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  • MHT-CET पर वायरल वीडियो के बाद क्या हो रहा है? CET Cell ने पुलिस जांच क्यों मांगी

    MHT-CET पर वायरल वीडियो के बाद क्या हो रहा है? CET Cell ने पुलिस जांच क्यों मांगी

    MHT-CET परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद महाराष्ट्र CET Cell ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र साइबर पुलिस से जांच की मांग की है। जानिए पूरा मामला और छात्रों पर इसका क्या असर पड़ सकता है।

    मुंबई: क्या MHT-CET परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी? सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो के बाद यह सवाल कई छात्रों और अभिभावकों के मन में उठने लगा है। हालांकि इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) Cell ने पूरे मामले की जांच के लिए मुंबई के आजाद मैदान पुलिस स्टेशन और महाराष्ट्र साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

    परीक्षा प्राधिकरण का कहना है कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के प्रसारित सामग्री छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम फैला सकती है तथा सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए तथ्यों की जांच आवश्यक है।

    क्या है पूरा मामला?

    CET Cell के अनुसार सोशल मीडिया पर MHT-CET परीक्षा से जुड़े दो वीडियो वायरल हुए हैं। इन वीडियो में परीक्षा की पारदर्शिता और संचालन को लेकर कई दावे किए गए हैं।

    हालांकि प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पुलिस और साइबर पुलिस से अनुरोध किया गया है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जाए और यदि किसी प्रकार का कानूनी उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

    CET Cell ने पुलिस से क्या मांग की है?

    शिकायत में CET Cell ने कहा है कि वायरल वीडियो तैयार करने, अपलोड करने और प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि साझा की गई जानकारी तथ्यात्मक है या नहीं।

    यदि जांच में किसी प्रकार की गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने का मामला सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

    छात्रों और अभिभावकों के लिए इसका क्या मतलब है?

    फिलहाल छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है।

    अब तक CET Cell ने परीक्षा रद्द करने, परिणाम रोकने या परीक्षा प्रक्रिया में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है।

    यह कार्रवाई केवल सोशल मीडिया पर वायरल दावों की सत्यता की जांच के लिए की गई है। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी जाती है।

    आगे क्या होगा?

    अब मामले की जांच मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र साइबर पुलिस करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    यदि वायरल दावे सही पाए जाते हैं तो संबंधित तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी, और यदि दावे भ्रामक पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कदम उठाए जा सकते हैं।

    MHT-CET से जुड़े वायरल वीडियो की सच्चाई अभी जांच के दायरे में है। ऐसे में किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने के बजाय छात्रों और अभिभावकों को केवल महाराष्ट्र CET Cell और संबंधित सरकारी एजेंसियों की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।

    Official Sources

    FAQ

    MHT-CET मामले में शिकायत किसने दर्ज कराई है?

    महाराष्ट्र स्टेट CET Cell ने मुंबई के आजाद मैदान पुलिस स्टेशन और महाराष्ट्र साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

    क्या MHT-CET परीक्षा रद्द हो गई है?

    नहीं। अभी तक परीक्षा रद्द करने या परिणाम रोकने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

    क्या वायरल वीडियो सही साबित हो चुके हैं?

    नहीं। वीडियो में किए गए दावों की जांच की जा रही है। उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    छात्रों को क्या करना चाहिए?

    केवल महाराष्ट्र CET Cell की आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी सूचना पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर चल रहे अपुष्ट दावों से बचें।

  • कॉलेज में एडमिशन प्रोसेस को लेकर बड़ा बदलाव – महाराष्ट्र शिक्षा मंत्री दादा भूसे

    कॉलेज में एडमिशन प्रोसेस को लेकर बड़ा बदलाव – महाराष्ट्र शिक्षा मंत्री दादा भूसे

    FYJC 11th Admission Maharashtra: राज्य सरकार ने ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले एक ऐसा नियम लागू किया है, जो सीधे तौर पर इन-हाउस कोटे को प्रभावित कर दिया है। साथ ही केंद्र से मराठी भाषा को प्रावधान देने की अपील..

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र के कई शहरों में कक्षा 11वीं में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बढ़ी खबर है। 11वीं के एडमिशन को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। एडमीशन प्रकृया में अब इन-हाउस कोटे को हटाकर ऑनलाइन एडमीशन के जरिए सरकार ने ज्यादा से ज्यादा छात्रों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। इसमें मैरिट के आधार पर एडमीशन प्रकृया होगी। साथ ही पोर्टल की समस्या को भी दूर कर दिया गया है।

    क्या है बदलाव?

    अब तक जिन छात्रों को एक ही संस्था के स्कूल से 10वीं पास करने के बाद उसी संस्था के कॉलेज में आसानी से दाखिला मिल जाता था, अब उनके सामने एक नई चुनौती आ सकती है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब इन-हाउस कोटे का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिनका स्कूल और जूनियर कॉलेज एक ही कैंपस में स्थित होगा। यानी अगर कोई संस्था अलग-अलग जगहों पर स्कूल और कॉलेज चला रही है, चाहे वह कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर क्यों न हो, तो भी उन्हें अब इन-हाउस कोटा नहीं मिलेगा। Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    एक साथ होने चाहिए स्कूल और कॉलेज

    महाराष्ट्र सरकार ने कक्षा 11वीं की ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले एक नया नियम लागू किया है, जिससे राज्य के कई जूनियर कॉलेजों में इन-हाउस कोटे से दाखिले पर असर पड़ सकता है। नए नियम के मुताबिक, अब केवल उन्हीं संस्थानों में इन-हाउस कोटा लागू होगा, जहां स्कूल और जूनियर कॉलेज एक ही परिसर (कैंपस) में स्थित हैं।

    अबतक क्या हो रहा था?

    अब तक की यह व्यवस्था थी कि अगर स्कूल और कॉलेज एक ही संस्था द्वारा संचालित हैं, तो अलग-अलग कैंपस में होने पर भी इन-हाउस कोटे का लाभ उन स्कूल और कॉलेज के बच्चों को मिलता था। लेकिन अब यह सुविधा केवल उन्हीं को मिलेगी जिनका स्कूल और कॉलेज एक ही जगह है। इससे राज्य भर के कई प्रमुख कॉलेज प्रभावित हो सकते हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर स्कूल और कॉलेज चलाते हैं।

    छात्रों को होगा फायदा

    पुणे में बच्चों की किताबों की एक प्रदर्शनी के दौरान महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे ने कहा, “यह बदलाव छात्रों के भले के लिए किया गया है। अगर किसी संस्था को कोई आपत्ति है, तो हम उनकी बात सुनने के लिए तैयार हैं।”

    मेरिट के आधार पर मिलेगा एडमिशन

    मंत्री दादा भूसे ने बताया कि ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम को इस तरह से बदला गया है जिससे अब सभी छात्रों को मेरिट के आधार पर एडमीशन मिलेगा। उन्होंने कहा, कि “पहले कई बार देखा गया कि अच्छे नंबर लाने वाले छात्र प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिला नहीं ले पाते थे। अब ऐसा नहीं होगा।”

    पोर्टल की परेशानी हुई दूर

    मंत्री ने यह भी बताया कि ऑनलाइन आवेदन पोर्टल में 100 रुपये फीस भरने में आ रही तकनीकी परेशानी अब ठीक कर दी गई है। उन्होंने कहा,”मैंने खुद इसकी निगरानी की है। अब यह प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के चलेगी।”

    अब पूरे महाराष्ट्र में लागू होगी ऑनलाइन प्रक्रिया

    पहले यह ऑनलाइन एडमिशन प्रणाली मुंबई, पुणे, नागपुर और अमरावती जैसे शहरों में ही लागू थी। इस साल इसे पूरे महाराष्ट्र में लागू किया जा रहा है। मंत्री ने माना कि ग्रामीण इलाकों में छात्रों को नेटवर्क और स्मार्टफोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकार छात्रों के हित में लंबे समय के सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है।

    मराठी भाषा को लेकर भेजा प्रस्ताव

    भूसे ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को तीन प्रमुख सुझाव भेजे हैं। पहला, छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, दूसरा मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिले और तीसरा गैर-मराठी स्कूलों में मराठी पढ़ाना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि “CBSE द्वारा मराठी को अनिवार्य करना इसी दिशा में हमारी कोशिशों का नतीजा है।”