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  • 🚨 Kandivali East Shocker: चाकू लेकर दहशत फैलाने वाला Bala Patil गिरफ्तार, पुलिस की देरी पर उठे सवाल!

    🚨 Kandivali East Shocker: चाकू लेकर दहशत फैलाने वाला Bala Patil गिरफ्तार, पुलिस की देरी पर उठे सवाल!

    Kandivali East Mumbai crime news: Bala Patil arrested for vandalism, knife threats, extortion. जानिए क्या हुआ, कहाँ हुआ, पुलिस एक्शन, और लोकल लोगों की क्या है मांग।

    मुंबई: Mumbai के Kandivali East इलाके में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां Bala Patil नाम के शख्स ने चाकू लेकर दहशत मचाई, दुकानों में तोड़फोड़ की और लोगों पर हमला किया। इस घटना ने लोकल residents में डर का माहौल बना दिया है और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

    🔥 क्या हुआ? (What Happened in Kandivali East)

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    बुधवार को Bala Patil को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जब उसने Lokhandwala इलाके में एक medical store और mobile shop में जमकर तोड़फोड़ की।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने चाकू लहराते हुए इलाके में दहशत फैलाई और दो लोगों पर पत्थर से हमला भी किया। इस हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    📍 कहाँ हुआ? (Location Details)

    यह पूरा मामला Kandivali East के Lokhandwala क्षेत्र का है, जो मुंबई का एक घनी आबादी वाला रिहायशी और कमर्शियल इलाका है।

    यहां रोज़ाना सैकड़ों लोग shopping और कामकाज के लिए आते हैं, ऐसे में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

    😨 लोगों पर असर (Impact on Locals)

    स्थानीय लोगों का कहना है कि Bala Patil पिछले कई दिनों से इलाके में आतंक फैला रहा था।

    • वह दुकानदारों से extortion (जबर्दस्ती पैसे/सामान मांगना) करता था
    • मेडिकल स्टोर्स से बिना prescription के नशे की दवाइयां मांगता था
    • मना करने पर दुकानदारों के साथ मारपीट करता था

    Residents का आरोप है कि दो दिन पहले भी उसने चाकू दिखाकर लोगों को धमकाया था, लेकिन पुलिस ने उस समय सिर्फ Non-Cognizable (NC) मामला दर्ज किया था।

    👉 इस लापरवाही की वजह से आरोपी के हौसले और बढ़ गए।

    🚔 सरकारी अपडेट (Police Action & Legal Sections)

    अब पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए Bala Patil पर कई गंभीर धाराएं लगाई हैं:

    • Attempt to Murder (हत्या की कोशिश)
    • Extortion (उगाही)
    • Vandalism (तोड़फोड़)
    • Mumbai Police Act की संबंधित धाराएं

    फिलहाल आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

    ⚠️ पुलिस पर सवाल (Why Police Under Scrutiny?)

    सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि:

    👉 जब पहले शिकायत हुई थी, तब सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

    अगर उस समय FIR दर्ज होती, तो शायद यह बड़ा हमला टाला जा सकता था।

    इस घटना के बाद residents अब पुलिस से सख्त और तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    🔮 आगे क्या होगा? (What Happens Next)

    • पुलिस आरोपी की background history खंगाल रही है
    • इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं
    • CCTV फुटेज की जांच की जा रही है
    • प्रभावित दुकानदारों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं

    संभावना है कि आरोपी पर और भी गंभीर धाराएं जुड़ सकती हैं।

    🌐 Related Useful Links


    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Bala Patil को क्यों गिरफ्तार किया गया?
    A: दुकानों में तोड़फोड़, चाकू से धमकी और लोगों पर हमला करने के आरोप में।

    Q2. क्या पहले भी उसके खिलाफ शिकायत थी?
    A: हां, दो दिन पहले भी शिकायत हुई थी, लेकिन सिर्फ NC दर्ज हुआ था।

    Q3. क्या किसी को गंभीर चोट आई?
    A: दो लोगों पर पत्थर से हमला हुआ, लेकिन विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

    Q4. आरोपी क्या करता था?
    A: वह दुकानदारों से उगाही करता था और नशे की दवाइयां मांगता था।

    Q5. अब पुलिस क्या कर रही है?
    A: आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

    🧾 Conclusion

    Kandivali East की यह घटना मुंबई की law and order situation पर गंभीर सवाल खड़े करती है। समय पर सख्त कार्रवाई न होने की वजह से एक मामूली शिकायत बड़ा अपराध बन गई। अब देखना होगा कि पुलिस आगे कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और क्या ऐसे मामलों में future में सख्ती बढ़ाई जाती है या नहीं।

  • Mumbai Crime: Borivali Builder को Dubai से Death Threat! ₹1.5 Crore Extortion Case में Fashion Designer का नाम आया सामने

    Mumbai Crime: Borivali Builder को Dubai से Death Threat! ₹1.5 Crore Extortion Case में Fashion Designer का नाम आया सामने

    Mumbai crime news: Borivali के builder को Dubai-based couple ने दी जान से मारने की धमकी, ₹1.5 crore extortion का आरोप। Fashion designer Riyaz Gangji का भी नाम FIR में शामिल।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में एक हाई-प्रोफाइल क्राइम मामला सामने आया है, जिसमें रियल एस्टेट और फैशन इंडस्ट्री का कनेक्शन भी जुड़ गया है। Mumbai के Borivali West में रहने वाले एक बिल्डर ने दुबई में रह रहे कपल पर जान से मारने की धमकी और ₹1.5 करोड़ की उगाही (extortion) का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में Mumbai Police ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🕵️‍♂️ क्या है पूरा मामला? (Extortion Case Mumbai)

    शिकायतकर्ता समीर भुबे (49), जो Navkar Builders and Developers के मालिक हैं, उन्होंने बताया कि साल 2016 में एक प्रॉपर्टी डील के दौरान यह विवाद शुरू हुआ।

    दुबई में रहने वाले आरोपी Akil Mukhi और Fajila Mukhi ने Marol में स्थित Royal Green प्रोजेक्ट में ₹72 लाख का फ्लैट बुक किया था।

    शुरुआत में उन्होंने ₹45 लाख का भुगतान किया, लेकिन बाकी रकम लंबे समय तक बकाया रही, जिससे विवाद बढ़ता गया।

    🏗️ Project Delay बना विवाद की वजह (Real Estate Dispute)

    बिल्डर के मुताबिक, प्रोजेक्ट में देरी प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक कारणों से हुई। इसी वजह से फ्लैट का पजेशन समय पर नहीं दिया जा सका।

    हालांकि, बिल्डर ने 2025 में देरी की भरपाई के तौर पर ₹4.2 लाख किराया भी कपल को दिया।

    नवंबर 2025 की मीटिंग में यह तय हुआ कि 5 जनवरी तक पजेशन दे दिया जाएगा, भले ही पूरी पेमेंट अभी बाकी थी।

    📞 Underworld लिंक का दावा और धमकी (Death Threat Allegation)

    आरोप है कि 7 जनवरी को आरोपी कपल ने फोन कर बिल्डर को धमकाया और अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन होने का दावा किया।

    इस दौरान उन्होंने ₹1.5 करोड़ की मांग की और पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

    यहीं से मामला एक सिविल विवाद से निकलकर क्रिमिनल केस बन गया।

    👔 Fashion Designer का नाम भी आया सामने (Riyaz Gangji Role)

    इस केस में एक बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब मशहूर फैशन डिजाइनर Riyaz Gangji का नाम सामने आया।

    समीर भुबे का आरोप है कि:

    • रियाज गंगजी ने कपल का समर्थन किया
    • उन्होंने बिल्डर को धमकी दी कि उनके प्रोजेक्ट्स में अड़चन डाली जाएगी
    • सरकारी सिस्टम पर दबाव डालकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाएगी

    📰 Defamation का भी आरोप (Image Tarnishing Claim)

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि:

    • बिल्डर की छवि खराब करने के लिए एक नकारात्मक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित करवाई गई
    • उसका हेडलाइन व्हाट्सएप पर भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की गई

    इससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।

    ⚖️ कानूनी कार्रवाई (FIR & Investigation)

    Mumbai Police ने 9 अप्रैल को FIR दर्ज कर ली है।

    आरोपियों पर निम्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है:

    • Bharatiya Nyaya Sanhita
    • Extortion (उगाही)
    • Criminal Intimidation (धमकी)
    • Defamation (मानहानि)
    • Common Intention

    फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

    🌍 International Angle से बढ़ी गंभीरता (Dubai Connection)

    चूंकि आरोपी दुबई में रह रहे हैं, इसलिए यह मामला अब इंटरनेशनल एंगल ले चुका है।

    Experts का मानना है कि:

    • Cross-border investigation की जरूरत पड़ सकती है
    • Enforcement agencies की भूमिका बढ़ सकती है
    • Real estate sector में ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखी जाएगी

    🌐 Useful Links (Official Resources):


    FAQ Section

    1. यह मामला कहां का है?

    Borivali West, मुंबई का।

    2. आरोपी कौन हैं?

    Akil Mukhi और Fajila Mukhi, जो दुबई में रहते हैं।

    3. कितना पैसा मांगा गया?

    ₹1.5 करोड़ की उगाही की मांग की गई।

    4. क्या किसी सेलिब्रिटी का नाम जुड़ा है?

    हाँ, Riyaz Gangji का नाम भी FIR में आया है।

    5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

  • Malad हनीट्रैप केस: नेता से 1.49 लाख की उगाही, पूरा गैंग गिरफ्तार

    Malad हनीट्रैप केस: नेता से 1.49 लाख की उगाही, पूरा गैंग गिरफ्तार

    Malad Honeytrap Case Mumbai: BMC चुनाव हार चुके नेता को फंसाकर 1.49 लाख की उगाही, पुलिस ने पूरे गैंग का किया पर्दाफाश। जानिए modus operandi, आरोपी और पुलिस जांच की पूरी कहानी।

    मुंबई: मालाड पश्चिम इलाके से एक चौंकाने वाला Honeytrap Extortion Case सामने आया है, जिसमें एक स्थानीय नेता को फंसाकर करीब ₹1.49 लाख की उगाही की गई। शुरुआत में एक महिला की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन अब पुलिस जांच में पूरा organized honeytrap gang बेनकाब हो चुका है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके काम करने का तरीका भी सामने आया है।

    कैसे फंसा नेता हनीट्रैप के जाल में

    यह मामला एक ऐसे राजनीतिक कार्यकर्ता से जुड़ा है, जिसने BMC Election 2026 लड़ा था लेकिन हार गया। दिसंबर 2025 में उसकी मुलाकात एक 43 वर्षीय महिला से करवाई गई।

    धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी, भरोसा बना और फिर मुलाकातें शुरू हुईं। महिला ने प्लान के तहत उसे होटल में मिलने के लिए तैयार किया, जहां दोनों के बीच कई बार निजी संबंध बने।

    छुपे कैमरे से रिकॉर्डिंग, फिर ब्लैकमेल शुरू

    पुलिस जांच में सामने आया कि महिला ने पहले से प्लानिंग के तहत इन मुलाकातों के दौरान intimate photos और videos secretly record किए।

    कुछ दिनों बाद उसने WhatsApp पर पीड़ित को उसकी आपत्तिजनक फोटो भेजी और धमकी दी—
    अगर पैसे नहीं दिए तो फोटो सोशल मीडिया और परिवार तक पहुंचा दिए जाएंगे।

    यहीं से शुरू हुआ blackmailing racket

    डर के चलते शुरू हुआ पैसों का खेल

    इज्जत जाने के डर से पीड़ित ने शुरुआत में ₹9,000 online transfer किए। इसके बाद लगातार अलग-अलग नंबरों से कॉल आने लगे।

    कॉल करने वाले खुद को

    • पत्रकार
    • सामाजिक कार्यकर्ता
    • पुलिस अधिकारी

    बताकर दबाव बनाते थे। हर बार एक ही धमकी—
    “पैसे दो, नहीं तो फोटो वायरल।”

    ‘सेटलमेंट’ का जाल और कैश वसूली

    कुछ समय बाद गैंग ने एक final settlement offer दिया—
    ₹1 लाख देकर मामला खत्म करने का झांसा।

    डर के चलते पीड़ित तैयार हो गया। गैंग ने एक दूसरी महिला को भेजा, जिसने ₹1 लाख cash collect किए।

    लेकिन इसके बाद भी ब्लैकमेलिंग बंद नहीं हुई।

    कुल उगाही और नई मांग

    जांच में सामने आया कि गैंग ने कुल ₹1,49,500 वसूले:

    • ₹1,00,000 (Cash)
    • ₹49,500 (Online Transfer)

    इसके बाद आरोपियों ने ₹3 लाख और मांग की। जब पीड़ित ने मना किया, तो धमकियां और बढ़ गईं।

    मानसिक तनाव के बाद पुलिस में शिकायत

    लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के बाद पीड़ित ने 27 जनवरी 2026 को मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    इसके बाद पुलिस ने extortion, cheating और IT Act के तहत केस दर्ज किया।

    पहली गिरफ्तारी से खुला पूरा राज

    सबसे पहले मुख्य महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने पूरे गैंग का खुलासा कर दिया।

    इसके आधार पर पुलिस ने एक-एक कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।

    गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका

    इस गैंग में शामिल थे:

    • मुख्य महिला (43 वर्ष): टारगेट फंसाना और वीडियो बनाना
    • दूसरी महिला: कैश कलेक्शन
    • मास्टरमाइंड: प्लानिंग और धमकी कॉल
    • कॉलर गैंग (2–3 सदस्य): फर्जी पहचान से दबाव
    • टेक्निकल एक्सपर्ट: WhatsApp, fake numbers, digital payments संभालना

    (कुछ नाम पुलिस ने सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किए हैं)

    Modus Operandi: ऐसे चलता था पूरा रैकेट

    1. Target Selection – प्रतिष्ठित और डरने वाले लोग
    2. Contact Setup – महिला के जरिए दोस्ती
    3. Trap Creation – निजी मुलाकात और संबंध
    4. Recording – छुपे कैमरे से वीडियो
    5. Blackmailing – फोटो भेजकर धमकी
    6. Pressure Calls – fake journalist/police identity
    7. Money Collection – cash + online + settlement

    क्या और लोग भी बने शिकार?

    पुलिस अब जांच कर रही है कि यह गैंग और किन लोगों को निशाना बना चुका है।

    जब्त किए गए मोबाइल और डिजिटल डिवाइस से संकेत मिले हैं कि यह serial honeytrap racket हो सकता है।

    पुलिस का बयान

    सीनियर अधिकारियों के मुताबिक:

    • यह एक organized crime network है
    • सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं
    • डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी है
    • और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं

    कानूनी धाराएं और सजा

    आरोपियों पर लगे हैं:

    • Extortion
    • Criminal Intimidation
    • Cheating
    • IT Act

    दोष साबित होने पर कई साल की जेल हो सकती है।

    सुरक्षा के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह

    • अनजान लोगों से ऑनलाइन/ऑफलाइन दूरी रखें
    • Private photos/videos शेयर न करें
    • Honeytrap या blackmail होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें
    • Social media पर सावधानी रखें

    Related Links (Useful Resources)


    FAQ Section

    Q1. हनीट्रैप क्या होता है?

    हनीट्रैप एक ऐसा जाल होता है जिसमें किसी व्यक्ति को रिश्ते या आकर्षण के जरिए फंसाकर बाद में ब्लैकमेल किया जाता है।

    Q2. इस केस में कितनी उगाही हुई?

    कुल ₹1,49,500 की उगाही की गई।

    Q3. क्या सभी आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं?

    हाँ, पुलिस ने पूरे गैंग को गिरफ्तार कर लिया है।

    Q4. पीड़ित ने कब शिकायत की?

    27 जनवरी 2026 को मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई।

    Q5. अगर कोई ब्लैकमेल करे तो क्या करें?

    तुरंत पुलिस या cybercrime portal पर शिकायत करें।

  • Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    मुंबई के Malad में शेयर बाजार के एक व्यापारी से Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में Delhi के businessman Kailash Agarwal को Malad Police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल किया था।

    मुंबई: Malad इलाके में Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Malad Police ने इस मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात Bishnoi Gang का सदस्य बताकर एक शेयर बाजार के कारोबारी को लगातार धमकियां दे रहा था।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान Kailash Agarwal के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पीड़ित का रिश्तेदार ही है और उसने business losses की वजह से यह साजिश रची थी।

    बार-बार कॉल कर मांगे 5 करोड़ रुपये

    पुलिस के अनुसार आरोपी कई दिनों से Malad में रहने वाले share market businessman को फोन कर रहा था। वह खुद को Bishnoi Gang से जुड़ा हुआ बताकर कारोबारी को धमकी देता था कि अगर ₹5 करोड़ की फिरौती नहीं दी गई तो उसे जान से मार दिया जाएगा।

    लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित कारोबारी ने आखिरकार Malad Police Station में शिकायत दर्ज कराई।

    लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बहुत चालाकी से काम कर रहा था। वह हर बार फोन कॉल और मैसेज भेजते समय VPN system का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी असली लोकेशन छिपी रहे।

    लेकिन पुलिस की technical investigation के जरिए आखिरकार उस VPN नेटवर्क को ट्रेस कर लिया गया।

    दिल्ली से किया गया आरोपी को गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी दिल्ली में मौजूद है। इसके बाद Malad Police Station के PSI Bachav और उनकी टीम तुरंत दिल्ली रवाना हुई।

    करीब एक हफ्ते की लगातार जांच और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने आरोपी Kailash Agarwal को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी खुद भी बड़ा व्यापारी निकला

    पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। DCP Zone 11, Mumbai Police Sandeep Jadhav के अनुसार आरोपी खुद भी दिल्ली का एक बड़ा व्यापारी है और पीड़ित व्यक्ति का रिश्तेदार भी है।

    पुलिस के मुताबिक कारोबार में भारी आर्थिक नुकसान होने के कारण उसने यह पूरी साजिश रची थी।

    Bishnoi Gang के नाम से फैलाया डर

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जानबूझकर Bishnoi Gang का नाम लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश की ताकि पीड़ित व्यक्ति जल्दी पैसे दे दे।

    उसने ₹5 करोड़ की बड़ी रकम वसूलने के लिए तकनीक और गैंगस्टर के डर का इस्तेमाल किया

    पुलिस कर रही है आगे की जांच

    अब Malad Police यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का वास्तव में Bishnoi Gang से कोई संबंध है या नहीं

    इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं

    पुलिस का कहना है कि अगर पीड़ित ने समय पर शिकायत नहीं की होती, तो आरोपी बड़ी रकम वसूलने में सफल हो सकता था।


    FAQ

    1. Malad में क्या मामला सामने आया है?

    Malad में एक व्यक्ति ने खुद को Bishnoi Gang का सदस्य बताकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की कोशिश की।

    2. आरोपी कौन है?

    आरोपी का नाम Kailash Agarwal है और वह दिल्ली का रहने वाला व्यापारी है।

    3. आरोपी ने अपनी लोकेशन कैसे छिपाई?

    आरोपी ने फोन कॉल और मैसेज करते समय VPN system का इस्तेमाल किया था।

    4. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

    5. आरोपी ने यह अपराध क्यों किया?

    पुलिस के अनुसार business losses और आर्थिक परेशानी के कारण उसने यह साजिश रची।

  • Mumbai: Notice ना देने पर MNS कार्यकर्ता रिहा, कोर्ट ने बताया Arrest अवैध

    Mumbai: Notice ना देने पर MNS कार्यकर्ता रिहा, कोर्ट ने बताया Arrest अवैध

    Mumbai में MNS activist Ravindra Shinde की गिरफ्तारी को कोर्ट ने अवैध माना। BNSS Section 35(3) के तहत notice न देने पर magistrate court ने दी रिहाई। Extortion case में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल।

    मुंबई: मुंबई में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। South Mumbai में रोड वर्क ठेकेदार से कथित तौर पर धमकी देकर वसूली (extortion) करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को अदालत ने रिहा कर दिया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में BNSS के तहत जरूरी notice नहीं दिया गया, जिससे arrest अवैध हो गया।

    ⚖️ Court का बड़ा फैसला: Arrest को बताया Illegal

    मामले की सुनवाई के दौरान magistrate court ने कहा कि चूंकि आरोपी को Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance नहीं दिया गया, इसलिए गिरफ्तारी वैध नहीं मानी जा सकती।

    यह मामला उन अपराधों से जुड़ा है जिनमें अधिकतम सजा सात साल तक की है। ऐसे मामलों में Supreme Court के आदेश के मुताबिक पहले notice जारी करना जरूरी है।

    👤 कौन हैं आरोपी?

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम Ravindra Shinde है, जो MNS (Maharashtra Navnirman Sena) से जुड़े कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। उन्हें शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

    उन पर आरोप है कि उन्होंने South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर पैसे की मांग की थी।

    📜 Defence ने Supreme Court Order का दिया हवाला

    Shinde की ओर से वकील Rajendra Shirodkar, साथ में Archit Sakhalkar ने कोर्ट में दलील दी। उन्होंने Supreme Court के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि जिन अपराधों में सात साल तक की सजा है, उनमें Section 35(3) BNSS के तहत पहले notice देना अनिवार्य है।

    डिफेंस का तर्क था कि पुलिस ने यह जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की।

    🏛️ Police ने कहा – Process Follow किया

    Public Prosecutor R A Patil ने अदालत में कहा कि पुलिस ने सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया है।

    हालांकि कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी यह साबित नहीं कर सके कि आरोपी को Section 35(3) के तहत notice जारी किया गया था।

    📌 BNSS की किन धाराओं का पालन हुआ?

    डिफेंस वकील Shirodkar ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने माना कि पुलिस ने:

    • Section 47(1) BNSS के तहत गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी
    • Section 48(2) और 48(3) BNSS के तहत आरोपी के रिश्तेदारों को सूचना दी

    लेकिन सबसे अहम Section 35(3) notice for appearance जारी करने का कोई प्रमाण पेश नहीं किया जा सका।

    🔎 Legal Procedure पर फिर उठे सवाल

    इस फैसले के बाद Mumbai Police की arrest procedure और BNSS compliance को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई है। Legal experts का मानना है कि Supreme Court guidelines का पालन न करना जांच पर असर डाल सकता है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. किसे रिहा किया गया है?
    MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को कोर्ट ने रिहा किया।

    Q2. कोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध क्यों माना?
    क्योंकि BNSS Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance जारी नहीं किया गया था।

    Q3. आरोपी पर क्या आरोप हैं?
    South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर extortion करने का आरोप है।

    Q4. पुलिस ने कौन सी कानूनी प्रक्रिया पूरी की थी?
    Section 47(1) के तहत गिरफ्तारी के कारण बताए और Section 48(2)(3) के तहत रिश्तेदारों को सूचना दी।

    Q5. Supreme Court का क्या आदेश है?
    जिन मामलों में सजा सात साल तक है, उनमें पहले notice जारी करना जरूरी है।

  • फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    फर्जी POCSO केस का डर दिखाकर 8.63 लाख की वसूली, मालवनी में खंडणी का सनसनीखेज मामला

    मुंबई के मालवनी इलाके में एक ऑटो चालक से फर्जी POCSO और रेप केस दर्ज कराने की धमकी देकर 8.63 लाख रुपये और सोना वसूलने का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है।

    मुंबई: मालवनी इलाके में रहने वाले एक ऑटो रिक्शा चालक ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, उसके बेटे और बेटी के खिलाफ POCSO और रेप जैसे झूठे केस दर्ज कराने की धमकी देकर उससे कुल 8 लाख 63 हजार रुपये नकद और सोना वसूला गया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लगातार परिवार को डराते रहे और नए-नए केस में फंसाने की धमकी देकर खंडणी मांगते रहे।

    👤 कौन है शिकायतकर्ता

    शिकायतकर्ता अब्दूल गफूर बाबू पटेल (उम्र 55 वर्ष) पेशे से ऑटो रिक्शा चालक हैं और मालवनी, मालाड पश्चिम में अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार की रोज़ी-रोटी पूरी तरह ऑटो चलाकर होने वाली कमाई पर निर्भर है।

    ⚖️ कैसे शुरू हुआ POCSO का पूरा मामला

    पीड़ित के अनुसार, 4 जुलाई 2025 को मिरारोड के गिता नगर की रहने वाली जैनब बानो जाकीर सय्यद नाम की महिला ने मालवनी पुलिस स्टेशन में उनके बेटे आकीब अब्दूल गफूर पटेल और बेटी समीना के खिलाफ गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई। उस वक्त जैनब बानो के साथ उनका पडोसी अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू भी पुलिस स्टेशन आया हुआ था।
    इस केस में POCSO एक्ट 2012 समेत भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराएं लगाई गईं और उसी दिन बेटे की गिरफ्तारी भी हो गई।

    😨 डर और दबाव का खेल

    पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज होते ही उनका पडोसी जो मालवनी कच्चा रोड़ स्थित झूनका भाकर के सामने अल अजिज सिख कार्नर के नाम से सिख पराठा का धंधा करता है अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू उनसे मिला और कहा कि

    “अगर केस खत्म कराना है तो सेटलमेंट करना पड़ेगा, नहीं तो और FIR होगी।”

    इसके बाद पीड़ित और उसके परिवार को बार-बार फोन, मुलाकात और धमकियों के जरिए डराया गया।

    🏢 ऑफिस बुलाकर दी गई धमकी

    8 जुलाई 2025 को पीड़ित और उसकी बेटी शुमाईला को गेट नंबर 3 स्थित एक ऑफिस में बुलाया गया, जहां जाकीर डॉटकॉम नाम का व्यक्ति मौजूद था।
    यहां साफ कहा गया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार पर नालासोपारा और मिरारोड में और भी झूठे केस दर्ज किए जाएंगे। परिवार में पीड़ित की बेटी शुमाईला का खास नाम लिया गया था। जिससे पीड़ित परिवार और ज्यादा घबरा गया।

    💰 सोना और नकद की मांग

    आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि

    • जैनब बानो का 6 तोला सोना जो ज्वेलर्स के पास गिरवी है, उसे छुड़वाना होगा
    • साथ ही 5 लाख रुपये कैश भी देने होंगे

    धमकी दी गई कि ऐसा न करने पर नालासोपारा और मिरारोड के नयानगर में नए रेप केस दर्ज कराए जाएंगे।

    📞 कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद

    पीड़ित का दावा है कि बेटी शुमाईला के जरिए हुई कई बातचीत की WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जिसमें पैसे की मांग और धमकियां साफ सुनी जा सकती हैं।

    🏠 घर तक गिरवी रखना पड़ा

    डर और दबाव में आकर पीड़ित ने

    • 2.63 लाख रुपये रौनक ज्वेलर्स को देकर सोना छुड़वाया
    • फिर 5 लाख रुपये कैश दिए
    • इसके अलावा 1 लाख रुपये अलग से जाकीर डॉटकॉम को देने का भी आरोप है

    इतना ही नहीं, पीड़ित ने बताया कि अपने ही घर को 7.50 लाख रुपये की हेवी डिपॉजिट पर देकर उसे किराए पर रहना पड़ा।

    📌 कुल कितनी वसूली का आरोप

    पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर उससे
    👉 कुल 8,63,000 रुपये (नकद + सोना) की खंडणी वसूली।

    🚔 पुलिस से क्या मांग

    पीड़ित ने मांग की है कि

    • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
    • झूठे केस दर्ज कराने और खंडणी मांगने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
    • POCSO जैसे गंभीर कानून का गलत इस्तेमाल करने वालों को सजा मिले

    आप को बता दें कि जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम पहले ही एक रेप के केस में गिरफ्तार हो चुका है। जो न्यायिक हिरासत में सजा काट रहा है। पुलिस ने अब्दूल गफूर बाबू पटेल की शिकायत में अब्दूल अजीज कादर शेख उर्फ अज्जू और जैनब बानो जाकीर सय्यद को गिरफ्तार कर पैसे और सोने की रिकवरी कर रही है। इस केस के सिलसिले में माननीय न्यायालय के समक्ष मालवनी पुलिस जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम की कस्टडी की मांग कर रही है। जाकिर की गिरफ्तारी से और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या यह मामला अभी जांच में है?
    हाँ, पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी है और जांच की मांग की है।

    Q2. क्या पीड़ित के पास सबूत हैं?
    पीड़ित का दावा है कि उसके पास कॉल रिकॉर्डिंग और पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मौजूद हैं।

    Q3. किन लोगों पर आरोप हैं?
    अब्दूल अजीज कादर शेख, जाकीर डॉटकॉम, जैनब बानो और उनकी बेटी नुसरत पर आरोप लगाए गए हैं।

    Q4. कितनी रकम की खंडणी का आरोप है?
    कुल 8.63 लाख रुपये नकद और सोने की वसूली का आरोप है।

  • फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

    पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

    यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

    गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

    यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल

    “तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

    पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
    ₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
    इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

    “तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

    कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे
    इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
    ₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक

    मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

    ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

    बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

    पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था
    जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

    कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

    डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

    • करीब ₹80 लाख नकद
    • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
      किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

    आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

    15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था
    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

    CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

    • प्रवीण खेडेकर,
    • प्रवीण काटे
      और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
      तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

    कानूनी कार्रवाई

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पीड़ित कौन है?
    A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

    Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
    A: कुल ₹99 लाख।

    Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
    A: तीन आरोपियों को।

    Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
    A: दिंडोशी पुलिस थाना।

  • Mumbai: ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज़ को लेकर बिश्नोई गैंग की धमकी

    Mumbai: ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज़ को लेकर बिश्नोई गैंग की धमकी

    मुंबई में ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज़ से डूबे युवक ने बॉस को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर फिरौती धमकी दी। पुलिस ने जांच में चौंकाने वाला सच उजागर किया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    मुंबई: ऑनलाइन गेमिंग का नशा और कर्ज़ ने एक युवक को अपराध की राह पर धकेल दिया। मामला मुंबई के गोरेगांव पुलिस स्टेशन का है, जहां एक बिजनेसमैन को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी भरा कॉल आया। कॉलर ने दावा किया कि बिजनेसमैन पर ₹25 लाख नकद और 1 किलो सोने की सुपारी दी गई है। जान बचाने के लिए उससे और ज्यादा फिरौती मांगी गई। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    धमकी का खौफ और पुलिस की चालाकी

    कॉलर ने कहा – “हम जानते हैं आप जुहू में रहते हो, आपका ऑफिस गोरेगांव में है और फैक्ट्री वसई में। ऊपर से ऑर्डर आया है, आपकी दोनों बेटियों पर भी नज़र है। शूटर भेज दिए गए हैं।”
    बिजनेसमैन घबराकर बोला कि वह पैसा देने को तैयार है और रकम गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचाने की बात कही। लेकिन जैसे ही पुलिस स्टेशन का नाम आया, कॉलर ने फ़ौरन फोन काट दिया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    जांच में निकला चौंकाने वाला सच

    मुंबई पुलिस उपायुक्त संदीप जाधव और सीनियर इंस्पेक्टर सूर्यकांत खरात ने टीम बनाकर नंबर ट्रेस किया। जांच में सामने आया कि धमकी देने वाला कोई गैंगस्टर नहीं बल्कि बिजनेसमैन का ही कर्मचारी तेजस सेलार (26) है। तेजस ने ऑनलाइन गेमिंग में ₹3 लाख हारे और कर्ज़ चुकाने के लिए यह प्लान बनाया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    फर्जी आईडी से सिम कार्ड और बॉस की रूटीन का फायदा

    पुलिस ने बताया कि तेजस ने किसी और के नाम से नया सिम लिया और अपने मालिक की पूरी दिनचर्या का इस्तेमाल करके डराने की साजिश रचीवह जानता था कि बॉस के ऑफिस, फैक्ट्री और घर कहां हैं। इस वजह से धमकी असली लग रही थी। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    तेजस को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। फिलहाल पुलिस उससे ऑनलाइन गेमिंग नेटवर्क और सिम कार्ड सप्लायर के बारे में पूछताछ कर रही है। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming