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  • 🚨 Mumbai Viral Video: Kandivali में ‘Marathi Language Row’ पर बवाल! Raj Thackeray को गाली देने पर शख्स की पिटाई? सच क्या है?

    🚨 Mumbai Viral Video: Kandivali में ‘Marathi Language Row’ पर बवाल! Raj Thackeray को गाली देने पर शख्स की पिटाई? सच क्या है?

    Kandivali Mumbai viral video में Raj Thackeray को लेकर गाली देने पर MNS workers द्वारा शख्स की पिटाई का दावा। Marathi language row फिर गरमाया। जानें पूरा मामला, सरकार की नई policy और सच्चाई।

    मुंबई: कांदिवली इलाके से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स को कथित तौर पर Raj Thackeray को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद पीटते हुए दिखाया गया है। हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    🎥 क्या है पूरा वायरल वीडियो मामला?

    वायरल क्लिप में एक व्यक्ति से पूछा जाता है कि क्या वह मराठी भाषा बोल सकता है। पहले वह “हाँ” कहता है, लेकिन बाद में बातचीत के दौरान वह खुद कहता है कि उसे मराठी नहीं आती।

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    इसी दौरान उससे यह सवाल किया जाता है कि अगर Raj Thackeray उसके गैरेज पर आएं तो वह मराठी में क्या बोलेगा। जवाब में वह कथित तौर पर गाली देता है (वीडियो में beep किया गया है)।

    इसके बाद वीडियो में दिखता है कि कुछ लोग उसे पकड़कर मारते-पीटते हैं और गालियां देते हैं।

    ⚠️ वीडियो की Authenticity पर बड़ा सवाल

    इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि अभी तक:

    • शख्स की पहचान सामने नहीं आई है
    • वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है
    • पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं हुआ

    कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी साफ कहा गया है कि इस वायरल वीडियो की authenticity verify नहीं की गई है।

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    🔥 Marathi Language Row फिर क्यों गरमाया?

    मुंबई और महाराष्ट्र में एक बार फिर “Marathi Language Row” चर्चा में है। हाल ही में राज्य सरकार ने लोकल ट्रांसपोर्ट सेक्टर में मराठी भाषा को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है।

    🏛️ सरकार का बड़ा फैसला – Drivers को Marathi सिखाने की मुहिम

    Maharashtra Transport Department ने 1 मई से एक statewide अभियान शुरू किया है।

    इस अभियान के तहत:

    • Auto-rickshaw और taxi drivers को basic Marathi सिखाई जाएगी
    • Motor Vehicle rules को सख्ती से लागू किया जाएगा
    • 100 दिन (15 अगस्त तक) awareness campaign चलेगा

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    Transport Minister Pratap Sarnaik ने साफ किया है कि:
    👉 Marathi न आने पर सीधे सजा नहीं दी जाएगी
    👉 पहले awareness और training पर फोकस रहेगा

    🗣️ MNS और Marathi Identity का पुराना कनेक्शन

    Maharashtra Navnirman Sena (MNS) लंबे समय से मुंबई में Marathi identity और language को लेकर आक्रामक रुख अपनाती रही है।

    ऐसे में इस तरह के वायरल वीडियो माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना सकते हैं।

    🌐 सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है?

    यह वीडियो X (Twitter), Instagram और WhatsApp पर तेजी से शेयर हो रहा है। कुछ लोग इसे “language pride” से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे “mob violence” बता रहे हैं।

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    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. क्या Kandivali viral video असली है?

    अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    Q2. वीडियो में क्या दिख रहा है?

    एक व्यक्ति को Raj Thackeray पर गाली देने के बाद कुछ लोग पीटते हुए दिख रहे हैं।

    Q3. सरकार ने Marathi language पर क्या फैसला लिया है?

    Auto और taxi drivers को basic Marathi सिखाने के लिए awareness campaign शुरू किया गया है।

    Q4. क्या Marathi न आने पर सजा मिलेगी?

    नहीं, फिलहाल केवल training और awareness पर ध्यान है।

    🏁 Conclusion

    कांदिवली का यह वायरल वीडियो मुंबई के संवेदनशील “Marathi Language Row” को फिर से सुर्खियों में ले आया है। हालांकि, बिना पुष्टि के ऐसे वीडियो पर विश्वास करना सही नहीं है। वहीं, सरकार की नई policy साफ दिखाती है कि भाषा को लेकर सख्ती के बजाय जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है।

  • 🚨 BMC में बड़ी सेंध! Standing Committee Hall में Corporator की पर्स से ₹20,000 गायब — CCTV भी नहीं, सुरक्षा पर बड़ा सवाल

    🚨 BMC में बड़ी सेंध! Standing Committee Hall में Corporator की पर्स से ₹20,000 गायब — CCTV भी नहीं, सुरक्षा पर बड़ा सवाल

    Mumbai BMC theft case 2026 – Standing Committee Hall में शिवसेना (UBT) की corporator लक्ष्मी भाटिया की पर्स से ₹20,000 चोरी। CCTV नहीं होने से जांच में दिक्कत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

    मुंबई: देश की सबसे अमीर नगर पालिका कही जाने वाली BMC (Brihanmumbai Municipal Corporation) में ही सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। शिवसेना (UBT) की नगरसेविका लक्ष्मी भाटिया की पर्स से ₹20,000 की चोरी सीधे Standing Committee Hall के अंदर हो गई। इस घटना के बाद अब सवाल उठ रहा है — अगर यहां जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं, तो आम मुंबईकर का क्या?

    🔍 क्या हुआ? (What Happened in BMC Theft Case)

    बुधवार को BMC की Standing Committee की अहम बैठक खत्म होने के बाद वॉर्ड नंबर 56 की नगरसेविका लक्ष्मी भाटिया अपनी पर्स सभागृह में ही छोड़कर सहकर्मियों के साथ लंच के लिए बाहर चली गईं।

    करीब 10 मिनट बाद जब वह वापस लौटीं, तो उन्होंने देखा कि उनकी पर्स खुली हुई है। जांच करने पर पता चला कि पर्स में रखा ₹20,000 का कैश गायब है।

    Major-breach-BMC-20000-missing-from-corporator-purse-Standing-Committee-Hall-no-CCTV-security-concern-news

    इतना ही नहीं, पर्स के अंदर रखी अन्य चीजें जैसे चार्जर आदि भी अस्त-व्यस्त हालत में मिलीं — जिससे साफ है कि चोरी पूरी प्लानिंग के साथ की गई।

    📍 कहाँ हुआ? (Where Did It Happen)

    यह पूरी घटना BMC मुख्यालय के Standing Committee Hall में हुई — वही जगह जहां मुंबई के हजारों करोड़ के बजट और बड़े फैसले लिए जाते हैं।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसी हाई-सिक्योरिटी मानी जाने वाली जगह पर CCTV कैमरे ही मौजूद नहीं हैं

    यानी जहां शहर की “तिजोरी” का फैसला होता है, वहीं सुरक्षा का ऐसा हाल सामने आया है।

    😡 लोगों पर असर (Impact on Public & Political Reaction)

    इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भारी हंगामा मच गया है।

    नगरसेविका लक्ष्मी भाटिया ने कहा:

    “अगर Standing Committee Hall में ही हमारे सामान सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा? ये बेहद शर्मनाक है।”

    वहीं MNS नेता यशवंत किल्लेदार ने BMC प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा:

    “जहां मुंबई का आर्थिक भविष्य तय होता है, वहां ऐसी चोरी होना प्रशासन की नाकामी है।”

    इस घटना के बाद आम लोगों में भी गुस्सा है — क्योंकि अगर इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर चोरी हो सकती है, तो बाकी शहर की सुरक्षा पर सवाल उठना लाज़मी है।

    🏛️ सरकारी अपडेट (Police Action & Official Response)

    घटना के बाद लक्ष्मी भाटिया ने तुरंत:

    • महापौर
    • Standing Committee Chairman
    • Opposition Leader

    को लिखित शिकायत दी है।

    मामला अब Azad Maidan Police Station में दर्ज किया गया है।

    पुलिस ने बताया कि:

    • Hall के अंदर CCTV नहीं है
    • लेकिन बाहर के कॉरिडोर के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं
    • संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश जारी है

    👉 Official BMC Website: https://portal.mcgm.gov.in
    👉 Mumbai Police: https://mumbaipolice.gov.in

    🔮 आगे क्या होगा? (What Happens Next)

    इस घटना के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं:

    • क्या BMC की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट होगा?
    • क्या Standing Committee Hall में CCTV लगाए जाएंगे?
    • क्या अंदरूनी स्टाफ या बाहरी व्यक्ति इस चोरी में शामिल है?

    सूत्रों के मुताबिक, अब BMC भवन की Internal Security Audit की मांग तेज हो गई है।

    संभावना है कि आने वाले दिनों में:

    • CCTV इंस्टॉलेशन
    • सिक्योरिटी स्टाफ बढ़ाना
    • एंट्री-एग्जिट सिस्टम सख्त करना

    जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।


    ❓ FAQ (People Also Search)

    Q1. BMC theft case में कितनी रकम चोरी हुई?
    👉 ₹20,000 कैश चोरी हुआ है।

    Q2. चोरी कहां हुई?
    👉 BMC के Standing Committee Hall के अंदर।

    Q3. क्या वहां CCTV कैमरे थे?
    👉 नहीं, यही जांच में सबसे बड़ा अड़चन है।

    Q4. पुलिस क्या कर रही है?
    👉 Azad Maidan Police बाहरी CCTV फुटेज चेक कर रही है।

    Q5. क्या कोई आरोपी पकड़ा गया?
    👉 अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।


    🧾 Conclusion

    BMC जैसे हाई-प्रोफाइल सरकारी संस्थान में चोरी होना सिर्फ एक क्राइम नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी कमजोरी को दिखाता है। CCTV का न होना, सिक्योरिटी में लापरवाही और अंदरूनी निगरानी की कमी — ये सब अब सामने आ चुका है।

    अगर इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह घटना आने वाले समय में और बड़े सुरक्षा खतरे की चेतावनी बन सकती है।

  • Mumbai: Notice ना देने पर MNS कार्यकर्ता रिहा, कोर्ट ने बताया Arrest अवैध

    Mumbai: Notice ना देने पर MNS कार्यकर्ता रिहा, कोर्ट ने बताया Arrest अवैध

    Mumbai में MNS activist Ravindra Shinde की गिरफ्तारी को कोर्ट ने अवैध माना। BNSS Section 35(3) के तहत notice न देने पर magistrate court ने दी रिहाई। Extortion case में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल।

    मुंबई: मुंबई में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। South Mumbai में रोड वर्क ठेकेदार से कथित तौर पर धमकी देकर वसूली (extortion) करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को अदालत ने रिहा कर दिया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में BNSS के तहत जरूरी notice नहीं दिया गया, जिससे arrest अवैध हो गया।

    ⚖️ Court का बड़ा फैसला: Arrest को बताया Illegal

    मामले की सुनवाई के दौरान magistrate court ने कहा कि चूंकि आरोपी को Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance नहीं दिया गया, इसलिए गिरफ्तारी वैध नहीं मानी जा सकती।

    यह मामला उन अपराधों से जुड़ा है जिनमें अधिकतम सजा सात साल तक की है। ऐसे मामलों में Supreme Court के आदेश के मुताबिक पहले notice जारी करना जरूरी है।

    👤 कौन हैं आरोपी?

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम Ravindra Shinde है, जो MNS (Maharashtra Navnirman Sena) से जुड़े कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। उन्हें शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

    उन पर आरोप है कि उन्होंने South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर पैसे की मांग की थी।

    📜 Defence ने Supreme Court Order का दिया हवाला

    Shinde की ओर से वकील Rajendra Shirodkar, साथ में Archit Sakhalkar ने कोर्ट में दलील दी। उन्होंने Supreme Court के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि जिन अपराधों में सात साल तक की सजा है, उनमें Section 35(3) BNSS के तहत पहले notice देना अनिवार्य है।

    डिफेंस का तर्क था कि पुलिस ने यह जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की।

    🏛️ Police ने कहा – Process Follow किया

    Public Prosecutor R A Patil ने अदालत में कहा कि पुलिस ने सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया है।

    हालांकि कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी यह साबित नहीं कर सके कि आरोपी को Section 35(3) के तहत notice जारी किया गया था।

    📌 BNSS की किन धाराओं का पालन हुआ?

    डिफेंस वकील Shirodkar ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने माना कि पुलिस ने:

    • Section 47(1) BNSS के तहत गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी
    • Section 48(2) और 48(3) BNSS के तहत आरोपी के रिश्तेदारों को सूचना दी

    लेकिन सबसे अहम Section 35(3) notice for appearance जारी करने का कोई प्रमाण पेश नहीं किया जा सका।

    🔎 Legal Procedure पर फिर उठे सवाल

    इस फैसले के बाद Mumbai Police की arrest procedure और BNSS compliance को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई है। Legal experts का मानना है कि Supreme Court guidelines का पालन न करना जांच पर असर डाल सकता है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. किसे रिहा किया गया है?
    MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को कोर्ट ने रिहा किया।

    Q2. कोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध क्यों माना?
    क्योंकि BNSS Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance जारी नहीं किया गया था।

    Q3. आरोपी पर क्या आरोप हैं?
    South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर extortion करने का आरोप है।

    Q4. पुलिस ने कौन सी कानूनी प्रक्रिया पूरी की थी?
    Section 47(1) के तहत गिरफ्तारी के कारण बताए और Section 48(2)(3) के तहत रिश्तेदारों को सूचना दी।

    Q5. Supreme Court का क्या आदेश है?
    जिन मामलों में सजा सात साल तक है, उनमें पहले notice जारी करना जरूरी है।

  • BMC Election: सीट बंटवारे पर ठाकरे बंधुओं की बातचीत तेज, UBT को 125 और MNS को 90 सीटें संभव

    BMC Election: सीट बंटवारे पर ठाकरे बंधुओं की बातचीत तेज, UBT को 125 और MNS को 90 सीटें संभव

    BMC Election 2026 से पहले ठाकरे बंधुओं में सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम दौर की बातचीत। शिवसेना (UBT) 120–125 और मनसे 80–90 सीटों पर लड़ सकती है।

    मुंबई: आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रस्तावित फॉर्मूले के तहत शिवसेना (UBT) करीब 120 से 125 सीटों पर और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) लगभग 80 से 90 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है।

    ठाकरे बंधुओं की संभावित युति पर सबकी नजर

    करीब एक दशक बाद होने जा रहे बीएमसी चुनाव को लेकर ठाकरे परिवार की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग का मकसद साफ है—मराठी वोटों का बंटवारा रोकना और मुंबई महानगरपालिका में मज़बूत दावेदारी पेश करना।

    सूत्र बताते हैं कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच कई दौर की अनौपचारिक बैठकें हो चुकी हैं और जल्द ही इस पर औपचारिक ऐलान हो सकता है।

    BMC Election 2017 के नतीजों से सीख, लेकिन सीटों पर मतभेद

    2017 के BMC Election में शिवसेना (तत्कालीन अविभाजित) ने 84 सीटें जीती थीं। उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि ये सभी 84 सीटें शिवसेना (UBT) के पास ही रहें।
    हालांकि, मनसे इस मांग से सहमत नहीं है

    मनसे का तर्क है कि वर्ली, दादर, कालाचौकी, मुलुंड और भांडुप जैसे मराठी बहुल इलाकों में उसका मजबूत जनाधार है। इसी आधार पर मनसे कुछ ऐसी सीटों की मांग कर रही है, जिन पर पहले शिवसेना का दबदबा रहा है।

    NCP (शरद पवार) और वाम दलों की भी हो सकती है एंट्री

    वोटों के बंटवारे से बचने के लिए ठाकरे बंधु इस संभावित गठबंधन में एनसीपी (शरद पवार गुट) और वाम दलों को शामिल करने पर भी विचार कर रहे हैं।

    सूत्रों के अनुसार, यदि शरद पवार गुट गठबंधन में शामिल होता है तो उसे 15 से 20 सीटें दी जा सकती हैं। इससे गठबंधन को शहरी और अल्पसंख्यक वोटों में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    महा युति में भी सीट बंटवारे को लेकर खींचतान

    दूसरी ओर, सत्तारूढ़ महा युति (भाजपा–शिंदे गुट शिवसेना) में भी सीट शेयरिंग को लेकर गहमागहमी है।
    एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 90 से 100 सीटों की मांग की है, यह दावा करते हुए कि उसका संगठन और जनाधार कई वार्डों में मजबूत है।

    वहीं, भाजपा मुंबई में 135 से 140 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

    2017 में किसका पलड़ा भारी था?

    2017 के बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटों में से:

    • शिवसेना: 84 सीटें
    • भाजपा: 82 सीटें

    उस वक्त दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़े थे। इस बार तस्वीर बदली हुई है और गठबंधनों का गणित ज्यादा अहम हो गया है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: बीएमसी चुनाव कब होने हैं?
    👉 जनवरी 2026 में।

    Q2: शिवसेना (UBT) कितनी सीटों पर लड़ सकती है?
    👉 लगभग 120 से 125 सीटों पर।

    Q3: मनसे को कितनी सीटें मिलने की संभावना है?
    👉 करीब 80 से 90 सीटें।

    Q4: क्या एनसीपी (शरद पवार) भी गठबंधन में शामिल होगी?
    👉 बातचीत चल रही है, 15–20 सीटें दिए जाने की संभावना है।

  • BMC ELECTION में कांग्रेस अकेले उतरने पर कायम; महाविकास अघाडी की एकता पर संकट

    BMC ELECTION में कांग्रेस अकेले उतरने पर कायम; महाविकास अघाडी की एकता पर संकट

    BMC ELECTION में कांग्रेस की अकेले लड़ने की घोषणा से महाविकास आघाड़ी (MVA) में असहजता बढ़ गई है। शिवसेना (UBT) की मनसे से नज़दीकी को लेकर कांग्रेस की असहमति सामने आई, जबकि एनसीपी (SP) गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने के पक्ष में है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव को लेकर कांग्रेस के अकेले लड़ने के फैसले ने महाविकास आघाड़ी की एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि शिवसेना (UBT) की मनसे के साथ बढ़ती राजनीतिक नज़दीकियां उनके उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकती हैं। हालांकि शिवसेना (UBT) कांग्रेस से पुनर्विचार की अपील कर रही है, जबकि एनसीपी (शरद पवार) मनसे को साथ लेकर संयुक्त मुकाबले की पक्षधर है। इस राजनीतिक खींचतान ने आगामी मनपा चुनावों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।

    कांग्रेस के फैसले से MVA में हलचल

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने साफ कहा है कि कांग्रेस बीएमसी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। इससे MVA में असहजता बढ़ी है, क्योंकि गठबंधन का मकसद भाजपा को रोकना था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के अकेले लड़ने से वोटों का बंटवारा होगा, जिससे भाजपा को सीधी बढ़त मिल सकती है।

    मनसे को लेकर कांग्रेस की बड़ी चिंता

    कांग्रेस की असहमति की सबसे बड़ी वजह है—
    🔹 शिवसेना (UBT) और मनसे की बढ़ती समीपता
    🔹 उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक का संभावित नुकसान

    कांग्रेस का मानना है कि मनसे के साथ जुड़ाव उसकी विचारधारा के विपरीत है, क्योंकि मनसे पहले उत्तर भारतीयों के खिलाफ आक्रामक रुख के लिए जानी जाती रही है।

    कांग्रेस में भी दो धड़े, राय में मतभेद

    कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति भी खुलकर सामने आई है।
    एक धड़ा — स्थानीय समीकरण के आधार पर मनसे के साथ गठबंधन का समर्थक
    दूसरा धड़ा — मनसे के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन के खिलाफ

    मुंबई के राजनैतिक विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस को जल्द स्पष्ट रुख लेना होगा, वरना गैर-मराठी और गैर-हिंदू वोटों का विभाजन भाजपा के लिए रास्ता आसान बना देगा।

    एनसीपी (SP) एकता के पक्ष में

    एनसीपी (शरद पवार) गठबंधन की मजबूती के लिए MNS को साथ लेकर संयुक्त मुकाबले की वकालत कर रही है। इसी संदर्भ में वर्षा गायकवाड़ की टीम ने शरद पवार से मुलाकात भी की है, लेकिन कांग्रेस अपने निर्णय पर कायम है।

    शिवसेना (UBT) ने किया पुनर्विचार का आग्रह

    उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना कांग्रेस को साथ रखने की कोशिश जारी रखे हुए है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा—
    🔹 “मनसे के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस की नाराज़गी व्यक्तिगत मामला हो सकता है।”
    🔹 “जनता चाहती है कि शिवसेना और मनसे साथ आएं।”

    दूसरी ओर, मनसे ने MVA में शामिल होने से इनकार करते हुए कांग्रेस को “अमीबा” कहा, जिस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए “गिरगिट” जैसी टिप्पणी की।

    बीएमसी चुनाव — बड़ा राजनीतिक समीकरण

    • राज्य की 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायतों के चुनाव 2 दिसंबर को
    • बीएमसी के चुनाव जनवरी 2026 में होने की संभावना
    • वर्तमान हालात में भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में दिख रही है
    • कांग्रेस के अकेले उतरने से विपक्ष का वोट बैंक टूट सकता है

    FAQ

    प्रश्नउत्तर
    क्या कांग्रेस MVA से अलग हो रही है?नहीं, गठबंधन बरकरार है, लेकिन बीएमसी चुनाव कांग्रेस स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहती है।
    कांग्रेस मनसे के साथ क्यों नहीं है?कांग्रेस का कहना है कि मनसे के पुराने रुख से उसके परंपरागत वोटरों को नुकसान हो सकता है।
    क्या विपक्षी वोट बंटेंगे?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फैसले से भाजपा को सीधा लाभ मिल सकता है।
    क्या अंतिम निर्णय बदल सकता है?शिवसेना (UBT) लगातार आग्रह कर रही है, लेकिन इस समय कांग्रेस अपने फैसले पर अडिग है।
  • दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया। राज ठाकरे ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को निर्देश दिया कि 24 घंटे में आरोपी को ट्रेस किया जाए। CCTV फुटेज की जांच शुरू।

    मुंबई: दादर इलाके में स्थित शिवाजी पार्क के पास लगी मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर बुधवार सुबह किसी अज्ञात शख्स ने रेड पेंट फेंक दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया।

    राज ठाकरे का सख्त रुख – “24 घंटे में चाहिए आरोपी”

    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे दोपहर को खुद शिवाजी पार्क पहुंचे और घटना स्थल का मुआयना किया। उन्होंने मौके पर मौजूद मुंबई पुलिस अधिकारियों को साफ कहा,
    “हर एक CCTV चेक करो और 24 घंटे के अंदर आरोपी को पकड़ो।”

    राज ठाकरे के साथ पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे और उन्होंने साफ कर दिया कि ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    शिवसेना (UBT) भी हुई एक्टिव, मूर्ति की साफ-सफाई कर पहनाया माला

    घटना की खबर मिलते ही शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ता भी तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने मूर्ति को साफ किया और नई माला पहनाई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी शाम को स्थल पर जाकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

    शिवाजी पार्क का महत्व – सिर्फ एक पार्क नहीं, राजनीति का केंद्र

    शिवाजी पार्क सिर्फ एक सार्वजनिक स्थान नहीं है, बल्कि ये महाराष्ट्र की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहीं पर बाला साहेब ठाकरे की याद में मेमोरियल भी है और मीनाताई ठाकरे की मूर्ति भी उसी क्षेत्र में है। मूर्ति पर हुए इस हमले को राजनीतिक और भावनात्मक रूप से गंभीर माना जा रहा है।

    पुलिस ने दर्ज किया केस, CCTV फुटेज खंगालने का काम शुरू

    शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धारा 298 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धार्मिक स्थान को अपवित्र करने से जुड़ी है। पुलिस अब आसपास के सभी CCTV कैमरों की फुटेज चेक कर रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।

    लोगों में गुस्सा, बोले – वहां तो हमेशा गार्ड होता है!

    स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में हमेशा एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहता है, फिर भी ये हरकत हो जाना हैरान करने वाली बात है। सभी ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • राज ठाकरे की मनसे पर पुलिस का डंडा चलेगा? वकीलों ने डीजीपी से मदद मांगी

    राज ठाकरे की मनसे पर पुलिस का डंडा चलेगा? वकीलों ने डीजीपी से मदद मांगी

    एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पत्र में विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली क्षेत्र में आयोजित रैली में दिए गए भाषण का उल्लेख किया गया है। Will police action be taken against Raj Thackeray’s MNS? Lawyers sought help from DGP

    मुंबई: शहर के तीन वकीलों ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक पत्र लिखकर राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के खिलाफ हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा गैर-मराठी भाषी लोगों पर कथित हमलों के लिए कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है। एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पत्र में विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली इलाके में एक रैली में दिए गए भाषण का हवाला दिया गया है। इसमें दावा किया गया है कि ठाकरे ने गैर-मराठी भाषी लोगों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया, स्थानीय दुकानदारों पर हमला किया और धमकियाँ दीं।

    देश के लिए खतरा बताया

    रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह की घटनाओं को देश की एकता, शांति और अखंडता के लिए खतरा बताते हुए, पत्र में पुलिस से मुख्य साजिशकर्ताओं और “राष्ट्र-विरोधी” तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, अधिवक्ता पंकज मिश्रा, नित्यानंद शर्मा और आशीष राय द्वारा लिखे गए पत्र में इन घटनाओं को “गंभीर और गैरकानूनी स्थितियाँ” बताया गया है जो सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था के लिए ख़तरा हैं।

    हमले और अपमान

    इसके अलावा, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि प्रत्येक भारतीय नागरिक का मराठी भाषा का सम्मान करना कर्तव्य है, पत्र में आरोप लगाया गया है कि मनसे कार्यकर्ता हाल ही में राज्य में रहने वाले गैर-मराठी भाषी व्यक्तियों पर हमले और सार्वजनिक रूप से अपमान करने की घटनाओं में शामिल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसमें दावा किया गया है कि ऐसी घटनाएँ राष्ट्रीय अखंडता और सह-अस्तित्व के लिए गंभीर ख़तरा हैं और न केवल महाराष्ट्र में, बल्कि पूरे देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति ख़राब कर दी है।

    भाषणों की होगी जांच

    वकीलों ने डीजीपी से मनसे नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं, जिन्हें वर्तमान में पुलिस सुरक्षा प्राप्त है, के भाषणों और हिंसक कार्रवाइयों की जाँच शुरू करने का आग्रह किया है। रिपोर्ट के मुताबिक पत्र में कहा गया है कि भय का माहौल बनाने के दोषी पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में सद्भाव को नुकसान पहुँचेगा, और यह भी कहा, कि असंवैधानिक बयान देने वालों को दंडित किया जाना चाहिए।

    मार पीट और तोडफोड

    इसके अलावा, एक अलग घटना में, मनसे कार्यकर्ताओं ने हाल ही में मुंबई से सटे मिराभायंदर क्षेत्र में एक मिठाई की दुकान के मालिक की मराठी न बोलने पर पिटाई कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने की शुरुआत में, मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई के शेयर बाजार निवेशक सुशील केडिया के वर्ली स्थित कार्यालय पर पथराव करते हुए शीशे के दरवाज़े को तोड़ दिया, क्योंकि उन्होंने घोषणा की थी कि वह मराठी नहीं बोलेंगे और पार्टी प्रमुख राज ठाकरे को चुनौती दी थी।