Tag: indore

  • मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपी कैसे हो गए बरी? जांच एजेंसियों के खिलाफ जनहित याचिका की तैयारी

    मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपी कैसे हो गए बरी? जांच एजेंसियों के खिलाफ जनहित याचिका की तैयारी

    महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितम्बर 2008 को हुए बम धमाके के आरोप में गिरफ्तार 7 अभियुक्तों को विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इसमें जांच एजंसियों की चूक प्रकाश में आते ही हाईकोर्ट के वकील नितिन सातपुते ने जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया है। अदालत ने यह भी कहा, “सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई है।” How did all the accused in Malegaon blast get acquitted? Preparation of PIL against the investigating agencies

    मुंबई: देश के बड़े आतंकी हमले में शुमार मालेगांव ब्लास्ट का मामला मुंबई की विशेष एनआईए अदालत में खत्म हो चुका है। आखिरकार 17 सालों बाद फैसला आता है कि गिरफ्तार 7 अभियुक्तों के खिलाफ जांच एजेंसियां सबूत पेश करने में विफल साबित हुई। जबकि सरकारी वकील अविनाश रसाल ने बताया, कि सुनवाई के दौरान कुल 324 गवाहों से पूछताछ की गई थी। जिनमें से 34 गवाह मुकर गए। अदालत ने सभी मुख्य अभियुक्त बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत 7 लोगों को बरी कर दिया। इसमें जांच एजंसियों की गलतियों के खिलाफ एडवोकेट नितिन सातपुते ने जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया है।

    अगर हेमंत करकरे होते तो, ..

    शुक्रवार को एडवोकेट नितिन सातपुते ने बताया कि “मालेगांव बम विस्फोट कांड का फैसला निराशाजनक है। शहीद हेमंत करकरे जैसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी ने उचित जाँच के बाद मामला दर्ज किया था। लेकिन बाद में क्या हुआ, यह सभी जानते हैं। अगर शहीद हेमंत करकरे आज हमारे बीच होते, और इस तरह का फैसला सामने आता, तो सही माना जाता। लेकिन इस वक्त जांच एजंसियों की गलतियों पर पूरे देश को शक हो रहा है। इसके साथ ही जिन्होंने नतीजे आने से पहले ही प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सांसद बना दिया, उसी विचारधारा के लोग आज देश और प्रदेश में सत्ता में हैं।” How did all the accused in Malegaon blast get acquitted? Preparation of PIL against the investigating agencies

    आरोपी बन गई सांसद

    Malegaon-blast-pragya-singh-thakur-news

    उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि “यह स्पष्ट है कि आज के परिणामों में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही जिन्होंने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सांसद बनाया और अब क्या महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी? ये भी एक बड़ा सवाल है। आज के फैसले से साफ़ हो गया है कि सबूत होने पर भी आरोपी बरी हो जाते हैं। तो क्या न्याय धर्म के आधार पर हो रहा है?” इसके साथ ही मामले को लेकर विशेष अदालत के न्यायाधीश एके लाहोटी ने सभी अभियुक्तों को निर्दोष करार देते हुए कहा, “यह एक अत्यंत गंभीर मामला है जिसमें नागरिकों की जान गई। लेकिन अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए निर्णायक सबूत पेश नही कर पाई।”

    क्या था मालेगांव बम धमाके का मामला?

    29 सितम्बर 2008 को मालेगांव के व्यस्त भिकू चौक के पास एक मोटरसाइकिल में बम धमाका हुआ था। जिस वक्त लोग पास की मस्जिद में नमाज़ के लिए इकट्ठा हो रहे थे। इस विस्फोट में 92 लोग घायल हो गए और 7 लोगों की मौत हो गई। इस आतंकी हमले में “आरडीएक्स” विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ लेकिन जांच एजेंसियां उसका स्त्रोत सिद्ध नही कर पाई। यहां तक कि 14 लोगों की गिरफ्तारी में मुख्य अभियुक्त साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी, समीर कुलकर्णी और सुधाकर द्विवेदी के खिलाफ मकोका के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनके खिलाफ साज़िश रचने से लेकर विस्फोट हासिल करने और कई लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराने जैसे गंभीर आरोप लगे थे।

    Pragya-thakur-and-prasad-purohit-malegaon-case-news

    मुकदमा खड़ा ही गलत तरीके से किया गया।

    इसमें साल 2008 में एंटी टेरेरिजम स्कॉड (ATS) ने शुरूआती जांच के दौरान कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। एटीएस ने मामले को गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) को सौपने से पहले दो चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद एनआईए ने 2016 में एक पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। लेकिन 31 जुलाई को अदालत के फैसले मे सामने आया कि सभी साक्षों और गवाहों के आधार पर जो मुकदमा खड़ा हुआ, वह अभियुक्तों का दोष साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

    सबूत ही नहीं मिला

    अदालत ने कहा, कि आरोप लगाया गया था, कि विस्फोट पुरोहित ने कश्मीर से हासिल किया था। लेकिन इसका कोई सबूत नही दिया और यह भी प्रमाणित नहीं किया कि किसी भी अभियुक्त के घर बम तैयार किया गया था। जिस मोटरसाइकिल पर विस्फोट रखा गया था, उसका साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से ठोस सबूतों के साथ संबंध सिद्ध नहीं हो सका। How did all the accused in Malegaon blast get acquitted? Preparation of PIL against the investigating agencies

    कहां हुई थी साज़िश?

    जांच एजेंसियों का कहना था कि इस घटना से पहले एक बड़ी साजिश रची गई थी। जिसके तहत इंदौर, उज्जैन, पुणे जैसे अलग-अलग जगहों पर इन सभी अभियुक्तों की बैठकें हुईं और वहीं साज़िश रची गई। लेकिन अदालत ने कहा, बैठकों के कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिले। कहा, कि भले ही अभियुक्तों के बीच कुछ आर्थिक लेन-देन के सबूत पेश किए गए, लेकिन यह साबित नहीं हो सका, कि वह पैसे किसी हिंसक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हुआ। How did all the accused in Malegaon blast get acquitted? Preparation of PIL against the investigating agencies

    सबूतों के साथ छेड़छाड़

    अदालत ने यह भी कहा, कि अभियुक्तों और उनके संबंधित लोगों के कॉल रिकार्ड निकालते समय जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके लिए जरूरी अनुमति भी नहीं ली गई। अदालत ने यह भी कहा, कि “सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई है।” अदालत ने कहा, “कुल मिलाकर सरकारी पक्ष विश्वसनीय साक्ष्य पेश करने में असफल रहा और केवल संदेह के आधार पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। भले ही यह गंभीर अपराध हो, लेकिन सबूतों के अभाव में अभियुक्तों को संदेह का लाभ देना पड़ रहा है।” ऐसा कहते हुए अदालत ने सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया। How did all the accused in Malegaon blast get acquitted? Preparation of PIL against the investigating agencies

    जांच एजेंसियों ने की आरोपियों की मदद

    उच्च न्यायलय के वकील नितिन सातपुते ने आरोप लगाते हुए कहा, की जाँच एजेंसी ने जानबूझकर जाँच में चूक की है, जानबूझकर पर्याप्त सबूत नहीं जुटाए हैं और दोषपूर्ण आरोपपत्र दायर किया है ताकि मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपियों की मदद की जा सके, उन्हें बचाया जा सके, उनकी रक्षा की जा सके। उस पुलिस अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए जिसने किसी के इशारे पर सभी आरोपियों को बचाने के लिए ठीक से जाँच नहीं की, जिसके परिणामस्वरूप विशेष अदालत के न्यायाधीश लखोटी ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। मैं इन जाँच एजेंसियों के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने जा रहा हूँ। How did all the accused in Malegaon blast get acquitted? Preparation of PIL against the investigating agencies

  • मुंबई में ‘डब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद

    मुंबई में ‘डब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद

    मुंबई में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी रैकेट पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की बेहिसाब नकदी, विदेशी मुद्रा, लग्जरी गाड़ियां और कीमती सामान जब्त किए हैं। मामले में डब्बा ट्रेडिंग जैसे अवैध नेटवर्क के जरिए करोड़ों का लेन-देन हो रहा था। Raid on ‘Dabba Trading’ and online betting racket in Mumbai, cash worth crores recovered

    मुंबई: देश में एक बार फिर मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर घपलेबाजों का एक रैकेट सामने आया है। इंदौर के एक मामले में ईडी को मुंबई से कनेक्शन प्राप्त हुआ है। जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का एक बड़ा एक्शन सामने आया है। इसके तहत ईडी ने मंगलवार को मुंबई में अवैध डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क पर छापेमारी की, जिसके जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था।

    चार जगहों पर छापेमारी

    Raid-on-online-betting-racket-in-Mumbai-cash-worth-crores-recovered

    अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने चार जगहों से करीब 3.3 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, कीमती घड़ियां, गहने, विदेशी मुद्रा और महंगी गाड़ियां जब्त की हैं। साथ ही ये अधिकारियों ने ये भी बताया कि छापेमारी अभी भी जारी है। बता दें कि डब्बा ट्रेडिंग शेयर बाजार में एक अवैध और बिना लाइसेंस वाली ट्रेडिंग प्रणाली है, जिसमें लेन-देन का कोई रिकॉर्ड स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज नहीं होता।

    किन-किन प्लेटफॉर्म्स पर है शक?

    अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि वीमनी, वीएम ट्रेडिंग, स्टैंडर्ड ट्रेड्स लिमिटेड, आईबुल कैपिटल लिमिटेड, लोटसबुक, 11स्टार्स और गेमबेटलीग जैसे कई ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म इस रैकेट में शामिल हो सकते हैं। इनमें से कई ऐप्स व्हाइट-लेबल तरीके से चलाए जा रहे थे यानी अलग-अलग लोगों को इन ऐप्स के प्रशासनिक अधिकार देकर मुनाफे में हिस्सेदारी दी जा रही थी।

    मध्यप्रदेश के इंदौर मे मामला दर्ज

    गौरतलब है कि यह मामला मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित लसूड़िया थाने में दर्ज एक एआईआर पर आधारित है। हालांकि ईडी को कुछ हवाला ऑपरेटर्स और पैसों के लेन-देन से जुड़े लोगों की पहचान हुई है। उनके डिजिटल और वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

  • मुंबई पुलिस ने ट्रक चोरी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने ट्रक चोरी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को किया गिरफ्तार

    Mumbai-goregaon-vanrai-police-station-latest-crime-news

    गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने 6 चोरी के ट्रक समेत 2 लोगों को गुजरात और औरंगाबाद से गिरफ्तार किया है। ये गिरोह ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे। हालही में इन लोगों ने 8 जून को रात के अंधेरे में एक 10 टायर टाटा कंपनी का ट्रक चूरा लिया था। जिसकी जांच में पुलिस को पता चला कि बदमाशों ने गुजरात के सुरत ग्रामीण में ट्रक को छुपाया हुआ है। मुंबई पुलिस जब गुजरात पहुची तो और भी घटनाओं का खुलासा पेश होता चला गया। जिसमें पुलिस मुंबई से गुजरता फिर औरंगाबाद से राजस्थान तक चली गई और अबतक 6 ट्रकों को मुंबई वापस ले आई। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    कैसे हुआ खुलासा?

    वनराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गिरिष बने ने बताया कि 8 जून को लगभग रात के 1 बजे गोरेगांव पूर्व के घास बाजार के पास सीमेंट गोदाम से 10 चक्का टाटा कंपनी का ट्रक क्रमांक MH50N2086 चोरी होने की शिकायत मिली थी। इसमें गु.र.क्र. 226/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 (2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई तो हमें तकनीकी जांच से पता चला कि ट्रक सुरत के एक ग्रामीण भाग में खड़ा हुआ है। तुरंत हमने गुजरात पुलिस की सहायता ली जो वहां के जंखवाव पुलिस थाने से संपर्क करवाया। तुरंत हमने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे, बंकट तळेकर, पुलिस हवलदार येवले, पुलिस सिपाही पाटील की एक टीम तैयार की और गुजरात के लिए रवाना कर दिया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    गुजरात में क्या हुआ?

    Mumbai-goregaon-vanrai-police-station-latest-news

    वनराई पुलिस थाने में क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक सुभाषचंद्र पोस्टुरे ने बताया कि जब हमारी टीम गुजरात पहुची तो उनका संपर्क जंखवाव पुलिस थाने से कराया गया। जिनकी मदद से हमारी टीम सुरत के ग्रामीण इलाके में जाकर छापामारी की और वहां से 44 वर्षीय आरोपी नर्सिंग रामस्वरूप सिंह और चोरी के ट्रक को हिरासत में लिया और उसे मुंबई ले आई। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी इंदौर के मैकेनिक नगर का रहने वाला है। इससे हमे पता चला कि जब यह इंदौर का रहने वाला मुंबई और गुजरात में कनेक्शन बना सकता है तो यह अकेला नही होगा और इसने और भी कई कांड किए होंगे। हमने जब इसके रिकॉर्ड की पडताल की तो पूरे महाराष्ट्र मे और भी 7 अलग-अलग मामले का खुलासा हुआ और कड़ी पूछताछ में उसने गिरोह के मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख का पता बताया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    जावेद की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे से मिली जानकारी के मुताबिक 10 जून को गिरोह का मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख को औरंगाबाद से गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ अहमदनगर के तोफखाना पुलिस थाने में दो अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा नाशिक के आडगांव पुलिस थाना और येवला शहर पुलिस थाना और धुळे के मोहाडी नगर पुलिस थाना, औरंगाबाद के सिटी चौक पुलिस थाना के साथ तळोजा पुलिस थाने में अपराध दर्ज है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    राजस्थान से मिले 5 ट्रक

    पुलिस ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच मे पता चला कि इन लोगों ने और भी 5 ठिकानों पर ट्रक और भारी वाहनों को चोरी कर छिपाया हुआ है। फिर से वही पुलिस की टीम पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे की नेतृत्व में राजस्थान रवाना हुआ। राजस्थान के बांसवाडा जिला, डोंगरपुर जिला और सलुंम्बर जिला के अलग-अलग ठिकानों से पुलिस ने 5 वाहनों को हस्तगत किया और उसे मुंबई ले आए। वनराई पुलिस और अधिक मामले की तहकीकात कर रही है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

  • वायरल हो गई ये शादी! डॉक्टर ने बेटी की शादी में मेहमानों से मांगा ऐसा गिफ्ट..

    वायरल हो गई ये शादी! डॉक्टर ने बेटी की शादी में मेहमानों से मांगा ऐसा गिफ्ट..

    इंदौर शहर एक डॉक्टर ने अपनी बेटी की शादी में मेहमानों से ऐसी गिफ्ट मांगी, कि शादी के दिन लोग देखते ही रह गए। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    न्यूज़ डेस्क
    Viral Wedding-
    शादियां तो बहुत से देखी होंगी, लेकिन क्या आप को किसी ऐसी शादी में जाने का मौका मिला, जहां निमंत्रण के साथ ये भी बता दिया गया हो कि क्या उपहार लेकर आना। अगर नहीं, तो मध्य प्रदेश के इंदौर में बीते दिनों हुई एक शादी में कुछ ऐसा ही हुआ, कि लोग देखते ही रह गए। इस शादी में मेहमानों को निमंत्रण देने के साथ-साथ पहले से ही कह दिया गया था कि उपहार मत लाना और अगर लाना तो? बता दिया गया था, कि क्या चीज लाना है। शादी में जब मेहमान डॉक्टर के बताए उपहार लेकर पहुंचे तो देखने वाले देखते रह गए। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    इंदौर की अनोखी शादी

    इंदौर की यह शादी इतनी अनोखी लगी कि शहर भर के लोगों का ध्यान आकर्षित कर लिया। इस शादी में उन हजारों लोगों ने भी आशीर्वाद दिया, जो उस शादी के वक्त वहां मौजूद भी नहीं थे। दरअसल, इंदौर के बाईपास पर भंडारी फार्म हाउस में बीते दिनों एक अलग नजारा देखने को मिला। यहां शादी की पार्टी में मेहमान आ रहे थे। उनके हाथों में बड़े-बड़े बैग थे। दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देने के पहले मेहमान मंच के पास बने काउंटर पर जाकर अपने उपहारों को जमा कर रहे थे। जब न्यूज़ रिपोर्टर ने पता किया कि बैग में क्या है? तो देख कर वह भी दंग रह गया। बैग में पुराने कपड़े और कुछ पूराने सामन थे। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    डॉक्टर ने क्या कहा?

    इंदौर के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. भरत रावत की बेटी काव्या का विवाह था। डॉक्टर ने जानकारी देते हुए बताया, कि इस विवाह को लेकर जिन लोगों को भी न्योता दिया गया था, उन्हें पहले ही बात दिया गया था, कि दूल्हा-दुल्हन को उपहार नहीं देना है। यदि आपके यहां ऐसे कपड़े हों, जो उपयोग में न आ रहे हों, तो उन्हें साथ ले आएं। यहां एनजीओ का काउंटर रहेगा। उस काउंटर पर जमा कर दें। वे इसे जरूरतमंद तक पहुंचा देंगे। यहां एनजीओ बीवाइज सोशल वेलफेयर सोसाइटी का काउंटर लगा था। वहीं पर मेहमानों ने पुराने कपड़े जमा करा दिए। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    मिसाल बन गई ये शादी

    एनजीओ बीवाइज की डॉ. श्रुति श्रॉफ ने बताया, कि “वैसे तो इस शादी से एकत्रित होने वाला समान सभी जरूरतमंद बस्तियों में पहुंचा दिया जाएगा। लेकिन, इसके पहले हमें कई तरह की रिसर्च करनी होगी। क्यों कि किन बस्तियों में लोगों को किस चीज की जरूरत है। यह भी हमें जानने की जरूरत है। क्योंकि, इस सामान में सिर्फ़ कपड़े और घर की सजावट के सामान ही नहीं है, बल्कि इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम भी शामिल हैं। जो बच्चों को एजुकेशन और युवाओं को करियर में मदद कर सकता है।” डॉ. भारत रावत की बेटी काव्या और विनम्र गहलोत की यह शादी केवल इंदौर के रहने वाले लोगों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बन सकती है। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    नेग तक दान कर दिया…

    आगे बताया, शादी में मेहमानों को पहले ही निमंत्रण के साथ सूचना दी गई थी कि आप गिफ्ट न लाएं, केवल घर में रखा एक्स्ट्रा समान लाएं। ऐसे में हर किसी ने अपने हिसाब से सहयोग दिया। शादी डॉक्टर के यहां थी, तो जाहिर है ज्यादातर डॉक्टर ही शादी में आए थे। शादी मे आए मेहमानों ने अपने बिन उपयोगी सामानों को लाकर काउंटर पर जमा कर दिया। सभी को सुकून था कि शादी के जरिये उनके हाथों एक नेक काम भी हो गया और उनके न काम आने वाली चीज किसी जरूरत मंद के काम आने वाली है। यही नहीं, शादी में जिन लोगों ने भी दुल्हा दुल्हन को नेग के तौर पर पैसे दिए, उसे भी बस्ती की बेटियों की शादी में खर्च किया जाएगा। (This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    मेहमानों ने क्या कहा?

    यहां पहुंचे मेहमानों का कहना था कि शादी में तामझाम के बजाय परोपकार को तवज्जो दी गई, अच्छा लगा। डेविश जैन ने कहा, यह शादी खुद ही बेहद खास है, जो समाज को नई दिशा दे रही है। पूर्व MGM मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. संजय दीक्षित ने कहा, डॉ. रावत की सोच सराहनीय है, जिसमें सभी को बराबरी का दर्जा मिला। डॉ. अरुण अग्रवाल ने कहा, लाखों शादियां होती हैं और लाखों के उपहार भी दिए जाते हैं, लेकिन पहली बार ऐसा होगा कि यह उपहार किसी जरूरतमंद को मिलेंगे, वो भी इन नव युगल को आशीर्वाद देंगे।(This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)

    कचरा मुक्त आयोजन

    आयोजन की खासियत ये भी रही कि नगर निगम की स्वच्छता गाइड लाइन के मुताबिक इसे कचरा मुक्त जीरो वेस्ट इवेंट बनाया गया था। इसके लिए डॉ. जनक पलटा और उद्योगपति विनोद अग्रवाल ने परिवार को सर्टिफिकेट भी दिया। जहां बीवाइज संस्था ने यहां मेहमानों का लाया सामान जमा किया, वहीं स्वाहा की मोबाइल वैन आकर्षण का केंद्र रही। इंदौर में स्वाहा स्टार्ट-अप नगर निगम के साथ मिलकर इवेंट्स को जीरो वेस्ट बनाता है।(This marriage went viral! The doctor asked for such a gift from the guests at his daughter’s wedding)