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    Mumbai Crime: होटल के बाहर युवक पर खूनी हमला

    Kandivali West में Mumbai Crime का सनसनीखेज मामला, होटल के बाहर युवक पर हमला, दोनों आंखों में गंभीर चोट, आरोपी गिरफ्तार।

    मुंबई: मुंबई उपनगरों में बढ़ते अपराध को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कांदिवली पश्चिम इलाके में दोस्तों के साथ होटल में खाना खाने गए एक युवक पर कुछ युवकों ने कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में युवक की दोनों आंखों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके में डर और गुस्से का माहौल है।

    जानकारी के मुताबिक घायल युवक का नाम नरेश बताया जा रहा है। फिलहाल उसका इलाज मुंबई के शताब्दी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस घटना ने मुंबई की कानून-व्यवस्था को लेकर फिर बहस छेड़ दी है।

    Mumbai Crime: कांदिवली में होटल के बाहर युवक पर हमला

    यह घटना कांदिवली पश्चिम इलाके की बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नरेश अपने दोस्तों के साथ दोपहर में होटल में पार्टी और डिनर के लिए गया था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ अन्य युवकों के साथ उसकी कहासुनी हो गई।

    शुरुआत में मामला मामूली बहस जैसा लगा, लेकिन कुछ देर बाद विवाद हिंसक हो गया। बताया जा रहा है कि जब नरेश होटल के बाहर अकेला खड़ा था, तभी आरोपियों ने उस पर अचानक हमला कर दिया।

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    CCTV Footage में कैद हुई पूरी वारदात

    CCTV Footage में कैद हुई पूरी वारदात

    होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में कुछ युवक नरेश को घेरते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद उसे जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक हमला काफी देर तक चलता रहा। आरोपियों ने कथित तौर पर घायल युवक की जेब भी टटोली और लूटपाट की कोशिश की। इस दौरान आसपास मौजूद लोग भी दहशत में आ गए।

    दोनों आंखों में गंभीर चोट, अस्पताल में इलाज जारी

    हमले में नरेश की दोनों आंखों में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन चोट गंभीर होने के कारण मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।

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    स्थानीय निवासियों का कहना है कि सार्वजनिक जगहों पर इस तरह खुलेआम हमला होना बेहद चिंता की बात है।

    Kandivali Police ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

    कांदिवली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

    प्राथमिक जांच में यह मामला आपसी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हमले के पीछे कोई पुरानी रंजिश या गैंग कनेक्शन तो नहीं था।

    मुंबई में बढ़ते सड़क अपराध पर फिर उठे सवाल

    मुंबई को देश के सबसे सुरक्षित शहरों में गिना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय में सड़क पर मारपीट, गैंग हमला और लूटपाट की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। खासकर देर रात होटल, बार और सार्वजनिक जगहों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोग चिंता जता रहे हैं।

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    कांदिवली, मलाड, बोरीवली और अंधेरी जैसे उपनगरों में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग भी तेज हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग और होटल इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।

    Local Residents क्या कह रहे हैं?

    इलाके के लोगों का कहना है कि होटल और पब के बाहर अक्सर झगड़े होते हैं, लेकिन कई बार समय रहते कार्रवाई नहीं होने से छोटे विवाद गंभीर अपराध में बदल जाते हैं।

    कुछ स्थानीय व्यापारियों ने यह भी मांग की है कि व्यस्त बाजार और होटल क्षेत्रों में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

    क्यों अहम है यह मामला?

    यह घटना सिर्फ एक मारपीट का मामला नहीं मानी जा रही, बल्कि यह मुंबई के उपनगरों में बढ़ते सड़क अपराध और सार्वजनिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल बन गई है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे मामलों में:

    • तेज पुलिस प्रतिक्रिया
    • सीसीटीवी मॉनिटरिंग
    • रात्रि गश्त
    • होटल सुरक्षा जांच
    • स्थानीय इंटेलिजेंस नेटवर्क

    जैसे कदम बेहद जरूरी होते हैं।

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    FAQ Section

    Q1. कांदिवली में युवक पर हमला कब हुआ?

    यह घटना कांदिवली पश्चिम इलाके में होटल के बाहर हुई, जहां दोस्तों के साथ खाना खाने गए युवक पर हमला किया गया।

    Q2. घायल युवक की हालत कैसी है?

    हमले में युवक की दोनों आंखों में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल उसका इलाज शताब्दी अस्पताल में चल रहा है।

    Q3. क्या आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं?

    हाँ, कांदिवली पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    Q4. घटना कैसे हुई?

    पुलिस के अनुसार होटल में कहासुनी के बाद बाहर अकेले खड़े युवक पर आरोपियों ने हमला कर दिया।

    Q5. क्या घटना CCTV में रिकॉर्ड हुई?

    हाँ, होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हुई है।

    Conclusion

    कांदिवली पश्चिम की यह घटना मुंबई में बढ़ते सड़क अपराधों को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। भीड़भाड़ वाले इलाके में खुलेआम हमला होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन स्थानीय लोग अब इलाके में ज्यादा पुलिस पेट्रोलिंग और सख्त निगरानी की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में पुलिस जांच से कई और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

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  • मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    Mumbai Kandivali Cyber Cell ने Army soldier के साथ हुए ₹7.25 lakh online investment scam में पूरी रकम recover कर वापस दिलाई। जानिए कैसे हुई कार्रवाई, Cyber Crime Helpline 1930 की पूरी जानकारी।

    मुंबई: कांदिवली इलाके से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां Cyber Crime के शिकार हुए भारतीय सेना के जवान को उनकी पूरी ठगी गई रकम वापस मिल गई है। Kandivali Police Cyber Cell ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ₹7,25,000 की पूरी रकम recover कर पीड़ित के खाते में जमा कर दी।

    🪖 Army जवान से Online Investment के नाम पर ठगी

    कांदिवली पश्चिम, साईनगर निवासी श्री मनोज पाल, जो भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उच्च क्षेत्र में देश की सेवा दे रहे हैं, अप्रैल 2025 में Online Investment Scam का शिकार हो गए थे।

    ठगों ने उन्हें “High Return Investment” का लालच देकर टप्पों में कुल ₹7,25,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और बाद में संपर्क तोड़ दिया।

    📞 Cyber Helpline 1930 पर शिकायत, तुरंत हुई कार्रवाई

    घटना के बाद मनोज पाल ने तुरंत Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही कांदिवली साइबर सेल हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई।

    👉 आधिकारिक लिंक:

    🔍 Bank Accounts ट्रैक कर रकम को किया गया Hold

    कांदिवली साइबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक कादबाने और उनकी टीम ने तुरंत जांच करते हुए उन सभी बैंक खातों का पता लगाया जहां ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

    👉 संबंधित बैंकों से संपर्क कर पूरी रकम को “Hold” कराया गया ताकि पैसे आगे ट्रांसफर न हो सकें।

    ⚖️ कोर्ट ऑर्डर के बाद पूरी रकम वापस

    इसके बाद बोरिवली के 17वें न्यायालय (प्रथम वर्ग न्यायाधीश) से आदेश प्राप्त कर पूरी ₹7,25,000 की रकम वापस मनोज पाल के बैंक खाते में जमा कर दी गई।

    यह कार्रवाई Cyber Crime मामलों में एक मिसाल मानी जा रही है।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बड़ी सफलता

    यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई:

    • पुलिस उपायुक्त (Zone 11) – श्री संदीप जाधव
    • सहायक पुलिस आयुक्त (मालवणी विभाग) – श्रीमती नीता पाडवी
    • वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक – करण सोनकवडे
    • पुलिस निरीक्षक (क्राइम) – शेखर शिंदे

    👉 टीम में शामिल अधिकारी:

    • API दीपक कादबाने
    • पुलिस हवलदार बाळकृष्ण खाडे
    • पुलिस कर्मचारी संकेत सावंत
    • महिला पुलिस कर्मचारी जयश्री तलवारे

    इन सभी ने मिलकर बेहद तेजी और सूझबूझ से काम करते हुए यह बड़ी सफलता हासिल की।

    🚨 Cyber Fraud से बचने के लिए जरूरी टिप्स

    • Unknown investment offers से दूर रहें
    • High return का लालच = Scam का संकेत
    • किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले जांच करें
    • तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Cyber Fraud होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

    Q2. क्या ठगी के पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 हां, अगर समय रहते शिकायत की जाए तो बैंक ट्रांजैक्शन ट्रैक कर पैसे होल्ड किए जा सकते हैं।

    Q3. Investment Scam कैसे पहचानें?
    👉 High returns, unknown apps/websites, जल्दी पैसा कमाने का लालच – ये सभी Scam के संकेत हैं।

    Q4. Mumbai में Cyber Crime की शिकायत कहां करें?
    👉 मुंबई पुलिस की वेबसाइट या Cyber Cell में सीधे संपर्क करें।

  • कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली पुलिस ने शेयर के बदले करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा देकर एक फ्रीलांसर से 69 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसकी बहन फरार है।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में शेयर और लोन के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कांदिवली पुलिस ने एक फ्रीलांसर से करीब 69 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में जतीन कुमार उनाडकट नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शेयर गिरवी रखकर करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा दिया था, लेकिन हकीकत में पूरा मामला फर्जी निकला।

    3.5 करोड़ के लोन का लालच देकर फंसाया

    पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता प्रेमकुमार वर्मा (42), जो विरार का रहने वाला है और फ्रीलांसर के तौर पर काम करता है, को आरोपी जतीन कुमार और उसकी बहन संगीता उनाडकट ने नए बिजनेस में निवेश का ऑफर दिया था। दोनों ने दावा किया कि वे “बूम लिफ्ट” नाम से नया कारोबार शुरू कर रहे हैं, जिसके लिए 3.5 करोड़ रुपये के लोन की जरूरत है।

    पुरानी पहचान का उठाया फायदा

    प्रेमकुमार वर्मा पहले डायरेक्ट सेल्स एजेंसी में काम करता था और उसने 2022 में संगीता उनाडकट के लिए 25 लाख रुपये का लोन भी पास करवाया था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर संगीता ने अपने भाई जतीन से उसकी मुलाकात करवाई और उसे शेयर ट्रेडिंग का बड़ा खिलाड़ी बताया।

    फ्लैट बेचकर दिया निवेश का पैसा

    आरोपियों की बातों में आकर वर्मा ने जनवरी 2024 में अपनी नौकरी छोड़ दी और निवेश के लिए विरार में स्थित अपना फ्लैट 86 लाख रुपये में बेच दिया। जुलाई से अगस्त 2024 के बीच उसने करीब 81 लाख रुपये किस्तों में जतीन कुमार को दिए, ताकि शेयर उसके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाएं और उन्हीं शेयरों के बदले बैंक से लोन मिल सके।

    डीमैट अकाउंट का पासवर्ड लेकर की हेराफेरी

    जतीन ने शेयर ट्रांसफर करने के बहाने वर्मा से उसके डीमैट अकाउंट का पासवर्ड ले लिया। कुछ दिनों बाद उसने दावा किया कि कई कंपनियों के शेयर अकाउंट में ट्रांसफर हो गए हैं। इतना ही नहीं, एक निजी फाइनेंस कंपनी का फर्जी लोन सैंक्शन लेटर दिखाकर 2.80 करोड़ रुपये का लोन पास होने का भरोसा भी दिलाया।

    जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज

    कई महीनों तक पैसा खाते में न आने पर वर्मा को शक हुआ। जब उसने फाइनेंस कंपनी और बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि जिन शेयरों की बात की जा रही थी, वे असली नहीं बल्कि डेमो या वर्चुअल शेयर थे, जिनका इस्तेमाल सिर्फ प्रैक्टिस ट्रेडिंग में होता है। किसी भी तरह का असली लोन मंजूर नहीं हुआ था।

    69 लाख हड़पकर हुए फरार

    जब वर्मा ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। एक सुरक्षा चेक भी बाउंस हो गया। बाद में जतीन ने सिर्फ 1.77 लाख रुपये लौटाए और करीब 69.18 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद वर्मा ने कांदिवली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी गिरफ्तार, बहन फरार

    शिकायत के बाद कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर 7 जनवरी को जतीन कुमार उनाडकट को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बहन संगीता के साथ मिलकर ठगी करने की बात कबूल की है। संगीता फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं दोनों ने इसी तरीके से और लोगों को तो नहीं ठगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मुंबई के कांदिवली इलाके में।

    Q2: ठगी की कुल रकम कितनी है?
    करीब 69.18 लाख रुपये।

    Q3: आरोपी कौन है?
    जतीन कुमार उनाडकट, जबकि उसकी बहन संगीता उनाडकट फरार है।

    Q4: ठगी का तरीका क्या था?
    फर्जी शेयर और लोन सैंक्शन दिखाकर निवेश के नाम पर पैसा लेना।

  • मुंबई में 100 से ज़्यादा चोरी करने वाला कुख्यात चोर गिरफ्तार

    मुंबई में 100 से ज़्यादा चोरी करने वाला कुख्यात चोर गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने 100 से ज़्यादा दुकानों में सेंधमारी करने वाले कुख्यात चोर मोनू उर्फ़ आज़न खान को गिरफ्तार किया। मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर व मिठाई दुकानों को निशाना बनाने वाला यह आरोपी सिर्फ़ कैश चुराता था। पढ़ें पूरी खबर।

    मुंबई लंबे समय से फरार चल रहे 38 वर्षीय अजान खान उर्फ़ मोनू को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो शहर में 100 से ज़्यादा दुकानों में सेंधमारी कर चुका है। यह आरोपी सिर्फ़ नकदी चुराता था और चोरी के तुरंत बाद ड्रग्स और फिज़ूलखर्ची में पैसे उड़ा देता था। पुलिस की 10 दिन की निगरानी के बाद उसे मलवानी इलाके से रंगे हाथों पकड़ा गया।

    मोनू का अनोखा चोरी करने का तरीका

    पुलिस के मुताबिक, मोनू की चोरी करने की शैली बाकी चोरों से अलग थी।
    वह सिर्फ़ उन दुकानों को निशाना बनाता था जहां नकदी मिलने की संभावना अधिक हो—जैसे मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर शॉप, मिठाई की दुकानें, किराना स्टोर व छोटी दुकानें
    खास बात यह थी कि वह ज्वेलरी, मोबाइल फोन या कोई कीमती सामान नहीं चुराता था
    चोरी में हाथ लगते ही वह पूरा पैसा ड्रग्स और पार्टी में खर्च कर देता था और फिर दो दिन तक गायब रहता था।

    कई इलाकों की पुलिस कर रही थी तलाश

    मोनू मलवानी क्षेत्र में रहता था, लेकिन परिवार के साथ नहीं रहता था।
    मुंबई के कांदिवली, मालाड और बांगुर नगर में उसने कई चोरी की वारदातें की थीं।
    कई पुलिस टीमें एक साल से उसकी तलाश में थीं, लेकिन वह हर बार बच निकलता था।

    10 दिन तक पुलिस ने की लगातार निगरानी

    DCP संदीप जाधव और ACP नीता पाडवी के मार्गदर्शन में
    सीनियर इंस्पेक्टर करण सोनकवडे,
    असिस्टेंट इंस्पेक्टर हेमंत गीते
    और सब-इंस्पेक्टर नितिन साटम की टीम ने आरोपी पर करीब 10 दिन तक लगातार नज़र रखी।

    CCTV फुटेज में सामने आया कि वह हर रात लगभग 2.30 बजे मार्वे रोड, स्थित मालवनी कब्रिस्तान के पास वाले सिग्नल से गुजरता है
    पुलिस टीम उसकी रूटीन मूवमेंट का पीछा करते हुए शनिवार की रात उसे पकड़ने में सफल रही।

    रंगे हाथों गिरफ्तार, चोरी की बाइक भी बरामद

    शनिवार देर रात पुलिस ने उसे एक दुकान का शटर उठाते समय रंगे हाथों पकड़ लिया।
    जांच में पता चला कि जिस बाइक से वह घूमता था वह भी मटुंगा इलाके से चोरी की गई थी
    अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है और चोरी की रकम व सामान की बरामदगी की कोशिशें जारी हैं।

    कई मामलों का खुलासा

    कांदिवली पुलिस के मुताबिक, मोनू की गिरफ्तारी के बाद अब तक
    10 चोरी के मामले सुलझाए जा चुके हैं,
    जिनमें छह मामले कांदिवली के, जबकि बाकी मालाड और बांगुर नगर के हैं।
    पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी मामले खुल सकते हैं।


    FAQ सेक्शन

    1. मोनू कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?

    मोनू उर्फ़ आज़न खान पर मुंबई में 100 से ज़्यादा दुकानों में चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने उसे मलवानी इलाके से रंगे हाथों पकड़ा।

    2. वह किस तरह की दुकानों को निशाना बनाता था?

    वह सिर्फ़ मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर दुकानें, मिठाई और किराना दुकानों में सेंध लगाता था और सिर्फ़ नकदी चुराता था।

    3. पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा?

    करीब 10 दिन की निगरानी और CCTV फुटेज की मदद से उसकी हर रात की मूवमेंट ट्रैक की गई। अंत में उसे शटर उठाते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।

    4. क्या चोरी का सामान बरामद हुआ है?

    पुलिस ने उसकी चोरी की बाइक बरामद की है, और बाकी चोरी की रकम व सामान की तलाश जारी है।

    5. आरोपी पर अब तक कितने केस दर्ज हैं?

    कांदिवली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के साथ 10 चोरी के केस सुलझा लिए हैं, और संख्या बढ़ सकती है।

  • Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    मुंबई की पॉक्सो कोर्ट ने 35 वर्षीय व्यक्ति को नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो पीड़िता और न ही उसकी मां ने कोई पुख्ता बयान दिया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में भी शोषण के निशान नहीं मिले।

    मुंबई: एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने 35 वर्षीय पिता को नाबालिग बेटी के यौन शोषण के आरोप से बरी कर दिया, जिसे 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
    अदालत ने साफ कहा कि गवाही और सबूतों में कोई मेल नहीं मिला, इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🔹 क्या था मामला

    मामला कांदिवली पुलिस स्टेशन का है, जहाँ पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
    शिकायत में कहा गया था कि लड़की की मां घरों में नौकरानी का काम करती है, जबकि पिता शराब के नशे में घर आते हैं।
    घटना के समय पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती थी

    लड़की का आरोप था कि गणपति उत्सव से कुछ दिन पहले, पिता शराब पीकर घर आए, दरवाज़ा बंद कर दिया और उसे कपड़े उतारने को कहा।
    वहां उन्होंने कथित तौर पर यौन शोषण किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे।
    उसने आगे कहा कि कुछ दिन बाद फिर उसने साथ सोने के लिए कहा और जब मां ने उसकी रोने की आवाज सुनी, तो मामला खुला।
    इसके बाद मां-बेटी ने जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    🔹 अदालत में पलटी गवाही

    मामला जब अदालत पहुंचा, तो पीड़िता ने अपने बयान में कहानी बदल दी
    उसने कहा कि पिता ने सिर्फ मोबाइल चलाने और पढ़ाई न करने पर उसे और भाइयों को पीटा था
    यौन शोषण की कोई बात उसने अपने बयान में नहीं कही।
    यहां तक कि उसकी मां ने भी कहा कि पति ने कोई गलत काम नहीं किया

    🔹 डिफेंस की दलील और कोर्ट का निर्णय

    बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट सुवर्णा अवध वास्ट और राहुल डिंगणकर ने दलील दी कि
    पीड़िता और मां दोनों के बयानों में कोई पुख्तापन नहीं है और
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की चोट या शोषण के निशान नहीं मिले

    कोर्ट ने माना कि कोई भी सबूत या गवाही आरोपों की पुष्टि नहीं करती
    इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया

    🔹 अदालत का अवलोकन

    न्यायाधीश ने कहा —

    “मां और बेटी दोनों ने बयान में शोषण का जिक्र नहीं किया।
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं पाई गई।
    ऐसे में अदालत आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती।”

    ⚖️ POCSO कोर्ट का रुख साफ: सबूत के बिना सज़ा नहीं

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत नाबालिगों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर
    तेज़ कार्रवाई और सख्त सज़ा का प्रावधान है।
    लेकिन अदालतों का यह भी मानना है कि
    यदि गवाहों और मेडिकल साक्ष्य में मेल नहीं बैठता,
    तो किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🟨 मुख्य बिंदु एक नजर में

    • आरोपी पिता की उम्र: 35 वर्ष
    • मामला दर्ज: कांदिवली पुलिस स्टेशन, 2022
    • कोर्ट: स्पेशल POCSO कोर्ट, मुंबई
    • नतीजा: गवाही और सबूतों में विरोधाभास के कारण बरी
    • मेडिकल रिपोर्ट: किसी भी प्रकार की चोट नहीं पाई गई

    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
    → अपनी नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में।
    Q2. कोर्ट ने उसे क्यों बरी किया?
    → क्योंकि पीड़िता और उसकी मां के बयान आरोपों से मेल नहीं खाते थे और कोई मेडिकल सबूत नहीं मिला।
    Q3. मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज था?
    → कांदिवली पुलिस स्टेशन, मुंबई।
    Q4. पॉक्सो कानून क्या है?
    → यह कानून नाबालिगों के साथ यौन अपराधों पर कड़ी सज़ा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

  • Mumbai: ट्रैफिक पुलिसकर्मी को ‘चोर’ कहने पर ट्रक ड्राइवर पर मामला दर्ज

    Mumbai: ट्रैफिक पुलिसकर्मी को ‘चोर’ कहने पर ट्रक ड्राइवर पर मामला दर्ज

    ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और चालान कटने से नाराज एक ट्रक ड्राइवर ने पुलिस का विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। पोस्ट में लिखा था कांदीवली ट्रैफिक पुलिस चोर है। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)

    Mumbai: मुंबई के कांदीवली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाए जाने से नाराज एक ट्रक ड्राइवर ने कथित तौर पर ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल को चोर कहा और इस घटना को ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दिया। ट्रैफिक पुलिसकर्मी की शिकायत के बाद कांदिवली पूर्व की समता नगर पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)

    कांदिवली ट्रैफिक पुलिस को “चोर” कहा

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी की पहचान यशवंत बंदगर के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 24 मार्च को ट्रैफिक कांस्टेबल विकास पोल ने ट्रक को रोका, जो बिना क्लीनर के ड्राइवर गाडी चला रहा था। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पा कर कांस्टेबल पोल ने जुर्माने के रूप में ड्राइवर का चालान काटा, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई। जुर्माने से नाराज यशवंत ने अपने मोबाइल फोन पर इस झगड़े का वीडियो रिकॉर्ड किया और फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करते हुए कांदिवली ट्रैफिक पुलिस को “चोर” कहा। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)

    विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज

    इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के साथ वह लोगों से वीडियो को शेयर करने और इसे वायरल करने का भी आग्रह किया। सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पता चलने पर कांस्टेबल पोल ने समता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने यशवंत बंदगर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)

    सोशल मीडिया पर ट्रेंड

    आजकल इसका ट्रेंड चलने लगा है कि लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों को डराने और धमकाने के लिए करने लगे हैं। जिन्हें नियम कानून के बारे में पता भी नहीं वो लोग भी ऐसी सामग्री देखकर उत्साहित हो जाते हैं। ऐसा ही चलता रहा तो पुलिस सुरक्षा और कानून की गरिमा ही खत्म हो जाएगी। जिसपर सख्त कार्यवाही होना बहुत जरूरी है। समता नगर पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है और निष्कर्षों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)

  • 4 साल के बच्चे का अपहरण और हत्या, 25 वर्षीय युवक गुजरात से गिरफ्तार

    4 साल के बच्चे का अपहरण और हत्या, 25 वर्षीय युवक गुजरात से गिरफ्तार

    कांदीवली पश्चिम से 4 साल के बच्चे का अपहरण कर हत्या के मामले में कांदीवली पुलिस ने मालाड़ पश्चिम के रहने वाले 25 वर्षीय युवक को गुजरात से किया गिरफ्तार। आरोपी युवक पीड़ितों का रिश्तेदार बताया जा रहा है। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

    मुंबई- कांदीवली पश्चिम के इरानी वाडी 3 नंबर इलाके की घटना ने यहां लोगों को हैरान कर दिया है। एक 4 साल के बच्चे का अपहरण और हत्या के बाद से यहां मातम पसर गया है। 22 मार्च की देर रात हुई घटना में आखिरकार पुलिस ने बड़ी मशक्कत के साथ आरोपी को गुजरात के सुरत से गिरफ्तार कर लिया है। घटना की पड़ताल के लिए कांदीवली पुलिस ने कुल 6 अलग-अलग टीम गठित किया था। मामले की पड़ताल जारी। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

    कांदीवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र अडाणे ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कुल 6 टीमों का गठन किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने तांत्रिक विश्लेषण के जांच पड़ताल शुरू की तो आरोपी का लोकेशन बार बार बदल रहा था। इस बीच पुलिस की टीमों ने कांदीवली, बोरीवली, मालाड़, अंधेरी, सांताक्रूज़ और विरार होते हुए गुजरात के कुछ हिस्सों तक के लगभग 150 से 200 सीसीटीवी कैमरों की तलाशी ली। पुलिस ने बताया कि आखिरकार आरोपी के सूरत में छिपे होने की जानकारी मिली। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

    उत्तर प्रादेशिक विभाग के अप्पर पुलिस आयुक्त अभिषेक त्रिमुखे, मुंबई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोईटे, मालवनी विभाग की एसीपी श्रीमती निता पाडवी से निर्देश लेकर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र अडाणे ने कांदीवली पुलिस स्टेशन के पुलिस उपनिरीक्षक नारायण खाडे, पुलिस सिपाही तिजारे और चौहाण को सुरत के लिए रवाना किया और वहां से 25 वर्षीय आरोपी अशोक गरुड़ को गिरफ्तार किया। अपहर और हत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नही हुआ है। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 22 मार्च की रात लगभग 1:45 से 4 बजे के बीच कांदीवली पश्चिम के इरानी वाडी 3 नंबर इलाके में 4 साल का बच्चा अपने रिश्तेदारों के साथ सो रहा था। इस बीच बच्चा अचानक गायब हो गया और बाद में मृत पाया गया। पीड़ित परिवार ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्ही के रिश्तेदार ने बच्चे का अपहरण कर हत्या की है, जो मालाड़ पश्चिम के वलनई वसाहत में “सी” वार्ड का रहने वाला है। पुलिस ने गु.र.क्र.221/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा  140, 103 के तहत मुकदमा दर्ज जांच शुरू की तब तक आरोपी फरार हो चुका था। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

    कांदीवली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार 25 वर्षीय आरोपी अशोक गरुड़ पेशे से नौकरी करता है। रिश्तेदारों के बीच आपसी रंजीश का मामला हो सकता है। फिलहाल आरोपी काफी डरा और घबराया हुआ है। जल्द ही बच्चे के अपहरण और हत्या के पीछे का मकसद पता कर लिया जाएगा। फिलहाल तफतिश जारी है। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

  • कांदीवली की महिला से 14 लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान

    कांदीवली की महिला से 14 लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान

    Digital Arrest Scam: मुंबई के कांदीवली से एक महिला को जालसाजों ने किया डिजिटल अरेस्ट, महिला को डरा धमका कर मजबूरन 14 लाख रुपये का करवाया ऑनलाइन भुगतान। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – कांदीवली पश्चिम के एक महिला को डिजिटल अरेस्ट करने का ताजा मामला सामने आया है। बता दें कि 1 सितंबर को एक व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को दिल्ली दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया और उसके खिलाफ दिल्ली साइबर अपराध शाखा में मामला दर्ज होने की झूठी जानकारी देते हुए आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए महिला से 14 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए और जांच पूरी होने के बाद पैसे वापस किए जाने का कहा। लेकिन महिला का अपने बेटे से बात होने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ और बाद मे महिला ने पुलिस को इसकी सूचना दी। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 67 वर्षीय एक महिला को ऑनलाइन धोखेबाजों ने “डिजिटल अरेस्ट” किया और एक गैर-मौजूद धन शोधन मामले (non-existent money laundering case) में अपना नाम साफ करने के बदले में उन्हे 14 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए मजबूर किया। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    क्या होता है डिजिटल अरेस्ट ?

    साइबर सुरक्षा एजेंसी (cyber security agency) सीईआरटी-इन (CERT In) की सलाह के अनुसार, डिजिटल अरेस्ट उसे कहते है जिसमें पीड़ित को फोन कॉल या ई-मेल या संदेश प्राप्त होता है जिसमें दावा किया जाता है कि वे अवैध गतिविधियों, जैसे पहचान की चोरी या धन शोधन के लिए जांच के दायरे में हैं। इसमें धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति पीड़ित को तत्काल कार्रवाई न करने पर गिरफ्तारी या कानूनी परिणाम भुगतने की धमकी देता है। वे अक्सर तर्कसंगत सोच को रोकने के लिए घबराहट की भावना पैदा करते हैं। अपना नाम हटाने, जांच में सहायता करने या वापसी योग्य सुरक्षा जमा/एस्क्रो खाते की आड़ में, व्यक्तियों को निर्दिष्ट बैंक खातों या यूपीआई आईडी में बड़ी रकम स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया जाता है। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    कांदीवली की महिला से जुड़े मामले को लेकर पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने खुद को दिल्ली दूरसंचार विभाग और साइबर अपराध शाखा का कर्मचारी बताया। उन्होंने महिला पर एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का आरोप लगाकर उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। यह अपराध 1 से 5 सितंबर के बीच हुआ। पीड़िता मुंबई के कांदिवली पश्चिम में अपनी भाभी के साथ रहती है। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस ने बताया कि शनिवार को उत्तर क्षेत्र साइबर पुलिस स्टेशन में पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायत के अनुसार, महिला को 1 सितंबर को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को दिल्ली दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया। उसे बताया गया कि उसके खिलाफ दिल्ली साइबर अपराध शाखा में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ने महिला से कहा कि अपराध में उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    पुलिस ने और अधिक जानकारी देते हुए, बताया कि इसके बाद आरोपी ने उसकी बात अपने साथी से कराई, जिसने खुद को साइबर अपराध शाखा का अधिकारी राकेश कुमार बताया। जब कुमार और एक महिला आरोपी, जिसने खुद को शोभा शर्मा बताया था। आरोपियों ने पीड़िता को दिल्ली पुलिस के तीन फर्जी पत्र दिखाए और बताया कि उसे तीन से पांच साल की जेल हो सकती है। यह देखते हुए महिला डर गई। इसके बाद शर्मा ने पीड़िता से उसके बैंक खातों और म्यूचुअल फंड, फिक्स डिपॉज़िट के बारे में पूछा और उसे बैंक जाकर आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में सभी निवेश जमा करने को कहा। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    अधिकारी ने बताया, कि शर्मा के निर्देश पर पीड़िता बैंक गई, फिक्स डिपॉज़िट, म्यूचुअल फंड और बचत खाते तोड़ दिए और आरटीजीएस के जरिए दिए गए खाता नंबर में 14 लाख रुपये जमा कर दिया। फोन करने वाले ने वैरिफिकेशन के बाद पैसे वापस करने का वादा किया। महिला को अपने बेटे से बात करने के बाद एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)