मुंबई की वेस्टर्न रेलवे लोकल में सीट को लेकर हुए विवाद के दौरान एक महिला को बेल्ट निकालकर धमकाने और हाथ उठाने का वीडियो वायरल हो गया। बोरीवली GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंबई: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक पुरुष यात्री कथित तौर पर पहले महिला से बहस करता है, उसी दौरान महिला पर हाथ चलता है, फिर अपना बेल्ट निकालकर उसे धमकाने लगता है। यह पूरी घटना चलती लोकल ट्रेन के डिब्बे में कई यात्रियों के सामने हुई, लेकिन वीडियो में अधिकांश लोग मूकदर्शक नजर आते हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना वेस्टर्न रेलवे की एक लोकल ट्रेन में हुई। बताया जा रहा है कि महिला सीट पर लेटी हुई थी। इसी बात को लेकर एक पुरुष यात्री ने उसे सीट खाली करने के लिए कहा। महिला के विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपना बेल्ट निकाल लिया। वीडियो में वह महिला को धमकाता दिखाई देता है और उस पर हाथ उठाने की भी कोशिश करता है।
VIDEO वायरल, यात्रियों की चुप्पी पर भी उठे सवाल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में नाराजगी फैल गई। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि डिब्बे में कई यात्री मौजूद हैं, लेकिन बहुत कम लोग बीच-बचाव करते नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि समय रहते किसी यात्री ने हस्तक्षेप किया होता तो मामला इतना नहीं बढ़ता।
बोरीवली GRP ने दर्ज किया मामला
वीडियो वायरल होने के बाद बोरीवली Government Railway Police (GRP) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की पहचान करने और घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई लोकल से हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। ऐसे में चलती ट्रेन के भीतर महिला को बेल्ट निकालकर धमकाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने रेलवे प्रशासन से लोकल ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ाने और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी
फिलहाल पुलिस आरोपी की पहचान और घटना के सटीक क्रम की जांच कर रही है। महिला और आरोपी की पहचान, घटना का सटीक समय और अन्य कानूनी पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही पुलिस पूरे मामले का विस्तृत खुलासा करेगी।
Mumbai Local Violence: रेलवे पुलिस कमिश्नर एम. राकेश कलसागर ने कहा कि हालिया हिंसा का मुख्य कारण भीड़ नहीं, बल्कि निजी विवाद, गुस्सा और नशा है।
Mumbai Local Violence: मुंबई लोकल में बढ़ती हिंसा पर GRP कमिश्नर का बड़ा बयान
मुंबई: मुंबई के सबअर्बन रेलवे नेटवर्क में हाल की हिंसक घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच मुंबई रेलवे पुलिस कमिश्नर IPS एम. राकेश कलसागर ने कहा है कि हालिया घटनाओं के पीछे भीड़भाड़ को मुख्य कारण नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक, कई मामलों में छोटी व्यक्तिगत बहस, ईगो क्लैश, अचानक गुस्सा और कुछ मामलों में नशे की हालत हिंसा बढ़ने की वजह बनी है।
रेलवे पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए स्टेशनों पर रैंडम चेकिंग, हथियारों की जांच, विजिबल फुट पेट्रोलिंग और संवेदनशील कोचों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने जैसे कदमों पर जोर दिया है।
लोकल ट्रेन में हिंसा की असल वजह क्या है?
मुंबई रेलवे पुलिस कमिश्नर के अनुसार, हाल की हिंसक घटनाओं को केवल भीड़भाड़ या लोकल ट्रेनों में जगह की कमी से जोड़ना सही नहीं है। उनका कहना है कि कई घटनाओं में विवाद की शुरुआत छोटी व्यक्तिगत बातों से हुई और बाद में बहस हिंसक झड़प में बदल गई।
इनमें मुख्य रूप से व्यक्तिगत विवाद, ईगो क्लैश, गुस्से में अचानक प्रतिक्रिया और नशे की हालत जैसे कारण सामने आए हैं। कमिश्नर के अनुसार, हाल के कुछ मामलों में शामिल लोग नशे में थे, जिससे विवाद और अधिक बढ़ गया।
हालांकि, मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़भाड़ लंबे समय से एक गंभीर चुनौती है। हालिया हिंसक घटनाओं के संदर्भ में पुलिस कमिश्नर ने इसे इन मामलों का मुख्य कारण नहीं माना है।
मुंबई रेलवे पुलिस कमिश्नर IPS एम. राकेश कलसागर
स्टेशन एंट्री पर रैंडम चेकिंग तेज
चाकू, कटर और अन्य नुकीली वस्तुओं से जुड़ी घटनाओं को रोकने के लिए GRP ने स्टेशनों पर जांच बढ़ाई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रत्येक GRP पुलिस स्टेशन में चेकिंग के लिए पांच लोगों की टीम तैनात की गई है।
स्टेशन के प्रवेश द्वारों पर रैंडम इंस्पेक्शन भी किया जा रहा है। जांच के दौरान यात्रियों के पास से चाकू, कटर ब्लेड और अन्य नुकीली वस्तुएं मिलने के मामले सामने आए हैं। पुलिस यात्रियों से रोजाना की रेल यात्रा के दौरान ऐसी वस्तुएं साथ नहीं रखने की अपील कर रही है।
GRP का कहना है कि कई नुकीले औजार घर या काम की जगह पर उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन उन्हें बिना जरूरत लोकल ट्रेन से यात्रा करते समय साथ ले जाना सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है।
यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए महिलाओं के डिब्बों समेत ट्रेन के कुछ हिस्सों में सुरक्षा तैनाती के समय में बदलाव किया गया है।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, होम गार्ड्स की ड्यूटी पहले रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रहती थी। अब इसे सुबह 8 बजे तक बढ़ाया गया है। इसका उद्देश्य सुबह के समय होने वाली बहस, हाथापाई और अन्य विवादों पर जल्द हस्तक्षेप करना है।
इसके अलावा, यात्रियों को हिंसा से बचने और नुकीली वस्तुएं साथ न रखने के लिए बैनर, सार्वजनिक संदेश और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।
24×7 फुट पेट्रोलिंग पर जोर
मुंबई रेलवे पुलिस के अनुसार, स्टेशन परिसर में लगातार पुलिस की मौजूदगी हिंसा को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को रेलवे स्टेशनों और प्लेटफॉर्म पर विजिबल पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुंबई रेलवे पुलिस की आधिकारिक संगठनात्मक जानकारी के अनुसार, रेलवे पुलिस व्यवस्था के तहत मुंबई के विभिन्न रेलवे क्षेत्रों में अलग-अलग जोन और पुलिस इकाइयां काम करती हैं।
पुलिस के अनुसार, कई छोटी बहस और हाथापाई को मौके पर ही रोक दिया जाता है, जिससे वे गंभीर अपराध में बदलने से पहले नियंत्रित हो जाती हैं। कमिश्नर ने बताया कि पिछले दो से तीन वर्षों में हिंसक झगड़ों के लगभग 40 से 45 मामले आधिकारिक रूप से दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा उनके इंटरव्यू में दिए गए बयान पर आधारित है।
पिछले कुछ समय में मुंबई के सबअर्बन रेलवे नेटवर्क पर कई ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिनमें मामूली विवादों ने गंभीर रूप ले लिया। 16 जुलाई 2026 को एक लोकल ट्रेन के महिला प्रथम श्रेणी डिब्बे में सीट को लेकर विवाद के दौरान पेपर स्प्रे इस्तेमाल किए जाने की घटना सामने आई। इसके अलावा, अलग-अलग घटनाओं में मारपीट और यात्रियों के घायल होने की खबरें भी सामने आईं।
एक अन्य मामले में सीट को लेकर हुए विवाद में दो यात्री घायल हुए। शुरुआती रिपोर्टों में धारदार हथियार के इस्तेमाल की बात कही गई थी, लेकिन GRP की प्रारंभिक जांच में किसी धारदार हथियार के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई थी। मामले की जांच जारी रही।
इन घटनाओं के बाद यात्रियों के बीच सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हुई है।
बैगेज स्कैनर और मेटल डिटेक्टर लगाने पर जोर
मुंबई रेलवे पुलिस लंबे समय में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए स्टेशनों पर तकनीकी जांच व्यवस्था बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, रेलवे स्टेशनों पर बैगेज स्कैनर, Door Frame Metal Detectors (DFMDs) और पार्सल स्कैनर लगाने की जरूरत पर रेलवे को कई बार पत्र लिखा गया है।
इन उपकरणों की मदद से स्टेशन परिसर में हथियारों और अन्य संदिग्ध वस्तुओं की जांच को अधिक व्यवस्थित किया जा सकता है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं की स्थापना और कार्यान्वयन रेलवे तथा संबंधित एजेंसियों के स्तर पर होने वाली प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
मुंबई रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में खुद कानून हाथ में न लें। अगर किसी यात्री को खतरा महसूस हो या कोई हिंसक स्थिति बनती है, तो तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।
मुंबई रेलवे पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, रेलवे पुलिस की 1512 टोल-फ्री हेल्पलाइन उपलब्ध है। इसके अलावा 1800 22 1512 और आधिकारिक WhatsApp हेल्पलाइन नंबर भी दिए गए हैं।
GRP कमिश्नर के अनुसार, हालिया हिंसक घटनाओं का मुख्य कारण भीड़भाड़ नहीं है।
व्यक्तिगत विवाद, ईगो क्लैश और अचानक गुस्सा कई मामलों में प्रमुख कारण बताए गए।
कुछ हालिया मामलों में नशे की हालत भी सामने आई।
स्टेशन एंट्री पर रैंडम चेकिंग बढ़ाई गई है।
नुकीली वस्तुओं और हथियारों की जांच पर जोर है।
महिलाओं के डिब्बों में होम गार्ड्स की ड्यूटी सुबह 8 बजे तक बढ़ाई गई है।
रेलवे स्टेशनों पर 24×7 विजिबल फुट पेट्रोलिंग पर जोर दिया जा रहा है।
बैगेज स्कैनर और DFMDs लगाने की मांग की गई है।
आपात स्थिति में मुंबई रेलवे पुलिस की आधिकारिक हेल्पलाइन 1512 पर संपर्क किया जा सकता है।
मुंबई लोकल में हालिया हिंसक घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन मुंबई रेलवे पुलिस कमिश्नर एम. राकेश कलसागर के अनुसार, इन घटनाओं को केवल भीड़भाड़ से जोड़ना सही नहीं है। पुलिस के मुताबिक, व्यक्तिगत विवाद, गुस्सा और नशे जैसी स्थितियां कई मामलों में हिंसा बढ़ने की वजह बनी हैं।
GRP अब रैंडम चेकिंग, विजिबल पेट्रोलिंग, सुरक्षा बलों की तैनाती और जागरूकता अभियानों के साथ-साथ तकनीकी सुरक्षा उपकरणों पर भी जोर दे रही है। यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि किसी विवाद को खुद हिंसा में बदलने के बजाय तुरंत रेलवे पुलिस से मदद मांगी जाए।
मुंबई लोकल में हिंसा बढ़ने की मुख्य वजह क्या बताई गई है?
मुंबई रेलवे पुलिस कमिश्नर के अनुसार, हालिया मामलों में व्यक्तिगत विवाद, ईगो क्लैश, अचानक गुस्सा और कुछ मामलों में नशे की स्थिति प्रमुख कारणों के रूप में सामने आई है।
क्या मुंबई लोकल में हिंसा का मुख्य कारण भीड़भाड़ है?
रेलवे पुलिस कमिश्नर के अनुसार, हाल की हिंसक घटनाओं में भीड़भाड़ को मुख्य कारण नहीं माना गया है। हालांकि, मुंबई लोकल में भीड़भाड़ लंबे समय से एक अलग सुरक्षा चुनौती बनी हुई है।
मुंबई रेलवे पुलिस की हेल्पलाइन क्या है?
मुंबई रेलवे पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यात्री 1512 या 1800 22 1512 पर संपर्क कर सकते हैं।
क्या रेलवे स्टेशनों पर हथियारों की जांच बढ़ाई गई है?
हां। GRP ने रैंडम चेकिंग और स्टेशन प्रवेश पर निरीक्षण बढ़ाने की जानकारी दी है। नुकीली वस्तुओं और अन्य संदिग्ध सामान की जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
Mumbai Local Train Scam में Kurla Railway Police ने 22 साल के युवक पर केस दर्ज किया। Fake Railway Pass से Thane–Vikhroli रूट पर कर रहा था सफर। जानिए कैसे खुला पूरा फर्जीवाड़ा।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली Mumbai Local Train में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। कुर्ला रेलवे पुलिस ने 22 साल के युवक ऋषि गोरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जो कथित तौर पर फर्जी रेलवे पास बनाकर ट्रेनों में सफर कर रहा था। यह मामला 1 अप्रैल को नियमित टिकट चेकिंग के दौरान सामने आया, जिसने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🚨 Vikhroli Station पर ऐसे खुला Fake Pass का राज
1 अप्रैल सुबह करीब 11 बजे Vikhroli railway station पर टिकट चेकर हर्षद वाडेकर यात्रियों के टिकट और पास की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने ऋषि गोरी से पास दिखाने को कहा।
गोरी ने घाटकोपर–ठाणे रूट का 3 महीने का जनरल पास दिखाया, लेकिन जांच के दौरान उसमें गड़बड़ी नजर आई।
🔍 UFV Number ने खोली पोल
जांच के दौरान पता चला कि:
असली रेलवे पास में UFV (Unique Form Value) नंबर 8 अंकों का होता है
लेकिन आरोपी के पास में 9 अंकों का नंबर था
यही छोटी सी गलती उसके पूरे फर्जीवाड़े को पकड़ने का कारण बनी।
टिकट चेकर ने पास की फोटो लेकर अपने व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर की, जहां उनके साथी संतोष सावंत ने इसे फर्जी बताया।
👮 Railway Police की एंट्री और गिरफ्तारी
फर्जी पास की पुष्टि होते ही मौके पर मौजूद Kurla Railway Police ने तुरंत कार्रवाई की।
Virar–Churchgate local train में Holi celebration के दौरान दरवाजे पर बड़े bamboo और सुपारी के पत्ते बांधने का मामला सामने आया। Borivali स्टेशन पर RPF ने 6 लोगों पर Railway Act 145 के तहत मामला दर्ज किया।
मुंबई: मुंबई लोकल ट्रेन में होली मनाने की परंपरा इस बार यात्रियों की सुरक्षा पर भारी पड़ गई। Virar से Mahim होली मनाने जा रहे कुछ लोगों ने Virar–Churchgate local के दरवाजे पर बड़े-बड़े bamboo और सुपारी के पेड़ की झावळियां आड़ी बांध दीं। इससे न सिर्फ आम यात्रियों को चढ़ने-उतरने में दिक्कत हुई, बल्कि serious accident का खतरा भी पैदा हो गया। West Railway ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 6 लोगों के खिलाफ Railway Act के तहत FIR दर्ज की है।
🎉 Virar–Mahim Holi Tradition क्या है?
ब्रिटिश काल से चली आ रही एक अनोखी परंपरा के तहत Virar और Mahim को Holi festival के जरिए जोड़ा जाता है।
Mahim के Mori Road इलाके में पहले कई चॉल थीं। समय के साथ वहां multi-storey buildings बन गईं और कई परिवार Virar में बस गए।
लेकिन Holi की परंपरा आज भी जारी है। हर साल Virar से कई परिवार bamboo और सुपारी के पत्ते लेकर, नाचते-गाते, जयघोष करते हुए local train से Mahim पहुंचते हैं और Mori Road पर Holi जलाते हैं।
🚪 Local Train के दरवाजे पर बांधे गए Bamboo
इस बार यात्रियों ने bamboo और सुपारी के पेड़ की झावळियां सीधे local train के दरवाजे पर आड़ी बांध दीं।
इस वजह से बाकी commuters को train में चढ़ने-उतरने में भारी दिक्कत हुई।
Railway officials के मुताबिक, इससे serious injury का खतरा था और train operation भी प्रभावित हुआ।
⏰ 20 मिनट तक प्रभावित रही Local Service
रविवार रात 11:40 बजे Virar–Churchgate local के दरवाजे पर bamboo बांधे गए।
Train काफी देर स्टेशन पर खड़ी रही।
जब local Borivali स्टेशन के platform नंबर 5 पर पहुंची, तब ड्यूटी पर तैनात Station Manager रणजीत कुमार ने coach की जांच की।
Local Manager पुरुषोत्तम ने बताया कि कुछ लोगों ने bamboo बांधने के लिए train को रोके रखा था।
रात 12:24 से 12:46 बजे तक करीब 20 मिनट तक local service प्रभावित रही।
मुंबई लोकल के कल्याण स्टेशन पर फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़ने को लेकर विवाद हिंसक हो गया। अज्ञात महिला ने यात्री प्रियंका थोरात के हाथ पर काटा और उंगली मरोड़ दी। GRP CCTV के जरिए आरोपी की तलाश में जुटी।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक बार फिर चौंकाने वाली घटना सामने आई है। Kalyan railway station पर First Class डिब्बे में चढ़ने को लेकर हुए विवाद में एक अज्ञात महिला ने क्रूरता की हद पार कर दी। महिला यात्री के हाथ पर जोर से काटने और उंगली मरोड़ने का मामला सामने आया है।
🚆 भीड़ में भड़का विवाद, First Class बना रणक्षेत्र
मंगलवार सुबह करीब 8 बजे, प्लेटफॉर्म नंबर 6 से मुंबई की ओर जाने वाली फास्ट लोकल में चढ़ते वक्त भारी भीड़ थी। उतरने और चढ़ने वाले यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
इसी दौरान एक अज्ञात महिला ने दूसरी महिला यात्री को अंदर आने से रोका और “जगह नहीं है” कहकर धक्का देने लगी। देखते ही देखते मामूली बहस ने हिंसक रूप ले लिया।
👩💼 कौन हैं पीड़िता?
मिली जानकारी के मुताबिक, 32 वर्षीय प्रियंका थोरात, जो कल्याण पूर्व के मलगंगड रोड इलाके में रहती हैं, अंधेरी की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। रोज की तरह वह काम पर जा रही थीं और फर्स्ट क्लास डिब्बे से सफर कर रही थीं।
विवाद के दौरान आरोपी महिला ने उनके हाथ के दंड पर जोर से काट लिया और फिर उनकी उंगली पकड़कर बुरी तरह मरोड़ दी।
अचानक हुए हमले से प्रियंका को तेज दर्द हुआ, लेकिन ऑफिस पहुंचने की जल्दी और भीड़ के माहौल में उन्होंने सफर जारी रखा।
शाम को घर लौटने के बाद दर्द बढ़ने पर उन्होंने डॉक्टर से जांच करवाई। जांच में उंगली में गंभीर चोट और हाथ पर काटने के निशान की पुष्टि हुई।
🚔 GRP ने दर्ज किया मामला, CCTV खंगाल रही पुलिस
घटना के बाद प्रियंका ने Government Railway Police (GRP) में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और प्लेटफॉर्म नंबर 6 के CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है। आरोपी महिला किस स्टेशन पर उतरी और उसकी पहचान क्या है, इसकी तलाश जारी है।
⚠️ मुंबई लोकल में बढ़ती मारपीट की घटनाएं
मुंबई लोकल में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। भीड़, सीट को लेकर विवाद और चढ़ने-उतरने की हड़बड़ी के कारण कई बार झगड़े होते हैं। लेकिन इस तरह हाथ पर काटने और उंगली मरोड़ने जैसी घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
❓ FAQ
Q1. घटना कहां हुई? 👉 कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर।
Q2. किस बात पर विवाद हुआ? 👉 फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़ने को लेकर भीड़ में धक्का-मुक्की के दौरान।
Q3. पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है? 👉 GRP ने मामला दर्ज कर CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है।
Q4. पीड़िता की हालत कैसी है? 👉 डॉक्टरों के मुताबिक उंगली में गंभीर चोट और हाथ पर काटने के निशान हैं।
एरंगल मेला 2026 को देखते हुए BEST ने मालाड और आसपास के इलाकों में 57 अतिरिक्त बसें चलाने का ऐलान किया है। बस रूट, समय और पूरी जानकारी पढ़ें।
मुंबई: मालाड (पश्चिम) में हर साल लगने वाले एरंगल मेले 2026 को लेकर BEST प्रशासन ने खास तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए BEST ने मालाड और आसपास के इलाकों में कुल 57 अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा की है। ये बस सेवाएं सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलेंगी, जिससे एरंगल गांव और सेंट बोनावेंचर चर्च जाने वाले भक्तों को यात्रा में कोई परेशानी न हो।
मेले की फाइल तस्वीर
✝️ एरंगल मेला 2026 क्या है?
एरंगल मेला हर साल जनवरी के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। यह धार्मिक मेला मालाड (पश्चिम) स्थित एरंगल गांव में सेंट बोनावेंचर चर्च में आयोजित होता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में ईस्ट इंडियन समुदाय के लोग और अन्य श्रद्धालु मुंबई के अलग-अलग गांवों और इलाकों से यहां पहुंचते हैं।
करीब पांच सौ साल पुराना यह चर्च पुर्तगाली काल में बना था और आज भी मुंबई के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।
🚌 57 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था
BEST प्रशासन के अनुसार, इस साल एरंगल मेले के लिए पूरे दिन में 57 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का मकसद भारी भीड़ को संभालना और यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक सफर देना है।
बस सेवाएं सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।
BEST की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इन रूट्स पर विशेष बस सेवाएं रहेंगी:
🚍 रूट नंबर 271
मालाड स्टेशन (पश्चिम) – एरंगल गांव
मढ जेट्टी – एरंगल गांव
🚍 रूट नंबर A-269
बोरीवली स्टेशन (पश्चिम) – मढ जेट्टी
यात्रियों की संख्या को देखते हुए इन रूट्स पर जरूरत के हिसाब से बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी।
🚉 मालाड स्टेशन से खास सुविधा
BEST अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु लोकल ट्रेन से मालाड स्टेशन (पश्चिम) पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मालाड स्टेशन से एरंगल गांव, मढ जेट्टी और मढ चौपाटी तक अतिरिक्त बस ट्रिप्स चलाई जाएंगी।
👮♂️ अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती
भीड़ और ट्रैफिक को संभालने के लिए BEST ने पास के डिपो से अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया है। इनमें शामिल हैं:
मगठाणे
पोईंसूर
दिंडोशी
गोरेगांव
ओशिवारा
यहां से बस इंस्पेक्टर और ट्रैफिक अधिकारी अस्थायी रूप से तैनात रहेंगे।
⛪ सेंट बोनावेंचर चर्च का महत्व
सेंट बोनावेंचर चर्च लगभग पांच शताब्दी पुराना है और पत्थर व चूने से बना है। चर्च में संगमरमर की पट्टिका लगी है, जिस पर इसका इतिहास दर्ज है। मेले से पहले नौ दिनों तक नवना (Novena) प्रार्थनाएं होती हैं, जिसके बाद मुख्य पर्व मनाया जाता है।
मुंबई के अन्य इलाकों से आने वाले श्रद्धालु वर्सोवा से मढ जेट्टी तक फेरी लेकर भी चर्च पहुंच सकते हैं।
🗣️ BEST की अपील
BEST प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एरंगल मेले के दौरान निजी वाहनों के बजाय इन अतिरिक्त बस सेवाओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें, ताकि ट्रैफिक कम रहे और यात्रा सुरक्षित बनी रहे।
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. एरंगल मेला 2026 कब है? ➡️ जनवरी के दूसरे रविवार को।
Q2. BEST कितनी अतिरिक्त बसें चला रहा है? ➡️ कुल 57 अतिरिक्त बसें।
Q3. बस सेवाएं किस समय तक रहेंगी? ➡️ सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक।
Q4. कौन से रूट सबसे अहम हैं? ➡️ रूट 271 (मालाड स्टेशन–एरंगल) और A-269 (बोरीवली–मढ जेट्टी)।
Q5. चर्च तक पहुंचने का दूसरा तरीका क्या है? ➡️ वर्सोवा से मढ जेट्टी तक फेरी सेवा।
कांदिवली पुलिस ने शेयर के बदले करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा देकर एक फ्रीलांसर से 69 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसकी बहन फरार है।
मुंबई: कांदिवली इलाके में शेयर और लोन के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कांदिवली पुलिस ने एक फ्रीलांसर से करीब 69 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में जतीन कुमार उनाडकट नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शेयर गिरवी रखकर करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा दिया था, लेकिन हकीकत में पूरा मामला फर्जी निकला।
3.5 करोड़ के लोन का लालच देकर फंसाया
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता प्रेमकुमार वर्मा (42), जो विरार का रहने वाला है और फ्रीलांसर के तौर पर काम करता है, को आरोपी जतीन कुमार और उसकी बहन संगीता उनाडकट ने नए बिजनेस में निवेश का ऑफर दिया था। दोनों ने दावा किया कि वे “बूम लिफ्ट” नाम से नया कारोबार शुरू कर रहे हैं, जिसके लिए 3.5 करोड़ रुपये के लोन की जरूरत है।
पुरानी पहचान का उठाया फायदा
प्रेमकुमार वर्मा पहले डायरेक्ट सेल्स एजेंसी में काम करता था और उसने 2022 में संगीता उनाडकट के लिए 25 लाख रुपये का लोन भी पास करवाया था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर संगीता ने अपने भाई जतीन से उसकी मुलाकात करवाई और उसे शेयर ट्रेडिंग का बड़ा खिलाड़ी बताया।
आरोपियों की बातों में आकर वर्मा ने जनवरी 2024 में अपनी नौकरी छोड़ दी और निवेश के लिए विरार में स्थित अपना फ्लैट 86 लाख रुपये में बेच दिया। जुलाई से अगस्त 2024 के बीच उसने करीब 81 लाख रुपये किस्तों में जतीन कुमार को दिए, ताकि शेयर उसके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाएं और उन्हीं शेयरों के बदले बैंक से लोन मिल सके।
डीमैट अकाउंट का पासवर्ड लेकर की हेराफेरी
जतीन ने शेयर ट्रांसफर करने के बहाने वर्मा से उसके डीमैट अकाउंट का पासवर्ड ले लिया। कुछ दिनों बाद उसने दावा किया कि कई कंपनियों के शेयर अकाउंट में ट्रांसफर हो गए हैं। इतना ही नहीं, एक निजी फाइनेंस कंपनी का फर्जी लोन सैंक्शन लेटर दिखाकर 2.80 करोड़ रुपये का लोन पास होने का भरोसा भी दिलाया।
जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
कई महीनों तक पैसा खाते में न आने पर वर्मा को शक हुआ। जब उसने फाइनेंस कंपनी और बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि जिन शेयरों की बात की जा रही थी, वे असली नहीं बल्कि डेमो या वर्चुअल शेयर थे, जिनका इस्तेमाल सिर्फ प्रैक्टिस ट्रेडिंग में होता है। किसी भी तरह का असली लोन मंजूर नहीं हुआ था।
69 लाख हड़पकर हुए फरार
जब वर्मा ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। एक सुरक्षा चेक भी बाउंस हो गया। बाद में जतीन ने सिर्फ 1.77 लाख रुपये लौटाए और करीब 69.18 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद वर्मा ने कांदिवली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी गिरफ्तार, बहन फरार
शिकायत के बाद कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर 7 जनवरी को जतीन कुमार उनाडकट को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बहन संगीता के साथ मिलकर ठगी करने की बात कबूल की है। संगीता फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं दोनों ने इसी तरीके से और लोगों को तो नहीं ठगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: यह ठगी किस इलाके में हुई? मुंबई के कांदिवली इलाके में।
Q2: ठगी की कुल रकम कितनी है? करीब 69.18 लाख रुपये।
Q3: आरोपी कौन है? जतीन कुमार उनाडकट, जबकि उसकी बहन संगीता उनाडकट फरार है।
Q4: ठगी का तरीका क्या था? फर्जी शेयर और लोन सैंक्शन दिखाकर निवेश के नाम पर पैसा लेना।
मुंबई के कांदिवली में एक पुराने फ्लैट की डरावनी कहानी, जहां घर बिकते ही हर नए परिवार पर मौत टूट पड़ी। अदृश्य शक्ति, ज्योतिषी का दावा और दशकों पुराना रहस्य।
मुंबई। मुंबई के कांदिवली इलाके में स्थित एक पुराना फ्लैट, जो बाहर से बिल्कुल आम दिखता था, अंदर से एक ऐसी डरावनी कहानी समेटे हुए था कि जिसने भी वहां कदम रखा, उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। कहा जाता है कि इस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति रहती थी, जो सिर्फ एक ही परिवार को स्वीकार करती थी। जैसे ही वह परिवार घर छोड़कर गया, वहां रहने वाले हर नए परिवार पर मौत का साया मंडराने लगा।
राजेश का बचपन और पुराना घर
राजेश अपने माता-पिता के साथ कांदिवली की एक पुरानी इमारत में रहता था। उसके पिता पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर थे और उन्होंने घर के एक कमरे में ही क्लिनिक शुरू कर रखा था। रोज़ाना कई मरीज इलाज के लिए आते-जाते रहते थे। राजेश का पूरा बचपन उसी फ्लैट में बीता। उसे कभी भी अपने घर में किसी तरह की नकारात्मक ऊर्जा या डर का अहसास नहीं हुआ। सब कुछ बिल्कुल सामान्य था।
एक मरीज और पहली बार महसूस हुई अदृश्य शक्ति
एक दिन इलाज के लिए एक मरीज उनके घर आया। यह मरीज पेशे से ज्योतिषी था। इलाज के दौरान उसे बार-बार ऐसा महसूस होने लगा कि घर में कोई और भी मौजूद है। कभी लगता कोई उसके साथ चल रहा है, कभी बगल में बैठा है, तो कभी कान में कुछ फुसफुसा रहा है।
ज्योतिषी जानता था कि राजेश के पिता जैसे पढ़े-लिखे डॉक्टर इन बातों पर भरोसा नहीं करेंगे, इसलिए उसने शुरुआत में कुछ नहीं कहा। कुछ महीनों तक इलाज चलता रहा और फिर उसकी तबीयत ठीक हो गई।
दो साल बाद सामने आई सच्चाई
करीब दो साल बाद राजेश के पिता ने शहर में किराए पर एक नया क्लिनिक खोल लिया। वहीं वही ज्योतिषी दोबारा इलाज के लिए पहुंचा। उसे लगा कि डॉक्टर अब उस पुराने घर में नहीं रहते होंगे, इसलिए उसने हिम्मत करके पूरी बात बता दी—कि उस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति मौजूद है।
इस बार डॉक्टर ने बात को गंभीरता से लिया। कुछ ही समय बाद उन्होंने वह घर छोड़ने का फैसला कर लिया।
राजेश उस घर को छोड़ना नहीं चाहता था, लेकिन हालात ऐसे बने कि परिवार को मजबूरन वह फ्लैट बेचना पड़ा। यह फ्लैट ठाणे में रहने वाले अब्बास नाम के व्यक्ति ने खरीदा, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता के लिए घर ढूंढ रहा था। माता-पिता वहां रहने लगे, लेकिन महज़ एक महीने के भीतर ही अब्बास के पूरी तरह स्वस्थ पिता का निधन हो गया।
घबराए अब्बास ने फ्लैट तीसरे व्यक्ति निकम को बेच दिया और अपनी मां को अपने साथ ठाणे ले गया।
निकम परिवार पर भी टूटा कहर
निकम परिवार ने जब फ्लैट में रहना शुरू किया, तो उन्हें भी ज्यादा समय नहीं मिला। एक महीने के अंदर उनके परिवार में भी दो प्रभावशाली सदस्यों की मौत हो गई। एक के बाद एक मौतों से इलाके में डर का माहौल बन गया।
ज्योतिषी का दावा: यह शक्ति उसी परिवार को चाहती थी
जब यह सारी बातें ज्योतिषी तक पहुंचीं, तो उसने राजेश के पिता से चौंकाने वाली बात कही। उसके अनुसार, जिस ज़मीन पर यह इमारत बनी थी, वहां पहले किसी और का अधिकार था, जिसे जबरन हटाकर इमारत खड़ी की गई। उस जगह की अदृश्य शक्ति डॉक्टर और उनके परिवार से जुड़ गई थी।
वह शक्ति उनके परिवार से दुश्मनी नहीं रखती थी, बल्कि उनके साथ घुल-मिल गई थी। लेकिन जैसे ही उन्होंने घर बेच दिया, वह नाराज़ हो गई और किसी और को वहां टिकने नहीं दिया।
आज भी सिहरन पैदा करती है यह कहानी
यह कहानी सुनने और पढ़ने में भले ही किसी डरावनी फिल्म जैसी लगे, लेकिन इसे जानने वाले आज भी सिहर उठते हैं। यह सोचकर अजीब लगता है कि अगर यह सच हो, तो शायद भावनाएं सिर्फ इंसानों में ही नहीं, बल्कि अदृश्य शक्तियों में भी हो सकती हैं।
नोट
यह लेख केवल मनोरंजन और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। indian-fasttrack.com का उद्देश्य किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है।
FAQ
Q1. क्या यह कहानी सच्ची घटना पर आधारित है? यह कहानी लोगों द्वारा सुनाई गई घटनाओं पर आधारित है और इसे मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
Q2. क्या कांदिवली में सच में भूतिया फ्लैट है? ऐसी कई लोककथाएं प्रचलित हैं, लेकिन इनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
Q3. इस लेख का उद्देश्य क्या है? इस लेख का उद्देश्य सिर्फ जानकारी और मनोरंजन है, न कि अंधविश्वास फैलाना।
मुंबई वेस्टर्न रेलवे के कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर छठी लाइन के काम के लिए 20 दिसंबर 2025 से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का नाइट ब्लॉक रहेगा। कई लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों के समय व स्टॉपेज में बदलाव होगा।
मुंबई: लोकल रेल यात्रियों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। वेस्टर्न रेलवे के कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर छठी रेलवे लाइन के काम को पूरा करने के लिए 20 दिसंबर 2025 यानी आज की रात से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का ब्लॉक लगाया जाएगा। यह ब्लॉक रोज़ाना रात 11 बजे से सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान कई लोकल, पैसेंजर और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें रीशेड्यूल, रेगुलेट, शॉर्ट टर्मिनेट या कैंसिल की जाएंगी।
🚧 क्यों लगाया जा रहा है 30 दिन का ब्लॉक?
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कांदिवली और बोरीवली के बीच छठी लाइन को पूरी तरह चालू करने के लिए
ट्रैक स्लीविंग
क्रॉसओवर का इंसर्शन और रिमूवल
सिग्नलिंग
ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) जैसे बड़े तकनीकी काम किए जाएंगे।
👉 इसी वजह से रात के समय मेगा ब्लॉक जरूरी बताया गया है।
मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए जिलानुसार संसदीय जांच समिति गठित की है, जो उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और पैनल तैयार करने का काम करेगी।
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी ने संसदीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति का उद्देश्य सभी जिलों में संभावित उम्मीदवारों के आवेदन की पड़ताल करना, उनका मार्गदर्शन करना और अंतिम पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजना है। यह समिति मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश से गठित की गई है। जानकारी कांग्रेस प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस ने दी।
समिति का मुख्य कार्य
नई गठित समिति जिलानुसार बैठकों के माध्यम से निम्न कार्य करेगी—
उम्मीदवारों के आवेदन की विस्तृत छानबीन
जिला अध्यक्षों व जात वैधता समितियों के साथ समन्वय
योग्य उम्मीदवारों की सूची और पैनल तैयार करना
आवेदन भरने में उम्मीदवारों को मार्गदर्शन
उम्मीदवारों की मुलाकात कर अंतिम पैनल वरिष्ठ नेतृत्व को सौंपना
जिलावार प्रभारी और सहप्रभारी शामिल
मुंबई कांग्रेस ने विभिन्न जिलों के अनुसार प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त किए हैं। सूची इस प्रकार है—
BMC चुनाव में टिकट चयन हमेशा से कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण मुद्दा रहा है। इस बार पार्टी संगठन उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी उद्देश्य से संसदीय जांच समिति गठित की गई है, ताकि सभी जिलों में योग्य, मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रतिनिधित्व मिले।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. संसदीय पडताळणी समिति क्यों बनाई गई है?
उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और अंतिम पैनल तैयार करने के लिए यह समिति गठित की गई है।
2. समिति में कौन-कौन शामिल हैं?
मुंबई के विभिन्न जिलों के प्रभारी और सहप्रभारी इसमें शामिल हैं, जैसे MLA अस्लम शेख, अमीन पटेल, ज्योति गायकवाड़ सहित कई वरिष्ठ नेता।
3. यह समिति क्या काम करेगी?
उम्मीदवारों के आवेदन की जांच, उनकी मुलाखत, पैनल तैयार करना और वरिष्ठ नेतृत्व को अनुशंसा भेजना।
4. समिति का गठन किसने किया?
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश पर समिति बनाई गई है।
5. क्या यह समिति उम्मीदवारों को आवेदन भरने में मदद करेगी?
हाँ, जिल्हा समिति के साथ मिलकर यह समिति उम्मीदवारों को पूरा मार्गदर्शन देगी।