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  • ट्रैफिक जाम ने ली एक महिला की जान, 3 घंटे तक फंसी रही एम्बुलेंस

    ट्रैफिक जाम ने ली एक महिला की जान, 3 घंटे तक फंसी रही एम्बुलेंस

    महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहें लोगों दर्द आखिरकार एक महिला को अपनी जान गवां कर प्रकाश में लाना पड़ा है। जबकि लगातार हो रही जनता की मांगों पर सरकार को ध्यान देने की जरुरत है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    पालघर से मुंबई के बीच एक महिला की मौत ने पूरे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और यहां की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है। एक साधारण सी दुर्घटना और अस्पताल तक पहुचने में 49 वर्षीय छाया पुरव की मौत हो गई। कारण 3 घंटो तक एम्बुलेंस ट्रैफिक मे फंसा रहा और अस्पताल तक पहुंच ही नही पाया कि छाया ने दम तोड़ दिया। पति लगातार एम्बुलेंस में बैठे बैठे डॉक्टरों के संपर्क में था। पर ट्रैफिक मे फंसे होने की वजह से बेबस और लाचार अपनी पत्नी को निहारता और दिलासा देता रहा और छाया ने दम तोड़ दिया। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    पेड़ की टहनी गिरने से हुआ हादसा

    31 जुलाई को पालघर के अपने घर के पास खड़ी छाया पूरव के सिर पर अचानक एक भारी पेड़ की टहनी गिर गई। इस हादसे में उनके सिर, कंधे और रीढ़ की हड्डी पर गंभीर चोटें आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि इतनी गंभीर चोटों के लिए यहां जरूरी सेवाएं नही है, पूरे पालघर जिले में इस तरह के अपघात पर इलाज हो पाना मुश्किल है। मजबूरी में पीड़ित के परिजनों को उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल रेफर करना पड़ा। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    हाईवे पर हुआ मौत से जंग

    2 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे छाया पूरव को एम्बुलेंस के जरिए मुंबई के लिए रवाना किया गया। सामान्य परिस्थितियों में पालघर से मुंबई 100 किलोमीटर का सफर लगभग 2 घंटे में तय हो सकता था। लेकिन जैसे ही NH-48 Mumbai-Ahmedabad Highway पर एम्बुलेंस पहुंची, वहां लंबा और भारी ट्रैफिक जाम लगा हुआ था, गाड़ियां रेंग-रेंगकर चल रही थीं। एम्बुलेंस के ड्राइवर ने कई बार हॉर्न और सायरन बजाकर रास्ता बनाने की कोशिश की, लेकिन जाम इतना था कि गाड़ियां किनारे नहीं हो पा रहीं थी। मरीज की हालत धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही थी, लेकिन जाम के आगे सब बेबस थे। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    3 घंटो तक जाम में फंसे रहे

    शाम 6 बजे तक एम्बुलेंस सिर्फ 70 किलोमीटर का ही सफर तय कर पाई। यानी तीन घंटे बाद भी मरीज मुंबई के अस्पताल से काफी दूर थी। इस बीच छाया पूरव की हालत गंभीर होती चली गई। उनके पति, जो एम्बुलेंस में साथ थे, डॉक्टरों से लगातार फोन पर बात कर रहे थे, लेकिन स्थिति बिगड़ने के कारण उन्हें मीरा रोड के ऑर्बिट अस्पताल में भर्ती करने का फैसला किया गया। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    मिरारोड पहुंचाने से पहले हो गई मौत

    हिंदुजा अस्पताल से सिर्फ 30 किलोमीटर पहले ऑर्बिट अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत जांचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत ने परिवार को गहरा सदमा दे दिया और यह सवाल छोड़ दिया कि अगर ट्रैफिक जाम न होता या पालघर में बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं होतीं, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    महाराष्ट्र में ट्रैफिक और स्वास्थ्य समस्याओं पर सवाल

    यह घटना कई गंभीर सवाल खड़ा कर गई – क्यों पालघर जैसे बड़े जिले में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा नहीं है? क्यों हाईवे पर आपातकालीन वाहन के लिए अलग ग्रीन कॉरिडोर नहीं बनाया जाता? क्यों हमारी यातायात प्रबंधन प्रणाली इतनी कमजोर है कि जान बचाने वाली गाड़ियां भी जाम में फंस जाती हैं? आपातकालीन चिकित्सा सहायता में समय की कीमत जिंदगी से ज्यादा कुछ नहीं हो सकती। यह घटना सरकार और प्रशासन के लिए चेतावनी है कि तुरंत ट्रैफिक और हेल्थकेयर व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    सिस्टम में बदलाव की जरूरत

    विशेषज्ञों का मानना है कि राजमार्ग आपातकालीन प्रबंधन को अपग्रेड करना, एम्बुलेंस ट्रैकिंग सिस्टम लागू करना और जन जागृती बढ़ाना बेहद जरूरी है। लोगों को भी यह समझना होगा कि जब एम्बुलेंस की सायरन सुनाई दे, तो तुरंत रास्ता दे देना चाहिए। यह सिर्फ कानून कायदा ही नहीं, बल्कि इंसानियत का कानून भी है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

  • भयानक भयंदर हत्याकांड में 13 साल की तलाश हुई ख़त्म, दिल्ली से हुआ गिरफ्तार

    भयानक भयंदर हत्याकांड में 13 साल की तलाश हुई ख़त्म, दिल्ली से हुआ गिरफ्तार

    मिराभायंदर के दर्दनाक हत्याकांड में 13 सालों से फरार गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को पुलिस ने दिल्ली के नया बाजार से गिरफ्तार किया है। खुद की पहचान बदल कल रह रहा था और उसने दूसरी शादी भी कर ली थी। लेकिन एक फोन कॉल ने सारा राज खोल दिया। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    मुंबई: एक दशक से अधिक समय तक फरार रहने के बाद, मुंबई पुलिस ने आखिरकार शहर की सबसे भीषण अनसुलझी हत्याओं में से एक के संदिग्ध को पकड़ लिया। 30 जून को मीरा-भयंदर-वसई-विरार (MBVV) अपराध शाखा के अधिकारियों ने 34 वर्षीय गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को दिल्ली के नया बाजार से गिरफ्तार किया है। इसने रिश्तेदार की हत्या तो की साथ ही उसके गुप्तांग भी कांटकर फरार हो गया था। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    क्रुर हत्या

    चौधरी मई 2012 से अपने करीबी रिश्तेदार, 35 वर्षीय सुरेशकुमार सूर्यनारायण चौधरी की भयंदर (ठाणे) में क्रूर हत्या के लिए वांटेड चल रहा था। पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित 28 मई, 2012 को अपने घर में मृत पाया गया था, उसके शरीर पर कई चाकू के घाव थे – जांचकर्ताओं ने कहा, “हत्या इतनी क्रूरता से की गई थी कि आरोपी चाकू घोंपने तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि उसके गुप्तांग को भी कांट दिया था।” 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    पुलिस ने क्या कहा?

    चौधरी की गिरफ़्तारी पुलिस के लिए एक चौंकाने वाली सफलता है। पुलिस का कहना है कि हत्या के तुरंत बाद चौधरी मौके से भाग गया और 13 साल तक पुलिस की पकड़ से बचता रहा। वहां, वह एक नकली पहचान के साथ रह रहा था और यहाँ तक कि उसने दोबारा शादी भी कर ली। एक विशेष MBVV इकाई ने आखिरकार सोमवार को उसे दिल्ली के नया बाज़ार में ट्रैक किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “मीरा-भयंदर वसई-विरार पुलिस की एक टीम ने 2012 की हत्या के मामले में नई दिल्ली से गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को पकड़ लिया है।” हिरासत में, चौधरी को अब नई भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या और अंग-भंग करने के आरोपों का सामना करना पड़ सकता है।” 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    आरोपी ने किया पूर्व पत्नी को कॉल

    जांचकर्ताओं ने इस बात की जांच की कि इतने सालों बाद चौधरी की पहचान कैसे हुई? उनका कहना है कि यह सफलता एक नियमित सूचना से मिली: चौधरी की पूर्व पत्नी (जो तब से बिहार चली गई थी) को दिल्ली के एक नंबर से लगातार कॉल आ रही थी। तकनीकी खुफिया जानकारी के माध्यम से इन कॉलों का पता लगाकर जासूसों ने उस पर ध्यान केंद्रित किया। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    अवैध संबंध में हुई हत्या

    क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया, कि “हमें तब पता चला कि उसे दिल्ली से कॉल आ रही थी… हमने आरोपी गोविंदकुमार जगतनारायण चौधरी की पहचान एक दुकान से की।” एक बार घेर लिए जाने के बाद, चौधरी ने कथित तौर पर कबूल किया कि उसे लगता था कि सुरेशकुमार का उसकी पत्नी के साथ संबंध था – एक ऐसा मकसद जिस पर लंबे समय से संदेह था। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि हत्या इस कथित अवैध संबंध को लेकर ईर्ष्या के कारण की गई थी। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    पुलिस की दृढ़ता का प्रमाण

    अब चौधरी सलाखों के पीछे सुरक्षित हैं और उसे लंबे समय से बंद पड़े मामले में सजा का सामना करना पड़ रहा है। कानूनी कार्यवाही लंबित रहने तक उसे हिरासत में रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी “तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण खुफिया सूचनाओं सहित लगातार प्रयासों” का परिणाम है – ठंडे मामलों को सुलझाने में मुंबई पुलिस की दृढ़ता का प्रमाण भी है। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    खौफ का नजारा

    अपराध की भयावह प्रकृति ने लोगों में फिर से खौफ पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासी क्रूरता को याद करते हैं और मीडिया आउटलेट कहानी को फिर से दिखा रहे हैं, यह रेखांकित करते हुए कि कैसे एक पुरानी हत्या भी शहर की अंतरात्मा को झकझोर सकती है। फिलहाल, मुंबई केवल यह देख सकता है कि कैसे कानूनी व्यवस्था एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ खुलती है जो बहुत लंबे समय तक न्याय से बचता रहा हो। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

  • Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    पुलिस भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 59 वर्षीय रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के और भी कई अपराधिक मामले दर्ज है। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    मुंबई: पुलिस भर्ती 2021 में नौकरी दिलाने के बहाने 59 वर्षीय मुंबई पुलिस के सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से 6 लाख 99 हजार 500 रुपये ऐठ लिए। जबकि सारा लेनदेन महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) में कार्यरत 34 वर्षीय फरियादी वैभव रोहिदास ने बैंक खाते के जरिए किया था। वाद विवाद के बाद आरोपी ने फरियादी को बैंक का चेक देकर मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बाद में चेक भी बाउंस हो गया। आखिरकार फरियादी ने इसकी शिकायत बोरीवली पुलिस से कर दी। जिसमें फरियादी ने बताया, कि आरोपी रामसिंग बाळा डोलगे और हसमुख विनोदभाई वाघेला इन दोनों ने मिलकर पुलिस भर्ती 2021 के माध्यम से नौकरी दिलाने के बहाने पैसों की ठगी की। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

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    बोरीवली पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर

    उच्च अधिकारियों का मिला था निर्देश

    बोरीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे ने बताया, कि फरियादी वैभव रोहिदास तरे महाराष्ट्र सुरक्षा बल में कार्यरत है। जो पालघर जिला, सफाळे तालुका के उबंरपाडे का मुल निवासी हैं। पुलिस भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जांच कर गुनाह दर्ज करने के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा निर्देश दिये गये थे। उसी आधार पर 20/09/2024 को बोरीवली पुलिस थाने में गु.र.क्र 707/2024 भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के साथ ही साथ डिजिटल लेनदेन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (ड) के तहत मामला दर्ज किया गया था। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    जांच मे नही मिला सहयोग

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि तत्पश्चात जांच में सहयोग के लिए आरोपी को नोटिस दिया गया था। लेकिन आरोपी ने कभी भी जांच मे सहयोग नही किया और ना ही पुलिस थाने में हाजिर हुआ। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जांच में सहयोग नही करने के कारण बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तारी की मांग करते हुए मुंबई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त के समक्ष अर्जी की। जिसके बाद उन्हें ऑर्डर मिल गए। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    गुनाह कबूल कर लिया

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि ऑर्डर मिलते ही 12 जुन 2025 को दादर स्थित आरोपी की जांच के लिए एक टीम को भेजा गया। पुलिस ने बताया कि 59 वर्षीय आरोपी रामसिंग बेळा डोलगे, रुम नं 08, बी डी डी चाल के 10/ए का रहने वाला है। जो पुलिस मैदान के पास नायगांव, दादर पुर्व में स्थित है। वहां से जब आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो उसने अपना गुनाह कबूल किया। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    आरोपी के खिलाफ और भी मामले हैं दर्ज

    बोरीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे ने अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी के बेटे पंकज डोलगे को फोन कर इसकी जानकारी दी गई और न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से 16 जून तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश मिले हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ 2016 में मिरारोड पुलिस थाने, 2022 में बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने और 2017 में जोगेश्वरी पूर्व के मेघवाडी पुलिस थाने अंतर्गत इसी तरह के धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

  • बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    Mumbai Crime News: बिल्डर सदरुद्दीन को मारने के लिए आरोपी ने शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। बिल्डर पर पैसे गबन करने का आरोप .. (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    Mumbai Crime News: मुंबई के चेंबूर इलाके में बिल्डर पर फायरिंग के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, बेलापुर के रहने वाले बिल्डर सदरुद्दीन खान पर चेंबूर के डायमंड गार्डन के पास बुधवार रात को गोलीबारी हुई थी। इस मामले को लेकर मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि फायरिंग पैसों के लेन-देन को लेकर हुई है। मिरारोड के रहने वाले फिरोज खान ने बिल्डर की हत्या करने के लिए शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित 50 वर्षीय बिल्डर सदरुद्दीन खान पर भी कई अपराधिक रिकार्ड दर्ज है। खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मिरारोड के रहने वाले मुख्य आरोपी फिरोज खान को मुंबई क्राईम ब्रांच ने उसके घर से गिरफ्तार किया है। जबकि, सदरुद्दीन पर गोलियां चलाने वाले शूटर अफसर खान को लोकल पुलिस ने धारावी इलाके से गिरफ्तार किया। 20 वर्षीय शूटर अफसर खान वारदात के बाद से ही धारावी में छिपा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    जमीन विवाद में की हत्या की साजिश

    मीरा रोड से गिरफ्तार फिरोज खान का दावा है कि मुंब्रा के शीलफाटा इलाके में उसकी एक एकर जमीन उसने सदरुद्दीन को 9 करोड़ रुपये में बेची थी। सदरुद्दीन ने वो जमीन खरीद तो ली लेकिन उसके बदले में पैसे नहीं दिए, बल्कि पैसों के लिए टाल-मटोल करता रहा। फिरोज ने आगे दावा किया कि इसी बीच सदरुद्दीन ने उस जगह पर बिल्डिंग बनाकर उसे बेच भी दिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    आरोपी ने ये भी दावा किया कि लगातार 2 सालों से पैसे की मांग पर भी सदरुद्दीन उसे पैसे नहीं दे रहा था, जिसकी वजह से उसने सदरुद्दीन को मारने की प्लानिंग की और शूटर अफसर को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले मुंबई बुला लिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    हमले से पहले इलाके की रेकी

    वहीं सूत्रों ने दावा किया है कि शूटर ने सदरुद्दीन पर हमला करने से पहले कई बार बिल्डर का पीछा किया और पूरे इलाके की रेकी भी की। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, फायरिंग वाली रात फिरोज बाइक चला रहा था और शूटर अफसर पीछे बैठा था। सायन इलाके से दोनों सदरुद्दीन का पीछा कर रहे थे और जैसे ही गाड़ी चेंबूर के डायमंड गार्डन के सिग्नल पर रुकी वैसे ही फिरोज ने शूटर को फायरिंग के लिए कहा। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    कब हुई फायरिंग ?

    पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आरोप है कि 50 वर्षीय खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहा हैं। इसके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना उस समय हुई जब खान अपनी लग्जरी एसयूवी गाड़ी से धारावी स्थित कार्यालय से नवी मुंबई के लिए अपने घर लौट रहा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

  • Mumbai New Year: पार्टी में म्यूजिक की आवाज बढ़ाने को लेकर मारपीट, एक की मौत, चार गिरफ्तार

    Mumbai New Year: पार्टी में म्यूजिक की आवाज बढ़ाने को लेकर मारपीट, एक की मौत, चार गिरफ्तार

    New Year 2025: बुधवार को नए साल की पार्टी में म्युजिक साउंड को लेकर विवाद के बीच मारपीट से एक युवक की गुरूवार को मौत हो गई है। वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस ने चार लोगों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – नऐ साल की शुरुआत में ही मामूली विवाद को लेकर लोगों ने 23 वर्षीय युवक की पीट पीट कर हत्या कर दी। वहीं मृतक का दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल का मुंबई के केईएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना मुंबई के पास मीरा रोड की है। यहां कथित तौर पर पिटाई के कारण घायल 23 वर्षीय युवक की गुरुवार को मौत हो गई। मृतक की पहचान राजा परियार के तौर पर हुई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    सुबह तक चलती रही पार्टी

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी सुबह करीब 3 बजे की है। म्हाडा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में नए साल का जश्न चल रहा था। पार्टी में म्यूजिक सिस्टम की तेज आवाज पर दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों पक्षों में बहस होने लगी। देखते-देखते विवाद ने हिंसक हो गया। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस ने बताया कि आशीष जाधव, अमित जाधव, उसके पिता प्रकाश जाधव और प्रमोद यादव ने कथित तौर पर राजा परियार के साथ मारपीट की। राजा परियार पर लकड़ी के डंडों से हमला किया गया। सिर पर डंडा पड़ने के बाद पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया। परियार का सहयोगी विपुल राय भी हमलावरों के निशाने पा आ गया। हमलावरों ने लोहे की रॉड से विपुल राय पर भी वार किया। हमले में परियार और राय को गंभीर चोट आ गई। इसी बीच नए साल की पार्टी में मारपीट के कारण अफरा तफरी मच गई। दोनों घायलों को मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल ले जाया गया। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    नए साल की पार्टी में मारपीट

    इलाज के दौरान राजा परियार ने गुरुवार सवेरे दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि विपुल राय की भी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आशीष जाधव, अमित जाधव, प्रकाश जाधव और प्रमोद यादव को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

  • मिराभायंदर महापालिका अधिकारियों की मनमानी-

    मिराभायंदर महापालिका अधिकारियों की मनमानी-

    • सूचना-प्रसारण विभाग के आदेश के बावजूद भी नहीं लगाए सीसीटीवी कैमरे।
    • भ्रष्टाचार के आरोप पर महापालिका आयुक्त का कार्यवाही को लेकर आश्वासन।

    इस्माईल शेख
    मिराभायंदर-
    महापालिका प्रभाग क्रमांक 6 की कार्यालय, इमारत में सी. सी. टी.वी. कैमरे लगाये जाने के राज्य सरकार द्वारा दिनांक 4 मार्च 2013 को ही जारी निर्देश के उपरांत भी मिराभायंदर महापालिका अधिकारियों ने सरकारी प्रभाग क्रमांक 6 के कार्यालय की इमारत में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए। इसे महापालिका अधिकारियों की मनमानी कार्यप्रणाली माना जा रहा है। ऐसी शिकायत एक स्थानीय पत्रकार ने की है।

    आपको राज्य सरकार द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, बता दें, कि इसी तरह का आदेश पूणे नगर महापालिका एवं अन्य नगर पालिकाओं को भी निर्देश दिए गए हैं जहां कि सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। शिकायत में कहा गया है, कि मिराभायंदर महापालिका अंतर्गत प्रभाग क्रमांक 6 में नया कार्यालय करदाताओं के पैसे से बनाया गया है, यहां सरकारी परिपत्र के अनुसार, सरकारी कार्यालय में सीसीटीवी लगाया जाना चाहिए। जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। पिछले 6 महीनों से यहां सरकारी दफ्तर मैं अधिकारी एवं कर्मचारी काम तो कर रहे हैं। लेकिन सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर इन्हें कुछ खास रुझान नहीं दिखाई पड़ रहा है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/31/has-municipal-corporations-p-north-ward-become-infamous-for-earning-wealth-illegally
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    महापालिका, भ्रष्टाचार,
    महाराष्ट्र राज्य परिपत्र एवं महापालिका को दी गई शिकायत पत्र की तस्वीर

    मिराभयंदर महापालिका का भ्रष्टाचार..

    महाराष्ट्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने 4 मार्च 2013 को सीसीटीवी कैमरा परियोजना के कार्यान्वयन के लिए एक परिपत्र जारी किया है। उक्त परिपत्र के अनुसार सभी सरकारी कार्यालयों को इन निर्देशों के अनुसार कार्य करने का आदेश दिया गया है। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में सी. सी.टी.वी कैमरे आईपी बेस होने के लिए बाध्य किया गया है। जो भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए अति आवश्यक माना गया है। आपको जानकारी देते हुए बता दें, कि मीरा रोड के मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर काशीमीरा पुलिस स्टेशन के बगल में मीरा भयंदर महापालिका प्रभाग क्रमांक 6 का नया कार्यालय की इमारत पिछले 6 महीनों से शुरू कर दिया गया है।

    मुंबई वॉच अखबार के संपादक एवं पत्रकार प्रमोद देठे ने मीरा भयंदर महापालिका आयुक्त दिलीप ढ़ोले साहब को एक पत्र देकर इस विषय पर संबंधित कांट्रैक्टर अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ जांच के साथ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस मौके पर कहा, कि “शासनादेश का उल्लंघन करने वाले संबंधित विभाग के अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाए और जिम्मेदार ठेकेदारों, नगर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।” मौके पर महापालिका आयुक्त दिलीप ढ़ोले साहब ने कार्यवाही का एवं जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे लगवाने का आश्वासन दिया।

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