाइन पर चलेंगी, जिससे लोकल ट्रेनों को राहत मिलेगी।

    🔹 3. टाइम पर ट्रेनें

    लोकल और एक्सप्रेस के अलग होने से देरी कम होगी और पंक्चुअलिटी सुधरेगी।

    🔹 4. भविष्य में ज्यादा लोकल सेवाएं

    रेलवे भविष्य में करीब 20% तक लोकल सेवाएं बढ़ाने की संभावना जता रहा है।

    🔹 5. कुल क्षमता में इजाफा

    बोरीवली से बांद्रा कॉरिडोर की कुल यात्री क्षमता में बड़ा सुधार होगा।

    ⚠️ यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह

    रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि

    • सफर से पहले अपडेटेड टाइमटेबल जरूर देखें
    • मोबाइल ऐप और रेलवे की वेबसाइट से जानकारी लें
    • रात के समय यात्रा करते वक्त अतिरिक्त समय रखें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. कांदिवली–बोरीवली ब्लॉक कब से कब तक है?
    👉 20 दिसंबर 2025 की रात से 18 जनवरी 2026 तक।

    Q2. ब्लॉक किस समय रहेगा?
    👉 रोज़ रात 11:00 बजे से सुबह 4:30 बजे तक।

    Q3. क्या दिन की लोकल सेवाएं प्रभावित होंगी?
    👉 मुख्य रूप से रात की सेवाएं प्रभावित होंगी, लेकिन कुछ ट्रेनों के समय और स्टॉपेज बदल सकते हैं।

    Q4. छठी लाइन कब तक चालू होगी?
    👉 जनवरी 2026 के आखिर तक पूरी तरह ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।

  • मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए जिलानुसार संसदीय जांच समिति गठित की है, जो उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और पैनल तैयार करने का काम करेगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी ने संसदीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति का उद्देश्य सभी जिलों में संभावित उम्मीदवारों के आवेदन की पड़ताल करना, उनका मार्गदर्शन करना और अंतिम पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजना है। यह समिति मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश से गठित की गई है। जानकारी कांग्रेस प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस ने दी।

    समिति का मुख्य कार्य

    नई गठित समिति जिलानुसार बैठकों के माध्यम से निम्न कार्य करेगी—

    • उम्मीदवारों के आवेदन की विस्तृत छानबीन
    • जिला अध्यक्षों व जात वैधता समितियों के साथ समन्वय
    • योग्य उम्मीदवारों की सूची और पैनल तैयार करना
    • आवेदन भरने में उम्मीदवारों को मार्गदर्शन
    • उम्मीदवारों की मुलाकात कर अंतिम पैनल वरिष्ठ नेतृत्व को सौंपना

    जिलावार प्रभारी और सहप्रभारी शामिल

    मुंबई कांग्रेस ने विभिन्न जिलों के अनुसार प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त किए हैं। सूची इस प्रकार है—

    दक्षिण मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक ज्योति गायकवाड़
    • सहप्रभारी: मोहसिन हैदर, आसिफ जकेरिया

    दक्षिण मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: सचिन सावंत
    • सहप्रभारी: सुरेशचंद्र राजहंस, डॉ. किशोर सिंह

    उत्तर मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: MLA अस्लम शेख
    • सहप्रभारी: विरेंद्र चौधरी, डॉ. अंजता यादव

    ईशान्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: डॉ. अर्जित सिंह मनहास
    • सहप्रभारी: धनंजय तिवारी, एड. राजेश टेके

    उत्तर पश्चिम मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक अमीन पटेल
    • सहप्रभारी: हाजी बब्बू खान, विष्णु सरोदे

    उत्तर मुंबई जिला

    • प्रभारी: मधु चव्हाण
    • सहप्रभारी: अर्शद आज़मी, क्लाइव डॉयस

    BMC चुनाव के संदर्भ में इसका महत्व

    BMC चुनाव में टिकट चयन हमेशा से कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण मुद्दा रहा है। इस बार पार्टी संगठन उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी उद्देश्य से संसदीय जांच समिति गठित की गई है, ताकि सभी जिलों में योग्य, मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रतिनिधित्व मिले।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. संसदीय पडताळणी समिति क्यों बनाई गई है?

    उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और अंतिम पैनल तैयार करने के लिए यह समिति गठित की गई है।

    2. समिति में कौन-कौन शामिल हैं?

    मुंबई के विभिन्न जिलों के प्रभारी और सहप्रभारी इसमें शामिल हैं, जैसे MLA अस्लम शेख, अमीन पटेल, ज्योति गायकवाड़ सहित कई वरिष्ठ नेता।

    3. यह समिति क्या काम करेगी?

    उम्मीदवारों के आवेदन की जांच, उनकी मुलाखत, पैनल तैयार करना और वरिष्ठ नेतृत्व को अनुशंसा भेजना।

    4. समिति का गठन किसने किया?

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश पर समिति बनाई गई है।

    5. क्या यह समिति उम्मीदवारों को आवेदन भरने में मदद करेगी?

    हाँ, जिल्हा समिति के साथ मिलकर यह समिति उम्मीदवारों को पूरा मार्गदर्शन देगी।

  • शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    मालाड पूर्व — शिवधाम संकुल में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीर्वेज लाइन और भटकते कुत्तों जैसी नागरिक समस्याओं को लेकर MLA सुनील प्रभु ने स्थल निरीक्षण किया। मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए नगरपालिका अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: मालाड (पूर्व) के प्रभाग क्रमांक 44 स्थित शिवधाम संकुल में नागरिकों की बढ़ती समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक सुनील प्रभु ने मंगलवार दोपहर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मलनिस्सारण लाइन, सड़कों के कंक्रीटीकरण, स्ट्रीट लाइट, भटकते कुत्तों और फायर ब्रिगेड के पीछे बने कबूतरखाने सहित कई मुद्दों पर नागरिकों से चर्चा की और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।

    🔹 सड़क और सीवरेज की खराब स्थिति पर MLA का फोकस

    निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि शिवधाम संकुल के कई अंदरूनी रास्ते टूटे हुए हैं और बरसात के बाद से स्थिति और बिगड़ गई है।
    सीवरेज लाइन की सफाई और मरम्मत पर भी नागरिकों ने शिकायत की।

    👉 इस पर MLA सुनील प्रभु ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि

    • सड़क का कंक्रीटीकरण जल्द पूरा करें
    • सीवरेज लाइन की तुरंत सफाई और मरम्मत शुरू करें
    MLA-Sunil-Prabhu-gave-instructions-to-visit-Shivdham-Complex-to-address-civic-issues-1

    🔹 स्ट्रीट लाइट बंद — दो बड़े हॉलोजन लगाने का आदेश

    स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में अंधेरा और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं।
    जब तक सड़क का काम पूरा नहीं होता तब तक MLA ने निर्देश दिया कि
    ✔ दो बड़े हॉलोजन लाइट तुरंत लगाई जाएं।

    🔹 बैरिकेड्स हटाने के निर्देश — नागरिकों को आराम

    ओबेरॉय मॉल के सामने लगे बैरिकेड्स के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही थी।
    नागरिकों ने यह मुद्दा उठाया तो MLA ने संबंधित अधिकारियों को आज के आज बैरिकेड्स हटाने का आदेश दिया।

    🔹 म्हाडा पार्क की बदहाल स्थिति पर चर्चा

    संकुल में म्हाडा के अंतर्गत बने उद्यान की देखभाल न होने पर नागरिकों ने नाराज़गी जताई।
    सुनील प्रभु ने आश्वासन दिया कि
    👉 म्हाडा प्रशासन से बात कर उद्यान का नवीनीकरण जल्द करवाया जाएगा।

    🔹 निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे

    इस निरीक्षण के दौरान शिवसेना के कई स्थानीय पदाधिकारी और संकुल की विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधि मौजूद थे —
    शाखा प्रमुख सुभाष धनुका, उपशाखाप्रमुख शैलेश जाधव, अशोक दैने, युवासेना उपशाखाधिकारी आर्यन जाधव, मंगेश चव्हाण, शिवधाम सेवा मंडल के अध्यक्ष रविंद बोभाटे, सचिव जितेंद्र पराडकर ऐसे ही विभिन्न गृहनिर्माण सोसायटी के पदाधिकारी संतोष नाझरे, रामचंद्र म्हापणकर, अरुण वाघ, कुंदन गोस्वामी, सुरेश गोसवी, अनंत ठाकरे, सुनील मोरे, प्रथमेश वेंगुर्लेकर समेत बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल थे।


    FAQ — शिवधाम संकुल नागरिक समस्या दौरे पर

    प्रश्नउत्तर
    दौरा किसने किया?स्थानीय MLA सुनील प्रभु ने।
    मुख्य समस्याएं क्या थीं?टूटी सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन, भटके कुत्ते, बैरिकेड्स और पार्क की स्थिति।
    क्या अधिकारियों को निर्देश दिए गए?हां, तुरंत मरम्मत और कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।
    बैरिकेड हटाने की मांग पर क्या आदेश दिया गया?आज ही हटाने और नागरिकों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश।
    म्हाडा पार्क को लेकर क्या निर्णय लिया गया?नवीनीकरण के लिए म्हाडा के साथ फॉलो-अप करने का आश्वासन।
  • एनयूएचएम कर्मचारियों को सीधे BMC में शामिल करने की मांग तेज

    एनयूएचएम कर्मचारियों को सीधे BMC में शामिल करने की मांग तेज

    मुंबई में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान (NUHM) के 1200 कर्मचारियों ने बीएमसी में सीधी नियुक्ति की मांग उठाई। ठेकेदार पर वेतन, सुविधाओं और भत्तों में लापरवाही के आरोप।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधीन राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान (NUHM) में 2016 से काम कर रहे करीब 1200 कर्मचारियों ने ठेकेदार डी.एस. इंटरप्रायज़ेस को हटाकर उन्हें सीधे बीएमसी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में शामिल करने की मांग की है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें न वेतनवृद्धि, न पीएफ, न मेडिकल सुविधा और न ही कोरोना काल में मिला भत्ता नही दिया गया है।

    Demand-for-direct-inclusion-of-NUHM-employees-in-BMC-intensifies-1

    🔹 क्या है पूरा मामला?

    महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे राज्य में एनयूएचएम चलाया जाता है। मुंबई में यह सभी कर्मचारी बीएमसी के अधीन स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात हैं।

    लेकिन दूसरी महानगरपालिकाओं की तरह सीधे नियुक्ति करने की बजाय बीएमसी ने डी.एस. इंटरप्रायज़ेस नामक ठेकेदार को जिम्मेदारी दी, जिसने निविदा के अनुसार कर्मचारी रखे।

    कर्मचारियों का कहना है कि—

    • 2016 से लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान
    • कोरोना महामारी में राउंड द क्लॉक काम
    • कम वेतन में मुंबई जैसे महंगे शहर में गुज़ारा बेहद मुश्किल
    • ठेकेदार की ओर से किसी भी प्रकार की सहयोग सुविधा नहीं
    • मासिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और चिकित्सा खर्च पूरा करना कठिन

    🔹 सुविधाओं को लेकर गंभीर आरोप

    कर्मचारियों ने बताया कि डी.एस. इंटरप्रायज़ेस ने श्रम कानून और कॉन्ट्रैक्ट शर्तों का पालन नहीं किया।

    कर्मचारियों को नहीं मिल रही ये सुविधाएँ—

    • वेतनवृद्धि
    • प्रसूति अवकाश
    • पीएफ (Provident Fund)
    • स्वास्थ्य बीमा योजना
    • कोरोना भत्ता (विशेषकर डेटा ऑपरेटरों के लिए)

    कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना के दौरान कई साथी बीमार हुए, फिर भी प्रशासन और ठेकेदार की ओर से न कोई आर्थिक सहायता और न ही विशेष सुविधा दी गई।

    🔹 ‘मुंबई में इतने कम वेतन में जीना मुश्किल’

    कर्मचारियों का कहना है कि मुंबई जैसे महंगे शहर में इतनी कम तनख्वाह पर परिवार चलाना लगभग नामुमकिन हो रहा है। हर महीने—

    • घर किराया
    • बच्चों की फीस
    • मेडिकल खर्च
    • रोजमर्रा का खर्च

    इन सबके बीच गुज़ारा मुश्किल होता जा रहा है।

    🔹 यूनियन की मांग— बीएमसी में सीधी नियुक्ति

    म्युनिसिपल कर्मचारी कामगार सेना द्वारा उठाई गई मुख्य मांग—

    ठेकेदार हटाकर 1200 कर्मचारियों को बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में सीधे शामिल किया जाए।

    यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों ने हमेशा ईमानदारी से काम किया है, इसलिए उन्हें स्थाई या कम से कम सीधे नगरपालिका ढांचे में शामिल किया जाना चाहिए।


    ❓ FAQ SECTION

    Q1. एनयूएचएम कर्मचारी बीएमसी से क्या मांग कर रहे हैं?

    वे चाहते हैं कि ठेकेदार को हटाकर उन्हें सीधे बीएमसी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में शामिल किया जाए।

    Q2. कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें क्या हैं?

    पीएफ, मेडिकल सुविधा, वेतनवृद्धि, प्रसूति अवकाश और कोरोना भत्ता जैसी मूलभूत सुविधाएँ न मिलना।

    Q3. कितने कर्मचारी इस अभियान के तहत काम करते हैं?

    करीब 1200 कर्मचारी 2016 से लगातार सेवा दे रहे हैं।

    Q4. कोरोना काल में उन्हें क्या दिक्कतें आईं?

    उन्होंने बिना रुके काम किया लेकिन कोरोना भत्ता नहीं मिला, और बीमारी के समय सहायता भी नहीं मिली।