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  • मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, साढ़े 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    मालवनी में नया हेल्थ सेंटर शुरू, साढ़े 3 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

    मालाड पश्चिम के मालवनी में नया नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र शुरू। मंगलप्रभात लोढा और अशिष शेलार की मौजूदगी में लोकार्पण। अब 3.5 लाख नागरिकों को नज़दीक इलाज मिलेगा।

    मुंबई: पश्चिम उपनगर में रहने वाले करीब साढ़े तीन लाख लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मालाड मालवनी में बने नए नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (Urban Health Training Centre) का उद्घाटन मुंबई उपनगर के सहपालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा के हाथों आज किया जाएगा। इस मौके पर महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशिष शेलार भी मौजूद रहेंगे।

    यह स्वास्थ्य केंद्र उन लोगों के लिए बड़ा बदलाव साबित होने वाला है, जिन्हें अब तक इलाज के लिए दूर-दराज स्थित बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था।

    🏥 क्यों खास है यह नागरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र?

    यह सेंटर खासतौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तैयार किया गया है। इस मेडिकल सेंटर को सेठ गोवर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज और KEM अस्पताल टीम के डॉक्टर्स, रेजिडेंट्स, कर्मचारियों व मेडिकल स्टूडेंट्स चलाएंगे।

    यहां रोजाना सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक OPD सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

    📌 उपलब्ध मेडिकल सुविधाएं

    इस सेंटर में कई अहम मेडिकल विभाग शामिल किए गए हैं, जिनमें—

    • जनरल ओपीडी
    • महिला एवं प्रसूति स्वास्थ्य सेवाएं
    • दंत चिकित्सा (Dental care)
    • त्वचा रोग विभाग
    • एक्स-रे व TB से रिलेटेड उपचार
    • लसीकरण व बच्चों की स्वास्थ्य सेवाएं

    रोजाना यहां 250–300 मरीजों के इलाज की क्षमता है।

    🧑‍⚕ स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव

    इस सेंटर में उपचार के बाद गंभीर मरीजों को आस-पास के बीएमसी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा, जैसे—

    • भगवती अस्पताल
    • भाभा अस्पताल बांद्रा
    • कूपर अस्पताल विले पार्ले
    • HBT मेडिकल कॉलेज तथा डॉ. R.N. कूपर रुग्णालय

    इससे बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा और छोटे इलाकों के लोगों को घर के पास ही इलाज मिल सकेगा।

    🏢 बिल्डिंग और भविष्य की योजनाएं

    यह एक 5 मंजिला बिल्डिंग है, जिसमें से 3 मंज़िलें सिर्फ मेडिकल टीम और सुविधाओं के लिए रिज़र्व रखी गई हैं।

    जल्द ही यहां:

    • HMIS डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम
    • रिसर्च सेंटर
    • लाइब्रेरी
    • हेल्थ म्यूज़ियम
    • सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम

    भी शुरू किए जाएंगे।

    इसके अलावा जगह-जगह स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम, मेडिकल कैम्प, रैली और NGO के साथ कम्युनिटी हेल्थ प्रोजेक्ट भी चलाए जाएंगे।


    ❓ FAQ Section

    Q1. यह स्वास्थ्य केंद्र किसके लिए बनाया गया है?
    यह सेंटर खासकर मालाड-मालवनी और आसपास के लगभग साढ़े तीन लाख नागरिकों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाया गया है।

    Q2. क्या यहां इलाज मुफ्त होगा?
    हाँ, बीएमसी की अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की तरह यहां भी ज़्यादातर उपचार मुफ्त या कम शुल्क पर उपलब्ध होंगे।

    Q3. इस सेंटर का समय क्या है?
    सेंटर की OPD सेवा सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक खुलेगी।

    Q4. क्या यहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिलेंगे?
    हाँ, यहां महिला स्वास्थ्य, त्वचा रोग, दंत सेवा और टीबी उपचार जैसे विशेष विभाग उपलब्ध रहेंगे।

  • मुंबई में मौसम और प्रदूषण ने बढ़ाई बीमारी, रहे सावधान

    मुंबई में मौसम और प्रदूषण ने बढ़ाई बीमारी, रहे सावधान

    मुंबई में प्रदूषण और मौसम के चलते लोगों में खांसी की समस्या हो रही है। खांसी, जुकाम, सर्दी की समस्या ठीक होने के बाद फिर से उभर रही है। गले में खराश, फेफड़ों की बीमारियां, गर्मी, धूल मिट्टी और सेल्फ मेडिकेशन भी समस्या भी बढ़ गई है। लोग बीमार हो रहे हैं। सावधान रहें की अपील ..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    शहर में प्रदूषण, मौसम में बदलाव और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही के कारण आम लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा हैं। सर्दी, जुकाम और खांसी की समस्या को लेकर डॉक्टर के पास पहुंची सुशीला ने बताया कि तीन सप्ताह पहले उन्होंने डॉक्टर से दवा ली थी, 5 दिन में ठीक भी हो गई, लेकिन दो हफ्ते बीते नहीं कि उन्हें फिर से कफ की समस्या होने लगी। सुशीला की तरह अस्पताल में आए कई अन्य मरीजों ने भी यह समस्या बताई। लोगों का कहना है कि ठीक होने के दो से तीन सप्ताह बाद फिर से उन्हें कफ की शिकायत होने लगी है। डॉक्टरों के अनुसार, वातावरण में फैलता प्रदूषण, मौसम में उतार-चढ़ाव, वायरस और लोगों की स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही उक्त समस्या का प्रमुख कारण है। (pollution patients in Mumbai)

    प्रदूषण और मौसम हो रही है लोगों को परेशानी ..

    एक मरीज 37 वर्षीय जिग्नेश दर्जी ने बताया कि उन्हें गले में खराश, कफ और खांसी की शिकायत थी, लेकिन बुखार नहीं था। जब डॉक्टर से इलाज किया तो 10 दिन में सभी समस्या दूर हो गई, लेकिन 10 दिन बाद फिर से वही परेशानी होने लगी है। बॉम्बे हॉस्पिटल के फिजिशियन डॉ. गौतम भंसाली ने बताया, कि उनके ओपीडी में आने वाले 30 से 40 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं, जो ठीक होने के बाद उन्हें रिपीट कफ की समस्या हो रही है। पहली बार मरीज गले में खराश, सर्दी, जुकाम, और खांसी की शिकायत लेकर आते हैं। दवा देने के बाद वह एक सप्ताह के भीतर ठीक भी हो जाते हैं, लेकिन तीसरे सप्ताह फिर वही मरीज खांसी और कफ की समस्या लेकर आ रहे हैं। (pollution patients in Mumbai)

    https://indian-fasttrack.com/2024/02/28/50-water-cut-in-mumbai-15-in-thane-till-march-5-know-the-reason
    प्रदूषण, मौसम,
    प्रतिकारात्मक एआई जनरेट्ड तस्वीर

    सायन अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. नितिन कर्णिक ने बताया कि हमारे पास ज्यादा नहीं, लेकिन कुछ मरीज हैं, जो ठीक होने के कुछ ही हफ्ते बाद फिर से वही खांसी और कफ की शिकायत लेकर आ रहे हैं। ब्रीच कैंडी अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया, कि उनके पास 4 से 5 मरीज रोजाना सर्दी, जुकाम और कफ की शिकायत लेकर आ रहे हैं। दवा लेने पर रिकवरी तो होती है, लेकिन कफ की समस्या से छुटकारा मिलने में 3 सप्ताह तक का समय लग जाता है। (pollution patients in Mumbai)

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    समस्या का कारण क्या है?

    सभी डॉक्टरों ने कहा कि इस समस्या के पीछे तीन प्रमुख कारण नजर आते हैं। पहला कारण-बदलता मौसम, कभी ठंड तो कभी गर्मी। दूसरा कारण- शहर में बढ़ता प्रदूषण जो फेफड़ों को प्रभावित करता है। तीसरा कारण है लोगों की लो इम्यूनिटी और उस पर अपनी सेहत के प्रति लापरवाही बरतना। इन्हीं कारणों से यह समस्या आ रही है। जेजे अस्पताल के मेडिसिन विभाग के यूनिट हेड डॉ. मधुकर गायकवाड ने जानकारी देते हुए बताया, कि “ओपीडी में आने वाले लगभग 10 से 15 प्रतिशत मरीज ठीक होने के कुछ दिन बाद फिर से सर्दी, खांसी की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इन्हें ऐंटि-बॉयोटिक भी दिया जा रहा है। गले में खराश की समस्या को दूर करने के लिए मरीज़ों को गरारे करने के लिए भी कहा जा रहा है। (pollution patients in Mumbai)